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नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba*ds of Bollywood को लेकर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका खारिज
नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba*ds of Bollywood को लेकर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba**ds of Bollywood में कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर दायर वाद को खारिज कर दिया।जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए वानखेड़े को सक्षम न्यायालय के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी।हाईकोर्ट ने कहा कि वादपत्र को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए लौटाया जाता है तथा अंतरिम आवेदन भी खारिज किए जाते हैं।यह वाद आर्यन खान द्वारा निर्देशित और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट...

सेवा नियमों के उल्लंघन में कोर्ट कर्मचारी नियमित स्टूडेंट के रूप में LLB नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
सेवा नियमों के उल्लंघन में कोर्ट कर्मचारी नियमित स्टूडेंट के रूप में LLB नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एकल जज का आदेश रद्द किया, जिसमें जिला एवं सेशन कोर्ट में कार्यरत एक परिवीक्षाधीन कर्मचारी को नियमित स्टूडेंट के रूप में LLB के तृतीय वर्ष में अध्ययन की अनुमति दी गई थी।हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की अनुमति का सीधा प्रभाव प्रशासनिक अनुशासन, कार्यालय की कार्यप्रणाली और वैधानिक नियमों के अनुपालन पर पड़ता है।मामले के अनुसार सितंबर, 2022 में उत्तरदाता को प्रधान जिला एवं सेशन कोर्ट में सहायक ग्रेड-3 के पद पर तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए नियुक्त किया गया था। नियुक्ति की...

NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट
NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस से संबंधित शिकायत कोई तीसरा व्यक्ति दाखिल नहीं कर सकता, भले ही उस लेन-देन से वह अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्यों न हो।हाइकोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायत केवल चेक के पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स द्वारा ही दायर की जा सकती है।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स का अधिकृत प्रतिनिधि, जैसे पावर ऑफ अटॉर्नी धारक या कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, शिकायत दाखिल...

प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी वर्कमैन; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी 'वर्कमैन'; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2(स) के अंतर्गत वर्कमैन की परिभाषा में आते हैं। हाइकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रोबेशनरी कर्मचारी की सेवाएं साधारण बर्खास्तगी के रूप में बिना कलंक लगाए समाप्त की जाती हैं, तो उसके लिए पूर्ण विभागीय जांच आवश्यक नहीं है और ऐसी बर्खास्तगी कानूनन वैध मानी जाएगी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने एकल जज के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह फैसला सुनाया।मामला सरिता तिवारी...

रिश्ता किसी की गरिमा से खिलवाड़ का लाइसेंस नहीं: झारखंड हाइकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
रिश्ता किसी की गरिमा से खिलवाड़ का लाइसेंस नहीं: झारखंड हाइकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

झारखंड हाइकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जिस पर आरोप है कि उसने एक महिला के नाम से फर्जी ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसकी आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री उसके नियोक्ता को भेजी। आरोपी महिला के साथ कथित रूप से सहमति से बने अतिरिक्त वैवाहिक संबंध में था।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ साइबर थाना कांड संख्या 14/2025 से संबंधित अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की...

अगर भुगतान नहीं हुआ है तो बलराम फैसले से पहले मैनुअल सीवर सफाई से हुई मौतों के लिए 30 लाख रुपये का मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया
अगर भुगतान नहीं हुआ है तो 'बलराम' फैसले से पहले मैनुअल सीवर सफाई से हुई मौतों के लिए 30 लाख रुपये का मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि उसका फैसला, जिसमें मैनुअल मैला ढोने और मैनुअल सीवर सफाई के कारण हुई मौतों के लिए मुआवजे को बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया गया था, उन मामलों पर भी लागू होगा जिनमें मौतें फैसले से पहले हुई थीं, अगर मुआवजा तय नहीं किया गया है और भुगतान नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में दिए गए बलराम के फैसले में, मैनुअल मैला ढोने और सीवर सफाई से हुई मौतों के लिए मुआवजे को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया था।यह स्पष्टीकरण नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी...

NEET-PG : सुप्रीम कोर्ट ने जामिया हमदर्द एफिलिएशन विवाद के बीच 2025-26 की काउंसलिंग में HIMSR की 49 सीटों को शामिल करने का निर्देश दिया
NEET-PG : सुप्रीम कोर्ट ने जामिया हमदर्द एफिलिएशन विवाद के बीच 2025-26 की काउंसलिंग में HIMSR की 49 सीटों को शामिल करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने जामिया हमदर्द डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी द्वारा एफिलिएशन की सहमति जारी न होने के बावजूद, मौजूदा एकेडमिक ईयर (2025-2026) के लिए हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) की 49 पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों के लिए काउंसलिंग की अनुमति दी।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा कि NEET-PG में शामिल हुए और रैंक हासिल करने वाले पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए काउंसलिंग 29 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली थी।कोर्ट ने कहा,“NMC/प्रतिवादी नंबर 6 को निर्देश दिया...

