हाईकोर्ट

फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के इस्तेमाल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता और उसके वकील के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आदेश
फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के इस्तेमाल पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, याचिकाकर्ता और उसके वकील के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) में फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के इस्तेमाल का प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर याचिकाकर्ता और उसके अधिवक्ता के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट से रिकॉर्ड पर मौजूद हस्ताक्षरों में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे जालसाजी और दस्तावेजों में हेरफेर की आशंका बनती है।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कुशीनगर...

प्रेम विवाह में दहेज मांग का आरोप पहली नजर में मानना मुश्किल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति को जमानत दी
प्रेम विवाह में दहेज मांग का आरोप पहली नजर में मानना मुश्किल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति को जमानत दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि यदि विवाह प्रेम विवाह (लव मैरिज) है, तो शादी के समय और उसके बाद दहेज मांगे जाने के आरोप पहली नजर में स्वीकार करना कठिन हो जाता है। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के आरोपों में गिरफ्तार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति को जमानत दे दी।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि पति-पत्नी ने वर्ष 2023 में दोनों परिवारों की सहमति से प्रेम विवाह किया था। दोनों निजी कंपनियों में...

हर शादी का अधूरा वादा रेप नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को किया बरी
'हर शादी का अधूरा वादा रेप नहीं': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को किया बरी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल शादी से इनकार कर देने या शादी का वादा पूरा न होने मात्र से किसी व्यक्ति को दुष्कर्म (धारा 376 IPC) और आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306 IPC) का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने कहा कि यह साबित होना जरूरी है कि आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का इरादा नहीं रखा था और झूठा वादा केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए किया था।जस्टिस राजेंद्र कुमार वानी की पीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर...

वकालतनामे पर हस्ताक्षर विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फॉरेंसिक जांच के दिए आदेश
वकालतनामे पर हस्ताक्षर विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फॉरेंसिक जांच के दिए आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर स्थित नेहरू विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रबंधन से जुड़े मामले में विवादित वकालतनामे पर किए गए हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच कराने का आदेश दिया है। अदालत के समक्ष एक पक्षकार ने दावा किया कि उसने न तो वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए और न ही संबंधित अधिवक्ता को अपनी ओर से पेश होने के लिए अधिकृत किया था।जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ के समक्ष यह विवाद पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिकाकर्ता शिव शंकर सिंह ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिवक्ता को कभी नियुक्त नहीं...

सतलुज को ओटीटी से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार
'सतलुज' को ओटीटी से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक और एक्टर दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में उपयुक्त पक्षकार नहीं है।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि जब याचिकाकर्ता न तो फिल्म के निर्देशक हैं और न ही निर्माता, तो उन्हें यह याचिका दायर करने का अधिकार कैसे है।इस पर याचिकाकर्ता ने कहा,"हम याचिका वापस ले लेते हैं और इसे फिल्म के...

चुनाव याचिका में जाति प्रमाणपत्र की वैधता की जांच नहीं कर सकता चुनाव न्यायाधिकरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट
चुनाव याचिका में जाति प्रमाणपत्र की वैधता की जांच नहीं कर सकता चुनाव न्यायाधिकरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव न्यायाधिकरण किसी जाति प्रमाणपत्र की वैधता की जांच नहीं कर सकता और न ही उसे फर्जी घोषित करने का अधिकार रखता है।जस्टिस नीरज तिवारी ने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र की वैधता तय करने या उसे निरस्त करने का अधिकार केवल राज्य सरकार द्वारा गठित जिला, मंडलीय और राज्य स्तरीय जांच समितियों को है। चुनाव न्यायाधिकरण इस विषय पर निर्णय देने का अधिकार नहीं रखता।कोर्ट ने कहा,"अब यह पूरी तरह...

चार्जशीट दाखिल करने से पहले SHO स्वतंत्र विवेक का करें इस्तेमाल, महज पोस्ट ऑफिस नहीं हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
चार्जशीट दाखिल करने से पहले SHO स्वतंत्र विवेक का करें इस्तेमाल, महज 'पोस्ट ऑफिस' नहीं हैं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) केवल जांच अधिकारी (IO) द्वारा तैयार की गई चार्जशीट अदालत भेजने वाले "पोस्ट ऑफिस" नहीं हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुरूप हुई है।जस्टिस अनूप कुमार ढंड की पीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा SHO के खिलाफ लिए गए संज्ञान को बरकरार रखते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल करना महज औपचारिकता नहीं है। SHO को रिकॉर्ड और साक्ष्यों का स्वतंत्र रूप से परीक्षण करना अनिवार्य है।मामला क्या था?याचिकाकर्ता एक सड़क दुर्घटना में...

