मुख्य सुर्खियां
'गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की गंभीर निंदा आवश्यक', पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मेडिकल कर्मचारियों को कमरे में बंद करने की आरोपी महिला को अग्रिम-ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार (19 अगस्त) को एक महिला को गिरफ्तारी- पूर्व जमानत का लाभ देने से इनकार कर दिया। दरअसल, इस महिला ने मेडिकल/पैरा-मेडिकल के कुछ कर्मचारियों और उनकी टीम के कुछ सदस्यों को एक कमरे के अंदर बंद कर दिया था और उसके बाद 'XXXX' के शव को मुर्दाघर से हटा दिया था। न्यायमूर्ति तेजिंदर सिंह ढींडसा की पीठ ने संदीप कौर की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की, जिस महिला के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 297, 454, 353, 186, 342, 270, 120-B & 188 IPC, सार्वजनिक...
यौन शोषण के मामलों में ट्रायल कोर्ट को पीड़िता से अशिष्ट, अश्लील व अभद्र सवाल पूछने की अनुमति नहीं देनी चाहिए : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि बलात्कार के मामलों में पीड़िता से ''अशिष्ट, अश्लील व अभद्र सवाल'' पूछने की अनुमति ट्रायल कोर्ट को नहीं देनी चाहिए। साथ ही हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने रजिस्ट्रार जनरल से कहा है कि वह पंजाब,हरियाणा व चंडीगढ़ में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों को सुनने वाले पीठासीन अधिकारियों/विशेष कोर्ट को उनकी उपरोक्त टिप्पणी का प्रसार कर दें या उनको इस संबंध में सूचित कर दें। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का इस तरह का आचरण 'पंजाब राज्य...
NEET, JEE स्थगित नहीं की जाएंगी : केंद्रीय मंत्री
इस वर्ष NEET 2020 और संयुक्त प्रवेश परीक्षा ( JEE) स्थगित नहीं की जाएगी, NDTV ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सरकारी सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। NEET-JEE को स्थगित करने के लिए छात्रों द्वारा एक विशाल सोशल मीडिया अभियान के बीच यह खबर आई है। इससे पहले दिन में, राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधान मंत्री को लिखा था और बढ़ते COVID-19 मामलों के मद्देनजर परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए परीक्षा स्थगित...
NDPS एक्टः बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना, जांच की प्रगति का खुलासा ना हो तो जांच की अवधि बढ़ाने का आवेदन सुनवाई योग्य नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटैंस एक्ट, 1985 के तहत, जांच का समय बढ़ाने के लिए दी गई अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है, अगर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 36 ए की उपधारा (4) की शर्त की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है । एनडीपीएस अधिनियम की धारा 36 ए की उपधारा (4) की शर्त के तहत विस्तार की रिपोर्ट के लिए एक आवश्यकता एक यह है कि इससे जांच की प्रगति का खुलासा होना चाहिए। धारा 36 ए (4) के अनुसार, कोर्ट लोक अभियोजक की रिपोर्ट पर, जिसमें "जांच की प्रगति का संकेत" हो और 180...
'सुरक्षा-कवर कोई आनंद की वस्तु नहीं, इसमें करदाताओं का पैसा लगता है', राजनेताओं और अन्य व्यक्तियों को बेवजह मिले सुरक्षा कवर पर J&K हाईकोर्ट सख्त
जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने, राजनेताओं और अन्य व्यक्तियों को "कमजोर आधार" (Flimsy Ground) पर प्रदान की जाने वाली सुरक्षा (जोकि करदाताओं द्वारा वित्त पोषित होती है) ताकि वे सुरक्षा गार्ड का उपयोग "स्टेटस सिम्बल" के रूप में कर सकें, उसके प्रति अपनी अस्वीकृति व्यक्त की है। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ द्वारा यह अस्वीकृति दर्ज करते हुए, कई साल पहले प्रदान की गई सुरक्षा को जारी रखने की याचिकाओं पर जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव और पुलिस प्रमुख को यह निर्देश दिए कि वे निजी या राजनीतिक व्यक्तियों...
