हाईकोर्ट
PC Act | आरोप तय करने के चरण में अपराध साबित होना ज़रूरत नहीं, सिर्फ़ मज़बूत शक काफ़ी: हाईकोर्ट का पूर्व GST अधिकारी को राहत देने से इनकार
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व GST अधिकारी को राहत देने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि आरोप तय करने के चरण में कोर्ट का ध्यान केवल इस बात पर होता है कि क्या आरोपी के खिलाफ़ अपराध करने का "मज़बूत शक" है; इस चरण में अपराध साबित होने की अंतिम कसौटी लागू नहीं होती।जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की बेंच ने कहा,"...आरोपी/रिविज़न याचिकाकर्ता को आरोपमुक्त करने के सवाल पर विचार करते समय कोर्ट जांच के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री की विस्तृत छानबीन नहीं करता है। अभियोजन पक्ष द्वारा...
PC Act | 2018 के संशोधन से पहले अगर पूर्व सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया तो पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) की धारा 19 में 2018 का संशोधन, जिसके तहत पूर्व सरकारी कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने के लिए पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत को बढ़ाया गया, भविष्य के मामलों पर लागू होता है। यह उन मामलों को फिर से नहीं खोलता, जिनमें 26 जुलाई, 2018 से पहले ही मामला दर्ज (संज्ञान) किया जा चुका है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने कहा कि यह संशोधन इस हद तक 'पिछली तारीख से लागू' (Retrospective) होता है कि इसका फायदा तब...
जज बनकर हासिल की जानकारी: हाईकोर्ट आरोपी की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की, पुलिस की गिरफ्तारी न कर पाने पर सवाल उठाए
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की, जिस पर सिविल सर्वेंट और पटना हाई कोर्ट का जज बनकर कई वरिष्ठ अधिकारियों से संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हासिल करने का आरोप है।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने इस बात पर हैरानी जताई कि सुप्रीम कोर्ट तक से ज़मानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई।कोर्ट ने कहा कि आरोपी मनोज कुमार झा के खिलाफ लगे आरोपों, उसके आदतन अपराधी होने और सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद परिस्थितियों में कोई बदलाव न होने के कारण वह अग्रिम...
नगर निकाय किराए की बकाया रकम को ज़मीन के लगान की तरह वसूल नहीं कर सकते, वे सिविल केस कर सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नगर पालिका परिषद को अपने किराएदार से मिलने वाला बकाया किराया ज़मीन के लगान के बकाये की तरह वसूल नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसा किराया एक कॉन्ट्रैक्ट के तहत देय राशि है, न कि कोई टैक्स।उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 की धारा 173-A नगरपालिका को कलेक्टर से वसूली के लिए आवेदन करने की अनुमति देती है, जैसे कि यह ज़मीन के लगान का बकाया हो, किसी ऐसी राशि के लिए जो बोर्ड को टैक्स के तौर पर देनी हो (सिवाय उस टैक्स के जो तुरंत मांग पर देय हो)। कलेक्टर इस बात से संतुष्ट होने...
UP Police Rules | कर्मचारी का जवाब मांगे बिना जांच रिपोर्ट से सहमत होने से अनुशासनात्मक कार्यवाही अमान्य नहीं होती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुशासनात्मक अधिकारी का 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) में जांच अधिकारी के निष्कर्षों से सहमति जताना, बाद में दिए गए सजा के आदेश को अमान्य नहीं करता। कोर्ट ने माना कि ऐसी सहमति 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने की एक पूर्व-शर्त है।कोर्ट ने देखा कि सजा के लिए जांच अधिकारी की सिफारिश का स्पष्ट रूप से 'यू.पी. पुलिस ऑफिसर्स ऑफ सबऑर्डिनेट रैंक्स (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1991' के नियम 14(1) के अपेंडिक्स I में प्रावधान है।कोर्ट के अनुसार, 1991 के नियमों के नियम 14(1) का...
रिटायरमेंट के बाद एकेडमिक सेशन के आखिर तक नौकरी जारी रखने का हक रिसर्च ड्यूटी पर तैनात टीचर को नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद एकेडमिक सेशन के आखिर तक नौकरी जारी रखना एक रियायत है, न कि कोई कानूनी अधिकार। इसका दावा सिर्फ़ वही टीचर कर सकता है जो असल में रेगुलर टीचिंग (नियमित शिक्षण) में लगा हो।कोर्ट ने कहा कि एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर, जिन्हें रिसर्च स्टेशन का इंचार्ज बनाया गया था, वह सिर्फ़ इसलिए इस फ़ायदे का दावा नहीं कर सकते कि वे एक मुख्य टीचिंग पोस्ट पर बने रहे और उसके बदले सैलरी लेते रहे।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा,"कानून बनाने वालों की मंशा, लागू...
