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मंगोलपुरी मस्जिद के पास आधी रात में कथित तोड़फोड़ पर अवमानना याचिका: दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD को नोटिस जारी किया
मंगोलपुरी मस्जिद के पास आधी रात में कथित तोड़फोड़ पर अवमानना याचिका: दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD को नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (25 जून) को मंगोलपुरी इलाके की एक मस्जिद के आसपास हाल ही में हु तोड़फोड़ कार्रवाई के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर MCD को नोटिस जारी किया।जस्टिस रेनू भटनागर ने नगर निगम को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता मंगोलपुरी मोहम्मदी जामा मस्जिद और मदरसा अनवारुल उलूम वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि नवंबर, 2024 के कोर्ट के आदेश के बावजूद बिना किसी सीमांकन के तोड़फोड़ की गई।नवंबर, 2024 में जस्टिस संजीव नरूला ने MCD को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ताओं को...

जम्मू-कश्मीर कोर्ट ने पहलगाम में 70 वर्षीय पर्यटक से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया, नैतिक पतन बताया
जम्मू-कश्मीर कोर्ट ने पहलगाम में 70 वर्षीय पर्यटक से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया, 'नैतिक पतन' बताया

अनंतनाग के प्रधान सत्र न्यायाधीश ने कड़े शब्दों में आदेश देते हुए 70 वर्षीय पर्यटक से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि आरोपों की गंभीरता, चल रही जांच और साक्ष्यों का सामूहिक प्रभाव इस स्तर पर जमानत देने का समर्थन नहीं करता। अदालत ने समाज के नैतिक ताने-बाने पर भी तीखी टिप्पणी की और इस घटना को "दुर्व्यवहार और बीमार मानसिकता का प्रतिबिंब" बताया।प्रधान सत्र न्यायाधीश ताहिर खुर्शीद रैना ने कहा कि "घास के मैदान, पहाड़, नदियां और बगीचे कश्मीर को एक वांछित...

हाईकोर्ट ने असम सरकार से गुवाहाटी में आउटडोर विज्ञापन को विनियमित करने वाले 2017 दिशानिर्देशों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी
हाईकोर्ट ने असम सरकार से गुवाहाटी में आउटडोर विज्ञापन को विनियमित करने वाले 2017 दिशानिर्देशों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में असम सरकार से 'गुवाहाटी आउटडोर विज्ञापन नीति दिशानिर्देश, 2017' के संशोधित संस्करण के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस (कार्यवाहक) लानुसुंगकुम जमीर और जस्टिस मानस रंजन पाठक की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार ने अभी तक अंतिम 'गुवाहाटी आउटडोर विज्ञापन पुलिस दिशानिर्देश, 2017' को अधिसूचित नहीं किया है।वर्तमान याचिकाकर्ता ने इससे पहले वर्ष 2016 में एक जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट का दरवाजा...

गवाह से स्पष्टीकरण के लिए जांच अधिकारी द्वारा जिरह करने से जांच कार्यवाही प्रभावित नहीं होती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
गवाह से स्पष्टीकरण के लिए जांच अधिकारी द्वारा जिरह करने से जांच कार्यवाही प्रभावित नहीं होती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने माना कि जांच अधिकारी जांच कार्यवाही के दौरान गवाहों से जिरह कर सकता है और उनसे स्पष्टीकरण मांग सकता है और इससे जांच कार्यवाही शून्य नहीं हो जाती। तथ्ययाचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था। उसके खिलाफ दो आरोपों के लिए विभागीय जांच शुरू की गई थी। पहला यह कि 06.02.2009 को वह अनधिकृत रूप से ग्राम खोराटोला गया और शिकायतकर्ता को एक कमरे में बंद कर दिया। उसने लकड़ी रखने के मामले में...

मध्यस्थता खंड के कारण CPC की धारा 8 के तहत आवेदन दाखिल किए जाने तक शिकायत को खारिज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
मध्यस्थता खंड के कारण CPC की धारा 8 के तहत आवेदन दाखिल किए जाने तक शिकायत को खारिज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने माना कि यदि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 8 के तहत उचित आवेदन दायर किया जाता है, तो न्यायालय को पक्षों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करना चाहिए और कानून द्वारा वर्जित होने के कारण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) के आदेश VII नियम 11 (डी) के तहत शिकायत को खारिज कर सकता है। हालांकि, यदि ऐसा कोई आवेदन दायर नहीं किया जाता है और मध्यस्थता के लिए संदर्भ के लिए कोई प्रार्थना नहीं की जाती है, तो मध्यस्थता खंड का अस्तित्व ही आदेश VII नियम...

सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत लॉ स्टूडेंट की निवारक गिरफ्तारी रद्द की, तत्काल रिहाई का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत लॉ स्टूडेंट की निवारक गिरफ्तारी रद्द की, तत्काल रिहाई का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के 24 वर्षीय लॉ स्टूडेंट की निवारक गिरफ्तारी रद्द करते हुए उसकी तुरंत रिहाई का आदेश दिया। उक्त स्टूडेंट लगभग एक साल से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून 1980 (NSA) के तहत हिरासत में था।जस्टिस उज्जल भूइयाँ और जस्टिस विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि आदेश में बताए गए आधार जैसे शांति व्यवस्था का उल्लंघन NSA की धारा 3(2) की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते।कोर्ट ने कहा,“जिस कारण से आरोपी को निवारक हिरासत में लिया गया, वह धारा 3(2) की शर्तों को पूरा नहीं करता। अतः उसकी हिरासत पूरी तरह...

वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम उन अचल संपत्तियों पर लागू होता है जो वास्तव में और विशेष रूप से व्यापार और वाणिज्य के लिए उपयोग की जाती हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम उन अचल संपत्तियों पर लागू होता है जो वास्तव में और विशेष रूप से व्यापार और वाणिज्य के लिए उपयोग की जाती हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी विवाद को वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 के अधिकार क्षेत्र में आने के लिए संबंधित अचल संपत्ति का "वास्तव में उपयोग" तथा "विशेष रूप से व्यापार और वाणिज्य के उद्देश्य से उपयोग" किया जाना चाहिए। ज‌स्टिस जीएस अहलूवालिया की पीठ ने कहा,इस प्रकार, अचल संपत्ति से संबंधित विवाद स्वयं में वाणिज्यिक विवाद नहीं हो सकता है। लेकिन यह वाणिज्यिक विवाद बन जाता है, यदि यह वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम की धारा 2(1) (सी) के उप-खंड (vii) अर्थात "व्यापार या वाणिज्य में...

कोलकाता कोर्ट ने कॉलेज कैंपस में लॉ स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोप में वकील समेत तीन को पुलिस कस्टडी में भेजा
कोलकाता कोर्ट ने कॉलेज कैंपस में लॉ स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोप में वकील समेत तीन को पुलिस कस्टडी में भेजा

कोलकाता सेशन कोर्ट ने कॉलेज कैंपस में लॉ स्टूडेंट से दुष्कर्म के आरोप में वकील और कॉलेज के अनुबंधित कर्मचारी मनोजित मिश्रा और लॉ स्टूडेंट्स जैब अहमद व प्रमित मुखोपाध्याय को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों में से एक ने दुष्कर्म किया, जबकि बाकी ने उसे उकसाया और अपराध में मदद की।पीड़िता कॉलेज में कुछ औपचारिकताएं पूरी करने आई थी तभी आरोपियों ने उसे कॉलेज कैंपस के गार्ड रूम में ले जाकर बुधवार रात 7 बजे से 11 बजे के बीच दुष्कर्म किया।पीड़िता की शिकायत पर तीनों...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग रिश्तेदार से बलात्कार करने वाले व्यक्ति की मौत की सजा को कम किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग रिश्तेदार से बलात्कार करने वाले व्यक्ति की मौत की सजा को कम किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (25 जून) को 12 साल की नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी व्यक्ति की मौत की सजा को कम कर दिया। न्यायालय ने यह देखते हुए मौत की सजा कम कर दी कि दोषी की उम्र 24 साल है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, सिवाय एक हत्या के मामले के, जिस पर अपील चल रही है। हालांकि, पीठ ने उसकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि "सभी परिस्थितियों की श्रृंखला अपीलकर्ता के अपराध की ओर इशारा करती है, किसी और की नहीं। इसलिए, जहां तक ​​दोषसिद्धि का सवाल है, उसे बरकरार रखा जाना चाहिए और इसके...

