हाईकोर्ट

सास द्वारा बहू के घरेलू कामों पर आपत्ति जताना आईपीसी की धारा 498-ए के तहत क्रूरता नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सास द्वारा बहू के घरेलू कामों पर आपत्ति जताना आईपीसी की धारा 498-ए के तहत क्रूरता नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि सास की ओर से अपनी बहू के घरेलू काम पर आपत्ति जताने भर को आईपीसी की धारा 498-ए के तहत क्रूरता नहीं माना जाता है। जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की पीठ ने कहा, "यदि घरेलू कामों में सास की ओर से की गई गए कुछ आपत्तियों के कारण बहू को मानसिक उत्पीड़न होता है तो यह कहा जा सकता है कि बहू अतिसंवेदनशील हो सकती है। हालांकि "घरेलू कामों के संबंध कुछ विवाद निश्चित रूप से क्रूरता नहीं होगा।"हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने कहा कि यदि कोई सास पति-पत्नी...

संदेशखली | कलकत्ता हाईकोर्ट ने यौन हिंसा, जमीन हड़पने के आरोपों की जांच की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
संदेशखली | कलकत्ता हाईकोर्ट ने यौन हिंसा, जमीन हड़पने के आरोपों की जांच की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के संदेशखली में पूर्व प्रधान शाहजहां शेख और उनके कार्यकर्ताओं की देखरेख में हुई महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भूमि कब्जाने की कथित घटनाओं की जांच की मांग संबंधी विभिन्न याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इससे पहले कोर्ट ने कथित तौर पर शेख के अधिकारियों के इशारे पर ईडी अधिकारियों पर हुए हमले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था, साथ ही शाहजहां शेख को हिरासत में लेने का भी निर्देश दिया था।चीफ ज‌स्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की...

गुजरात हाईकोर्ट ने Google India को यूजर के अकाउंट को ‌डिलीट करने से रोका, ड्राइव पर कथित बाल दुर्व्यवहार की तस्वीर अपलोड करने का आरोप
गुजरात हाईकोर्ट ने Google India को यूजर के अकाउंट को ‌डिलीट करने से रोका, ड्राइव पर कथित 'बाल दुर्व्यवहार' की तस्वीर अपलोड करने का आरोप

गुजरात हाईकोर्ट ने गूगल इंडिया से जुड़े एक मामले में हस्तक्षेप करते हुए 24 वर्षीय इंजीनियर नील समीर शुक्ला का गूगल अकाउंट डिलीट करने से गूगल को रोक दिया है। कथित तौर पर अपने गूगल ड्राइव पर बचपन की तस्वीरें अपलोड करने के बाद शुक्ला के अकाउंट को लॉक कर दिया गया था। अपलोड की गई एक तस्वीरों में एक तस्वीर ऐसी थी, जिसमें दो साल की उम्र में उनकी दादी उन्हें नहला रही थीं। जस्टिस वीडी नानावटी ने कहा, ''इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता जी-मेल, गूगल पे, यूपीआई या ऐसी अन्य सुविधाओं का उपयोग...

कृषि सुधारों के लिए बनाया गया कानून संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट
कृषि सुधारों के लिए बनाया गया कानून संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने हरियाणा के भूमि सुधार कानून, हरियाणा ढोलीदार, बूटीमार, भोंडेदार और मुकरारीदार (स्वामित्व अधिकार निहित करना अधिनियम, 2010)" (अधिनियम) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी। उक्त निर्णय यह देखते हुए लिया कि यह भूमि के जोतने वालों के अधिकारों को मान्यता देता है।ढोलीदार भूमि का किराएदार और ट्रस्टी होता है, जिसे सामाजिक सेवा के उद्देश्य से मृत्युशय्या पर उपहार के रूप में भूमि मिलती है। बूटीमार भी किरायेदार होता है, जो जंगल को साफ करता है और भूमि को खेती के अधीन लाता है। भोंडेदार...

राज्य तीन दशकों तक सेवा देने वाले कर्मचारी को पेंशन लाभ से वंचित करके अपने स्वयं के गलत काम का लाभ नहीं उठा सकता: उत्तराखंड हाइकोर्ट
राज्य तीन दशकों तक सेवा देने वाले कर्मचारी को पेंशन लाभ से वंचित करके अपने स्वयं के गलत काम का लाभ नहीं उठा सकता: उत्तराखंड हाइकोर्ट

उत्तराखंड हाइकोर्ट चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने उत्तराखंड राज्य और अन्य बनाम प्रकाश चंद्र हरबोला और अन्य के मामले में विशेष अपील का फैसला करते हुए कहा कि राज्य को लगभग तीन दशकों तक निरंतर सेवा देने वाले कर्मचारी को पेंशन लाभ से वंचित करके अपने स्वयं के गलत काम का लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कल्याणकारी राज्य के रूप में, राज्य को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता (प्रतिवादी) को वर्ष 1982 में नगर पालिका द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा में लिपिक के...