" भगवान जगन्नाथ ने हमें माफ कर दिया, आपको आपका भगवान माफ कर देगा" : सुप्रीम कोर्ट ने पर्यूषण पर्व के दौरान जैन ट्रस्ट को मंदिर खोलने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दादर, बायकुला और चेंबूर के मंदिरों में पूजा करने के लिए श्री पार्श्वतिलक श्वेतांबर मुर्तिपुजक जैन ट्रस्ट को पर्यूषण पर्व उत्सव के दौरान जैन मंदिरों को खुला रखने की अनुमति दी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने मंदिर ट्रस्ट को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया है कि इस आदेश से किसी अन्य ट्रस्ट या मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ेगा - विशेष रूप से गणेश चतुर्थी पर, जिस पर सरकार मेरिट...
POCSO मामलों की जांच में पेशेवर दक्षता का स्पष्ट अभाव : केरल हाईकोर्ट जारी करेगा दिशानिर्देश
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि POCSO (बाल यौन अपराधों से संरक्षण) मामलों की जांच में पेशेवर अंदाज की स्पष्ट कमी नजर आती है। न्यायमूर्ति पी बी सुरेश कुमार ने एक आपराधिक अपील पर विचार करते हुए कहा कि वह पॉक्सो मामलों में जांच और ट्रायल को लेकर कुछ सामान्य दिशानिर्देश जारी करेंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख मुकर्रर करते हुए राज्य के लोक अभियोजक (सरकारी वकील) और केरल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को नोटिस जारी किये। कोर्ट ने कहा कि वह इस क्षेत्र में न्यायिक डिलीवरी की...
आजीवन कारावास की सजा देते हुए ट्रायल कोर्ट के पास यह शक्ति नहीं है कि वह प्राकृतिक मौत होने तक या सजा में छूट न देने की बात कहते हुए सजा की अवधि भी निश्चित करे
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बार फिर से इस बात की पुष्टि की है कि ट्रायल कोर्ट के पास यह आदेश देने की शक्ति नहीं है कि वह आजीवन कारावास की सजा को प्राकृतिक मौत होने तक चलने का आदेश दे सके या यह आदेश दे कि आरोपी को सजा में कोई छूट नहीं दी जाएगी। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला दिया। पीठ ने कहा है कि ''वी श्रीहरन'' मामले में शीर्ष अदालत की संविधान पीठ द्वारा व्यक्त किए गए विचार के अनुसार यह शक्ति केवल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पास ही है।यह फैसला देने...
यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक : कर्नाटक हाईकोर्ट को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने बताया
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया है कि यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग वैकल्पिक है,न कि अनिवार्य। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अशोक एस किन्गी की खंडपीठ ने एएआई के वकील द्वारा दिए गए बयान को दर्ज करते हुए कहा कि वह अब अलग-अलग सरकारी विभागों द्वारा जारी किए गए व्यक्तिगत मानक संचालन प्रक्रियाओं पर निर्णय लेने के बजाय याचिकाकर्ता अनिवार ए अरविंद की तरफ से दायर याचिका में मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार करेंगे।इस लंबित रिट याचिका में अंतरिम...
कथित तौर पर पुलिस हिरासत से गायब होने का मामला : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापता बीएचयू छात्र के मामले में लिया संज्ञान
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उस पत्र याचिका पर संज्ञान ले लिया है,जो मुख्य न्यायाधीश को वाराणसी से लापता एक छात्र के संबंध में लिखा गया था। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि छह महीने पहले यह छात्र कथित रूप से पुलिस हिरासत से गायब हो गया था। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही सरकारी वकील को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई पर संक्षिप्त जवाबी हलफनामे के रूप में तथ्यों का पूरा विवरण दायर करें। बनारस हिंदू...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना और अपने अधीनस्थ न्यायालयोंं द्वारा जारी अंतरिम आदेश को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद जारी और अपने अधीनस्थ न्यायालयोंं/ न्यायाधिकरणों द्वारा जारी अंतरिम आदेशों की मियाद 31 अक्टूबर तक के लिए बुधवार को बढ़ा दी। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने 'न्याय के हित में' इस बाबत एक न्यायिक आदेश जारी किया। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 148ए के तहत दायर कैविएट के अस्तित्व में 90 दिनों तक बने रहने की निर्धारित अवधि में से लॉकडाउन की अवधि और उस अवधि को भी बाहर रखा...
