हाईकोर्ट

बिना बैंक खाता रखने वाले दो लाख से अधिक छात्रों को बिना किताबों, यूनिफॉर्म के नई कक्षा में प्रमोट किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी से नाराजगी जताई
बिना बैंक खाता रखने वाले दो लाख से अधिक छात्रों को बिना किताबों, यूनिफॉर्म के नई कक्षा में प्रमोट किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी से नाराजगी जताई

दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि नगर निगम द्वारा प्रशासित स्कूल में पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्रों के पास बैंक खाते नहीं हैं और उन्हें न तो नोटबुक वितरित की गई हैं और न ही उन्हें यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए नकद प्रतिपूर्ति दी गई है।कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा की खंडपीठ ने कहा कि स्कूल जाने वाले और बिना किताबों और यूनिफॉर्म के नई कक्षा में प्रमोटे होने वाले छात्रों की रुचि कम होगी, जिसका उन पर हानिकारक प्रभाव...

सहकारी समिति के कर्मचारी/अधिकारी लोक सेवक नहीं, IPC की धारा 409 के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सहकारी समिति के कर्मचारी/अधिकारी लोक सेवक नहीं, IPC की धारा 409 के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सहकारी समिति के कर्मचारी और अधिकारी भारतीय दंड संहिता की धारा 21 के अनुसार लोक सेवक नहीं हैं और इसलिए आईपीसी की धारा 409 (लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने बृजपाल सिंह द्वारा दायर एक याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें एडिसनल चीफ़ जूडिशियल मजिस्ट्रेट, एटा की अदालत द्वारा पारित आपराधिक कार्यवाही, आरोप पत्र, और संज्ञान आदेश को रद्द करने...

धारा 202 सीआरपीसी | जांच अदालत को विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय मामलों में सभी शिकायत गवाहों की जांच करनी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
धारा 202 सीआरपीसी | जांच अदालत को विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय मामलों में सभी शिकायत गवाहों की जांच करनी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा जब कोई मामला सत्र न्यायालय के विशेष क्षेत्राधिकार में आता है तो जांच अदालत के लिए शिकायतकर्ता को शिकायत में आरोपों का समर्थन करने वाले सभी गवाहों से पूछताछ करने के लिए बुलाना आवश्यक है। मामले की अध्यक्षता करते हुए जस्टिस सुभाष चंद ने कहा, “इस धारा 202 (ए) और धारा 202 (बी) और धारा 202 (2) के प्रावधानों में यह प्रावधान है कि यदि मामला विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है तो यह अनिवार्य है जांच अदालत शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में शिकायत के सभी...

फैमिली कोर्ट्स के पास स्टेटस में परिवर्तन होने पर चाइल्ड कस्टडी आदेशों को संशोधित करने का अधिकार, रेस ज्यूडिकाटा का सिद्धांत लागू नहीं होता: केरल हाइकोर्ट
फैमिली कोर्ट्स के पास स्टेटस में परिवर्तन होने पर चाइल्ड कस्टडी आदेशों को संशोधित करने का अधिकार, रेस ज्यूडिकाटा का सिद्धांत लागू नहीं होता: केरल हाइकोर्ट

केरल हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया कि चाइल्ड कस्टडी मामलों में परिस्थितियों में कोई परिवर्तन होने पर पक्षकारों के लिए न्यायालय से संपर्क करना और आदेश में संशोधन की मांग करना खुला है। फैमिली कोर्ट ने कहा कि शुरू में पारित आदेश को अंतिम नहीं कहा जा सकता, यह कहते हुए कि रेस ज्यूडिकाटा का सिद्धांत बाल हिरासत मामलों में लागू नहीं होता।फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस पीएम मनोज की खंडपीठ ने दोहराया कि...

कोई भी प्रावधान CPC की धारा 151 के तहत पूर्ण न्याय करने की अंतर्निहित शक्तियों को सीमित या प्रभावित नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
कोई भी प्रावधान CPC की धारा 151 के तहत पूर्ण न्याय करने की अंतर्निहित शक्तियों को सीमित या प्रभावित नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट

सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 151 के अधिदेश की पुष्टि करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायालयों के पास इस प्रावधान के तहत भी धारा 144 में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की पीठ ने समझाया,“न्यायालय के किसी भी प्रावधान को उसके समक्ष पक्षों के बीच पूर्ण और संपूर्ण न्याय करने के अपने कर्तव्य के आधार पर न्यायालय में निहित इन अंतर्निहित शक्तियों को सीमित या प्रभावित करने वाला नहीं माना जाना चाहिए।”पीठ ने रेखांकित किया कि...

