संपादकीय

मुआवजे / जुर्माने को अवैध रूप से खनन किए गए खनिज के मूल्य तक सीमित नहीं किया जा सकता; पर्यावरण की बहाली की लागत पर भी विचार हो : सुप्रीम कोर्ट
मुआवजे / जुर्माने को अवैध रूप से खनन किए गए खनिज के मूल्य तक सीमित नहीं किया जा सकता; पर्यावरण की बहाली की लागत पर भी विचार हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अवैध रेत खनन में लिप्त लोगों द्वारा भुगतान किए जाने वाले मुआवजे / जुर्माने को अवैध रूप से खनन किए गए खनिज के मूल्य तक सीमित नहीं किया जा सकता है।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि पर्यावरण की बहाली की लागत के साथ-साथ पारिस्थितिक सेवाओं की लागत भी मुआवजे का हिस्सा होनी चाहिए। अदालत के अनुसार, प्रदूषक व्यक्तिगत रूप से पीड़ित व्यक्ति को मुआवजे का भुगतान करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी को बदलने के जुर्माने का भुगतान करने...

मेरे और मेरे परिवार के पास रिलायंस के शेयर्स हैं: जस्टिस हिमा कोहली ने अमेज़न-फ्यूचर केस से हटने की पेशकश की
'मेरे और मेरे परिवार के पास रिलायंस के शेयर्स हैं': जस्टिस हिमा कोहली ने अमेज़न-फ्यूचर केस से हटने की पेशकश की

न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने फ्यूचर ग्रुप और अमेज़ॅन के बीच चल रहे विवाद से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान मामले से हटने की पेशकश की क्योंकि उनके और उनके परिवार के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर्स हैं।न्यायमूर्ति कोहली ने मामले में पेश वकीलों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर किसी को भी मामले की सुनवाई के साथ कोई समस्या है, तो वह तुरंत हट जाएंगी।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, जो पीठ का नेतृत्व कर रहे हैं, ने अधिवक्ताओं से कहा कि न्यायमूर्ति कोहली के रिलायंस के शेयर्स हैं और अंततः...

त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट वकीलों और पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए यूएपीए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमत
त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट वकीलों और पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए यूएपीए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमत

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य में हालिया सांप्रदायिक हिंसा के संबंध में पत्रकारों, वकीलों और कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया पोस्ट पर त्रिपुरा पुलिस द्वारा यूएपीए लगाने को चुनौती देने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हेमा कोहली की बेंच के समक्ष एडवोकेट प्रशांत भूषण ने मामले का उल्लेख किया और मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की।भूषण ने कहा,"यह त्रिपुरा की घटनाओं, एफआईआर और फैक्ट फाइंडिंग मिशन पर गए वकीलों को 41ए नोटिस जारी करने के...

गुजरात दंगे: जिन लोगों ने सहयोग किया, उन्हें ऊंचे पद दिए गए; एसआईटी प्रमुख आरके राघवन उच्चायुक्त बनाए गए- सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
गुजरात दंगे: जिन लोगों ने सहयोग किया, उन्हें ऊंचे पद दिए गए; एसआईटी प्रमुख आरके राघवन उच्चायुक्त बनाए गए- सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

गुजरात दंगों के मामले में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य उच्च पदाधिकारियों को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दी गई क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका पर बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एसआईटी प्रमुख आरके राघवन बाद में उच्चायुक्त नियुक्त किया गए।सिब्बल ने न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष कहा, "वे सभी लोगों सहयोगी थे, बाद में उन्हें ऊंचे पद दिए गए। राघवन को एंबेसडर...

