दिल्ली हाईकोर्ट

दुर्भाग्यपूर्ण: दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालतों में अंधाधुंध स्थगन की संस्कृति पर जताई चिंता, भविष्य में बदलाव की जताई उम्मीद
दुर्भाग्यपूर्ण: दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालतों में अंधाधुंध स्थगन की संस्कृति पर जताई चिंता, भविष्य में बदलाव की जताई उम्मीद

दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालतों में बार-बार और बिना ठोस कारण के स्थगन मांगे जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।न्यायालय ने कहा कि समय के साथ एक ऐसी संस्कृति विकसित हो गई है, जिसमें यह गलत अपेक्षा बन गई कि किसी भी मामले में केवल मांग करने पर ही स्थगन मिल जाएगा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें आशा है कि भविष्य में अदालतों में स्थगन मांगने की यह प्रवृत्ति बदलेगी।उन्होंने कहा कि स्थगन इस तरह मांगे जा रहे हैं, जैसे यह एक स्वाभाविक...

विदेशी आय को सीधे भारतीय मुद्रा में बदलकर भरण–पोषण तय नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
विदेशी आय को सीधे भारतीय मुद्रा में बदलकर भरण–पोषण तय नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि पति की विदेशी आय को यांत्रिक तरीके से भारतीय मुद्रा में परिवर्तित कर पत्नी के भरण–पोषण की राशि तय नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर कि पति विदेश में कमाता है, उसकी आय को सीधे रुपये में बदलकर भारतीय अदालतों द्वारा विकसित फार्मूलों को लागू करना उचित नहीं होगा जब तक कि मामले की परिस्थितियों पर समुचित रूप से विचार न किया जाए।जस्टिस अमित महाजन ने यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें पति और पत्नी दोनों ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती...

दिल्ली हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए जॉन डो ऑर्डर पास किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए जॉन डो ऑर्डर पास किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने आंध्र प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए एक जॉन डो अंतरिम आदेश पारित किया।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि प्रतिवादी कल्याण के नाम, शक्ल, आवाज़ और इमेज का इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना, सीधे या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए, कमर्शियल फायदे के लिए सामान बेचने के लिए कर रहे थे।कोर्ट ने कहा कि उल्लंघन करने वाले प्रतिवादियों द्वारा उनकी विशेषताओं का ऐसा अनधिकृत इस्तेमाल, पहली नज़र में, कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है।इसमें...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिरुपति लड्डू में मिलावट मामले की रिपोर्टिंग के खिलाफ मानहानि केस में YSRCP नेता को एकतरफा रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने तिरुपति लड्डू में मिलावट मामले की रिपोर्टिंग के खिलाफ मानहानि केस में YSRCP नेता को एकतरफा रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में YSRCP नेता वाई. वी. सुब्बा रेड्डी को तिरुपति लड्डू में मिलावट मामले की मीडिया रिपोर्टिंग के खिलाफ दायर मानहानि केस में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अमित बंसल रेड्डी के पक्ष में और प्रतिवादियों के खिलाफ विवादित प्रकाशनों या लेखों पर एकतरफा अंतरिम रोक लगाने के पक्ष में नहीं थे।कोर्ट ने कहा कि पहली नज़र में प्रतिवादियों को उनके लेखों के संबंध में अपना बचाव पेश करने का मौका देना ही उचित होगा।कोर्ट ने कहा,"हालांकि, यह साफ किया जाता है कि आज के बाद किए गए किसी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कोमा में पड़े पति की पत्नी को कानूनी अभिभावक नियुक्त किया, पेरेंस पेट्रिया ज्यूरिस्डिक्शन का इस्तेमाल किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कोमा में पड़े पति की पत्नी को कानूनी अभिभावक नियुक्त किया, पेरेंस पेट्रिया ज्यूरिस्डिक्शन का इस्तेमाल किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पत्नी को उसके पति का कानूनी अभिभावक नियुक्त किया, जो फरवरी 2025 में "इंट्राक्रेनियल हेमरेज" के बाद से वेजिटेटिव या कोमा की स्थिति में है।जस्टिस सचिन दत्ता ने कानूनी वारिस या जीवनसाथी को कानूनी अभिभावक नियुक्त करने के लिए पेरेंस पेट्रिया ज्यूरिस्डिक्शन का इस्तेमाल किया।कोर्ट ने निर्देश दिया कि पत्नी प्रोफेसर अलका आचार्य को उनके मेडिकल इलाज, देखभाल, रोज़ाना के खर्च, फाइनेंस, मैनेजमेंट या उनकी संपत्ति से जुड़े मामलों में फैसले लेने का अधिकार होगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्नी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं द्वारा दर्ज हर हमले की FIR में हाथ मारा शब्द डालने के लिए पुलिस की आलोचना की
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं द्वारा दर्ज हर हमले की FIR में 'हाथ मारा' शब्द डालने के लिए पुलिस की आलोचना की

इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी महिला पर हमले या उसकी इज्Hत को ठेस पहुंचाने के आरोप वाली हर FIR में "हाथ मारा" शब्द का ज़िक्र होता है, जिसे शिकायतकर्ता ने मंज़ूरी नहीं दी होती।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि यह स्थिति "कानून का घोर दुरुपयोग" है और सभी पुलिस स्टेशनों के स्तर पर इस पर सोचने की ज़रूरत है।कोर्ट ने कहा,"यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि धारा 354 के तहत हर FIR में आमतौर पर 'हाथ मारा' शब्द लिखा जा रहा है, जिसे शिकायतकर्ता ने मंज़ूरी नहीं दी। यह कानून का...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मार्क से समानता के कारण IGBC नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मार्क से समानता के कारण IGBC नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुंबई की डेमिंग सर्टिफिकेशन सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड को “इंटरनेशनल ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल,” “IGBC,” या यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (USGBC) के मार्क से मिलते-जुलते किसी भी मार्क का इस्तेमाल करने से स्थायी रूप से रोक दिया है।कोर्ट ने कहा कि यह इस्तेमाल USGBC के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क का उल्लंघन है। USGBC नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइज़ेशन है, जो बिल्डिंग डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन में सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देता है और ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन सर्विसेज़ देता है। यह कॉपीराइट का...

रोज़गार अनुबंध अधिकार का वैध प्रमाण, आविष्कारक की मृत्यु के बाद भी पेटेंट आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
रोज़गार अनुबंध अधिकार का वैध प्रमाण, आविष्कारक की मृत्यु के बाद भी पेटेंट आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने निप्पॉन स्टील कॉरपोरेशन के एक पेटेंट आवेदन खारिज करने वाले पेटेंट ऑफिस का आदेश रद्द कर दिया। यह आवेदन “हाई-स्ट्रेंथ स्टील शीट और उसकी निर्माण विधि” से संबंधित था। अदालत ने स्पष्ट किया कि रोजगार (एम्प्लॉयमेंट) अनुबंध पेटेंट के लिए आवेदन करने के अधिकार का वैध प्रमाण हो सकता है, भले ही संबंधित आविष्कारक का निधन हो चुका हो।जस्टिस तेजस कारिया ने 24 दिसंबर, 2025 को दिए अपने फैसले में कहा कि पेटेंट ऑफिस ने यह मानकर गंभीर त्रुटि की कि निप्पॉन स्टील अपने “प्रूफ ऑफ राइट” यानी पेटेंट के...

मूल अपराध में तो चार्जशीट, न ही समन: PMLA मामले में महिला आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत
मूल अपराध में तो चार्जशीट, न ही समन: PMLA मामले में महिला आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत

दिल्ली हाईकोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत दर्ज एक मामले में महिला आरोपी को जमानत देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जिस महिला को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया, वह न तो मूल अपराध में पुलिस द्वारा चार्जशीट की गई और न ही मजिस्ट्रेट द्वारा समन जारी किया गया।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि पुलिस जांच के स्तर पर भी आवेदिका को दोषी नहीं पाया गया और निजी शिकायत की कार्यवाही में भी मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मैकेनिकल फोल्डिंग डिवाइस से जुड़ा पेटेंट आवेदन बहाल किया, पेटेंट ऑफ़िस का आदेश रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मैकेनिकल फोल्डिंग डिवाइस से जुड़ा पेटेंट आवेदन बहाल किया, पेटेंट ऑफ़िस का आदेश रद्द किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने आविष्कारक रेशम प्रियदर्शिनी द्वारा दायर एक पेटेंट आवेदन खारिज करने के पेटेंट कार्यालय का आदेश रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि पेटेंट आवेदन को अधूरी और गलत व्याख्या के आधार पर अस्वीकार किया गया तथा मामले को नए सिरे से विचार के लिए पेटेंट कार्यालय को वापस भेज दिया।24 दिसंबर, 2025 को दिए गए फैसले में जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एकल पीठ ने कहा कि पेटेंट कार्यालय ने आवेदन में किए गए दावों, आश्रित दावों ड्रॉइंग्स और विस्तृत विनिर्देशों की समुचित जांच किए बिना ही यह निष्कर्ष...

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर NTR जूनियर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए जॉन डो ऑर्डर पास किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर NTR जूनियर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए जॉन डो ऑर्डर पास किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर नंदामुरी तारक रामा राव, जिन्हें NTR जूनियर के नाम से जाना जाता है, उनके पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए एक जॉन डो ऑर्डर पास किया।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने कहा कि राव भारत में एक जाना-माना चेहरा हैं, जिन्होंने अपने सफल करियर में बहुत ज़्यादा सद्भावना और प्रतिष्ठा हासिल की है और एक सेलिब्रिटी का दर्जा पाया।कोर्ट ने कहा,"इसलिए पहली नज़र में वादी के व्यक्तित्व के गुण और/या उसके हिस्से, जिसमें वादी का नाम, शक्ल और इमेज शामिल हैं, वादी के पर्सनैलिटी राइट्स के रक्षा...

यमुना के बाढ़ वाले इलाकों में कोई कंस्ट्रक्शन या रिहायश की इजाज़त नहीं, कब्रिस्तान के बहाने भी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
यमुना के बाढ़ वाले इलाकों में कोई कंस्ट्रक्शन या रिहायश की इजाज़त नहीं, कब्रिस्तान के बहाने भी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यमुना के बाढ़ वाले इलाकों में कोई कंस्ट्रक्शन या रिहायशी कब्ज़ा करने की इजाज़त नहीं है, भले ही ऐसा कब्ज़ा कब्रिस्तान या धार्मिक इस्तेमाल के बहाने ही क्यों न किया जा रहा हो।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने कहा,"बाढ़ वाले इलाकों में लोगों को कब्रिस्तान या किसी और मकसद से अपने घर, मकान, शेड वगैरह बनाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।"यह बात यमुना नदी के किनारे और बाढ़ वाले इलाकों में अवैध कंस्ट्रक्शन को रोकने के लिए दायर एक याचिका पर...

कलंक लगाकर बिना सुनवाई बर्खास्तगी बर्दाश्त नहीं: सिविल डिफेंस एक्ट की धारा पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
कलंक लगाकर बिना सुनवाई बर्खास्तगी बर्दाश्त नहीं: सिविल डिफेंस एक्ट की धारा पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविल डिफेंस एक्ट, 1968 की धारा 6(2) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस धारा का उपयोग किसी स्वयंसेवक पर 'कलंक' लगाकर उसे बिना सुनवाई के सेवा से बाहर करने के लिए एक 'ढाल' के रूप में नहीं कर सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने उन सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है, जिन्हें COVID-19 महामारी के दौरान ड्यूटी पर कथित रूप से रिपोर्ट न करने के कारण अवांछनीय...

