हाईकोर्ट

प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक कैसे लग सकती है?: करणी सेना प्रमुख को जंतर-मंतर पर अनुमति न देने पर हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर करणी सेना प्रमुख डॉ. राज शेखावत को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करने पर दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि किसी प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक कैसे लगाई जा सकती है। पुलिस ने क्षेत्र की संवेदनशीलता और प्रदर्शन में अनुमति से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार किया था।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने शेखावत की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर हाल ही में अधिसूचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में...

BNSS की धारा 180 के तहत गवाहों के बयान की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार करे UP Police: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि BNSS की धारा 180 के तहत दर्ज किए जाने वाले सभी गवाहों के बयानों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे आपराधिक जांच अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी और जमानत सहित अन्य न्यायिक कार्यवाही में भी अदालत के लिए यह रिकॉर्ड उपयोगी होगा।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने दहेज से जुड़े मामले में आरोपी महिला की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष...

FCRA Case : दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को CHRI को 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति वाले आदेश को वापस लेने की अर्जी देने की छूट दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को गैर-सरकारी संगठन कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (CHRI) को अपने आरक्षित घरेलू कोष से 20 लाख रुपये निकालने की अनुमति देने वाले अंतरिम आदेश को वापस लेने के लिए एकल जस्टिस के समक्ष आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने केंद्र को यह आवेदन एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ CHRI की उस याचिका से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA के तहत उसके...

“पिता बेटी को साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता”: अंतरधार्मिक शादी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलग धर्म के युवक से शादी करने वाली एक बालिग महिला को उसके पिता की कथित हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बालिग महिला को यह तय करने का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है और पिता उसे उसकी इच्छा के खिलाफ अपने साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने यह आदेश प्रिंसी की ओर से उसके पति/नेक्स्ट फ्रेंड गुरप्रीत सिंह द्वारा दाखिल हैबियस कॉर्पस याचिका पर दिया।याचिका के मुताबिक, प्रिंसी की गुरप्रीत से फरवरी 2025 में सोशल मीडिया के...

पूर्व कैबिनेट मंत्री का पद मोटर दुर्घटना मुआवजे में आय का प्रमाण नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजे से जुड़े एक मामले में कहा कि किसी व्यक्ति की सामाजिक या पेशेवर प्रतिष्ठा के आधार पर उसकी आय तय नहीं की जा सकती। मृतक की आय का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न प्रासंगिक साक्ष्य हो सकता है, लेकिन केवल आयकर रिटर्न दाखिल कर देने से उसमें घोषित आय स्वतः प्रमाणित नहीं हो जाती।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा कि मोटर दुर्घटना के दावे में भी साक्ष्यों के मूल्यांकन के सामान्य सिद्धांतों को...

छतरपुर फायरिंग केस: बागेश्वर धाम प्रमुख के भाई शालिग्राम को हत्या के प्रयास मामले में हाईकोर्ट से जमानत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने छतरपुर के चर्चित फायरिंग मामले में हत्या के प्रयास के आरोपी शालिग्राम को नियमित जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर गोली चलाने की जो विशिष्ट भूमिका बताई गई, उसे जांच के दौरान सामने आए पूरे साक्ष्य और सामग्री के संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है। इस स्तर पर कोर्ट को साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण या मामले की लघु सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने मामले की परिस्थितियों और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को देखते हुए जमानत मंजूर की। कोर्ट ने स्पष्ट...

यूपी आवास विकास अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आवास विकास, भूमि अधिग्रहण सिर्फ साधन; 2013 के कानून से कोई टकराव नहीं: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यह कानून भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 से असंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि 1965 के अधिनियम का मूल उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आवास और विकास से जुड़ी योजनाओं का निर्माण और उनका क्रियान्वयन है, जबकि अनिवार्य भूमि अधिग्रहण इन योजनाओं को पूरा करने का केवल एक सहायक साधन है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि...

नगर निकाय चुनाव में नामांकन खारिज होने को सिर्फ चुनाव याचिका से चुनौती दी जा सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 243-ZG के तहत विशेष रोक लागू है। नामांकन पत्र के गलत तरीके से खारिज किए जाने का मामला भी चुनाव से जुड़ा है और इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव याचिका के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 31 के तहत नामांकन पत्र को अनुचित तरीके से स्वीकार या खारिज करना...

यूपी आवास विकास अधिनियम के तहत जमीन अधिग्रहण पर भी 2013 के कानून के समान मुआवजा और पुनर्वास का लाभ: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 के तहत अनिवार्य रूप से अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मालिकों को भी भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के समान मानकों के अनुसार मौद्रिक और गैर-मौद्रिक लाभ दिए जाने चाहिए।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि किसी अलग कानून या अलग प्राधिकरण के तहत जमीन अधिग्रहित किए जाने के आधार पर भूमि मालिकों के साथ मुआवजे और...

गंभीर अपराध में दोषसिद्धि से पेंशन अपने आप जब्त नहीं हो सकती, सुनवाई का मौका देना जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी कर्मचारी के गंभीर अपराध में दोषी ठहराए जाने के आधार पर उसकी पूरी पेंशन स्वतः रोकना या जब्त करना उचित नहीं है। संबंधित प्राधिकारी को पेंशन पर दंडात्मक कार्रवाई करने से पहले कर्मचारी को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और परिस्थितियां बताने का उचित अवसर देना जरूरी है।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त सहायक लेखा अधिकारी की पूरी पेंशन रोकने और जब्त करने का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि भले ही कर्मचारी की दोषसिद्धि...

