हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्यों कहा- विहान कुमार और अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने बाढ़ के दरवाजे खोल दिए और अराजक स्थिति पैदा की?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्यों कहा- 'विहान कुमार' और अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने 'बाढ़ के दरवाजे' खोल दिए और 'अराजक स्थिति' पैदा की?

एक अहम टिप्पणी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि गैर-कानूनी गिरफ्तारियों पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया विहान कुमार (2025) का फैसला ने आरोपी व्यक्तियों के लिए अपनी हिरासत या रिमांड के आदेशों को चुनौती देने का एक "नया सिलसिला" (यानी 'पेंडोरा बॉक्स') शुरू कर दिया है, और वे ऐसा 'काफी देर से' भी कर सकते हैं।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने कहा कि इन फैसलों ने एक 'अराजक स्थिति' पैदा कर दी है, क्योंकि ये आरोपी को जांच या ट्रायल के किसी भी चरण में अपने मौलिक अधिकारों का...

लेबलिंग की गलती से शराब की बोतलों पर गलत बैच नंबर होने पर एक्साइज़ एक्ट के तहत अवैध ट्रांसपोर्ट का आरोप नहीं लगाया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
लेबलिंग की गलती से शराब की बोतलों पर गलत बैच नंबर होने पर एक्साइज़ एक्ट के तहत अवैध ट्रांसपोर्ट का आरोप नहीं लगाया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के अवैध ट्रांसपोर्ट के आरोपी शराब बॉटलिंग यूनिट के मालिक के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने कहा कि वैध परमिट के तहत 400 केस (पेटियों) का ट्रांसपोर्ट केवल इसलिए हिमाचल प्रदेश एक्साइज़ एक्ट की धारा 39 के तहत मुकदमा चलाने का आधार नहीं बन सकता कि लेबलिंग की गलती के कारण कुछ बोतलों पर गलत बैच नंबर थे।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:"IMFL के 400 बॉक्स वैध परमिट के तहत ट्रांसपोर्ट किए जा रहे थे और कुछ बोतलें अलग-अलग बैच की पाई गईं - हालांकि वे...

बच्चों को प्रतिबंधित दवा लिखी: कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में आरोपी डॉक्टर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने किया ज़मानत देने से इनकार
'बच्चों को प्रतिबंधित दवा लिखी': कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में आरोपी डॉक्टर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने किया ज़मानत देने से इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक डॉक्टर को ज़मानत देने से इनकार किया, जिस पर मिलावटी कफ सिरप से कई बच्चों की मौत के मामले में केस दर्ज किया गया था।जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच ने कहा,"आवेदक बच्चों के डॉक्टर (बाल रोग विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने 4 साल से कम उम्र के बच्चों को एक निश्चित डोज़ वाला कंपाउंड (दवा) लिखा, जिस पर सरकार ने 18.12.2023 को जारी सर्कुलर के ज़रिए प्रतिबंध लगा दिया था। इसके कारण कई मासूम बच्चों की मौत हो गई और इस कफ सिरप से बड़े पैमाने पर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा।"बेंच ने...

हाईकोर्ट ने बैलेट पेपर से छेड़छाड़ के आरोपों के बावजूद दिल्ली बार काउंसिल के लिए नए चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया
हाईकोर्ट ने बैलेट पेपर से छेड़छाड़ के आरोपों के बावजूद दिल्ली बार काउंसिल के लिए नए चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के लिए नए चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया। कोर्ट का मानना ​​है कि गिनती के दौरान छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपर मिलने से पूरी चुनाव प्रक्रिया खराब नहीं हुई, इसलिए दोबारा चुनाव कराने की ज़रूरत नहीं है। कोर्ट ने हाई-पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी (HPESC) के फैसले को सही ठहराया। कमेटी ने निर्देश दिया था कि बैलेट पेपर से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद दूसरी पसंद के वोटों की गिनती के चरण से गिनती फिर से शुरू की जाए।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस...

POCSO Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की उम्र से जुड़े दस्तावेज़ मंगाने की आरोपी की अर्ज़ी को आंशिक रूप से दी मंज़ूरी
POCSO Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की उम्र से जुड़े दस्तावेज़ मंगाने की आरोपी की अर्ज़ी को आंशिक रूप से दी मंज़ूरी

राजस्थान हाईकोर्ट ने POCSO मामले के आरोपी की उस अर्ज़ी को आंशिक रूप से मंज़ूरी दी, जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसकी CrPC की धारा 91 की अर्ज़ी खारिज की गई थती। इस अर्ज़ी में पीड़िता की उम्र तय करने के लिए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर द्वारा जारी उसके एडमिशन टिकट को पेश करने की मांग की गई।ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए अर्ज़ी खारिज की थी कि आरोपी द्वारा पीड़िता की उम्र के संबंध में जिरह (Cross-Examination) पहले ही पूरी की जा चुकी है।CrPC की धारा 91 (दस्तावेज़ या अन्य चीज़...

