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जमानत की शर्तों में परिवार की निजता से खिलवाड़ नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी की निगरानी का आदेश किया रद्द
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत की शर्तें आरोपी के परिवार के सदस्यों की निजता में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं। अदालत ने आरोपी की पत्नी की निगरानी से जुड़े ट्रायल कोर्ट के निर्देशों को रद्द किया।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि कानून केवल आरोपी या दोषी व्यक्ति पर ही शर्तें लगाने की अनुमति देता है, न कि उसके परिवार के सदस्यों पर।मामला एक आरोपी को उसकी पत्नी के ऑपरेशन के लिए दी गई अंतरिम जमानत से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ सख्त शर्तें लगाई थीं, जिनमें पुलिस को आरोपी की पत्नी...
Right to Education के तहत मनचाहे स्कूल में एडमिशन का अधिकार नहीं: EWS मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार (Right to Education) होने का मतलब यह नहीं है कि कोई स्टूडेंट अपनी पसंद के विशेष स्कूल में ही एडमिशन पाने का दावा कर सके। अदालत ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत दाखिले की मांग वाली याचिका खारिज की।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कल्याणकारी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करना है लेकिन इसे किसी विशेष स्कूल चुनने के अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता।मामला एक अभिभावक...
सहमति से बने किशोर संबंध को अपराध मानना अनुचित: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपहरण केस पर लगाई रोक
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश में 15 वर्षीय लड़के के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई। इस लड़के पर अपनी ही उम्र की लड़की के अपहरण का आरोप लगाया गया था। अदालत ने माना कि मामला सहमति से बने किशोर संबंध का प्रतीत होता है।जस्टिस आलोक मेहरा ने यह आदेश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को ध्यान में रखना जरूरी है, जिसमें कहा गया कि सहमति से बने किशोर संबंधों को नजरअंदाज करने से अन्यायपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।मामले में लड़की के पिता ने FIR दर्ज कर...
83 वर्षीय महिला से 80 लाख की ठगी: डिजिटल अरेस्ट मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत ठुकराई
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बड़े साइबर ठगी मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कथित मुख्य साजिशकर्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। मामला 83 वर्षीय महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 80 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और इसका समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है इसलिए ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।अदालत ने यह भी पाया कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत समझौता स्वयं उसके द्वारा हस्ताक्षरित नहीं था बल्कि उसके पिता ने उस पर हस्ताक्षर किए,...
नाबालिग की उम्र दस्तावेज़ से साबित हो जाए तो बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि उपलब्ध दस्तावेज़ों से यह स्पष्ट हो जाए कि आरोपी घटना के समय नाबालिग था तो उसकी उम्र निर्धारित करने के लिए बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट (हड्डी परीक्षण) कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।जस्टिस मनीष कुमार ने किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (POCSO Act) की धारा 94 का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया।अदालत ने कहा,“यदि उपलब्ध दस्तावेज़ों से ही यह साबित हो रहा है कि आरोपी घटना के समय 16 वर्ष से कम उम्र का था तो ऐसे में जुवेनाइल जस्टिस...
कंपनी आम बैठक में विशेष प्रस्ताव के बिना डायरेक्टर को लोन नहीं दे सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को बिजनेसमैन सतिंदर सिंह भसीन की ज़मानत रद्द की, क्योंकि उन्होंने कोर्ट द्वारा लगाई गई ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया था। लगाई गई शर्तों में से एक यह थी कि भसीन को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 50 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। हालांकि, यह बात सामने आई कि इस शर्त को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी कंपनी भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (BIIPL) के फंड का गलत इस्तेमाल किया था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच ने कहा कि भसीन को इस शर्त...
कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर ब्लैकलिस्टिंग अपने आप नहीं होती, इसके लिए अलग से सोच-समझकर फैसला लेना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुनाया कि किसी कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने से अपने आप ब्लैकलिस्टिंग सही साबित नहीं हो जाती। ब्लैकलिस्टिंग के लिए एक अलग से 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) देना और ठीक से सोच-समझकर फैसला लेना ज़रूरी है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा जारी किए गए कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को सही ठहराया गया था। यह आदेश अपीलकर्ता (कॉन्ट्रैक्टर) की तरफ से निर्माण...
