Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

अदालतों में शारीरिक रूप से कामकाज शुरू होने पर अधिवक्ता पूर्ण सहयोग करें और इसका पूरा उपयोग करें : बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया

LiveLaw News Network
18 Aug 2020 3:39 PM GMT
अदालतों में शारीरिक रूप से कामकाज शुरू होने पर अधिवक्ता पूर्ण सहयोग करें और इसका पूरा उपयोग करें :  बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया
x


बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ( BCD) ने अपने अध्यक्ष एडवोकेट केसी मित्तल के माध्यम से एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से अदालत के प्रतिबंधात्मक कामकाज की लंबी अवधि के दौरान होने वाली कठिनाई को कम करने के लिए अधिवक्ताओं से अदालत के शारीरिक रूप से शुरू होने का पूर्ण रूप से सहयोग करने और उसका उपयोग करने का अनुरोध किया है।

'अपील टू एडवोकेट्स' शीर्षक से जारी बयान में कहा गया है कि समन्वय समितियों और बार एसोसिएशनों और एडवोकेट जनरल के लिए यही समय है कि वे मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ दिल्ली उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की सहायता के लिए आएं और एक व्यापक योजना बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रतिकूल स्थिति को कम करने के लिए उसका अनुपालन हो।

यह स्वीकार करते हुए कि कुछ सदस्य ऐसे हैं जो शारीरिक सुनवाई को फिर से शुरू करने की दिशा में अपना असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, बीसीडी ने एक रुख अपनाया है कि यह पक्ष में या उक्त निर्णय के खिलाफ बोलने का उपयुक्त समय नहीं है, क्योंकि यह फिलहाल प्रायोगिक आधार पर लागू किया जाएगा।

बयान में अन्य उच्च न्यायालय का उदाहरण का भी दिया गया है, जिन्होंने कानूनी बिरादरी के भीतर COVID19 के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण शारीरिक कामकाज फिर से शुरू नहीं किया है। मिसाल के तौर पर, राजस्थान में हाईकोर्ट सुनवाई के लिए खुलने के बाद कुछ दिनों में कोर्ट को वापस वर्चुअल सुनवाई पर जाना पड़ा, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश को खुद का COVID19 टेस्ट पॉज़िटिव पाया गया।

शारीरिक सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के एक-चौथाई कामकाज को खोलने के फैसले की सराहना करते हुए कहा,

'हम शैतान और गहरे समुद्र के बीच की स्थिति में हैं, क्योंकि एक तरफ हम वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं, और दूसरी तरफ, COVID19 के फैलने का बड़ा खतरा है।'

पत्र डाउनलोड करे



Next Story