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रेलवे यात्रा बीमा सिर्फ़ ऑनलाइन टिकट तक सीमित नहीं हो सकता, यह काउंटर टिकट वाले यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
रेलवे यात्रा बीमा सिर्फ़ ऑनलाइन टिकट तक सीमित नहीं हो सकता, यह काउंटर टिकट वाले यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो यात्री रेलवे टिकट काउंटर से खरीदते हैं, उन्हें यात्रा बीमा का फ़ायदा देने से मना नहीं किया जा सकता, जबकि यही सुविधा उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो टिकट ऑनलाइन बुक करते हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि जो यात्री रेलवे टिकट ऑनलाइन बुक करते हैं, वे बहुत कम अतिरिक्त कीमत पर बीमा का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि यही विकल्प अभी उन यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं है जो रेलवे काउंटर पर जाकर टिकट खरीदते हैं।एमिक्स क्यूरी (अदालत के सलाहकार) सीनियर...

सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे द्वारा सुरक्षा पर किए गए निवेश को ठीक से न समझाने पर कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की
सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे द्वारा सुरक्षा पर किए गए निवेश को ठीक से न समझाने पर कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रेलवे सुरक्षा और नीतिगत प्राथमिकताओं से जुड़े एक मामले में रेलवे द्वारा कोर्ट की मदद करने के तरीके पर कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर रखे गए दस्तावेज़ों में यह साफ़ तौर पर नहीं बताया गया कि फंड का बंटवारा और इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।इससे पहले, कोर्ट ने रेलवे के लिए बजट में अपर्याप्त आवंटन का मुद्दा उठाया था और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी।इसके बाद रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त, जनक कुमार गर्ग, जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह...

राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की सफ़ाई पर असंतोष जताया, कहा - कचरा ठीक से न फेंकने पर नागरिकों पर जुर्माना लग सकता है
राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की सफ़ाई पर असंतोष जताया, कहा - कचरा ठीक से न फेंकने पर नागरिकों पर जुर्माना लग सकता है

राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की सफ़ाई के मामले में नगर निगम के काम-काज पर असंतोष जताया। कोर्ट ने कुछ ऐसे कदम उठाने का सुझाव दिया, जिनमें उन नागरिकों पर जुर्माना लगाना भी शामिल है, जिन्होंने अपने इलाके से कचरा हटवाने की अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं की।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की डिवीज़न बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में यह तर्क दिया गया कि नगर निगम द्वारा भर्ती किए गए लगभग 8000 सफ़ाई कर्मचारियों के मुकाबले, ज़मीनी स्तर पर बहुत कम लोग ही काम कर रहे हैं।आरोप...

YS Vivekananda Reddy Murder | सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की जमानत को चुनौती देने और CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कीं
YS Vivekananda Reddy Murder | सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की जमानत को चुनौती देने और CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कीं

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद वाई एस विवेकानंद रेड्डी की बेटी डॉ. सुनीता नर्रेड्डी द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह को खारिज किया। इन याचिकाओं में उन्होंने अपने पिता की हत्या की CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से आगे की जांच कराने का निर्देश देने और YSR कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को दी गई अग्रिम जमानत, साथ ही अन्य आरोपियों को मिली जमानत को चुनौती दी थी।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने इन याचिकाओं को तब खारिज कर दिया, जब CBI ने यह बताया कि मंगलवार को एक पूरक...

हिंदी-भाषी क्षेत्रों से बाहर नवोदय स्कूलों में क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी का इस्तेमाल: तमिलनाडु के विरोध पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
हिंदी-भाषी क्षेत्रों से बाहर नवोदय स्कूलों में क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी का इस्तेमाल: तमिलनाडु के विरोध पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हिंदी न बोलने वाले क्षेत्रों में जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) में पढ़ाई का माध्यम मुख्य रूप से क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी होता है। यह जवाब तमिलनाडु की उन चिंताओं के संदर्भ में दिया गया, जिनमें कहा गया कि यह योजना उसकी वैधानिक 'दो-भाषा नीति' के अनुरूप नहीं है।नवोदय स्कूलों में अपनाए जाने वाले भाषा पैटर्न को स्पष्ट करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि हिंदी न बोलने वाले क्षेत्रों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई का माध्यम क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी होता है। उच्च...

पहली नज़र में IPC की धारा 153-A के तहत कोई अपराध नहीं: मस्जिद गिराने की रिपोर्ट के मामले में सिद्धार्थ वर्दराजन को राहत
पहली नज़र में IPC की धारा 153-A के तहत कोई अपराध नहीं: मस्जिद गिराने की रिपोर्ट के मामले में सिद्धार्थ वर्दराजन को राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल 'The Wire' के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ बाराबंकी ज़िले में 2021 में दर्ज FIR के सिलसिले में आगे की आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई।इस FIR में, जिसमें इस प्लेटफॉर्म से जुड़े एक कैमरामैन और एक एंकर को भी आरोपी बनाया गया, आरोप लगाया गया कि 'The Wire' ने बाराबंकी में रामसनेही मस्जिद को गिराए जाने पर एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री प्रकाशित करके समाज में वैमनस्य फैलाया और इस तरह सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ा।आरोपियों पर जून 2021 में IPC...

