ओपन जेल के कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल पर जल्द बनाएं SOP: दिल्ली हाईकोर्ट

Praveen Mishra

1 Nov 2025 3:52 PM IST

  • ओपन जेल के कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल पर जल्द बनाएं SOP: दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट ने महानिदेशक (जेल) को निर्देश दिया है कि वे खुली जेल (ओपन प्रिजन) के कैदियों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर आठ हफ्तों में लागू करें।

    जस्टिस संजीव नारूला ने कहा कि यह SOP या तो कैदियों को नियमानुसार मोबाइल रखने की अनुमति दे या फिर एक सुरक्षित प्रणाली बनाए, जिसमें वे जेल परिसर में प्रवेश के समय मोबाइल जमा कर सकें और बाहर निकलते समय वापस ले सकें।

    यह आदेश एक आजीवन कारावास भुगत रहे कैदी की याचिका पर आया, जिसने अपने खिलाफ 2020 में दी गई सजा और खुली जेल से बंद जेल में स्थानांतरण को चुनौती दी थी। निरीक्षण के दौरान उसके पास मोबाइल फोन, दो सिम और दो चार्जर मिले थे, जिसके बाद उसकी जेल सुविधाएं निलंबित कर दी गईं और उसे बंद जेल भेज दिया गया।

    अदालत ने कहा कि दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत किसी सजा या स्थानांतरण से पहले न्यायिक अनुमति आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं ली गई। इसलिए, कैदी का स्थानांतरण आदेश रद्द किया गया।

    न्यायालय ने यह भी कहा कि खुली जेलों में कैदियों के लिए मोबाइल फोन परिवार से संपर्क और आवश्यक कार्यों के लिए जरूरी है, इसलिए यदि भीतर मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है, तो उसके लिए स्पष्ट जमा-वापसी व्यवस्था होनी चाहिए।

    अंत में अदालत ने चयन समिति को निर्देश दिया कि वह कैदी के स्थानांतरण पर पुनर्विचार कर एक सप्ताह के भीतर नया निर्णय ले।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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