दिल्ली हाइकोर्ट ने पार्टी की संपत्तियों की जांच के लिए लोकपाल के आदेश के खिलाफ दायर JMM की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाइकोर्ट ने पार्टी की संपत्तियों की जांच के लिए लोकपाल के आदेश के खिलाफ दायर JMM की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा भारत के लोकपाल द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पार्टी के नाम पर दो संपत्तियों की जांच करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने आदेश दिया कि भारत के लोकपाल द्वारा मामले में अगली सुनवाई की तारीख 10 मई तक कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा।JMM ने 04 मार्च को पारित लोकपाल के आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत CBI को यह जांच करने का निर्देश दिया गया कि दोनों संपत्तियां लोक...

सुनवाई से पहले हिरासत में लेने से व्यक्ति के चरित्र पर गंभीर कलंक लग सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO मामले में राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी को गिरफ्तारी से पहले जमानत दी
सुनवाई से पहले हिरासत में लेने से व्यक्ति के चरित्र पर गंभीर कलंक लग सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO मामले में राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी को गिरफ्तारी से पहले जमानत दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पोक्सो एक्ट के तहत अपराध के आरोपी राष्ट्रीय स्तर के एक हॉकी खिलाड़ी को अग्रिम जमानत दे दी। उस पर शादी का झूठा झांसा देकर बलात्कार करने के आरोप में पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। जस्टिस राजेंद्र बदामीकर की सिंगल जज बेंच ने आरोपी द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया और कहा, “स्वतंत्रता का अधिकार मौलिक अधिकार है और केवल आरोपों के आधार पर, मौलिक अधिकार को कम नहीं किया जा सकता है और मामले की विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है और यदि याचिकाकर्ता को परीक्षण के दरमियान दोषी...

S.36A(4) NDPS Act | सरकारी वकील जांच एजेंसी का हिस्सा नहीं, विस्तार मांगने के लिए उनसे विवेक का प्रयोग करने की उम्मीद: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया
S.36A(4) NDPS Act | सरकारी वकील जांच एजेंसी का हिस्सा नहीं, विस्तार मांगने के लिए उनसे विवेक का प्रयोग करने की उम्मीद: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने ऐसे आरोपी को डिफॉल्ट जमानत दे दी, जिसकी याचिका ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसने मामले की जांच के लिए जांच एजेंसी को समय बढ़ा दिया।न्यायालय ने पाया कि लोक अभियोजक (पीपी) ने मामले की जांच के लिए समय मांगने वाली स्वतंत्र रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की, जो एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) की धारा 36ए (4) के तहत अनिवार्य प्रावधान है।NDPS Act की धारा 36ए (4) के अनुसार वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े किसी अपराध में यदि 180 की अवधि के भीतर जांच पूरी करना संभव नहीं है तो स्पेशल कोर्ट...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मां के साथ रह रही नाबालिग लड़की को बाल गृह भेजने के लिए CWC पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मां के साथ रह रही नाबालिग लड़की को बाल गृह भेजने के लिए 'CWC' पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में सोमवार को अपनी मां के साथ रह रही 15 वर्षीय लड़की को बाल गृह में भेजने के 'चौंकाने वाले' फैसले के लिए नारी निकेतन/बाल कल्याण समिति, कानपुर नगर पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि लड़की के पिता को सौंपी जाए और नाबालिग लड़की के पालन-पोषण के लिए इस्तेमाल की जाए।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्र की पीठ ने समिति के कार्यों को 'चौंकाने वाला' और 'आश्चर्यजनक' मानते हुए निर्देश दिया कि यदि समिति जुर्माने...

भाजपा विधायकों नितेश राणे और गीता जैन के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषण के लिए एफआईआर दर्ज: महाराष्ट्र पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
भाजपा विधायकों नितेश राणे और गीता जैन के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषण के लिए एफआईआर दर्ज: महाराष्ट्र पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा

महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया कि भाजपा विधायक नितेश राणे के खिलाफ मालवानी, मानखुर्द, घाटकोपर में कथित नफरत भरे भाषणों के लिए आपराधिक मामला दर्ज किया गया है । इस साल जनवरी से मार्च के बीच मीरा भयंदर में कथित नफरत भरे भाषण को लेकर विधायक गीता जैन के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है।एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए, 504 और 506 और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दर्ज की गई।लोक अभियोजक हितेन वेनेगावकर ने अदालत को यह भी बताया कि 22 जनवरी से 26 जनवरी 2024 के बीच...

गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया
गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया

गुजरात हाइकोर्ट ने विशिष्ट न्यायालय आदेशों के बावजूद अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करने में बार-बार विफल रहने के लिए वकील पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।इसके एडिशनल कोर्ट ने वकील प्रशांत वी. चावड़ा के आचरण को आगे की जांच के लिए गुजरात बार काउंसिल को भेजने का निर्णय लिया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि चावड़ा का आचरण कानूनी पेशे के मानकों को पूरा नहीं करता है और बार काउंसिल द्वारा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। चावड़ा को 30 दिनों के भीतर गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को...

नैतिक अधमता का दोषी व्यक्ति किसी भी विभाग का प्रमुख बनने के लिए उपयुक्त नहीं, शिक्षण संस्थान का तो बिल्कुल भी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
नैतिक अधमता का दोषी व्यक्ति किसी भी विभाग का प्रमुख बनने के लिए उपयुक्त नहीं, शिक्षण संस्थान का तो बिल्कुल भी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि नैतिक अधमता से जुड़े आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए उम्मीदवार को किसी भी विभाग, किसी शैक्षणिक संस्थान का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त नहीं कहा जा सकता है। जस्टिस अजीत कुमार ने कहा,“…एक उम्मीदवार जो नैतिक अधमता से जुड़े आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है, उसे किसी भी संस्थान या विभाग के प्रमुख का पद संभालने के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं माना जा सकता है, किसी शैक्षणिक संस्थान की तो बात ही छोड़िए क्योंकि उसे न केवल प्रशासन चलाना है बल्‍कि उसे उच्च...

औद्योगिक विवाद अधिनियम| लेबर कोर्ट धारा 33सी(2) के तहत नियोक्ता से धन की वसूली के लिए कार्यवाही में ब्याज नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
औद्योगिक विवाद अधिनियम| लेबर कोर्ट धारा 33सी(2) के तहत नियोक्ता से धन की वसूली के लिए कार्यवाही में ब्याज नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33सी(2) के तहत कार्यवाही करते समय, श्रम न्यायालय के पास नियोक्ता द्वारा देय राशि के विलंबित भुगतान पर कर्मचारी को ब्याज देने की शक्ति नहीं है। न्यायालय ने माना कि धारा 33सी(2) के तहत कार्यवाही निष्पादन कार्यवाही है। धारा 33सी (1) में प्रावधान है कि जहां किसी कर्मचारी का उसके नियोक्ता के पास कोई पैसा बकाया है तो कर्मचारी को अपने बकाया पैसे की रिकवरी के लिए उपयुक्त सरकार को आवेदन करना होगा। यदि सरकार संतुष्ट है कि पैसा बकाया है, तो...

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अनुच्छेद 19(6) के तहत राज्य, इसका कार्यकारी निर्णय कानून का गठन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अनुच्छेद 19(6) के तहत 'राज्य', इसका कार्यकारी निर्णय 'कानून' का गठन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(6) के प्रयोजनों के लिए एक "राज्य" है। जस्टिस सी हरि शंकर ने माना कि अनुच्छेद 19(6) के प्रयोजनों के लिए एनसीटीई की ओर से लिया गया कार्यकारी निर्णय "कानून" का गठन करेगा। अनुच्छेद 19(6) राज्य को आम जनता के हित में, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के जरिए दिए गए अधिकार के प्रयोग पर उचित प्रतिबंध लगाने वाला कोई भी कानून बनाने का अधिकार देता है।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई कारण नहीं है कि...

व्यभिचार में लिप्त होने का अर्थ है लगातार और बार-बार व्यभिचार करना, इकलौता उदाहरण पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं करता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'व्यभिचार में लिप्त होने' का अर्थ है 'लगातार और बार-बार व्यभिचार करना', इकलौता उदाहरण पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं करता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि व्यभिचार का इकलौता उदाहरण किसी पत्नी को अपने पति से गुजारा भत्ता प्राप्त करने से वंचित नहीं कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीआरपीसी की धारा 125(4) की कठोरता को आकर्षित करने के लिए, पत्नी को 'लगातार और बार-बार व्यभिचार के कृत्यों' के जरिए 'व्यभिचार में लिप्त होना' चाहिए। इंदौर स्थित पीठ ने कहा,“...'व्यभिचार में ‌लिप्त होने' का अर्थ व्यभिचार का निरंतर और बार-बार किए जाने वाला कृत्य है…। विद्वान ट्रायल कोर्ट ने पूरे सबूतों पर विचार किया है... पूरे सबूतों पर...

