हाईकोर्ट

आश्चर्य की बात है कि एनडीपीएस मामलों की जांच अक्षम अधिकारियों को सौंपी जा रही है, लापरवाह रवैया आपराधिक न्याय में जनता के विश्वास को कमजोर करता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
आश्चर्य की बात है कि एनडीपीएस मामलों की जांच अक्षम अधिकारियों को सौंपी जा रही है, लापरवाह रवैया आपराधिक न्याय में जनता के विश्वास को कमजोर करता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्‍मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ रखने के मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से दिए गए बरी के आदेश को बरकरार रखा और कहा कि उचित नमूनाकरण, तत्काल रिपोर्टिंग और आरोपी को गिरफ्तारी के आधार की जानकारी देने जैसे अनिवार्य प्रावधानों का पालन न करना अभियोजन पक्ष के मामले को दोषपूर्ण बनाता है। जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के बरी के फैसले की पुष्टि करते हुए अपील को खारिज कर दिया। अभियुक्तों की सुरक्षा के लिए...

दिल्ली हाईकोर्ट का प्रशासनिक पक्ष फैमिली कोर्ट के समक्ष कार्यवाही में तेजी लाने के लिए नियमों में संशोधन या उन्हें तैयार करने पर विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट का प्रशासनिक पक्ष फैमिली कोर्ट के समक्ष कार्यवाही में तेजी लाने के लिए नियमों में संशोधन या उन्हें तैयार करने पर विचार करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट का प्रशासनिक पक्ष राष्ट्रीय राजधानी में फैमिली कोर्ट के समक्ष कार्यवाही में तेजी लाने के लिए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए उचित नियम बनाने या मौजूदा नियमों में संशोधन करने पर विचार करने के लिए तैयार है।एक्टिंग चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ द्वारा इस मुद्दे पर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए आदेश पारित करने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया।यह याचिका ईशान तिवारी नामक व्यक्ति ने दायर की, जिसमें यहां फैमिली कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों में सुनवाई में...

NIA ने दिल्ली हाईकोर्ट में इंजीनियर राशिद की UAPA मामले में अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका का विरोध किया
NIA ने दिल्ली हाईकोर्ट में इंजीनियर राशिद की UAPA मामले में अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका का विरोध किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में जम्मू-कश्मीर के सांसद राशिद इंजीनियर की UAPA के तहत दर्ज आतंकी फंडिंग मामले में अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका का विरोध किया।31 जनवरी से शुरू हुए संसदीय बजट सत्र में भाग लेने के लिए राशिद ने अंतरिम जमानत मांगी। सत्र 04 अप्रैल को समाप्त होगा। वैकल्पिक रूप से उन्होंने बजट सत्र के दौरान हिरासत पैरोल की मांग की।NIA की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने जस्टिस विकास महाजन को बताया कि राशिद के पास NIA Act के तहत वैकल्पिक उपाय है...

[Land Acquisition Act] मुआवज़े में जोड़ा गया ब्याज, दी गई राशि का हिस्सा बन जाता है, आगे की गणना के लिए उसे अलग नहीं किया जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट
[Land Acquisition Act] मुआवज़े में जोड़ा गया ब्याज, दी गई राशि का हिस्सा बन जाता है, आगे की गणना के लिए उसे अलग नहीं किया जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में दिए गए अपने फैसले में कहा कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में राशि और ब्याज रहित राशि के बीच कोई अंतर नहीं है। एक बार ब्याज को उस राशि में शामिल कर लिया जाता है, जिसके लिए अवार्ड दिया जाता है तो उसे अलग नहीं किया जा सकता।मामले की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने कहा,"राशि और ब्याज रहित राशि के बीच कोई अंतर नहीं है। यह माना गया कि एक बार ब्याज को उस राशि में शामिल कर लिया जाता है, जिसके लिए अवार्ड दिया जाता है तो उसे अलग नहीं किया जा सकता, जिसका अर्थ है कि...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि मामले में मुख्यमंत्री आतिशी को जारी समन रद्द करने के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि मामले में मुख्यमंत्री आतिशी को जारी समन रद्द करने के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवीण शंकर कपूर ने मुख्यमंत्री आतिशी को उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में निचली अदालत द्वारा जारी समन रद्द करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।यह मानहानि मामला इस दावे को लेकर दायर किया गया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने करोड़ों रुपये की नकदी के बदले में उनसे जुड़ने के लिए संपर्क किया।जस्टिस विकास महाजन ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले में आतिशी से जवाब मांगा।कपूर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अजय बर्मन ने कहा कि...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, राज्य को नागरिकों के साथ मुकदमेबाजी में निजी पक्ष की तरह काम नहीं करना चाहिए; संतुलित, कल्याणोन्मुख दृष्टिकोण अपनाना चाहिए
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, राज्य को नागरिकों के साथ मुकदमेबाजी में निजी पक्ष की तरह काम नहीं करना चाहिए; संतुलित, कल्याणोन्मुख दृष्टिकोण अपनाना चाहिए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक वादी के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करते समय राज्य को नागरिकों के दावों का अंधाधुंध विरोध करने के प्रलोभन से बचते हुए संतुलित एवं विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल ने कहा, "राज्य को आधारहीन और वैध दावे के बीच अंतर करने में उचित सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि झूठे दावों के खिलाफ खुद का बचाव करना उचित है, लेकिन इस कर्तव्य का निर्वहन जिम्मेदारी की भावना के साथ किया जाना चाहिए... राज्य और उसके नागरिकों से...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के कारण पूरे भारत में ऑटो-रिक्शा के लिए जीएमएमसी कंपनी के मीटरों की बिक्री/खरीद पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के कारण पूरे भारत में ऑटो-रिक्शा के लिए जीएमएमसी कंपनी के मीटरों की बिक्री/खरीद पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह महाराष्ट्र के विधिक माप विज्ञान नियंत्रक (सीएलएम) को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि ग्लोबल मीटर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (जीएमएमसी) द्वारा निर्मित ऑटो-रिक्शा किराया मीटर अगले आदेश तक बाजार में न बेचे जाएं। कोर्ट ने यह आदेश तब दिया, जब जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस अश्विन भोबे की खंडपीठ को एक 'चौंकाने वाला खुलासा' मिला कि जीएमएमसी ने आधिकारिक रिकॉर्ड में तीन अलग-अलग पते दिए हैं, जहां से वह मीटर बनाती है, फिर भी जांच के बावजूद कंपनी पुणे में तीनों स्थानों में से...

