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सुप्रीम कोर्ट ने BNS की धारा 69 के बारे में बताया: शादी का असली वादा तोड़ने पर धोखे से सेक्स का अपराध नहीं बनता

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज FIR रद्द की। इस धारा में धोखे से (जैसे शादी का झूठा वादा करके) सहमति लेकर सेक्स करने को अपराध माना गया। कोर्ट ने पाया कि शिकायत से ही पता चलता है कि यह धोखे से बहला-फुसलाकर बनाया गया संबंध नहीं, बल्कि आपसी सहमति से बना संबंध था। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की माँ की इजाज़त न होने के कारण शादी से इनकार करना धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के...

साफ़ तौर पर अवैध ढांचा: दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी स्कूल की ज़मीन पर अवैध रूप से बने मंदिर को हटाने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी स्कूल के लिए तय ज़मीन पर बने मंदिर को रेगुलर करने की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि मंदिर बिना मंज़ूरी के और सरकारी ज़मीन के निपटारे से जुड़े नियमों के खिलाफ बनाया गया।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि मंदिर "साफ़ तौर पर एक अवैध ढांचा" था और इसे उस ज़मीन पर बने रहने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।याचिकाकर्ता रजिस्टर्ड सोसाइटी है। उसने कोर्ट से DDA के 2021 का फैसला रद्द करने और वहां बने मंदिर को रेगुलर करने की मांग की थी।कोर्ट ने पाया कि यह ज़मीन मूल रूप से नर्सरी स्कूल...

जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर में साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की देखरेख के लिए हाईकोर्ट ने बनाई कमेटी

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर ट्रस्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए कमेटी बनाई। यह कमेटी भक्तों के लिए साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की ज़रूरतों पर नज़र रखेगी और इस संबंध में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएँ तैयार करेगी।जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच एक PIL (जनहित याचिका) पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ खास महीनों में रोज़ाना आने वाले लगभग 2-3 लाख भक्तों के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और साफ़-सफ़ाई व हेल्थकेयर जैसी...

साबित न हुए गलत व्यवहार के आधार पर पिछली बकाया सैलरी पूरी तरह से नहीं रोकी जा सकती, दिल्ली हाईकोर्ट ने 50% राहत दी

जस्टिस संजीव नरूला की दिल्ली हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन रूल्स, 1973 के नियम 121 के तहत, मैनेजिंग कमेटी के लिए यह ज़रूरी है कि वह नौकरी पर वापस बुलाए जाने पर पिछली बकाया सैलरी के बारे में सही और निष्पक्ष फैसला ले। वह बिना साबित हुए आरोपों या अनुमानों के आधार पर सैलरी देने से इनकार नहीं कर सकती।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता 'न्यू सरस्वती पब्लिक सेकेंडरी स्कूल' में असिस्टेंट टीचर थे। उनकी नियुक्ति मूल रूप से 15 अक्टूबर 1993 को हुई थी। उनकी सेवाएँ 16 अक्टूबर 2002 और 14 नवंबर 2002...

कुत्ता टहलाने के लिए त्यागराज स्टेडियम खाली करवाने वाले IAS अधिकारी की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में IAS अधिकारी रिंकू ढुग्गा की बहाली पर रोक लगाई। सरकार ने उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया था, क्योंकि उन पर और उनके पति (जो खुद भी IAS अधिकारी हैं) पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली करवाया ताकि वह अपने कुत्ते को टहला सकें।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस केंद्र सरकार की उस याचिका पर जारी किया गया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को...

सिर्फ़ लंबे समय तक कब्ज़ा एडवर्स पज़ेशन साबित नहीं करता, इसके लिए विरोधी इरादा ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (10.09.2026) को कहा कि किसी प्रॉपर्टी पर सिर्फ़ लंबे समय तक और बिना रुकावट कब्ज़ा होना ही 'एडवर्स पज़ेशन' (प्रतिकूल कब्ज़ा) का दावा साबित करने के लिए काफ़ी नहीं है। इसके लिए यह साबित करना ज़रूरी है कि कब्ज़ा किस बिंदु पर असली मालिक के खिलाफ़ (विरोधी) हो गया।ऐसा फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में कब्ज़े को 'गैर-मरूसी बिला लगान बवजह धर्म-अर्थ' (यानी धार्मिक उद्देश्यों के लिए बिना किराया दिए कब्ज़ा) के तौर पर दर्ज करना प्रॉपर्टी को पूरी तरह से...

अगर तलाकशुदा पत्नी ने दोबारा शादी नहीं की तो वह गुज़ारा-भत्ता का दावा कर सकती है: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि पति द्वारा हासिल किया गया तलाक का एकतरफ़ा आदेश (ex parte decree) अपने आप में उसकी पूर्व पत्नी का भरण-पोषण करने की कानूनी ज़िम्मेदारी को खत्म नहीं करता, बशर्ते पत्नी ने दोबारा शादी न की हो और वह अपना खर्च उठाने में असमर्थ हो।साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि एक अविवाहित बेटी, जो CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की याचिका दायर करने से पहले ही बालिग हो चुकी है और जिसे कोई शारीरिक या मानसिक अक्षमता नहीं है, वह इस प्रावधान के तहत भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती।जस्टिस उदय कुमार ने...

