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वक्फ एक्ट 1995 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, कहा- वक्फ एक्ट से गैर मुस्लिमों को बाहर रखा जाए
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ याचिकाओं की भरमार के बीच, सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है, जिसमें मूल क़ानून- वक्फ अधिनियम, 1995 की संवैधानिक वैधता को इस आधार पर चुनौती दी गई है कि यह मुसलमानों को अनुचित लाभ प्रदान करता है और गैर-मुसलमानों के साथ भेदभाव करता है।एडवोकेट हरिशंकर जैन और मणि मुंजाल ने वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 3 (r), 4, 5, 6 (1), 7 (1), 8, 28, 29, 33, 36,41,52,83,85,89,101 की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की। यह तर्क दिया...
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में पूर्व IASअधिकारी को दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को आज जमानत दे दी और कहा कि धनशोधन मामले में निचली अदालत के संज्ञान लेने के आदेश को निरस्त कर दिया गया है।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने कहा कि वी. सेंथिल बालाजी बनाम उप निदेशक में निर्धारित सिद्धांत वर्तमान मामले पर लागू होंगे, क्योंकि टुटेजा लगभग एक साल से जेल में है और आज तक कोई संज्ञान आदेश मौजूद नहीं है। कोर्ट ने कहा, "इस प्रकार, जो तथ्यात्मक स्थिति उभरती है...
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की तस्करी के मामले की सुनवाई 6 महीने में पूरी करने का निर्देश दिया
नाबालिग बच्चों के मानव तस्करी रैकेट में कथित रूप से शामिल सभी आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में सुनवाई में तेजी लाने के लिए सामान्य निर्देश जारी किए।न्यायालय ने सभी हाईकोर्ट को बाल तस्करी से संबंधित लंबित मुकदमों की स्थिति के बारे में आवश्यक जानकारी मांगने और बाद में 6 महीने के भीतर मुकदमे को पूरा करने के लिए एक परिपत्र जारी करने और अदालत को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही, न्यायालय ने सभी राज्यों और हाईकोर्ट द्वारा मानव तस्करी पर भारतीय अनुसंधान...
कर्मचारियों पर नियंत्रण खोना कदाचार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश रद्द करते हुए जेल अधीक्षक की पेंशन से तीन वर्षों तक 10% कटौती को अनुचित ठहराया।कोर्ट ने कहा कि कदाचार (Misconduct) और लापरवाही या निष्क्रियता (Carelessness or Inaction) अलग-अलग चीजें हैं और इस मामले में उत्तरदायी अधिकारी के खिलाफ नियम 351-A के तहत कोई सज़ा नहीं दी जा सकती थी।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस नियम के तहत केवल गंभीर कदाचार या राजकोष को वित्तीय नुकसान पहुँचाने की स्थिति में ही पेंशन रोकी जा सकती है न कि केवल अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण न रहने की वजह से कैदी...
प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में सक्रिय बमों पर भ्रामक बयान को लेकर दर्ज FIR रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक (Congress MLA) प्रताप सिंह बाजवा ने उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द कराने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। FIR में उन पर देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली भ्रामक जानकारी देने का आरोप है।बाजवा पर आरोप है कि उन्होंने एक टीवी शो में कहा था कि "50 बम पंजाब पहुंच चुके हैं।उनके खिलाफ BNS की धारा 353(2) और 197(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया। यह धाराएं ऐसे कथनों या आरोपों पर लागू होती हैं जो राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल...
NEET-UG 2025 | दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन आवेदन न करने से पोर्टल दोबारा खोलने का कोई अधिकार नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने NEET-UG 2025 की अभ्यर्थी द्वारा दाखिल की गई याचिका खारिज की, जिसमें आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता आवश्यक दस्तावेज़ समयसीमा के भीतर न मिलने के कारण आवेदन नहीं कर सकी थी।इस पर कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने पोर्टल को दोबारा खोलने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति प्रस्तुत नहीं की, केवल इसलिए कि वह आवश्यक दस्तावेज़ समय पर अपलोड नहीं कर पाई, यह उसे यह अधिकार नहीं देता कि वह अधिकारियों को पोर्टल दोबारा खोलने का निर्देश दिलवा सके।जस्टिस निर्जर एस. देसाई ने...
विज्ञापन में अधिसूचित आरक्षण को बाद में रोस्टर में बदलाव करके रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
यह दोहराते हुए कि 'खेल के नियम' को बीच में नहीं बदला जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महिला की याचिका स्वीकार की, जिसका पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर चयन, एससी स्पोर्ट्स (महिला) के लिए आरक्षित होने के कारण रोस्टर के तहत बदल दिया गया, जो भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद प्रभावी हुआ था।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपीलकर्ता-उम्मीदवार ने 11.12.2020 के मूल विज्ञापन के आधार पर DSP के पद के लिए आवेदन किया था, जिसमें "एससी स्पोर्ट्स...
