ताज़ा खबरे
नियुक्ति में देरी, कर्मचारी पेंशन के लिए योग्यता सेवा के हकदार, हालांकि वेतन के लिए नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस मधुरेश प्रसाद और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने एक डॉक्टर द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसकी पेंशन अपर्याप्त योग्यता सेवा के कारण अस्वीकार कर दी गई थी। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि यदि सरकार किसी कर्मचारी के न्यायालय द्वारा अनिवार्य आमेलन को लागू करने में देरी करती है, तो देरी की अवधि को पेंशन उद्देश्यों के लिए योग्यता सेवा में गिना जाना चाहिए। न्यायालय ने माना कि अधिकारियों द्वारा की गई देरी के लिए याचिकाकर्ता को दंडित नहीं किया जा...
SC/ST Act की धारा 18 के प्रावधान
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 482 एंटीसेप्टरी बेल के संबंध में उल्लेख करती है। किसी व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी का भय है तथा उस व्यक्ति को अनावश्यक रूप से गिरफ्तार किया जा रहा है या किसी प्रकरण में झूठा फंसाया जा रहा है तो वह व्यक्ति गिरफ्तार होने के पूर्व ही सत्र या हाईकोर्ट से एंटीसेप्टरी बेल मांग सकता है। यह कोर्ट का विवेकाधिकार है कि उसे एंटीसेप्टरी बेल प्रदान करें या न करें परंतु इस अधिनियम के अंतर्गत जिसे अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के नाम से जाना जाता...
SC/ST Act के अंतर्गत आने वाले क्राइम में एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशन
इस एक्ट में एंटीसेप्टरी बेल निषेध है लेकिन इस पर जोर दिया गया है कि एंटीसेप्टरी बेल के लिए आवेदन पर विचार करते समय कोर्ट इसके बारे में मात्र जांच में न्यायसंगत होंगे कि क्या किसी व्यक्ति के विरुद्ध अधिनियम, 1989 की धारा 3 के अधीन मामले को पंजीकृत करने के लिए कोई अभिकथन है और जब एक बार प्रथम सूचना रिपोर्ट में अपराध के आवश्यक तत्व उपलब्ध हों, तब कोर्ट वाद डायरी अथवा कोई अन्य सामग्री मंगा करके इसके बारे में पुनः जांच करने में न्यायसंगत नहीं होंगे कि क्या अभिकथन सत्य अथवा मिथ्या है अथवा क्या ऐसा...
महज अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा बहुत कठोर: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की एकल पीठ ने एक आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कार्यस्थल पर कथित रूप से दुर्व्यवहार करने के लिए CISF कांस्टेबल पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति लगाई गई थी। न्यायालय ने माना कि सजा अनुपातहीन थी, और अनुशासनात्मक प्राधिकारी को कम सजा देने का निर्देश दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अनुपातहीन दंड संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत आता है, और यदि सजा अनुचित है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा।पृष्ठभूमिदेव नारायण सिंह CISF यूनिट, धनबाद में कांस्टेबल के रूप...
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग को श्रम कानूनों का पालन करना होगा: पटना हाईकोर्ट ने संविदा सहायकों को सेवा में बने रहने की अनुमति देने वाले 2019 के ज्ञापन को बरकरार रखा
पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया के जिला मजिस्ट्रेट को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (बीपीएसएम) के तहत नियुक्त 22 संविदा कार्यकारी सहायकों को राज्य सरकार के अन्य विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्त करने का निर्देश दिया है, जिनकी सेवाएं धन की कमी के कारण बंद कर दी गई थीं। ऐसा करते हुए न्यायालय ने 2019 की अधिसूचना को बरकरार रखा, जिसके अनुसार कार्यकारी सहायक 60 वर्ष की आयु तक या योजना के अंत तक जो भी पहले हो, सेवा में बने रहने के हकदार थे।इस प्रकार न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को सरकारी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव की चार्जशीट और समन के खिलाफ याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR में दर्ज चार्जशीट के खिलाफ दायर की गई थी। उन पर यूट्यूब वीडियो बनाने के लिए सांपों और सांप के जहर का कथित रूप से दुरुपयोग करने का आरोप है।उनके खिलाफ रेव पार्टियों का आयोजन करने और विदेशियों को बुलाने के आरोप भी हैं, जो लोगों को सांप के जहर और अन्य नशीली दवाओं का सेवन करवाते हैं।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने मौखिक रूप से यह टिप्पणी करने के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी कि यादव के खिलाफ चार्जशीट और...
