हाईकोर्ट

S. 125 CrPC | भरण-पोषण मामले में कथित व्यभिचारी को नोटिस भेजा जा सकता है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चीफ जस्टिस से विचार करने का आग्रह किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को चीफ जस्टिस से आग्रह किया कि वह ऐसे व्यक्ति को नोटिस भेजने के लिए नियम बनाने पर विचार करें। कोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की कार्यवाही में, यदि किसी व्यक्ति का नाम लेकर उस पर व्यभिचार का आरोप लगाया जाता है, तो उसके खिलाफ कोई भी प्रतिकूल फैसला सुनाने से पहले उसे अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए।जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति को विशेष रूप से व्यभिचारी ठहराने वाले न्यायिक फैसले के परिणाम केवल भरण-पोषण के दावे तक सीमित...

'शो कॉज़ नोटिस' के साथ ड्रग लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) और लाइसेंस सस्पेंशन (निलंबन) आदेश को एक साथ मिलाकर जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने का आदेश तभी दिया जा सकता है, जब लाइसेंस धारक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए कि उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों न की जाए।बता दें कि 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945' के नियम 66(1) के तहत अगर लाइसेंस धारक शर्तों या कानूनों का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर सकती है। ऐसा...

'व्यक्तिगत स्वतंत्रता के प्रति बहुत कम सम्मान': दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में पुलिस की 'खराब जांच' पर कड़ी टिप्पणी की, जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को जमानत देते हुए इस मामले में 'बेहद खराब जांच' करने के लिए दिल्ली पुलिस की आलोचना भी की।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने इस बात पर सवाल उठाया कि अप्राकृतिक मौत की जानकारी मिलने के बावजूद FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई।कोर्ट ने गौर किया कि स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना मिलने के तीन दिन से भी अधिक समय बाद FIR दर्ज की गई, जबकि FIR दर्ज होने के चार घंटे के भीतर ही पूरी जांच पूरी कर ली गई।कोर्ट ने कहा,"इससे पता चलता है कि स्थानीय पुलिस ने इस मामले में किसी व्यक्ति की...

दिल्ली में प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, धारा 163 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश पेश करने का निर्देश; CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अहम निर्देश दिए।कोर्ट ने पुलिस से पिछले दो सप्ताह के दौरान सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेश रिकॉर्ड पर रखने को कहा है। साथ ही, सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को प्रदर्शनों से संबंधित CCTV फुटेज और अन्य...

अभियोजन की मंजूरी देने वाले अधिकारी को सबूतों का स्वतंत्र रूप से आकलन करना चाहिए, न कि ट्रायल कोर्ट के शुरुआती निष्कर्षों से प्रभावित होना चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन की मंजूरी (Prosecution Sanction) देने के लिए अधिकृत अधिकारी को इस सवाल पर स्वतंत्र रूप से विचार करना चाहिए। वह किसी लोक सेवक के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (Special Judge) के शुरुआती निष्कर्षों (Prima Facie findings) से प्रभावित नहीं हो सकता। [2026 LiveLaw (MP) 416]भ्रष्टाचार के आरोपी लोक सेवक के खिलाफ 'फाइनल क्लोजर रिपोर्ट' (मामला बंद करने की रिपोर्ट) खारिज करने वाला स्पेशल जज का आदेश रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और...

वेतन न देना कर्मचारियों के अनुच्छेद 14, 21 और 19(1)(g) के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि कर्मचारियों को वेतन का भुगतान न करना संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 19(1)(g) के तहत मिले उनके मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी संस्थान अपने कर्मचारियों का वेतन रोककर उनके हितों के खिलाफ काम नहीं कर सकता और न ही उनका शोषण कर सकता है, क्योंकि वेतन उनकी आजीविका और जीवनयापन का बुनियादी साधन है।जस्टिस जी.एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी (STES) के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की याचिकाओं तथा...

