दिल्ली हाईकोर्ट

गांजे के पत्ते और डंठल गांजा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी, कमर्शियल मात्रा पर संदेह जताया
गांजे के पत्ते और डंठल 'गांजा' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी, कमर्शियल मात्रा पर संदेह जताया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स के एक मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि गांजे के पत्तों और डंठलों को कमर्शियल मात्रा (व्यावसायिक मात्रा) तय करने के लिए 'गांजा' नहीं माना जा सकता। इस तरह, कोर्ट ने इस बात पर संदेह जताया कि क्या ज़ब्त की गई चीज़ें NDPS Act की धारा 37 के तहत तय की गई सख्त सीमा के दायरे में आती हैं।कोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत 'गांजा' की परिभाषा में खास तौर पर सिर्फ गांजे के पौधे के फूल वाले या फल वाले ऊपरी हिस्से ही...

बालिग होने पर पीड़िता से निकाह करना बलात्कार के अपराध को खत्म नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट
बालिग होने पर पीड़िता से निकाह करना बलात्कार के अपराध को खत्म नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि यदि किसी अभियुक्त ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया है तो लड़की के बालिग होने के बाद उससे शादी या निकाह कर लेने से अभियुक्त का आपराधिक दायित्व समाप्त नहीं हो जाता।अदालत ने स्पष्ट किया कि बाद में की गई शादी उस समय किए गए अपराध को नहीं मिटा सकती, जब पीड़िता नाबालिग है।भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कड़ी टिप्पणी की।उन्होंने...

नाबालिग की अश्लील सामग्री ऑनलाइन डालना गंभीर अपराध, नुकसान सजा से कहीं अधिक: दिल्ली हाईकोर्ट
नाबालिग की अश्लील सामग्री ऑनलाइन डालना गंभीर अपराध, नुकसान सजा से कहीं अधिक: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि नाबालिग की अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालना बेहद गंभीर अपराध है, जिसका प्रभाव केवल कानूनी सजा तक सीमित नहीं रहता बल्कि पीड़िता के जीवन पर गहरा और स्थायी असर डालता है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में एक बार ऐसी सामग्री इंटरनेट पर अपलोड हो जाए तो वह तेजी से फैल जाती है और उस पर नियंत्रण पाना लगभग असंभव हो जाता है।अदालत ने कहा,“ऐसी हरकतों...

मंत्रियों को रोज़ जनता से वीडियो के ज़रिए मिलने का आदेश नहीं दे सकता कोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट
मंत्रियों को रोज़ जनता से वीडियो के ज़रिए मिलने का आदेश नहीं दे सकता कोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश देने से इनकार किया कि सभी केंद्रीय मंत्री रोज़ाना कम-से-कम दो घंटे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता की शिकायतें सुनें। अदालत ने कहा कि ऐसी नीति बनाना कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र है और इसे अदालत के आदेश से लागू नहीं कराया जा सकता।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की मांग सीधे तौर पर नीति निर्माण से जुड़ी है जो पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।अदालत ने कहा,“नीतियां बनाना, प्रशासनिक...

1/3 सजा पूरी करने वाले अंडरट्रायल को रिहाई दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
1/3 सजा पूरी करने वाले अंडरट्रायल को रिहाई दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों ने संभावित अधिकतम सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा पूरा कर लिया है, उन्हें राहत दी जानी चाहिए।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने यह निर्देश धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए दिया।अदालत ने आदेश की प्रति जिला एवं सेशन जजों, जेल महानिदेशक, दिल्ली हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए।मामले में आरोपी पर खुद को...

प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ कोई प्रतिकूल आदेश पारित हो जाने भर से अपने आप में किसी जज पर पूर्वाग्रह और पक्षपात का आरोप लगाने और केस ट्रांसफर की मांग करने का कोई आधार नहीं बन जाता।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एक महिला द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए आपराधिक वैवाहिक मामले को 'महिला कोर्ट' से किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।शुरुआत में ही, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता एक बार फिर उन्हीं मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही थी, जिन्हें...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने का मामला: CBI का तर्क- अरविंद केजरीवाल की खुद को सुनवाई से हटाने की अर्जी मानना​ गलत मिसाल कायम करेगा
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने का मामला: CBI का तर्क- अरविंद केजरीवाल की खुद को सुनवाई से हटाने की अर्जी मानना​ गलत मिसाल कायम करेगा

