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पछतावा व्यक्त करना तो सिर्फ अपने बुरे आचरण के परिणाम से बचने का एक तरीका  है : गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने  यतिन ओझा की बिना शर्त माफी को किया खारिज
'पछतावा व्यक्त करना तो सिर्फ अपने बुरे आचरण के परिणाम से बचने का एक तरीका है' : गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने यतिन ओझा की बिना शर्त माफी को किया खारिज

गुजरात हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने 23 अगस्त को हुई बैठक में प्रस्ताव पास करते हुए कहा है कि-''फुल कोर्ट इस बात से पूरी तरह आश्वस्त है और दृढ़ता से मानती है कि श्री ओझा द्वारा पूर्व में इंगित की गई माफी और आज मांगी गई माफी में कोई नेकनीयती शामिल नहीं है और यह एक कागजी माफी से अधिक कुछ भी नहीं है।'' फुल कोर्ट ने अधिवक्ता यतिन ओझा की माफी को खारिज करने का फैसला किया है। ओझा ने उनके खिलाफ शुरू हुई अवमानना की कार्यवाही और वरिष्ठ पद से हटाने के बाद यह माफी मांगी थी। फुल कोर्ट ने कहा कि ओझा के शब्दों...

[ट्रांसफर कार्टेल] कई बार प्रभावशाली कर्मचारी शहरी इलाकों में अपनी पोस्टिंग सुरक्षित कर लेते हैं; राज्य कार्टेल को खत्म करने के कदम उठाएं : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
[ट्रांसफर कार्टेल] कई बार प्रभावशाली कर्मचारी शहरी इलाकों में अपनी पोस्टिंग सुरक्षित कर लेते हैं; राज्य 'कार्टेल' को खत्म करने के कदम उठाएं : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार (26 अगस्त) को कहा कि यदि कर्मचारी को बिना किसी उचित आधार के विशेष व्यक्तियों को समायोजित करने के लिए स्थानांतरित किया गया है, तो इस प्रकार के स्थानांतरण को दुर्भावनापूर्ण (malafide) करार दिया जा सकता है और सामान्य रूप से इसे समाप्त कर दिया जाएगा।न्यायमूर्ति तारलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवल दुआ की एक खंडपीठ ने इस मामले में देखा,"हिमाचल प्रदेश के शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों में सेवा करने वाले कुछ कर्मचारियों द्वारा बनाए गए कार्टेल के...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपराधिक अपीलों की फिज़िकल सुनवाई फिर से शुरू करने के लिए  विशेष प्रक्रिया अधिसूचित की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपराधिक अपीलों की फिज़िकल सुनवाई फिर से शुरू करने के लिए विशेष प्रक्रिया अधिसूचित की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र राज्य में COVID 19 के बढ़ते हुए संक्रमण के मद्देनज़र हैं बॉम्बे हाईकोर्ट की मुंबई, औरंगाबाद बेंच और गोवा बेंच के लिए 31 अगस्त, 2020 से 15 सितंबर, 2020 तक आपराधिक अपीलों की फिज़िकल सुनवाई के लिए एक विशेष प्रक्रिया अधिसूचित की। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता द्वारा नामित न्यायाधीश अधिसूचित न्यायालय के कार्य समय और तिथियों पर आपराधिक अपील पर सुनवाई करेंगे। आपराधिक अपील करने के इच्छुक वकील अपने मामले को संबंधित श्रेणी में ई-मेल करेंगे। वकील अपील की एक प्रति...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
[उत्तर प्रदेश में COVID-19 के बढ़ते मामले] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, लॉकडाउन के अलावा कोई भी कदम कारगर नहीं होगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में बढ़ते COVID-19 मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि COVID-19 का प्रसार रोकने के लिए एक बार फिर से लॉकडाउन लागू करना एकमात्र प्रशंसनीय उपाय हो सकता है। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की बेंच ने कहा, "हमें विभिन्न जिल प्रशासनों द्वारा ठोस कदम उठाए जाने का आश्वासन बार-बार दिया जा रहा है, हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में महामारी ने जिस प्रकार पांव पसारे है, उससे लॉकडाउन से कम कोई भी उपाय कारगर नहीं होगा।" कोर्ट ने यह टिप्‍पणी...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'यदि पति जेल जाता है तो विवाह निश्चित तौर पर समाप्त हो जाएगा' : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्नी के साथ 'साधारण' क्रूरता के आरोपी पति की अग्रिम ज़मानत मंज़ूर की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न और पत्नी के साथ क्रूरता पूर्ण व्यवहार के आरोपी व्यक्ति को गत शुक्रवार को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि 'यदि याचिकाकर्ता जेल जाता है तो उनकी शादी निश्चित तौर पर समाप्त हो जायेगी और उसके बाद सुलह का शायद ही कोई मौका बचेगा।' न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एक याचिकाकर्ता की दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 के तहत अग्रिम ज़मानत याचिका पर विचार कर रहे थे। याचिकाकर्ता ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 294, 498-ए और 34 तथा दहेज निषेध कानून की...

