मुख्य सुर्खियां

समलैंगिक जोड़ों के लिए वैवाहिक समानताः दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा यह एक विरोधात्मक याचिका नहीं
समलैंगिक जोड़ों के लिए वैवाहिक समानताः दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा यह एक विरोधात्मक याचिका नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ और न्यायमूर्ति आशा मेनन की खंडपीठ ने बुधवार को दो समलैंगिक जोड़ों की तरफ से विवाह समानता की मांग करते हुए दायर याचिका पर सुनवाई की। श्री वैभव जैन और उनके साथी श्री पराग मेहता को भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सिर्फ लैंगिग-रूझान या सैक्सुअल ओरिएंटेशन के आधार पर उनकी शादी के पंजीकरण का प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था, जबकि डॉ कविता अरोड़ा और उनकी साथी सुश्री अंकिता खन्ना को पूर्वी दिल्ली स्थित एसडीएम के भवन में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया था। वह...

अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई मनमाने और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने की हद तक जा सकता है: पंजाब और हर‌ियाणा हाईकोर्ट ने यूट्यूबर की अग्र‌िम जमानत याचिका खारिज की
अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई मनमाने और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने की हद तक जा सकता है: पंजाब और हर‌ियाणा हाईकोर्ट ने यूट्यूबर की अग्र‌िम जमानत याचिका खारिज की

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार (09 अक्टूबर) एक यूट्यूबर को, जिस पर एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के खिलाफ अपने चैनल पर अपमानजनक सामग्री अपलोड करने का आरोप है, अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि "हालांकि भारत के प्रत्येक नागरिक के पास अपने विचार ‌को व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि कोई मनमाना और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने की हद तक जा सकता है।"जस्टिस एचएस मदान याचिकाकर्ता कपिल देव की अग्र‌िम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।...

कोर्ट मजबूर हालात में काम कर रहा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को जख्मी करने के मामले में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की पति की याचिका ठुकराई, जुर्माना भी लगाया
"कोर्ट मजबूर हालात में काम कर रहा है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को जख्मी करने के मामले में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की पति की याचिका ठुकराई, जुर्माना भी लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति की वह याचिका जुर्माने के साथ खारिज कर दी जिसमें उसने गला घोंटकर पत्नी को घायल करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 के तहत दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) निरस्त करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति संजय कुमार पचोरी की खंडपीठ ने यह याचिका दायर करने के लिए याचिकाकर्ता से गहरी नाराजगी भी जतायी और कहा कि कोर्ट मजबूर हालात में काम कर रहे हैं जहां बार और बेंच दोनों अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।कोर्ट ने आगे कहा,"यह याचिका कोर्ट की...

मद्रास हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार के खिलाफ लगाए गलत आरोपों के मामले में अधिवक्ता के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की; 5 लाख रुपए की लागत लगाई
मद्रास हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार के खिलाफ लगाए गलत आरोपों के मामले में अधिवक्ता के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की; 5 लाख रुपए की लागत लगाई

मद्रास हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि अधिवक्ता "गलत हलफनामा दायर करके नैतिक व्यवहार की सभी सीमाओं को लांघ गया है", वह भी संस्था (रजिस्ट्रार (सतर्कता) के एक महत्वपूर्ण कार्य के खिलाफ, ने सोमवार को उसके प्रैक्टिस के लाइसेंस को अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया।चीफ जस्टिस एपी साही और जस्टिस सेंथ‌िलकुमार रामामूर्ति ने आदेश दिया,"कानून की प्रैक्टिस का लाइसेंस एक गंभीर उद्यम है और इसे न्यायिक अधिकारी को गाली देने के लिए झूठ के इंजन के बदलने का प्रयास संभवत: एक सुनियोजित और षड्यंत्रकारी कदम हो सकता है,...

