ताज़ा खबरे

मकान-मालिक के साथ बिक्री का समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही किरायेदार का कब्ज़ा पार्ट परफॉर्मेंस में बदलता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई किरायेदार अपने मकान-मालिक से किराये पर ली गई प्रॉपर्टी खरीदने का समझौता करता है तो सिर्फ़ समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही इससे किरायेदार का कब्ज़ा 'ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882' की धारा 53-A के तहत समझौते के आंशिक पालन (पार्ट परफॉर्मेंस) के तौर पर माना जाता है।कोर्ट ने कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि किरायेदारी को साफ़ तौर पर या इशारों में खत्म (सरेंडर) कर दिया गया और उसके बाद उसका कब्ज़ा बिक्री के समझौते के आधार पर था।जस्टिस डॉ....

CJP सदस्य ने जर्जर सरकारी स्कूल का वीडियो दिखाने पर UP Police की FIR के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सदस्य और छात्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की। यह FIR फर्रुखाबाद के सरकारी प्राइमरी स्कूल की हालत दिखाने वाला वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में दर्ज की गई।गौरव भारती उर्फ ​​गौरव कुमार द्वारा दायर याचिका में 19 अगस्त को BNS की धारा 352 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत दर्ज FIR को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी और उसके बाद होने वाली आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा...

पति के कर्ज के लिए विधवा की एफडी से 19.90 लाख काटना गलत, SBI को रकम लौटाने और 1 लाख मुआवजे का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को विधवा की फिक्स्ड डिपॉजिट से उसके दिवंगत पति के व्यक्तिगत कर्ज की वसूली के लिए काटी गई 19,90,693 रुपये की रकम वापस करने का आदेश दिया। कोर्ट ने बैंक को इस कार्रवाई के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्देश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि बैंक के पास पत्नी की एफडी से उसके पति का कर्ज सीधे वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने बैंक की कार्रवाई के तरीके पर भी कड़ी टिप्पणी की।खंडपीठ ने कहा कि विधवा...

अवैध तलाशी से PC-PNDT Act की शिकायत अपने आप रद्द नहीं होगी: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (लिंग चयन निषेध) अधिनियम 1994 के तहत किसी केंद्र की तलाशी की अनुमति देने में प्रक्रिया संबंधी खामी रही हो तो केवल इस आधार पर आपराधिक शिकायत रद्द नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तलाशी की वैधता और तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों की प्रासंगिकता व स्वीकार्यता अलग-अलग प्रश्न हैं।जस्टिस मनीषा बत्रा ने दो याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यदि शिकायत में ऐसे विशिष्ट आरोप हैं, जो साबित होने पर संबंधित कानून के...

हत्या के प्रयास के आरोपी को यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा देने हाईकोर्ट ने दी शॉर्ट टर्म जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में जेल में बंद आरोपी को यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए सीमित अवधि की जमानत दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को 16 सितंबर को सुबह 4:30 बजे जेल से रिहा किया जाए और पूरी अवधि के दौरान वह पुलिस हिरासत में रहेगा।जस्टिस राजीव भारती ने जिला जेल रायबरेली में 10 मई 2026 से बंद अनुज कुमार तिवारी उर्फ गोलू की शॉर्ट टर्म जमानत अर्जी पर यह आदेश दिया।अनुज ने 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे फतेहपुर के स्पोर्ट्स...

गैंग चार्ट मंजूर करने में निष्पक्षता और विवेक का पालन न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SP-DM को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहराइच के SP और DM को गैंग चार्ट मंजूर करने में संवैधानिक अदालतों के फैसलों में तय निष्पक्षता और विवेकपूर्ण निर्णय की अनदेखी करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि गैंग चार्ट को मंजूरी देते समय अधिकारियों को आरोपी के आपराधिक इतिहास और गतिविधियों पर विचार करने के साथ अपने विवेक का इस्तेमाल करना जरूरी है।जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने पाया कि वर्ष 2021 के एक मामले में गैंग चार्ट को मंजूरी देते समय न तो SP और न ही DM ने आरोपी के आपराधिक इतिहास पर विचार करने, किसी कारण या चर्चा...

यूपी जज रवि दिवाकर ने अपनी कोर्ट से 97 ऐसे केस वापस लेने पर उठाए सवाल, कहा: एक जज न्याय के लिए कहां जाए?