दिल्ली दंगे: शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
दिल्ली दंगे: शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की उस याचिका पर जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई, तीनों नेताओं को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया।जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि कोर्ट रजिस्ट्रार से मिली रिपोर्ट के अनुसार तीनों नेताओं ने अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया।कोर्ट ने कहा,"पहले भी कई अवसर दिए जा चुके हैं। फिर भी न्यायहित में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का एक अंतिम और आखिरी अवसर दिया जाता...

आर्टिकल 21 के तहत शादी का अधिकार: राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को ओपन एयर जेल में शादी करने की इजाज़त दी
'आर्टिकल 21 के तहत शादी का अधिकार': राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को ओपन एयर जेल में शादी करने की इजाज़त दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में ओपन एयर कैंप में बंद हत्या के एक दोषी को ज़मानत पर रिहा हुई महिला दोषी के साथ शादी करने की इजाज़त दी। कोर्ट ने कहा कि शादी का अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकार का एक अहम हिस्सा है।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"दो सहमत बालिगों के बीच शादी करना भारत के संविधान के आर्टिकल 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकार का एक अहम हिस्सा है। शादी की संस्था को सभी प्रमुख धर्मों और...

IPC की धारा 307 के तहत जुर्माना न लगाना सज़ा सुनाने में गलती, दोषी की अपील पर इसे सुधारा नहीं जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
IPC की धारा 307 के तहत जुर्माना न लगाना सज़ा सुनाने में गलती, दोषी की अपील पर इसे सुधारा नहीं जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत दोषी ठहराए जाने पर ट्रायल कोर्ट के लिए जेल की सज़ा के साथ जुर्माना लगाना ज़रूरी है और ऐसा न करना सज़ा सुनाने में एक गलती है।हालांकि, जस्टिस संतोष राय की बेंच ने साफ़ किया कि अगर राज्य या शिकायतकर्ता ने जुर्माना लगाकर सज़ा बढ़ाने की अपील नहीं की है, तो हाई कोर्ट सिर्फ़ दोषी की अपील पर इस कमी को ठीक नहीं कर सकता।बेंच ने कहा,"CrPC की धारा 374 के तहत सिर्फ़ दोषी की अपील पर CrPC की धारा 386 के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, यह कोर्ट...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के लिए मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, जांच में कमियां बताईं
राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के लिए मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, जांच में कमियां बताईं

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में पत्नी की हत्या के आरोप में ट्रायल कोर्ट से मौत की सज़ा पाए एक व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसी परिस्थितियां साबित करने में नाकाम रहा, जो सिर्फ़ उसी के दोषी होने की ओर इशारा करती हों और जांच में गंभीर कमियां हैं।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की बेंच ने दोहराया कि शक कितना भी मज़बूत क्यों न हो, वह कानूनी सबूत की जगह नहीं ले सकता और जहां सबूतों के आधार पर दो राय मुमकिन हों, वहां आरोपी के पक्ष वाली राय को ही माना जाता...

बॉम्बे हाईकोर्ट का PoP गणेश मूर्ति बनाने वालों से सवाल- क्या आपके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी हैं?
बॉम्बे हाईकोर्ट का PoP गणेश मूर्ति बनाने वालों से सवाल- क्या आपके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी हैं?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (PoP) से गणेश मूर्तियां बनाने वालों से पूछा कि क्या उनके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा और समाज के व्यापक हितों से ज़्यादा ज़रूरी हो सकते हैं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीज़न बेंच ने यह बात जनहित याचिका (PIL) पर अंतिम बहस के दौरान कही। इस याचिका में प्राकृतिक जल निकायों में PoP मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की गई, चाहे उनकी ऊंचाई कुछ भी हो।PoP मूर्ति बनाने वालों के संगठनों का प्रतिनिधित्व करने...

सरकारी स्कूल टीचर के तौर पर भर्ती के लिए ज़रूरी बैचलर डिग्री न होने पर मास्टर डिग्री वाले उम्मीदवार योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
सरकारी स्कूल टीचर के तौर पर भर्ती के लिए ज़रूरी बैचलर डिग्री न होने पर मास्टर डिग्री वाले उम्मीदवार योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मास्टर डिग्री होने से कोई उम्मीदवार अपने आप उस पद के लिए योग्य नहीं हो जाता, जिसके लिए उसी विषय में बैचलर डिग्री की ज़रूरत हो। [2026 LiveLaw (Del) 660]जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की डिवीज़न बेंच ने CAT का आदेश रद्द किया, जिसमें दिल्ली सरकारी स्कूलों में कुछ उम्मीदवारों को डोमेस्टिक साइंस टीचर (TGT) के तौर पर नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था।कोर्ट ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के पास होम साइंस में मास्टर डिग्री के साथ-साथ साधारण BA (पास) डिग्री है, उन्हें...