एनआई एक्ट की धारा 138 : सिर्फ इसलिए कि शिकायत में पहले प्रबंध निदेशक का नाम दिया गया है, ये नहीं माना जा सकता कि शिकायत कंपनी की ओर से नहीं की गई : सुप्रीम कोर्ट
एनआई एक्ट की धारा 138 : सिर्फ इसलिए कि शिकायत में पहले प्रबंध निदेशक का नाम दिया गया है, ये नहीं माना जा सकता कि शिकायत कंपनी की ओर से नहीं की गई : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत एक कंपनी की ओर से दायर की गई शिकायत एकमात्र कारण से खारिज करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि इसमें कंपनी के नाम से पहले प्रबंध निदेशक का नाम बताया गया है।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश पीठ ने कहा कि हालांकि यह प्रारूप सही नहीं हो सकता है, इसे दोषपूर्ण नहीं कहा जा सकता है।पीठ ने कहा, "एक प्रारूप हो सकता है जहां कंपनी का नाम पहले वर्णित किया गया हो, प्रबंध निदेशक के माध्यम से मुकदमा किया गया हो, लेकिन...

तिहाड़ जेल में खेदजनक स्थिति: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जेल प्रबंधन में सुधार के लिए तुंरत कदम उठाने के निर्देश दिए
'तिहाड़ जेल में खेदजनक स्थिति': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जेल प्रबंधन में सुधार के लिए तुंरत कदम उठाने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक मामले में आरोपियों के साथ जेल अधिकारियों की मिलीभगत के मद्देनजर तिहाड़ जेल की स्थिति का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि जेल प्रबंधन में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने गृह मंत्रालय के सचिव को अदालत के 6 अक्टूबर 2021 के पिछले आदेश के पैरा 3 और 4 के अनुसरण में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।गृह मंत्रालय के सचिव को 3 सप्ताह की अवधि के भीतर सुधारों के कार्यान्वयन के संबंध में उठाए गए कदमों का एक...

उपभोक्ता आयोग में नियुक्तियां : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को एक हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल ना करने पर अनुकरणीय जुर्माना लगाने की चेतावनी दी
उपभोक्ता आयोग में नियुक्तियां : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को एक हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल ना करने पर अनुकरणीय जुर्माना लगाने की चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में रिक्तियों के संबंध में एक सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहने वाले राज्यों पर 1 से 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगी। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना संबंधित अधिकारियों से वसूल किया जाएगा।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने देश भर में उपभोक्ता आयोगों में रिक्तियों से निपटने के लिए अपने द्वारा उठाए गए मामले पर विचार करते हुए उपरोक्त टिप्पणियां कीं। इससे पहले, 22/09/2021...

सांप्रदायिक हिंसा लावा की तरह, प्रतिशोध के लिए उपजाऊ धरती बना देता है : गुजरात दंगे पर कपिल सिब्बल ने कहा
"सांप्रदायिक हिंसा लावा की तरह, प्रतिशोध के लिए उपजाऊ धरती बना देता है" : गुजरात दंगे पर कपिल सिब्बल ने कहा

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गुजरात दंगों के मामले में बहस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सांप्रदायिक हिंसा के खतरों के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए और याद किया कि उन्होंने विभाजन के बाद की हिंसा में अपने नाना- नानी को खो दिया था।सिब्बल 2002 के गुजरात दंगों में मारे गए कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी की ओर से दाखिल याचिका पर बहस कर रहे थे जिसमें सांप्रदायिक दंगों के पीछे "बड़ी साजिश" बताते हुए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य उच्च पदाधिकारियों को विशेष जांच...

निचली अदालतों के लिए उचित बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है: कानून मंत्री किरेन रिजिजू
'निचली अदालतों के लिए उचित बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है': कानून मंत्री किरेन रिजिजू

राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा "कानूनी सेवा दिवस" ​​के मौके पर आयोजित किए गए एक समारोह में बोलते हुए केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि यह ज्ञात है कि निचली अदालतों में चार करोड़ मामले लंबित हैं। मामलों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार निचली अदालतों के लिए उचित बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के उपायों पर काम कर रही है।बड़ी संख्या में लंबित मामलों का उल्लेख करते हुए रिजिजू ने कहा कि जहां सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट कुछ मानकों पर काम कर रहे हैं।...

