हाईकोर्ट

आय छिपाने पर पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण, धारा 125 CrPC के तहत दावा खारिज: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
आय छिपाने पर पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण, धारा 125 CrPC के तहत दावा खारिज: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग को खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी नौकरी, आय और वित्तीय संपत्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जानबूझकर छिपाईं, इसलिए वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है।जस्टिस आलोक जैन ने कहा कि धारा 125 CrPC का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को दरिद्रता व बेसहारा स्थिति से बचाना है और यह केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां महिला स्वयं का...

बेलडांगा हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, CAPF के तत्काल इस्तेमाल का आदेश
बेलडांगा हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, CAPF के तत्काल इस्तेमाल का आदेश

बेलडांगा में हालिया हिंसा से जुड़े मामले की पोस्ट-लंच सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह मुर्शिदाबाद में पहले से तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का तुरंत उपयोग करे, ताकि हालात पर काबू पाया जा सके और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने अपने विस्तृत आदेश में सभी पक्षों की अहम दलीलों को दर्ज करते हुए कहा कि “मुर्शिदाबाद में बार-बार हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं।” बेंच ने जोर देकर कहा कि...

गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक करना असंवैधानिक: राजस्थान हाईकोर्ट
गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक करना असंवैधानिक: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने की प्रथा पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमामय जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने इस संबंध में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है।याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए एडवोकेट रजाक खान हैदर और सरवर खान ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने के बाहर या प्रवेश द्वार पर...

2025 में 54 बाघों की मौत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिकार रोकने के निर्देश मांगने वाली PIL पर नोटिस जारी किया
2025 में 54 बाघों की मौत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिकार रोकने के निर्देश मांगने वाली PIL पर नोटिस जारी किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को एक PIL पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को नोटिस जारी किया। इस PIL में राज्य में बाघों की मौत और शिकार की घटनाओं में खतरनाक बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने कहा,"नोटिस जारी करें। प्रतिवादी नंबर 1 और 3 की ओर से पेश हुए वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिया है।"यह PIL पर्यावरण एक्शन ग्रुप 'प्रयत्न' के सचिव और संस्थापक सदस्य अजय दुबे ने दायर की। इसमें कहा गया कि 785 बाघों में...

अरावली फैसला और भारत का हरित संवैधानिकवाद: पारिस्थितिक न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण क्षण
अरावली फैसला और भारत का हरित संवैधानिकवाद: पारिस्थितिक न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण क्षण

29 दिसंबर, 2025 को, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अरावली हिल्स और रेंज को नियंत्रित करने वाली परिभाषा और नियामक शासन पर अपने नवंबर के फैसले पर रोक लगा दी, यह मानते हुए कि "स्पष्टीकरण आवश्यक है"। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत के नेतृत्व वाली अवकाश पीठ ने जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह के साथ उस विवाद का स्वतः संज्ञान लिया, जिसने अपने पहले के फैसले के बाद हुए विवाद का स्वतः संज्ञान लिया और निर्णय को स्थगित कर दिया (एसएमडब्ल्यू (सी) नंबर 10/2025) । न्यायिक आत्म-सुधार का यह दुर्लभ...

अंतरिम भरण-पोषण | पत्नी अपनी पढ़ाई के खर्च का भी कर सकती है दावा, आय की जानकारी न देने पर पति के खिलाफ प्रतिकूल अनुमान संभव: इलाहाबाद हाइकोर्ट
अंतरिम भरण-पोषण | पत्नी अपनी पढ़ाई के खर्च का भी कर सकती है दावा, आय की जानकारी न देने पर पति के खिलाफ प्रतिकूल अनुमान संभव: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने हाल ही में पत्नी के पक्ष में अंतरिम भरण-पोषण के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि पत्नी द्वारा अपनी शिक्षा से संबंधित खर्चों के लिए अंतरिम भरण-पोषण का दावा प्रथम दृष्टया उचित है।हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह स्थापित कानून है कि यदि पति को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वह अपनी आय और संपत्ति का विवरण हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत नहीं करता तो अदालत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान (एडवर्स इंफेरेंस) लगा सकती है।जस्टिस गरिमा प्रसाद की एकल पीठ पति द्वारा दाखिल उस आपराधिक...

