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अनिल अंबानी-रिपब्लिक टीवी विवाद सुलझने की उम्मीद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपसी समाधान पर दिया जोर
अनिल अंबानी-रिपब्लिक टीवी विवाद सुलझने की उम्मीद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपसी समाधान पर दिया जोर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के बीच चल रहे मानहानि विवाद को लेकर उम्मीद जताई कि मामला आपसी सहमति से सुलझ सकता है। कोर्ट ने चैनल से यह भी कहा कि वह अंबानी द्वारा चिन्हित कथित आपत्तिजनक सामग्री पर विचार करे।जस्टिस आरिफ डॉक्टर की पीठ अनिल अंबानी द्वारा रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में चल रही जांचों को लेकर चैनल की रिपोर्टिंग को आपत्तिजनक बताया गया है।सुनवाई के...

समझौते के आधार पर साइबर क्राइम खत्म नहीं किए जा सकते, ये समाज पर व्यापक असर डालते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
समझौते के आधार पर साइबर क्राइम खत्म नहीं किए जा सकते, ये समाज पर व्यापक असर डालते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध केवल दो व्यक्तियों के बीच का निजी विवाद नहीं होते बल्कि ये पूरे डिजिटल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में लोगों के भरोसे को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों को केवल समझौते के आधार पर खत्म करना साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए बनाए गए कानूनों के उद्देश्य को कमजोर करेगा।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की। याचिका में आरोपी ने पक्षों के बीच समझौता होने का हवाला देते हुए FIR रद्द करने की मांग की थी।मामले में आरोप था कि आरोपी ने...

बिना कारण अलग रहने की बात कहने पर आपसी सहमति से तलाक ठुकराया नहीं जा सकता : केरल हाईकोर्ट
बिना कारण अलग रहने की बात कहने पर आपसी सहमति से तलाक ठुकराया नहीं जा सकता : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर आपसी सहमति से तलाक की याचिका खारिज नहीं की जा सकती कि पति-पत्नी ने अलग रहने का कोई कारण नहीं बताया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष विवाह समाप्त करने पर सहमत हैं, तो फैमिली कोर्ट को तलाक देने से इनकार नहीं करना चाहिए।जस्टिस जे. निशा बानू और जस्टिस शोभा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसने आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिका खारिज की थी।मामले में दंपति का विवाह मई, 2023 में रोमन कैथोलिक रीति-रिवाज से...

धर्मांतरण मामले में आरोपी को राहत नहीं, एमपी हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
धर्मांतरण मामले में आरोपी को राहत नहीं, एमपी हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित धर्मांतरण मामले में आरोपी हेमराज टेलर के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता के नाबालिग बेटे के बयान समेत रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करती है।जस्टिस संदीप एन भट्टी की पीठ ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। ऐसे में FIR के आधार पर चल रही कार्यवाही को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं माना जा...

हाईकोर्ट का जोधपुर एयर फ़ोर्स और सेना के ठिकानों के पास बनी अवैध इमारतों को गिराने का निर्देश
हाईकोर्ट का जोधपुर एयर फ़ोर्स और सेना के ठिकानों के पास बनी अवैध इमारतों को गिराने का निर्देश

जोधपुर में भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के ठिकानों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच ने राय दी कि याचिका में राष्ट्रीय महत्व के सवाल उठाए गए। इन दोनों संगठनों के क्षेत्रों के आस-पास निर्माण के लिए दी गई सभी अनुमतियाँ रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं/दिशानिर्देशों के सख्त अनुसार...

हो सकता है मेरे साथ धोखा हुआ हो: अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, याचिकाकर्ता ने बैंक धोखाधड़ी मामले में उनकी गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया
'हो सकता है मेरे साथ धोखा हुआ हो': अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, याचिकाकर्ता ने बैंक धोखाधड़ी मामले में उनकी गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की, जिसमें अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनियों द्वारा कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के लोन धोखाधड़ी की जांच की मांग की गई। इस दौरान, अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि “हो सकता है” अधिकारियों ने उनके साथ धोखा किया हो। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने सवाल उठाया कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में गंभीर आरोप होने के बावजूद अंबानी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI)...

