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लोक सेवक के विरुद्ध धारा 175(4) BNSS के तहत शिकायत के लिए धारा 175(3) की शर्तों का पालन अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(4) के तहत किसी लोक सेवक (public servant) के विरुद्ध मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत तभी प्रस्तुत की जा सकती है, जब शिकायतकर्ता पहले धारा 175(3) का अनुपालन करे।अर्थात्, शिकायतकर्ता को यह दिखाना अनिवार्य है कि उसने पहले पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) के समक्ष शपथ-पत्र (affidavit) सहित लिखित शिकायत दी थी।यह निर्णय जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने दिया। खंडपीठ के समक्ष यह प्रश्न था कि क्या धारा...
'पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया भी निजी एजेंसियों को सौंपी गई है': SIR में आधार के उपयोग का विरोध करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) में आधार को सत्यापन दस्तावेज़ के रूप में उपयोग किए जाने पर उठाई जा रही आपत्तियों पर सवाल उठाए। अदालत ने टिप्पणी की कि आज कई सार्वजनिक कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से किए जा रहे हैं, जिनमें पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया भी शामिल है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें चल रहे SIR अभ्यास को चुनौती दी गई है। इनमें अश्विनी उपाध्याय द्वारा...
'अलग रहने की मांग पर पति द्वारा पत्नी को जलाना अविश्वसनीय': 22 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या मामले में व्यक्ति को किया बरी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 22 वर्ष बाद बरी कर दिया, जिसे अपनी गर्भवती पत्नी को आग लगाने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा कि अलग रहने जैसे तुच्छ विवाद को हत्या का विश्वसनीय उद्देश्य (motive) नहीं माना जा सकता और अभियोजन द्वारा बताया गया उद्देश्य अत्यंत कमजोर है।हाईकोर्ट ने वर्ष 2004 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तेजा सिंह को धारा 302 IPC के तहत दोषी ठहराया गया था। उनके भाई बलजीत सिंह @ गोगा को भी समान मंशा के...
निजता में दखल: एमपी हाइकोर्ट ने पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग खारिज की
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने हाल ही में एक पति की याचिका खारिज की, जिसमें उसने पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध से इनकार किए जाने के आधार पर उसका वर्जिनिटी टेस्ट अथवा तथाकथित टू-फिंगर टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा परीक्षण व्यक्ति की निजता का गंभीर उल्लंघन है और वैवाहिक विवाद के निपटारे के लिए न तो प्रासंगिक है और न ही निर्णायक।जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि पत्नी को मेडिकल टेस्ट के लिए बाध्य करना केवल उसकी निजता में दखल होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पति के पास यह...
दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की
दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के जिला कोर्ट परिसरों में वकीलों, वादकारियों और सुरक्षा कर्मियों सहित सभी हितधारकों के लिए पर्याप्त आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संबंध में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रशासनिक पक्ष के समक्ष अपनी मांग रखने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाना उपयुक्त होगा। सुनवाई...
बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया
दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। इस दौरान हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया, जिन्हें क्षेत्र का दौरा कर तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया गया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एमिक्स क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे।यह...
अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने निसंतान दंपतियों द्वारा किसी अन्य दंपति के अप्रयुक्त जमे हुए भ्रूण को गोद लेने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत भ्रूण दान पर लगी रोक को असंवैधानिक बताते हुए दायर की गई।बुधवार को मुख्य जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अधिनियम की धारा 28 के दायरे का विस्तार चाहता है, जो मानव गैमीट और भ्रूण के भंडारण तथा उपयोग...
दिल्ली कोर्ट ने छतरपुर गुरुजी पर धोखाधड़ी और बलात्कार का आरोप लगाने वाला वीडियो हटाने के लिए एकतरफ़ा अंतरिम रोक लगाई
दिल्ली कोर्ट ने हाल ही में YouTube पर मानहानिकारक वीडियो हटाने के लिए एकतरफ़ा अंतरिम रोक का आदेश दिया, जिसमें दावा किया गया कि छतरपुर गुरुजी और उनके अनुयायी 'धोखेबाज' हैं।साकेत कोर्ट के जज सचिन मित्तल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मानहानि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है और उस व्यक्ति को अपनी प्रतिष्ठा को बिना किसी नुकसान के बनाए रखने और सुरक्षित रखने का अधिकार है।इसलिए जज ने निम्नलिखित निर्देश दिए,"प्रतिवादी नंबर 3/4 को निर्देश दिया जाता है कि वे 2 दिनों के भीतर YouTube पर...
चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चीनी वीज़ा घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांचाधीन है।बुधवार को जस्टिस मनोज जैन ने कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने रिकॉर्ड किया कि आरोपों को...
हर सबूत से क्रूरता टपक रही है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए मौत की सज़ा की पुष्टि की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें एक आदमी को पांच साल की बच्ची के साथ रेप और मर्डर के लिए दोषी ठहराया गया और उसे मौत की सज़ा सुनाई गई।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने पाया कि आरोपी ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को बड़ा करने के लिए चाकू का इस्तेमाल किया ताकि एक छोटी बच्ची के साथ रेप करना आसान हो जाए। इसके अलावा आरोपी ने बच्ची का मर्डर कर दिया और उसकी लाश को 2-3 दिनों तक बाथरूम में एक प्लास्टिक की टंकी में छिपाकर रखा ताकि लाश को कहीं ठिकाने...
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल SIR के लिए जारी निर्देशों को तमिलनाडु तक बढ़ाने की याचिका पर ECI से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) से उस आवेदन पर जवाब मांगा, जिसमें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी'लिस्ट के पब्लिकेशन पर कोर्ट के पहले के निर्देशों को तमिलनाडु राज्य तक बढ़ाने की मांग की गई।आवेदन में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के संदर्भ में कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों को तमिलनाडु पर भी लागू किया जाए खासकर उन लोगों की लिस्ट के खुलासे के संबंध में जिन्हें रिवीजन प्रक्रिया के दौरान लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी का हवाला देते हुए नोटिस जारी किए गए।चीफ...
देवराजस्वामी मंदिर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस संजय किशन कौल को किया मध्यस्थ नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट ने आज तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्री देवराजस्वामी मंदिर में अनुष्ठान और प्रार्थनाओं को लेकर चल रहे लगभग 120 वर्ष पुराने विवाद के समाधान के लिए पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल को प्रधान मध्यस्थ (Principal Mediator) नियुक्त किया है। यह विवाद श्रीवैष्णव संप्रदाय के वडकलई और थेंकलई संप्रदायों के बीच मंदिर के गर्भगृह में मंत्रोच्चार और पूजा-अनुष्ठान के अधिकार को लेकर है।यह आदेश चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने पारित किया। पीठ मद्रास हाईकोर्ट के...
औद्योगिक विवाद के अस्तित्व के लिए पूर्व लिखित मांग आवश्यक नहीं; आशंकित विवाद भी संदर्भित किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी) को स्पष्ट किया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत सुलह अधिकारी (Conciliation Officer) के समक्ष जाने से पहले किसी ट्रेड यूनियन पर प्रबंधन को औपचारिक रूप से “चार्टर ऑफ डिमांड्स” (मांगों का लिखित पत्र) सौंपना अनिवार्य नहीं है।अदालत ने कहा कि यह अधिनियम निवारक (preventive) और उपचारात्मक (remedial) दोनों प्रकृति का है और जैसे ही कोई औद्योगिक विवाद उत्पन्न होता है या होने की आशंका (apprehended) होती है, श्रमिक या यूनियन इसके तंत्र का सहारा ले सकते हैं।जस्टिस...
कॉलेजों में भेदभाव से निपटने के लिए UGC के 2026 के नियम और उससे जुड़ा विवाद
13 जनवरी को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने कॉलेज कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव से निपटने के लिए अपने बहुप्रतीक्षित नियमों को नोटिफाई किया - यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) नियम, 2026।UGC ने ये नियम 2019 में सुप्रीम कोर्ट में राधिका वेमुला और अबेदा सलीम तडवी, जो क्रमशः रोहित वेमुला और पायल तडवी की मां हैं, द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) के बाद बनाए, जिसमें कैंपस में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए एक तंत्र की मांग की गई। रोहित वेमुला और पायल तडवी...
जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन को निशाना बनाने वाले प्रदर्शनों पर कार्रवाई की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (28 जनवरी) को एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक टिप्पणियाँ और विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। यह विवाद मदुरै स्थित तिरुपरंकुंड्रम सुब्रमणिया स्वामी पहाड़ी मंदिर में कार्तिगई दीपम जलाने से जुड़े उनके आदेश के बाद उत्पन्न हुआ था।यह मामला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की खंडपीठ के समक्ष आया। अदालत ने तमिलनाडु के मुख्य...
विदेश में भविष्य के इलाज की अनदेखी नहीं की जा सकती: मोटर दुर्घटना मुआवज़े में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹9.16 करोड़ दिए
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना पीड़ित को दी गई मुआवज़ा राशि को ₹52 लाख से बढ़ाकर ₹9.16 करोड़ कर दिया है। अदालत ने कहा कि दावा करने वाले को 100% स्थायी कार्यात्मक विकलांगता हुई है और उसके भविष्य के चिकित्सीय उपचार की अनदेखी नहीं की जा सकती।कोर्ट ने इसके अतिरिक्त अमेरिका में उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए ₹6 करोड़ का मुआवज़ा भी मंजूर किया।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा:“अपीलकर्ता/दावेदार पिछले दो दशकों से इस दुर्घटना के परिणाम भुगत रहा है—लगातार दर्द, बार-बार चिकित्सा हस्तक्षेप और अपने...
'यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध': पायलटों के विश्राम मानदंड लागू करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA से मांगा पक्ष
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (28 जनवरी) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से उस याचिका पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा, जिसमें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को स्थगित (abeyance) में रखने के DGCA के फैसले को चुनौती दी गई है। ये नियम पायलटों और फ्लाइट क्रू के लिए न्यूनतम विश्राम समय निर्धारित करते हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।याचिका में कहा गया है कि ये नियम पायलटों की थकान (fatigue management) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। हालांकि, इंडिगो से जुड़े...
समान साक्ष्य पर सह-आरोपियों के बरी होने पर NDPS Act की धारा 37 की बाधा हटेगी: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने NDPS Act के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि यदि उसी मामले में समान साक्ष्य के आधार पर सह-आरोपी बरी हो चुके हों और उन बरी होने के निष्कर्षों को अपील में चुनौती नहीं दी गई हो तो जमानत पर विचार करते समय अदालत को उन निष्कर्षों को वैध मानकर चलना होगा। ऐसे में NDPS Act की धारा 37 के तहत लगाई गई सख्त शर्तें भी संतुष्ट मानी जाएंगी।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जब तक सह-आरोपियों के बरी होने के निष्कर्ष अपील में पलटे नहीं जाते तब तक जमानत याचिका पर...
भर्ती विज्ञापन में शर्त न होने पर पीजी अतिरिक्त पंजीयन के आधार पर डॉक्टरों को नहीं कर सकता खारिज: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने मेडिकल ऑफिसर (ग्रेड-I) और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी खारिज किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापन में उल्लेख न की गई किसी अतिरिक्त योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों को बाहर नहीं किया जा सकता।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की एकल पीठ ने मंगलवार को डॉक्टरों द्वारा दायर याचिकाओं के समूह को स्वीकार करते हुए कहा कि दस्तावेज़ सत्यापन या अस्थायी परिणाम घोषित होने के बाद किसी नई योग्यता की...
POCSO Act | झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप पर धारा 22 के तहत अभियोजन नहीं चलेगा: केरल हाइकोर्ट
केरल हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि POCSO Act की धारा 22 के तहत झूठी शिकायत के लिए अभियोजन केवल उन्हीं मामलों में चलाया जा सकता है, जहां झूठी सूचना अधिनियम की धारा 3, 5, 7 या 9 के अंतर्गत आने वाले गंभीर यौन अपराधों से संबंधित हो। केवल 'यौन उत्पीड़न' (धारा 12) से जुड़े कथित झूठे आरोप पर धारा 22 के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती।जस्टिस सी. प्रतीप कुमार ने यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में दो व्यक्तियों के विरुद्ध POCSO Act की धारा 22...




