मुस्लिम व्यक्ति की दूसरी शादी अमान्य नहीं, IPC की धारा 494 के तहत दो शादियां करने का अपराध नहीं बनता: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में पक्ष मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आते हैं, वहां किसी व्यक्ति की दूसरी शादी सिर्फ़ इसलिए "अमान्य" नहीं मानी जाएगी कि उसकी पहली शादी अभी भी कायम है। इसलिए IPC की धारा 494 के तहत बिगैमी का अपराध नहीं बनेगा।जस्टिस एन. तुकारामजी की सिंगल जज बेंच ने मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ बिगैमी की कार्यवाही रद्द की, क्योंकि उन्हें लगा कि IPC की धारा 494 के लिए ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं हो रही थीं।कोर्ट ने कहा:"इसके अलावा, पक्षकारों पर लागू होने वाले पर्सनल लॉ से जुड़ा एक अलग और...

सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को रेगुलेट करने की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस' की PIL पर केंद्र को नोटिस जारी किया। इस PIL में नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा उपायों की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट एच.एस. फूलका की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान, बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि कुछ सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए।जस्टिस बागची ने कहा, "कुछ फायरवॉल...

सुप्रीम कोर्ट का जम्मू-कश्मीर सरकार को आदेश- सरकारी टीचर को एशियन गेम्स के लिए नेशनल कयाकिंग कोच बनने की मंज़ूरी दें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (10 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर सरकार को आदेश दिया कि वह तुरंत एक फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए रिलीविंग ऑर्डर, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और मंज़ूरी जारी करें। इस टीचर को इंडियन नेशनल कयाकिंग और कैनोइंग टीम का चीफ कोच चुना गया, ताकि वह एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ले सकें।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें स्पोर्ट्स टीचर सुश्री बिलकिस मीर को रिलीविंग ऑर्डर और NOC देने से...

रेवेन्यू केस को खारिज करना और साथ ही रिमांड ऑर्डर रद्द करना, वादी को अपील के अधिकार से वंचित करता है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने रेवेन्यू बोर्ड का आदेश रद्द करते हुए कहा कि अगर रिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर की जाती है। साथ ही ऊपरी अदालत इस बात से संतुष्ट होती है कि आदेश सही या उचित नहीं था, तो मामले को नए सिरे से फैसला करने के लिए पहली अपीलीय अदालत में वापस भेजा (रिमांड) जा सकता है, लेकिन वादी के रेवेन्यू केस को खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि अगर केस खारिज करने वाले ऐसे आदेशों की अनुमति दी जाती है तो अपील करने वाले को पहली अपील के अधिकार का लाभ उठाने से वंचित कर...

झारखंड हाईकोर्ट ने 4 साल की बच्ची की अंतरिम कस्टडी मां को सौंपी, IVF प्रक्रिया से जुड़े दर्द और त्याग पर ध्यान दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कस्टडी के मामलों में नाबालिग बच्चे का कल्याण और सर्वोत्तम हित सबसे महत्वपूर्ण बात होनी चाहिए। चार साल की बच्ची की अंतरिम कस्टडी उसकी माँ को सौंपते हुए कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि बच्ची का जन्म IVF के ज़रिए हुआ था और माँ ने "इससे जुड़े दर्द और त्याग" को सहा है।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की डिवीज़न बेंच हज़ारीबाग की फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। फैमिली कोर्ट ने 'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट, 1890' की धारा 12 के तहत माँ...

परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी करने वाली बालिग़ महिला को बयान के लिए यात्रा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती पुलिस: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसी बालिग़ महिला को सिर्फ़ उसका बयान दर्ज करने के लिए ग़ाज़ीपुर की यात्रा करने के लिए मजबूर न करें, क्योंकि उसने परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी करने के बाद अपनी जान और आज़ादी को ख़तरा होने की आशंका जताई थी। [2026 LiveLaw (MP) 364]याचिकाकर्ता को "पूछताछ/जांच में सहयोग करने" का निर्देश देते हुए जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने निर्देश दिया:"मौजूदा मामले के तथ्यों को देखते हुए याचिकाकर्ता ने साफ़ तौर पर आशंका जताई है कि अगर उसे ग़ाज़ीपुर...

IRCTC Scam: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को कथित IRCTC घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश दिया।कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा, "राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के पास पद के दुरुपयोग और अपराध से मिली कमाई होने का मज़बूत शक है। वे पटना में एक ऐसी ज़मीन का फ़ायदा उठा रहे हैं जो उन्हें लालू प्रसाद यादव के कहने पर 2005...

पेमेंट में देरी के आधार पर मील की ज़रूरत से कम गन्ना आवंटित करना सही नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मील की अनुमानित ज़रूरत से कम गन्ना आवंटित करने के भेदभावपूर्ण फ़ैसले को कम गन्ना उठाने या गन्ना मूल्य के भुगतान में कथित देरी के आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब कम आवंटन के कारण ही कम गन्ना उठाया गया और मिल की भुगतान करने की क्षमता प्रभावित हुई।कोर्ट ने यह भी कहा कि गन्ना आवंटन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि सप्लाई किए गए गन्ने का केवल 60% ही अंततः पेराई के लिए उपलब्ध होता है, जबकि बाकी 40% चोरी और अन्य नुकसानों में चला जाता है।जस्टिस जे.जे....

पति को माता-पिता से अलग रहने के लिए मजबूर करना और बिना वजह बार-बार मायके जाना क्रूरता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि पत्नी यह जानते हुए भी कि उसका पति अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है, उसे संयुक्त परिवार से अलग होकर अलग घर बसाने के लिए मजबूर करती है और बिना उचित कारण बार-बार मायके जाती है, तो यह पति के प्रति वैवाहिक क्रूरता (Cruelty) माना जा सकता है।जस्टिस पीटी आशा और जस्टिस एन. माला की पीठ ने इसी आधार पर फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए तलाक के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और पत्नी की अपील खारिज कर दी।क्या था मामला?पति-पत्नी की शादी जून 2019 में हुई थी। पति के...