दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने आठ हफ़्तों के अंदर सभी ज़िला उपभोक्ता आयोगों में हाइब्रिड सुनवाई की सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने आठ हफ़्तों के अंदर सभी ज़िला उपभोक्ता आयोगों में हाइब्रिड सुनवाई की सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में हाइब्रिड सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा आठ हफ़्तों के भीतर चालू हो जाए।चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीज़न बेंच ने यह भी आदेश दिया कि सभी दस ज़िला आयोगों द्वारा प्रकाशित दैनिक कॉज़ लिस्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का लिंक दिया जाना चाहिए।कोर्ट वकील एस.बी. त्रिपाठी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर मोदी पर कथित हमले के मामले में बीना मोदी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर मोदी पर कथित हमले के मामले में बीना मोदी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उद्योगपति बीना मोदी और सीनियर वकील ललित भसीन के खिलाफ शुरू की गई ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई। यह मामला 2024 में एक बोर्ड मीटिंग के दौरान गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (GPI) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी पर कथित हमले से जुड़ा है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने मोदी और भसीन द्वारा दायर याचिकाओं पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। इन याचिकाओं में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें इस मामले में पेश होने के लिए समन जारी किया गया।ट्रायल कोर्ट ने फरवरी...

स्काउट्स और गाइड्स कोटा का लाभ हिंदुस्तान स्काउट्स को भी दिया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया
स्काउट्स और गाइड्स कोटा का लाभ 'हिंदुस्तान स्काउट्स' को भी दिया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने रेल मंत्रालय को निर्देश दिया कि स्काउट्स और गाइड्स कोटा के तहत भर्ती का लाभ 'हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स एसोसिएशन' को भी दिया जाए। कोर्ट ने माना कि इस तरह के लाभ से इनकार करना मनमाना था और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन था।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने फैसला सुनाया कि याचिकाकर्ता एसोसिएशन, जिसे युवा मामले और खेल मंत्रालय (MOYA) से मान्यता प्राप्त है, उसे इस कोटे से बाहर नहीं रखा जा सकता, जबकि इसी तरह की स्थिति वाले दूसरे संगठन, 'भारत स्काउट्स एंड गाइड्स' को यह लाभ दिया जा रहा...

मेवाड़ राजघराने में विरासत विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने पद्मजा कुमारी की याचिका खारिज की
मेवाड़ राजघराने में विरासत विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने पद्मजा कुमारी की याचिका खारिज की

मेवाड़ राजघराने में चल रहे विरासत विवाद में एक अहम मोड़ आया। दिल्ली हाइकोर्ट ने पद्मजा कुमारी परमार की उस याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार मांगा था।जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने स्पष्ट किया कि जब किसी वसीयत (विल) के अस्तित्व को स्वीकार किया जा चुका हो, भले ही उसकी वैधता पर विवाद हो तब व्यक्ति को बिना वसीयत (इंटेस्टेट) के आधार पर संपत्ति के प्रशासन की मांग करने वाली याचिका मान्य नहीं होती।अदालत ने कहा,“कानूनी व्यवस्था यह कहती है...

SSC Recruitment | उम्मीदवार द्वारा स्वतंत्र रूप से प्राप्त मेडिकल राय, नए मेडिकल टेस्ट का आधार नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
SSC Recruitment | उम्मीदवार द्वारा स्वतंत्र रूप से प्राप्त मेडिकल राय, नए मेडिकल टेस्ट का आधार नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का आदेश रद्द किया, जिसमें स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) द्वारा आयोजित कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पद की भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल रूप से अनफिट घोषित किए गए एक उम्मीदवार का फिर से मेडिकल टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि भर्ती नियमों के तहत गठित विशेषज्ञ बोर्डों की मेडिकल राय में दखल देते समय अदालतों को संयम बरतना चाहिए, और वे केवल स्वतंत्र रूप से प्राप्त मेडिकल...

पूर्व सैनिक कोटा: आवेदन की अंतिम तिथि नहीं, रिजल्ट की तारीख से गिना जाएगा एक साल- दिल्ली हाइकोर्ट
पूर्व सैनिक कोटा: आवेदन की अंतिम तिथि नहीं, रिजल्ट की तारीख से गिना जाएगा एक साल- दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने पूर्व सैनिक (ESM) कोटे से जुड़ी भर्ती में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि एक वर्ष की सेवा समाप्ति अवधि की गणना आवेदन की अंतिम तिथि से नहीं बल्कि परीक्षा परिणाम घोषित होने की तारीख से की जाएगी।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जब पात्रता नियम अस्पष्ट हों तो उनकी व्याख्या उम्मीदवार के पक्ष में की जानी चाहिए।मामला एक सेना के जवान से जुड़ा था, जिसने भारतीय सेना में सेवा देते हुए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल...

