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गौतम गंभीर के पर्सनेलिटी राइट्स की रक्षा करेगा हाईकोर्ट, आपत्तिजनक सामग्री हटाने के संकेत
दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान संकेत दिए कि अदालत मेटा, गूगल और अमेज़न से जुड़े विक्रेताओं को कथित उल्लंघनकारी सामग्री हटाने का निर्देश दे सकती है।अदालत ने कहा कि वह इन मंचों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के साथ-साथ अपलोड करने वालों की बुनियादी जानकारी (BCI) और आईपी लॉगिन विवरण उपलब्ध कराने का भी निर्देश देगी।सुनवाई के दौरान गंभीर की ओर से पेश...
मानव तस्करी मामले में सोनू पंजाबन बरी, पीड़िता की गवाही पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताया संदेह
दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी और नाबालिग के यौन शोषण से जुड़े एक चर्चित मामले में गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को बरी किया।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं पाई गई।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने अपने फैसले में कहा कि केवल पीड़िता की गवाही के आधार पर दोषसिद्धि संभव है लेकिन वह गवाही उच्च स्तर की और पूरी तरह विश्वसनीय होनी चाहिए।अदालत ने कहा,“इस मामले में गवाह की गवाही में कई विरोधाभास हैं और यह भरोसा पैदा नहीं करती।”हाईकोर्ट ने पाया कि घटना के...
जज के खिलाफ FIR की मांग पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई, जिसने एक कार्यरत न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कथित जालसाजी के आरोप में FIR दर्ज कराने की मांग की थी।चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि किसी जज के खिलाफ सीधे अदालत में याचिका दाखिल कर FIR दर्ज नहीं कराई जा सकती।अदालत ने कहा,“यदि आप FIR दर्ज कराना चाहते हैं, तो पहले चीफ जस्टिस से प्रशासनिक स्तर पर अनुमति लेनी होगी। यह प्रक्रिया न्यायिक आदेश के जरिए पूरी नहीं हो सकती।” जस्टिस करिया ने भी स्पष्ट किया कि अनुमति...
POSH Act पर अहम फैसला: ICC रिपोर्ट के आधार पर ही सजा दे सकता है नियोक्ता, अलग जांच जरूरी नहीं- बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि नियोक्ता आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की रिपोर्ट के आधार पर ही कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसके लिए अलग से विभागीय जांच या चार्जशीट जरूरी नहीं है।जस्टिस आर आई छागला और जस्टिस अद्वैत एम सेठना की खंडपीठ ने यह फैसला IIT Bombay के एक प्रोफेसर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोप साबित होने के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने स्पष्ट...
यूपी में 4995 धरोहरें बदहाल: हाईकोर्ट ने केंद्र-राज्य से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हजारों ऐतिहासिक धरोहरों की खराब स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार समेत कई एजेंसियों को नोटिस जारी किया।अदालत में दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि प्रदेश की 4995 प्राचीन इमारतें और स्मारक “खस्ताहाल हैं और पूरी तरह खत्म होने के कगार पर हैं।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, संस्कृति, पर्यटन और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालयों तथा राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण से 8...
गोपनीय जानकारी लीक करना बदनामी नहीं, सिर्फ अनुबंध उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी द्वारा कंपनी की गोपनीय जानकारी उजागर करने का आरोप, भले ही सही मान लिया जाए तो वह अधिकतम अनुबंध का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन उसे अपने आप बदनामी (मानहानि) नहीं माना जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पुस्तक कंपनी की अपील खारिज करते हुए यह फैसला दिया। कंपनी ने अपने पूर्व कर्मचारी पर 10 लाख रुपये हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया था।पूरा मामलाकंपनी का आरोप था कि पूर्व कर्मचारी ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों से संपर्क कर उनके व्यापार और...
