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दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद को 10 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा
दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश के सिलसिले में जेएनयू छात्र उमर खालिद को दस दिनों के लिए दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया। खालिद को आज रात 1 बजे के आसपास गिरफ्तार किया गया था।दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 40GB से अधिक के टेक डेटा के इस्तेमाल के संबंध में "दिल्ली के दंगों के पीछे गहरी साजिश" का पता लगाने के लिए 10 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा के दौरान दिल्ली में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को अवरुद्ध...
हमारी संस्कृति और कानून समलैंगिक विवाह की अवधारणा को मान्यता नहीं देते : केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
केंद्र ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दायर उस याचिका का विरोध किया है, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 के तहत विवाह करने वाले सेम-सैक्स कपल (समलैंगिक जोड़ों) के अधिकारों को मान्यता देने की मांग की गई है। यूनियन ऑफ इंडिया की तरफ से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रस्तुत किया कि समलैंगिक विवाह या सेम-सैक्स मैरिज की अवधारणा को भारतीय संस्कृति या भारतीय कानून के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है।एसजी ने कहा कि,''हमारी संस्कृति और कानून समलैंगिक विवाहों के विचार या अवधारणा को...
NLAT की पुर्नपरीक्षा के पेपर लीक होने के दावे पर NLSIU ने कहा, इससे परीक्षा की सत्यनिष्ठा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
NLAT की पु्र्न परीक्षा के पेपर लीक होने की शिकायतों के बाद नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने एक बयान जारी किया कि सोशल मीडिया पर प्रश्नों की कॉपी वायरल करने वाले उम्मीदवारों का अपराध कदाचार 'परीक्षा की अखंडता को प्रभावित नहीं करती है, क्योंकि लॉग इन करने के बाद प्रश्न पहले से ही उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध थे।"मीडिया में जारी किए गए बयान में कहा गया, "14 सितंबर को विश्वविद्यालय ने उन छात्रों की पेशकश की, जिन्होंने तकनीकी कठिनाइयों की शिकायत करते हुए अतिरिक्त स्लॉट के लिए उपस्थित...
संज्ञेय अपराध का गठन करने के लिए किसी भौतिक आरोप की मौजूदगी बिना अपराध का पंजीकरण 'निकृष्ट तंत्र' की धारणा को जन्म देगा, अराजकता पैदा हो सकती है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि संज्ञेय अपराध का गठन करने के लिए किसी भी भौतिक आरोप की मौजूदगी बिना अपराध का पंजीकरण, और जांच की आड़ में जनता को परेशान करने से अराजकता पैदा हो सकती है। जस्टिस एम सत्यनारायण मूर्ति ने कहा कि पुलिस विभाग के ऐसे कार्यों से धारणा बनती है कि लोग "निकृष्ट तंत्र" में रह रहे हैं, जबकि वे एक लोकतंत्र में रह रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि इससे कानून के बारे में न्यूनतम ज्ञान की कमी भी दिखती है, यह धारणा बनती है कि विभाग ऐसे अधिकारी द्वारा संचालित किया जाता है, जिस पर...
CLAT के पांच उम्मीदवारों ने झारखंड HC के NLSIU बैंगलौर के NLAT के खिलाफ याचिका को खारिज करने के फैसले को SC में चुनौती दी
CLAT के पांच उम्मीदवारों ने झारखंड उच्च न्यायालय के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बैंगलोर के कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट ( CLAT) 2020 से अलग होकर नेशनल लॉ एडमिशन टेस्ट (NLAT) 2020 परीक्षा आयोजित करने के फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिका को खारिज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। "वर्तमान मामले में अखिल भारतीय प्रभाव है और याचिकाकर्ता एक मजबूत आधार बनाने में विफल रहे हैं, ताकि इस न्यायालय के असाधारण अधिकार क्षेत्र को लागू किया जा सके जो अन्यथा प्रकृति में पूर्ण...
NEET परीक्षा पर फैसला सुनाने वाले जजों पर टिप्पणी करने वाले तमिल एक्टर सूर्या के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट के जज ने की कार्रवाई की मांग
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने HC के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा, जिसमें COVID-19 महामारी के बीच NEET परीक्षा कराए जाने पर फैसले देने वाले जजों पर टिप्पणी करने के चलते तमिल एक्टर सूर्या के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। मीडिया को दिए एक बयान में सूर्या ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि जब न्यायाधीश खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही कर रहे हैं, तो वे कैसे छात्रों को बिना किसी डर के NEET परीक्षा में बैठने के लिए कह रहे हैं।अभिनेता के...
