दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली पुलिस SI भर्ती: पुरुषों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी, महिलाओं के लिए अलग नियम भेदभाव नहीं- हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए वैध हल्के मोटर वाहन (LMV) ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता सही है और महिलाओं के लिए इस शर्त का न होना भेदभाव नहीं माना जाएगा।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने इस मामले में दायर याचिका खारिज करते हुए कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती अधिसूचना को वैध ठहराया।याचिकाकर्ता का तर्क था कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करना जबकि...
LPG की कमी पर हाईकोर्ट सख्त, जनहित याचिका खारिज कर कहा- यह कार्यपालिका का विषय
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में LPG की कथित कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह कार्यपालिका के दायरे में आता है और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि जब केंद्र सरकार पहले से ही स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है। तब अदालत किसी प्रकार का आदेश (मंडामस) जारी नहीं कर सकती।यह याचिका वकील राकेश कुमार मित्तल ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तु होने के...
कोर्ट वीडियो प्रसारण मामले में जस्टिस तेजस कारिया ने सुनवाई से खुद को अलग किया, केजरीवाल के खिलाफ अवमानना याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रसारण से जुड़े मामले में जस्टिस तेजस कारिया ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस कारिया की खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि यह मामला अब किसी अन्य बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें जस्टिस कारिया शामिल न हों।मामले का विवरणयह जनहित याचिका अधिवक्ता वैभव सिंह द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के साथ-साथ पत्रकार...
खुले कारागारों के विस्तार पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर मामला किया दर्ज
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में खुले कारागारों की स्थापना, संचालन और विस्तार सुनिश्चित करने के लिए स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। यह कदम सुप्रीम कोर्ट हालिया निर्देशों के पालन में उठाया गया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने यह आदेश उस फैसले के संदर्भ में दिया. जो 26 फरवरी को 'सुहास चकमा बनाम भारत संघ व अन्य' मामले में पारित हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खुले सुधारात्मक संस्थानों की आवश्यकता और व्यवहार्यता का आकलन...
तीन दशक पुराने भुगतान दावों पर झटका: दिल्ली हाईकोर्ट ने कश्मीरी प्रवासी ठेकेदारों की अपील खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी ठेकेदारों की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने 1989 से पहले किए गए सरकारी कामों के लंबित भुगतानों की मांग की थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार किया कि इतने लंबे समय के बाद दावों की पुष्टि के लिए आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने सिंगल जस्टिस का फैसला बरकरार रखा। ठेकेदारों का कहना था कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों के लिए काम किया,...
जजों के परिजनों के पेशे को आधार बनाकर पक्षपात का आरोप नहीं लगाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि जजों के बच्चों का सरकारी वकील पैनल में होना पक्षपात का आधार माना जाए तो देश के कई जजों को सुनवाई से खुद को अलग करना पड़ेगा।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने आबकारी नीति मामले की सुनवाई से जज के अलग होने की मांग की थी।केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को केंद्र सरकार की ओर से कई मामलों में वकील के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे...
जज की आलोचना पर बोला दिल्ली हाईकोर्ट, कहा- आलोचना ज़िम्मेदार और ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जजों की आलोचना ज़िम्मेदार और ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए, क्योंकि जब उन पर हमले होते हैं - खासकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर - तो वे सार्वजनिक रूप से अपना बचाव नहीं कर सकते।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने कहा कि कोई भी आलोचना ठोस आधार पर होनी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि जज के पास सार्वजनिक रूप से अपने कामों को सही ठहराने का कोई ज़रिया नहीं होता।कोर्ट ने कहा,"अगर किसी को किसी न्यायिक अधिकारी की ईमानदारी या काबिलियत पर सवाल उठाना है तो यह...
बेटी के स्कूल दाखिले के लिए दहेज मृत्यु मामले के आरोपी को 15 दिन की अंतरिम जमानत: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज मृत्यु के मामले में आरोपी को अपनी बेटी के स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल सीमित उद्देश्य और निर्धारित अवधि के लिए ही दी जा रही है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आरोपी रिहान खान उर्फ दुलारे की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं 498ए, 304बी, 120बी, 313 और 511 के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप हैं।सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया...