3rd अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति युवा संसद और मॉडल यूनाइटेड नेशंस क्वांटम यूनिवर्सिटी, रूड़की में आयोजित होने जा रहा
3rd अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति युवा संसद और मॉडल यूनाइटेड नेशंस क्वांटम यूनिवर्सिटी, रूड़की में होने जा रहा है। आइए जुड़िए और अपने विचारों को मंच दीजिए!कार्यक्रम के बारे मेंविभिन्न सामाजिक-वैधानिक मुद्दों पर महत्वपूर्ण सोच को विकसित करने के उद्देश्य से, डिबेटिंग सोसाइटी, विधि विभाग, क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की 29 और 30 अप्रैल, 2025 को 'श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति राष्ट्रीय युवा संसद एवं मॉडल यूनाइटेड नेशंस' के तीसरे संस्करण का आयोजन कर रहा है। समितियाँ एवं विषय 1. लोकसभा: आरक्षण प्रणाली...
'मुद्दे को दबाने का प्रयास': प्रशासनिक जज के दौरे के दौरान वकील की 'घर में नजरबंदी' पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीसीपी को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक प्रशासनिक न्यायाधीश के आगरा दौरे के दौरान एक अधिवक्ता को कथित तौर पर "घर में नजरबंद" किए जाने पर एक बार फिर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को नियमित मामले के रूप में नहीं लिया जाएगा और वह इसके गुण-दोष पर विचार करेगा। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस डोनाडी रमेश की पीठ ने कहा, "हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि तथ्यों को छिपाने और दबाने के किसी भी प्रयास की न तो सराहना की जाएगी और न ही इसकी अनुमति दी जाएगी। न्यायालय इस मुद्दे के गुण-दोष पर...
वारंटी अवधि के भीतर खराब जूते बदलने में विफलता, लखनऊ जिला आयोग ने लिबर्टी शूज़ पर लगाया जुर्माना
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग – द्वितीय, लखनऊ के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी और प्रतिभा सिंह (सदस्य) की खंडपीठ ने 'लिबर्टी शूज' को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए उत्तरदायी ठहराया। लिबर्टी शूज़ बार-बार अनुरोध और अनुस्मारक के बावजूद, उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए दोषपूर्ण जूते की लागत को बदलने या वापस करने में विफल रहे।पूरा मामला: शिकायतकर्ता योगेंद्र कुमार दुबे ने लिबर्टी शूज स्टोर से 2,999 रुपये में काले जूते खरीदे। लिबर्टी शूज़ के प्रबंधक ने उन्हें आश्वासन दिया कि जूते एक साल की...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले पर एचसी के स्थगन आदेश के बावजूद निचली अदालत द्वारा अवमानना कार्यवाही शुरू करने पर 'निराशा' व्यक्त की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से पारित एक आदेश पर आपत्ति जताई है, जिसमें एक कार्यवाही में बकाया भरण-पोषण की वसूली के लिए अवमानना कार्यवाही शुरू की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट की समन्वय पीठ ने पहले ही रोक लगा दी थी। जस्टिस बिभास रंजन डे ने कहा,"मैं इस बात से बेहद निराश हूं कि जब सीआर 1344/2023 के संबंध में कार्यवाही पर माननीय न्यायालय की समन्वय पीठ द्वारा दिनांक 17.05.2024 के आदेश के तहत पहले ही रोक लगा दी गई थी, तो विद्वान ट्रायल जज ने विविध (प्रत्यक्ष) मामले संख्या 55/2024 के संबंध में...
बाल तस्करी मामलों में जमानत को चुनौती न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से किया सवाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के रवैये की आलोचना
नाबालिगों की अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े कई मामलों में तेरह आरोपी व्यक्तियों को दी गई जमानत को रद्द करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आलोचना की और इस बात पर निराशा व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश राज्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती नहीं दी, जबकि मामला गंभीर प्रकृति के अपराधों से जुड़ा था।जिस तरह से राज्य ने स्थिति को संभाला उससे हम पूरी तरह से निराश हैं। राज्य ने इतनी सारी अवधि के लिए कुछ क्यों नहीं किया? राज्य ने हाईकोर्ट द्वारा पारित जमानत के आदेशों को चुनौती देना उचित क्यों नहीं समझा?...
दिल्ली हाईकोर्ट ने IBBI अनुशासन समिति की ओर से दिवाला प्रोफेशनल पर लगाई गई निलंबन अवधि को कम किया, जुर्माने को अनुपातहीन पाया
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने अपीलकर्ता/समाधान पेशेवर पर लगाए गए निलंबन की अवधि को कम कर दिया है, यह देखते हुए कि आईबीबीआई की अनुशासन समिति ने दंड लगाते समय भौतिक पहलुओं को नजरअंदाज किया और गलत आंकड़ों पर भरोसा किया। इसने निलंबन की अवधि को पहले से ही भुगती गई अवधि तक कम कर दिया। संक्षिप्त तथ्यNCLT ने 03.08.2017 को जीटीएचएस रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आईबीसी की धारा 9 के तहत एक आवेदन स्वीकार किया और अपीलकर्ता संदीप कुमार भट्ट...