कारण बताओ नोटिस को असाधारण मामलों में रिट अधिकार क्षेत्र में चुनौती दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि यद्यपि अदालतें आमतौर पर कारण बताओ नोटिस (SCN) को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर विचार नहीं करती हैं। फिर भी यह सिद्धांत पूर्ण नहीं है और असाधारण परिस्थितियों में नोटिस के चरण पर हस्तक्षेप की अनुमति है।अदालत ने टिप्पणी की कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का सहारा तब लिया जा सकता है, जब कारण बताओ नोटिस में ऐसी मौलिक कानूनी कमियां हों, जिनके परिणामस्वरूप स्पष्ट अन्याय हो सकता है।अदालत ने कहा कि यद्यपि सामान्य नियम कारण बताओ नोटिसों को चुनौती देने को...
सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य के कुछ इलाकों को संरक्षित क्षेत्र से हटाने के राजस्थान सरकार के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगाई, जिसके तहत कोर्ट की पहले से मंज़ूरी लिए बिना राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के 732 हेक्टेयर इलाके को संरक्षित क्षेत्र से हटा दिया गया था। बेंच ने कहा कि राज्य सरकार "यह फैसला अपने आप नहीं ले सकती थी।"जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और घड़ियालों समेत संकटग्रस्त जलीय जीवों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर खुद से संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इस मामले की सुनवाई कर रही थी।इससे पहले बेंच ने राजस्थान,...
FEMA | S.37A के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ज़ब्ती की पुष्टि न होना, निर्णय प्रक्रिया पर असर डालता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को फैसला सुनाया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA Act) की धारा 37A के तहत ज़ब्ती आदेश की पुष्टि न होने का बाद की निर्णय प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है। साथ ही अधिकारी इस तरह से आगे नहीं बढ़ सकते, जिससे लंबित वैधानिक अपील प्रभावी रूप से रद्द हो जाए या उस पर पहले से ही फैसला सुना दिया जाए।हालांकि, कोर्ट ने ऐसे हर मामले में निर्णय प्रक्रियाओं को अपने आप 'अमान्य' (non est) घोषित करने से परहेज़ किया, लेकिन उसने फैसला दिया कि ज़ब्ती की पुष्टि करने से...
पंजाब सीएम की तस्वीरें इस्तेमाल करने पर AAP ने की कॉपीराइट स्ट्राइक, हाईकोर्ट पहुंचा पत्रकार, नोटिस जारी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में पत्रकार ने अपने Facebook पेजों के खिलाफ की गई कार्रवाई और अपने अकाउंट पर लगाए गए कॉपीराइट स्ट्राइक को चुनौती दी। आरोप है कि पत्रकार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीरें या उनसे जुड़ी खबरें इस्तेमाल की थीं।ऐसा करते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता रत्तंदीप सिंह धालीवाल के पास यह आज़ादी है कि वह इंटरमीडियरी (Facebook) के शिकायत निवारण सेल और साथ ही अपीलीय प्राधिकरण से संपर्क कर...
अवैध खनन मामले में जज को प्रभावित करने का आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP MLA के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना की कार्रवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (02 अप्रैल) को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक संजय पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करे। विधायक पर अवैध खनन से जुड़े एक मामले में मौजूदा जज से अनुचित तरीके से संपर्क करने का आरोप है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया,"रजिस्ट्री मिस्टर संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना याचिका दर्ज करे और इस आपराधिक अवमानना...
'डोमिनो इफ़ेक्ट शुरू हो जाएगा': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पद अलॉट होने के बाद सरकारी परीक्षा में उम्मीदवार की पसंद बदलने की याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को उम्मीदवार की याचिका खारिज की, जिसमें उसने 2024 के संयुक्त भर्ती टेस्ट में पद के लिए अपनी पसंद बदलने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी एक उम्मीदवार को अपनी पसंद पहली से बदलकर 36वीं करने की इजाज़त दी गई तो इससे 'डोमिनो इफ़ेक्ट' शुरू हो जाएगा, जिससे पूरे राज्य में पदों के बंटवारे का सिस्टम बिगड़ जाएगा।कोर्ट ने कहा कि इससे तीसरे पक्षों के पहले से मिले अधिकारों का भी उल्लंघन होगा।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया:"अगर यह कोर्ट...