मानव/बच्‍चों की बलि ने सभ्य समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक साल के बच्चे की हत्या करने वाले व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी
'मानव/बच्‍चों की बलि ने सभ्य समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक साल के बच्चे की हत्या करने वाले व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक साल के बच्चे की हत्या करने वाले व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए हाल ही में कहा कि मानव/बच्चे की बलि सभ्य समाज की अंतरात्मा को झकझोर देती है और सभी को इसकी निंदा करनी चाहिए। जस्टिस राजीव गुप्ता और ज‌स्टिस मोहम्मद अज़हर हुसैन इदरीसी की पीठ ने इन टिप्पणियों के साथ 47 वर्षीय व्यक्ति को दी गई आजीवन कारावास की सज़ा को बरकरार रखा और दोषसिद्धि के खिलाफ उसकी अपील खारिज कर दी।मामले के तथ्यों के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट के फैसले की जांच करते हुए, हाईकोर्ट ने कहा कि मामूली...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मैनपॉवर कंसल्टेंट एजेंसियों और नकली रिक्रूटमेंट फर्मों की खतरनाक बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मैनपॉवर कंसल्टेंट एजेंसियों और नकली रिक्रूटमेंट फर्मों की खतरनाक बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में देश भर में फर्जी मैनपॉवर कंसल्टेंट एजेंसियों और नकली रिक्रूटमेंट फर्मों की खतरनाक बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की।जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने ऐसी फर्जी एजेंसियों के तेजी से पनपने को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए कहा कि युवा ऐसे फर्जी रैकेटों के छिपे एजेंडे को जाने बिना, आकर्षक नौकरियों के प्रलोभनों का शिकार हो रहे हैं और अपने पारिवारिक संपत्तियों को बेचकर रकम चुका रहे हें या वित्तीय संस्थानों से ऊंची ब्याज दर पर लोन ले रहे हैं।कोर्ट ने ये टिप्पणियां हिमांशु...

संसाधनों की कमी के आधार पर अनिश्चित अवधि के लिए पेंशन लाभ नहीं रोका जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट
संसाधनों की कमी के आधार पर अनिश्चित अवधि के लिए पेंशन लाभ नहीं रोका जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट की जस्टिस सत्येन वैद्य की एकल पीठ ने सुनीत सिंह जरयाल बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य के मामले में सिविल रिट याचिका पर निर्णय लेते हुए कहा कि राज्य सरकार वित्तीय बाधाओं के बहाने अनिश्चित अवधि के लिए पेंशन लाभ नहीं रोक सकती।मामले की पृष्ठभूमिसुनीत सिंह जरयाल (याचिकाकर्ता) 31.05.2020 को अधीक्षक ग्रेड-II के पद से सेवानिवृत्त हुए। हिमाचल प्रदेश सरकार (प्रतिवादी) ने 03.01.2022 को हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2022 (संशोधित वेतन नियम) अधिसूचित किए, जिसके तहत...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा, डिस्पोजिशन शीट्स में यौन पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया जाएगा, अभियोजक के हस्ताक्षर अलग शीट पर लिए जाएंगे
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा, डिस्पोजिशन शीट्स में यौन पीड़िता का नाम उजागर नहीं किया जाएगा, अभियोजक के हस्ताक्षर 'अलग शीट' पर लिए जाएंगे

उड़ीसा हाईकोर्ट ने केस रिकॉर्ड/‌डिस्पोजिशन शीट्स में यौन अपराधों के पीड़ितों के नामों का खुलासा करने पर नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि पी‌ड़ितों के नामों के उल्लेख के खिलाफ स्पष्ट वैधानिक आदेश दिया गया है, जिसकी सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक घोषणाओं में बार-बार पुष्टि की गई है और दोहराया गया है। जस्टिस संगम कुमार साहू की सिंगल जज बेंच ने ट्रायल कोर्ट के जज की त्रुटि को ओर इशारा करते हुए, “…एक बहुत ही पेरशानी भरी विशेषता को रिकॉर्ड पर रखना आवश्यक है कि आईपीसी की धारा 228-ए पर माननीय...

केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ता दूसरी पत्नी से पैदा हुआ नाजायज बच्चा है: मद्रास हाइकोर्ट ने दोहराया
केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ता दूसरी पत्नी से पैदा हुआ नाजायज बच्चा है: मद्रास हाइकोर्ट ने दोहराया

मद्रास हाइकोर्ट की जस्टिस आरएन मंजुला की पीठ ने एम. अनंथा बाबू बनाम जिला कलेक्टर एवं अन्य के मामले में रिट याचिका पर निर्णय लेते हुए दोहराया कि केवल इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता कि बच्चा मृतक कर्मचारी की दूसरी पत्नी से है।तथ्यों की पृष्ठभूमिएम. अनंथा बाबू (याचिकाकर्ता) के पिता ग्राम सहायक के रूप में कार्यरत थे और सेवा में रहते हुए 2007 में उनकी मृत्यु हो गई। याचिकाकर्ता ने 2008 में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। हालांकि 2021 में जिला कलेक्टर (प्रतिवादी) ने...

अनुच्छेद 23 के तहत बेगार निषिद्ध: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मल्टीपर्पज़ हेल्‍‌थ वर्कर्स को काम की अवधि के लिए वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया
अनुच्छेद 23 के तहत 'बेगार' निषिद्ध: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मल्टीपर्पज़ हेल्‍‌थ वर्कर्स को काम की अवधि के लिए वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में माना कि बेगार संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत प्रतिबंधित है और मल्टीपर्पज़ हेल्‍थ वकर्स (मेल) को महत्वपूर्ण राहत प्रदान की। जस्टिस मनीष कुमार ने कहा, "भारत के संविधान के अनुच्छेद 23 में बेगार यानी काम लेना लेकिन उसके लिए भुगतान नहीं करना, के व्यापक निहितार्थ और दायरे हैं.. जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका के अधिकार से जुड़ा है।"कोर्ट ने राम चेत वर्मा और अन्य बनाम यूपी राज्य और अन्य पर भरोसा किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यदि...

निर्यात निरीक्षण कर्मचारी नियम 1978 के तहत सेवानिवृत्त अधिकारी को लोक सेवक नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
निर्यात निरीक्षण कर्मचारी नियम 1978 के तहत सेवानिवृत्त अधिकारी को लोक सेवक नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट

जस्टिस तुषार राव गेडेला की दिल्ली हाइकोर्ट की सिंगल जज पीठ ने परवीन कुमार बनाम निर्यात निरीक्षण परिषद एवं अन्य के मामले में सिविल रिट याचिका पर निर्णय लेते हुए माना कि जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त सेवानिवृत्त अधिकारी निर्यात निरीक्षण कर्मचारी (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1978 (ईआईए नियम) के नियम 11(2) के तहत लोक सेवक के मानदंडों को पूरा नहीं करता।मामले की पृष्ठभूमिपरवीन कुमार (याचिकाकर्ता) निर्यात निरीक्षण परिषद (प्रतिवादी) के कार्यालय के तहत निर्यात निरीक्षण एजेंसी में तकनीकी अधिकारी...

किसी समझौते के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज होने भर से इससे पैदा विवाद गैर-मध्यस्थता योग्य नहीं हो जाएंगे: दिल्ली हाईकोर्ट
किसी समझौते के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज होने भर से इससे पैदा विवाद गैर-मध्यस्थता योग्य नहीं हो जाएंगे: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऑर्डर में कहा‌ कि केवल इसलिए कि किसी समझौते के संबंध में फोर्जरी/फैब्रिकेशन का आपराधिक मामला दर्ज किया गया है, ऐसे समझौते से पैदा कोई भी नागरिक/वाणिज्यिक विवाद गैर-मध्यस्थता योग्य नहीं होगा। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की सिंगल जज बेंच ने दोहराया कि आपराधिक मामले का लंबित रहना किसी मध्यस्थता याचिका की विचारणीयता में पूर्ण बाधा नहीं है। उन्होंने यह माना कि प्रारंभिक चरण में मध्यस्थता को रोकने से वह उद्देश्य नष्ट हो जाएगा, जिसके लिए पार्टियों ने मध्यस्थता में प्रवेश...

कामाख्या मंदिर कॉरिडोर: मंदिर के मूल ढांचे की सुरक्षा के लिए गुवाहाटी हाइकोर्ट में जनहित याचिका, नोटिस जारी
कामाख्या मंदिर कॉरिडोर: मंदिर के मूल ढांचे की सुरक्षा के लिए गुवाहाटी हाइकोर्ट में जनहित याचिका, नोटिस जारी

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने मंगलवार को जनहित याचिका पर असम सरकार को नोटिस जारी किया। उक्त याचिका में मांग की गई कि प्रस्तावित 'मां कामाख्या मंदिर पहुंच कॉरिडोर' के निर्माण से कामाख्या मंदिर के मूल ढांचे को नुकसान न पहुंचाया जाए।याचिका में राज्य को प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के तहत पुरातत्व विभाग से पूर्व अनुमोदन और मंजूरी लिए बिना कॉरिडोर के निर्माण को आगे न बढ़ाने का निर्देश देने की भी मांग की गई।चीफ जस्टिस विजय बिश्नोई और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने राज्य से दो सप्ताह के...

