हाईकोर्ट

लेक्चरर को ज़्यादा सैलरी के लिए PhD की ज़रूरत आर्टिकल 14, 16 का उल्लंघन नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने AICTE के नियमों को सही ठहराया
लेक्चरर को ज़्यादा सैलरी के लिए PhD की ज़रूरत आर्टिकल 14, 16 का उल्लंघन नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने AICTE के नियमों को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में लेक्चरर को ₹10,000 का ज़्यादा एकेडमिक ग्रेड पे (AGP) देने के लिए एलिजिबिलिटी शर्त के तौर पर PhD डिग्री को ज़रूरी बनाने के ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के नियम को सही ठहराया।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा,“जिन लेक्चरर के पास PhD क्वालिफिकेशन है और जिनके पास नहीं है, उनके बीच अंतर को मनमाना, भेदभावपूर्ण या भारत के संविधान के आर्टिकल 14 और 16 का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता। सैलरी और करियर में आगे बढ़ने के...

NSA में निरुद्ध सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए हाइकोर्ट का रुख किया
NSA में निरुद्ध सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए हाइकोर्ट का रुख किया

पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल की मांग करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट में याचिका दायर की।अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत निरुद्ध हैं और असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।याचिका में बताया गया कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होना प्रस्तावित है। पहला चरण 28 जनवरी, 2026 से 13 फरवरी, 2026 तक और दूसरा चरण 9 मार्च, 2026 से 2 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। अमृतपाल सिंह ने इन दोनों चरणों...

हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से जुड़ी खबर पर पत्रकारों के खिलाफ जांच पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से जुड़ी खबर पर पत्रकारों के खिलाफ जांच पर लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कथित हेलीकॉप्टर मूवमेंट से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के मामले में लॉ स्टूडेंट, पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के खिलाफ दर्ज FIR में आगे की जांच पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज की पीठ ने इस मामले में आरोपियों की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए FIR रद्द करने की मांग पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।सुनवाई के दौरान जस्टिस भारद्वाज ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग का...

अर्जुन पुरस्कार से बाहर किए जाने पर पहलवान नवीन मलिक की याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
अर्जुन पुरस्कार से बाहर किए जाने पर पहलवान नवीन मलिक की याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने पिछले सप्ताह भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान और स्वर्ण पदक विजेता नवीन मलिक की याचिका पर नोटिस जारी किया। नवीन मलिक ने वर्ष 2025 के अर्जुन पुरस्कार से खुद को बाहर किए जाने को चुनौती दी।यह मामला जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव के समक्ष आया, जिन्होंने प्रारंभिक सुनवाई के बाद केंद्र सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, खेल पुरस्कार चयन समिति 2025 और भारतीय खेल प्राधिकरण से जवाब मांगा। साथ ही इस मामले में पहलवान सोनम मलिक को भी नोटिस जारी किया गया।अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।अर्जुन...

MACT | केवल कक्षा 12वीं का छात्र होने से यह नहीं माना जा सकता कि मृतक आय अर्जित नहीं कर रहा था; अकुशल श्रमिक मानकर मुआवज़ा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
MACT | केवल कक्षा 12वीं का छात्र होने से यह नहीं माना जा सकता कि मृतक आय अर्जित नहीं कर रहा था; अकुशल श्रमिक मानकर मुआवज़ा दिया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इस आधार पर यह मान लेना कि सड़क दुर्घटना में मृतक कोई आय अर्जित नहीं कर रहा था, सही नहीं है कि वह कक्षा 12वीं का छात्र था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुआवज़े की गणना मृतक को अकुशल श्रमिक (Unskilled Workman) मानकर की जानी चाहिए।जस्टिस संदीप जैन ने कहा—“केवल इस कारण कि मृतक कक्षा 12वीं में पढ़ रहा था, यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि वह कोई आय अर्जित नहीं कर रहा था। यह स्पष्ट है कि दावेदार मृतक की आय और व्यवसाय से संबंधित कोई दस्तावेजी साक्ष्य...

बांग्लादेश पर क्रिकेट प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- कुछ रचनात्मक काम कीजिए
बांग्लादेश पर क्रिकेट प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- कुछ रचनात्मक काम कीजिए

दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को बांग्लादेश को सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। यह याचिका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का हवाला देते हुए दायर की गई थी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कहा कि इस तरह की याचिकाएं न्यायालय का कीमती समय बर्बाद करती हैं। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि इस प्रकार की याचिका दाखिल करने पर भारी लागत भी लगाई जा सकती...

