ताज़ा खबरे
टेट्रा पैक और जूस जैसी पैकेजिंग में शराब बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और राज्यों को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को टेट्रा पैक, PET बोतलों और सैशे जैसे “भ्रामक पैकेजिंग” (Inconspicuous Packaging) में शराब की बिक्री को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्यों के आबकारी विभागों को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि इस तरह की पैकेजिंग आम फलों के जूस जैसी दिखाई देती है और यह “बहुत भ्रामक” (Very Deceptive) है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष Community Against Drunken Driving (CADD) की ओर से पेश अधिवक्ता विपिन नायर ने दलील दी कि कई शराब उत्पाद फलों की...
आदेश में सभी दलीलों का उल्लेख न होने से जज को पक्षपाती नहीं कहा जा सकता : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायिक पक्षपात की आशंका जताते हुए दायर स्थानांतरण आवेदन खारिज करते हुए कहा कि केवल इस आधार पर किसी जज को पक्षपाती नहीं कहा जा सकता कि अदालत के आदेश में किसी पक्ष की कुछ दलीलों का उल्लेख नहीं किया गया।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने कहा कि अदालत हर उस दलील को आदेश में दर्ज करने के लिए बाध्य नहीं होती, जिसका विवाद के मूल मुद्दों से सीधा संबंध न हो।अदालत ने कहा,“न्यायिक आदेशों में केवल महत्वपूर्ण तथ्यों, लागू कानून और उन तर्कों का उल्लेख आवश्यक होता है, जिनका विवाद के निपटारे...
'धुरंधर' में सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दिखाने के आरोप पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और CBFC को फैसला लेने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर उठाई गई राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर केंद्र सरकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को फैसला लेने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित प्राधिकरणों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।याचिका दीपक कुमार ने दायर की थी जो राष्ट्रीय राजधानी में सशस्त्र सीमा बल में हेड कांस्टेबल (संचार) के पद पर तैनात हैं।दीपक कुमार ने अदालत...
बार-बार अग्रिम ज़मानत याचिकाएं दायर करना प्रक्रिया का दुरुपयोग, इससे मुक़दमेबाज़ी महज़ जुआ बनकर रह जाती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कम समय के अंतराल पर बार-बार अग्रिम ज़मानत याचिकाएं दायर करने की प्रथा पर नाराज़गी ज़ाहिर की। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम ज़मानत का उपाय, जिसका मकसद किसी आरोपी की निजी आज़ादी को पहले से ही सुरक्षित रखना है, उसे महज़ एक जुआ बनाकर नहीं रखा जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच द्वारा पारित आदेश रद्द किया। इस आदेश में प्रतिवादी-आरोपी को उसकी लगातार तीसरी याचिका पर अग्रिम ज़मानत दी गई थी। कोर्ट ने पाया कि पिछली दो अग्रिम...
कानूनी स्थिति जाने बिना FIR दर्ज कराने की याचिका दायर करना दुर्भाग्यपूर्ण : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील की कड़ी आलोचना की। अदालत ने कहा कि स्थापित कानूनी स्थिति की जांच किए बिना ऐसी याचिका दायर करना दुर्भाग्यपूर्ण है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आशानंद सैनी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में FIR दर्ज करने, जांच को पुलिस उपायुक्त (सतर्कता) की निगरानी में किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने और कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की मांग की गई।सुनवाई की...
मुस्लिम रीति से शादी करने वाली हिंदू महिला को अंतरिम भरण-पोषण का अधिकार: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि कोई हिंदू महिला इस्लाम धर्म अपनाकर मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करती है तो केवल विवाह की वैधता पर सवाल उठाकर मुस्लिम पति भरण-पोषण देने से बच नहीं सकता। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम अदालत विवाह को शून्य घोषित नहीं करती, तब तक पत्नी और बच्चे को अंतरिम भरण-पोषण पाने का अधिकार रहेगा।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने महिला और उसके नाबालिग बेटे के पक्ष में पारित अंतरिम भरण-पोषण आदेश बहाल करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया विवाह और बच्चे के पितृत्व के प्रमाण होने...
अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR पर रोक हटाई गई, हाइकोर्ट का सेशन कोर्ट को नए सिरे से सुनवाई का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर लगी रोक रद्द की। यह मामला न्यूज़लॉन्ड्री की संपादकीय निदेशक मनीषा पांडे द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत अय्यर मित्रा ने सोशल मीडिया पर उनके और अन्य महिला कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट को वापस भेजते हुए निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कारण सहित नया आदेश पारित किया...
