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MLA/MLC को पेंशन देने वाले कानून को चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा यूपी सरकार से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने NGO 'लोक प्रहरी' की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मौजूदा और पूर्व MLA/MLC को भत्ते, अन्य लाभ और पेंशन देने वाले प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ़्ते में जवाब मांगा।'लोक प्रहरी' ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल (सदस्यों के वेतन-भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली उनकी PIL (जनहित...
बिना बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कोई वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता, राजस्थान हाईकोर्ट ने फर्जी वकील पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना बार काउंसिल में पंजीकरण के खुद को वकील बताकर अदालतों में पेश होने वाले एक व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत आरोप है। यह धारा प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी करने से संबंधित है।जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति तब तक वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता या खुद को वकील नहीं बता सकता, जब तक वह एडवोकेट अधिनियम 961 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य की बार काउंसिल में...
काला हिरण अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं, सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र भी नहीं मिला: निर्माता ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' फिलहाल रिलीज के लिए तैयार नहीं है। फिल्म के निर्माता ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि फिल्म की सामग्री को अभी सेंसर बोर्ड से प्रमाणित नहीं किया गया।जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान निर्माता की ओर से पेश वकील ने कहा कि फिल्म अभी ऐसी स्थिति में नहीं है कि उसे रिलीज किया जा...
जवाबदेही तय नहीं हुई तो पेपरलेस कोर्ट का सपना कागजों पर ही रहेगा, राजस्थान हाईकोर्ट ने दस्तावेज अपलोड में लापरवाही पर जताई नाराजगी
राजस्थान हाईकोर्ट ने मुकदमों की फाइलों को डिजिटल करने और दस्तावेजों को पेपरलेस मॉड्यूल पर अपलोड करने में बरती जा रही सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं होने से पेपरलेस तरीके से काम कर रही अदालतों को परेशानी होती है और पेपरलेस कोर्ट की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित होता है। पीठ ने कहा कि 2 नवंबर 2020 को रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी स्थायी आदेश में अब उचित संशोधन की जरूरत है। यह आदेश फिलहाल आपराधिक...
NLSIU ने दीक्षांत रद्द करने का फैसला वापस लिया, 17 अक्टूबर को होगा समारोह
बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) अब अपना 34वां वार्षिक दीक्षांत समारोह 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित करेगी। विश्वविद्यालय ने 9 सितंबर को स्नातक छात्रों को भेजे ईमेल में यह जानकारी दी।विश्वविद्यालय के मुताबिक समारोह आयोजित करने का फैसला 9 सितंबर को हुई कार्यकारी परिषद की 107वीं बैठक और सामान्य परिषद की 40वीं बैठक में लिया गया। दोनों बैठकों की अध्यक्षता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में की।यह फैसला विश्वविद्यालय के 27 अगस्त के उस संचार के...
BREAKING| पंजाब-हरियाणा हरियाणा ने Income Tax Act की धारा 147ए को असंवैधानिक करार दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax) की नई सम्मिलित धारा 147ए रद्द की, जो पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही में क्षेत्राधिकार मूल्यांकन अधिकारी (जेएओ) की भूमिका को पूर्वव्यापी रूप से स्पष्ट करती है।जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस रूपिंदरजीत चहल की बेंच ने यह फैसला सुनाया।बता दें, धारा 147ए को 1 अप्रैल, 2021 से पूर्वव्यापी प्रभाव से पेश किया गया था। यह प्रावधान करता है कि धारा 148 और 148ए के प्रयोजनों के लिए अभिव्यक्ति "आकलन अधिकारी" का अर्थ राष्ट्रीय फेसलेस मूल्यांकन केंद्र के अलावा...
बिना सत्यापन हमला करना सही नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने सौरव दास-अशुतोष रांका से गौरव भाटिया पर पोस्ट हटाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और अशुतोष रांका से भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और सीनियर वकील गौरव भाटिया के खिलाफ किए गए सोशल मीडिया पोस्ट खुद हटाने पर विचार करने को कहा।कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि बिना वेरिफिकेशन किसी पर इस तरह हमला करना सही नहीं है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल पोस्ट हटाने का आदेश जारी करने के बजाय दोनों नेताओं से इस बारे में निर्देश लेने को कहा। जस्टिस तुषार राव गेडेला भाटिया की मानहानि याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में...
1993 मुंबई धमाकों के दोषी अबू सलेम को समय से पहले रिहाई नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 मुंबई सिलसिलेवार धमाकों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। सलेम ने दावा किया था कि जेल में अच्छे आचरण के लिए मिली छूट और विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बिताई अवधि को भारत के पुर्तगाल को दिए प्रत्यर्पण आश्वासन के तहत 25 साल की अधिकतम कैद की अवधि में शामिल किया जाना चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाया।सलेम की ओर से सीनियर वकील ऋषि मल्होत्रा ने दलील दी थी कि...