कैदी की पैरोल रिहाई में देरी के लिए हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल अधीक्षक के खिलाफ शुरू की अवमानना कार्यवाही

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल अधीक्षक के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की, जिसमें कहा गया कि पैरोल पर एक विचाराधीन कैदी की रिहाई को रोकने में उनका आचरण न्यायिक आदेश का जानबूझकर उल्लंघन है।जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने कहा कि जेल प्राधिकरण ने कैदी अनवर हुसैन की रिहाई के निर्देश देने वाले अदालत के आदेश को प्रभावी ढंग से विफल कर दिया है, जो पहले ही एक विचाराधीन कैदी के रूप में 5 साल और 5 महीने हिरासत में बिता चुका है।अदालत हुसैन द्वारा पैरोल पर रिहाई के लिए निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्चों को पेश करने का आदेश दिया, पिता का आरोप- अलग रह रही पत्नी उन्हें मुसलमान बनाना चाहती है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य और प्राइवेट प्रतिवादियों को 2 नाबालिग बच्चों - एक 7 साल का लड़का और 4 साल की लड़की - को 25 सितंबर को कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया। बच्चों के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी अलग रह रही पत्नी (बच्चों की मां) इस्लाम अपनाना चाहती है और बच्चों का भी धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें इस्लाम में बदलना चाहती है।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने बच्चों के पिता अर्पित अग्रवाल द्वारा दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।बताया...

आयूष मलिक धर्मांतरण मामला: हाईकोर्ट की पिता को फटकार, कहा- उसने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपनाया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 31 साल के आयुष मलिक को आज़ाद किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपनाया और आरोप लगाया कि इसके बाद उनके पिता ने उन्हें धमकाया और गैर-कानूनी तरीके से नज़रबंद करके रखा।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बालिग़ व्यक्ति को आम तौर पर अपनी अंतरात्मा के अनुसार अपना धर्म चुनने का अधिकार है। इस पसंद को "सिर्फ़ इसलिए नहीं बदला जा सकता क्योंकि यह उसके परिवार वालों को मंज़ूर नहीं है"।कोर्ट ने यह...

PM Modi की डिग्री का मामला: गुजरात यूनिवर्सिटी ने अरविंद केजरीवाल से हर्जाना मांगा, कहा- RTI अधिकारियों का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए

गुजरात यूनिवर्सिटी ने बुधवार (16 सितंबर) को गुजरात हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हर्जाना लगाने की मांग की। केजरीवाल ने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) के उस आदेश को रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए अपील की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था।यूनिवर्सिटी की ओर से चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की डिवीजन बेंच के सामने पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हर्जाना लगाया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA के तहत आरोपी को 8 साल जेल में रहने के बाद दी ज़मानत, कहा- ट्रायल के जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत दर्ज मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि वह लगभग आठ साल से जेल में है और ट्रायल के जल्द खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच मोहम्मद साकिब की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट द्वारा अपनी ज़मानत अर्ज़ी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी।यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 120B, 121, 121A और 122, साथ ही UAPA के विभिन्न...

एमपी हाईकोर्ट ने राज्य को NCTE की योग्यता शर्तों के अनुसार हायर सेकेंडरी टीचर पद के लिए उम्मीदवारी पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया है कि वह हिंदी के हायर सेकेंडरी टीचर पद के लिए याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी पर फिर से विचार करे। यह निर्देश WP 10018/2021 में दिए गए कोर्ट के फैसले के बाद दिया गया, जिसमें एमपी स्कूल शिक्षा सेवा और शर्त नियम, 2018 की अनुसूची 3 (Schedule 3) रद्द कर दी गई और यह कहा गया कि शैक्षणिक योग्यताएं नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) द्वारा तय की गई योग्यताओं के अनुसार होनी चाहिए। [2026 LiveLaw (MP) 371]अपने पिछले फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस मिलिंद रमेश...

Delhi University

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (16 सितंबर) को कहा कि कोई छात्र, जो किसी राजनीतिक पार्टी के स्टूडेंट विंग का सदस्य है, उसे दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) का चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता।बता दें, लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में कहा गया है कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में छात्र चुनाव राजनीतिक पार्टियों के प्रभाव से मुक्त होने चाहिए।कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए होने वाले DUSU चुनावों के नोटिफिकेशन को राजनीतिक प्रभाव के आरोपों के आधार पर चुनौती दी गई...

अधिकारियों के लापरवाह और आपराधिक रवैये से युवा छात्रों के सपने टूटे: पीजी गिरने से हुई मौतों पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि हाल ही में सत्य निकेतन में पीजी गिरने की घटना में जान गंवाने वाले युवा छात्रों के सपने और उम्मीदें अधिकारियों के "लापरवाह और आपराधिक" रवैये के कारण "टूट" गए।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने आकर्षण दानवीर राठी की ओर से दायर नई जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं।राठी के वकील ने कहा कि याचिका में दिल्ली नगर निगम (MCD) को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने का निर्देश देने की मांग की गई, जिसमें दिल्ली में हॉस्टल सुविधाओं की...

चुनाव के तुरंत बाद इस्तीफ़ा देकर उपचुनाव लड़ने को मद्रास हाईकोर्ट ने बताया लोकतंत्र का मज़ाक, कहा- गाइडलाइन पर विचार करे ECI

मद्रास हाई कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से कहा है कि वह उस अजीब स्थिति पर विचार करें जिसमें कोई विधायक चुनाव के तुरंत बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे देता है और दूसरी पार्टी से उपचुनाव लड़ता है।जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और जस्टिस कृष्णस्वामी गोविंदराजन की बेंच ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें चुने हुए प्रतिनिधियों की वित्तीय जवाबदेही तय करने के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की गई। ये प्रतिनिधि बिना किसी कानूनी रूप से मान्य और ठोस कारण के अपनी मर्ज़ी से और समय से पहले अपनी सीट से इस्तीफ़ा दे...