खुद को रिपोर्टर कहने वालों की गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता के लिए प्रेस की आज़ादी ढाल नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया रेगुलेशन की ज़रूरत बताई
'खुद को रिपोर्टर कहने वालों' की गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता के लिए प्रेस की आज़ादी ढाल नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया रेगुलेशन की ज़रूरत बताई

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रेस की आज़ादी लोकतंत्र का एक ज़रूरी स्तंभ है, लेकिन इसका इस्तेमाल गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने या ऐसी सामग्री फैलाने के लिए ढाल के तौर पर नहीं किया जा सकता जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते चलन के साथ अब मोबाइल फोन और माइक्रोफोन वाला कोई भी व्यक्ति खुद को "रिपोर्टर" बता सकता है, जबकि अक्सर उनके पास न तो पत्रकारिता की ट्रेनिंग होती है, न ही नैतिक समझ या जवाबदेही।कोर्ट ने कहा,"अब समय आ गया कि...

शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश वाले मामले में ज़मानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, कल सुनवाई
शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश वाले मामले में ज़मानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, कल सुनवाई

शरजील इमाम ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साज़िश के आरोप वाले मामले (UAPA के तहत) में ज़मानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी।इस मामले की सुनवाई कल (शुक्रवार) जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच करेगी।इमाम ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 4 जुलाई को उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी गई।ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि गुलफिशा फातिमा और सैयद इफ्तिखार अंद्राबी के मामले का फ़ैसला सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी बेंच को भेजा जा चुका है, इसलिए जब तक...

PDS कॉन्ट्रैक्टर पर कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने का आरोप: ट्रायल का इंतज़ार किए बिना ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है- पटना हाईकोर्ट
PDS कॉन्ट्रैक्टर पर कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने का आरोप: ट्रायल का इंतज़ार किए बिना ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है- पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अनाज के ट्रांसपोर्टेशन के लिए नियुक्त कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया जा सकता है, भले ही कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने के आरोपों से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही का नतीजा अभी न आया हो। कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी कार्रवाई आपराधिक दायित्व से अलग है और इसे स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है, अगर कॉन्ट्रैक्टर का व्यवहार कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक नहीं पाया जाता है।जस्टिस सुधीर...

बच्चे की कस्टडी आर्थिक रूप से सक्षम होने का दावा कर दी, तो पूरा भरण-पोषण पिता पर नहीं डाला जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
बच्चे की कस्टडी आर्थिक रूप से सक्षम होने का दावा कर दी, तो पूरा भरण-पोषण पिता पर नहीं डाला जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई कामकाजी मां अपनी आर्थिक क्षमता का दावा करते हुए नाबालिग बच्चे की कस्टडी प्राप्त करती है तो बाद में वह बच्चे के भरण-पोषण का पूरा वित्तीय बोझ केवल पिता पर नहीं डाल सकती। यदि मां भी पर्याप्त आय अर्जित कर रही है, तो बच्चे के खर्च दोनों माता-पिता अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार वहन करेंगे।जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला ने यह टिप्पणी करते हुए एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज की। याचिका में फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें महिला...

अपील बहाल करते हुए अनोखा निर्देश: वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों के साथ एक घंटा बिताएं, रिपोर्ट भी दें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
अपील बहाल करते हुए अनोखा निर्देश: वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों के साथ एक घंटा बिताएं, रिपोर्ट भी दें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रिट अपील बहाल करते हुए आवेदक को अनोखा निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि वह जबलपुर के तिलवारा वृद्धाश्रम जाकर वहां के बुजुर्गों के साथ एक घंटा बिताएं और 15 दिनों के भीतर अपने अनुभव, वृद्धाश्रम की स्थिति तथा सुझावों सहित रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि यह मामला "सामाजिक लेखा-परीक्षण" की अवधारणा को परखने का अवसर है और वर्तमान समय में इसकी अत्यंत आवश्यकता है।मामला उस रिट अपील से जुड़ा था जिसे 18 जुलाई 2025 को पारित एक...

अंतरिम आदेश के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी पक्ष के अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाईकोर्ट
अंतरिम आदेश के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी पक्ष के अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 39 नियम 7 के तहत नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर का उद्देश्य किसी पक्ष के लिए साक्ष्य जुटाना नहीं, बल्कि अदालत को विवादित संपत्ति की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन उपलब्ध कराना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी भी पक्ष का कोई मौलिक (Substantive) अधिकार न तो बनता है और न ही समाप्त होता है।जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा आदेश 39 नियम 7 CPC के तहत स्थानीय निरीक्षण...