देश विरोधी नैरेटिव फैलाने के कारण लगाई गई 4PM चैनल पर रोक: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
दिल्ली हाइकोर्ट में केंद्र सरकार ने 4PM नामक यूट्यूब चैनल पर लगाई गई रोक का बचाव करते हुए कहा कि यह मंच देश विरोधी प्रचार और एकतरफा नैरेटिव फैलाने में लिप्त था। सरकार ने कहा कि चैनल की सामग्री भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाई गई।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि इस चैनल पर लगातार ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो कल्पनाओं, षड्यंत्र सिद्धांतों और भ्रामक तथ्यों पर आधारित थी। सरकार के अनुसार इन वीडियो में भारत की विदेश नीति, रक्षा,...
फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन रैकेट: RTO क्लर्क को अग्रिम जमानत से इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने देशभर में फैले कथित फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन गिरोह से जुड़े एक RTO क्लर्क को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और जांच के स्तर को देखते हुए यह राहत देना उचित नहीं है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आरोपी गौरव भारद्वाज की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज है और मामले की जांच अपराध शाखा कर रही है।अभियोजन के अनुसार आरोपी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित RTO कार्यालय में क्लर्क के रूप...
टोल कलेक्शन की रियल-टाइम निगरानी के लिए तकनीकी सिस्टम लागू करे NHAI: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिया है कि वह टोल कलेक्शन की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक स्वचालित, तकनीक-आधारित सिस्टम विकसित करे, ताकि “विंडफॉल गेन” जैसी स्थितियों की समय रहते पहचान कर सार्वजनिक धन के नुकसान को रोका जा सके।यह निर्देश महाराष्ट्र के पावनगांव टोल प्लाजा से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें टोल कलेक्शन अनुबंध को समय से पहले समाप्त किए जाने को चुनौती दी गई थी।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने अनुबंध समाप्ति को...
अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा, AI दुरुपयोग और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दक्षिण भारतीय एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी की रक्षा करते हुए एक अहम अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने बिना अनुमति उनके नाम, छवि, आवाज, शैली और अन्य विशिष्ट पहचान के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाई। साथ ही AI, डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री के जरिए दुरुपयोग को भी प्रतिबंधित किया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि एक्टर की पहचान से जुड़े तत्व जैसे नाम, रूप-रंग, आवाज, संवाद बोलने का अंदाज, हाव-भाव और पहनावा उनकी विशिष्ट पहचान हैं और इन पर उनका विशेष अधिकार है।यह आदेश उस वाद में पारित...
अंतरदेशीय गोद लेने में 'NOC' देना जरूरी, केवल सपोर्ट लेटर से काम नहीं चलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि अंतरदेशीय गोद लेने के मामलों में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कारा को विदेशी मंजूरियां सुनिश्चित कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करना अनिवार्य है केवल सपोर्ट लेटर देकर दायित्व पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें दत्तक माता-पिता ने अपने बच्चे को कनाडा ले जाने के लिए NOC की मांग की थी। दंपत्ति ने हिंदू दत्तक और भरण-पोषण...
बैंक गार्ड की नौकरी में आपराधिक जानकारी छिपाना गंभीर, नियुक्ति रद्द करना सही: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक में गार्ड जैसे पद पर नियुक्ति के दौरान उम्मीदवार के आपराधिक पृष्ठभूमि की पूरी और सच्ची जानकारी देना अनिवार्य है, क्योंकि इस पद में हथियारों का उपयोग शामिल होता है। कोर्ट ने इसी आधार पर एक बैंक गार्ड की सेवा समाप्ति को सही ठहराया।जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कार्यरत गार्ड की याचिका खारिज की, जिसने अपनी सेवा समाप्ति को चुनौती दी थी।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने नियुक्ति के समय भरे गए सत्यापन फॉर्म में यह बताया था कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक...