दिल्ली हाईकोर्ट सीनियर डेजिग्नेशन | सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित और अस्वीकृत आवेदनों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, कहा- 'एक सदस्य द्वारा दिए गए अंकों पर विचार नहीं किया गया'
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 अप्रैल) को दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि मौजूदा नियमों (दिल्ली हाई कोर्ट सीनियर एडवोकेट पद के लिए नियम 2024) के अनुसार, वरिष्ठ पद के लिए उन आवेदनों पर नए सिरे से विचार करे, जिन्हें पिछले साल नवंबर में स्थगित या खारिज कर दिया गया था। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की पीठ ने "मामले के विशिष्ट तथ्यों और किसी भी आवेदक के साथ अन्याय से बचने के लिए" यह निर्देश पारित किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस ओका ने मौखिक रूप से कहा कि दस्तावेजों से पता चलता है कि...
कथित पेपर लीक के कारण BPSC-मुख्य 2025 परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा 2025 को कथित पेपर लीक के कारण चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई।याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए कहा और कहा कि परीक्षा जल्द ही शुरू होने वाली है।वकील ने कहा:"माई लॉर्ड्स, पेपर लीक से प्रभावित BPSC छात्रों द्वारा एक याचिका दायर की गई, उनकी परीक्षा 24 (अप्रैल) को है।"सीजेआई ने जवाब दिया कि उल्लेख नोट उनके समक्ष रखे जाने के बाद मामले को सूचीबद्ध किया जाएगा।उल्लेखनीय है...
झारखंड न्यायिक अकादमी ने कमजोर गवाहों की सुरक्षा पर ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया, न्यायालय सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया
झारखंड न्यायिक अकादमी ने 12 अप्रैल को स्मृति तुकाराम बडाडे में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कमजोर गवाहों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर ट्रेनिंग का एक स्पेशल कोर्स आयोजित किया।सेशन की अध्यक्षता जस्टिस गीता मित्तल, पूर्व चीफ जस्टिस, जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट और कमजोर गवाह समिति, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय VWDC प्रशिक्षण समिति की अध्यक्ष ने की। उन्होंने कमजोर गवाहों विशेष रूप से हाशिए पर पड़े लोगों के साथ व्यवहार करते समय समावेशिता, गरिमा और समानता की भावना को मुख्यधारा में...
IPC की धारा 498ए के तहत मामला दायर करने से पहले अनिवार्य प्रारंभिक जांच की मांग वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने वह जनहित याचिका खारिज की, जिसमें वैवाहिक मामलों में सभी पक्षों के लिए संतुलित सुरक्षा, भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 498ए/घरेलू हिंसा के मामलों को दायर करने से पहले अनिवार्य प्रारंभिक जांच और झूठी शिकायतों के खिलाफ कानूनी सुरक्षा की मांग की गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।जनहित याचिका खारिज करते हुए खंडपीठ ने कहा,"हमें IPC धारा 498ए, जिसे अब BNS की धारा 84 के रूप में पढ़ा जाता है, के पीछे विधायी नीति/अधिदेश में हस्तक्षेप करने का कोई...
अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृतक के परिजनों को अप्रत्याशित लाभ पहुंचाना नहीं, इसका उद्देश्य केवल रसोई की आग जलाए रखना है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाल ही में अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले से निपटते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा आधार पर नियुक्तियों का उद्देश्य मृतक के परिजनों को अप्रत्याशित लाभ पहुंचाना नहीं है। नियोक्ता को केवल वित्तीय स्थिति का आकलन करना होता है, जिससे रसोई की आग जलती रहे।यह टिप्पणी जस्टिस अजय भनोट ने इस संदर्भ में की कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए वित्तीय स्थितियों को कहीं भी परिभाषित नहीं किया गया लेकिन लागू कानून के आलोक में इसकी जांच की जानी चाहिए।न्यायालय ने यह भी कहा कि अनुकंपा नियुक्ति देने में अति उदार...
वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग
वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।इनमें से एक याचिका एडवोकेट शशांक शेखर झा ने दायर की, जिसमें कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन की मांग की गई। दूसरी याचिका एडवोकेट विशाल तिवारी ने दायर की, जिसमें जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन की मांग की गई।याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट...
न्यायविदों की चिंता, संविधान के मूल ढांचे के उल्लंघन के लिए सामान्य कानूनों को चुनौती नहीं दी जा सकती
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की नई किताब बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्रिन के लॉन्च के दौरान आयोजित पैनल चर्चा में सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और अरविंद दातार ने सामान्य कानून के माध्यम से संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन किए जाने पर चिंता जताई। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अगर संविधान संशोधन मूल ढांचे का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें रद्द किया जा सकता है, पैनलिस्टों ने बताया कि संसद द्वारा अपनी सामान्य विधायी क्षमता में बनाए गए कानूनों का उस आधार पर परीक्षण...




