सोशल मीडिया पर ठगी के लिए सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों के दुरुपयोग पर दिल्ली हाइकोर्ट का सख्त रुख
सोशल मीडिया पर ठगी के लिए सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों के दुरुपयोग पर दिल्ली हाइकोर्ट का सख्त रुख

दिल्ली हाइकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों का सोशल मीडिया पर दुरुपयोग कर लोगों से ठगी किए जाने के मामले में अहम अंतरिम आदेश पारित किया। हाइकोर्ट ने ऐसी सभी तस्वीरों को हटाने या हटवाने का निर्देश दिया, जिनका उपयोग बिना अनुमति के किया जा रहा है।जस्टिस ज्योति सिंह ने अंतरिम आदेश में ज्ञात और अज्ञात (जॉन डो) व्यक्तियों व संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों का किसी भी प्रकार से अनधिकृत उपयोग कर आर्थिक लाभ न उठाएं।सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की ओर से पेश...

दूसरी शादी के दस्तावेज को प्रमाणित करने पर मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने पूर्व नोटरी को लगाई कड़ी फटकार
दूसरी शादी के दस्तावेज को प्रमाणित करने पर मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने पूर्व नोटरी को लगाई कड़ी फटकार

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने एडवोकेट की याचिका पर कड़ी नाराजगी जताई, जिसमें उसने अपनी नोटरी प्रैक्टिस समाप्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह कार्रवाई उस वकील के खिलाफ इसलिए की गई, क्योंकि उसने एक पक्षकार की दूसरी शादी के संपन्न होने से संबंधित दस्तावेज को प्रमाणित (अटेस्ट) किया, जबकि उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था।इतना ही नहीं यह प्रमाणन उस समय किया गया था जब संबंधित व्यक्ति की पहली शादी अभी भी कायम थी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने...

महत्वपूर्ण DNA साक्ष्य आरोपी के सामने न रखने से ट्रायल हुआ दूषित: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने मौत की सजा रद्द की, नए सिरे से सुनवाई के आदेश
महत्वपूर्ण DNA साक्ष्य आरोपी के सामने न रखने से ट्रायल हुआ दूषित: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने मौत की सजा रद्द की, नए सिरे से सुनवाई के आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने एक पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए विनोद उर्फ मुन्ना को दी गई मौत की सजा रद्द की। हाइकोर्ट ने कहा कि आरोपी का बयान दर्ज करते समय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 के तहत गंभीर प्रक्रियात्मक चूक हुई, जिससे पूरे ट्रायल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।हाइकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि DNA रिपोर्ट और अन्य अहम फोरेंसिक साक्ष्य आरोपी के समक्ष नहीं रखे गए, जिससे उसे अपना पक्ष स्पष्ट करने का अवसर नहीं मिला। यह आरोपी के साथ अन्याय है...

साथ रहने या सार्थक संपर्क के बिना ससुराल पक्ष पर क्रूरता के आरोप स्वभावतः अविश्वसनीय: पटना हाइकोर्ट
साथ रहने या सार्थक संपर्क के बिना ससुराल पक्ष पर क्रूरता के आरोप स्वभावतः अविश्वसनीय: पटना हाइकोर्ट

पटना हाइकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पति के रिश्तेदारों के साथ न तो साझा निवास हो और न ही कोई सार्थक संपर्क, तो ससुराल पक्ष के खिलाफ क्रूरता के आरोप अपने आप में अविश्वसनीय हो जाते हैं। हाइकोर्ट ने इस आधार पर आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धाराओं 85, 115(2), 118(1) और 191(2) के तहत दर्ज एक शिकायत से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए पति के रिश्तेदारों ने हाइकोर्ट का...

पतंग उड़ाने के पीक सीज़न के दौरान चाइनीज़ मांझे के खिलाफ़ मशीनरी एक्टिवेट करने के लिए राज्य सरकार बाध्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पतंग उड़ाने के पीक सीज़न के दौरान 'चाइनीज़ मांझे' के खिलाफ़ मशीनरी एक्टिवेट करने के लिए राज्य सरकार बाध्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते कहा कि राज्य सरकार हाईकोर्ट द्वारा पहले से जारी निर्देशों का पालन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि जब पतंग उड़ाने का सीज़न अपने चरम पर हो तो मशीनरी को एक्टिवेट किया जाए ताकि चाइनीज़ मांझे का निर्माण, इस्तेमाल और बिक्री न हो, जिससे इंसानों और पक्षियों की जान को खतरा न हो।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें जौनपुर ज़िले में सिंथेटिक पतंग के धागे पर रोक...