ट्रायल कोर्ट को POCSO, रेप, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, PMLA आदि मामलों में ट्रायल शुरू करना चाहिए/जारी रखना चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुकदमों की कार्यवाही में प्रगति न होने पर चिंता प्रकट की है, विशेष रूप से उन मामलों में, जिनमें एक या अधिक अभियुक्त लंबे समय से हिरासत में हैं। कोर्ट ने कहा है कि ऐसी स्थिति वांछनीय नहीं है। गुरुवार को जस्टिस जॉयमाल्या बागची और सुव्रा घोष की खंडपीठ ने ट्रायल अदालतों को निर्देश दिया कि निम्न मामलों में COVID19 के मद्देनजर जारी किए गए सुरक्षा उपायों और सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए, जैसा वे उचित मान सकते हैं, फिजिकल मोड या हाइब्रिड/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड के जरिए ट्रायल...
"एक लेडी एडवोकेट न केवल प्रोफेशनली सक्सेफुल होती है, बल्कि एक माँ के रूप में भी सफल साबित होती है ": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक बच्चे की कस्टडी को लेकर दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक महिला, जो पेशे से वकील है, वह अपने बच्चे की देखभाल नहीं कर सकती है और बच्चे की परवरिश के काबिल नहीं है यह 'एक प्रदूषित दिमाग़ की सोच' है, जहां एक कामकाजी महिला को 'एक लापरवाह व्यक्ति के रूप में देखा जाता, इस तथ्य को नज़र अंदाज़ करते हुए कि वह एक बच्चे की माँ भी है।'न्यायमूर्ति ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह एक सिविल जज के आदेश को चुनौती देने वाले 3 वर्षीय बच्चे (लड़के) के दादा-दादी की ओर से...
मुस्लिम कानून के तहत दूसरी शादी मान्य है, परंतु इसे पहली पत्नी के खिलाफ क्रूरता माना जा सकता है : कर्नाटक हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण निर्णय में, कर्नाटक हाईकोर्ट की कालाबुरागी पीठ ने कहा है कि भले ही मुस्लिम पति द्वारा दूसरी शादी करना कानूनन वैध है, लेकिन यह अक्सर पहली पत्नी के लिए ''बड़ी क्रूरता'' का कारण बनती है और तलाक के लिए उसके दावे को सही ठहराती है। न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति पी कृष्णा भट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि क्रूरता एक बहुत ही व्यक्तिपरक अवधारणा है और इसका गठन करने वाला आचरण ''अनिश्चित रूप से परिवर्तनशील'' है। पीठ ने कहा कि''केवल इसलिए कि एक कार्य वैध है, यह विवाहित जीवन में...
[COVID-19] अब समय आ गया है जब अदालत द्वारा सरकार से पूछताछ की जाए: त्रिपुरा HC ने कई मुद्दों पर राज्य से जवाब मांंगा
त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (11-09-2020) को राज्य को COVID-19 से संबंधित विभिन्न मुद्दों के संबंध में प्रासंगिक विवरण प्रदान करने के लिए कहा। मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति एस. तालापात्रा की खंडपीठ ने कहा, "यह सार्वजनिक ज्ञान का विषय है कि राज्य में कोरोनावायरस के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और एक उच्च आंकड़े तक पहुंच गई है।" न्यायालय ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि कोरोनावायरस से संबंधित मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। हाल ही में अखबारों में प्रकाशित अखबारों की...
राज्य में सभी सेवारत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विवरण प्रस्तुत करें: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुवार (03 सितंबर) को पंजाब राज्य में सभी सेवारत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का ब्यौरा मांगा, जिसमें एफआईआर की प्रकृति और स्थिति के विवरण को भी माँगा गया है। न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की एकल पीठ ने गृह सचिव के माध्यम से राज्य को ऐसे अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना को भी रिपोर्ट में निर्दिष्ट करने के लिए कहा। विशेष रूप से पीठ, एक याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसने यह दलील दी थी कि उसे सेवा से बर्खास्त करने का आदेश, वरिष्ठ...
