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26 जनवरी - गण के अधिकारों से कर्तव्यों तक26 जनवरी - गण के अधिकारों से कर्तव्यों तक

किसी देश का संविधान उसके नागरिकों का गौरव होता है। आप कल्पना करें यदि किसी राष्ट्र का संविधान न हो तो वहां का शासन कितना उच्छृंखल हो सकता है। जब हम भारतीय संविधान की बात करते हैं तो हम केवल वर्तमान...

न्याय दिलाने में कोर्ट की मदद करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य, सरकार निजी मुकदमेबाज की तरह व्यवहार नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्टन्याय दिलाने में कोर्ट की मदद करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य, सरकार निजी मुकदमेबाज की तरह व्यवहार नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार निजी मुकदमेबाज की तरह व्यवहार नहीं कर सकती और न्याय दिलाने में कोर्ट की मदद करना उसका (सरकार का) पवित्र एवं संवैधानिक दायित्व है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के एक...

पॉक्सो नियमों के तहत ट्रायल कोर्ट केवल मुआवजे की सिफारिश कर सकती है, राशि का निर्धारण नहीं कर सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट
पॉक्सो नियमों के तहत ट्रायल कोर्ट केवल मुआवजे की सिफारिश कर सकती है, राशि का निर्धारण नहीं कर सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना कि ट्रायल कोर्ट / विशेष अदालत को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण / राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को POCSO नियमों, या पीड़ित मुआवजा योजना के अनुसार मुआवजे का फैसला करे और अवॉर्ड...

डॉक्टर एन आर माधव मेनन मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित
डॉक्टर एन आर माधव मेनन मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित

भारतीय आधुनिक कानूनी शिक्षा के पितृपुरुष डॉक्टर एन आर माधव मेनन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। पद्म भूषण भारत सरकार का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इसकी घोषणा शनिवार शाम को गृह...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायिक व्यवस्था में बहुत आवश्यक : मुख्य न्यायाधीश बोबडे
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायिक व्यवस्था में बहुत आवश्यक : मुख्य न्यायाधीश बोबडे

शुक्रवार को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के 79 वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने न्यायिक कामकाज में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के महत्व पर बल दिया। ...

अभियुक्त के इन अधिकारों का उल्लेख  करती है सीआरपीसी की धारा 167
अभियुक्त के इन अधिकारों का उल्लेख करती है सीआरपीसी की धारा 167

सीआरपीसी की धारा 167 अभियुक्त के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस धारा के अंतर्गत अभियुक्त को जमानत तक मिल जाती है तथा अभियुक्त को कितने समय अवधि के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना है। इसकी जानकारी...

निर्भया गैंगरेप : मौत की सजायाफ्ता मुकेश ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
निर्भया गैंगरेप : मौत की सजायाफ्ता मुकेश ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

2012 निर्भया गैंगरेप केस में मौत की सजायाफ्ता मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में 1 फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर भी रोक लगाने की मांग की...

भोपाल गैस त्रासदी मामले में केंद्र की क्यूरेटिव पिटीशन की अगले सप्ताह सुनवाई करेगी संवैधानिक बेंच
भोपाल गैस त्रासदी मामले में केंद्र की क्यूरेटिव पिटीशन की अगले सप्ताह सुनवाई करेगी संवैधानिक बेंच

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 28 जनवरी, 2020 से निम्नलिखित मामलों की सुनवाई करेगी। भोपाल गैस त्रासदी -सुरक्षा याचिका भारत के संघ एम/एस यूनिअन कार्बाइड कॉर्पोरशन यह मामला 2011 में केंद्र द्वारा...

कॉरपोरेट दिवाला प्रस्ताव की मंजूरी एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दायर मुकदमा समाप्त करने का आधार नहीं : मद्रास हाईकोर्ट
कॉरपोरेट दिवाला प्रस्ताव की मंजूरी एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दायर मुकदमा समाप्त करने का आधार नहीं : मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (आईबीसी) की धारा 31 के तहत किसी कंपनी को दिवालिया घोषित करने की प्रकिया की मंजूरी ऋणी कंपनी और उसके...

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