पुराना पेंशन दावा खारिज, सेवा अभिलेख खोने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य को फटकारा
पुराना पेंशन दावा खारिज, सेवा अभिलेख खोने पर राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य को फटकारा

राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि राज्य द्वारा सेवा अभिलेख (सर्विस रिकॉर्ड) खो जाना या गुम हो जाना गंभीर प्रशासनिक चूक जरूर है, लेकिन केवल इसी आधार पर किसी कर्मचारी को पेंशन का वैधानिक अधिकार नहीं दिया जा सकता। साथ ही अदालत ने सेवा अभिलेख खोने को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी भी जताई।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने स्पष्ट कहा कि राज्य सार्वजनिक अभिलेखों का ट्रस्टी होता है। वह यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि सेवा अभिलेख...

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कार्यवाही नहीं चल सकती : गुवाहाटी हाइकोर्ट
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कार्यवाही नहीं चल सकती : गुवाहाटी हाइकोर्ट

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत किसी आरोपी के खिलाफ कार्यवाही तब तक कायम नहीं रह सकती, जब तक रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री ठोस न हो और उसका सीधा संबंध आरोपी के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से स्थापित न होता हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल सुनी-सुनाई बातों (हियरसे) के आधार पर आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानूनन उचित नहीं है।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक होमगार्ड कर्मी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें विशेष अदालत में लंबित...

बहू प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ संजय कपूर की मां पहुंची हाइकोर्ट, फर्जी फैमिली ट्रस्ट का लगाया आरोप
बहू प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ संजय कपूर की मां पहुंची हाइकोर्ट, 'फर्जी फैमिली ट्रस्ट' का लगाया आरोप

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाइकोर्ट का रुख करते हुए अपनी बहू प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ एक दीवानी वाद दायर किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि एक फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण फैमिली ट्रस्ट बनाकर उन्हें उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत से अवैध रूप से वंचित कर दिया गया।करीब 80 वर्षीय विधवा रानी कपूर ने कहा कि तथाकथित आरके फैमिली ट्रस्ट/रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट पूरी तरह अवैध, शून्य और अमान्य है। उनका दावा है कि उनकी जानकारी या सहमति के बिना उनकी...

आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट
आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण के पास नहीं है। अदालत ने कहा कि यह अधिकार केवल संबंधित ट्रायल कोर्ट के पास है, जो विदेश जाने की अनुमति मांगने पर आवश्यक शर्तें लगा सकता है।जस्टिस अनिरुद्ध पी. मयी की पीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसमें याचिकाकर्ता ने विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी किए जाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता...

मुस्लिम क़ानून के तहत वैध तलाक को मान्यता देना फैमिली कोर्ट का दायित्व : राजस्थान हाइकोर्ट
मुस्लिम क़ानून के तहत वैध तलाक को मान्यता देना फैमिली कोर्ट का दायित्व : राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने कहा कि यदि मुस्लिम व्यक्तिगत क़ानून के अंतर्गत तलाक-उल-हसन या मुबारात के माध्यम से विवाह का विधिवत विघटन पहले ही हो चुका है तो फैमिली कोर्ट ऐसे तलाक को मान्यता देने और विवाह विच्छेद की घोषणा करने के लिए बाध्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की राहत को केवल अत्यधिक तकनीकी आधारों पर नकारा नहीं जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस अपील पर सुनवाई करते हुए की, जो फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी की विवाह विच्छेद की घोषणा संबंधी...

वकील पर निगरानी रखना पक्षकार का कर्तव्य नहीं : एडवोकेट की गैर-हाजिरी पर पारित एकतरफा आदेश को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने वापस लिया
वकील पर निगरानी रखना पक्षकार का कर्तव्य नहीं : एडवोकेट की गैर-हाजिरी पर पारित एकतरफा आदेश को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने वापस लिया

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि जब कोई पक्षकार किसी एडवोकेट को नियुक्त करता है तो वह इस सद्भावना विश्वास के साथ करता है कि वकील प्रत्येक तारीख पर उसका प्रतिनिधित्व करेगा। ऐसे में मुकदमेबाज से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह अपने वकील पर हर तारीख को निगरानी रखने वाला प्रहरी बनकर नजर रखे।जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की पीठ ने यह टिप्पणी उस आवेदन को स्वीकार करते हुए की, जिसमें वकील की लगातार गैर-हाजिरी के कारण पारित एकतरफा फैसले को वापस लेकर दूसरी अपील की पुनः सुनवाई की मांग की...

एक ही बार कुंद वस्तु से सिर पर वार, बिना जानलेवा मंशा के हत्या के प्रयास का अपराध नहीं : राजस्थान हाइकोर्ट
एक ही बार कुंद वस्तु से सिर पर वार, बिना जानलेवा मंशा के हत्या के प्रयास का अपराध नहीं : राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने अहम निर्णय में कहा कि यदि सिर पर किसी कुंद वस्तु से केवल एक बार वार किया गया हो और उससे गंभीर चोट आई हो तो मात्र इस आधार पर इसे हत्या का प्रयास नहीं माना जा सकता, जब तक कि अभियोजन यह साबित न करे कि आरोपी की मंशा जान लेने की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि हत्या के प्रयास के अपराध के लिए जानलेवा इरादे (हॉमिकाइडल इंटेंट) का होना अनिवार्य शर्त है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह टिप्पणी ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित आरोप तय किए जाने को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण...