वकील को अलॉट हुए चैंबर पर एसोसिएट उस चैंबर को इस्तेमाल करने का पक्का अधिकार नहीं मांग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई वकील, जो किसी चैंबर का इस्तेमाल सिर्फ़ मूल अलॉटी (जिसे चैंबर अलॉट हुआ था) के एसोसिएट के तौर पर कर रहा है, उसे उस जगह पर कोई पक्का अधिकार नहीं मिल जाता, क्योंकि वह सिर्फ़ "इजाज़त से इस्तेमाल करने वाला" (Permissive User) है।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव वकील अंजू तंवर की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में उन्होंने साकेत कोर्ट्स की चैंबर अलॉटमेंट कमेटी (CAC) के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें चैंबर खाली करने का निर्देश दिया गया।कोर्ट ने पाया कि चैंबर दो...
दिल्ली दंगा मामले में ताहिर हुसैन का भाई शाह आलम बरी, कोर्ट ने कहा- गवाहों ने झूठी गवाही दी
दिल्ली कोर्ट ने दंगों के मामले में हाल ही में नौ लोगों को बरी किया। इनमें AAP पार्षद ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम भी शामिल हैं। इन पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़े एक मामले में आरोप लगे थे।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज परवीन सिंह ने कहा कि गवाहों की गवाही आम किस्म की थी और उनमें कोई खास बात नहीं थी।जज ने यह भी कहा कि गवाहों ने घटनाओं की जगह के बारे में झूठी गवाही दी थी। इसलिए उन्होंने आलम, राशिद सैफी, मोहम्मद शादाब, हबीब, इरफान, सुहैल, सलीम, इरशाद...
धर्म-परिवर्तन, पुनर्धर्म-परिवर्तन और जाति: 1950 के आदेश के तहत अनुसूचित जाति का दर्जा कब समाप्त या बहाल होता है?- व्याख्या
20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया कि एक पादरी, जिसने ईसाई धर्म अपना लिया था, अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं रहा। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने कहा कि हिंदू धर्म, सिख धर्म या बौद्ध धर्म का दावा करने वालों के अलावा किसी भी व्यक्ति को अनुसूचित जाति समुदाय (चिंथडा और बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और अन्य ) का सदस्य नहीं माना जा सकता है।धर्मांतरण भारत में सबसे विवादास्पद विषयों में से एक है, फिर भी यह एक सामाजिक वास्तविकता बनी हुई।फैसले की पृष्ठभूमि में, यह पीस...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने SIR ड्यूटी के दौरान जजों पर हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को फटकारा, केंद्रीय बलों के इस्तेमाल का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में हुए विरोध प्रदर्शन का गंभीर संज्ञान लिया। इस प्रदर्शन के दौरान, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार दोपहर से आधी रात तक प्रदर्शनकारियों ने बंधक बनाकर रखा और आधी रात के बाद जब उन्हें वहां से निकाला जा रहा था, तो उनके वाहनों पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया।कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिले उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें मालदा जिले के एक गांव में हुई घटना का ज़िक्र था। इस घटना में सरकारी ड्यूटी...
WB SIR: न्यायिक अधिकारियों पर हमले से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट, कहा- इतना ध्रुवीकृत राज्य कभी नहीं देखा
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ड्यूटी कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य में अत्यधिक राजनीतिक ध्रुवीकरण है और हर कोई राजनीतिक भाषा में बात करता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई की जबकि यह सूचीबद्ध नहीं था। यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पत्र के बाद उठाया गया।मामला मालदा जिले के एक गांव का है, जहां सात न्यायिक...
NDTV की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ री-असेसमेंट नोटिस रद्द करने को लेकर IT विभाग की चुनौती खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की अपील खारिज की, जिसमें NDTV के प्रमोटर राधिका रॉय और प्रणय रॉय की कंपनी RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ री-असेसमेंट की कार्रवाई रद्द कर दी गई।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने देरी के आधार पर उक्त अपील खारिज की।साल 2009 में RRPR होल्डिंग्स ने विश्व प्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड से लोन लिया था। कंपनी ने दावा किया था कि लोन की रकम का इस्तेमाल ICICI बैंक के बकाया लोन चुकाने के लिए किया...
क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने से बाहर किए गए कैडेट्स को नौकरी में आरक्षण के लिए पूर्व सैनिक माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर किए गए सैन्य कैडेट्स को सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक माना जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"बहस के दौरान, जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें से एक यह था कि क्या बाहर किए गए कैडेट्स को भी विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों और पदों में ऐसे व्यक्तियों के लिए आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक या पूर्व सैन्य कर्मी माना जा सकता है। माननीय ASG...




















