हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 45 साल तक बिना किराया दिए संपत्ति पर कब्ज़ा करने वाले बेईमान किरायेदार पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
पिछले हफ़्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदार पर 45 साल से ज़्यादा समय तक संपत्ति पर कब्ज़ा करने और किराया न देने के लिए 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जो मकान मालकिन को वापस चाहिए, जिससे वह अपने नए ग्रेजुएट बेटे के लिए फ़ैक्टरी शुरू कर सके।अपीलीय प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ किरायेदार की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस पंकज भाटिया ने कहा,“वर्तमान मामले में मकान मालकिन के बेटे को व्यवसाय स्थापित करने के लिए रिहाई की मांग की गई, जिसने वर्ष 1981 में ग्रेजुएशन की उपाधि प्राप्त की और वह बेरोजगार है तथा...
सीमा शुल्क विभाग को यात्रियों से अवैध रूप से विदेशी मुद्रा जब्त करने की शिकायत मिलने पर CCTV फुटेज सुरक्षित रखना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा शुल्क विभाग को निर्देश दिया है कि जब भी उसे विदेश से भारत आने वाले किसी यात्री से उसके अधिकारियों द्वारा उसकी विदेशी मुद्रा को अवैध रूप से रोके जाने के बारे में शिकायत मिले, तो संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,"...अगर इस तरह से कोई शिकायत मिली है, तो सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित रखा जाना चाहिए क्योंकि यह केवल 30 दिनों के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, प्रस्थान के समय याचिकाकर्ता के सीसीटीवी...
क्षेत्रीय भाषा में अनिवार्य सूचना दिए बिना केवल अंग्रेजी समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित करना भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को गलत ठहराता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत भूमि के अधिभोगियों के लाभ के लिए स्थानीय भाषा में नोटिस प्रकाशित न करके, प्रमुख स्थानों पर नोटिस प्रकाशित करना, संपूर्ण अधिग्रहण कार्यवाही को दूषित करता है। याचिकाकर्ता ने सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि उन्हें अधिग्रहण कार्यवाही के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि सरकार द्वारा इस बारे में कोई नोटिस या सूचना प्रकाशित नहीं की गई थी, जो अधिनियम के कई अनिवार्य...
पिता का बुरी आदतों का आदी होना मांं के लिए एकल अभिभावक होने के अधिकार का दावा करने और जन्म रिकॉर्ड में बच्चे के पितृत्व को छिपाने का आधार नहीं हो सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में कहा कि भले ही पिता ने बच्चे के जन्म के बाद से उसका चेहरा न देखा हो और वह बुरी आदतों का आदी हो, लेकिन इससे मां को एकल अभिभावक बनने और बच्चे के जन्म रिकॉर्ड में उसके पितृत्व को छिपाने का अधिकार नहीं मिल जाता। जस्टिस मंगेश पाटिल और जस्टिस यंशिवराज खोबरागड़े की खंडपीठ ने कहा कि वैवाहिक विवादों में उलझे माता-पिता, केवल 'अपने अहंकार को संतुष्ट करने' के लिए बच्चे के जन्म रिकॉर्ड पर अधिकार का दावा नहीं कर सकते। इसलिए पीठ ने एक महिला पर 5,000 रुपये का...
जस्टिस यशवंत वर्मा को शपथ दिलाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, उनके तबादले के आदेश को रद्द करने की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है, जिसमें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को न्यायाधीश यशवंत वर्मा को पद की शपथ दिलाने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गई है, जो वर्तमान में अपने आधिकारिक आवासीय परिसर में अवैध नकदी रखने के आरोपों पर इन-हाउस जांच का सामना कर रहे हैं। अधिवक्ता विकास चतुर्वेदी द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में कहा गया है कि न्यायमूर्ति वर्मा का स्थानांतरण और प्रस्तावित शपथ संविधान का उल्लंघन है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि "वह कौन...
एमपी हाईकोर्ट ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दाखिल करने पर मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक को हटाने का आदेश दिया
शिवपुरी में मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक को तत्काल हटाने का आदेश देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी सेवा की चयन प्रक्रिया में चयन समिति में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज दाखिल करने पर चिंता व्यक्त की और इसे एक गंभीर मुद्दा बताया, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।ऐसा करते हुए न्यायालय ने मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक के पद पर उम्मीदवार के चयन को यह पाते हुए रद्द कर दिया कि उसने "जाली अनुभव प्रमाण पत्र" दाखिल किया था।जस्टिस गुरपाल सिंह आहलूवालिया ने अपने आदेश में कहा,"चयन समिति में धोखाधड़ी करना या जाली...
विसंगतियों को दूर करने के लिए बायोमेट्रिक्स आवश्यक, लेकिन मशीन द्वारा किसी व्यक्ति को पहचानने में विफलता उसके मौलिक अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति के कानूनी और मौलिक अधिकारों को केवल बायोमेट्रिक मशीन द्वारा उसे पहचानने में विफलता के कारण सीमित नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा,"इस संबंध में इस न्यायालय का विचार है कि यद्यपि यह सत्य है कि रिकॉर्ड में किसी भी विसंगति को दूर करने और चयन की स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आजकल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया आवश्यक है। तथापि, यह भी सत्य है कि बायोमेट्रिक सत्यापन हमेशा विसंगतियों को दूर करने में...