सुप्रीम कोर्ट ने घर से दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए पोस्टल बैलेट की मांग वाली याचिका पर केंद्र और ECI से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने घर से दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए पोस्टल बैलेट की मांग वाली याचिका पर केंद्र और ECI से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें घर से दूर रहने वाले छात्रों को चुनाव में वोट डालने में सक्षम बनाने के लिए छुट्टी या पोस्टल बैलेट की सुविधा देने की मांग की गई।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सीनियर एडवोकेट के परमेश्वर (याचिकाकर्ता के लिए) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। सीनियर वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी कि जब तक कोई व्यक्ति रक्षा बल का सदस्य नहीं है, या देश के बाहर तैनात...

ART Act के तहत उम्र की सीमा व्यक्तियों पर लागू होती है, जोड़ों पर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शोक संतप्त माता-पिता को IVF की अनुमति दी
ART Act के तहत उम्र की सीमा व्यक्तियों पर लागू होती है, जोड़ों पर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शोक संतप्त माता-पिता को IVF की अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक शादीशुदा जोड़े को असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) सेवाएं देने से इनकार करने वाला आदेश रद्द किया, जिन्होंने 2024 में अपने इकलौते बेटे को खो दिया था। कोर्ट ने कहा कि असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एक्ट (ART Act), 2021 किसी भी जोड़े के लिए उम्र की कोई सीमा तय नहीं करता है और स्पष्ट रूप से डोनर ओसाइट्स के इस्तेमाल की अनुमति देता है।रिट याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राज्य अपीलीय प्राधिकरण द्वारा 06 फरवरी, 2025 को पारित आदेश रद्द कर दिया, जिसने उम्र,...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि बोलने की आज़ादी महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह आज़ादी की आड़ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानहानिकारक, अपमानजनक या दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने तक नहीं फैली हुई है।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल दूसरों के अधिकारों को कुचलने के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर प्रतिष्ठा के अधिकार को, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना जाने वाला एक मूल्यवान अधिकार है।कोर्ट ने कहा...

जमानत याचिका में जांच आयोग कैसे गठित हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
'जमानत याचिका में जांच आयोग कैसे गठित हो सकता है?' सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (28 जनवरी) को उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ द्वारा पारित अग्रिम जमानत (anticipatory bail) आदेश को चुनौती दी गई है। उक्त आदेश में हाईकोर्ट ने आरोपों की जांच के लिए एक जांच आयोग (Enquiry Commission) गठित करने का निर्देश दिया था।यह मामला जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की खंडपीठ के समक्ष आया। पीठ ने उस आदेश के उस हिस्से के संचालन पर अंतरिम रोक (stay) लगा दी, जिसमें हाईकोर्ट ने जांच आयोग के गठन का निर्देश दिया था।याचिकाकर्ता की...

समुद्र तटों पर आवारा कुत्तों के हमले पर्यटन को प्रभावित करते हैं : सुप्रीम कोर्ट
'समुद्र तटों पर आवारा कुत्तों के हमले पर्यटन को प्रभावित करते हैं' : सुप्रीम कोर्ट

आवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गोवा और केरल के समुद्र तटों पर पर्यटकों पर कुत्तों के हमलों की घटनाओं पर ध्यान दिया।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। जस्टिस संदीप मेहता ने टिप्पणी की कि मछलियों के शवों की मौजूदगी के कारण कुत्ते समुद्र तटों की ओर आकर्षित होते हैं और उन्होंने पर्यटन पर कुत्तों के हमलों के प्रभाव को उठाया।जस्टिस मेहता ने कहा, "यह (आवारा कुत्तों की समस्या) पर्यटन को भी प्रभावित करती...

राजनीतिक रूप से पिछड़े वर्ग OBCs से अलग: सुप्रीम कोर्ट में याचिका ने महाराष्ट्र की बांठिया आयोग रिपोर्ट को चुनौती दी
'राजनीतिक रूप से पिछड़े वर्ग OBCs से अलग': सुप्रीम कोर्ट में याचिका ने महाराष्ट्र की बांठिया आयोग रिपोर्ट को चुनौती दी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बांठिया आयोग की फाइंडिंग्स को चुनौती देने वाली और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण के मकसद से 'राजनीतिक रूप से पिछड़े वर्गों' को तय करने के लिए एक नई समिति बनाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस मामले में नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन पेश हुए।यह रिट याचिका यूथ फॉर इक्वालिटी फाउंडेशन नाम के NGO ने दायर...

