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एमपी हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चे के रिकॉर्ड में पिता का नाम शामिल करने का निर्देश दिया, कहा- वैवाहिक विवाद से पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता
एमपी हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चे के रिकॉर्ड में पिता का नाम शामिल करने का निर्देश दिया, कहा- वैवाहिक विवाद से पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के लिटिल एंजल्स हाई स्कूल को एक बच्चे के स्कूल रिकॉर्ड को अपडेट करके उसमें उसके जैविक पिता का नाम शामिल करने का यह देखते हुए निर्देश दिया कि माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं कर सकता।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस अनिल वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा;"...स्कूल रिकॉर्ड आखिरकार पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता आदि जैसे अन्य सार्वजनिक दस्तावेजों के रिकॉर्ड का आधार बनेगा और एक जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को...

UAPA | आतंकवादी कृत्य सिर्फ़ पारंपरिक हिंसा तक सीमित नहीं, इसमें किसी भी माध्यम से ज़रूरी सप्लाई को बाधित करने की साज़िश भी शामिल: सुप्रीम कोर्ट
UAPA | 'आतंकवादी कृत्य' सिर्फ़ पारंपरिक हिंसा तक सीमित नहीं, इसमें किसी भी माध्यम से ज़रूरी सप्लाई को बाधित करने की साज़िश भी शामिल: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को इस आधार पर ज़मानत देने से इनकार किया कि पहली नज़र में वे कथित साज़िश के मुख्य सूत्रधार थे। कोर्ट ने अन्य पांच आरोपियों - गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को यह तर्क देते हुए ज़मानत दी कि उनकी भूमिका केवल मदद करने वाली प्रकृति की थी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच द्वारा दिए गए अपने फैसले में कोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA)...

क्या FIR में शुरू में सिर्फ़ IPC अपराधों का ज़िक्र होने पर PC Act की धारा 17A की मंज़ूरी ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या FIR में शुरू में सिर्फ़ IPC अपराधों का ज़िक्र होने पर PC Act की धारा 17A की मंज़ूरी ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच करेगा कि क्या सिर्फ़ IPC अपराधों के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ़ दर्ज मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 17A के तहत पहले से मंज़ूरी लेना ज़रूरी है, जब बाद में पता चलता है कि उनमें सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं।यह मामला तब सामने आया, जब जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कर्नाटक सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें एक आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में पूर्व-MLC डी.एस. वीरैया के खिलाफ़ एक आपराधिक मामला रद्द कर दिया गया। वीरैया...

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ झूठी और बेबुनियाद शिकायतों पर रोक लगाने के लिए जारी किए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ झूठी और बेबुनियाद शिकायतों पर रोक लगाने के लिए जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर निर्देश जारी किए कि हाईकोर्ट को जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ की गई शिकायतों से कैसे निपटना चाहिए, जिसमें झूठी और बेबुनियाद शिकायतों और पहली नज़र में सच पाई गई शिकायतों के बीच अंतर बताया गया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि जिला न्यायपालिका के सदस्यों के खिलाफ झूठी और बेबुनियाद शिकायतें दर्ज करने या करवाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि ऐसी कार्रवाई में उचित मामलों में कोर्ट की अवमानना...

Delhi Riots UAPA Case : सुप्रीम कोर्ट की जमानत शर्तें- आरोपियों के डिजिटल रूप से पोस्ट शेयर करने और सभाओं में शामिल पर लगाई रोक
Delhi Riots UAPA Case : सुप्रीम कोर्ट की जमानत शर्तें- आरोपियों के डिजिटल रूप से पोस्ट शेयर करने और सभाओं में शामिल पर लगाई रोक

दिल्ली दंगों के "बड़ी साजिश" मामले में गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कड़ी शर्तें लगाईं, जिसमें रैलियों या सार्वजनिक सभाओं में शामिल होने और किसी भी रूप में पोस्टर, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री बांटने पर रोक शामिल है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने विशेष रूप से आरोपियों को किसी भी सार्वजनिक सभा या समारोह में भाग लेने और शारीरिक रूप से या इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से...

UAPA मामलों में ट्रायल में देरी अपने आप जमानत मिलने का ट्रम्प कार्ड नहीं: सुप्रीम कोर्ट
UAPA मामलों में ट्रायल में देरी अपने आप जमानत मिलने का 'ट्रम्प कार्ड' नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल में देरी का आधार गैरकानूनी (गतिविधियां) रोकथाम अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए अपने आप बेल देने के लिए ट्रम्प कार्ड के रूप में काम नहीं करेगा।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा,"ऐसे मुकदमों में जिनमें राज्य की संप्रभुता, अखंडता या सुरक्षा से जुड़े अपराधों का आरोप है, देरी एक ट्रम्प कार्ड के रूप में काम नहीं...

पहले हमें वनीकरण के निर्देशों का पालन दिखाएं: दिल्ली रिज में पेड़ काटने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA से कहा
'पहले हमें वनीकरण के निर्देशों का पालन दिखाएं': दिल्ली रिज में पेड़ काटने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को रिज इलाके में और पेड़ काटने की इजाज़त तभी देगा, जब वह इस बात से संतुष्ट हो जाएगा कि वनीकरण और बहाली पर पिछले निर्देशों का पालन किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच DDA द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें CAPFIMS अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क चौड़ीकरण परियोजना को पूरा करने के लिए 473 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई। DDA ने 2519 पेड़ों और झाड़ियों के पौधों को दूसरी जगह लगाने और सड़क निर्माण...