हाईकोर्ट का आदेश- लखनऊ में वकीलों के अवैध रूप से बने चैंबरों को गिराने से पहले जारी करें नए नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 72 कथित अतिक्रमणकारियों (जिनमें से ज़्यादातर वकील हैं) को एक आखिरी मौका दिया। उन्हें लखनऊ ज़िला कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पास सार्वजनिक रास्ते या सार्वजनिक उपयोग की ज़मीन पर बने चैंबरों को खाली करने या उन पर अपना वैध दावा साबित करने का निर्देश दिया गया। ऐसा न करने पर लखनऊ नगर निगम (LMC) को उन्हें गिराने का आदेश दिया गया।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की बेंच ने LMC को निर्देश दिया कि वह सभी 72 कथित अतिक्रमणकारियों को एक हफ़्ते के भीतर नए नोटिस जारी करे।अगर वे नोटिस...
2013 रेप केस में सीनियर जर्नालिस्ट तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार (6 अगस्त) को पत्रकार तरुण तेजपाल को रेप केस में 10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई। यह मामला नवंबर 2013 में उनकी एक जूनियर सहयोगी ने दर्ज कराया था।यह सज़ा IPC की धारा 376(2)(f) (भरोसे या अधिकार वाले रिश्ते में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया गंभीर रेप) और 376(2)(k) (पीड़िता पर नियंत्रण या दबदबे की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया गंभीर रेप) के तहत सुनाई गई।इन अपराधों के लिए कम से कम 10 साल की सज़ा का प्रावधान है।जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित...
'बिना सोच-समझ और Grounds of Detention दर्ज किए Preventive Detention Order पारित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण', इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से की सुधार की अपील
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Preventive Detention आदेश पारित करने में अधिकारियों द्वारा बिना उचित विचार (Application of Mind) और Grounds of Detention दर्ज किए कार्रवाई करने की प्रवृत्ति को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण (Deplorable)" बताया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए गंभीर चिंता का विषय है और केंद्र सरकार को इसे जल्द से जल्द दूर करना चाहिए।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने PIT NDPS Act, 1988 के तहत एक व्यक्ति की नजरबंदी (Preventive Detention) रद्द करते हुए...
सहकर्मी की आलोचना या भर्ती प्रक्रिया पर चर्चा करना अपने आप में कदाचार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी सेवा नियम में कर्मचारियों को सहकर्मियों के प्रति शिष्टाचार बनाए रखने की अपेक्षा का यह अर्थ नहीं लगाया जा सकता कि हर असहमति, निष्पक्ष आलोचना या संस्थान के मामलों पर चर्चा को कदाचार (Misconduct) मान लिया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई फैकल्टी सदस्य भर्ती प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए बैठक बुलाता है, तो केवल इसी आधार पर उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि उसका उद्देश्य किसी सहकर्मी को अपमानित, प्रताड़ित या उसकी छवि खराब करना...
फार्मा फ्रीबीज़ मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित फार्मा फ्रीबीज़ (उपहार) मामले में 30 स्वास्थ्य विशेषज्ञों, जिनमें कई त्वचा रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ता डॉक्टरों ने अंतरिम राहत दिए जाने का प्रथमदृष्टया मामला स्थापित किया। यह आदेश उन डॉक्टरों की याचिका पर दिया गया, जिन्होंने 23 दिसंबर 2024 को फार्मा मार्केटिंग प्रथाओं से संबंधित शीर्ष समिति के आदेश को चुनौती दी थी।इस आदेश में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को भारतीय...
अदालत की अवमानना का नाम सुनकर अफसरों के कांपने वाले दिन अब गए: मद्रास हाईकोर्ट, दो IAS अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी
मद्रास हाईकोर्ट ने अदालत के आदेशों का पालन न करने पर पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के पूर्व निदेशक एस.पी. अमृत और वर्तमान निदेशक एम. कृष्णा उन्नी (दोनों IAS अधिकारी) को अवमानना नोटिस जारी किया।जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक समय था, जब 'अदालत की अवमानना' शब्द सुनते ही अधिकारियों में भय पैदा हो जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और अदालत के आदेशों की अवहेलना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।अदालत ने कहा,"वे दिन अब बीत चुके हैं, जब 'अवमानना' शब्द सुनते ही लोगों की रूह कांप...
फतवे के आधार पर मुस्लिम दंपति का तलाक घोषित नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी फतवे (Fatwa) के आधार पर मुस्लिम दंपति का तलाक घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी मदरसा या सेमिनरी (Seminary) किसी मुस्लिम पुरुष को तलाक नहीं दे सकती। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने भोपाल की दारुल-दफ़ा मसाजिद कमेटी द्वारा जारी फतवे के आधार पर तलाक की घोषणा की मांग करने वाले पति के मुकदमे को खारिज कर दिया।जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि संबंधित फतवे में कहीं भी विवाह समाप्त होने या तलाक दिए जाने की घोषणा नहीं की गई है। फतवा केवल इस्लामी...