माता-पिता की वास्तविक चिंता भी व्यस्क व्यक्ति के जीवनसाथी चुनने के अधिकार से ऊपर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता की सच्ची चिंता भी संविधान से सुरक्षित बालिग व्यक्ति की जीवनसाथी चुनने की आज़ादी से ऊपर नहीं हो सकती।कोर्ट ने कहा कि अपना साथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सम्मान का एक हिस्सा है।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने व्यस्क महिला से जुड़ी 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। महिला ने दावा किया था कि उसने अपनी मर्ज़ी से अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी की है और वह उसकी पत्नी के तौर पर...
डेडवुड बताकर अधिकारी को समय से पहले रिटायर करना गलत, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 15 लाख मुआवजा और सम्मान से विदाई का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भारतीय व्यापार सेवा अधिकारी को समय से पहले अनिवार्य रिटायरमेंट देने का आदेश रद्द करते हुए केंद्र सरकार को उन्हें 15 लाख रुपये देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बेदाग सेवा रिकॉर्ड और लगातार उत्कृष्ट मूल्यांकन वाले अधिकारी को बिना किसी नए प्रतिकूल रिकॉर्ड के अचानक डेडवुड या संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाला अधिकारी नहीं बताया जा सकता।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने अधिकारी को प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए 9 लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के लिए 6 लाख रुपये देने का...
जिला जज को हाईकोर्ट का 'शो-कॉज़ नोटिस': सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट में ही करें अपील
सुप्रीम कोर्ट ने सिक्किम के एक मौजूदा ज़िला जज की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में उन्हें जारी किए गए 'शो-कॉज़ नोटिस' को चुनौती दी गई थी। यह नोटिस कथित तौर पर हाईकोर्ट के जज (जो अब रिटायर हो चुके हैं) के ख़िलाफ़ उनकी शिकायत के बाद जारी किया गया।हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ता-जज प्रज्वल खतिवाड़ा को सिक्किम हाई कोर्ट जाने की छूट दी।सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनोज गोयल ने...
जीवंत लोकतंत्र में न्यायपालिका की रचनात्मक आलोचना ज़रूरी, लेकिन इसे सही मंच पर ही उठाया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक संस्था के तौर पर न्यायपालिका की आलोचना हो सकती है और न्यायिक कामकाज की निष्पक्ष, जानकारीपूर्ण और रचनात्मक आलोचना एक जीवंत संवैधानिक लोकतंत्र की जायज़ और ज़रूरी विशेषता है।हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि ऐसी आलोचना सही मंच और निष्पक्ष, तर्कसंगत तरीके से की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बिना पुष्टि वाली आलोचना बच्चों के लिए बने स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं की जानी चाहिए।कोर्ट ने...
फैमिली कोर्ट ने पत्नी को याद दिलाए 'पवित्र कर्तव्य', बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- 'पिछड़ी सोच वाली टिप्पणी', की आलोचना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पुणे फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी के पति के प्रति तथाकथित 'पवित्र कर्तव्यों' पर उपदेश देने और नाबालिग लड़के की कस्टडी उसके पिता को सौंपने के फैसले पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि जजों को टिप्पणियां करते समय 'सावधान' रहना चाहिए और किसी भी 'गैर-जरूरी' या 'असंगत' टिप्पणी से बचना चाहिए।बता दें, फैमिली कोर्ट के जज गणेश घुले ने 16 मई को आदेश पारित कर नाबालिग लड़के की कस्टडी उसके पिता को सौंप दी थी। उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि अगर कोई महिला अपने पति के प्रति इन 'पवित्र...
Partnership Act | पार्टनरशिप खत्म होने की तारीख पर नहीं, बल्कि असेसमेंट की तारीख पर तय होगा पार्टनर का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (9 सितंबर) को कहा कि जब पार्टनरशिप खत्म होती है तो पार्टनरशिप की बची हुई संपत्ति में अपने हिस्से को पाने का पार्टनर का अधिकार, पार्टनरशिप खत्म होने की तारीख पर ही तय नहीं हो जाता। इसके बजाय, पार्टनर को पार्टनरशिप की संपत्ति की असल वैल्यूएशन की तारीख पर संपत्ति की वैल्यू के आधार पर अपना हिस्सा पाने का हक है।जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें हैदराबाद में 3.27 एकड़ ज़मीन की मालिक पार्टनरशिप फर्म को पार्टनर ने खत्म करने...