सरकारी वकीलों के लंबित बिल चार सप्ताह में क्लियर करें : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को निर्देश दिए
सरकारी वकीलों के लंबित बिल चार सप्ताह में क्लियर करें : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को निर्देश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, भारत सरकार, साथ ही दिल्ली के विभिन्न नगर निगमों को 4 सप्ताह के भीतर विभिन्न सरकारी वकीलों के बिलों को क्लियर करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच ने उक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 10 फरवरी, 2020 को या उससे पहले सरकारी वकीलों से प्राप्त हुए सभी बिलों को क्लियर कर दें। यह आदेश अधिवक्ता पीयूष गुप्ता द्वारा दिल्ली सरकार, यूनियन ऑफ इंडिया और विभिन्न नगर निकायों के साथ लगे विभिन्न सरकारी वकील के...

पेंशन अनुच्छेद 300-ए के तहत एक संपत्ति है और अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका का मौलिक अधिकार : बाॅम्बे हाईकोर्ट ने भूतलक्षी रूप से पेंशन काटने के मामले में बैंक पर लगाया 50 हजार रुपये जुर्माना
पेंशन अनुच्छेद 300-ए के तहत एक ''संपत्ति'' है और अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका का मौलिक अधिकार : बाॅम्बे हाईकोर्ट ने भूतलक्षी रूप से पेंशन काटने के मामले में बैंक पर लगाया 50 हजार रुपये जुर्माना

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक 85 वर्षीय पेंशनभोगी नैनी गोपाल के खाते से 3 लाख रुपये से अधिक की राशि काटने के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में बैंक का कहना था कि सिस्टम में तकनीकी त्रुटि के कारण अक्टूबर 2007 से याचिकाकर्ता के खाते में प्रतिमाह 872 रुपये की राशि अतिरिक्त भेज दी गई थी। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा और उसके उत्पीड़न के साथ ही मुकदमे के खर्च के रूप में बैंक पर जुर्माना भी लगाया है।नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति...

तब्लीगी जमात : दिल्ली की अदालत ने जमात के विदेशी सदस्यों को अपराधों से डिस्चार्ज किया
तब्लीगी जमात : दिल्ली की अदालत ने जमात के विदेशी सदस्यों को अपराधों से डिस्चार्ज किया

दिल्ली में एक ट्रायल कोर्ट ने विदेशी अपराध अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत तब्लीगी जमात के विदेशी सदस्यों के खिलाफ लगाए गए सभी अपराधों से कुछ विदेशी लोगों को उन्मोचित (Discharge) कर दिया।इन विदेशी नागरिकों को उन्मोचित करते हुए, मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर ने कहा कि कोई भी ऐसा दस्तावेज नहीं पाया गया है जो आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों के साथ वर्तमान मामले में आरोपियों को जोड़े।चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि अभियुक्त व्यक्ति एक मिशनरी...