राजस्थान हाई कोर्ट ने NDPS मामलों में बिना सोचे-समझे की जाने वाली कानूनी कार्रवाई पर उठाए सवाल
राजस्थान हाई कोर्ट ने NDPS मामलों में बिना सोचे-समझे की जाने वाली कानूनी कार्रवाई पर उठाए सवाल

NDPS Act के तहत आरोपी को ज़मानत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आरोपी को बिना किसी बरामदगी के सिर्फ़ मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर फंसाया गया। मुख्य आरोपी से ही नशीले पदार्थ बरामद हुए।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने "किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ चार्जशीट की सिफ़ारिश करने से पहले अभियोजन पक्ष की सलाह देने वाली प्रक्रिया में हुई कमी" को उजागर किया।कोर्ट ने राय दी कि किसी भी व्यक्ति को ट्रायल के लिए आगे भेजने हेतु सबूतों में कमी या अपर्याप्तता हो सकती है> इसलिए...

उपभोक्ताओं से उस अवधि के लिए मूल्यह्रास नहीं वसूला जा सकता, जिस दौरान उन्हें बिजली की सप्लाई न की गई: सुप्रीम कोर्ट
उपभोक्ताओं से उस अवधि के लिए मूल्यह्रास नहीं वसूला जा सकता, जिस दौरान उन्हें बिजली की सप्लाई न की गई: सुप्रीम कोर्ट

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (7 मई) को यह टिप्पणी की कि बिजली उपभोक्ताओं पर उस पावर प्लांट के डेप्रिसिएशन की लागत चुकाने का बोझ नहीं डाला जा सकता, जिससे उन्हें अब बिजली की सप्लाई नहीं मिल रही है; भले ही उस एसेट (संपत्ति) की तकनीकी उपयोगिता अवधि अभी बाकी हो।जस्टिस पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने टिप्पणी की,"...यह स्वीकार्य है कि मार्च 2018 के बाद उपभोक्ताओं को बिजली की सप्लाई नहीं की गई। उपभोक्ताओं से ऐसी सेवा के लिए भुगतान करने की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: DRI अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण कमर्शियल मात्रा में हेरोइन का मामला गिर गया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: DRI अधिकारियों की "घोर लापरवाही" के कारण कमर्शियल मात्रा में हेरोइन का मामला गिर गया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2012 के हेरोइन बरामदगी मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। इस मामले में कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल थे। कोर्ट ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अभियोजन पक्ष को संभालने में "घोर लापरवाही" और "लापरवाह रवैया" करार दिया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने मई 2012 में सिंघु बॉर्डर के पास किलोग्राम हेरोइन की कथित बरामदगी के सिलसिले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) की धारा 21(c) के तहत सुनील शर्मा पर लगाए गए दोषसिद्धि...

करियर की शुरुआत में ज्यूडिशियल सर्विस में नहीं गए, क्योंकि एक जज ने सलाह दी थी, बार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है: CJI सूर्यकांत ने किया याद
करियर की शुरुआत में ज्यूडिशियल सर्विस में नहीं गए, क्योंकि एक जज ने सलाह दी थी, "बार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है": CJI सूर्यकांत ने किया याद

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत का एक निजी पल देखने को मिला। उन्होंने बताया कि कैसे एक सीनियर हाईकोर्ट जज ने उनके करियर की शुरुआत में उन्हें ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल न होने की सलाह दी थी। इसके बजाय उन्हें वकालत करने के लिए प्रोत्साहित किया था, यह कहते हुए कि "बार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है।"CJI ने यह किस्सा दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान सुनाया। एडवोकेट प्रेरणा गुप्ता, जो खुद पेश हुईं, ने परीक्षा के अंकों में कथित बदलाव...

मंत्री विजय शाह शायद कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ़ करना चाहते थे, लेकिन कुछ और ही कह बैठे: सुप्रीम कोर्ट में एसजी की दलील
मंत्री विजय शाह शायद कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ़ करना चाहते थे, लेकिन कुछ और ही कह बैठे: सुप्रीम कोर्ट में एसजी की दलील

सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश की कि मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह के ख़िलाफ़ कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक मामले में थोड़ी नरमी बरती जाए।सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शायद मंत्री का इरादा अधिकारी की तारीफ़ करने का था, लेकिन वह अपनी बात ठीक से कह नहीं पाए और कुछ और ही कह बैठे। उन्होंने आगे कहा कि वह मंत्री के बयानों का बचाव नहीं कर रहे हैं, जिन्हें "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया गया।एसजी ने साफ़ किया कि यह उनका निजी...

