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दशकों पहले 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' के आदेश के तहत हुई बिक्री को रिफंड का आदेश देकर रद्द करना गलत: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार जब बिक्री के समझौते के तहत 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' का आदेश बिक्री विलेख (सेल डीड) के निष्पादन और कब्ज़ा सौंपने के साथ पूरा हो जाता है तो उस पूरे हो चुके लेन-देन को केवल "इक्विटी (न्याय/संतुलन) बनाए रखने" के लिए ज़्यादा पैसे के रिफंड से नहीं बदला जा सकता।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने आगरा के पास लगभग पांच बीघा कृषि भूमि से संबंधित 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' के लिए 1979 के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बहाल करते हुए यह टिप्पणी की।यह विवाद 16 जून,...

कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने के लिए मुख्य नियोक्ता ज़िम्मेदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब मुख्य नियोक्ता और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच नियोक्ता-कर्मचारी का संबंध न हो तो कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए रखे गए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने के लिए मुख्य नियोक्ता को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) को कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए रखे गए कर्मचारियों को ग्रेच्युटी देने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया था। कोर्ट ने कहा कि कंट्रोलिंग अथॉरिटी यह तय नहीं कर सकती कि...

Income Tax | CBDT का सर्कुलर कोर्ट पर बाध्यकारी नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि CBDT के सर्कुलर कोर्ट पर बाध्यकारी नहीं होते। कोर्ट ने हाल ही में उन टैक्सपेयर्स की अपीलों को खारिज किया, जिन्होंने अपने एक्सपोर्ट कोटा की बिक्री से मिले प्रीमियम पर सेक्शन 80HHC के तहत डिडक्शन (कटौती) का दावा किया था।धारा 80HHC भारतीय कंपनियों और रेजिडेंट टैक्सपेयर्स को एक्सपोर्ट से होने वाले मुनाफे पर टैक्स डिडक्शन की सुविधा देता था, लेकिन 1 अप्रैल 2005 से यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि एक्सपोर्ट कोटा बेचने...

न्यायिक आदेशों का पालन न करने पर यूपी के खाद्य विभाग के प्रधान सचिव के खिलाफ हाईकोर्ट ने शुरू की अवमानना की कार्यवाही
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव रणवीर प्रसाद के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। यह आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने तय समय में मध्यस्थता (Arbitration) शुरू करने के डिवीज़न बेंच के आदेश का पालन नहीं किया और यह भी कहा कि सरकारी आदेशों के कारण मध्यस्थता नहीं हो सकती।रणवीर प्रसाद के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश देते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने कहा,"इसके अलावा, प्रधान...

"पारिवारिक झगड़ा" का मतलब पीढ़ियों तक चलने वाला विवाद नहीं, एक ही पीढ़ी के सदस्यों के बीच का विवाद भी इसमें शामिल हो सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि "पारिवारिक झगड़ा" का मतलब ज़रूरी नहीं कि पीढ़ियों से चला आ रहा विवाद हो; एक ही पीढ़ी के परिवार के सदस्यों के बीच पहले हुआ विवाद भी पारिवारिक झगड़ा माना जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जब किसी मामले के तथ्य एक ही गाइडलाइन के तहत अलग-अलग कैटेगरी में आते हैं, तो दोषी के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद कैटेगरी लागू की जानी चाहिए।जस्टिस वैशाली पाटिल-जाधव और जस्टिस संदीपकुमार सी. मोरे की डिवीज़न बेंच एक दोषी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दोषी ने राज्य के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिसमें...

क्लेमंट की साक्षरता और आर्थिक स्थिति के आधार पर मुआवज़ा रोकने की ट्रिब्यूनल की इजाज़त देने वाले नियम आर्टिकल 14 का उल्लंघन करते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'रेलवे दुर्घटना और अप्रिय घटना (मुआवज़ा) नियम, 1990' के नियम 5.1 और 5.4.1(i) और (ii) - जो रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल को क्लेमंट की साक्षरता और आर्थिक स्थिति के आधार पर तय मुआवज़े का सिर्फ़ कुछ हिस्सा जारी करने और बाकी हिस्सा फिक्स्ड डिपॉज़िट में रखने की इजाज़त देते हैं - क्लेमंट्स के बीच भेदभाव करते हैं और भारत के संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन करते हैं।इन प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि जो क्लेमंट बालिग हैं और नियम 5.2 के दायरे में नहीं आते...