प्लास्टिक के फूल प्रतिबंधित वस्तु नहीं: प्लास्टिक के फूलों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका में केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
महाराष्ट्र में प्लास्टिक के फूलों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि प्लास्टिक के फूलों के इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्हें एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के रूप में प्रतिबंधित नहीं किया गया।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा 11 सितंबर 2023 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) को लिखे गए पत्र के मद्देनजर भारत संघ (UOI) ने यह दलील दी है, CPCB ने प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं की सूची में प्लास्टिक...
अनिवार्य पूर्व-विवाद मध्यस्थता को उचित आधार के बिना तत्काल अंतरिम राहत मांगकर दरकिनार करने का पूर्ण अधिकार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि कामर्शियल कोर्ट एक्ट के तहत किसी पक्षकार को यह पूर्ण स्वतंत्रता नहीं है कि वह बिना उचित कारण बताए केवल अंतरिम राहत की मांग कर कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्व-विवाद मध्यस्थता की प्रक्रिया को दरकिनार कर सके।अदालत एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अधिनियम की धारा 12-A के तहत मध्यस्थता प्रक्रिया से छूट की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि प्रतिवादियों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर धोखाधड़ी से उसे अनुबंध करने के लिए मजबूर किया था और प्रतिवादियों द्वारा...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने लाॅ प्रोफेसर से अभद्रता के आरोप में एडवोकेट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर लगाई रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश के माध्यम से कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा एक एडवोकेट के खिलाफ पेशेवर कदाचार के आरोप में शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह कार्रवाई एक विधि प्रोफेसर की शिकायत के बाद की गई थी, जिसमें कहा गया था कि एडवोकेट ने उन्हें 'बंदर और गधा' कहा था। एडवोकेट ने न्यायालय का रुख कर पूरी कार्यवाही, जारी किए गए नोटिस और लाॅ प्रोफेसर द्वारा दर्ज की गई शिकायत को रद्द करने की मांग की थी।याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि उत्तरदाता संख्या 2...
'CBI ने सबूत गढ़े': चंडीगढ़ कोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में जस्टिस निर्मल यादव को इसलिए बरी किया!
पिछले हफ़्ते चंडीगढ़ के स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 2008 के भ्रष्टाचार मामले में जस्टिस निर्मल यादव को बरी कर दिया। 89 पन्नों के फ़ैसले में विशेष अदालत ने CBI के इस दावे को खारिज कर दिया कि जज ने 2008 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सेवा करते हुए 15 लाख रुपए नकद प्राप्त किए थे।गौरतलब है कि एजेंसी ने शुरू में मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, तत्कालीन CBI जज ने इसे स्वीकार नहीं किया और मामले में आगे की जांच के आदेश दिए।इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने जस्टिस यादव के ख़िलाफ़ 78 गवाह पेश...
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल के खराब 12वीं बोर्ड परिणाम के लिए रसायन विज्ञान शिक्षक के खिलाफ निंदा खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षक पर लगाया गया निंदा दंड खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि संबंधित स्कूल का रसायन विज्ञान में 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मानक से नीचे रहा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा,"ऐसा कोई आरोप नहीं था कि संबंधित स्कूल का परिणाम याचिकाकर्ता की ओर से किसी गलती या चूक के कारण गिरा" जिस स्थिति में उसे राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1958 ("नियम") के नियम 17 के तहत दंडित नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने आगे कहा,"परिणाम...
'कुछ तत्परता दिखाएं': 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा
1993 के मुंबई बम धमाकों के मुख्य दोषियों में से एक गैंगस्टर अबू सलेम द्वारा दायर याचिका को रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (2 अप्रैल) को केंद्र और राज्य सरकारों पर नाराजगी जताई। इस याचिका में तलोजा जेल से छूट और समयपूर्व रिहाई की मांग की गई, जहां वह इस मामले में अपनी भूमिका के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस श्रीराम मोदक की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा,"हम आपको बहुत कम समय देंगे, सप्ताह नहीं। हम मामले को 16 अप्रैल को रखेंगे, लेकिन आप दोनों (राज्य और संघ) को...
दवाएं और प्रसाधन सामग्री अधिनियम | सक्रिय घटक सीमा के भीतर होने पर विफल विघटन परीक्षण मामूली दोष, अभियोजन योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
विभिन्न प्रक्रियात्मक चूकों का उल्लेख करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने 2017 में दवाएं और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत दायर शिकायत खारिज कर दी।यह मामला उस समय दायर किया गया, जब एक दवा नमूने ने विघटन परीक्षण (Dissolution Test) में विफलता दर्ज की। हालांकि इसमें सक्रिय घटक निर्धारित मानकों के भीतर था।अदालत ने पाया कि निर्धारित दिशानिर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार इस प्रकार की दोषपूर्णता को मामूली दोष माना जाता है, जिसके लिए अभियोजन की अनुमति नहीं है।अदालत ने यह भी कहा कि विलंबित विघटन...