Custodial Death | गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दिया बिज़नेसमैन की विधवा को ₹25 लाख का मुआवज़ा, कहा- पुलिस वालों के ख़िलाफ़ चल रहा ट्रायल कोई रुकावट नहीं
Custodial Death | गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दिया बिज़नेसमैन की विधवा को ₹25 लाख का मुआवज़ा, कहा- पुलिस वालों के ख़िलाफ़ चल रहा ट्रायल कोई रुकावट नहीं

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने इस हफ़्ते की शुरुआत में असम सरकार को बिज़नेसमैन की विधवा को ₹20 लाख का अतिरिक्त मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। अंतरिम राहत के तौर पर पहले ही ₹5 लाख दिए जा चुके थे। यह मुआवज़ा उस बिज़नेसमैन की मौत के लिए दिया गया, जिसे 2020 में पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर अगवा किया, बेरहमी से प्रताड़ित किया और मार डाला।पब्लिक लॉ रेमेडी (सार्वजनिक कानून के तहत उपाय) के तहत मुआवज़ा देते हुए जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस शमीमा जहान की बेंच ने कस्टडी में हिंसा की बर्बर घटनाओं पर कड़ी आपत्ति...

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना ज़रूरी: अवध बार एसोसिएशन जुलाई में होने वाली AGM में महिलाओं के लिए 30% कोटा पर करेगा फ़ैसला
'सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना ज़रूरी': अवध बार एसोसिएशन जुलाई में होने वाली AGM में महिलाओं के लिए 30% कोटा पर करेगा फ़ैसला

अवध बार एसोसिएशन (OBA) ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि वह बार एसोसिएशन में पदाधिकारियों या कार्यकारी सदस्यों के तौर पर महिलाओं के लिए 30% आरक्षण अनिवार्य करने वाले सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्देश का पालन करने के लिए बाध्य है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच के सामने पेश होते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि किन खास पदों को आरक्षित किया जाएगा, इस पर अंतिम फ़ैसला जुलाई 2026 में होने वाली आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में लिया जाएगा।मामले को 13 जुलाई के लिए सूचीबद्ध...

ठोस सबूत के बिना आरोपी को पूरे दिन पुलिस स्टेशन में नहीं बिठाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया हत्या की जांच की निगरानी का निर्देश
ठोस सबूत के बिना आरोपी को पूरे दिन पुलिस स्टेशन में नहीं बिठाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया हत्या की जांच की निगरानी का निर्देश

हत्या की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा के पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया कि वह 5 साल से ज़्यादा समय से लंबित जांच की निगरानी करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आरोपियों को पूछताछ के बहाने बेवजह परेशान न किया जाए, जब तक कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत न हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी को आरोपी को पुलिस स्टेशन बुलाने और उन्हें सुबह से शाम तक वहीं रहने के लिए मजबूर करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती, जब तक कि उनके खिलाफ किसी ठोस सबूत की...

संविधान के बजाय शासकों के प्रति वफादारी, कानून के शासन को परेशानी माना जाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी नौकरशाही की कड़ी आलोचना की
'संविधान के बजाय शासकों के प्रति वफादारी, कानून के शासन को परेशानी माना जाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी नौकरशाही की कड़ी आलोचना की

इस हफ़्ते जारी अपने तीसरे ऐसे आदेश में, जिसमें उत्तर प्रदेश की नौकरशाही के हालात पर कड़ी टिप्पणियां की गईं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य के प्रशासनिक तंत्र की तीखी आलोचना की।अपने 31 पन्नों के आदेश में जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक रूप से राजनेताओं और नौकरशाहों की "सामंती मानसिकता" से चलता रहा है। इसने लंबे समय से संवैधानिक शासन को जनसेवा के बजाय व्यक्तिगत प्रभुत्व का साधन बना दिया है।कोर्ट ने कहा कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र लगातार सरकारों के दौर में गहरे...

एनकाउंटर में हत्याएं, चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई: हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को टारगेटेड कार्रवाई के लिए फटकारा, गैंगस्टर एक्ट के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल
'एनकाउंटर में हत्याएं, चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई': हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को टारगेटेड कार्रवाई के लिए फटकारा, गैंगस्टर एक्ट के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल

एक सिविल विवाद को लेकर परिवार के 3 सदस्यों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को 'उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986' (UAPA) के टारगेटेड इस्तेमाल के लिए कड़ी फटकार लगाई।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि कैसे एनकाउंटर में हत्याएं और 'असुविधाजनक' माने जाने वाले लोगों के खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई समय-समय पर कोर्ट के ध्यान में आती रही हैं।इस मामले में पुलिस की मनमानी का सबसे बड़ा...

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य भर में वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) को प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवेज बहाव, पानी के फैलाव में कमी और संरक्षण के अपर्याप्त उपायों आदि से होने वाले खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया।संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार, अनुच्छेद 48A और 51(A)(g) के तहत कर्तव्यों और 'पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन' (सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत) पर जोर देते हुए डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान में वेटलैंड्स के संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यापक जनहित में...

ज़्यादातर लोग बहुत देर होने से पहले वसीयत क्यों नहीं लिखते: विरासत की प्लानिंग क्यों ज़रूरी है?
ज़्यादातर लोग बहुत देर होने से पहले वसीयत क्यों नहीं लिखते: विरासत की प्लानिंग क्यों ज़रूरी है?

