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दिल्ली में छात्र-प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशन बंद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में छात्र प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशनों को बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में स्टेशनों को बंद करने की कार्रवाई को अवैध और असंगत (Disproportionate) बताते हुए कहा गया कि सार्वजनिक सुविधा को प्रदर्शन रोकने के लिए बंद करने का कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है।मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और दिल्ली...

नाबालिगों को गाड़ी के बोनट से बांधकर घुमाने का मामला: पुणे पुलिस कमिश्नर के खिलाफ FIR की मांग

महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुणे में तीन नाबालिग लड़कों को पुलिस वाहन के बोनट से बांधकर सड़कों पर घुमाने और उनके साथ मारपीट किए जाने के मामले में पुणे पुलिस कमिश्नर समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की।आयोग ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि मामले की जांच तेजी से पूरी कराई जाए और जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी जाए, जो अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक या उससे ऊपर के पद का हो। मामला पुणे के भारती विद्यापीठ थाना क्षेत्र का है। 21 जुलाई को एक युवक की हत्या के...

नैनीताल में दूषित पानी पर हाईकोर्ट सख्त, 24 घंटे में हेल्पलाइन बनाने का आदेश

नैनीताल जिले के कई इलाकों में दूषित पेयजल और जलजनित बीमारियों के फैलने के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने नैनीताल के जिलाधिकारी को 24 घंटे के भीतर आम लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरू करने और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। इस हेल्पलाइन के जरिए लोग दूषित पानी से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने वकील रवि बिष्ट की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। अदालत के सामने खबरों...

S. 197 CrPC | कस्टडी में हिंसा पुलिस की आधिकारिक ड्यूटी नहीं, यह अपराध है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का पुलिसकर्मियों को राहत देने से इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कस्टडी में लोगों को बार-बार पीटने और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी पुलिसकर्मियों की डिस्चार्ज (आरोप से बरी करने) की अर्जी खारिज करने का फैसला सही ठहराया।कोर्ट ने कहा कि ऐसी हिंसा को पुलिस की ड्यूटी का हिस्सा नहीं माना जा सकता और इसे केवल अपराध ही कहा जा सकता है।जस्टिस मदन पाल सिंह की बेंच ने पाया कि कस्टडी में लोगों के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर और उन्हें उल्टा लिटाकर बार-बार पीटा गया था।कोर्ट पुलिसकर्मियों (जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी) की दो जुड़ी हुई...

राजनीतिक भाषण मामले में विधायक हुमायूं कबीर को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

पश्चिम बंगाल के आम जनता उन्नयन पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर को कथित राजनीतिक भाषण से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दी।कोर्ट ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत अपराध के प्रथम दृष्टया आवश्यक तत्व मामले में दिखाई नहीं देते और कबीर से हिरासत में पूछताछ की जरूरत भी नहीं है। जस्टिस अजय कुमार गुप्ता ने 10 सितंबर को हुमायूं कबीर की अग्रिम जमानत याचिका पर यह आदेश पारित किया।बता दें, मामला रेजीनगर थाने में दर्ज FIR से जुड़ा है।...

सरकारी कर्मचारी के लिए इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने खारिज की री-जॉइनिंग की याचिका

चुनाव लड़ने के लिए सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी को चुनाव हारने के बाद दोबारा सेवा में लौटने की कोशिश भारी पड़ी। राजस्थान हाईकोर्ट ने साफ किया कि राजनीतिक दल के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के बाद सरकारी कर्मचारी राजनीतिक निष्पक्षता का दावा नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि केवल यह पता चलना कि इस्तीफा देने के बाद पेंशन संबंधी लाभ नहीं मिलेंगे, इस्तीफा वापस लेने के लिए बाध्यकारी कारण नहीं माना जा सकता। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने उत्तर पश्चिम...

लिखित बयान में दिए गए बचाव को CPC ऑर्डर 7 नियम 11 के तहत शिकायत खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई ऐसा बचाव जो, अगर साबित हो जाए तो वादी के दावे को खारिज कर सकता है, उसे आम तौर पर सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के ऑर्डर VII नियम 11(a) के तहत शिकायत खारिज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।कोर्ट ने कहा कि जांच केवल शिकायत में कही गई बातों पर निर्भर करती है और प्रतिवादी द्वारा अपने लिखित बयान में उठाए गए तर्क यह तय करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं कि शिकायत में कार्रवाई का कारण (cause of action) बताया गया है या नहीं।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा,“कार्रवाई...

सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए सोशल सिक्योरिटी उपायों की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में पूरे भारत में प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के कल्याण, सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट के बाद सुरक्षा के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति और कानूनी ढांचा बनाने की मांग की गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए तय की।यह याचिका ऑल-इंडिया टीचर्स...

पीड़िता की उम्र साबित नहीं हुई: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO के तहत 20 साल की सज़ा रद्द की; रेप के लिए 12 साल की सज़ा सुनाई

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि POCSO Act की धारा 4 के तहत सज़ा तब तक नहीं दी जा सकती, जब तक अभियोजन पक्ष यह साबित न कर दे कि पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी, भले ही IPC की धारा 376(1) के तहत रेप का अपराध अलग से साबित हो गया हो।जस्टिस माइकल ज़ोथानखुमा और जस्टिस शमीमा जहान की डिवीज़न बेंच ने कहा,"हमारा मानना ​​है कि भले ही POCSO Act, 2012 की धारा 4 के तहत सज़ा नहीं दी जा सकती - क्योंकि ट्रायल के दौरान पीड़िता की उम्र 18 साल से कम होना साबित नहीं हो पाया - लेकिन अपीलकर्ता द्वारा पीड़िता के साथ रेप की...