संज्ञान लेने से पहले कोर्ट गवाह से पूछताछ कर नया साक्ष्य नहीं जुटा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि संज्ञान (Cognizance) लेने से पहले ट्रायल कोर्ट किसी गवाह से पूछताछ कर नया साक्ष्य (Evidence) नहीं जुटा सकती, क्योंकि ऐसी शक्ति CrPC की धारा 190 के तहत उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर अदालत का काम केवल जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड पर न्यायिक विचार करना है, न कि अतिरिक्त साक्ष्य एकत्र करना।जस्टिस संतोष राय ने यह टिप्पणी सहारनपुर की एक ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए की। ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान लेने से पहले मेडिकल ऑफिसर को अदालत में...
BREAKING | 2013 के रेप केस में पत्रकार तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलटा बरी करने का फ़ैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार (6 अगस्त) को मापुसा की सेशंस कोर्ट का फ़ैसला पलट दिया। सेशंस कोर्ट ने नवंबर 2013 में जूनियर सहयोगी द्वारा दर्ज कराए गए रेप केस में 'तहलका' मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था।जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीज़न बेंच ने गोवा सरकार की अपील मंज़ूर करते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया। बेंच ने तेजपाल को रेप और यौन उत्पीड़न के अपराधों के लिए दोषी पाया। इसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(f) और 376(2)(k) के साथ-साथ...
पर्सनैलिटी राइट्स मामले में एक्ट्रेस तब्बू को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया अपमानजनक कंटेंट हटाने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्स्सुम जमाल हाशमी (जिन्हें तब्बू के नाम से जाना जाता है) के खिलाफ पोस्ट किए गए अपमानजनक और अश्लील कंटेंट को हटाने का आदेश दिया।जस्टिस ज्योति सिंह एक्ट्रेस की ओर से अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर मामले में अंतरिम आदेश देंगी।कोर्ट फेसबुक, इंस्टाग्राम और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गई कई सोशल मीडिया पोस्ट और लिंक को हटाने का आदेश देगा।एक्ट्रेस की ओर से सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार पेश हुईं।मेटा प्लेटफॉर्म्स का प्रतिनिधित्व...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दो अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया, कहा- पेड़ काटने की इजाज़त सिर्फ़ इसलिए नहीं दी जा सकती कि वे बिल्डिंग के एंट्रेंस में रुकावट डाल रहे हैं
दिल्ली हाई कोर्ट ने दो सरकारी अधिकारियों को कोर्ट के पहले के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए अवमानना का दोषी ठहराया। इन निर्देशों में कहा गया कि पेड़ काटने या ट्रांसप्लांट करने की इजाज़त देने से पहले ट्री ऑफिसर को कारण दर्ज करने होंगे और मामले पर सोच-विचार करना होगा। [2026 LiveLaw (Del) 726]जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि ट्री ऑफिसर सिर्फ़ इसलिए पेड़ काटने या ट्रांसप्लांट करने की इजाज़त नहीं दे सकता कि वे किसी प्रस्तावित बिल्डिंग के एंट्रेंस में रुकावट डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के रवैये...
दूसरी शादी की शिकायत पर संज्ञान लेने के चरण में 'सप्तपदी' रस्म के सबूत की ज़रूरत नहीं: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 494 के तहत बिगैमी (दूसरी शादी) के अपराध के लिए आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कथित दूसरी शादी की ज़रूरी रस्में, जिसमें 'सप्तपदी' भी शामिल है, पूरी की गई थीं या नहीं, यह ट्रायल का मामला है और "संज्ञान लेने के शुरुआती चरण में इस पर विचार नहीं किया जा सकता"।सुप्रीम कोर्ट के 'के. नीलावेनी बनाम राज्य' मामले के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता-पति का यह तर्क कि 'सप्तपदी' रस्म के सबूत न होने के कारण IPC...
लोन की रकम 'सौंपी गई संपत्ति' नहीं; सिर्फ़ लोन न चुका पाना 'क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट' नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि लोन के तौर पर दी गई रकम को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 के तहत 'क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट' (भरोसा तोड़ने का अपराध) के मकसद से उधार लेने वाले को 'सौंपी गई संपत्ति' नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि लोन लेने वाला लोन की रकम का इस्तेमाल करने के लिए आज़ाद होता है, जबकि किसी को सौंपी गई संपत्ति पाने वाले व्यक्ति को मालिक के निर्देशों के अनुसार ही उसका इस्तेमाल करना होता है।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की सिंगल जज बेंच ने बकाया लोन की रकम न चुकाने के आरोप में धोखाधड़ी और...
BJP सांसदों के चुनाव और स्वयं का राज्यसभा नॉमिनेशन रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची मीनाक्षी, नोटिस जारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP सांसद तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका पूर्व कांग्रेस सांसद मीनाक्षी नटराजन ने दायर की, जिसमें उनके राज्यसभा नॉमिनेशन को रद्द किए जाने को भी चुनौती दी गई।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने निर्देश दिया:"सुनवाई हुई। सात कामकाजी दिनों के भीतर ज़रूरी प्रोसेस फीस जमा करने पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए। सर्विस रिपोर्ट के साथ 11.09.2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें।"याचिकाकर्ता ने मध्य प्रदेश से...



