BREAKING | अरविंद केजरीवाल के मामले की सुनवाई से नहीं हटेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, याचिका खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों द्वारा दायर उन अर्जियों को खारिज किया, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग की गई थी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि सिर्फ इसलिए कि उनके बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं, यह नहीं माना जा सकता कि उनके मन में केजरीवाल के प्रति कोई पूर्वाग्रह है।जज ने आगे कहा कि किसी राजनेता को न्यायिक क्षमता का आकलन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"किसी जज की क्षमता का...
MCOCA मामले में पूर्व AAP MLA नरेश बाल्यान की जमानत याचिका से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को अलग किया
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग (recuse) कर लिया। यह याचिका महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दर्ज एक मामले में दायर की गई थी, जो कथित संगठित अपराध से जुड़ा है। न्यायमूर्ति शर्मा ने बिना कोई कारण बताए मामले से स्वयं को अलग किया और अब यह याचिका 23 अप्रैल को किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध की जाएगी।इससे पहले, जनवरी में एक समन्वय पीठ ने बाल्यान को कस्टडी...
जस्टिस एसके के बच्चों के सरकारी संबंधों पर टकराव का सवाल: केजरीवाल की दलील पर हाईकोर्ट ने जवाब किया रिकॉर्ड
दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ पक्षपात की आशंका को लेकर अपनी दलील दोहराई। उन्होंने कहा कि जस्टिस के बच्चों के केंद्र सरकार से सक्रिय पेशेवर संबंध हैं जिससे हितों के टकराव का प्रश्न उठता है।मामला शराब नीति प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय जांच एजेंसी की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस शर्मा के अलग होने की मांग की गई। केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होकर अपनी जवाबी दलील को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया।सॉलिसिटर...
CAPF के जिन जवानों की उम्र 31 जनवरी, 2019 से पहले 60 साल हो गई, वे रिटायरमेंट के बढ़े हुए फायदों के हकदार नहीं हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPFs) के रिटायर जवानों की तरफ से दायर कई रिट याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि जो लोग 31 जनवरी, 2019 तक 60 साल की उम्र पार कर चुके है, वे रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने से मिलने वाले पेंशन से जुड़े फायदों के हकदार नहीं हैं।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने BSF, CRPF, ITBP और SSB जैसी फोर्सेज के जवानों की तरफ से दायर याचिकाओं का ग्रुप खारिज किया। ये जवान 2011 से 2016 के बीच रिटायर हुए।उन्होंने कोर्ट के पहले के फैसले 'देव शर्मा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने NGT में 'बहुत ज़्यादा' फाइलिंग फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने आवेदन, अपील और अन्य तरह के आवेदन दाखिल करने के लिए "बहुत ज़्यादा" फीस लगाने को चुनौती दी गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की डिवीज़न बेंच ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ-साथ NGT से भी जवाब मांगा।यह याचिका अजय दुबे नामक व्यक्ति ने दायर की, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (प्रैक्टिसेस एंड प्रोसीजर) रूल्स, 2011 के अलग-अलग प्रावधानों के साथ-साथ एक ऑफिस ऑर्डर...
अल्लू अर्जुन के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए आदेश पारित करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट तेलुगू एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनैलिटी राइट्स को बचाने के लिए अंतरिम आदेश जारी करेगा।जस्टिस तुषार राव गेडेला एक्टर के नाम, तस्वीरों, आवाज़ वगैरह जैसी पर्सनैलिटी से जुड़ी चीज़ों के बिना उनकी इजाज़त और सहमति के गलत इस्तेमाल के खिलाफ यह आदेश जारी करेंगे।एक्टर की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार ने कोर्ट को उन विवादित चीज़ों के बारे में बताया, जिनमें डिफेंडेंट अर्जुन की तस्वीरों का इस्तेमाल करके सामान बेच रहे हैं। साथ ही अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री और AI चैटबॉट का भी...


