ज़िला जजों की नियुक्तियां: रेजनिस बनाम दीपा फ़ैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बहाली और सीनियरिटी के लिए निर्देश जारी किए
ज़िला जजों की नियुक्तियां: 'रेजनिस बनाम दीपा' फ़ैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बहाली और सीनियरिटी के लिए निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ज़िला जजों की नियुक्ति और सीनियरिटी के संबंध में कई निर्देश जारी किए। ये निर्देश पिछले साल के संविधान पीठ के फ़ैसले 'रेजनिस केवी बनाम के दीपा' के आधार पर दिए गए, जिसमें यह तय किया गया कि जिन सिविल जजों के पास बार (वकालत) में सात साल का अनुभव है, वे ज़िला जज के तौर पर सीधी भर्ती के लिए योग्य हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की तीन-जजों की पीठ ने ये निर्देश जारी किए।कुछ सिविल जज, जिन्हें सीधे ज़िला जज के तौर पर भर्ती...

बहुत ज़्यादा जोश में की गई जांच अभियोजन पक्ष के लिए घातक, जनता की सोच पर बना केस अक्सर गड़बड़ हो जाता है: सुप्रीम कोर्ट
बहुत ज़्यादा जोश में की गई जांच अभियोजन पक्ष के लिए घातक, जनता की सोच पर बना केस अक्सर गड़बड़ हो जाता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि बहुत ज़्यादा जोश में की गई जांच अभियोजन पक्ष के लिए उतनी ही नुकसानदायक हो सकती है, जितनी कि सुस्त जांच। कोर्ट ने कहा कि जनता की सोच और जांच अधिकारियों की अपनी पसंद-नापसंद पर बने केस अक्सर ढह जाते हैं, जिससे बेकसूर लोगों के फँसने का खतरा रहता है, जबकि असली अपराधी बच निकलता है।कोर्ट ने यह टिप्पणी एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें घर में आग लगने से एक दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। इस मामले में उनके बेटे और बहू पर हत्या का आरोप लगाया गया, जिसका मुख्य आधार कथित...

ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया
ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 2019 में जारी किए गए नोटिस से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तलब किया।बता दें, BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत के बाद MHA ने 29 अप्रैल, 2019 को गांधी से उनकी नागरिकता के संबंध में "तथ्यात्मक स्थिति" बताने को कहा था। अपनी 2015 की शिकायत में डॉ. स्वामी ने आरोप लगाया कि गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं।जस्टिस राजीव सिंह की बेंच ने कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदस्य एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका पर...

प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार एक वैध अपेक्षा, शादी के आधार पर हुआ ट्रांसफर इसे खत्म नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार एक वैध अपेक्षा, शादी के आधार पर हुआ ट्रांसफर इसे खत्म नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी कर्मचारी का प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार एक वैध अपेक्षा है, जिसे सिर्फ इसलिए खत्म नहीं किया जा सकता कि किसी दूसरे कर्मचारी का ट्रांसफर शादी के आधार पर उस पद पर कर दिया गया।कोर्ट ने आगे स्पष्ट किया कि प्रशासनिक ट्रांसफर का इस्तेमाल इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए जिससे किसी कर्मचारी की करियर में आगे बढ़ने की वैध अपेक्षा खत्म हो जाए।चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस बिपिन सी. नेगी की एक डिवीज़न बेंच ने टिप्पणी की:"प्रमोशन के लिए विचार...

रिश्तेदार को घर से निकालने के लिए सीनियर सिटिज़न का आवेदन, बिना किसी आर्थिक मदद की मांग के भी मान्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
'रिश्तेदार को घर से निकालने के लिए सीनियर सिटिज़न का आवेदन, बिना किसी आर्थिक मदद की मांग के भी मान्य': बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी सीनियर सिटिज़न द्वारा अपने बच्चे या रिश्तेदार को उस प्रॉपर्टी से निकालने के लिए दायर किया गया आवेदन मान्य है, जिसमें सीनियर सिटिज़न का अधिकार है, भले ही उसने किसी आर्थिक मदद की मांग न की हो। कोर्ट ने कहा कि 'माता-पिता और सीनियर सिटिज़न के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत "भरण-पोषण" की परिभाषा में सीनियर सिटिज़न के लिए एक सामान्य और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए ज़रूरी रहने की जगह और सुरक्षा का प्रावधान भी शामिल है।जस्टिस एन. जे. जमादार भोलेनाथ मेवालाल...