RTI Act: किसी तीसरे पक्ष की प्राइवेसी का मामला न हो तो बचाव के लिए मांगी गई जांच की जानकारी देने से मना नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच ने कहा कि RTI Act की धारा 8(1)(c) और 8(1)(j) के तहत जानकारी देने से मना करना तब सही नहीं है, जब मांगी गई जानकारी याचिकाकर्ता की अपनी विभागीय जांच से जुड़ी हो और बचाव के लिए मांगी गई हो, और इसमें किसी तीसरे पक्ष की प्राइवेसी का मामला न हो।पृष्ठभूमि की जानकारीयाचिकाकर्ता जांजगीर के फैमिली कोर्ट में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। कुछ आरोपों के चलते याचिकाकर्ता के खिलाफ दो विभागीय जांच शुरू की गईं। उस पर गलत व्यवहार के सात आरोप लगाए गए।...
दिल्ली PG हादसा: कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक के बेटे और अन्य को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
सत्य निकेतन PG हादसे के मामले में दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता और दो अन्य लोगों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।यह आदेश पटियाला हाउस कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कौतुक भारद्वाज ने दिया।पुलिस कस्टडी में भेजे गए अन्य दो लोगों में PG ऑपरेटर सुधांशु और बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर सानोज शामिल हैं।दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी।गौरतलब है कि 7 सितंबर को बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला को इस मामले...
बुराड़ी में खराब सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर वकील की अर्ज़ी पर NGT ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रिंसिपल बेंच ने दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाले वकील की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया। इस अर्ज़ी में इलाके के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में "लगातार और गंभीर पर्यावरणीय नुकसान" को ठीक करने के लिए तुरंत निर्देश देने की मांग की गई।चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. अफ़रोज़ अहमद की बेंच ने निर्देश दिया:"प्रतिवादियों (Respondents) को नोटिस जारी करें। आवेदक को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रतिवादियों को नोटिस पहुंचाए और अगली सुनवाई की तारीख से कम-से-कम एक...
सीरिया युद्ध साज़िश का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 6 साल जेल में रहने वाले आरोपी को दी 10 दिन की अंतरिम ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने सीरिया सरकार के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साज़िश में शामिल होने के आरोपी व्यक्ति को 10 दिन की अंतरिम ज़मानत दी। कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि वह 5 साल और 11 महीने से जेल में है और उसके भाई की सर्जरी होनी है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने उसे अंतरिम राहत इस आधार पर दी कि याचिकाकर्ता अपनी माँ और सुनने में अक्षम बच्चे के साथ रहना चाहता था, जबकि उनकी देखभाल करने वाले उसके भाई की सर्जरी होनी है।कोर्ट ने कहा,"हकीकत यह है कि बच्चा काफी समय से...
FSSAI का 'दो या उससे ज़्यादा' न्यूट्रिएंट वाला चेतावनी लेबल नियम वैज्ञानिक नहीं: याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) में याचिकाकर्ताओं ने FSSAI के उस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई, जिसके तहत शुरुआत में चेतावनी लेबल सिर्फ़ उन पैक्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स पर लगाने की बात कही गई, जिनमें बताए गए न्यूट्रिएंट्स (चीनी, नमक और फ़ैट) में से दो या उससे ज़्यादा की मात्रा ज़्यादा हो।सुप्रीम कोर्ट में दायर जवाब में 3S और 'आवर हेल्थ सोसाइटी' ने तर्क दिया कि अगर किसी प्रोडक्ट में इनमें से सिर्फ़ एक न्यूट्रिएंट भी बहुत ज़्यादा मात्रा में हो तो उस पर चेतावनी होनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रस्तावित...
कानून में 'मैरिटल रेप एक्सेप्शन' होने के बावजूद पति पर पत्नी के साथ रेप का केस कैसे चलाया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट का सवाल
IPC/BNS के तहत 'मैरिटल रेप एक्सेप्शन' (शादी के दौरान रेप से छूट) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या कोर्ट इस छूट की संवैधानिक वैधता पर फैसला आने तक किसी पति पर अपनी पत्नी के साथ 'रेप' का केस चला सकती है।कोर्ट ने यह सवाल कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के संदर्भ में उठाया, जिसमें कहा गया कि यह छूट पूरी तरह से लागू नहीं होती है, और जो पति अपनी पत्नी के साथ बिना उसकी मर्जी के सेक्स करता है, उस पर IPC की धारा 376 के तहत केस चलाया जा सकता है।जस्टिस जॉयमाल्य...




















