हाईकोर्ट

अवमानना की कार्रवाई न करना कमजोरी समझ लिया गया: रांची टर्मिनल मार्केट यार्ड के चुनावी उपयोग पर हाइकोर्ट की सख्त रोक
अवमानना की कार्रवाई न करना कमजोरी समझ लिया गया: रांची टर्मिनल मार्केट यार्ड के चुनावी उपयोग पर हाइकोर्ट की सख्त रोक

झारखंड हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि रांची के पंडरा स्थित टर्मिनल मार्केट यार्ड परिसर का किसी भी प्रकार के चुनावी कार्यों के लिए उपयोग नहीं किया जाएगा। अदालत ने चेतावनी दी कि उसके आदेशों का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में आरोप लगाया गया कि चुनावी कार्यों के नाम पर बार-बार टर्मिनल मार्केट यार्ड का उपयोग किए जाने से वहां वर्षों से कारोबार कर रहे...

प्रणालीगत विफलता: आजीवन कारावास के दोषी की 13 वर्षों तक गिरफ्तारी न होने पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
प्रणालीगत विफलता: आजीवन कारावास के दोषी की 13 वर्षों तक गिरफ्तारी न होने पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

दिल्ली हाइकोर्ट ने हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी की गिरफ्तारी में 13 वर्षों की देरी पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए इसे आपराधिक न्याय प्रणाली की गंभीर “प्रणालीगत विफलता” करार दिया है।हाइकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न्यायिक आदेशों के प्रवर्तन पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं और आपराधिक न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ सोनू नामक दोषी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे वर्ष 2009 में हत्या के मामले में दोषी ठहराते...

एक्टर व उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया
एक्टर व उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया

एक्टर और उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट में वाद दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न अज्ञात और ज्ञात व्यक्ति उनकी पहचान, नाम, छवि और आवाज़ का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहे हैं।एडवोकेट सना रईस खान और प्रणय चिताले के माध्यम से दायर इस वाद में विवेक ओबेरॉय ने हाइकोर्ट से आग्रह किया कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन पर रोक लगाई जाए। याचिका में अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो) सहित कई प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया।याचिका में कहा गया कि सोशल...

समन की कथित अस्वीकृति पर एकतरफा कार्यवाही से पहले प्रोसेस सर्वर की जांच अनिवार्य: राजस्थान हाइकोर्ट
समन की कथित अस्वीकृति पर एकतरफा कार्यवाही से पहले प्रोसेस सर्वर की जांच अनिवार्य: राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि समन की तामील रिपोर्ट को स्वीकार करना कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक गंभीर न्यायिक कार्य है। यदि समन की सेवा से संबंधित रिपोर्ट शपथ-पत्र पर नहीं है तो अदालत का दायित्व है कि वह प्रोसेस सर्वर की जांच करे। यहां तक कि यदि रिपोर्ट शपथ-पत्र पर भी हो, तब भी उसकी सत्यता परखने के लिए प्रोसेस सर्वर से पूछताछ करना अदालत के विवेकाधिकार में है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि समन जारी करने का उद्देश्य संबंधित पक्ष को उसके विरुद्ध चल रही कार्यवाही की जानकारी...

शराब घोटाला मामला: अंतरिम जमानत पर रहते हुए नियमित जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं, आरोपी का हिरासत में होना अनिवार्य : झारखंड हाइकोर्ट
शराब घोटाला मामला: अंतरिम जमानत पर रहते हुए नियमित जमानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं, आरोपी का 'हिरासत' में होना अनिवार्य : झारखंड हाइकोर्ट

झारखंड हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को अंतरिम जमानत मिली हुई है, उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 483 के अंतर्गत नियमित जमानत के लिए हिरासत में माना नहीं जा सकता, जब तक कि वह वास्तव में न्यायिक हिरासत में न हो या अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण न करे।हाइकोर्ट ने कहा कि नियमित जमानत की याचिका केवल उसी स्थिति में सुनवाई योग्य होती है, जब आरोपी विधिवत हिरासत में हो।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ एक आरोपी द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो...

यदि दोनों पक्ष हिंदू विवाह अधिनियम के अधीन न हों तो विवाह वैध नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट
यदि दोनों पक्ष हिंदू विवाह अधिनियम के अधीन न हों तो विवाह वैध नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट

तेलंगाना हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में अनुसूचित जनजाति की महिला और अनुसूचित जाति के पुरुष के बीच हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत पंजीकृत विवाह को शून्य घोषित किया।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि विवाह के किसी एक पक्ष पर हिंदू विवाह अधिनियम लागू नहीं होता तो उस अधिनियम के अंतर्गत किया गया विवाह कानूनन टिकाऊ नहीं हो सकता।जस्टिस के. लक्ष्मण और जस्टिस वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी की खंडपीठ ने अनुसूचित जनजाति की महिला द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें विवाह को...