रिश्वतखोरी के दोषी सरकारी कर्मचारी को सिर्फ इसलिए बरी नहीं किया जा सकता कि सह-आरोपी को साज़िश साबित न होने पर बरी किया गया: सुप्रीम कोर्ट
रिश्वतखोरी के दोषी सरकारी कर्मचारी को सिर्फ इसलिए बरी नहीं किया जा सकता कि सह-आरोपी को साज़िश साबित न होने पर बरी किया गया: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जो सरकारी कर्मचारी खुद रिश्वत मांगता है और स्वीकार करता है, उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PC Act) के तहत दोषी ठहराया जा सकता है, भले ही आपराधिक साज़िश का आरोप साबित न हो और सह-आरोपी बरी हो जाए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने एक इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की रिहाई का आदेश रद्द किया। राजस्थान हाईकोर्ट ने उसे सिर्फ इसलिए बरी किया, क्योंकि सह-आरोपी बरी हो गया और IPC की धारा 120B के तहत साज़िश के आरोप हटा दिए गए।कोर्ट ने कहा कि भले ही साज़िश...

मुंबई सेशंस कोर्ट ने Amazon Seller Services के डायरेक्टर्स के खिलाफ प्लेटफॉर्म पर अबॉर्शन पिल्स बेचने के मामले में रद्द की कार्रवाई
मुंबई सेशंस कोर्ट ने Amazon Seller Services के डायरेक्टर्स के खिलाफ प्लेटफॉर्म पर अबॉर्शन पिल्स बेचने के मामले में रद्द की कार्रवाई

Amazon Seller Services के डायरेक्टर्स को राहत देते हुए मुंबई सेशंस कोर्ट ने हाल ही में मजिस्ट्रेट आदेश रद्द किया, जिसमें Amazon के पोर्टल - amazon.com पर 'बैन' अबॉर्शन पिल्स बेचने से जुड़े एक मामले में डायरेक्टर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया था।एडिशनल सेशंस जज मुजीबोद्दीन शेख बेंगलुरु के रहने वाले कंदुला राव और नूरीलामिन पटेल द्वारा दायर रिवीजन अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। इस अर्जी में उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का...

चेक बाउंस के सभी मामलों को आरोपी को नोटिस मिलने के बाद मीडिएशन के लिए भेजा जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
चेक बाउंस के सभी मामलों को आरोपी को नोटिस मिलने के बाद मीडिएशन के लिए भेजा जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) के तहत चेक बाउंस के सभी मामलों में ट्रायल कोर्ट को आरोपी को नोटिस मिलने के तुरंत बाद मामलों को मीडिएशन के लिए भेजना चाहिए। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे विवाद मुख्य रूप से मुआवज़े से जुड़े होते हैं और बातचीत से सुलझाने पर बेहतर तरीके से हल हो जाते हैं।कोर्ट ने कहा कि NI Act के मामलों को देखने वाले हर ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट को ऐसे विवादों को सक्रिय रूप से मीडिएशन के लिए भेजना चाहिए, जब तक कि...

Liquor Policy Case: केजरीवाल का हाईकोर्ट चीफ़ जस्टिस को पत्र, CBI की चुनौती को दूसरे जज को ट्रांसफर करने की मांग
Liquor Policy Case: केजरीवाल का हाईकोर्ट चीफ़ जस्टिस को पत्र, CBI की चुनौती को दूसरे जज को ट्रांसफर करने की मांग

AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस को पत्र लिखकर CBI के आबकारी नीति मामले को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से हटाकर किसी दूसरी बेंच को सौंपने की मांग की।AAP सुप्रीमो ने CBI की उस आपराधिक याचिका को ट्रांसफ़र करने की मांग की, जिसमें इस मामले में उन्हें बरी किए जाने के फ़ैसले को चुनौती दी गई।इस मामले में केजरीवाल भी एक प्रतिवादी हैं।यह मामला 9 मार्च को जस्टिस शर्मा के सामने सुनवाई के लिए आया था। उन्होंने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की उस याचिका पर नोटिस जारी किया,...

रांची ऑफिस में आरोपी पर कथित हमले को लेकर ED अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज: हाईकोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश
रांची ऑफिस में आरोपी पर कथित हमले को लेकर ED अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज: हाईकोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश

झारखंड हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। साथ ही यह निर्देश दिया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया जाए। यह मामला पेयजल घोटाले के एक आरोपी से पूछताछ के दौरान ED के रांची जोनल ऑफिस में हुई एक घटना से जुड़े आरोपों से संबंधित है।इससे पहले, हाईकोर्ट ने जांच पर रोक लगाई थी। उस चरण में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की यह दलील दर्ज की थी कि 15 जनवरी, 2026 को सुबह लगभग 6:00 बजे, देर...