दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, अश्लील AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए 'जॉन डो' (John Doe) आदेश पारित किया।जस्टिस ज्योति सिंह ने कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन रिटेलर्स को उनके नाम, रूप, आवाज़ और पर्सनैलिटी से जुड़े अन्य गुणों का बिना इजाज़त इस्तेमाल करने से रोक दिया।कोर्ट ने यह आदेश सिन्हा द्वारा दायर अंतरिम रोक याचिका पर दिया, जो उन्होंने कई प्रतिवादियों (Defendants) के खिलाफ दायर अपने मुकदमे में दी थी। इन प्रतिवादियों में अमेरिका स्थित AI चैटबॉट...
साथ न रहने और शारीरिक संबंध न बनने के कारण वैवाहिक संबंध 'कभी बन ही नहीं पाए': दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के लिए 1 साल की इंतज़ार की अवधि माफ़ की
दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि जिस शादी में न तो शारीरिक संबंध बने हों और न ही पति-पत्नी साथ रहे हों, उसे किसी भी असली मायने में शादी नहीं कहा जा सकता। ऐसे हालात में तलाक़ के लिए क़ानूनी तौर पर तय इंतज़ार की अवधि पर ज़ोर देने का कोई फ़ायदा नहीं होगा।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"साथ न रहना और शारीरिक संबंध न बनना, साथ ही शादी के तुरंत बाद ही दोनों पक्षों का अलग हो जाना, यह साफ़ दिखाता है कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक संबंध कभी भी किसी असली मायने में बन ही...
'सरकारी ज़मीन को बंधक नहीं बनाया जा सकता': UNI न्यूज़ एजेंसी केस में दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के जाने-माने सेंट्रल दिल्ली इलाके में यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (UNI) को अलॉट की गई ज़मीन का अलॉटमेंट रद्द करने के फ़ैसले को सही ठहराते हुए कहा कि सरकारी ज़मीन को कोई ऐसा लाइसेंसी "बंधक" नहीं बना सकता, जो उस मकसद को ही पूरा करने में नाकाम रहा हो, जिसके लिए उसे ज़मीन अलॉट की गई थी।दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम को रफ़ी मार्ग स्थित UNI के दफ़्तर को सील किया।यह कार्रवाई तब हुई, जब जस्टिस सचिन दत्ता ने अपने 98 पन्नों के आदेश में कहा कि यह न्यूज़ एजेंसी अपनी ज़िम्मेदारियां...
मृत किरायेदार के गैर-आश्रित कानूनी वारिस एक साल बाद किराया अधिनियम का संरक्षण खो देते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि मृत किरायेदार के ऐसे कानूनी वारिस जो किरायेदार पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं थे, किरायेदार की मृत्यु के एक साल से ज़्यादा समय तक दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत लगातार संरक्षण का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने अधिनियम की धारा 2(L) के स्पष्टीकरण II का हवाला देते हुए कहा,“यह साफ़ है कि किसी ऐसे व्यक्ति का, जिसे उत्तराधिकार से किरायेदारी मिली हो और जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के दिन उस पर आर्थिक रूप से निर्भर न हो, किरायेदारी खत्म होने के बाद भी...
निष्कासित TMC नेता की पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 30 दिन की नोटिस अवधि कम करने की याचिका पर विचार करे ECI: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को एक याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया। यह याचिका निष्कासित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता हुमायूं कबीर द्वारा बनाई गई एक पार्टी ने दायर की, जिसमें राजनीतिक पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए तय 30 दिन की नोटिस अवधि को कम करने की मांग की गई।जस्टिस अमित बंसल 'आम जनता उन्नयन पार्टी' द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में 30 दिनों तक जनता से आपत्तियां मांगने की कानूनी शर्त में ढील देने की मांग की गई और प्रार्थना की गई कि इस मामले के तथ्यों को...
सड़क विक्रेताओं का 'कर्तव्य' है कि वे सफ़ाई बनाए रखें, सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा न करें: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सड़क विक्रेताओं का यह "कर्तव्य" है कि वे अपनी बेचने की जगहों के आस-पास सफ़ाई बनाए रखें और यह पक्का करें कि वे सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा न करें या पैदल चलने वालों की आवाजाही में रुकावट न डालें।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने यह बात तब कही, जब वे एक सड़क विक्रेता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में आरोप लगाया गया कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी उसे मालवीय नगर में उसकी तय जगह पर बेचने की इजाज़त नहीं दे रहे है।याचिकाकर्ता, जिसके पास...