ज़िम्मेदारियां, परिवार में गलतफहमियां, बचत और प्रॉपर्टी होने के बावजूद, बहुत से लोग बिना कोई कानूनी रूप से मान्य वसीयत छोड़े ही दुनिया से चले जाते हैं। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यह देरी इसलिए होती है, क्योंकि लोग अपनी मौत के बारे में बात करने में असहज महसूस करते हैं और डरते हैं। लोगों को हमेशा लगता है कि उनके पास अभी बहुत समय है और वे अपनी मौत और वसीयत के बारे में बात करने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हालांकि, असल में वे बिना वसीयत के मरने के नतीजों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। दुर्भाग्य से...

एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मालिकाना हक के विवाद का फैसला किए बिना गांव के रास्ते से रुकावट हटाने का आदेश दे सकते हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मालिकाना हक के विवाद का फैसला किए बिना गांव के रास्ते से रुकावट हटाने का आदेश दे सकते हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कल्पा के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें गांव वालों द्वारा दशकों से इस्तेमाल किए जा रहे रास्ते से रुकावट हटाने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने केवल क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 147 के तहत इस्तेमाल के मौजूदा अधिकार की रक्षा की थी, न कि मालिकाना हक के किसी सवाल पर फैसला सुनाया था।कोर्ट ने कहा कि हालांकि मालिकाना हक के विवादों का फैसला केवल सिविल कोर्ट ही कर सकता है, लेकिन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को रुकावटें हटाने...

NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश
NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS मामले में ज़ब्त किए गए एक ट्रक को फाइनेंशियल बॉन्ड पर छोड़ने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गाड़ियों को लंबे समय तक बेकार खड़ा रखने से वे खराब हो जाती हैं, आर्थिक नुकसान होता है और इससे कोई फायदा नहीं होता।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,"...जब ज़ब्त की गई किसी गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करके इस्तेमाल नहीं किया जाता तो इसका कोई मकसद पूरा नहीं होता। आखिरकार, यह गाड़ी सड़क पर चलने लायक नहीं रह जाती और इसे तोड़कर कबाड़ बनाना पड़ता...

DNA जांच में खामियों पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में भारी मन से देनी पड़ी जमानत
DNA जांच में खामियों पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में भारी मन से देनी पड़ी जमानत

बलात्कार और हत्या के एक गंभीर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए उत्तर प्रदेश की फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई।हाईकोर्ट ने कहा कि पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध न होने के कारण उसे भारी मन और गहरे दर्द के साथ आरोपी को जमानत देनी पड़ रही है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि DNA प्रोफाइल तैयार न हो पाने के पीछे पुरानी मशीनें और FSL की अधूरी आधारभूत सुविधाएं प्रमुख कारण हैं।अदालत ने टिप्पणी की कि इसके लिए किसी और को नहीं, बल्कि...

DGP के पास शिकायत भेजना पर्याप्त नहीं, पहले थाने के प्रभारी अधिकारी से संपर्क जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
DGP के पास शिकायत भेजना पर्याप्त नहीं, पहले थाने के प्रभारी अधिकारी से संपर्क जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी संज्ञेय अपराध की शिकायत में सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) के पास जाने को दंड प्रक्रिया संहिता (CrPc) की धारा 154(1) का पालन नहीं माना जा सकता। शिकायतकर्ता को सबसे पहले संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी के समक्ष सूचना देनी होगी तभी वह मजिस्ट्रेट के समक्ष जांच के लिए आवेदन कर सकता है।जस्टिस राकेश कैंथला ने इस आधार पर एक FIR और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नाहन द्वारा पारित आदेश रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने कानून द्वारा...

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन पर तत्काल सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार
कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित प्रदर्शन पर तत्काल सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

'दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन को लेकर दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया।इस याचिका में प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की मांग की गई थी।अवकाशकालीन पीठ, जिसमें जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा शामिल थे, के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया। हालांकि पीठ ने इसे तत्काल सूचीबद्ध करने से मना कर दिया।यह याचिका सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संस्था की...

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, सुरेश राठौर के खिलाफ दो FIR रद्द, दो पर जांच जारी
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, सुरेश राठौर के खिलाफ दो FIR रद्द, दो पर जांच जारी

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार FIR में से दो रद्द की, जबकि दो अन्य मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी।अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को जघन्य अपराध से जोड़कर उसकी छवि खराब करने का प्रयास गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।जस्टिस राकेश थपलियाल ने मामले की सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो और ऑडियो सामग्री के प्रतिलेखों का अवलोकन किया।अदालत ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से...

पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करते समय पिछले सात वर्षों के सेवा रिकॉर्ड की गणना संबंधित पद की रिक्ति उत्पन्न होने की तिथि से की जाएगी, न कि उस घटना की तिथि से जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई हो।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी पर लगाई गई दंडात्मक कार्रवाई (Penalty) का प्रभाव पदोन्नति पर पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव केवल उन पदोन्नतियों पर लागू होगा जो दंड आदेश जारी होने के बाद दी जानी हैं। जिन पदोन्नतियों के लिए रिक्तियां दंड...