दिवालिया कार्यवाही के कारण खाते अवरुद्ध होने पर चेक बाउंस का आपराधिक मामला नहीं बनता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिवालिया कार्यवाही के कारण खाते अवरुद्ध होने पर चेक बाउंस का आपराधिक मामला नहीं बनता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक अनादर से जुड़े तीन आपराधिक मामलों को रद्द करते हुए दोहराया कि यदि दिवालिया कानून के तहत बैंक खाते अवरुद्ध हों तो ऐसे मामलों में चेक बाउंस के आधार पर आपराधिक अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने सुमेरु प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक फरहाद सूरी और धीरन नवलखा द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां भुगतान धनराशि की कमी के कारण विफल होता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूरोफेन से मिलते-जुलते नाम पर लगाई रोक, डेका-न्यूरोफेन ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने के निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'न्यूरोफेन' से मिलते-जुलते नाम पर लगाई रोक, 'डेका-न्यूरोफेन' ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध दर्द निवारक दवा 'NUROFEN' से समानता पाए जाने पर 'DECA-NEUROPHEN' ट्रेडमार्क को ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। अदालत ने माना कि दोनों नामों में दृश्य और ध्वन्यात्मक समानता है, जिससे उपभोक्ताओं, चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के बीच भ्रम की वास्तविक आशंका पैदा होती है।जस्टिस तेजस करिया ने 24 दिसंबर, 2025 को यह आदेश पारित करते हुए रेकिट एंड कोलमैन ओवरसीज हेल्थ लिमिटेड की अपील स्वीकार की। अदालत ने ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत फरवरी...

ED जांच के दौरान गवाह या संदिग्ध के तौर पर बुलाए गए व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं किए जा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
ED जांच के दौरान गवाह या संदिग्ध के तौर पर बुलाए गए व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी नहीं किए जा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग जांच में सिर्फ गवाह या संदिग्ध के तौर पर बुलाए गए व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBWs) जारी नहीं किए जा सकते, जब तक कि उस व्यक्ति पर गैर-जमानती अपराध का आरोप साबित न हो जाए।जस्टिस अमित शर्मा ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा UK के बिजनेसमैन सचिन देव दुग्गल के खिलाफ जारी किए गए NBWs को रद्द कर दिया।ED ने इस आधार पर NBWs जारी करने की मांग की थी कि याचिकाकर्ता मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम की धारा 50 के तहत जारी समन के...

कानून से टकराव वाले नाबालिग की प्राइवेसी, बरी करने के आदेश की कॉपी मांगने वाले पीड़ित के अनुरोध से ज़्यादा ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
कानून से टकराव वाले नाबालिग की प्राइवेसी, बरी करने के आदेश की कॉपी मांगने वाले पीड़ित के अनुरोध से ज़्यादा ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़ित को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा आरोपी को बरी करने के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मांगने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि ऐसे आदेशों के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती।जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (JJ Act), जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) द्वारा पारित बरी करने के आदेश के खिलाफ अपील पर स्पष्ट रूप से रोक लगाता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा,"जहां कानून में अपील का कोई अधिकार नहीं है, वहां चुनौती देने के उद्देश्य से आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मांगने का...

दिल्ली की हवा आपातकाल जैसी: हाईकोर्ट ने केंद्र से एयर प्यूरीफायर पर लगी अस्थायी GST राहत पर विचार करने को कहा
दिल्ली की हवा आपातकाल जैसी: हाईकोर्ट ने केंद्र से एयर प्यूरीफायर पर लगी अस्थायी GST राहत पर विचार करने को कहा

दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे आपातकालीन स्थिति करार दिया और केंद्र सरकार से एयर प्यूरीफायर पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) में अस्थायी राहत देने पर विचार करने को कहा।कोर्ट ने कहा कि कम से कम अस्थायी तौर पर एक सप्ताह या एक महीने के लिए GST में छूट दी जानी चाहिए।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ एयर प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस घोषित करने और उन पर लगने वाले 18 प्रतिशत GST को हटाने की मांग वाली जनहित याचिका पर...

POCSO Act की धारा 5(सी) लागू नहीं: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद क्यों निलंबित हुई, दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया
POCSO Act की धारा 5(सी) लागू नहीं: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद क्यों निलंबित हुई, दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करते हुए अहम कानूनी टिप्पणी की।हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि सेंगर के खिलाफ POCSO Act की धारा 5(सी) के तहत गंभीर (एग्रेवेटेड) यौन अपराध का मामला नहीं बनता, जिस आधार पर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी थी।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि सेंगर को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(सी) या भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(बी)...