आवेदक के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले के आधार पर पासपोर्ट का नवीनीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
आवेदक के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले के आधार पर पासपोर्ट का नवीनीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि पासपोर्ट एक्ट की धारा 6 (2) (एफ), जिसके तहत पासपोर्ट प्राधिकरण उस व्यक्ति को नया पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर सकता है, जिसके खिलाफ भारत में आपराधिक मामला लंबित है, उन मामलों में लागू नहीं होगा ,जहां आवेदक अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की मांग कर रहा हो।न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की पीठ ने कहा कि,''पासपोर्ट एक्ट की धारा 6 (2) (एफ) को पढ़ने के बाद यह पता चलता है कि पासपोर्ट प्राधिकरण विदेशी देश में जाने के लिए पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी करने से इंकार कर सकता है,...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
'बार और बेंच, कोर्ट फंक्शनल रखने के लिए अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने के लिए दायर याचिका लागत के साथ खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिका खारिज कर दी जिसके अंतर्गत, एक पति द्वारा, अपनी पत्नी की गर्दन दबाकर उसे चोट पहुँचाने के चलते आईपीसी की धारा 307 के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गयी थी। न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति संजय कुमार पचोरी की खंडपीठ ने इस याचिका को दायर करने पर अपनी नाराज़गी जताई और नोट किया कि अदालत असाधारण परिस्थितियों में काम कर रही है, जिसमें बार और बेंच दोनों अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं।न्यायालय ने आगे कहा,"यह याचिका न्यायालय की प्रक्रिया का सरासर...

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार नंबर का इस्तेमाल अनिवार्य नहीं: भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने आरटीआई के जवाब में स्पष्ट किया
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार नंबर का इस्तेमाल अनिवार्य नहीं: भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने आरटीआई के जवाब में स्पष्ट किया

भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने स्पष्ट किया है कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार नंबर अनिवार्य नहीं है। यह स्पष्टीकरण आंध्र प्रदेश के निवासी एम. वी. एस. अनिल कुमार रजागिरि की ओर से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में आया है। उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार जरूरी है या नहीं?इस सिलसिले में दिये गये जवाब में तीन अप्रैल 2019 के सर्कुलर का हवाला दिया गया है, जिसमें गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि,"देश में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण रजिस्ट्रेशन ऑफ...

जिला न्यायाधीश ने वादी का अनुचित रूप से पक्ष  लिया : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने  न्यायाधीश से मांगा स्पष्टीकरण, केस ट्रांसफर किया
"जिला न्यायाधीश ने वादी का अनुचित रूप से पक्ष लिया" : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने न्यायाधीश से मांगा स्पष्टीकरण, केस ट्रांसफर किया

एक विशेष आदेश देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जिला न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने पाया है कि न्यायाधीश ने एक सूट के वादी के पक्ष में उसे अनुचित लाभ पहुंचाया है और अनुचित रूप से उसका पक्ष लिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। बैंक ने जिला न्यायाधीश नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) द्वारा पारित अंतरिम निषेधाज्ञा के एक आदेश को चुनौती दी थी। जिला न्यायाधीश ने बैंक को एक कंपनी के खिलाफ लगभग 100 करोड़ रुपये...

क्या आपने इसी तरह शव का अंतिम संस्कार किया होता यदि पीड़िता किसी समृद्ध परिवार से होती ? : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस डीएम से पूछा
"क्या आपने इसी तरह शव का अंतिम संस्कार किया होता यदि पीड़िता किसी समृद्ध परिवार से होती ?" : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस डीएम से पूछा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सोमवार को हाथरस गैंगरेप और हत्या मामले में 19 वर्षीय दलित महिला के शव का आधी रात को दाह संस्कार करने की घटना पर कड़ी नाराज़गी जताई। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजन रॉय की पीठ ने पुलिस अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेट को दोषी ठहराया, जिन्होंने कथित तौर पर पीड़िता के माता-पिता की सहमति के बिना, शव का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने का आदेश दिया। द वायर के अनुसार पीठ ने जिला मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार लक्सर से पूछा, "क्या आपने इसी तरह शव का अंतिम संस्कार...

विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिक से शादी करके स्वतः भारतीय नागरिक नहीं बनते; मतदाता पहचान पत्र, आधार, पैन आदि नागरिकता के प्रमाण नहीं: पटना ‌हाईकोर्ट
विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिक से शादी करके स्वतः भारतीय नागरिक नहीं बनते; मतदाता पहचान पत्र, आधार, पैन आदि नागरिकता के प्रमाण नहीं: पटना ‌हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने माना है कि एक विदेशी नागरिक, भारतीय नागरिक के साथ विवाह करने के बाद स्वत: भारतीय नागरिक नहीं बन जाता है। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की पीठ ने मात्र पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र; या आधार कार्ड भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि नेपाल की नागरिकता का त्याग भारतीय नागरिकता का अधिकार प्रदान नहीं करता है।पृष्ठभूमिमामले के तहत, किरण गुप्ता नेपाल में पैदा हुईं और पली-बढ़ीं। उन्होंने अशोक प्रसाद गुप्ता से 2003 में शादी की और स्थायी रूप से...