ड्यूटी से गैर-हाज़िरी और अपनी जगह किसी और से पढ़ाना ज़्यादा-से-ज़्यादा सर्विस मिसकंडक्ट, धोखाधड़ी नहीं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक सरकारी टीचर के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी की FIR रद्द की। टीचर पर आरोप है कि उसने अपनी जगह किसी और व्यक्ति को पढ़ाने का काम सौंपा है। कोर्ट ने कहा कि ये आरोप ज़्यादा से ज़्यादा सर्विस मिसकंडक्ट (नौकरी से जुड़ी गड़बड़ी) के दायरे में आते हैं। [2026 LiveLaw (MP) 377]यह देखते हुए कि FIR में धोखाधड़ी के ज़रूरी तत्व नहीं है, जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) को पढ़ने से पता चलता है कि धोखाधड़ी के ज़रूरी तत्वों में धोखा देना,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मज़दूरों को कम वेतन और उनकी अनदेखी पर चिंता जताई, कहा- समाज उनके काम की अहमियत नहीं समझता
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि समाज शारीरिक मेहनत करने वाले मज़दूरों के काम की अहमियत और उनका सम्मान करने में नाकाम रहा है, क्योंकि देश में उन्हें "सबसे कम वेतन मिलता है, उनकी सबसे कम परवाह की जाती है और उनकी सबसे कम चिंता की जाती है।"जस्टिस विमल कुमार यादव ने यह टिप्पणी 2002 में शहर की लाजपत राय मार्केट में एक दुकान पर सो रहे मज़दूर पर हुए हमले से जुड़ी अपील पर सुनवाई करते हुए की।कोर्ट ने अपील करने वाले वीर पाल की सज़ा को IPC की धारा 307 (हत्या की कोशिश) से बदलकर IPC की धारा 324 (खतरनाक हथियारों से...

बिज़नेस शुरू करने के लिए दहेज की मांग भी IPC की धारा 304B के तहत 'दहेज' ही है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शादी के रिश्ते से जुड़ी पैसे की मांग सिर्फ़ इसलिए दहेज की मांग नहीं रह जाती क्योंकि पैसा निजी इस्तेमाल के बजाय बिज़नेस शुरू करने के लिए मांगा गया।जस्टिस विमल कुमार यादव ने यह बात दहेज के कारण हुई मौत के मामले में IPC की धारा 304B और 498A के तहत दोषी ठहराए गए दो लोगों की अपील खारिज करते हुए कही।यह मामला एक महिला की मौत से जुड़ा था, जिसने शादी के लगभग साढ़े चार महीने बाद 10 अप्रैल, 2003 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। IPC की धारा 498A, 304B और 34 के तहत FIR दर्ज की गई...

यूक्रेन में MBBS कर रहे स्टूडेंट की एमपी हाईकोर्ट में गुहार- युद्ध के बीच NMC के 12 महीने की इंटर्नशिप वाले नियम का पालन करना नामुमकिन
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक स्टूडेंट की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। स्टूडेंट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के 'फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट (FMGL) रेगुलेशंस 2021' को चुनौती दी है, खासकर उस नियम को जिसके तहत उसी विदेशी मेडिकल संस्थान में 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करना ज़रूरी है।याचिकाकर्ता का तर्क है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस शर्त को पूरा करना नामुमकिन हो गया, क्योंकि वह अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने और ज़रूरी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए यूक्रेन...

'हैरान करने वाला': पटना हाईकोर्ट ने असम से पटना तक 65 किलो गांजा ले जाने वाले नाबालिगों को ज़मानत दी, जांच के आदेश दिए
पटना हाईकोर्ट ने 65 किलो से ज़्यादा गांजा के साथ पकड़े गए दो नाबालिगों को ज़मानत दे दी है। साथ ही, कोर्ट ने इस बात की जांच के आदेश दिए कि वे बिना पहचान-पत्र या गाड़ी के कागज़ात के गुवाहाटी (असम) से पटना तक इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान (गांजा) लेकर कैसे पहुंचे।जस्टिस अरुण कुमार झा की सिंगल जज बेंच DRI के मामले से जुड़ी दो क्रिमिनल रिविज़न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले में एक महिंद्रा TUV गाड़ी के चेसिस में बनी गुप्त जगह और चेसिस व फुटस्टेप के बीच छिपाए गए 109 प्लास्टिक पैकेट से...

अनिवार्य आरक्षण शर्तों को नज़रअंदाज़ करके की गई शिक्षक की नियुक्ति को 'मान ली गई मंज़ूरी' के आधार पर वैध नहीं ठहराया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाई स्कूल) (शिक्षकों की भर्ती और सेवा की शर्तें) नियम, 1978' के नियम 10(5)(iii) के तहत 'मान ली गई मंज़ूरी' (Deemed Approval) के प्रावधान का इस्तेमाल उस शिक्षक की नियुक्ति को वैध बनाने के लिए नहीं किया जा सकता, जो पद से जुड़ी अनिवार्य आरक्षण शर्तों का पालन किए बिना की गई।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा,“'मान ली गई मंज़ूरी' के प्रावधान का इस्तेमाल ऐसी नियुक्ति को वैध बनाने के लिए नहीं किया जा सकता, जो शुरू में ही भर्ती और...