प्रत्यर्पण अनुरोध स्वीकार किये जाने तक अभियुक्त को किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट कोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अभियुक्त के खिलाफ प्रत्यर्पण का अनुरोध स्वीकार किये जाने तक उसे किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी विनय कुमार (याचिकाकर्ता) की रिट याचिका का निपटारा करते हुए की। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक की रकम के गबन के लिए सात अलग मामलों में विनय मित्तल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किये हैं। ट्रायल के दौरान याचिकाकर्ता भारत छोड़ चुका था और सीबीआई द्वारा शुरू किये गये मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष उपस्थित...
हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ आपराधिक केस दायर करने वाले न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उचित ठहराया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उस न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है जिन्होंने मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ आपराधिक केस दायर किए थे। छत्तीसगढ़ के न्यायिक अधिकारी प्रभाकर ग्वाल के मामले में बिना जांच के ही पूर्ण न्यायालय ने उसकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी, जिसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले में आरोप था कि इस अधिकारी ने अपनी पत्नी के माध्यम से तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला...
भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376A की वैधता को दी गई थी चुनौती, तेलंगाना हाईकोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
तेलंगाना हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक जनहित याचिका को खारिज़ कर दिया, जिसमें भारतीय दंड संहिता की कुछ धाराओं की वैधता को चुनौती दी गई थी। जनहित याचिका में किए गए मुख्य अनुरोध- (a) भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और धारा 376 ए की घोषणा करना, अब तक यह 16 साल से कम उम्र की महिलाओं के साथ बलात्कार के अपराध के लिए मृत्युदंड का प्रावधान नहीं करता है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है, और फलस्वरूप उस सीमा तक इसे असंवैधानिक घोषित करना। (b) संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के उल्लंघन...
गोद लेने से जैविक पिता के साथ रिश्ता खत्म नहीं होताः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल में दिए गए फैसले में एक नाबालिग लड़की के जन्म प्रमाण पत्र में मृतक जैविक पिता के नाम की जगह दत्तक पिता का नाम डालने से इनकार कर दिया। दत्तक पिता लड़की की जैविक मां का दूसरा पति है। अदालत किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 56 (2), गोद लेने के विनियमों (52) (4) और 55 (2) के साथ पढ़ें, के तहत मामले की सुनवाई कर रही थी। मामले में दत्तक पिता की नियुक्ति के लिए प्रार्थना की गई थी, (जैविक मां ने नाबालिग लड़की को अपने दूसरे पति को गोद देने के लिए...
अदालतों में शारीरिक रूप से कामकाज शुरू होने पर अधिवक्ता पूर्ण सहयोग करें और इसका पूरा उपयोग करें : बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ( BCD) ने अपने अध्यक्ष एडवोकेट केसी मित्तल के माध्यम से एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से अदालत के प्रतिबंधात्मक कामकाज की लंबी अवधि के दौरान होने वाली कठिनाई को कम करने के लिए अधिवक्ताओं से अदालत के शारीरिक रूप से शुरू होने का पूर्ण रूप से सहयोग करने और उसका उपयोग करने का अनुरोध किया है। 'अपील टू एडवोकेट्स' शीर्षक से जारी बयान में कहा गया है कि समन्वय समितियों और बार एसोसिएशनों और एडवोकेट जनरल के लिए यही समय है कि वे मुख्य...