डीयू परीक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीजी और कुछ यूजी पाठ्यक्रमों के लिए परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया
डीयू परीक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट ने पीजी और कुछ यूजी पाठ्यक्रमों के लिए परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को अक्टूबर के अंत तक सभी स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति हेमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि परिणाम और मार्कशीट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड की जाए और कोई भी छात्र शारीरिक रूप से आने और इकट्ठा होने के लिए मजबूर न हो।दिल्ली विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन मार्कशीट में कोई राइडर या फुटनोट नहीं है, जो...

वैवाहिक मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर बन सकता है आपराधिक मानहानि का मामला :  कर्नाटक हाईकोर्ट
वैवाहिक मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर बन सकता है आपराधिक मानहानि का मामला : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महिला को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने पाया कि महिला द्वारा उसके पति के खिलाफ फैमिली कोर्ट के समक्ष दिया गया बयान 'आपराधिक मानहानि' के दायरे में आताा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत में दायर याचिकाएं और दिए गए बयान धारा 499 के अर्थ में 'प्रकाशन' के समान होते हैं, इसलिए अगर ऐसे बयान मानहानि करने वाले होते हैं तो सजा हो सकती है। न्यायमूर्ति डॉ एच.बी प्रभाकर शास्त्री ने सुषमा रानी की तरफ से दायर अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सुषमा...

पत्नी का दिल की बीमारी का खुलासा किए बिना शादी के लिए पति की सहमति प्राप्त करना धोखाधड़ी से कम नहीं है: केरल हाईकोर्ट
पत्नी का दिल की बीमारी का खुलासा किए बिना शादी के लिए पति की सहमति प्राप्त करना धोखाधड़ी से कम नहीं है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद में, जिसमें पत्नी ने अपनी हृदय संबंधी बीमारियों का खुलासा किए बिना, शादी के लिए पति की सहमति प्राप्त की थी, कहा कि यह भौतिक तथ्यों को छुपाने का मामला था और निस्संदेह बेईमानी थी और धोखा से कम नहीं था।जस्टिस एएम शफीक़ और जस्टिस मैरी जोसेफ की खंडपीठ, फैमिली कोर्ट, इरिंजालाकुडा, के ‌खिलाफ पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। परिवार न्यायालय ने अपने आदेश में विवाह को निरस्त घोष‌ित कर दिया था और पत्नी को, पति की याचिका की तारीख से 12% की दर से ब्याज के साथ...

याचिकाकर्ता सैन्य जीवन शैली के लिए उपुयक्त नहीं और संभवतः पिता की इच्छाओं ने उसे पेशे में धकेला, दिल्ली हाईकोर्ट ने  पिता को सलाह दी कि वह बेटे को अपने जीवन का रास्ता चुनने की आजादी दें
याचिकाकर्ता सैन्य जीवन शैली के लिए उपुयक्त नहीं और संभवतः पिता की इच्छाओं ने उसे पेशे में धकेला, दिल्ली हाईकोर्ट ने पिता को सलाह दी कि वह बेटे को अपने जीवन का रास्ता चुनने की आजादी दें

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि याचिकाकर्ता सैन्य जीवन शैली के लिए उपुयक्त नहीं है और संभवतः पिता की इच्छाओं ने उसे पेशे में धकेला है, हाल ही में याचिकाकर्ता के पिता (लेफ्टिनेंट कर्नल) को सलाह दी कि वह अपने बेटे को जीवन का रास्ता चुनने की स्वतंत्रता दें, ओर जो रास्ता भी वह चुनता है, उसमें उसे खिलने की अनुमति दें, जो निश्चित रूप से भारतीय सेना नहीं है। जस्टिस आशा मेनन और राजीव सहाय एंडलॉ की बेंच ने भारतीय सेना के एक युवा अभ्यर्थी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं।केस के...