द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की
द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की

मद्रास हाइकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के भाषण पर की गई प्रतिक्रिया के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।जस्टिस एस. श्रीमथी ने कहा कि अमित मालवीय ने केवल मंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया दी थी, जो पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में था। ऐसे में उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखने से उन्हें अपूरणीय क्षति और नुकसान होगा।हाइकोर्ट ने यह...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना सबूत के कार्यवाही में देरी के लिए वकीलों को दोषी ठहराने की मुवक्किलों की प्रथा की निंदा की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना सबूत के कार्यवाही में देरी के लिए वकीलों को दोषी ठहराने की मुवक्किलों की प्रथा की निंदा की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पहली अपील दायर करने में 203 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए मुवक्किलों द्वारा वकील को पार्टी बनाए बिना और उस वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू किए बिना देरी के लिए वकीलों को दोषी ठहराने की प्रथा की निंदा की।सिंगल-जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने सिविल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए 203 दिनों की देरी को माफ करने की मांग वाली सिविल अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने वकील (जो सिविल कोर्ट में उनके लिए पेश हुए) पर आरोप...

ट्रिब्यूनल पेंडिंग क्रिमिनल मामलों पर विचार किए बिना बहाली का निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
ट्रिब्यूनल पेंडिंग क्रिमिनल मामलों पर विचार किए बिना बहाली का निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की एक डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर डिपार्टमेंटल कार्यवाही में बर्खास्तगी रद्द भी कर दी जाती है तो भी कर्मचारी पर लगे दूसरे आरोप में बाद में हुई आपराधिक सज़ा पर विचार करने के बाद ही सक्षम अथॉरिटी द्वारा बहाली और सर्विस बेनिफिट्स पर फैसला किया जाना चाहिए।मामले के तथ्यप्रतिवादी दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल था। उसके खिलाफ तीन FIR दर्ज की गईं। पहली अपने सर्विस हथियार से गलती से गोली चलने से एक सहकर्मी की मौत के लिए। दूसरी घर में घुसने और मामूली चोट...

POSH Act | एक बार आरोप साबित न होने पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सहकर्मियों का वीडियो बनाने के मामले में राहत दी
POSH Act | एक बार आरोप साबित न होने पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सहकर्मियों का वीडियो बनाने के मामले में राहत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) के एक कर्मचारी को राहत दी, जिसने सेंट्रल कंप्लेंट्स कमेटी (CCC) द्वारा उस पर लगाए गए 'फटकार' की सज़ा को चुनौती दी थी। उस पर आरोप था कि उसने अपनी महिला सहकर्मियों का 'वीडियो रिकॉर्डिंग' किया, जो अक्सर 'एक साथ बैठकर, हंसकर, गपशप करके और गाना गाकर' काम के घंटों में 'परेशानी' पैदा करती थीं।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की डिवीज़न बेंच ने कहा कि CCC ने 30 जून, 2020 को अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता...

दहशत फैलाने का मकसद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा पोस्ट पर अमरावती मर्डर के आरोपी वेट को जमानत देने से इनकार किया
'दहशत फैलाने का मकसद': बॉम्बे हाईकोर्ट ने नूपुर शर्मा पोस्ट पर अमरावती मर्डर के आरोपी वेट को जमानत देने से इनकार किया

पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों का समर्थन करने पर मुस्लिम पुरुषों के एक ग्रुप द्वारा फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की 2022 में हुई बेरहमी से हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक को जमानत देने से इनकार करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यह अपराध जघन्य है, और समाज की चेतना पर चोट करता है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने पशु डॉक्टर यूसुफ खान को जमानत देने से इनकार किया, जिसने कोल्हे के खिलाफ एक...

S. 37 NDPS Act | BSA के तहत उचित आधार का मतलब साबित होना नहीं, यह जमानत की शक्ति को खत्म कर देगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
S. 37 NDPS Act | BSA के तहत 'उचित आधार' का मतलब 'साबित' होना नहीं, यह जमानत की शक्ति को खत्म कर देगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत सख्त जमानत प्रावधानों की व्याख्या करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने साफ किया कि धारा 37 में इस्तेमाल किया गया शब्द "उचित आधार" का मतलब भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 'साबित' होना नहीं माना जा सकता।कोर्ट ने चेतावनी दी कि "उचित आधार" को BSA के तहत सबूत के मानक के बराबर मानने से ट्रायल के दौरान जमानत देने की कोर्ट की शक्ति 'खत्म' हो जाएगी।जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी की बेंच ने समझाया कि यह वाक्यांश बीच का रास्ता है, जो सिर्फ...