बॉम्बे हाईकोर्ट में जजों की खाली जगहों पर दिखाया गुस्सा: सुप्रीम कोर्ट ने लॉ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा महाराष्ट्र लॉ डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी और सीनियर ज्यूडिशियल ऑफिसर दिलीप एस. घुमारे के खिलाफ शुरू की गई अवमानना ​​की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया। घुमारे पर हाईकोर्ट के सामने कथित तौर पर गुस्सा दिखाने का आरोप है। हालांकि, कोर्ट ने हाईकोर्ट को 28 सितंबर तक अवमानना ​​की कार्यवाही में कोई अंतिम आदेश पारित करने से रोक दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने हाईकोर्ट की अवमानना ​​कार्यवाही के खिलाफ घुमारे की याचिका पर नोटिस जारी किया और...

सुप्रीम कोर्ट ने BNS की धारा 69 के बारे में बताया: शादी का असली वादा तोड़ने पर धोखे से सेक्स का अपराध नहीं बनता

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज FIR रद्द की। इस धारा में धोखे से (जैसे शादी का झूठा वादा करके) सहमति लेकर सेक्स करने को अपराध माना गया। कोर्ट ने पाया कि शिकायत से ही पता चलता है कि यह धोखे से बहला-फुसलाकर बनाया गया संबंध नहीं, बल्कि आपसी सहमति से बना संबंध था। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की माँ की इजाज़त न होने के कारण शादी से इनकार करना धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के...

साफ़ तौर पर अवैध ढांचा: दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी स्कूल की ज़मीन पर अवैध रूप से बने मंदिर को हटाने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी स्कूल के लिए तय ज़मीन पर बने मंदिर को रेगुलर करने की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि मंदिर बिना मंज़ूरी के और सरकारी ज़मीन के निपटारे से जुड़े नियमों के खिलाफ बनाया गया।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि मंदिर "साफ़ तौर पर एक अवैध ढांचा" था और इसे उस ज़मीन पर बने रहने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।याचिकाकर्ता रजिस्टर्ड सोसाइटी है। उसने कोर्ट से DDA के 2021 का फैसला रद्द करने और वहां बने मंदिर को रेगुलर करने की मांग की थी।कोर्ट ने पाया कि यह ज़मीन मूल रूप से नर्सरी स्कूल...

जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर में साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की देखरेख के लिए हाईकोर्ट ने बनाई कमेटी

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर ट्रस्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए कमेटी बनाई। यह कमेटी भक्तों के लिए साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की ज़रूरतों पर नज़र रखेगी और इस संबंध में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएँ तैयार करेगी।जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच एक PIL (जनहित याचिका) पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ खास महीनों में रोज़ाना आने वाले लगभग 2-3 लाख भक्तों के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और साफ़-सफ़ाई व हेल्थकेयर जैसी...

साबित न हुए गलत व्यवहार के आधार पर पिछली बकाया सैलरी पूरी तरह से नहीं रोकी जा सकती, दिल्ली हाईकोर्ट ने 50% राहत दी

जस्टिस संजीव नरूला की दिल्ली हाईकोर्ट बेंच ने कहा कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन रूल्स, 1973 के नियम 121 के तहत, मैनेजिंग कमेटी के लिए यह ज़रूरी है कि वह नौकरी पर वापस बुलाए जाने पर पिछली बकाया सैलरी के बारे में सही और निष्पक्ष फैसला ले। वह बिना साबित हुए आरोपों या अनुमानों के आधार पर सैलरी देने से इनकार नहीं कर सकती।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता 'न्यू सरस्वती पब्लिक सेकेंडरी स्कूल' में असिस्टेंट टीचर थे। उनकी नियुक्ति मूल रूप से 15 अक्टूबर 1993 को हुई थी। उनकी सेवाएँ 16 अक्टूबर 2002 और 14 नवंबर 2002...

कुत्ता टहलाने के लिए त्यागराज स्टेडियम खाली करवाने वाले IAS अधिकारी की बहाली पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में IAS अधिकारी रिंकू ढुग्गा की बहाली पर रोक लगाई। सरकार ने उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया था, क्योंकि उन पर और उनके पति (जो खुद भी IAS अधिकारी हैं) पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खाली करवाया ताकि वह अपने कुत्ते को टहला सकें।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस केंद्र सरकार की उस याचिका पर जारी किया गया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को...

सिर्फ़ लंबे समय तक कब्ज़ा एडवर्स पज़ेशन साबित नहीं करता, इसके लिए विरोधी इरादा ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (10.09.2026) को कहा कि किसी प्रॉपर्टी पर सिर्फ़ लंबे समय तक और बिना रुकावट कब्ज़ा होना ही 'एडवर्स पज़ेशन' (प्रतिकूल कब्ज़ा) का दावा साबित करने के लिए काफ़ी नहीं है। इसके लिए यह साबित करना ज़रूरी है कि कब्ज़ा किस बिंदु पर असली मालिक के खिलाफ़ (विरोधी) हो गया।ऐसा फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में कब्ज़े को 'गैर-मरूसी बिला लगान बवजह धर्म-अर्थ' (यानी धार्मिक उद्देश्यों के लिए बिना किराया दिए कब्ज़ा) के तौर पर दर्ज करना प्रॉपर्टी को पूरी तरह से...