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) भाग: 7 वह विषय जिन से संबंधित सूचनाओं को नहीं दिया जाएगा (धारा-8)
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) भाग: 7 वह विषय जिन से संबंधित सूचनाओं को नहीं दिया जाएगा (धारा-8)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के अंतर्गत धारा 8 कुछ ऐसे विषय को उल्लेखित करती है जिन पर मांगी गई सूचनाओं को नहीं दिया जा सकता है। ऐसे विषय देश हित में और किसी व्यक्ति के हित में होते हैं जिन से संबंधित सूचनाओं को नहीं दिया जा सकता। यदि इन विषयों से संबंधित सूचनाओं को दे दिया जाए तो समस्या खड़ी हो सकती है और देश की एकता अखंडता तथा किसी व्यक्ति के अधिकारों को क्षति हो सकती है।इस उद्देश्य से इस अधिनियम के अंतर्गत धारा 8 को गढ़ा गया है। इस आलेख के अंतर्गत इस धारा 8 की व्याख्या प्रस्तुत की...

तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा में पार्टी सदस्यों की सुरक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा में पार्टी सदस्यों की सुरक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और इसकी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने रिट याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका में आगामी नगर निकाय चुनाव में खासकर अभियान के दौरान टीएमसी के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए त्रिपुरा राज्य को निर्देश जारी करने की मांग की गई है।टीएमसी ने अपने रिट में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक तटस्थ और निष्पक्ष एसआईटी गठित करने की मांग की है ताकि टीएमसी सदस्यों के खिलाफ लक्षित बर्बरता और गुंडागर्दी के कथित कृत्यों के संबंध...

बलात्कार पीड़िता की कम उम्र मौत की सजा देने के लिए एकमात्र या पर्याप्त कारक नहीं : सुप्रीम कोर्ट
बलात्कार पीड़िता की कम उम्र मौत की सजा देने के लिए एकमात्र या पर्याप्त कारक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

बलात्कार पीड़िता की कम उम्र मौत की सजा देने के लिए एकमात्र या पर्याप्त कारक नहीं : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बलात्कार पीड़िता की कम उम्र को मौत की सजा देने के लिए एकमात्र या पर्याप्त कारक नहीं माना जाता है।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने इरप्पा सिद्दप्पा मुर्गन्नावर को दी गई मौत की सजा को कम करते हुए इस प्रकार कहा, जिसे पांच साल की बच्ची (आर) के साथ बलात्कार करने, गला घोंटकर उसकी हत्या करने और फिर उसके शरीर को बेनिहल्ला नामक नहर में एक बोरी...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'अयोग्यता के बारे में चुनाव आयोग की राय पर निर्णय में राज्यपाल देरी नहीं कर सकते': मणिपुर विधायक मामले में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि मणिपुर के राज्यपाल "लाभ के पद" के मुद्दे पर मणिपुर विधानसभा के 12 भाजपा विधायकों की अयोग्यता के संबंध में चुनाव आयोग द्वारा दी गई राय पर निर्णय लेने में देरी नहीं कर सकते।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि राज्यपाल को चुनाव आयोग द्वारा 13 जनवरी, 2021 को दी गई राय पर अभी निर्णय लेना है।पीठ मणिपुर के कांग्रेस विधायक डीडी थैसी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने इन 12 विधायकों को इस...

प्रकटीकरण वक्तव्य के आधार पर दोषसिद्धि को तभी कायम रखा जा सकता है जब परिणामी रिकवरी दोषरहित हो: सुप्रीम कोर्ट
प्रकटीकरण वक्तव्य के आधार पर दोषसिद्धि को तभी कायम रखा जा सकता है जब परिणामी रिकवरी दोषरहित हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी आरोपी को विशेष रूप से उसके प्रकटीकरण बयान और परिणामस्वरूप अभियोगात्मक सामग्री की बरामदगी के आधार पर दोषी ठहराने के लिए, बरामदगी पूरी तरह दोषरहित होनी चाहिए और संदेह के तत्वों से आच्छादित नहीं होनी चाहिए।इस मामले में, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था जिसमें एक आरोपी बिजेंदर उर्फ मंदार को भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 397 के तहत दोषी ठहराया गया था। शीर्ष अदालत ने अपील में जिस मुद्दे पर विचार किया वह यह था कि क्या कथित प्रकटीकरण...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
मध्यस्थता- किसी पक्ष को धारा 37 के तहत मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए अतिरिक्त आधार उठाने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत मध्यस्थता अपील में किसी पक्ष को एक मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के लिए एक अतिरिक्त आधार उठाने से केवल इसलिए प्रतिबंधित नहीं किया गया है कि उक्त आधार को धारा 34 के तहत मध्यस्थता अवार्ड रद्द करने की याचिका में नहीं उठाया गया था।इस मामले में, छत्तीसगढ़ राज्य और मैसर्स साल उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक मामले में मध्यस्थता अवार्ड पारित किया गया था।। उक्त अधिनिर्णय को जिला न्यायाधीश के समक्ष (धारा 34 याचिका दायर कर) चुनौती...