हुक्का सिगरेट जितना ही नशीला और हानिकारक: कर्नाटक हाइकोर्ट ने प्रतिबंध बरकरार रखा
हुक्का सिगरेट जितना ही नशीला और हानिकारक: कर्नाटक हाइकोर्ट ने प्रतिबंध बरकरार रखा

यह एक मिथक है कि हुक्का पीने से सिगरेट पीने की तुलना में तंबाकू से संबंधित बीमारियों का कम जोखिम होता है, कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा राज्य के भीतर सभी प्रकार के हुक्का उत्पादों की बिक्री, खपत, भंडारण, विज्ञापन और प्रचार पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना को बरकरार रखते हुए कहा।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा कि राज्य ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों और दवाओं को प्रतिबंधित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत...

मंदिर परिसर में सामूहिक अभ्यास की अनुमति नहीं: RSS सदस्यों द्वारा कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका, नोटिस जारी
मंदिर परिसर में सामूहिक अभ्यास की अनुमति नहीं: RSS सदस्यों द्वारा कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका, नोटिस जारी

केरल हाईकोर्ट ने पथानामथिट्टा जिले के ओमल्लूर स्थित श्री रक्तकंद स्वामी मंदिर के भक्तों और आसपास के निवासियों द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सदस्यों द्वारा मंदिर और मंदिर परिसर के अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाया गया।जस्टिस वीजी अरुण और जस्टिस एस मनु की खंडपीठ ने मामला स्वीकार कर लिया और उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील निखिल शंकर एस ने प्रस्तुत किया कि मंदिर उत्सव 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2024 तक आयोजित होने...

केरल हाईकोर्ट ने राजीव चन्द्रशेखर पर लोकसभा चुनाव से पहले झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की
केरल हाईकोर्ट ने राजीव चन्द्रशेखर पर लोकसभा चुनाव से पहले झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की

आगामी आम चुनावों से पहले केरल हाईकोर्ट ने वह जनहित याचिका खारिज कर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि BJP नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा नामांकन पत्र के साथ गलत हलफनामा दायर करने की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।जस्टिस वीजी अरुण और जस्टिस एस. मनु की खंडपीठ ने रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करने से इनकार किया और कहा कि उसके हाथ 'बंधे हुए' हैं, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।यह देखा गया,“हमारी राय है कि क्या रिटर्निंग ऑफिसर को शिकायत पर विचार करना चाहिए था और तर्कसंगत...

मद्रास हाइकोर्ट ने तिरुनेलवेली में BJP और Congress उम्मीदवारों के खिलाफ PMLA कार्यवाही शुरू करने की याचिका पर ED से जवाब मांगा
मद्रास हाइकोर्ट ने तिरुनेलवेली में BJP और Congress उम्मीदवारों के खिलाफ PMLA कार्यवाही शुरू करने की याचिका पर ED से जवाब मांगा

मद्रास हाइकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से लोकसभा चुनाव 2024 में तिरुनेलवेली निर्वाचन क्षेत्र से BJP और Congress के उम्मीदवारों नैनार नागेंद्रन और रॉबर्ट ब्रूस के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA Act) के तहत कार्यवाही शुरू करने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने को कहा।जस्टिस एमएस रमेश और जस्टिस सुंदर मोहन की खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि आरोपित अपराध अनुसूचित अपराध नहीं है और PMLA Act के तहत कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। इसने ED से 24 अप्रैल तक याचिका पर जवाब देने को कहा।यह याचिका...

क्या आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं? पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा
क्या आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं? पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने मामला बड़ी पीठ को भेजा

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने इस मुद्दे को बड़ी पीठ को भेजा कि क्या संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत आर्मी वेलफेयर सोसाइटी या आर्मी पब्लिक स्कूल के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य होगी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 का प्रावधान हाइकोर्ट को भाग III द्वारा प्रदत्त किसी भी अधिकार के प्रवर्तन या किसी अन्य उद्देश्य के लिए किसी भी व्यक्ति या प्राधिकरण, जिसमें कोई सरकार भी शामिल है, उसको रिट आदेश या निर्देश जारी करने का अधिकार देती है।"उन्होंने...