मद्रास हाईकोर्ट ने जेंडर आइडेंटिटी को विकार बताने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की आलोचना की, कहा- यह आपकी मानसिकता को दर्शाता है
मद्रास हाईकोर्ट ने जेंडर आइडेंटिटी को "विकार" बताने पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की आलोचना की, कहा- यह आपकी मानसिकता को दर्शाता है

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (3 फरवरी) को जेंडर एंड सेक्‍सुएलिटी संबंधित निकाय की ओर से तैयार किए गए प्रस्तावित चिकित्सा पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की मौखिक रूप से आलोचना की।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने हाल ही में एलजीबीटीक्यूआईए+ व्यक्तियों के अधिकारों के संबंध में कई निर्देश जारी किए, जिसमें उन्होंने मौखिक रूप से कहा कि एनएमसी का पाठ्यक्रम, जिसमें "जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर" शब्द का उपयोग जारी है, बदलाव लाने के लिए अदालत की ओर से किए गए प्रयासों को विफल कर देगा। अदालत ने जोर देकर...

बीमाकर्ता बिना सहभागी लापरवाही साबित किए दायित्व से इनकार नहीं कर सकता, FIR दर्ज करने में देरी का दावा खारिज करने का कोई आधार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
बीमाकर्ता बिना सहभागी लापरवाही साबित किए दायित्व से इनकार नहीं कर सकता, FIR दर्ज करने में देरी का दावा खारिज करने का कोई आधार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में एक बीमा कंपनी द्वारा दायर अपील खारिज की, जबकि इस बात की पुष्टि की कि मोटर दुर्घटना मुआवजा दावे के मामले में सहभागी लापरवाही साबित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की है।मामले की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने इस बात पर जोर दिया,"जहां तक ​​सहभागी लापरवाही का सवाल है, कोई सबूत पेश नहीं किया गया। इसे साबित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की है।"उपरोक्त फैसला मोटर दुर्घटना दावा मामले में सुनाया गया, जो बीमा कंपनी द्वारा मोटर वाहन दुर्घटना दावा...

यौन अपराधों में पीड़िता का एकमात्र साक्ष्य, यदि असंगतियों से भरा हुआ तो दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
यौन अपराधों में पीड़िता का एकमात्र साक्ष्य, यदि असंगतियों से भरा हुआ तो दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

बलात्कार और अपहरण के मामले में निचली अदालत द्वारा पारित दोषसिद्धि आदेश रद्द करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि यह तथ्य कि अभियोक्ता को उस स्थान के बारे में पता था, जहां उसे अपहरण और बलात्कार के बाद रखा गया लेकिन जांच के दौरान उसने कभी उस स्थान की पहचान नहीं की, भौतिक विरोधाभास के रूप में महत्व रखता है।इस तरह के विरोधाभास को देखते हुए न्यायालय ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि उसका साक्ष्य उत्कृष्ट गुणवत्ता का है, जिस पर अपीलकर्ताओं को दोषी ठहराने के लिए भरोसा किया जा सकता है।...

