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GST सप्लाई पर टैक्स, मुनाफ़े पर नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने टैक्स की ज़िम्मेदारी गेम के बाद के नेट नतीजे पर होती है दलील क्यों खारिज की?
'GST सप्लाई पर टैक्स, मुनाफ़े पर नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने 'टैक्स की ज़िम्मेदारी गेम के बाद के नेट नतीजे पर होती है' दलील क्यों खारिज की?

यह मानते हुए कि गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) ऑनलाइन गेमिंग, फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स और वर्चुअल माहौल में खेले जाने वाले दूसरे ऐसे खेलों पर लागू होगा, जिनमें अनिश्चित नतीजों पर दांव लगाया जाता है, सुप्रीम कोर्ट ने एक और मुद्दे पर भी फ़ैसला दिया है। यह मुद्दा कसीनो द्वारा अपनी GST ज़िम्मेदारी तय करते समय इस्तेमाल किए जाने वाले 'ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू' (GGR) टैक्स मॉडल की सही होने से जुड़ा था।सुनवाई के दौरान, कसीनो की ओर से यह दलील दी गई कि GST सिर्फ़ 'ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू' (GGR) पर ही लगना चाहिए -...

सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत, बरी होने या सज़ा निलंबित होने पर कैदियों की उसी दिन/अगले दिन रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत, बरी होने या सज़ा निलंबित होने पर कैदियों की उसी दिन/अगले दिन रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशों का एक सेट जारी किया, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विचाराधीन कैदी और दोषी, अदालतों द्वारा उन्हें ज़मानत दिए जाने, उनकी सज़ा निलंबित किए जाने या उन्हें बरी किए जाने के बाद बिना किसी देरी के जेल से रिहा हो जाएं।यह मानते हुए कि अनुकूल न्यायिक आदेश मिलने के बावजूद कैदी अक्सर कई दिनों तक जेल में ही बंद रहते हैं, कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट्स को ऐसे आदेशों को सुनाने, उनकी जानकारी देने और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया।कोर्ट...

पिता बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में भेदभाव नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पिता बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में भेदभाव नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी की गुहार पर भरण-पोषण की रकम बढ़ाने का आदेश देते हुए कहा कि पिता को बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में भेदभाव करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया:"प्रतिवादी को बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में भेदभाव करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। अगर प्रतिवादी अपने बालिग बेटे की टेक्निकल पढ़ाई का काफ़ी खर्च उठा रहा है तो यह नाबालिग बेटी को उचित भरण-पोषण और पढ़ाई में मदद देने से मना करने का बहाना नहीं हो सकता।"पत्नी और नाबालिग...

सरकारी कर्मचारियों को ट्रांसफर या अटैचमेंट ऑर्डर के ज़रिए परेशान नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारियों को ट्रांसफर या अटैचमेंट ऑर्डर के ज़रिए परेशान नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्राम रोज़गार सहायक का ट्रांसफर ऑर्डर रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अटैचमेंट या सज़ा के तौर पर किए गए ट्रांसफर के ज़रिए परेशान नहीं किया जा सकता। अगर सरकार किसी कर्मचारी का ट्रांसफर प्रशासनिक कारणों से करना चाहती है तो सबसे अच्छा तरीका ट्रांसफर पॉलिसी का पालन करना है।जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने पाया कि शुरुआती जांच और उसके बाद आई जांच रिपोर्ट से यह साबित नहीं होता कि याचिकाकर्ता पर लगाए गए आरोप सही हैं।बेंच ने कहा, "इसलिए किसी भी कर्मचारी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य से कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की मौत को लेकर उठाए गए बचाव के कदमों की जानकारी मांगी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य से कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की मौत को लेकर उठाए गए बचाव के कदमों की जानकारी मांगी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कान्हा टाइगर रिज़र्व में बाघों की मौत के मामले में अधिकारियों द्वारा उठाए गए बचाव और इलाज के कदमों के बारे में विस्तृत जवाब मांगा।जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकार की डिवीज़न बेंच ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए यह टिप्पणी की:"प्रतिवादी कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की मौत के मामले में उनके द्वारा उठाए गए बचाव और इलाज के कदमों के बारे में अपनी जवाब के साथ विशिष्ट बयान देंगे, जिसे दो हफ़्तों के भीतर दाखिल किया जाना है। गर्मियों...

हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की
हाईकोर्ट ने नैनीताल मैदान में ईद की नमाज़ की इजाज़त देने के आदेश के खिलाफ राज्य की अपील खारिज की

उत्तराखंड हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच ने शुक्रवार को राज्य द्वारा दायर विशेष अपील को 'आगे न बढ़ाने' (not pressed) के आधार पर खारिज किया। इस अपील में सिंगल-जज के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नैनीताल के मशहूर जिमखाना और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) की नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी गई थी।जब 29 मई को चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई तो राज्य की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल BPS मेर ने बताया कि वे इस अपील...

POCSO आरोपी को सशर्त जमानत: राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर लगाया एक साल का बैन
POCSO आरोपी को सशर्त जमानत: राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर लगाया एक साल का बैन

POCSO आरोपी को ज़मानत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखी शर्त रखी है, जिसके तहत आरोपी 1 (एक) साल तक किसी भी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। यह शर्त पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने यह टिप्पणी की कि अगर इस दौरान आरोपी अपने असली नाम या किसी भी काल्पनिक नाम से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है तो उसकी ज़मानत रद्द कर दी जाएगी।मामले की पृष्ठभूमि यह है कि नाबालिग पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार...