सिर्फ़ हत्या का शक जांच ट्रांसफर करने के लिए काफ़ी नहीं: एमपी हाईकोर्ट ने बेटे की मौत की CBI जांच की पिता की याचिका खारिज की
सिर्फ़ हत्या का शक जांच ट्रांसफर करने के लिए काफ़ी नहीं: एमपी हाईकोर्ट ने बेटे की मौत की CBI जांच की पिता की याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की अपने बेटे की मौत की जांच CBI को ट्रांसफर करने की याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ शक, चाहे वह कितना भी गंभीर क्यों न हो, या पिता का यह मानना ​​कि इसमें हत्या का एंगल है, जांच ट्रांसफर करने के लिए कानूनी तौर पर मान्य सबूतों की जगह नहीं ले सकता।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की बेंच ने कहा,"रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पता चलता है कि DNA प्रोफाइलिंग के ज़रिए मृतक की पहचान होने के बाद जांच एजेंसी ने सभी ज़रूरी गवाहों के बयान दर्ज करके, कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच...

अनजाने में हुई OMR गलती से अपरिवर्तनीय नुकसान नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने JET-2025 B.Tech एडमिशन बहाल किया
अनजाने में हुई OMR गलती से अपरिवर्तनीय नुकसान नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने JET-2025 B.Tech एडमिशन बहाल किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत दी, जिसका B.Tech कोर्स में प्रोविजनल एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (JET) 2025 के OMR में अपने अटेम्प्ट किए गए सब्जेक्ट्स को भरने में गलती के कारण रद्द कर दिया गया। कोर्ट ने इसे एक अनजाने में हुई गलती और उसकी तरफ से एक छोटी सी चूक माना।जस्टिस नूपुर भाटी की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को परीक्षा के दौरान ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए था। हालांकि, उसकी तरफ से कोई जानबूझकर गलतबयानी नहीं की गई। ऐसी अनजाने में हुई गलती के लिए उसका एडमिशन रद्द करने से उसे अपरिवर्तनीय...

आरोपी के अधिकारों पर ज़्यादा ज़ोर देने से पीड़ित के अधिकारों को नुकसान पहुंचने का खतरा है, अदालतों को संतुलन बनाना चाहिए: POCSO मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट
आरोपी के अधिकारों पर ज़्यादा ज़ोर देने से पीड़ित के अधिकारों को नुकसान पहुंचने का खतरा है, अदालतों को संतुलन बनाना चाहिए: POCSO मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक नाबालिग लड़की से रेप के मामले में एक आदमी की सज़ा और उम्रकैद बरकरार रखते हुए पीड़ित के अधिकारों को 'नज़रअंदाज़' करते हुए आरोपी के अधिकारों पर 'ज़्यादा ज़ोर' देने के 'खतरे' पर दुख जताया।जस्टिस मनीष पिटाले और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की डिवीजन बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीड़ित ही आपराधिक कानून को शुरू करता है। फिर भी पीड़ित के अधिकारों को अक्सर पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।जजों ने कहा,"हमारे सिस्टम में कभी-कभी आरोपी के अधिकारों पर ज़्यादा ज़ोर देने का...

Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 2019 में रेप केस में दोषी ठहराए गए नारायण साई की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की मांग की।जस्टिस इलेश जे वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की डिवीज़न बेंच ने अपने आदेश में कहा:"नोटिस, जिसका जवाब 26.02.2026 को देना है। सरकारी वकील ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से नोटिस लेने से छूट दी। याचिकाकर्ता के वकील को मूल शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील श्री नंदीश ठक्कर को नोटिस देने की अनुमति दी गई।"साई को 30 अप्रैल, 2019 को सूरत...

हाईकोर्ट ने धनगर कोटा विरोध याचिका पर अर्जेंट सुनवाई से इनकार किया, मराठा प्रदर्शनकारियों का किया उल्लेख
हाईकोर्ट ने धनगर कोटा विरोध याचिका पर अर्जेंट सुनवाई से इनकार किया, मराठा प्रदर्शनकारियों का किया उल्लेख

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मराठा समुदाय के उन प्रदर्शनकारियों की आलोचना की, जिन्होंने सितंबर 2025 में मुंबई शहर को ठप कर दिया और समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए शहर की सड़कों पर गंदगी फैलाई और ज़्यादा समय तक रुके रहे।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस अभय मंत्री की डिवीजन बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदर्शनकारियों को शहर के आज़ाद मैदान में, जो सभी तरह के विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक सभाओं के लिए तय जगह है, सिर्फ़ एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त दी गई। फिर भी वे ज़्यादा समय तक...