छात्र को नशे से रोकने और अनुशासन बनाए रखने के लिए डांटने पर शिक्षकों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी छात्र को अनुशासन बनाए रखने के लिए डांटना या नशे से दूर रहने की चेतावनी देना, अपने आप में आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं है। यदि शिक्षकों का कोई आपराधिक इरादा नहीं था और उन्होंने छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाया या जानबूझकर सहायता नहीं की, तो केवल छात्र की आत्महत्या के दुखद परिणाम के आधार पर उन्हें आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की पीठ ने इस टिप्पणी के साथ स्कूल के शिक्षकों और हॉस्टल वार्डन के खिलाफ संज्ञान लेने के...

बिजली के बिना जीवन संभव नहीं, बिजली पाने का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि आधुनिक समय में बिजली के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए बिजली पाने का अधिकार भी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के वर्तमान आवास पर सात दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन जारी करे। यह निर्देश लागू कानूनी शर्तों और अन्य आवश्यक मानकों के अनुपालन के अधीन दिया गया है।अदालत ने कहा कि बिजली वितरण प्राधिकरण केवल संपत्ति के स्वामित्व,...

महिला पर भी गैंगरेप का आरोप तय हो सकता है, खुद रेप करना जरूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला के खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376D और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70 के तहत गैंगरेप का आरोप तय किया जा सकता है, भले ही उसने खुद पीड़िता के साथ शारीरिक रूप से रेप न किया हो।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि गैंगरेप से संबंधित प्रावधानों में इस्तेमाल किए गए शब्द 'व्यक्ति' (Persons) को केवल पुरुषों तक सीमित नहीं किया जा सकता। इस अपराध के लिए आरोपी का लिंग निर्णायक नहीं है।अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके सामने सवाल यह था कि क्या किसी महिला पर...

रेप और जातिगत दुर्व्यवहार के आरोपों का सामना कर रहे वकील को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत नहीं, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक वकील को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिस पर एक महिला के साथ बार-बार रेप, अप्राकृतिक यौन अपराध और जाति आधारित दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले में जांच की आवश्यकता है।जस्टिस राजेश्वरी एन. हेगड़े की पीठ ने आरोपी की उस आपराधिक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में कथित निजी वीडियो, फोनपे लेनदेन,...

मस्जिद होने के आधार पर RSS रूट मार्च की अनुमति नहीं रोक सकते, अल्पसंख्यकों को बदनाम न करें: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को कहा कि राज्य पुलिस प्रस्तावित मार्ग पर मस्जिद या ईदगाह होने का हवाला देकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च की अनुमति देने से इनकार नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि इस तरह के तर्क देकर मुस्लिम समुदाय को गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने यह मौखिक टिप्पणी तमिलनाडु में RSS के प्रस्तावित रूट मार्च की अनुमति देने से इनकार किए जाने के खिलाफ संगठन की उत्तर तमिलनाडु इकाई के राज्य सचिव की याचिका पर सुनवाई के दौरान की।राज्य...

कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के ऐलान पर दिल्ली पुलिस का हाईकोर्ट में भरोसा, कहा- CJP और अभिजीत डिपके के खिलाफ उठाएंगे उचित कदम
दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके नेता अभिजीत डिपके के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है और कानून के तहत सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच बृहस्पतिवार 15 अक्टूबर को एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।यह याचिका पालिका बाजार में रेडीमेड कपड़े बेचने वाले...

भगवंत मान के फ्रांस दौरे को मंजूरी नहीं देने पर पंजाब सरकार हाईकोर्ट पहुंची, केंद्र के फैसले को दी चुनौती
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे को केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक मंजूरी नहीं दिए जाने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया।पंजाब सरकार ने विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि आवेदन को बिना कोई कारण बताए खारिज कर दिया गया। राज्य सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रवि भगत को 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक फ्रांस जाना है।इस दौरे का उद्देश्य पंजाब के कृषि उत्पादों और राज्य के कारोबार को अंतरराष्ट्रीय...

हाईकोर्ट का यूपी में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश, मौजूदा 27% OBC आरक्षण रहेगा लागू
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण भी शामिल है। पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए गठित समर्पित आयोग की जांच, रिपोर्ट या उसकी सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया के नाम पर पंचायत चुनाव अनिश्चितकाल तक नहीं टाले जा सकते।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि आयोग की...