बंटवारा कार्यवाही में मालिकाना हक का फैसला नहीं कर सकते राजस्व अधिकारी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
बंटवारा कार्यवाही में मालिकाना हक का फैसला नहीं कर सकते राजस्व अधिकारी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी बंटवारा कार्यवाही के दौरान भूमि के मालिकाना हक से जुड़े विवादों का निपटारा नहीं कर सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति राजस्व अभिलेखों में भूमिस्वामी के रूप में दर्ज नहीं है, लेकिन स्वयं को भूमि का सह-स्वामी या भूमिस्वामी बताता है, उसे अपने अधिकार की घोषणा के लिए सक्षम दीवानी अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा।जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने यह टिप्पणी याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें राजस्व मंडल और तहसीलदार के आदेशों को...

सिर्फ दीवानी विवाद लंबित होने से आपराधिक मुकदमा खत्म नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सिर्फ दीवानी विवाद लंबित होने से आपराधिक मुकदमा खत्म नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले के आरोप प्रथमदृष्टया आपराधिक अपराध का खुलासा करते हैं तो केवल इस आधार पर आरोपियों को राहत नहीं दी जा सकती कि पक्षकारों के बीच दीवानी विवाद भी लंबित है। अदालत ने कहा कि दीवानी और आपराधिक कार्यवाही साथ-साथ चल सकती हैं।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने यह टिप्पणी एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जिसमें कुछ आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी आरोपमुक्ति याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के इंडियन ऑयल...

गोल्ड मेडल विवाद: राजस्थान हाइकोर्ट ने NLU जोधपुर से छात्र की अंकतालिका जारी करने पर मांगी जानकारी
गोल्ड मेडल विवाद: राजस्थान हाइकोर्ट ने NLU जोधपुर से छात्र की अंकतालिका जारी करने पर मांगी जानकारी

राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 के 17वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से वंचित किए जाने का आरोप लगाने वाले एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) जोधपुर को छात्र की अंकतालिका जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश और जानकारी पूरी करने को कहा।जस्टिस संजीत पुरोहित की पीठ ने 22 मई को मामले की सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय को यह निर्देश दिया। अदालत ने मामले को जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि इस बीच विश्वविद्यालय छात्र की अंकतालिका जारी...

गरीबी जमानत के अधिकार में बाधा नहीं बन सकती, जमानतदार न मिलने पर आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
गरीबी जमानत के अधिकार में बाधा नहीं बन सकती, जमानतदार न मिलने पर आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी आरोपी को केवल इस वजह से अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता कि वह जमानतदारों की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि गरीबी किसी व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित नहीं कर सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने यह टिप्पणी करते हुए एक आरोपी के लिए लगाई गई दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त को निरस्त कर दिया और उसे बढ़े हुए निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया।मामला घर में घुसपैठ के एक आरोपी...

महिला के कपड़े पहनाकर आरोपी को बाजार में घुमाना गरिमा पर सीधा हमला: राजस्थान हाईकोर्ट
महिला के कपड़े पहनाकर आरोपी को बाजार में घुमाना गरिमा पर सीधा हमला: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी को कथित तौर पर महिला के कपड़े पहनाकर भीड़भाड़ वाले बाजार में घुमाने और उसका सिर मुंडवाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसी घटना मानव गरिमा और संवैधानिक नैतिकता के मूल सिद्धांतों पर सीधा प्रहार करती है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता के आरोप सही हैं तो उसके पास हर्जाना, मुआवजा या व्यक्तिगत क्षति से संबंधित कानूनी कार्यवाही शुरू करने का विकल्प खुला है।मामला एक धोखाधड़ी के आरोपी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि पुलिस...

बरी होने मात्र से पूरे बकाया वेतन का अधिकार नहीं मिलता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बरी होने मात्र से पूरे बकाया वेतन का अधिकार नहीं मिलता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में दोषसिद्धि के आधार पर सेवा से बर्खास्त किया गया हो और बाद में वह अपील में बरी हो जाए, तो केवल बरी होने के आधार पर उसे बर्खास्तगी की अवधि का पूरा बकाया वेतन पाने का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में "काम नहीं तो वेतन नहीं" का सिद्धांत लागू होगा।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने यह फैसला विद्युत मंडल के पूर्व कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए...

PM Modi से जुड़े कथित वीडियो मामले में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत से राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
PM Modi से जुड़े कथित वीडियो मामले में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत से राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लेखिका और सोशल एक्टिविस्ट मधु किश्वर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित वीडियो को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा होना बाकी है।जस्टिस अमन चौधरी ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित वीडियो भले ही पहले अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाला गया, लेकिन याचिकाकर्ता द्वारा अपनी टिप्पणियों के साथ उसे साझा किए जाने के बाद उसे लगभग 1.74 लाख...

आरक्षित फैसलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्टों के लिए जारी की बाध्यकारी गाइडलाइन
आरक्षित फैसलों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईकोर्टों के लिए जारी की बाध्यकारी गाइडलाइन

सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षित फैसलों को सुनाने में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए देश के सभी हाईकोर्टों के लिए नई बाध्यकारी गाइडलाइन जारी की।अदालत ने स्पष्ट किया कि फैसला सुरक्षित रखने के बाद अधिकतम तीन महीने के भीतर निर्णय सुनाना होगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि जमानत मामलों में आदेश उसी दिन सुनाया और अपलोड किया जाना चाहिए। यदि आदेश सुरक्षित रखा जाता है तो उसे अगले दिन सुनाना और वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई...