हाईकोर्ट
दूसरी शादी की शिकायत पर संज्ञान लेने के चरण में 'सप्तपदी' रस्म के सबूत की ज़रूरत नहीं: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 494 के तहत बिगैमी (दूसरी शादी) के अपराध के लिए आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कथित दूसरी शादी की ज़रूरी रस्में, जिसमें 'सप्तपदी' भी शामिल है, पूरी की गई थीं या नहीं, यह ट्रायल का मामला है और "संज्ञान लेने के शुरुआती चरण में इस पर विचार नहीं किया जा सकता"।सुप्रीम कोर्ट के 'के. नीलावेनी बनाम राज्य' मामले के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता-पति का यह तर्क कि 'सप्तपदी' रस्म के सबूत न होने के कारण IPC...
लोन की रकम 'सौंपी गई संपत्ति' नहीं; सिर्फ़ लोन न चुका पाना 'क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट' नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि लोन के तौर पर दी गई रकम को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 के तहत 'क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट' (भरोसा तोड़ने का अपराध) के मकसद से उधार लेने वाले को 'सौंपी गई संपत्ति' नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि लोन लेने वाला लोन की रकम का इस्तेमाल करने के लिए आज़ाद होता है, जबकि किसी को सौंपी गई संपत्ति पाने वाले व्यक्ति को मालिक के निर्देशों के अनुसार ही उसका इस्तेमाल करना होता है।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की सिंगल जज बेंच ने बकाया लोन की रकम न चुकाने के आरोप में धोखाधड़ी और...
BJP सांसदों के चुनाव और स्वयं का राज्यसभा नॉमिनेशन रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची मीनाक्षी, नोटिस जारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP सांसद तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका पूर्व कांग्रेस सांसद मीनाक्षी नटराजन ने दायर की, जिसमें उनके राज्यसभा नॉमिनेशन को रद्द किए जाने को भी चुनौती दी गई।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने निर्देश दिया:"सुनवाई हुई। सात कामकाजी दिनों के भीतर ज़रूरी प्रोसेस फीस जमा करने पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए। सर्विस रिपोर्ट के साथ 11.09.2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें।"याचिकाकर्ता ने मध्य प्रदेश से...
एमपी हाईकोर्ट ने जज की बर्खास्तगी सही ठहराई, कहा - नेक नीयत से हुई न्यायिक गलतियों के लिए सुरक्षा, लापरवाही से शक्ति के इस्तेमाल पर लागू नहीं होती
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिविल जज क्लास-I की नौकरी से बर्खास्तगी सही ठहराई। कोर्ट ने कहा कि हालांकि नेक नीयत से हुई न्यायिक गलतियों के लिए सुरक्षा मिलती है और उन्हें अपील की कार्यवाही में सुधारा जा सकता है, लेकिन यह सुरक्षा न्यायिक शक्ति के लापरवाह इस्तेमाल या न्यायिक अधिकारी के पद के अनुकूल न होने वाले आचरण पर लागू नहीं होती। [2026 LiveLaw (MP) 312]यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम के.के. धवन (1993) मामले का ज़िक्र करते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीज़न बेंच ने कहा,"हालांकि न्यायिक...
बंद हो चुकी सोसाइटी की संपत्ति का उत्तराधिकारी कंपनी को ट्रांसफर वैध: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 13 किसी सोसाइटी को खुद को बंद करने और अपनी संपत्ति को कंपनीज़ एक्ट, 1956 की धारा 25 के तहत बनी कंपनी को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव पारित करने से नहीं रोकती है।कोर्ट ने कहा कि जब कम से कम तीन-पांचवें सदस्य बंद करने का प्रस्ताव पास कर लेते हैं तो सोसाइटी तुरंत बंद हो जाती है। ऐसी कंपनी द्वारा उसकी संपत्ति, देनदारियों और कामकाज को अपने हाथ में लेना कानूनी दायरे में आता है।सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 13 सोसाइटी के...
ED की तलाशी और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई तलाशी और संपत्ति या बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 226 तथा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528) के तहत हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की याचिका पर सुनवाई करते हुए ED की प्रारंभिक आपत्ति खारिज की। कंपनी ने 23 फरवरी को दर्ज...
उम्र सत्यापन में लापरवाही पर सख्त हुआ इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ के आर्य समाज मंदिर में विवाह कराने और प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया यह पाए जाने के बाद कि लखनऊ के अलीगंज स्थित एक आर्य समाज मंदिर में विवाह योग्य आयु का सत्यापन किए बिना विवाह कराए जा रहे हैं, अगली सुनवाई तक मंदिर को विवाह संपन्न कराने और विवाह प्रमाणपत्र जारी करने पर रोक लगाई।जस्टिस रजनीश कुमार और जस्टिस बबीता रानी की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश दंपति द्वारा विवाह के बाद पुलिस सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।सुनवाई के दौरान अदालत ने आर्य समाज मंदिर, सेक्टर-एच (हर्ष विहार पुरनिया), अलीगंज, लखनऊ द्वारा...
दिल्ली के सभी थानों में महिला शौचालय और सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनों का सर्वे किया जाए: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी पुलिस थानों में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध विशेष महिला शौचालयों और कार्यशील सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनों का सर्वे कराने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को छह सप्ताह के भीतर यह सर्वे पूरा करने का आदेश दिया।अदालत ने निर्देश दिया कि सर्वे के बाद दिल्ली पुलिस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें यह बताया जाए कि पुलिस थानों में इन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए...
अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी हो सकता है चेक बाउंस मामले में समझौता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act ) की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) के मामलों में अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी समझौता किया जा सकता है। यदि पक्षकार आपसी सहमति से विवाद सुलझा लेते हैं तो हाईकोर्ट अपने अंतर्निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए दोषसिद्धि को भी निरस्त कर सकता है।जस्टिस सुमीत गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के समय सामान्यतः लगाए जाने वाले खर्च (कॉस्ट) को माफ करने का अधिकार अदालतों के पास है, लेकिन इसका...
प्रधान से पंचायत फंड के नुकसान की वसूली के लिए समय-सीमा में मौजूद विरोधाभास को ठीक करे राज्य सरकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत के पैसे या संपत्ति के नुकसान, बर्बादी या गलत इस्तेमाल के लिए ग्राम प्रधान पर सरचार्ज (अतिरिक्त शुल्क) लगाने की समय-सीमा यूपी पंचायत राज एक्ट, 1947 की धारा 27 के प्रावधान से तय होती है, न कि यूपी पंचायत राज नियम 1947 के नियम 257(2) के तीसरे प्रावधान में बताई गई कम समय-सीमा से। कोर्ट ने माना कि यह नियम एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ है।यूपी पंचायत राज एक्ट, 1947 की धारा 27 के प्रावधान के तहत सरचार्ज की जिम्मेदारी नुकसान, बर्बादी या गलत इस्तेमाल होने के दस साल...
UAPA जांच अवधि 90 से 180 दिन बढ़ाने का आदेश अपील योग्य नहीं, केवल डिफॉल्ट जमानत का अधिकार टलता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने का आदेश अंतरिम (Interlocutory) आदेश है और इसके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम की धारा 21 के तहत अपील नहीं की जा सकती।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने कहा कि ऐसा आदेश आरोपी के किसी अंतिम अधिकार का निर्णय नहीं करता, बल्कि डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को केवल कुछ समय के लिए स्थगित करता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच अवधि बढ़ने पर डिफॉल्ट जमानत...
शादी के 4 साल बाद पति पर ड्रग्स, काला जादू और दुष्कर्म के आरोप; राजस्थान हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला द्वारा अपने पति के खिलाफ दर्ज उस FIR को रद्द कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पति ने ड्रग्स, दवाइयों और काले जादू का इस्तेमाल कर उसे शादी के लिए मजबूर किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने कहा कि यह आपराधिक कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।जस्टिस अनूप कुमार ढंड की पीठ ने कहा कि FIR शादी के लगभग चार साल बाद और बेटी के जन्म के एक साल बाद दर्ज कराई गई। अदालत ने पाया कि आरोप अस्पष्ट और प्रथम दृष्टया अविश्वसनीय हैं।मामले में महिला, जो पहले से...
संसद की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग वाली PIL खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- यह सरकार और संसद का विषय
दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद की सुरक्षा, संरक्षा और निर्बाध संवैधानिक कार्यप्रणाली की समीक्षा कराने संबंधी जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि संसद की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना केंद्र सरकार और संसद का विषय है तथा इस संबंध में अनुच्छेद 226 के तहत कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता।चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि अदालत यह निर्देश नहीं दे सकती कि संसद अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे। पीठ ने टिप्पणी की, "क्या इस देश की संसद अपनी सुरक्षा...