संवैधानिक शासन में राजशाही मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने पुष्टि की गई नीलामी रद्द करने को मनमाना करार दिया
संवैधानिक शासन में 'राजशाही मानसिकता' के लिए कोई स्थान नहीं: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने पुष्टि की गई नीलामी रद्द करने को मनमाना करार दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पुष्टि की गई सार्वजनिक नीलामी को बिना कारण, नोटिस और सुनवाई के केवल एक शब्द में रद्द किए जाने को मनमाना, असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 का उल्लंघन करार दिया है। हाइकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार द्वारा दायर दूसरी अपील को खारिज कर दिया।जस्टिस विरिंदर अग्रवाल ने अपने निर्णय में कहा कि बिना कारण बताए पारित किए गए संक्षिप्त आदेश आज भी राजशाही मानसिकता की शेष प्रवृत्तियों को दर्शाते हैं, जो संवैधानिक शासन व्यवस्था के अनुकूल नहीं हैं।उन्होंने कहा कि...

POCSO Act में किशोर स्वायत्तता की अनदेखी: राजस्थान हाइकोर्ट ने सहमति वाले युवा संबंधों को छूट देने पर सरकार से विचार करने को कहा
POCSO Act में 'किशोर स्वायत्तता' की अनदेखी: राजस्थान हाइकोर्ट ने सहमति वाले युवा संबंधों को छूट देने पर सरकार से विचार करने को कहा

राजस्थान हाइकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण से जुड़े POCSO कानून के मौजूदा प्रावधानों पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से इस कानून की व्यापक समीक्षा करने को कहा।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह कानून बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया था लेकिन सहमति से बने किशोर और युवा संबंधों में इसका कठोर और यांत्रिक प्रयोग कानून को संरक्षण के बजाय दंड का माध्यम बना रहा है।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने सुझाव दिया कि POCSO Act में ऐसा प्रावधान जोड़ा जाना चाहिए, जिसके अंतर्गत लगभग समान...

दिल्ली हाईकोर्ट ने धर्मशाला में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया, पासपोर्ट जारी करने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने धर्मशाला में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया, पासपोर्ट जारी करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 1966 में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को जन्म से भारतीय नागरिक घोषित करते हुए उसे भारतीय पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने यांगचेन ड्राकमारग्यापोन द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वह नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3(1)(a) के तहत जन्म से भारतीय नागरिक हैं।याचिकाकर्ता तिब्बती शरणार्थी वंश की हैं और 1997 में अपने पति से मिलने स्विट्ज़रलैंड गई थीं। वहां उन्हें और उनके परिवार को फॉरेनर्स पासपोर्ट जारी किए गए,...

MV Act और वर्कमैन मुआवजा एक्ट के तहत दोहरा दावा नहीं चलेगा: राजस्थान हाइकोर्ट, बीमा कंपनी को राशि लौटाने का आदेश
MV Act और वर्कमैन मुआवजा एक्ट के तहत दोहरा दावा नहीं चलेगा: राजस्थान हाइकोर्ट, बीमा कंपनी को राशि लौटाने का आदेश

राजस्थान हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक ही दुर्घटना के लिए मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act) और वर्कमैन मुआवजा अधिनियम, 1923 (Workman Act) — दोनों के तहत मुआवजा दावा करना कानूनन स्वीकार्य नहीं है। हाइकोर्ट ने कहा कि एक अधिनियम के तहत मुआवजा प्राप्त करने के बाद दूसरे अधिनियम के तहत दावा करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि एक मंच पर मिले मुआवजे को दूसरे मंच द्वारा समायोजित करने का तर्क भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अदालतों को...

पिछली छोटी सज़ाएं लगातार उत्कृष्ट सर्विस रिकॉर्ड पर भारी नहीं पड़ सकतीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने अनिवार्य रिटायरमेंट रद्द किया
पिछली छोटी सज़ाएं लगातार 'उत्कृष्ट' सर्विस रिकॉर्ड पर भारी नहीं पड़ सकतीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने अनिवार्य रिटायरमेंट रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने "अक्षमता" के आधार पर पुलिस इंस्पेक्टर का अनिवार्य रिटायरमेंट का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने इसे मनमाना और छोटी सज़ाओं पर चुनिंदा रूप से निर्भर बताया, जबकि उसके लगातार उत्कृष्ट सर्विस रिकॉर्ड को नज़रअंदाज़ किया गया, जिसमें "अच्छा" और "बहुत अच्छा" प्रदर्शन दिखाया गया।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने कहा कि राज्य राजस्थान सिविल सर्विसेज (पेंशन) नियम, 1996 ("नियम") के नियम 53(1) और कार्मिक विभाग (DoP) द्वारा 21 अप्रैल, 2000 को जारी सर्कुलर के तहत बाध्यकारी दिशानिर्देशों का पालन करने...