Lakhimpur Kheri Case : सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की गवाही न होने पर निराशा जताई, ट्रायल जज से उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा
Lakhimpur Kheri Case : सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की गवाही न होने पर निराशा जताई, ट्रायल जज से उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में ट्रायल की धीमी गति पर निराशा जताई, खासकर पिछले दो महीनों से गवाहों को गवाही के लिए पेश न किए जाने पर। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाए और साथ ही गवाह सुरक्षा योजना का भी पालन सुनिश्चित करे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आशीष मिश्रा पर...

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, कहा- सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, कहा- सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य

पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है और प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है।जस्टिस रविंद्र जोशी ने आरोपी चेतन परधी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि वह उस संगठित गिरोह का सदस्य था, जिसने बाबा सिद्दीकी की हत्या की...

शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट
शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने थरूर की ओर से दायर व्यक्तित्व अधिकार संरक्षण याचिका और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए कहा, “प्रार्थना पत्र की प्रार्थना 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' के अनुरूप आदेश पारित किए जाएंगे।”थरूर की ओर से सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि मामले में तीन विशेष डीपफेक वीडियो हैं, जिनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कार्रवाई...

बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई पर जांच की मांग
बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई पर जांच की मांग

कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कथित चुनाव बाद हिंसा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में हॉग मार्केट और न्यू मार्केट इलाके में हुई कथित तोड़फोड़ तथा बुलडोजर कार्रवाई पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई।याचिका में आरोप लगाया गया कि मतगणना वाले दिन रात में हॉग मार्केट के पास फुटपाथ दुकानदारों के अस्थायी ढांचों को कुछ लोगों ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। दावा किया गया कि ये लोग भाजपा के झंडे लिए हुए थे और घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद...

संशोधित हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत बेटी को बराबरी का हक: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने बदली प्रारंभिक डिक्री
संशोधित हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत बेटी को बराबरी का हक: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने बदली प्रारंभिक डिक्री

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि संशोधित हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 6 के तहत बेटी को पैतृक संपत्ति में बेटे के बराबर अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभाजन वाद में अंतिम डिक्री की कार्यवाही लंबित है और संपत्ति का वास्तविक बंटवारा नहीं हुआ है, तो प्रारंभिक डिक्री में संशोधन किया जा सकता है।जस्टिस रवि नाथ तिलहरी और जस्टिस बालाजी मेडामल्ली की खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2005 में संशोधित धारा 6 के अनुसार बेटी भी सहभाजक संपत्ति में बेटे के समान अधिकार...

गुजरात यूनिट के Instagram और Facebook अकाउंट सस्पेंड किए जाने को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने AAP की याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
गुजरात यूनिट के Instagram और Facebook अकाउंट सस्पेंड किए जाने को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने AAP की याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात यूनिट के Instagram हैंडल "@aapgujarat" और उसके Facebook पेज को सस्पेंड किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया और इसे इसी तरह के मुद्दों से जुड़ी दूसरी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।कोर्ट ने इसे "सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर, इंडिया बनाम भारत संघ" मामले के साथ जोड़ा। यह जनहित याचिका (PIL) है, जिसमें यूज़र को बिना नोटिस दिए सोशल मीडिया अकाउंट या पोस्ट ब्लॉक...

S.294 CrPC | आरोपी चार्जशीट का हिस्सा बन चुके दस्तावेज़ों को बिना हस्ताक्षर के औपचारिक सबूत के भी पेश कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
S.294 CrPC | आरोपी चार्जशीट का हिस्सा बन चुके दस्तावेज़ों को बिना हस्ताक्षर के औपचारिक सबूत के भी पेश कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब कोई आरोपी बचाव पक्ष की ओर से कुछ ऐसे दस्तावेज़ पेश करना चाहता है, जो पहले से ही चार्जशीट और अभियोजन पक्ष के रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, तो उन्हें औपचारिक रूप से साबित करने की ज़रूरत नहीं होती। ऐसे दस्तावेज़ों को उन पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर साबित किए बिना भी सबूत के तौर पर पढ़ा जा सकता है।कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 294(3) का हवाला दिया। इस धारा के अनुसार, यदि किसी दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर कोई विवाद नहीं है तो उसे सबूत के तौर...