सख्त प्रावधान के बावजूद, NDPS के मामले बढ़ रहे हैं : उड़ीसा हाईकोर्ट ने  कहा नो टॉलरेंस दृष्टिकोण अपनाना ज़रूरी
'सख्त प्रावधान के बावजूद, NDPS के मामले बढ़ रहे हैं' : उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा 'नो टॉलरेंस' दृष्टिकोण अपनाना ज़रूरी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा है कि NDPS के मामलों को हमेशा 'नो टॉलरेंस' के कड़े रुख के साथ निपटाया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति एस के पाणिग्रही ने समानता के आधार पर एक अभियुक्त को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की है। न्यायाधीश ने कहा कि उनको ''नो-टॉलरेंस एप्रोच'' से इसलिए जबरन विचलित होना पड़ रहा है क्योंकि इस मामले में सह-अभियुक्त को पहले ही जमानत दी जा चुकी है,जबकि उसका अपराध याचिकाकर्ता की तुलना में ज्यादा गंभीर है। न्यायाधीश ने कहा कि सख्त प्रावधानों के बावजूद, देश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज...

यह सुनिश्‍चित करने की जरूरत है कि ई-लोक अदालत, जनता की लोक अदालत बनी रहेः जस्टिस एनवी रमना
यह सुनिश्‍चित करने की जरूरत है कि ई-लोक अदालत, जनता की लोक अदालत बनी रहेः जस्टिस एनवी रमना

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA)ने राज्य की पहली ऑनलाइन लोक अदालत का आयोजन किया। यह बाड़मेर, धौलपुर, जैसलमेर, करौली, समेत पूरे राज्य में आयोजित किया गया। ऑनलाइन लोक अदालत में, 47,654 मामले उठाए गए, जिनमें से 33,476 मामलों का ‌निस्तारण किया गया। सुलझे हुए मामलों में से 29092 मुकदमे अदालतों में लंबित थे और 4384 मामलों को प्रीलीटेगेशन स्टेज पर सुलझाया गया था। ऑनलाइन लोक अदालत के आभासी उपलब्धि समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जज और राष्ट्रीय...

वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, लोन/ईएमआई पर ब्याज मुक्त मोहलत देने की मांग
वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, लोन/ईएमआई पर ब्याज मुक्त मोहलत देने की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में दिल्‍ली बार काउंसिल में पंजीकृत अधिवक्ताओं को, आवासीय पतों के भेदभाव के बिना, वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‌दिल्‍ली सरकार को दिशा निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में ऐसे अधिवक्ताओं को ऋण/ ईएमआई पर ब्याज मुक्त स्थगन की मांग की गई है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। वकील सुनील कुमार तिवारी द्वारा दायर याचिका में निम्न / मध्यम वर्गीय अधिवक्ताओं की दुर्दशा की ओर ध्यान दिलाया गया है। याचिका में कहा गया हे कि लॉकडाउन...

यूट्यूब शो पर सांप्रदायिक शत्रुता बढ़ाने के आरोप पर दर्ज FIR पर दिल्ली हाईकोर्ट ने विनोद दुआ का अंतरिम संरक्षण और बढ़ाया
यूट्यूब शो पर सांप्रदायिक शत्रुता बढ़ाने के आरोप पर दर्ज FIR पर दिल्ली हाईकोर्ट ने विनोद दुआ का अंतरिम संरक्षण और बढ़ाया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उस FIR पर विनोद दुआ को दी गई अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया, जिसमें उन पर गलत सूचना फैलाने और उनके यूट्यूब शो पर सांप्रदायिक शत्रुता बढ़ाने का आरोप लगाया गया था। अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए, न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ ने उल्लेख किया कि चूंकि एक समान मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है, इसलिए वर्तमान मामले में सुनवाई तब तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता। अदालत ने कहा: 'भले ही वर्तमान मामला और...