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार (13 अप्रैल) को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा दायर उन अर्जियों को स्वीकार करना, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई, एक गलत मिसाल कायम करेगा।इससे पहले दिन में केजरीवाल ने खुद बहस करते हुए दावा किया कि उनके मन में यह वाजिब आशंका है कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। वह CBI की उस पुनर्विचार याचिका की सुनवाई से जस्टिस शर्मा को हटाने की मांग कर रहे हैं,...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटने की मांग: केजरीवाल ने दिया सत्येंद्र जैन के केस में जज बदलने की ED की अर्ज़ी मंज़ूर का हवाला
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटने की मांग: केजरीवाल ने दिया सत्येंद्र जैन के केस में जज बदलने की ED की अर्ज़ी मंज़ूर का हवाला

शराब नीति केस की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2022 के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस अर्ज़ी को मंज़ूर किया गया, जिसमें AAP नेता सत्येंद्र जैन के केस में ट्रायल जज को बदलने की मांग की गई।केजरीवाल ने दावा किया कि उनका केस जैन के केस की सुनवाई कर रहे जज को हटाने की ED की अर्ज़ी से ज़्यादा मज़बूत है। वह CBI की उस रिवीज़न पिटीशन की सुनवाई से जस्टिस शर्मा के हटने की मांग कर...

राणा अय्यूब के ट्वीट नहीं हटाने पर X को झटका, सुरक्षित छूट हो सकती है खत्म: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
राणा अय्यूब के ट्वीट नहीं हटाने पर X को झटका, सुरक्षित छूट हो सकती है खत्म: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने बड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पत्रकार राणा अय्यूब के कथित आपत्तिजनक ट्वीट्स को न हटाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' अपनी सेफ हार्बर यानी कानूनी संरक्षण खो सकता है। केंद्र ने अदालत को बताया कि न्यायिक आदेश और पुलिस नोटिस के बावजूद सामग्री न हटाना कानून के उल्लंघन के समान है।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि जब किसी मंच को अवैध सामग्री की वास्तविक जानकारी मिल जाती है तब उसे तुरंत कार्रवाई करनी होती है। ऐसा न करना नियमों के...

सिर्फ दुर्व्यवहार से नहीं बनता SC-ST Act का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU प्रोफेसर के खिलाफ FIR रद्द की
सिर्फ दुर्व्यवहार से नहीं बनता SC-ST Act का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU प्रोफेसर के खिलाफ FIR रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि केवल किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करना अपने आप में SC-ST अत्याचार निवारण कानून के तहत अपराध नहीं बनता। इसके लिए यह साबित होना आवश्यक है कि आरोपी ने जाति के आधार पर अपमान करने की मंशा से कार्य किया हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,“SC-ST कानून की धारा 3 के तहत अपराध तभी बनता है जब यह स्पष्ट हो कि कथित कृत्य पीड़ित को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की मंशा से किया गया हो। केवल यह पर्याप्त नहीं है कि शिकायतकर्ता अनुसूचित...

अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक हित के आगे झुकना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण को दी मंजूरी
अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक हित के आगे झुकना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण को दी मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने शालीमार बाग इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों के निजी हित, बड़े सार्वजनिक हित के सामने टिक नहीं सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सड़क का विस्तार जरूरी है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि अस्पताल, स्कूल और आपातकालीन सेवाओं तक सुगम पहुंच के लिए इस परियोजना में देरी नहीं की जा सकती।अदालत...

फंड संभालने वाले कर्मचारियों पर भरोसा टूटे तो बर्खास्तगी जायज: दिल्ली हाईकोर्ट
फंड संभालने वाले कर्मचारियों पर भरोसा टूटे तो बर्खास्तगी जायज: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि “लॉस ऑफ कॉन्फिडेंस” (विश्वास का समाप्त होना) का सिद्धांत उन मामलों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, जहां कर्मचारी को वित्तीय जिम्मेदारियां सौंपी गई हों। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि वित्तीय अनियमितताओं जैसे सिद्ध कदाचार से विश्वास टूट जाता है, तो नियोक्ता को उस कर्मचारी को बनाए रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।जस्टिस शैल जैन ने कहा:“जहां कर्मचारी वित्तीय कार्यों में संलग्न होता है, वहां विश्वास का महत्व अधिक होता है। एक बार यह विश्वास टूट जाए, तो नियोक्ता को...