रेप केस में केरल हाईकोर्ट की टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट ने हटाईं, MLA राहुल ममकूटाथिल को मिली अग्रिम जमानत बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल हाईकोर्ट द्वारा की गई उन टिप्पणियों को हटाने (expunge) का आदेश दिया, जो एक महिला द्वारा लगाए गए बलात्कार के आरोपों के मामले में की गई थीं। हालांकि, कोर्ट ने केरल के विधायक राहुल ममकूटाथिल को दी गई अग्रिम जमानत (anticipatory bail) में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस एन.के. सिंह की खंडपीठ ने यह स्पष्ट किया कि वे हाईकोर्ट के अंतिम निष्कर्ष—अग्रिम जमानत देने—में दखल नहीं देंगे, लेकिन याचिकाकर्ता (पीड़िता) के संबंध में की गई कुछ...
संभल हिंसा मामला: पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR के आदेश पर हाईकोर्ट 21 अप्रैल तक बढ़ाई रोक
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नवंबर 2024 के संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को 21 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने यह आदेश पूर्व संभल क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार चौधरी और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। दोनों अधिकारियों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया।अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा। साथ ही...
BNSS की धारा 223 पर बड़ा सवाल: 'संज्ञान' के चरण को लेकर दिल्ली हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा
दिल्ली हाइकोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत संज्ञान लेने के चरण को लेकर उत्पन्न कानूनी अस्पष्टता पर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मामले को बड़ी पीठ को सौंप दिया।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने पाया कि इस प्रावधान की व्याख्या को लेकर विभिन्न हाईकोर्टों के फैसलों और सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों में संभावित टकराव नजर आ रहा है।BNSS की धारा 223 के तहत मजिस्ट्रेट को शिकायत मिलने पर संज्ञान लेते समय शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान शपथ पर दर्ज करने होते हैं। साथ ही इसके...
1984 कानपुर दंगों पर हाइकोर्ट सख्त: नरसंहार बताकर केस रद्द करने से किया इनकार
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 1984 के कानपुर सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला देते हुए आरोपियों की याचिकाएं खारिज की। साथ ही आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया। अदालत ने इन घटनाओं को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया।जस्टिस अनिश कुमार गुप्ता की पीठ ने 9 आरोपियों द्वारा दायर 7 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि केवल देरी या मूल रिकॉर्ड के अभाव के आधार पर मुकदमा समाप्त नहीं किया जा सकता।अदालत ने कहा,“यह घटनाएं देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय...
BREAKING | 'वंदे मातरम्' सर्कुलर के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट बोला—न गाने पर कोई दंड नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी हालिया सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। यह सर्कुलर आधिकारिक कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सभी अंतरे गाने से संबंधित है। कोर्ट ने कहा कि सर्कुलर में गीत गाना अनिवार्य नहीं किया गया है।कोर्ट ने यह भी नोट किया कि गीत न गाने पर कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है और याचिकाकर्ता द्वारा व्यक्त सामाजिक भेदभाव की आशंकाएं “अस्पष्ट” हैं। कोर्ट ने याचिका को “समय से पहले” (premature) बताते हुए खारिज...
80% से ज़्यादा महिला वकीलों को लगता है कि उनका पेशेवर सफ़र पुरुष साथियों के मुकाबले ज़्यादा मुश्किल: SCBA सर्वे
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के 2,604 महिला कानूनी पेशेवरों के राष्ट्रीय सर्वे में यह पाया गया कि 81.3% महिलाओं का मानना है कि उनका पेशेवर सफ़र पुरुष साथियों के मुकाबले ज़्यादा मुश्किल रहा है, जबकि 41.1% ने इसे "बहुत ज़्यादा मुश्किल" बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि 63.7% महिलाओं को किसी-न-किसी मोड़ पर यह पेशा हतोत्साहित करने वाला लगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने 22 मार्च को बेंगलुरु में आयोजित पहले एससीबीए सम्मेलन में रिपोर्ट जारी की।16.1% उत्तरदाताओं ने यौन उत्पीड़न का खुलासा किया,...
'समय की मांग': सुप्रीम कोर्ट ने एससी वकीलों के लिए अलग वेलफेयर फंड बनाने की SCBA की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा दायर रिट याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए अलग वेलफेयर फंड बनाने की मांग की गई।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट (प्रशासनिक पक्ष), भारत सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को नोटिस जारी किया।SCBA के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने दलील दी कि इस मामले में कानूनी खालीपन (Statutory Vacuum) मौजूद है।सीनियर एडवोकेट सिंह ने...