निदेशकों को आपराधिक मामलों में केवल इसलिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता कि वे कंपनी में पद पर हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट
निदेशकों को आपराधिक मामलों में केवल इसलिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता कि वे कंपनी में पद पर हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने सड़क के रखरखाव के लिए जिम्मेदार कंपनी के निदेशकों के खिलाफ दायर आरोपपत्र खारिज किया। यह आरोपपत्र 3 वर्षीय बच्चे की सड़क पर गड्ढे के कारण बाइक से गिरने से हुई दुर्घटना में हुई मौत से संबंधित था।निदेशकों पर लापरवाही से मौत (धारा 304-ए आईपीसी), दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से चोट पहुंचाने (धारा 337 आईपीसी) और लापरवाही से वाहन चलाने (धारा 279 आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया गया। SIT ने पाया कि बच्चे की मौत सड़क पर गड्ढे होने के कारण...

दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने जजों से सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों और अपीलों को प्राथमिकता देने को कहा
दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने जजों से सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों और अपीलों को प्राथमिकता देने को कहा

दिल्ली हाइकोर्ट ने अपने जजों से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों अपीलों या संशोधनों को प्राथमिकता देने को कहा है।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा,“हम इस न्यायालय की रजिस्ट्री को निर्देश देते हैं कि वे इस आदेश को ऐसे मामलों को देखने वाले भाई और बहन जजों को प्रसारित करें, जिससे संसद और विधानसभाओं के सदस्यों के खिलाफ उनके समक्ष लंबित सभी आपराधिक मामलों/अपीलों/संशोधनों को प्राथमिकता दी जा सके, क्योंकि ऐसे मामलों के शीघ्र और प्रभावी निपटान के लिए यह आवश्यक...

दिल्ली हाइकोर्ट ने विज्ञापन अवरोध के कारण अपूरणीय क्षति का हवाला देते हुए विज्ञापन समझौते में Google यथास्थिति बनाए रखे
दिल्ली हाइकोर्ट ने विज्ञापन अवरोध के कारण अपूरणीय क्षति का हवाला देते हुए विज्ञापन समझौते में Google यथास्थिति बनाए रखे

दिल्ली हाइकोर्ट ने गूगल इंडिया (Google India) को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित विज्ञापनों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। कोर्ट उक्त निर्देश यह देखते हुए दिया कि विज्ञापन समझौते में किसी पक्ष का मुख्य राजस्व विज्ञापन राजस्व से आता है और विज्ञापनों को सामूहिक रूप से अवरुद्ध करने से उस पक्ष को अपूरणीय क्षति होगी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की पीठ ने यह भी दोहराया कि धारा 9 याचिका भारत के बाहर मध्यस्थता की सीट के साथ मध्यस्थता में बनाए रखने योग्य होगी।मामलास्टार्टअपवाला प्राइवेट...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने करनाल उपचुनाव की अ‌धिसूचना के खिलाफ याचिका रद्द की, कहा- हरियाणा के मुख्यमंत्री 6 महीने के भीतर विधायक चुने जाने के लिए बाध्य
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने करनाल उपचुनाव की अ‌धिसूचना के खिलाफ याचिका रद्द की, कहा- हरियाणा के मुख्यमंत्री 6 महीने के भीतर विधायक चुने जाने के लिए बाध्य

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के करनाल निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव के लिए जारी अधिसूचना के ‌‌खिलाफ दायर याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि नए मुख्यमंत्री संवैधानिक आदेश के अनुसार शपथ लेने के छह महीने के भीतर खुद को राज्य विधानसभा का सदस्य निर्वाचित कराने के लिए बाध्य हैं और उपचुनाव इसकी सुविधा प्रदान करता है। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के 13 मार्च को इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हो गई थी।उपचुनाव की अधिसूचना को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि यह...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हटाने की जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हटाने की जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की गई थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह टिप्पणी की,“कभी-कभी, व्यक्तिगत हित को राष्ट्रीय हित के अधीन करना पड़ता है। लेकिन यह उनकी (केजरीवाल की) निजी राय है। यदि वह ऐसा नहीं करना चाहता तो यह उस पर निर्भर है। हम कानून की अदालत हैं... क्या आपके पास कोई उदाहरण...