पिता ने छोड़ी बच्चे की कस्टडी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट पिता के नाम के बिना जारी करने का दिया निर्देश
पिता ने छोड़ी बच्चे की कस्टडी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट पिता के नाम के बिना जारी करने का दिया निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट बिना उसके पिता का नाम बताए दोबारा जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पिता ने कोर्ट से मंज़ूर एक समझौते के तहत कस्टडी और मिलने-जुलने के सभी अधिकार छोड़ दिए।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश माँ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। माँ ने अपनी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट बिना पिता का नाम शामिल किए दोबारा जारी करने की मांग की थी।याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि माता-पिता ने 2021 में आपसी सहमति से समझौता किया था, जिसे बाद में 2022 में तलाक़ के आदेश...

संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी ठहराने का फैसला बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी ठहराने का फैसला बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटेन में रह रहे हथियार सलाहकार संजय भंडारी को “भगोड़ा आर्थिक अपराधी” घोषित करने के ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा। अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि इस फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने संक्षिप्त आदेश में कहा, अपील खारिज की जाती है।यह आदेश तिस हजारी कोर्ट के जिला जज द्वारा 5 जुलाई, 2023 को पारित फैसले के खिलाफ दायर अपील पर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत घोषित किया था।ट्रायल कोर्ट...

जहां आदेश पारित हुआ, वहीं उत्पन्न होता है आंशिक कारण: दिल्ली हाईकोर्ट ने PNB मामले में बहाल की याचिका
जहां आदेश पारित हुआ, वहीं उत्पन्न होता है आंशिक कारण: दिल्ली हाईकोर्ट ने PNB मामले में बहाल की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी मामले में कॉज ऑफ एक्शन उस स्थान पर भी उत्पन्न होता है, जहां विवादित आदेश पारित किया गया हो। इसी आधार पर अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े एक मामले में याचिका फिर से बहाल की।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए सिंगल जज का आदेश रद्द किया, जिसमें क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका सुनने से इनकार कर दिया गया।मामला एक पूर्व बैंक कर्मचारी से जुड़ा था जिसे वर्ष 2013 में सेवा से हटा दिया गया। उसने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से नर्सों के लिए शिकायत निवारण तंत्र बनाने पर विचार करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल से नर्सों के लिए शिकायत निवारण तंत्र बनाने पर विचार करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से नर्सों के लिए शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने यह निर्देश एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए दिया, जिसमें इस पेशे के भीतर शिकायतों को सुलझाने के लिए एक प्रभावी प्रणाली की कमी को उजागर किया गया।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच इंडियन प्रोफेशनल नर्सेस एसोसिएशन द्वारा दायर PIL की सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में नर्सिंग पेशेवरों को पेश आने वाली शिकायतों को सुलझाने के लिए किसी...

ट्रांसजेंडर संशोधन कानून 2026 पर सवाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
ट्रांसजेंडर संशोधन कानून 2026 पर सवाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों से जुड़े संशोधन कानून 2026 को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को तय की।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई करते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया। याचिका चंद्रेश जैन द्वारा दायर की गई, जिसमें कहा गया कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक नालसा फैसले द्वारा स्थापित सिद्धांतों को कमजोर करता है।याचिका में आरोप लगाया गया कि नया कानून...

900 रुपये की रिश्वत: 35 साल पुराने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने इंजीनियरों को किया बरी, सजा की रद्द
'900' रुपये की रिश्वत: 35 साल पुराने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने इंजीनियरों को किया बरी, सजा की रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 1991 के एक पुराने रिश्वत मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के दो पूर्व इंजीनियरों को बरी कर दिया। इन पर 900-900 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। इस फैसले के साथ ही दोनों का 35 साल लंबा कानूनी संघर्ष समाप्त हो गया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने आरोपियों की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा वर्ष 2002 में सुनाई गई सजा रद्द की। हाइकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष “अवैध धन की मांग” को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।अदालत ने स्पष्ट किया,“भ्रष्टाचार निवारण...

हिरासत में मौत का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच, ACP स्तर के अधिकारी से जांच के निर्देश
हिरासत में मौत का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच, ACP स्तर के अधिकारी से जांच के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हिरासत में मौत के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाए जिसकी निगरानी संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) करेंगे।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि 23 फरवरी 2026 को पुलिस हिरासत में याचिकाकर्ता के पिता की पिटाई के कारण मौत हो गई।याचिकाकर्ता के अनुसार एक संपत्ति विवाद के सिलसिले में उसे और उसके पिता को पुल प्रह्लादपुर...