फडणवीस और शिंदे के खिलाफ बयान दिलाने की साजिश मामले में संजय पांडे को बड़ी राहत, हाइकोर्ट ने रद्द की FIR
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे तथा एक एडवोकेट के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। इन दोनों पर आरोप था कि उन्होंने एक कारोबारी पर दबाव बनाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयान दिलाने की कोशिश की थी।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की विशेष खंडपीठ ने बुधवार को अदालत में यह आदेश सुनाया।खंडपीठ संजय पांडे, एडवोकेट शेखर जगताप और अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।ठाणे और...
मनी लॉन्ड्रिंग केस में GamesKraft के संस्थापकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज के संस्थापकों दीपक सिंह, विकास तनेजा और पृथ्वीराज सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। अदालत ने तीनों को 2 जून 2026 तक जेल भेजने का आदेश दिया।यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मामले में की गई। इससे पहले 8 मई को गिरफ्तारी के बाद विशेष अदालत ने दो अलग-अलग मौकों पर तीनों को ED की हिरासत में भेजा था।ED का आरोप है कि GamesKraft ने खेलों के नतीजों में हेरफेर किया और ग्राहकों को बड़े पैमाने पर पैसे जमा करने...
शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों को खिलाना है तो डॉग-बाइट की जिम्मेदारी भी लें : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों में पशु कल्याण समूह (Animal Welfare Groups) या छात्र संगठन तभी आवारा कुत्तों को खाना खिला सकते हैं या उनकी देखभाल कर सकते हैं, जब वे परिसर में किसी भी डॉग-बाइट या संबंधित नुकसान की कानूनी जिम्मेदारी लेने का औपचारिक हलफनामा (Affidavit) दें।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के अधिकारों और संरक्षण को मानव जीवन एवं...
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सभी हाईकोर्ट्स को निगरानी के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर के सभी हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों से हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की निगरानी के लिए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) रिट याचिकाएं दर्ज करें। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का लगातार उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही (Contempt Proceedings) शुरू की जा सकती है।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने यह...
गोदनामे से ही वैध नहीं मानी जाएगी गोद लेने की प्रक्रिया, 'लेने-देने' की रस्म जरूरी : राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गोदनामा तैयार कर लेने भर से किसी गोद लेने की प्रक्रिया को कानूनन वैध नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत बच्चे को गोद देने और लेने की वास्तविक रस्म का होना अनिवार्य है और इसे महज औपचारिकता नहीं माना जा सकता।जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निचली अदालत और अपीलीय अदालत द्वारा गोदनामे को अमान्य ठहराने के फैसले को चुनौती दी गई।मामले में महिला पक्ष ने कहा कि...
RTI Act के तहत जानकारी मिलने के बाद मूल दस्तावेज मांगने का अधिकार नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक RTI आवेदक की याचिका खारिज करते हुए कहा कि जब केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) उपलब्ध अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध करा देता है तब आवेदक मूल दस्तावेज देने की मांग नहीं कर सकता।जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक ने अपने आदेश में कहा कि RTI Act के तहत लोक प्राधिकरण की जिम्मेदारी केवल उन दस्तावेजों और सूचनाओं को उपलब्ध कराने तक सीमित है, जो उसके पास उपलब्ध और सुलभ हैं।अदालत ने कहा,“जो दस्तावेज संबंधित प्राधिकरण के पास उपलब्ध थे, उनकी प्रतियां याचिकाकर्ता को पहले ही दी जा चुकी हैं। मूल...