एशियन पैरा गेम्स: खिलाड़ियों के चयन में मनमानी न हो तो कोर्ट तय टीम में बदलाव का आदेश नहीं दे सकता- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों के चयन और अंतिम रूप से तय किए गए दल में अदालत आमतौर पर दखल नहीं दे सकती। जब तक चयन प्रक्रिया में मनमानी या निर्णय में स्पष्ट मनमानी नजर न आए तब तक अदालत अधिकारियों को टीम में बदलाव करने का निर्देश नहीं दे सकती।जस्टिस अमित महाजन ने यह टिप्पणी भारत की ओर से एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने के लिए चयनित नहीं किए गए पांच पैरा-साइकिलिस्टों की याचिका खारिज करते हुए की। याचिकाकर्ताओं ने 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें...

हॉस्टल के खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर यूनिवर्सिटी लापरवाही नहीं बरत सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी हॉस्टल की मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लापरवाह रवैया नहीं अपना सकते।कोर्ट ने कहा कि विद्यार्थियों से अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करने की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती जब तक उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाला और स्वच्छ भोजन उपलब्ध न कराया जाए। जस्टिस जस्मीत सिंह ने यह टिप्पणी जामिया मिल्लिया इस्लामिया की 20 वर्षीय छात्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान की।छात्रा ने आरोप लगाया था कि हॉस्टल की मेस में खराब गुणवत्ता वाला भोजन खाने के...

ACP पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मामला दर्ज, गिरफ्तारी से अंतरिम राहत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक महिला पत्रकार की उस याचिका को आज (गुरुवार) ही तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की मांग की थी। उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत ने SC/ST Act के तहत मामला दर्ज कराया।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ के समक्ष वकील ने इस याचिका का जिक्र किया जिस पर पीठ ने कहा कि मामले को कल सूचीबद्ध किया जाएगा।पत्रकार पर आरोप है कि उन्होंने और उनके साथियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के...

मृत संयुक्त डिक्रीधारक का नाम निष्पादन अर्जी में होने से पूरी कार्यवाही शून्य नहीं हो जाती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि संयुक्त डिक्रीधारकों में से किसी एक की मृत्यु निष्पादन की अर्जी दाखिल होने से पहले हो गई हो, लेकिन जीवित संयुक्त डिक्रीधारक पूरी डिक्री के निष्पादन का कानूनी अधिकार रखता हो, तो केवल मृत व्यक्ति का नाम अर्जी में बने रहने से पूरी निष्पादन कार्यवाही शून्य नहीं हो जाती। ऐसी स्थिति में मृत डिक्रीधारक का नाम हटाना या पक्षकारों के विवरण को दुरुस्त करना प्रक्रियात्मक सुधार माना जा सकता है।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि इस सवाल का फैसला केवल यह...

यूपी पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझ रही है: हाईकोर्ट ने हिरासत को अवैध ठहराया, व्यक्ति की तत्काल रिहाई का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझकर काम करती दिखाई दे रही है। अदालत ने FIR दर्ज होने से पहले एक व्यक्ति को हिरासत में रखने और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाए जाने पर उसकी हिरासत अवैध घोषित की। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि यदि व्यक्ति किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तत्काल रिहा किया जाए।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश...

युवाओं को जिंदगी भर अपराधी नहीं माना जाना चाहिए: नाबालिग रहते दर्ज मामले के कारण कांस्टेबल की नियुक्ति रद्द करने पर पटना हाईकोर्ट ने पुनर्विचार का दिया आदेश
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी उम्मीदवार द्वारा आपराधिक मामले की जानकारी छिपाना नियुक्ति के मामले में प्रासंगिक हो सकता है, लेकिन अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि छिपाई गई जानकारी वास्तव में कितनी महत्वपूर्ण थी। इस संबंध में निर्णय लेते समय उम्मीदवार की उम्र, आरोपों की प्रकृति और मामले की परिस्थितियों पर निष्पक्षता से विचार करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि कम उम्र में हुई गलती के आधार पर किसी युवा को जीवनभर अपराधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।जस्टिस पार्थ सारथी की सिंगल बेंच राहुल कुमार की...