हिमायनी पुरी मामले में दिल्ली हाइकोर्ट सख्त: आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का आदेश, वैश्विक रोक पर फिलहाल नहीं फैसला
हिमायनी पुरी मामले में दिल्ली हाइकोर्ट सख्त: आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का आदेश, वैश्विक रोक पर फिलहाल नहीं फैसला

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी से जुड़े कथित मानहानिकारक पोस्ट पर सख्त रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उन्हें हटाने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने फिलहाल वैश्विक स्तर पर सामग्री हटाने (ग्लोबल टेकडाउन) की मांग पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने ट्विटर (एक्स), गूगल, यूट्यूब, मेटा और लिंक्डइन सहित अन्य पक्षों को निर्देश दिया कि वे भारत में उपलब्ध ऐसे सभी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाएं।अदालत ने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर सामग्री...

कांग्रेस के तुर्की ऑफिस दावे पर विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को भेजा समन, अंतरिम राहत नहीं
कांग्रेस के तुर्की ऑफिस दावे पर विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को भेजा समन, अंतरिम राहत नहीं

दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को मानहानि मामले में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को समन जारी किया। यह मामला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) द्वारा दायर किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि चैनल ने प्रसारण में पार्टी का तुर्की में अंतरराष्ट्रीय कार्यालय होने का गलत दावा किया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया और केवल अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग पर नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि वाद को दर्ज किया जाए और प्रतिवादियों को समन सभी माध्यमों से...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 साल के बच्चे को कुचलने के मामले में ट्रक ड्राइवर को दोषी ठहराया, रेस इप्सा लोक्विटुर सिद्धांत का हवाला दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 साल के बच्चे को कुचलने के मामले में ट्रक ड्राइवर को दोषी ठहराया, 'रेस इप्सा लोक्विटुर' सिद्धांत का हवाला दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में दो साल के बच्चे की मौत का कारण बनने के लिए ट्रक ड्राइवर को दोषी ठहराया। कोर्ट ने 'रेस इप्सा लोक्विटुर' (Res Ipsa Loquitur) सिद्धांत का हवाला देते हुए यह माना कि दुर्घटना के हालात खुद ही लापरवाही की ओर इशारा कर रहे थे।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील स्वीकार की और 24 दिसंबर, 2019 का ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें आरोपी शिव शंकर को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 279 और 304A के तहत लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया गया था।यह मामला 5...

PMLA से पहले अपराध से मिली रकम से खरीदी गई प्रॉपर्टी को ED बाद में भी ज़ब्त कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
PMLA से पहले 'अपराध से मिली रकम' से खरीदी गई प्रॉपर्टी को ED बाद में भी ज़ब्त कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि अगर आरोपी, प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के लागू होने के बाद भी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा बनाए रखता है तो PMLA लागू होने से पहले, अपराध से मिली रकम से खरीदी गई प्रॉपर्टी को इस एक्ट के तहत अभी भी ज़ब्त किया जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की:“अगर कोई व्यक्ति अपराध से मिली रकम पर कब्ज़ा बनाए रखता है, या उसका इस्तेमाल करता रहता है—जिसमें अपराध से मिली रकम से सीधे या परोक्ष रूप से हासिल की गई...

एक ही FIR से जुड़ी अगली ज़मानत अर्जियों की सुनवाई आम तौर पर उसी जज को करनी चाहिए, जिसने पिछली ज़मानत अर्जी खारिज की थी: दिल्ली हाईकोर्ट
एक ही FIR से जुड़ी अगली ज़मानत अर्जियों की सुनवाई आम तौर पर उसी जज को करनी चाहिए, जिसने पिछली ज़मानत अर्जी खारिज की थी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को यह टिप्पणी की कि एक ही FIR से जुड़ी अगली ज़मानत अर्जियों को आम तौर पर उसी जज के सामने लिस्ट किया जाना चाहिए, जिसने पिछली ज़मानत अर्जी खारिज की थी, ताकि आपस में टकराने वाले या असंगत आदेशों से बचा जा सके।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा,"इस कोर्ट की रजिस्ट्री माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार काम करने के लिए बाध्य है। कानून की उपरोक्त स्थिति का पालन करते हुए ही, एक ही FIR से जुड़े मामले—खास तौर पर ज़मानत मांगने वाली अर्जियां, चाहे वे अग्रिम ज़मानत के...

जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाली मानहानिकारक कंटेंट हटाने की मांग: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट
जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाली 'मानहानिकारक' कंटेंट हटाने की मांग: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी देकर मांग की कि अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन से उन्हें जोड़ने वाली कथित तौर पर मानहानिकारक सामग्री और पोस्ट को दुनिया भर से हटा दिया जाए।हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें उन्होंने 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ) आदेश की मांग की ताकि उस सामग्री को हटाया जा सके। उनके अनुसार, विभिन्न प्रतिवादियों ने कई डिजिटल, सोशल मीडिया और मध्यस्थ प्लेटफॉर्म पर उनके बारे में...

क्या जांच कर रहे हैं हमें नहीं पता, लेकिन कानून की प्रक्रिया का पालन करें: कथित अवैध हिरासत मामले में दिल्ली हाइकोर्ट की पुलिस को नसीहत
क्या जांच कर रहे हैं हमें नहीं पता, लेकिन कानून की प्रक्रिया का पालन करें: कथित अवैध हिरासत मामले में दिल्ली हाइकोर्ट की पुलिस को नसीहत

दिल्ली हाइकोर्ट ने कथित अवैध हिरासत के आरोप लगाने वाले 10 एक्टिविस्ट से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस को कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की नसीहत दी। अदालत ने कहा कि पुलिस क्या जांच कर रही है, यह अदालत को भले न पता हो लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ कार्यकर्ता रुद्र विक्रम के परिजनों द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जसदीप ढिल्लों ने अदालत को बताया कि पुलिस ने पहले कहा कि...

प्रिया रमानी मानहानि मामला: एम.जे. अकबर की अपील पर 24 सितंबर को अंतिम सुनवाई करेगा दिल्ली हाइकोर्ट
प्रिया रमानी मानहानि मामला: एम.जे. अकबर की अपील पर 24 सितंबर को अंतिम सुनवाई करेगा दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर द्वारा पत्रकार प्रिया रमानी की बरी होने के खिलाफ दायर अपील को अंतिम सुनवाई के लिए 24 सितंबर को सूचीबद्ध किया। यह मामला उन यौन उत्पीड़न आरोपों से जुड़ा है, जो प्रिया रमानी ने 'मीटू' अभियान के दौरान लगाए।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड प्राप्त हो चुका है और दोनों पक्षों की लिखित दलीलें भी दाखिल की गईं।अदालत ने कहा,“मामले को अंतिम सुनवाई के लिए अगली तारीख पर सूचीबद्ध किया जाए।” यह अपील...

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया को जवाब दाखिल करने के लिए दिया समय, CBI की याचिका पर दो हफ्ते बाद होगी सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया को जवाब दाखिल करने के लिए दिया समय, CBI की याचिका पर दो हफ्ते बाद होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (16 मार्च) को आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें दिए गए डिस्चार्ज को चुनौती दी गई है।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या प्रतिवादी जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहते हैं। इस पर केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने बताया कि...

दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार पैरवी की, कहा- POCSO मामलों में बार-बार बुलाने से उन्हें मानसिक आघात पहुंचता है
दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार पैरवी की, कहा- POCSO मामलों में बार-बार बुलाने से उन्हें मानसिक आघात पहुंचता है

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बाल पीड़ितों और अन्य कमज़ोर गवाहों को ट्रायल की कार्यवाही के दौरान बार-बार नहीं बुलाया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया खुद यौन अपराधों के पीड़ितों के लिए और ज़्यादा मानसिक आघात का कारण नहीं बननी चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि जहां एक तरफ पीड़ित को ज़मानत दिए जाने पर अपनी आपत्तियां रखने का मौका दिया जाना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ, जब आरोपी की ज़मानत याचिका के संबंध में उसके विचार दर्ज कर लिए जाएं तो उसकी बार-बार मौजूदगी पर ज़ोर नहीं...

गैर-कानूनी हिरासत का दावा करने वाले एक्टिविस्ट को FIR की कॉपी नहीं दे सकते: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा
गैर-कानूनी हिरासत का दावा करने वाले एक्टिविस्ट को FIR की कॉपी नहीं दे सकते: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा

दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वे उन अलग-अलग एक्टिविस्ट के खिलाफ दर्ज FIR की कॉपी नहीं दे सकते, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने रविवार को एक स्पेशल सुनवाई की और एहसानुल हक, राजबीर और सागरिका राजोरा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता एहसानुल हक की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने कहा कि स्थिति "चिंताजनक" है।...