विधायक के खिलाफ सीएम भगवंत मान के बयान की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के खिलाफ मानहानि का मामला खारिज
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2019 में तत्कालीन आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक नज़र सिंह मानशाहिया के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए बयान की रिपोर्टिंग करने के लिए द ट्रिब्यून अखबार के पूर्व प्रधान संपादक और अन्य पत्रकार के खिलाफ दायर मानहानि का मामला खारिज कर दिया।रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन पंजाब आप प्रमुख और संगरूर सांसद भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने विधायक नज़र सिंह मानशाहिया को कुछ पैसे और पद की पेशकश की थी।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा,"याचिकाकर्ताओं के खिलाफ पूरी...
विकास समझौते के अंतर्गत आने वाले परिसरों पर कब्जा करने वाले किरायेदारों को आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 9 के तहत बेदखल नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने माना कि किराया नियंत्रण अधिनियम द्वारा शासित किरायेदारों को मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (आर्बिट्रेशन एक्ट) की धारा 9 के तहत बेदखल नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब वे डेवलपर और मकान मालिकों के बीच निष्पादित विकास समझौते के पक्षकार नहीं हैं। उन्हें पुनर्विकसित भवन में किरायेदारी समझौतों के तहत वर्तमान में उनके कब्जे वाले परिसर की तुलना में उन्नत परिसर प्रदान नहीं किया जा रहा है।संक्षिप्त तथ्य:यह याचिका आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 9 के तहत एंबिट...
सरकारी कर्मचारी द्वारा ट्रांसफर रोकने के लिए सांप्रदायिक पक्षपात के निराधार आरोप प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन में गंभीर उल्लंघन का कारण बनेंगे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
धार्मिक भेदभाव के आधार पर ट्रांसफर आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि यदि इस तरह के निराधार आरोपों को उनके वास्तविक स्वरूप में स्वीकार किया जाता है तो इससे प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन में गंभीर उल्लंघन होगा।न्यायालय ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता राज्य की ओर से किसी भी तरह की दुर्भावनापूर्ण मंशा प्रदर्शित नहीं कर सका।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा,"इस न्यायालय का यह भी मानना है कि यदि इस तरह के निराधार...
2002 दंगे: गुजरात हाईकोर्ट ने तीन ब्रिटिश नागरिकों की हत्या के आरोपी छह व्यक्तियों को बरी करने का आदेश बरकरार रखा
गुजरात हाईकोर्ट ने 2015 में सेशंस कोर्ट द्वारा दिया गया आदेश बरकरार रखा, जिसमें 2002 में अदालत ने यह फैसला देते हुए कहा कि मामले में कोई पहचान परेड नहीं कराई गई थी और गवाही के दौरान पहली बार छह साल बाद आरोपियों की पहचान कराई गई।कोर्ट ने कहा कि इस तरह की पहचान को दोषसिद्धि का आधार नहीं बनाया जा सकता। साथ ही अदालत ने यह भी देखा कि इस मामले की जांच स्वतंत्र चश्मदीद गवाहों के बयान पर नहीं, बल्कि ब्रिटिश उच्चायोग को भेजे गए गुमनाम फैक्स संदेश के आधार पर शुरू की गई, जिसमें उत्तरदाताओं के नाम आरोपियों...
BCI के पास लॉ स्कूलों का निरीक्षण करने का अधिकार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कानूनी शिक्षा के नियमों को चुनौती देने से किया इनकार
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा जारी किए गए निरीक्षण नोटिस को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि नोटिस वैध है। BCI द्वारा बनाए गए कानूनी शिक्षा के नियम जिसके तहत वह लॉ कॉलेजों का निरीक्षण कर सकता है, वह अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं है।फ़ैसला सुनाते हुए चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि नोटिस न तो मनमाना था और न ही अवैध। कोर्ट ने कहा कि जिन नियमों के तहत BCI को लॉ कॉलेजों का निरीक्षण करने का अधिकार है, वे संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 19(1)(g) का...
दिल्ली हाईकोर्ट ने विकिपीडिया पेज पर ANI के कथित रूप से अपमानजनक विवरण को हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को समाचार एजेंसी ANI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के विकिपीडिया पृष्ठ पर कथित रूप से अपमानजनक सामग्री और विवरण हटाने का आदेश दिया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने विकिपीडिया मंच को होस्ट करने वाले विकिमीडिया फाउंडेशन को अपने विकिपीडिया पेज एशियन न्यूज इंटरनेशनल पर ANI के खिलाफ प्रकाशित कथित रूप से अपमानजनक बयानों को हटाने का निर्देश दिया।न्यायालय ने सामग्री को हटाने के साथ-साथ विकिपीडिया को अपने मंच पर समाचार एजेंसी के पृष्ठ पर इसे प्रकाशित करने से रोकने के लिए ANI की अंतरिम...




