हमारी पहचान बहुसंख्यकवादी दृष्टिकोण या एक समरूप धर्म के दावे या सांस्कृतिक इतिहास से परिभाषित नहीं होती हैः जस्टिस जीएस पटेल
हमारी पहचान बहुसंख्यकवादी दृष्टिकोण या एक समरूप धर्म के दावे या सांस्कृतिक इतिहास से परिभाषित नहीं होती हैः जस्टिस जीएस पटेल

मुंबई की एशियाटिक सोसायटी ने संस्‍थान की पूर्व मानद सचिव स्वर्गीय श्रीमती बंसरी सेठ की स्मृति में 18 अगस्त 2020 को 27वें श्रीमती बंसरी सेठ मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया, जिसका विषय था- "संविधान के तहत एक राष्ट्र"। बॉम्बे हाईकोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस गौतम पटेल ने व्याख्यान दिया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री नवरोज सीरवई ने की। जस्टिस पटेल ने अपने भाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर किया, जैसे कि झूठी देशभक्ति, राष्ट्रवाद की विकृत धारणा, पहचान की विश‌िष्टता...

पति-पत्नी के बीच विवाद सुलझने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने पत्नी के खिलाफ बेटियों को जहर खिलाने और आत्महत्या करने के प्रयास से सम्बंधित FIR रद्द की
पति-पत्नी के बीच विवाद सुलझने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने पत्नी के खिलाफ बेटियों को जहर खिलाने और आत्महत्या करने के प्रयास से सम्बंधित FIR रद्द की

गुजरात उच्च न्यायालय ने बुधवार (19 अगस्त) को एक महिला द्वारा दायर आपराधिक आवेदन (आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 482 के तहत) को अनुमति देते हुए सीआर नंबर-ए/112100042001003 के तहत पंजीकृत एफआईआर (भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत अपराध) को रद्द करने की अनुमति दी। न्यायमूर्ति एपी ठाकर की पीठ ने आदेश दिया कि पति और पत्नी एक सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुँचे हैं और पत्नी अपने खिलाफ दायर प्राथमिकी को रद्द करने की प्रार्थना के साथ उच्च न्यायालय आई है। विशेष रूप से, पति ने अदालत के समक्ष यह...

यह सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ हमला नहीं : एजी ने स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने से किया इनकार, याचिकाकर्ता पहुंचे एसजी के पास
''यह सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ हमला नहीं'' : एजी ने स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने से किया इनकार, याचिकाकर्ता पहुंचे एसजी के पास

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने अधिवक्ता अनुज सक्सेना की तरफ से दायर आवेदन खारिज कर दिया। इस याचिका में अभिनेत्री सुश्री स्वरा भास्कर के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 की धारा 15 रिड विद कंटेम्प्ट प्रोसीडिंग ऑफ द सुप्रीम कोर्ट 1975 के रूल 3 के तहत मंजूरी मांगी गई थी।एजी ने अपने आदेश में कहा कि''पहले भाग में वक्तव्य मुझे...

महामारी ने वकालत, ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को झटका दिया, सुप्रीम कोर्ट में मॉरटोरीअम 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाने के लिए याचिका
'महामारी ने वकालत, ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री को झटका दिया", सुप्रीम कोर्ट में मॉरटोरीअम 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाने के लिए याचिका

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में मॉरटोरीअम की अवधि को 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाने के लिए सभी बैंकों को निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि वकालत, सेवा क्षेत्र, ट्रान्सपोर्ट और टूरिज्म के काम कर रहे लोगों की खराब वित्तीय स्थिति के मद्देनजर यह आवश्यक है। एडवोकेट विशाल तिवारी द्वारा दायर याचिका में बैंकों को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है ताकि कर्जदारों को ईएमआई भुगतान से राहत मिल सके, और जब तक अदालत फिर से शुरू न हो जाए मॉरटोरीअम का पालन करने के लिए बैंकों को कहा...