बॉलीवुड बनाम रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ : अपमानजनक रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए बिग स्टूडियो पहुंचे  दिल्ली हाईकोर्ट
बॉलीवुड बनाम 'रिपब्लिक टीवी' और 'टाइम्स नाउ' : अपमानजनक रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए बिग स्टूडियो पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हिंदी फिल्म उद्योग के प्रमुख प्रोडक्शन हाउस ने एक साथ आते हुए ''रिपब्लिक टीवी'' और ''टाइम्स नाउ'' जैसे समाचार चैनलों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया है। हिंदी फिल्म उद्योग के 38 बड़े प्रोडक्शन हाउस ने संयुक्त रूप से रिपब्लिक टीवी के अर्णब गोस्वामी और प्रदीप भंडारी, टाइम्स नाउ के नविका कुमार और राहुल शिवशंकर और कई अज्ञात प्रतिवादियों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ मुकदमा दायर कर ,इन सभी को बॉलीवुड के सदस्यों के खिलाफ ''गैर-जिम्मेदार,अपमानजनक...

ऋचा चड्ढा ने मीडिया में पहले ही केस की जीत का दावा किया: पायल घोष के वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायत की
'ऋचा चड्ढा ने मीडिया में पहले ही केस की जीत का दावा किया': पायल घोष के वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायत की

अभिनेत्री ऋचा चड्डा द्वारा दायर 1.1 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमा का सामना कर रही अभिनेत्री पायल घोष ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में अपने वकील के ज़रिए शिकायत की कि वादी चड्ढा पहले से ही मीडिया में दावा कर रही हैं कि उन्होंने केस जीत लिया है। पिछली सुनवाई की तारीख पर, घोष के वकील ने अदालत को बताया था कि वह चड्डा के खिलाफ अपने बयान वापस लेने के लिए तैयार है और वह उनसे माफी मांगने और मामला सुलझाने के लिए तैयार है।आज, घोष के वकील एडवोकेट नितिन सतपुते ने न्यायमूर्ति एके मेनन की एक पीठ को बताया...

[तब्ली‍गी जमात] उन्होंने ऐसी कोई लापरवाही नहीं की, जिससे COVID फैलता, सरकार के आदेश का पालन भी कियाः बॉम्बे हाईकोर्ट ने 12 विदेशी नागरिकों को रिहा किया
[तब्ली‍गी जमात] उन्होंने ऐसी कोई लापरवाही नहीं की, जिससे COVID फैलता, सरकार के आदेश का पालन भी कियाः बॉम्बे हाईकोर्ट ने 12 विदेशी नागरिकों को रिहा किया

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट (12 वीं कोर्ट, बांद्रा, मुंबई) ने बुधवार (29 सितंबर) को 12 इंडोनेशियाई नागरिकों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। ये विदेशी नगारिक भी तब्लीगी जमात का हिस्‍सा थे।उल्लेखनीय है कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जयदेव वाई घुले का यह आदेश बांद्रा पुलिस द्वारा 12 इंडोनेशियाई नागरिकों के खिलाफ हत्या का प्रयास, सदोष हत्या, जिसमें हत्या न हुई हो, के आरोपों को खारिज करने के एक महीने बाद आया है।वकील इशरत खान ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष रिहाई याचिका दायर की थी, जिसमें...

समय आ गया है कि राज्य सरकार अन्य क्षेत्रों की पहचान करे, जिन्हें धीरे-धीरे लोकल ट्रेनों में यात्राओं की अनुमति दी जा सकती हैः बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकीलों और पंजीकृत क्लर्कों को अनुमति दी
समय आ गया है कि राज्य सरकार अन्य क्षेत्रों की पहचान करे, जिन्हें धीरे-धीरे लोकल ट्रेनों में यात्राओं की अनुमति दी जा सकती हैः बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकीलों और पंजीकृत क्लर्कों को अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई महानगर क्षेत्र के वकीलों और पंजीकृत क्लर्कों को लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति देते हुए कहा है कि समय आ गया है कि राज्य सरकार अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों/ स्टाफ की पहचान करे, जिन्हें धीरे-धीरे उपनगरीय ट्रेन सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति दी जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ जनहित याचिकाओं के एक समूह और एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकीलों को आवश्यक सेवाओं की सूची में शामिल करने की मांग की गई थी, जिन्हें...

(COVID के बीच राजनीतिक सभाएं) कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे बिना सजा के जाने न दिया जाए : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों से कहा
(COVID के बीच राजनीतिक सभाएं) ''कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे बिना सजा के जाने न दिया जाए'' : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों से कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (09 अक्टूबर) को राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि COVID19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। वहीं कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, अगर वह COVID19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसे दंडात्मक प्रावधान की कठोरता से बचकर जाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।जस्टिस शील नागू और जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने भी कहा कि, ''COVID19 के इलाज का अभी तक आविष्कार नहीं किया गया है और निकट भविष्य में उक्त इलाज आम...