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने सीमा पार की अस्थिर स्थिति के कारण 16 मई तक नो-वर्क अवधि की मांग करते हुए चीफ जस्टिस को पत्र लिखा
बाद के घटनाक्रमों के मद्देनजर एडवोकेट एसोसिएशन ने नो-वर्क के लिए अपना प्रतिनिधित्व वापस लेने का फैसला किया और आज से सामान्य रूप से काम करना जारी रखेगा।राजस्थान हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ (एसोसिएशन) ने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वे 12 मई, 2025 से 5 दिनों की अवधि के लिए नो-वर्क अवधि घोषित करें क्षेत्र में मौजूदा संवेदनशील और अस्थिर स्थिति निरंतर ब्लैकआउट और अलगाववादी और विघटनकारी ताकतों द्वारा उत्पन्न आसन्न खतरे के मद्देनजर।चीफ जस्टिस को लिखे पत्र के अनुसार, यह अनुरोध तनावपूर्ण...
झारखंड हाईकोर्ट ने दिवंगत CISF कर्मी की बर्खास्तगी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति में बदला, विधवा की याचिका आंशिक रूप से स्वीकार
दुर्व्यवहार के आरोप में सेवा से बर्खास्त किए गए एक दिवंगत CISF कर्मी की विधवा की याचिका पर आंशिक राहत देते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि जब सबसे गंभीर आरोप सिद्ध नहीं हुआ तो सेवा से बर्खास्तगी की सजा अनुपातहीन है।न्यायालय ने यह भी माना कि अब विधवा को दोबारा अनुशासनात्मक कार्यवाही की ओर लौटाना अनुचित होगा।जस्टिस आनंदा सेन ने यह फैसला जयंती देवी उर्मालिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।याचिकाकर्ता ने अपने दिवंगत पति संतोष उर्मालिया, जो CISF के कर्मी थे, की बर्खास्तगी को चुनौती दी थी और...
घर में सभी लोगों की सहमति के बिना सीसीटीवी नहीं लगाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट से जताई सहमति
सुप्रीम कोर्ट ने (9 मई) कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें कहा गया था कि घर में सभी लोगों की सहमति के बिना सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जा सकते।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।यह विवाद दो भाइयों के बीच था, जिसमें से एक ने दूसरे भाई द्वारा उनकी सहमति के बिना उनके साझा भवन के आवासीय हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर आपत्ति जताई थी।सीसीटीवी को कथित तौर पर कीमती संग्रहों पर निगरानी...
SC/ST Act में Special Public Prosecutor की नियुक्ति
Special Public Prosecutor की नियुक्ति या तो केन्द्र सरकार या राज्य सरकार सम्बन्धित कोर्ट में मामलों के संचालन के प्रयोजन से Special Public Prosecutor की नियुक्ति कर सकती है।लोक अभियोजक की नियुक्ति स्वत: परिवादी के आवेदन पर नहीं हो सकती है। ऐसे विशेष कारण होते है जो इसके बारे में अभिलिखित किये जाने चाहिए कि Special Public Prosecutor को नियुक्त करते समय सामान्य नियम से विचलन क्यों किया गया है, आवेदन की प्राधिकारी के द्वारा उचित रूप से जाँच की जानी है और अभिलेख पर सामग्री के आधार पर समाधान हो जाने...
SC/ST Act के अंतर्गत पैरवी के लिए Special Public Prosecutor
किसी भी आपराधिक प्रकरण में पीड़ित के न्याय हेतु लोक अभियोजक जिसे सामान्य भाषा में सरकारी वकील कहा जाता है की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वह व्यक्ति होता है जो सरकार की ओर से किसी प्रकरण में दोषियों को दंडित करवाने हेतु अपराध को साबित करता है। एक लोक अभियोजक पीड़ित के न्याय के लिए कार्य करता है। पीड़ित को न्याय दिया जाना राज्य की जिम्मेदारी होती है तथा इस उद्देश्य से ही राज्य द्वारा लोक अभियोजक की व्यवस्था की गई है।अनेक मामलों में हम यह देखते हैं कि लोक अभियोजकों पर अदालतों में मुकदमों...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (05 मई, 2025 से 09 मई, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।NDPS Act | इन-चार्ज एसएचओ, थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में तलाशी लेने के लिए सक्षम : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने माना कि NDPS Act के तहत तलाशी, थाने के नामित SHO की अनुपस्थिति में प्रभारी थाना प्रभारी द्वारा की जा सकती है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की खंडपीठ राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (05 मई, 2025 से 09 मई, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कर्नाटक पुलिस अधिनियम की धारा 98 के तहत बड़ी मात्रा में नकदी रखना अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि वैध दस्तावेजों के बिना बड़ी मात्रा में नकदी रखना, अपने आप में कर्नाटक पुलिस अधिनियम की धारा 98 के तहत अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा, "इस प्रावधान के तहत अपराध साबित करने के लिए, यह...
सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए भारत-पाकिस्तान
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक बड़ी घटना में भारत और पाकिस्तान ने सभी सैन्य अभियान रोकने पर सहमति जताई।विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज यानी शनिवार को एक स्पेशल प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान ने सभी गोलीबारी और सैन्य अभियान रोकने पर सहमति जताई।"पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक ने आज दोपहर 15.35 बजे भारत के सैन्य अभियान महानिदेशक को फोन किया।उनके बीच सहमति बनी कि दोनों पक्ष आज भारतीय मानक समय के अनुसार 17.00 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोक...