मकान गिराने की आशंका पर दायर याचिका गुजरात हाईकोर्ट ने निपटाई, कहा- कार्रवाई से पहले कानून के अनुसार नोटिस दे निगम
गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत नगर निगम (Surat Municipal Corporation) द्वारा मकान तोड़े जाने की आशंका को लेकर दायर एक याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब नगर निगम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल याचिकाकर्ता के मकान को ध्वस्त करने का उसका कोई इरादा नहीं है। निगम ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई की जाती है तो संबंधित व्यक्ति को विधि के अनुसार नोटिस जारी किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा यह आशंका जताते हुए खटखटाया...
गिरफ्तारी में मौलिक अधिकारों की अनदेखी कर रही पुलिस, न्यायिक फैसलों को भी तवज्जो नहीं देती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के दौरान संवैधानिक सुरक्षा उपायों के पालन को लेकर पुलिस के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस ने परंपरागत रूप से संविधान के अनुच्छेद 22(1) के प्रावधानों की "घोर उपेक्षा" की। अदालत ने कहा कि पुलिस अक्सर गिरफ्तारी की शक्ति का प्रयोग करते समय मौलिक अधिकारों के महत्व को समझने में विफल रहती है और इन अधिकारों को लागू करने वाले न्यायिक फैसलों को भी तिरस्कार की दृष्टि से देखती है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति की...
फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, दिल्ली हाईकोर्ट ने आपत्तिजनक सामग्री हटाने का दिया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षाविद और फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा करते हुए उनके नाम और तस्वीर का कथित रूप से दुरुपयोग करने वाली सामग्री हटाने का अंतरिम आदेश दिया।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने अलख पांडे द्वारा दायर वाद पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।अदालत ने कहा कि वह जल्द ही विस्तृत आदेश जारी करेगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन प्रकार की सामग्रियों को हटाने का निर्देश दिया गया और उसके पीछे क्या कारण हैं।हाईकोर्ट ने विशेष रूप से ऐसी सामग्री हटाने का...
यूट्यूब चैनल बहाल कराने के लिए रिट याचिका नहीं चलेगी: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा- यह संविदात्मक विवाद
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कथित कॉपीराइट स्ट्राइक के कारण हटाए गए यूट्यूब चैनल को बहाल कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।अदालत ने कहा कि किसी यूट्यूबर और सोशल मीडिया मंच के बीच उत्पन्न संविदात्मक विवाद के समाधान के लिए रिट क्षेत्राधिकार का उपयोग नहीं किया जा सकता।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने यह फैसला एक यूट्यूबर की याचिका पर सुनाया जिसमें उसने अपने यूट्यूब चैनल को पहले की स्थिति में बहाल करने, हटाई गई सभी सामग्री वापस उपलब्ध कराने और...
यूपी क्रिकेट एसोसिएशन पर प्रतिबंध और CBI जांच से इलाहाबाद हाईकोर्ट का इनकार, कहा- यह निजी संपत्ति विवाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) पर प्रतिबंध लगाने और उसकी संपत्तियों के हस्तांतरण की CBI जांच कराने की मांग वाली याचिका खारिज की।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) को UPCA की संपत्तियां अपने नियंत्रण में लेने का निर्देश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि UPCA कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत पंजीकृत एक कंपनी है और उसका स्वतंत्र कानूनी अस्तित्व है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा कि किसी पंजीकृत सोसायटी की...
13 साल से अधिक जेल में रहने के बाद आसाराम को पहली पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- राज्य की आशंकाएं महज कल्पना
राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जा चुके स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को 20 दिन की पहली पैरोल देने का आदेश दिया।अदालत ने कहा कि आसाराम की उम्र और 13 वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहने के तथ्य को देखते हुए वह पहली पैरोल पाने के हकदार हैं। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पैरोल आवेदन खारिज करने के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए गए कारणों को खारिज करते हुए कहा कि वे भ्रामक हैं और बिना किसी आधार के महज कल्पना पर आधारित हैं।अदालत ने अपने आदेश में...
E-20 पेट्रोल नीति पर फर्जी AI वीडियो: हाईकोर्ट ने नितिन गडकरी के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने का दिया आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ E-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर प्रसारित किए गए कथित फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार वीडियो तथा अन्य मानहानिकारक सामग्री को हटाने का आदेश दिया।अदालत ने प्रथम दृष्टया इन सामग्रियों को स्वतः मानहानिकारक माना।जस्टिस आरिफ डॉक्टर की एकल पीठ ने बुधवार (5 अगस्त) को निर्देश दिया कि गडकरी की ओर से मुकदमे में जिन सभी पोस्ट और वीडियो की पहचान की गई, उन्हें संबंधित मंचों से हटाया जाए।साथ ही...




