पुलिस की अनुशासनहीनता का कारण उसके औपनिवेशिक मूल में निहित: ज‌स्टिस चंद्रू का इंटरव्यू, जिनकी जिंदगी से प्रेरित है जय भीम
'पुलिस की अनुशासनहीनता का कारण उसके औपनिवेशिक मूल में निहित': ज‌स्टिस चंद्रू का इंटरव्यू, जिनकी जिंदगी से प्रेरित है जय भीम

हाशिए के आदिवास‌ी समुदायों के पुलिसिया उत्पीड़न के ईमानदार और ममस्पर्शी चित्रण के लिए तमिल फिल्म "जय भीम" की देश भर में तारीफ हो रही है। यह कोर्ट-रूम ड्रामा वास्तविक मुकदमे पर आधारित है, जिसे मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस के चंद्रू ने तब लड़ा था, जब वह एक वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रहे थे। फिल्म की सफलता ने सभी का ध्यान जस्टिस चंद्रू की ओर खींचा है, जो अपनी सक्रियता और प्रगतिशील निर्णयों के लिए प्रसिद्ध हैं। लाइव लॉ ने हाल ही में जस्टिस चंद्रू से कई समसामयिक मुद्दों समेत फिल्‍म पर बातचीत...

70 साल से फिजिकल हियरिंग हो रही है, अगर इस पर वापस जाएं तो कोई नुकसान नहीं: सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल कोर्ट को जारी रखने की मांग वाली याचिका दायर
70 साल से फिजिकल हियरिंग हो रही है, अगर इस पर वापस जाएं तो कोई नुकसान नहीं: सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल कोर्ट को जारी रखने की मांग वाली याचिका दायर

भारतीय सुप्रीम कोर्ट सोमवार को दिसंबर 2021 में वर्चुअल कोर्ट और हाइब्रिड मोड को जारी रखने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया।न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने किया। उन्होंने लूथरा से हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा कि प्रभावी रूप से रिट याचिकाएं सभी के फिजिकल कोर्ट में उद्घाटन के साथ निष्फल हैं।इसके जवाब में वरिष्ठ अधिवक्ता लूथरा ने कहा कि हाइब्रिड मोड के माध्यम से वर्चुअल कोर्ट तक पहुंच को...

लखीमपुर खीरी केस में जांच हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की नियुक्ति की इच्छा जताई 
लखीमपुर खीरी केस में जांच "हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं" : सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की नियुक्ति की इच्छा जताई 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 3 अक्टूबर की लखीमपुर खीरी हिंसा की उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर फिर से असंतोष व्यक्त किया, जिसमें 8 लोगों की जान चली गई थी। इनमें से चार किसान प्रदर्शनकारी थे, जिन्हें कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले में वाहनों द्वारा कुचल दिया गया था।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि जांच "उस तरह से नहीं हो रही है जैसी हमने उम्मीद की थी।" पीठ ने इस तथ्य पर...

घरेलू हिंसा अधिनियम: सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रावधानों को लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा
घरेलू हिंसा अधिनियम: सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रावधानों को लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक रिट याचिका में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत घरेलू हिंसा के शिकार लोगों की सुरक्षा के लिए आश्रय गृहों की स्थापना और संरक्षण अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति के लिए अधिनियम के अध्याय III के अनिवार्य प्रावधानों के उचित कार्यान्वयन की मांग की गई है।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि वह इस समय राज्यों को नोटिस जारी नहीं कर रही है। पीठ ने अकेले केंद्र को नोटिस जारी...