उत्तर प्रदेश के जज रवि कुमार दिवाकर ने पिछले महीने अपनी कोर्ट से हत्या और दूसरे गंभीर अपराधों के 97 ऐसे केस वापस लेने पर सवाल उठाए, जिनकी सुनवाई आधी हो चुकी थी। उन्होंने मुज़फ़्फ़रनगर के तत्कालीन ज़िला जज के आदेशों को "अधिकार क्षेत्र से बाहर" (बिना अधिकार के) बताया।दिवाकर ने अपने 35 पन्नों के फ़ैसले में कहा,"लेकिन अब सवाल यह उठता है कि जज का काम न्याय करना है और अगर उसी जज के साथ अन्याय हो, तो वह कहां जाएगा?" इस फ़ैसले के लगभग आधे पन्नों में इन्हीं केसों को वापस लेने के मामले पर चर्चा की गई। ...

ममता बनर्जी को झटका, ECI ने TMC के दोनों गुटों को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोका

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने अंतरिम आदेश जारी किया। इसके तहत ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दोनों विरोधी गुटों को पार्टी का नाम "ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न "फूल और घास" का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक कि चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत विवाद का अंतिम फैसला नहीं हो जाता।यह आदेश 17 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने जारी किया। आयोग ने नोट किया कि अभी AITC...

कंझावला हिट-एंड-रन केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी अमित खन्ना की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की, हत्या के आरोप की गंभीरता का दिया हवाला

दिल्ली हाईकोर्ट ने कंझावला हिट-एंड-रन मामले के आरोपी अमित खन्ना की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की। इस मामले में 20 साल की एक लड़की की मौत हो गई थी, जिसे कार के नीचे करीब 13 किलोमीटर तक घसीटा गया।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि जिस गंभीरता और तरीके से कथित हत्या को अंजाम दिया गया, उसे देखते हुए कोर्ट ने खन्ना को ज़मानत देने से इनकार किया।कोर्ट ने सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के सिलसिले में खन्ना की रेगुलर ज़मानत अर्ज़ी खारिज की। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 302, 201, 212, 182, 34 और...

हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के दो दिन बाद बिजनौर जेल में कैदी की मौत; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल DG से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर ज़िला जेल में एक कैदी की कथित कस्टडी में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के जेल प्रशासन और सुधार सेवाओं के महानिदेशक (DG) से जवाब मांगा।कोर्ट ने कहा कि यह "गंभीर चिंता का विषय" है कि कस्टडी में हुई मौत के मामले में राज्य की ओर से "कोई संतोषजनक जवाब" नहीं दिया गया।जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने महानिदेशक को एक संक्षिप्त जवाबी हलफनामा (Counter-Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें उन हालात के बारे में बताया जाए, जिनमें याचिकाकर्ता के बेटे...

सरकारी स्कूलों में ₹50,000 का फ़र्नीचर दान करें: समझौते के बाद मारपीट की FIR रद्द करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का आरोपियों को निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने पांच लोगों के खिलाफ़ दर्ज FIR रद्द की। इन लोगों पर गैर-इरादतन हत्या की कोशिश और सरकारी कर्मचारी पर हमले जैसे आरोप थे, लेकिन पक्षों ने आपसी सहमति से अपना विवाद सुलझा लिया। [2026 LiveLaw (Del) 862]जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने घर के पास के सरकारी स्कूलों में कुल ₹50,000 का फ़र्नीचर दान करें (यानी हर आरोपी ₹10,000 का फ़र्नीचर दान करे)।कोर्ट ने सुभाष प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR रद्द की। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की धाराओं 323 (चोट...

पैसा और रुतबा से न्याय नहीं मिल सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ₹126 करोड़ के PMLA मामले में बिल्डर की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 'उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड' के मुख्य प्रमोटर और बिल्डर अनिल मिठास की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की। उन पर घर खरीदारों के ₹126.30 करोड़ के कथित हेरफेर को लेकर PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।एक अहम टिप्पणी में बेंच ने कहा कि व्हाइट-कॉलर अपराध इतने "व्यापक और नुकसानदेह" हो गए हैं कि उनसे निपटने के लिए "सख्त और बिना किसी समझौते के सख्ती" ही एकमात्र तरीका है।बेंच ने आगे कहा कि ऐसे अपराधों से "सख्ती से" निपटने पर यह धारणा खत्म हो जाएगी कि "पैसा और रुतबा होने...