थानों में CCTV नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस थानों और जांच यूनिट्स में CCTV कैमरों की अनिवार्य व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन न होने के आरोप पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने नोटिस जारी करते हुए संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी। मामलायाचिका में आरोप लगाया गया कि गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के दौरान CCTV कैमरों की व्यवस्था नहीं थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे...
UPSC में ऑटिज्म व मानसिक बीमारियों वाले अभ्यर्थियों को आरक्षण से बाहर करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब तलब
दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा में ऑटिज्म, बौद्धिक दिव्यांगता, विशेष सीखने की अक्षमता और मानसिक बीमारी से पीड़ित अभ्यर्थियों को आरक्षण से बाहर रखने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जवाब एक सक्षम अधिकारी द्वारा दाखिल किया जाए और इसमें संबंधित सभी विभागों से...
'तरसेम सिंह' फैसले के खिलाफ NHAI की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की। इस याचिका में NHAI ने यह घोषित करने की मांग की थी कि 2019 का 'तरसेम सिंह' फैसला—जिसमें यह माना गया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत किए गए भूमि अधिग्रहणों पर सोलेशियम (मुआवजे के अलावा अतिरिक्त राशि) और ब्याज लागू होगा—केवल भविष्य से ही लागू होगा, न कि पिछली तारीखों से।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने 2025 के उस फैसले की समीक्षा करने से...
अधिकारों की लड़ाई में पीछे की ओर ले जाता ट्रांसजेंडर पर मार्च बिल
13 मार्च, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 ट्रांसजेंडरों के अधिकारों से कहीं आगे के मुद्दे उठाता। इसकी शुरुआत में ही संविधान की सर्वोच्चता और संवैधानिक प्रावधानों की अंतिम व्याख्या करने वाले के रूप में सुप्रीम कोर्ट की गरिमा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं—सामान्य तौर पर भी, और नागरिकों के अधिकारों के संबंध में भी।यह विधेयक न केवल ट्रांसजेंडरों और LGBTQ+ समुदाय के उन अधिकारों को कमज़ोर करने की कोशिश करता है, जिनकी अब तक अदालतों और...
UCC कानून पास करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात
गुजरात विधानसभा ने मंगलवार को सात घंटे से ज़्यादा चली लंबी बहस के बाद बहुमत से यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास किया। यह बिल धर्म की परवाह किए बिना शादी, तलाक़, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने के लिए समान कानूनी ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखता है। यह बिल तब पेश किया गया, जब राज्य द्वारा नियुक्त पैनल ने UCC को लागू करने पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी।इस बिल के पास होने के साथ ही गुजरात उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया, जिसने UCC को अपनाया है। उत्तराखंड फरवरी 2024 में UCC बिल...
बार निकायों में 30% महिला प्रतिनिधित्व आदेश का पालन न करने के कारण रीवा जिला बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (25 मार्च) को अंतरिम आदेश में रीवा जिला बार एसोसिएशन को अगले आदेश तक चुनाव कराने से रोक दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के जनवरी के उस फैसले का पालन न करने का हवाला दिया, जिसमें बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति में 30% महिलाओं के लिए आरक्षण अनिवार्य किया गया।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया:"उक्त चुनाव के लिए मतदान 25/3/2026 को होना निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी अनिवार्य निर्देशों को ध्यान में रखते हुए - यह सुनिश्चित करने...
नया ट्रांसजेंडर विधेयक भारत को ट्रांसजेंडर अधिकारों की लड़ाई में पीछे धकेलता है
पिछले हफ्ते ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 [2019 अधिनियम] में संशोधन के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया था। संशोधन विधेयक के वस्तुओं और कारणों के विवरण के सीधे पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि संशोधन को पेश करने के दो प्राथमिक कारण हैं।सबसे पहले, अधिनियम के तहत "ट्रांसजेंडर व्यक्तियों" की परिभाषा को कड़ा करना और दूसरा, 2019 अधिनियम के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ अपराधों को दंडित करने की योजना को रद्द करना, और इसके स्थान पर उन अपराधों को पेश करना जो 2019...



