कथित साज़िश के वैचारिक संचालक: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत क्यों नहीं दी?
'कथित साज़िश के वैचारिक संचालक': सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत क्यों नहीं दी?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी भूमिकाएं सिर्फ़ छोटी-मोटी नहीं थीं, बल्कि "मुख्य" थीं, जो उन्हें कथित साज़िश की कमान श्रृंखला में सबसे ऊपर रखती हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उन्हें और अन्य सह-आरोपियों को सौंपी गई भूमिकाओं के बीच अंतर बताया। इसमें कहा गया कि खालिद और इमाम के खिलाफ़ आरोप फरवरी, 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे की कथित बड़ी साज़िश को "सोचने,...

ससुर ने पति के अफेयर में दखल देने से मना किया, पत्नी को घरेलू हिंसा बर्दाश्त करने की सलाह देना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
ससुर ने पति के अफेयर में दखल देने से मना किया, पत्नी को घरेलू हिंसा 'बर्दाश्त' करने की सलाह देना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक महिला के ससुर का उसके पति के 'शादी के बाहर के अफेयर' की शिकायत सुनने से मना करना और उसके देवर (पति का भाई) का उसे पति की पिटाई 'बर्दाश्त' करने के लिए कहना, इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं माना जाएगा।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने यह फैसला एक आदमी और उसके छोटे बेटे के खिलाफ उसकी बहू की शिकायत पर पुणे पुलिस में दर्ज FIR रद्द करते हुए सुनाया।9 दिसंबर, 2025 के अपने फैसले में जजों ने कहा कि शिकायतकर्ता...

2006-2014 के बीच कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने वाले कोर्ट स्टेनोग्राफर, रीडर्स एडवांस इंक्रीमेंट के हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
2006-2014 के बीच कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने वाले कोर्ट स्टेनोग्राफर, रीडर्स एडवांस इंक्रीमेंट के हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को कहा कि सभी क्लास III न्यायिक कर्मचारियों को एडवांस इंक्रीमेंट का फायदा मिलना चाहिए, जिन्होंने 6 फरवरी, 2006 से 29 सितंबर, 2014 के बीच कंप्यूटर नॉलेज ट्रेनिंग ली थी, क्योंकि यह उनका अधिकार बन गया।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा,"जिन लोगों को उस समय नियुक्त किया गया, जब कंप्यूटर नॉलेज के लिए कोई योग्यता तय नहीं थी, उन्हें कंप्यूटर का काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेनिंग लेने की ज़रूरत थी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक...

राजस्थान हाईकोर्ट के वकीलों ने वर्किंग शनिवार के विरोध में काम बंद किया, आज एक्टिंग चीफ जस्टिस से मिलेगी बार एसोसिएशन
राजस्थान हाईकोर्ट के वकीलों ने वर्किंग शनिवार के विरोध में काम बंद किया, आज एक्टिंग चीफ जस्टिस से मिलेगी बार एसोसिएशन

राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर के वकीलों ने सोमवार (5 जनवरी) को हर महीने के दूसरे शनिवार को वर्किंग डे घोषित करने के हाई कोर्ट के फैसले के विरोध में काम बंद कर दिया।राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया कि 3 जनवरी को हुई एक जॉइंट मीटिंग में 2026 में हर महीने के दूसरे शनिवार को वर्किंग डे घोषित करने और ज्यूडिशियल डिस्ट्रिक्ट में नाइट कोर्ट चलाने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध करने का प्रस्ताव पास...

भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश
भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संवैधानिक व्यवस्था राजधर्म की सभ्यतागत अवधारणा पर आधारित है, जहां शासन का मार्गदर्शन न्याय, निष्पक्षता और करुणा से होना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी कल्याणकारी राज्य कर्मचारियों से वर्षों तक निरंतर सेवा लेकर उन्हें स्थायी असुरक्षा में नहीं रख सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने भगवद्गीता के लोकसंग्रह के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक शक्ति का प्रयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और सामूहिक कल्याण के लिए होना...

अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय से जमानत देने में हिचक रहे हैं ट्रायल कोर्ट जज: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय से जमानत देने में हिचक रहे हैं ट्रायल कोर्ट जज: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जजों द्वारा जमानत देने में बढ़ती हिचक पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय के कारण वे अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करने से कतराते हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसा माहौल न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। इसी कारण हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिकाओं से भरे पड़े हैं।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर या विवेकाधिकार के कथित गलत प्रयोग को लेकर न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय...

अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती दी गई थी। याचिका में केंद्र सरकार और उसकी संस्थाओं द्वारा सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर दरगाह को दिए जा रहे राज्य-प्रायोजित सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता पर भी आपत्ति जताई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज की कि इसमें मांगी गई राहत न्यायिक विचार योग्य (जस्टिसिएबल) नहीं...

विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनियों से जुड़े एसएफआईओ (SFIO) जांच मामले में आरोपी द्वारा दायर दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्रमिक/दूसरी जमानत याचिका स्वतः ही अवैध नहीं होती, लेकिन केवल लम्बी अवधि की हिरासत को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती, जब तक कि परिस्थितियों में कोई ठोस और महत्वपूर्ण बदलाव न दिखाया जाए।जस्टिस मनिषा बत्रा ने कहा —“यद्यपि दूसरी या क्रमिक नियमित जमानत याचिका केवल अनुरक्षण (maintainability) के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती,...