COVID उपचार के संबंध में अस्पताल में आंदोलन की खबर के प्रकाशन के पीछे विद्वेषपूर्ण आशय का होना नहीं कहा जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने संपादक को अग्रिम ज़मानत दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार (17 अगस्त) को 'आनंदबाजार पत्रिका' के एक पूर्व संपादक को जमानत देते हुए कहा कि COVID रोगियों के उपचार के संबंध में एक सरकारी अस्पताल में सार्वजनिक आंदोलन को लेकर समाचार आइटम का प्रकाशन, विद्वेषपूर्ण आशय (Malicious Intention) से नहीं कहा जा सकता है। न्यायमूर्ति कौशिक चंद्रा एवं न्यायमूर्ति जोय्मल्या बागची की खंडपीठ ने यह बात उस मामले में कही, जहाँ संपादक/याचिकाकर्ता ने एक समाचार आइटम/रिपोर्ट का प्रकाशन किया था। क्या था यह मामला? दरअसल संपादक/याचिकाकर्ता ने उक्त...
''पुलिस इस मामले की जांच से अपना पल्ला झाड़ रही है " : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस आयुक्त को दिया निर्देश, पुलिस क्रूरता के कारण हुई मौत के मामले की जांच के लिए गठित करें एसआईटी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह 24 घंटे के अंदर ''एकदम स्वच्छ छवि और निर्विवाद क्षमता'' वाले दो अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम गठित करें ताकि वह विले पारले मेंं 22 वर्षीय व्यक्ति की मौत की जांच ''स्वतंत्र और निष्प्क्ष'' रूप से कर सकें। पारले पर लाॅकडाउन के दौरान 29 मार्च को पुलिस अधिकारियों ने हमला किया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की खंडपीठ इस मामले में एक वकील फिरदौस ईरानी की तरफ से...
[कुदाथयी मर्डर] मात्र इसलिए कि याचिकाकर्ता एक महिला है, वह जमानत की हकदार नहीं, केरल हाईकोर्ट ने रद्द की जॉली की जमानत
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इसलिए कि याचिकाकर्ता एक महिला है, वह जमानत की हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी कुदाथयी गांव की जॉली जोसेफ की जमानत याचिका को खारिज करते हुए की है। जॉली पर सायनाइड देकर अपने परिवार के छह सदस्यों की हत्या करने का आरोप है। उसने यह कृत्य 17 सालों की अवधि में किया था। जमानत याचिका की सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि एक महिला होने के कारण के आरोपी धारा 437 (1) सीआरपीसी के पहले प्रावधान की हकदार है, जिसमें कहा गया है कि 'अदालत यह निर्देश दे सकती है कि...
जमानत आवेदनों में वास्तविक शिकायतकर्ता को, उन मामलों को छोड़कर, जिनमें कानून ऐसा कहता हो, नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं हैः केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यायालय के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह वास्तविक (डिफैक्टो) शिकायतकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए एक स्वतः नोटिस जारी करे या उन मामलों को छोड़कर, जिसमें आपराधिक प्रक्रिया संहिता और अन्य अधिनियमों में ऐसा आग्रह किया गया हो या जमानत अदालत को लगता हो कि उस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में वास्तविक शिकायतकर्ता को भी सुना जाना है, को छोड़कर, अभियुक्त को निर्देश दे कि वह जमानत याचिका में वास्तविक शिकायतकर्ता को आरोपित करे। इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 420,...


















![[कुदाथयी मर्डर] मात्र इसलिए कि याचिकाकर्ता एक महिला है, वह जमानत की हकदार नहीं, केरल हाईकोर्ट ने रद्द की जॉली की जमानत [कुदाथयी मर्डर] मात्र इसलिए कि याचिकाकर्ता एक महिला है, वह जमानत की हकदार नहीं, केरल हाईकोर्ट ने रद्द की जॉली की जमानत](https://hindi.livelaw.in//356568--.jpg)