अगर 'गांजा' के साथ पत्तियां और डालियां भी तौली जाएं तो उसकी मात्रा ठीक-ठीक तय नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत बुक किए गए दो आरोपियों को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थ की मात्रा ठीक-ठीक तय नहीं की जा सकती, क्योंकि उसे सूखी पत्तियों, डालियों और घास जैसी चीज़ों के साथ तौला गया। साथ ही हो सकता है कि ये चीज़ें "गांजा" की कानूनी परिभाषा के दायरे में न आती हों।जस्टिस प्रतीक जालान ने बताया कि NDPS Act की धारा 2(iii)(b) के तहत "गांजा" को "कैनबिस के पौधे के फूल वाले या फल वाले ऊपरी...
पीड़ित की लापरवाही रेल दुर्घटना में मुआवज़ा देने से मना करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह साफ़ कर दिया कि रेल दुर्घटनाओं के मामलों में पीड़ित की लापरवाही मुआवज़ा देने से मना करने का आधार नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि एक बार जब कोई "अप्रत्याशित घटना" (Untoward Incident) साबित हो जाती है तो रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत रेलवे की ज़िम्मेदारी सख़्त हो जाती है।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने यह टिप्पणी एक महिला की अपील मंज़ूरी देते हुए की। इस महिला के मुआवज़े के दावे को रेलवे दावा अधिकरण (Railway Claims Tribunal) ने खारिज कर दिया था।अधिकरण ने यह माना था कि मृतक न तो एक...
आरोपी को गिरफ़्तारी के कारणों की जानकारी न देना, गिरफ़्तारी और रिमांड को अमान्य बनाता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में ज़मानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को गिरफ़्तारी के कारणों की जानकारी न देना, गिरफ़्तारी और उसके बाद की रिमांड की कार्यवाही दोनों को ही अमान्य बना देता है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति का यह मौलिक अधिकार है कि उसे गिरफ़्तारी के कारणों की जानकारी दी जाए। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 और 22(1) से मिलता है। इस सुरक्षा उपाय का कोई भी उल्लंघन गिरफ़्तारी को गैर-कानूनी बना देता है।बेंच ने कहा,"संविधान का अनुच्छेद 21 यह अनिवार्य करता...
[POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत दर्ज मामले में आरोपी को रेगुलर ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि वैलेंटाइन डे पर किसी लड़की का किसी लड़के से दोस्ताना होना, उसके साथ ज़बरदस्ती यौन संबंध बनाने का लाइसेंस नहीं है।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि लड़की की सहमति से भी उसके सिर पर सिंदूर लगाना सही नहीं ठहराया जा सकता, भले ही कानून में इसे कोई अपराध न माना गया हो।कोर्ट ने कहा,"सिर्फ़ इसलिए कि कोई लड़की किसी लड़के से दोस्ताना है और वह दिन वैलेंटाइन डे है, इसका मतलब यह नहीं है कि लड़के को...
UK हत्या मामले में वांछित व्यक्ति के प्रत्यर्पण पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, चाकू मारने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने पंजाब के एक व्यक्ति को हत्या के मामले में यूनाइटेड किंगडम प्रत्यर्पित (extradite) करने की सिफारिश करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है कि आरोपी ने ही चाकू से वार किया था और यह “महत्वपूर्ण कड़ी” केवल अनुमान और अटकलों पर आधारित है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कंवरजीत सिंह बठ की याचिका स्वीकार करते हुए 2019 में एसीएमएम द्वारा दी गई उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें उसे हत्या के मुकदमे का सामना करने के लिए यूके भेजने की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने NDTV के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ CBI के लुक आउट सर्कुलर रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा 2019 में NDTV के पूर्व निदेशकों और प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर (LOC) रद्द किया।जस्टिस सचिन दत्ता ने आदेश सुनाते हुए कहा,"विवादित LOC रद्द किया जाता है, बशर्ते याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करें।" बता दें, पिछले साल मई में कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि लुक आउट सर्कुलर को जारी रखना बेकार होगा।यह टिप्पणी CBI द्वारा LOC का बचाव करने के बाद की गई थी, जिसमें यह तर्क दिया गया कि इसे रॉय...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर केस में पक्षकारों का सही मेमो फाइल करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (20 मार्च) को भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर से उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर केस में प्रतिवादी पार्टियों का ब्योरा देने वाले मेमो में मौजूद गलतियों को सुधारने को कहा।गंभीर की तरफ से पेश होते हुए वकील जय अनंत देहाद्रई ने जस्टिस ज्योति सिंह के सामने दलील दी कि वादी के "बहुत परेशान करने वाले" डीपफेक वीडियो मौजूद हैं।देहाद्रई ने कहा,"मान लीजिए किसी मैच में खराब परफॉर्मेंस होती है, तो वे कहेंगे कि मैंने इस्तीफा दे दिया। ऐसे वीडियो हैं, जिनमें...
एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश देगा।जस्टिस ज्योति सिंह एक्ट्रेस द्वारा दायर अंतरिम रोक की याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की थी।कोर्ट के यह पूछने पर कि उल्लंघन करने वाले लिंक्स कौन से हैं, एक्ट्रेस की ओर से पेश वकील ने उन AI चैटबॉट्स का ज़िक्र किया जो सिन्हा के पर्सनैलिटी ट्रेड्स का बिना इजाज़त इस्तेमाल कर रहे थे।कोर्ट ने टिप्पणी की,"बस एक सॉफ्ट...
उत्तम नगर होली झड़प: हाईकोर्ट ने सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए पुलिस को ईद के दौरान जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 मार्च) को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह सभी ज़रूरी कदम उठाए ताकि ईद के त्योहार के दौरान आम जनजीवन में कोई रुकावट न आए। यह निर्देश उत्तम नगर में हुई एक घटना के संदर्भ में दिया गया, जहां होली के दौरान हुई एक झड़प में 26 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई थी।कोर्ट ने पुलिस को आगे यह भी निर्देश दिया कि वे ऐसी व्यवस्था करें जिससे "सभी लोगों में सुरक्षा और बचाव का एहसास पैदा हो" और अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि समाज के किसी भी तबके के "किसी भी व्यक्ति"...
शराब नीति मामला: केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय, 2 अप्रैल को अगली सुनवाई
दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली हाइकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।बता दें, यह याचिका विशेष अदालत द्वारा दिए गए कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने (एक्सपंज) की मांग से जुड़ी है।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने आरोपियों के वकीलों के अनुरोध पर उन्हें अतिरिक्त समय दिया और मामले को 2 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध कर दिया।सुनवाई के दौरान ED की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू और विशेष वकील...
ईशा फाउंडेशन के खिलाफ कथित मानहानि सामग्री हटाने का आदेश: दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, मीडिया आउटलेट की याचिका खारिज
दिल्ली हाइकोर्ट ने तमिल मीडिया संस्थान नक्कीरन पब्लिकेशंस को सद्गुरु की ईशा फाउंडेशन के खिलाफ प्रकाशित कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया।अदालत ने साथ ही नक्कीरन द्वारा दायर वह आवेदन भी खारिज किया, जिसमें मुकदमे को प्रारंभिक स्तर पर ही खत्म करने की मांग की गई।जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा, आदेश 7 नियम 11 की याचिका खारिज की जाती है। सभी आपत्तिजनक सामग्री हटाई जाए।यह मामला वर्ष 2024 में दायर उस मानहानि वाद से जुड़ा है, जिसमें ईशा फाउंडेशन ने आरोप लगाया था कि नक्कीरन...
दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन दशक पुराने मामले में क्लर्क को बरी किया, कहा- CBI केस साबित करने में नाकाम रही
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (DESU) के पूर्व क्लर्क को 1994 के भ्रष्टाचार के मामले में बरी किया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी या उसे स्वीकार किया था।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने स्पेशल जज के 2003 का फैसला रद्द किया, जिसमें अपीलकर्ता को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी ठहराया गया था।यह मामला एक उपभोक्ता की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी, जो उस समय DESU कार्यालय में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 साल बाद पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला करने के आरोपी की सजा बरकरार रखी
एक पुलिस अधिकारी पर "साहसी हमले" के दो दशक से भी ज़्यादा समय बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति की सज़ा और दोषसिद्धि बरकरार रखी, जिसने पिछली पुलिस कार्रवाई के दौरान रोके जाने के बदले में एक हेड कांस्टेबल पर चाकू से हमला किया था।जस्टिस विमल कुमार यादव ने आरोपी द्वारा दायर अपील खारिज की और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 392, 394 और 397 (लूट) के तहत उसकी दोषसिद्धि की पुष्टि की।यह मामला अप्रैल 2002 का है, जब हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे, तभी दिल्ली के...
आत्महत्या सभ्य दुनिया की समस्या, जो तनाव और सामाजिक दबाव से पैदा होती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में व्यक्ति को दोषी ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि आत्महत्या तेज़ी से "सभ्य दुनिया की एक समस्या" बनती जा रही है, जो अक्सर तनाव, सामाजिक दबाव और सहयोग प्रणालियों के टूटने के कारण होती है। कोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए की।जस्टिस विमल कुमार यादव ने ये टिप्पणियां पति द्वारा दायर अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कीं। उन्होंने पति की सज़ा को IPC की धारा 304B (दहेज मृत्यु) से बदलकर IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत कर दिया, जबकि IPC...









![[POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट [POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2025/11/14/500x300_630971-pocso.jpg)