औकाफ सूची में स्पेसिफाई या वक्फ एक्ट के तहत रजिस्टर्ड न होने वाली संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता ट्रिब्यूनल: सुप्रीम कोर्ट
'औकाफ सूची' में स्पेसिफाई या वक्फ एक्ट के तहत रजिस्टर्ड न होने वाली संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता ट्रिब्यूनल: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (28 जनवरी) को फैसला सुनाया कि वक्फ ट्रिब्यूनल का अधिकार क्षेत्र केवल उन प्रॉपर्टीज़ पर है, जो "औकाफ की सूची" में नोटिफाई की गई या वक्फ एक्ट के तहत रजिस्टर्ड हैं, न कि अनरजिस्टर्ड प्रॉपर्टीज़ से जुड़े विवादों पर।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने तेलंगाना हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसने वक्फ एक्ट के तहत अनरजिस्टर्ड प्रॉपर्टी के संबंध में वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए इंजंक्शन को सही ठहराया था।विवादित फैसले से असहमत होते हुए कोर्ट ने ऑब्ज़र्व...

SIR | औपचारिक अपील की कमी का मतलब यह नहीं कि गलत तरीके से नाम नहीं हटाए गए: योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
SIR | औपचारिक अपील की कमी का मतलब यह नहीं कि गलत तरीके से नाम नहीं हटाए गए: योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन के दौरान नाम हटाने के खिलाफ औपचारिक अपील की कमी का मतलब यह नहीं है कि गलत तरीके से नाम नहीं हटाए गए। यादव ने कहा कि बिहार में, गलत तरीके से हटाए गए कई मतदाताओं को फॉर्म 6 आवेदन दाखिल करके नए मतदाताओं के रूप में अपना नाम सूची में शामिल करवाना पड़ा।यादव बिहार SIR को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 24(A) के तहत औपचारिक अपील की...

ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी के खिलाफ FIR रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार, पूछा- कौन सुरक्षित है?
ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी के खिलाफ FIR रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार, पूछा- 'कौन सुरक्षित है?

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी) को बेंगलुरु में एक कपड़ों की दुकान के ट्रायल रूम में महिला की तस्वीरें लेने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।याचिकाकर्ता ने BNS की धारा 77 के तहत ताक-झांक के अपराध के लिए पुलिस द्वारा दर्ज 2024 की FIR रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की। इस बीच याचिका में जांच पर रोक लगाने की भी मांग की गई।शुरुआत में जब मामला सामने आया तो जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक रूप से पूछा,"आपने फोन...

रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) से शहर के वसंत कुंज इलाके में "घनी" हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से लगाए गए और चलाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने अथॉरिटी से 4 हफ़्ते में जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को तय की।एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि संबंधित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स पहले से ही शहर के...

नीली बत्ती और जज साइन वाली कार चलाने वाले बच्चे के खिलाफ मामला हुआ रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- JJ Act की जांच समय-सीमा से ज़्यादा हो गई
नीली बत्ती और 'जज' साइन वाली कार चलाने वाले बच्चे के खिलाफ मामला हुआ रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- JJ Act की जांच समय-सीमा से ज़्यादा हो गई

कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक बच्चे के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत शुरू की गई कार्यवाही रद्द की, जो नीली बत्ती वाली चार पहिया गाड़ी चला रहा था और डैशबोर्ड पर "जज" लिखा हुआ साइन लगा था। कोर्ट ने पाया कि JJ Act की धारा 14(2) के तहत तय चार महीने की समय सीमा के बाद भी जांच अधूरी रही।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की बेंच ने कहा,"धारा 14(2) में बताए गए प्रावधानों का पालन न करने का नतीजा, जैसा कि ऊपर बताया गया, Act की धारा 14(4) में बताया गया। इस मामले में चार्जशीट 4 (चार) महीने की अवधि के बाद दायर...

चांदनी चौक इलाके में अवैध गतिविधियों और कमियों की निगरानी के लिए कमेटी बनाएगा हाईकोर्ट
चांदनी चौक इलाके में अवैध गतिविधियों और कमियों की निगरानी के लिए कमेटी बनाएगा हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह शहर के चांदनी चौक और आसपास के इलाकों में कमियों और अवैध गतिविधियों की निगरानी और उन्हें दूर करने के लिए एक ओवरसाइट कमेटी बनाएगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने मौखिक रूप से कहा,"अधिकारी भी वैसे काम नहीं कर रहे हैं जैसा उन्हें करना चाहिए...जैसा कि हमने पहले प्रस्ताव दिया था, हम एक कमेटी बनाएंगे... हमारा प्रस्ताव है कि हम एक कमेटी बनाएंगे और MCD सहित सभी विभाग कमेटी को रिपोर्ट करेंगे... हम कमेटी से रिपोर्ट मंगवाएंगे... और शायद उम्मीद है...

सुप्रीम कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में आरोपी नवल किशोर कपूर की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में आरोपी नवल किशोर कपूर की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज टेरर फंडिंग मामले में नवल किशोर कपूर द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। खबरों के मुताबिक, वह ज़हूर अहमद शाह वटाली से जुड़ा हुआ है और पहले ही 7.5 साल हिरासत में बिता चुका है।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सीनियर एडवोकेट शादान फरासत (कपूर के लिए) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया, जिन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें कपूर को जमानत देने से इनकार कर...