देवभूमि में दुर्भाग्यपूर्ण और बेशर्म घटना: हाईकोर्ट ने विधायक और BJP नेता के बीच रुड़की में हुई झड़प का स्वत: संज्ञान लिया
देवभूमि में दुर्भाग्यपूर्ण और बेशर्म घटना: हाईकोर्ट ने विधायक और BJP नेता के बीच रुड़की में हुई झड़प का स्वत: संज्ञान लिया

पिछले सप्ताह उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 26 जनवरी को खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और BJP नेता व पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच रुड़की में हुई झड़प का स्वत: संज्ञान लिया।इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण, बेशर्म और चौंकाने वाला बताते हुए जस्टिस राकेश थपलियाल की पीठ ने जिला मजिस्ट्रेट और SSP को निर्देश दिया कि वे घटना का विवरण देते हुए अलग-अलग हलफनामा दाखिल करें, जिसमें FIR की कॉपी, की गई कार्रवाई का विवरण और जांच की स्थिति सहित वीडियो क्लिप शामिल हों।कोर्ट ने यह भी कहा कि दो राजनीतिक...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जालंधर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा, कहा- खेदजनक स्थिति, पंजाब पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असमर्थ
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जालंधर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा, कहा- खेदजनक स्थिति, पंजाब पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असमर्थ

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार करने में पुलिस की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की, जबकि अगस्त 2024 में उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। जस्टिस नमित कुमार ने कहा,"मौजूदा मामला राज्य मशीनरी की दयनीय स्थिति को दर्शाता है, जहां पुलिस आरोपी को पकड़ने में असमर्थ है, जिस पर 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ जघन्य अपराध करने का मुकदमा चलाया गया है, जबकि उसकी ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को जालंधर के विद्वान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 29.08.2024...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​याचिका पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, कहा- न्यायालय की गरिमा इतनी कमजोर नहीं कि पागल आदमी द्वारा फेंके गए पत्थरों से उसे नुकसान पहुंचे
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​याचिका पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, कहा- न्यायालय की गरिमा इतनी कमजोर नहीं कि पागल आदमी द्वारा फेंके गए पत्थरों से उसे नुकसान पहुंचे

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वादी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जिसने न्यायिक अधिकारियों और वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर सार्वजनिक संपत्ति हड़पने के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग करते हुए अवमानना याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता जिसने खुद को वकील बताया, व्यक्तिगत रूप से पेश हुआ। उसने आरोप लगाया कि चार न्यायिक अधिकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति हड़पने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा"वर्तमान याचिकाकर्ता ने अहंकारी और अवमाननापूर्ण रवैया अपनाने का प्रयास किया लेकिन...

शिकायतकर्ता को डराने के इरादे के बिना केवल धमकी देना आपराधिक धमकी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
शिकायतकर्ता को डराने के इरादे के बिना केवल धमकी देना आपराधिक धमकी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को डराने के इरादे के बिना आरोपी द्वारा केवल धमकी देना आपराधिक धमकी का अपराध नहीं है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा,“IPC की धारा 506 का केवल अवलोकन करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आपराधिक धमकी का अपराध बनने से पहले यह स्थापित किया जाना चाहिए कि आरोपी का इरादा शिकायतकर्ता को डराने का था। शिकायतकर्ता को डराने के इरादे के बिना आरोपी द्वारा दी गई केवल धमकी आपराधिक धमकी का अपराध नहीं होगी।”न्यायालय ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उसके द्वारा दर्ज...

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स को कक्षाओं में उपस्थित हुए बिना परीक्षा देने की अनुमति देने वाले डमी स्कूलों के निरीक्षण का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टूडेंट्स को कक्षाओं में उपस्थित हुए बिना परीक्षा देने की अनुमति देने वाले डमी स्कूलों के निरीक्षण का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में ऐसे डमी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए, जो स्टूडेंट्स को कक्षाओं में उपस्थित हुए बिना परीक्षा देने की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को सर्वेक्षण या निरीक्षण करने और इस मुद्दे पर अनुमेय कार्रवाई करने का निर्देश दिया।न्यायालय ने पाया कि डमी स्कूल विभिन्न कोचिंग सेंटरों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां युवा...

अभियोक्ता और आरोपी के बीच पारिवारिक संबंध शादी के वादे की संभावना खत्म नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अभियोक्ता और आरोपी के बीच पारिवारिक संबंध 'शादी के वादे' की संभावना खत्म नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

शादी का झूठा वादा करने के लिए IPC की धारा 376 के तहत प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार करते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पार्टियों के बीच संबंधों की प्रकृति यह निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक है कि क्या शादी का कोई वादा था और क्या सहमति तथ्य की गलत धारणा से दूषित हुई थी।जस्टिस चंद्रधारी सिंह अपने दूर के रिश्तेदार/अभियोजन पक्ष द्वारा दर्ज IPC की धारा 376 के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध पर विचार कर रहे थे। FIR के अनुसार, याचिकाकर्ता और अभियोक्ता के बीच पारिवारिक...

शरारत के अपराध के लिए इरादा और संपत्ति को नुकसान जरूरी: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
शरारत के अपराध के लिए इरादा और संपत्ति को नुकसान जरूरी: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि IPC की धारा 425 के तहत शरारत के अपराध को स्थापित करने के लिए संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का इरादा होना चाहिए और इसके परिणामस्वरूप इसका मूल्य कम होना चाहिए।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा, 'यह स्पष्ट है कि शरारत के अपराध का मुख्य घटक यह है कि संपत्ति को गलत तरीके से नुकसान या नुकसान पहुंचाने की मंशा होनी चाहिए और उस इरादे के साथ क्षति होनी चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप कुछ संपत्ति का मूल्य या उपयोगिता कम हो' केवल नुकसान पहुंचाना पर्याप्त नहीं है और इस तरह के नुकसान को...