7 लाख आपराधिक अपीलों पर सुप्रीम कोर्ट की सलाह: AI का उपयोग करें, रिकॉर्ड डिजिटाइज करें
यह देखते हुए कि देश के हाईकोर्ट में 7.24 लाख से अधिक आपराधिक अपीलें लंबित हैं, सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि वे बैकलॉग को संबोधित करने के लिए सुझावों की एक श्रृंखला पर विचार करें।कोर्ट ने कहा,"22 मार्च, 2025 तक, आपराधिक अपीलों (दोषसिद्धि और बरी होने के खिलाफ अपील) की कुल लंबित अपील 7,24,192 है ... इसलिए, सभी हाईकोर्ट के सामने एक बड़ी समस्या है", न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कई सुझावों का समर्थन किया, जिनमें केस रिकॉर्ड डिजिटलीकरण, अपील में नोटिस जारी होने के बाद ट्रायल...
भारत-पाकिस्तान गोलीबारी के बीच पंजाब संवेदनशील: हाईकोर्ट ने हरियाणा के साथ जल विवाद पर अवमानना मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया
पंजाब-हरियाणा जल विवाद अवमानना याचिका पर जवाब देने के लिए पंजाब सरकार को समय देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, "यह न्यायालय भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार से गोलीबारी के कारण पंजाब राज्य में व्याप्त वर्तमान संवेदनशील माहौल से अवगत है और इसलिए, मुख्य सचिव के साथ-साथ पंजाब सरकार के पुलिस महानिदेशक पर किसी भी अवमानना नोटिस का बोझ नहीं डालना चाहता है।हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा छह मई को जारी किए गए निर्देशों का पंजाब सरकार द्वारा 'प्रथम दृष्टया' अनुपालन नहीं किया गया था। ...
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 60 से 63 : नोटिस या उद्घोषणा की सेवा का तरीका
राजस्व प्रक्रिया में न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केवल न्यायालय के आदेश ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि यह भी आवश्यक होता है कि संबंधित पक्षों को सभी नोटिस समय से और सही तरीके से मिले हों, घोषणाएं विधिसम्मत रूप से की गई हों, और यदि कोई पक्षकार अनुपस्थित हो, तो उसके लिए भी एक न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई गई हो।राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 60 से 63 तक के प्रावधान इन सभी पहलुओं को नियंत्रित करते हैं। ये प्रावधान राजस्व मामलों में सूचना, उद्घोषणा और एकपक्षीय कार्यवाही की वैधता...
राजस्थान न्यायालय शुल्क अधिनियम 1961 की धारा 59 और 60 के अंतर्गत दंड और शुल्क की वसूली तथा राजस्व बोर्ड की भूमिका
राजस्थान न्यायालय शुल्क एवं वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 में यह सुनिश्चित किया गया है कि मृतक व्यक्ति की संपत्ति पर जब उत्तराधिकारी को प्रॉबेट या प्रशासन-पत्र (Letters of Administration) दिया जाता है, तो उस पर उचित न्यायालय शुल्क लगे। अगर किसी कारणवश कम शुल्क अदा किया गया हो, जानबूझकर या गलती से, तो इस अधिनियम में ऐसे मामलों से निपटने के लिए सुस्पष्ट प्रावधान दिए गए हैं। धारा 59 और 60 इसी विषय से संबंधित हैं।धारा 59 – दंड व अन्य राशि की वसूली का प्रावधान यह धारा इस बात को सुनिश्चित करती है कि...
'ऑपरेशन सिंदूर' का व्यावसायिक शोषण न हो : सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ट्रेडमार्क पंजीकरण पर रोक की मांग
पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ भारत के सैन्य अभियानों के लिए दिए गए नाम "ऑपरेशन सिंदूर" के ट्रेडमार्क पंजीकरण पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है।याचिकाकर्ता देव आशीष दुबे ने 4 आवेदकों के खिलाफ रिट याचिका दायर की है, जिन्होंने ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के साथ नाम और शैली "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत ट्रेडमार्क के पंजीकरण के लिए कक्षा 41 के तहत आवेदन टीएम -1 किया था। कक्षा 41 में शिक्षा और मनोरंजन सेवाएं शामिल हैं। इन आवेदकों में शामिल हैं (1) मुकेश चेतराम अग्रवाल...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 453 से 456 : हाईकोर्ट द्वारा पुष्टि के बाद मृत्युदंड की सजा
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS), जो अब दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (CrPC) की जगह लागू हो चुकी है, उसमें मृत्युदंड (Death Sentence) से जुड़ी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को मृत्युदंड देने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं (Legal Procedures) पूरी की जाएं और उसे संविधान द्वारा प्राप्त सभी अधिकार (Rights under Constitution) मिलें।इस अध्याय (Chapter XXXIV) का भाग-A (Part A) विशेष रूप से मृत्युदंड से संबंधित है और इसमें धारा 453 से...




