सभी मेडिकल ग्रेजुएट, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी, उन्हें एक जैसा स्टाइपेंड मिलना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से यह पता लगाने को कहा कि क्या राजस्थान, आंध्र प्रदेश, केरल, गुजरात और झारखंड राज्यों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट को स्टाइपेंड का भुगतान किया गया, या नहीं।कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि वह इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी करेगा कि सभी अंडरग्रेजुएट मेडिकल ग्रेजुएट को - चाहे वे भारतीय हों या विदेशी - स्टाइपेंड मिलना चाहिए और यह भुगतान दोनों के लिए समान होना चाहिए। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि वह देखेगा कि क्या स्टाइपेंड का भुगतान न होने के मामलों को...

सुप्रीम कोर्ट का सवाल- लोगों ने संयुक्त शिवसेना को वोट दिया था तो 2019 के वोट शेयर को शिंदे गुट के समर्थन का सबूत कैसे माना जा सकता है?

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सवाल उठाया कि क्या 2019 के चुनावों में यूनाइटेड शिवसेना को मिले वोटों को बाद में एकनाथ शिंदे गुट के समर्थन का सबूत माना जा सकता है? शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के उस फैसले का बचाव करने के लिए MLA और वोट-शेयर के आंकड़ों का सहारा लिया था, जिसमें उसे असली शिवसेना के तौर पर मान्यता दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उद्धव ठाकरे की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस...

रद्द किए गए नियमों के तहत प्रमोशन का दावा करने का कोई पक्का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17 सितंबर) को फिर से कहा कि लागू नियमों के तहत बनने वाली प्रमोशन वाली पोस्ट को ज़रूरी नहीं कि उन्हीं नियमों के तहत भरा जाए, खासकर तब जब वे नियम अब रद्द कर दिए गए हों। कोर्ट ने माना कि ऐसी प्रमोशन वाली पोस्ट को नए नियमों के तहत भरा जा सकता है, जिनमें भर्ती के नए तरीके बताए गए।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा,"सरकार के पॉलिसी फ़ैसले को देखते हुए कर्मचारी को रद्द किए गए नियमों के अनुसार प्रमोशन पर विचार किए जाने का कोई पक्का अधिकार नहीं...

अडानी को दिए गए टेंडर को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने की COVID-19 के दौरान धारावी के लोगों की सूझ-बूझ की तारीफ

धारावी झुग्गी पुनर्वास परियोजना के री-डेवलपमेंट पर सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 महामारी के समय धारावी झुग्गी के निवासियों और कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा दिखाई गई बेहतरीन समझदारी और सूझबूझ की तारीफ़ की।सेकलिंक टेक्नोलॉजीज़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए - जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई, जिसमें सेकलिंक को दिया गया टेंडर रद्द कर दिया गया और झुग्गी पुनर्वास के लिए अडानी प्रॉपर्टीज़ को दिया गया टेंडर सही ठहराया गया - जस्टिस पीबी वराले ने मौखिक रूप से निवासियों के...

बंगाली महिला को नागरिकता की जांच किए बिना भेजा बांग्लादेश, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने एक बेटे की याचिका पर नोटिस जारी किया। बेटे का आरोप है कि उसकी माँ को नागरिकता की किसी भी जांच के बिना भारत से बांग्लादेश "भेज" दिया गया। याचिका में महिला को किसी भी नुकसानदेह कार्रवाई से बचाने और उसे तुरंत भारत वापस लाने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता-बेटे की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. एस. मुरलीधर पेश हुए।हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका में याचिकाकर्ता की माँ को हिरासत...

जब तक तथ्य वकील की निजी जानकारी में न हों, वह क्लाइंट की ओर से हलफनामा नहीं दे सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि वादी का वकील दस्तावेज़ पेश करने की मांग करते हुए वादी की ओर से हलफनामा दाखिल नहीं कर सकता। [2026 LiveLaw (Ker) 514]जस्टिस ईश्वरन एस ने एक ओरिजिनल याचिका पर यह फैसला सुनाया।यह मामला तब सामने आया जब बंटवारे के मुकदमे में वादी की ओर से पेश वकील ने कुछ दस्तावेज़ पेश किए। आवेदन के साथ जो हलफनामा था, उस पर वकील ने खुद शपथ ली थी। ट्रायल कोर्ट ने इसे इस आधार पर मंज़ूरी दी कि कार्यवाही के सही चरण पर दस्तावेज़ों की प्रासंगिकता और स्वीकार्यता पर विचार किया जा सकता है। इस आदेश को हाई...