पत्नी को गोली मारने के आरोपी को जमानत, बेटे-बेटी समेत अहम गवाह मुकर गए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
पत्नी को गोली मारने के आरोपी को जमानत, बेटे-बेटी समेत अहम गवाह मुकर गए: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति को नियमित जमानत देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उसे अपराध से जोड़ने वाला कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत पेश करने में विफल रहा है।जस्टिस राजेश सेखरी की पीठ ने जमानत याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि 'कोई सबूत नहीं' के ऐसे मामलों में अदालत समग्र दृष्टिकोण अपनाने और स्वतंत्रता के पक्ष में विवेक का प्रयोग करने के लिए बाध्य हैं। यह मामला आरोपी की पत्नी की कथित गोली मारकर हत्या से संबंधित है, अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि व्यक्ति ने उसे...

लोक निधि का उपयोग कर्मचारियों के कल्याण के लिए नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
लोक निधि का उपयोग कर्मचारियों के कल्याण के लिए नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट की पीठ ने माना है कि चिकित्सा या टर्मिनल लाभों के लिए आधिकारिक परिसमापक स्थापना शुल्क खाते से धन का उपयोग करना आम तौर पर अस्वीकार्य है, क्योंकि ये धन परिसमापन प्रक्रिया से संबंधित प्रशासनिक और परिचालन लागतों के लिए निर्धारित किए जाते हैं - जैसे कि कानूनी शुल्क, प्रकाशन व्यय, और कार्यालय ओवरहेड्स - कर्मचारी कल्याण या लाभ नहीं।मामले की पृष्ठभूमि: वर्तमान आवेदन कंपनी (न्यायालय) नियम, 1959 के नियम 308 और 309 के तहत कलकत्ता में उच्च न्यायालय के आधिकारिक परिसमापक के कार्यालय में...

करियर में प्रगति हर व्यक्ति का अधिकार, NOC या इस्तीफा मनमाने ढंग से नकारा नहीं जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
करियर में प्रगति हर व्यक्ति का अधिकार, NOC या इस्तीफा मनमाने ढंग से नकारा नहीं जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि एक अनिच्छुक कर्मचारी को केवल कर्मचारियों की कमी के आधार पर सेवा में बने रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है; प्रत्येक व्यक्ति को कैरियर की प्रगति का मौलिक अधिकार है, और इस्तीफे या एनओसी के अनुरोध को मनमाने ढंग से अस्वीकार नहीं किया जा सकता है, खासकर जब आवेदक कोर्स पूरा करने के बाद पांच साल तक सुपर स्पेशलिस्ट के रूप में राज्य की सेवा करने के लिए तैयार हो।मामले की पृष्ठभूमि: याचिकाकर्ता पंडित जवाहर लाल नेहरू सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, चंबा में जनरल...

“सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के साथ न्यायपालिका की आलोचना जनता का भरोसा घटाती है”: विदाई भाषण में जस्टिस पी.बी. सुरेश
“सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के साथ न्यायपालिका की आलोचना जनता का भरोसा घटाती है”: विदाई भाषण में जस्टिस पी.बी. सुरेश

जस्टिस पीबी सुरेश कुमार, जो 30 जून को केरल हाईकोर्ट से रिटायर होने वाले हैं, ने सोशल मीडिया पोस्ट या टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की, जिसमें न्यायपालिका, जजों या निर्णयों की आलोचना की गई है, बिना संदर्भ दिए या मुद्दे की जानकारी के बिना।उन्होनें ने कहा कि कई बार ये टिप्पणियां कानून की बुनियादी समझ के बिना धारणाओं के आधार पर की जाती हैं। उन्होनें ने व्यक्त किया कि इस तरह की टिप्पणियों से संस्था में जनता का विश्वास खत्म होता है। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यवश, ऐसी टिप्पणियों से जनता का विश्वास कम हुआ है...

कानूनी विरोधाभास: भारत में ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र और पैन कार्ड मान्यता
कानूनी विरोधाभास: भारत में ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र और पैन कार्ड मान्यता

भारत में ट्रांसजेंडर अधिकारों में पिछले एक दशक में उल्लेखनीय विकास हुआ है, जिसमें लिंग विविधता की बढ़ती मान्यता और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से कानूनी सुधार शामिल हैं। 2014 में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ एक ऐतिहासिक क्षण आया, जिसने ट्रांसजेंडर लोगों को "तीसरे लिंग" के रूप में मान्यता दी और संविधान के तहत उनके मौलिक अधिकारों की पुष्टि की। तब से, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 सहित...