2026 CLAT-UG | सवाल एक, सही जवाब दो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव का आदेश क्यों दिया?
2026 CLAT-UG | सवाल एक, सही जवाब दो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव का आदेश क्यों दिया?

मंगलवार को दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के कंसोर्टियम को CLAT-UG-2026 के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव करने का निर्देश दिया।यह आदेश तब दिया गया, जब सिंगल जज ने पाया कि हाई-पावर्ड 'ओवरसाइट कमेटी' ने बिना कोई कारण बताए, एक विवादित सवाल के बारे में सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स के फैसले को मनमाने ढंग से पलट दिया।जस्टिस विवेक सरन की बेंच ने कंसोर्टियम को आदेश दिया कि विवादित सवाल नंबर 9 (बुकलेट-C में) और CLAT-2026 एंट्रेंस एग्जाम की अलग-अलग बुकलेट में उसी से जुड़े सभी...

यूपी पुलिस ने 2024 से 1.08 लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से 9% से भी कम पर की कार्रवाई: हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की
यूपी पुलिस ने 2024 से 1.08 लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से 9% से भी कम पर की कार्रवाई: 'हैरान' हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की

उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार के इस कबूलनामे पर कड़ी निराशा जताते हुए कि जनवरी, 2024 और जनवरी, 2026 के बीच लगभग 1,08,300 गुमशुदा लोगों की शिकायतें दर्ज की गईं और इनमें से केवल 9,700 मामलों में ही राज्य पुलिस ने लोगों को ढूंढने के लिए कार्रवाई की, इलाहाबादहाई कोर्ट ने 'राज्य में गुमशुदा व्यक्ति' शीर्षक से एक PIL (जनहित याचिका) दर्ज की।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की बेंच ने यह आदेश दिया, जिसमें गुमशुदा लोगों को ढूंढने में अधिकारियों के शुरुआती तौर पर लापरवाह रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई...

दिल्ली हाईकोर्ट ने AIPA को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर मान्यता देने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने AIPA को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर मान्यता देने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया पिकलबॉल एसोसिएशन (AIPA) की याचिका खारिज की, जिसमें उसने केंद्र सरकार के इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (IPA) को देश में इस खेल के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) के तौर पर मान्यता देने के फैसले को चुनौती दी थी।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि IPA को मान्यता देना सीधे तौर पर मनमाना था या उसमें कोई साफ तौर पर गैर-वाजिब बात थी।AIPA 2008 से मौजूद है। उसने अक्टूबर, 2024 में पिकलबॉल के लिए NSF के तौर पर मान्यता के लिए आवेदन किया था। हालांकि, पिछले साल अप्रैल...

यूपी सरकार का राजनीतिक जाति रैलियों पर बैन प्रभावी होना चाहिए, बच्चों में सही संस्कार ही स्थायी समाधान: इलाहाबाद हाईकोर्ट
यूपी सरकार का राजनीतिक जाति रैलियों पर बैन प्रभावी होना चाहिए, बच्चों में सही संस्कार ही स्थायी समाधान: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में 2013 में दायर जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया, जिसमें सभी जाति-आधारित राजनीतिक रैलियों पर बैन लगाने और भारत के चुनाव आयोग (ECI) को ऐसी रैलियां आयोजित करने वाली राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई।यह देखते हुए कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही ऐसी सभाओं पर पूरी तरह से रोक लगाR, जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने सरकारी आदेश को सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू करने की...

तीर्थयात्रियों का दबाव कम करने के लिए: हाईकोर्ट ने बांके बिहारी दर्शन के बढ़े हुए समय को सही ठहराया, एससी-नियुक्त पैनल के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज
'तीर्थयात्रियों का दबाव कम करने के लिए': हाईकोर्ट ने 'बांके बिहारी' दर्शन के बढ़े हुए समय को सही ठहराया, एससी-नियुक्त पैनल के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई-पावर्ड मंदिर प्रबंधन समिति, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस अशोक कुमार (रिटायर्ड) कर रहे हैं, उसके खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका खारिज की। यह याचिका ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर (वृंदावन-मथुरा में) में दर्शन का समय बढ़ाने के लिए दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि यह हाईकोर्ट के नवंबर, 2022 के आदेश का उल्लंघन है।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने कहा कि समिति, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के रोज़मर्रा के मामलों की देखरेख करने का अधिकार...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, फ्रांज काफ्का का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, फ्रांज काफ्का का दिया हवाला

लेखक फ्रांज काफ्का का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, जो 2003 में एक युवती के साथ लूट और गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) सहित अधिकारियों ने दो दशकों से ज़्यादा समय तक बिना किसी घटना के हिरासत और लगातार सकारात्मक सुधार रिपोर्ट के बावजूद, उसे समय से पहले रिहा करने से बार-बार इनकार करके मनमाने ढंग से काम किया।कोर्ट ने कहा,"ग्रेगर सैमसा की तरह...