'एक ही आरोपों पर समानांतर FIRs की अनुमति नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने Brahma City/Krrish World प्रोजेक्ट से जुड़ी FIRs एक साथ जोड़ीं
यह दोहराते हुए कि एक ही लेन-देन या घटना के संबंध में कई FIRs दर्ज नहीं की जा सकतीं, सुप्रीम कोर्ट ने NCR-स्थित रियल एस्टेट डेवलपर अमित कात्याल के खिलाफ हरियाणा में दर्ज एक FIR को दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा पहले से दर्ज अन्य FIR के साथ जोड़ने का आदेश दिया। ये FIRs "Brahma City/Krrish World" प्रोजेक्ट से जुड़े कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले में दर्ज की गईं।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने T.T. Antony बनाम State of Kerala, (2001) 6 SCC 181 मामले का...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मरीज़ों को लुभाने के लिए 'जानबूझकर' पैकेज रेट कम करने वाले पैनल में शामिल अस्पतालों पर सख्ती की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को आदेश दिया कि वे पैनल में शामिल सभी अस्पतालों के पैकेज रेट की जाँच करें और पॉलिसी के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई करें, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।कोर्ट ने अस्पतालों की उस प्रथा के खिलाफ भी चेतावनी दी, जिसमें वे मरीज़ों को लुभाने के लिए जानबूझकर कम पैकेज रेट देते हैं। बाद में ज़रूरी प्रक्रियाओं के लिए अलग से पैसे वसूलते हैं; कोर्ट ने कहा कि ऐसे आचरण की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 साल पुराने 'घोषित अपराधी' का आदेश रद्द किया, कहा - आरोपी को कार्यवाही की जानकारी नहीं थी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 'घोषित अपराधी' करार देने वाला 24 साल पुराना आदेश रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल की कार्यवाही से उसकी गैरमौजूदगी जानबूझकर नहीं थी, बल्कि उसे इस बारे में जानकारी ही नहीं थी।जस्टिस राजेश भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता आदेशों के बावजूद गैरमौजूद रहा, क्योंकि उसे चल रही कार्यवाही के बारे में पता ही नहीं था। इसकी वजह यह थी कि वह गुजरात में रह रहा था। लेकिन अब याचिकाकर्ता कार्यवाही में शामिल होने और ट्रायल का सामना करने के लिए उत्सुक और तैयार है।कोर्ट एक...
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंत्री की ऑनलाइन आलोचना करने पर टीचर का सस्पेंशन रद्द किया, कहा - 'कार्यकारी नाराज़गी' कानून से ऊपर नहीं हो सकती
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी टीचर का सस्पेंशन रद्द किया। टीचर को सोशल मीडिया पर एक मौजूदा मंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में सस्पेंड किया गया।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने फैसला सुनाया कि सस्पेंशन के आदेश में इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था कि किस कानूनी अधिकार के तहत याचिकाकर्ता को सस्पेंड किया गया। कोर्ट ने कहा कि कार्यकारी नाराज़गी या किसी को हुई कथित शर्मिंदगी, कानूनी अधिकार की जगह नहीं ले सकती।कोर्ट ने टिप्पणी की कि ज़्यादा से ज़्यादा इन आरोपों के आधार पर कानून के मुताबिक सिर्फ़ विभागीय...
पाकिस्तान के साथ संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने के आरोपी व्यक्ति को मिली ज़मानत
राजस्थान हाईकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी, जिस पर सैन्य ठिकानों से जुड़ी रणनीतिक और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाने के 'गंभीर आरोप' हैं। कोर्ट ने यह फैसला इस आधार पर दिया कि जांच एजेंसियां गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी लिखित रूप में देने की अनिवार्य शर्त को पूरा करने में विफल रहीं।जस्टिस प्रवीर भटनागर की पीठ ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उनके पास ज़मानत देने के अलावा 'कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था'। पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा और...
अफीम की खेती में कोई 'व्यावसायिक मात्रा' नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS के तहत 20 साल की सज़ा को 'स्पष्ट रूप से अवैध' बताया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि एक ट्रायल कोर्ट ने अफीम के पौधों की खेती से जुड़े एक मामले में NDPS Act की धारा 18(b) के तहत एक आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सज़ा देकर "स्पष्ट रूप से अवैध" काम किया। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अफीम के पौधों की खेती को "व्यावसायिक मात्रा" से जुड़ा मामला नहीं माना जा सकता।बता दें, धारा 18(b) अफीम के पौधों और अफीम से जुड़े उल्लंघन के लिए सज़ा का प्रावधान करती है। यदि उल्लंघन में व्यावसायिक मात्रा शामिल हो तो इसके लिए कम-से-कम दस साल की...
'इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC को हिरासत में हुई मौत का केस सिर्फ़ पुलिस के बयान पर बंद करने के लिए फटकारा
यह देखते हुए कि एक दिव्यांग व्यक्ति की हिरासत में हुई मौत का 16 साल पुराना मामला गंभीर "संस्थागत विफलताओं" को उजागर करता है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और UP पुलिस को फटकारा और मामले की सच्चाई सामने लाने में हाईकोर्ट की अपनी प्रक्रियागत देरी को भी स्वीकार किया।अपने 16-पृष्ठों के आदेश में कोर्ट ने NHRC की कड़ी आलोचना की कि उसने बिना किसी स्वतंत्र जाँच के, पुलिस के बयान को ही अंतिम सत्य मानकर 2009 के इस मामले को बंद कर दिया।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस...




