'कोई ज़िम्मेदारी तय नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने महिपालपुर में जलभराव और ट्रैफ़िक जाम को लेकर एजेंसियों को फटकार लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के महिपालपुर इलाके में लगातार हो रहे जलभराव और ट्रैफ़िक जाम को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI), दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) और अन्य एजेंसियों को फटकार लगाई। [2026 LiveLaw (Del) 881]जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीज़न बेंच ने कहा कि कई बैठकों और "बहुत ज़्यादा कागज़ी कार्रवाई" के बावजूद, इस समस्या को हल करने के लिए कोई ज़िम्मेदारी तय नहीं की गई और न ही कोई समय-सीमा तय की गई।बेंच ने कहा कि एयरपोर्ट के पास और गुरुग्राम...

परिवार की पसंद के व्यक्ति से शादी करने के दबाव का सामने कर रही महिला वकील को हाईकोर्ट ने दी सुरक्षा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को 26 साल की महिला वकील को सुरक्षा देने का निर्देश दिया। महिला ने आरोप लगाया कि परिवार द्वारा चुने गए व्यक्ति से शादी करने से इनकार करने पर उसे माता-पिता और रिश्तेदारों से धमकियां मिल रही है, उस पर दबाव डाला जा रहा है और उसके मामलों में दखल दिया जा रहा है। [2026 LiveLaw (Del) 875]जस्टिस सौरभ बनर्जी ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। महिला ने अपनी जान, व्यक्तिगत आज़ादी और सम्मान की सुरक्षा की मांग की।बार काउंसिल ऑफ़ दिल्ली (BCD) में रजिस्टर्ड महिला ने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 1988 की अपील में 6,290 दिनों की देरी माफ़ करने से इनकार किया, कहा- वकील से संपर्क टूटना देरी माफ़ करने का आधार नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1988 में दायर अपील बहाल करने की मांग में 6,290 दिनों (यानी 17 साल से ज़्यादा) की देरी को माफ़ करने से इनकार किया। यह अपील 2002 में सुनवाई आगे न बढ़ाने (Non-Prosecution) के कारण खारिज कर दी गई थी। [2026 LiveLaw (Del) 874]जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने कहा कि वकील से संपर्क टूट जाना इतनी लंबी देरी को माफ़ करने का आधार नहीं हो सकता और मुक़दमा करने वाला व्यक्ति केस को आगे बढ़ाने की पूरी ज़िम्मेदारी अपने पुराने वकील पर नहीं डाल सकता।कोर्ट ने कहा कि मुक़दमा करने वाले का यह तर्क कि उसका...

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कोर्ट ने 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा
पश्चिम बंगाल की हल्दिया कोर्ट ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा।हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। यह उपचुनाव तब हो रहा है, जब सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया है।प्रधान को 18 सितंबर को 2007 के एक कथित 19 साल पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी रताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (14 सितंबर, 2026 से 18 सितंबर, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सभी मेडिकल ग्रेजुएट, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी, उन्हें एक जैसा स्टाइपेंड मिलना चाहिए: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से यह पता लगाने को कहा कि क्या राजस्थान, आंध्र प्रदेश, केरल, गुजरात और झारखंड राज्यों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट को स्टाइपेंड का भुगतान किया गया, या...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (14 सिंतबर, 2026 से 18 सितंबर, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।असली क्वालिफिकेशन के आधार पर मिली नियुक्ति को सिर्फ़ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता कि पिछली नियुक्ति रद्द होने की जानकारी नहीं दी गई: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि असली क्वालिफिकेशन के आधार पर मिली नियुक्ति को सिर्फ़ इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता कि नियुक्त व्यक्ति ने अपनी पिछली...

कार्बन उत्सर्जन का बोझ गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाला जाता है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन के लिए अक्सर विकासशील देशों को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन वैश्विक औसत से आधा से भी कम है और विकसित देशों का उत्सर्जन छह गुना अधिक है।पीएम मोदी नई दिल्ली में 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' (The Future of Environment and Climate Dynamics) पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अक्सर कार्बन उत्सर्जन की जिम्मेदारी गलत तरीके से विकासशील देशों पर डाल...

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट में जमा रकम के मैनेजमेंट के लिए कानून बनाने की सिफारिश की, लॉ कमीशन से जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने भारत के लॉ कमीशन से कहा कि वह अदालतों और ट्रिब्यूनल में जमा पैसे के मैनेजमेंट, निवेश और उसे जारी करने के तरीकों में एकरूपता की कमी की जांच करे।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा,"हमारी राय है कि इस विषय पर एक उपयुक्त कानून बनाना और तैयार करना ज़रूरी है।" यह बेंच दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आर्बिट्रल अवार्ड की रकम जमा करने पर अवार्ड-देनदार (जिस पर भुगतान की जिम्मेदारी थी) की ब्याज देने की जिम्मेदारी को बरकरार रखा...