डिफॉल्ट बेल : बलात्कार के आरोपी की याचिका पर विचार करते समय पीड़िता का पक्ष सुनना अनिवार्य नहीं : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 (1ए) में निहित प्रावधान सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत दायर जमानत के आवेदन पर लागू नहीं होते हैं। सीआरपीसी की धारा 439 (1ए) के अनुसार, सूचना देने वाले या उसके द्वारा अधिकृत किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति उस समय अनिवार्य होगी, जब आईपीसी की धारा 376 की उप-धारा (3) या धारा 376एबी या धारा 376डीए या धारा 376डीबी के तहत जमानत के लिए आवेदन दायर किया जाता है। हाईकोर्ट के समक्ष आए इस मामले में अभियुक्त (जिस स्कूल में पीड़िता पढ़ाई कर रही...
[NEET-UG परीक्षा] 'उम्मीदवारों को उर्दू माध्यम में परीक्षा देने की अनुमति है; उर्दू में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे' बॉम्बे हाईकोर्ट मेंं प्राधिकरण ने बताया
बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई थी, जिसमें NEET-UG के उम्मीदवारों ने अदालत के समक्ष प्रार्थना की थी कि उन्हें उर्दू माध्यम में उक्त परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट मेंं प्रतिवादी ने बताया कि याचिकाकर्ताओं को NEET-UG 2020 परीक्षा को उर्दू में देने की अनुमति है और उन्हें प्रश्न पत्र उर्दू माध्यम में प्रदान किए जाएंगे। जस्टिस आर. के. देशपांडे और जस्टिस पुष्पा वी. गणेदीवाला की डिवीजन बेंच ने सोमवार (07 सितंबर) को मामले...
(शोषण के खिलाफ अधिकार) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा, आरटीई शिक्षकों को क्यों दिया जा रहा है चपरासी से भी कम वेतन?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को यूपी सरकार से कहा है कि वह उस रिट याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करे, जिसमें आरोप लगाया गया है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत भर्ती किए गए प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को चतुर्थ श्रेणी के पदों, यानी चपरासी आदि से भी कम वेतन दिया गया है।न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वह तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल कर दें। अंतरिम निर्देश में पीठ ने यह भी कहा है कि शिक्षकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के...
दिल्ली हाईकोर्ट सीमित फिज़िकल सुनवाई के मॉडल पर काम करना जारी रखेगा, फिज़िकल सुनवाई की बेंच की संख्या घटाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिज़िकल और वर्चुअल दोनों सुनवाई के वर्तमान हाइब्रिड मॉडल के साथ काम करना जारी रखने का फैसला किया है। हालाँकि, राष्ट्रीय राजधानी में COVID19 मामलों की संख्या में वृद्धि के कारण फिज़िकल सुनवाई करने के लिए अधिसूचित बेंचों की संख्या घटाकर 3 कर दी गई है। दिल्ली हाईकोर्ट की प्रशासनिक और पर्यवेक्षण समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, फिज़िकल सुनवाई के माध्यम से हाईकोर्ट के सीमित कामकाज को 08 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले, अदालत ने निम्नलिखित सूचना जारी करके रोटेशनल...
'शिकायत करते समय गरिमापूर्ण व्यवहार करें' : रजिस्ट्री को अशिष्ट ईमेल भेजने वाले वकील को कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने लगाई फटकार
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय एस ओका ने शुक्रवार को उस अधिवक्ता की खिंचाई की, जिसने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को असभ्य ईमेल भेजे थे। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अशोक एस किन्गी की खंडपीठ ने इस अधिवक्ता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया था, जिसके बाद पीठ ने उसके आचरण पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। पीठ ने कहा कि ''हम आपको नहीं बुलाते, परंतु आपने एक दिन पहले रजिस्ट्रार को जो ईमेल भेजा है, उसके लिए आपको बुलाना पड़ा। क्या आप जानते हैं कि रजिस्ट्रार...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, अदालतों को महिलाओं की सुरक्षा के मामले में महाभारत के भगवान श्री कृष्ण के रूप में कार्य करना चाहिए : बलात्कार के दोषी की अपील खारिज
पीढ़ी-दर-पीढ़ी महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय की अनुमति देने के लिए अदालत मूक दर्शक की तरह काम नहीं कर सकती, यह कहते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक दोषी की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया है। उसने एक 69 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार किया था। न्यायमूर्ति बी वीरप्पा व न्यायमूर्ति ईएस इंदिरेश की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालयों को महिलाओं की सुरक्षा की रक्षा करने के लिए महाभारत के भगवान श्री कृष्ण के रूप में कार्य करना चाहिए। श्रीमद्भगवद् गीता के एक श्लोक का जिक्र करते हुए, पीठ ने कहा किः ...
'कॉन्ट्रैक्ट सिक्योरिटी पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले निर्णयों की अनदेखी करने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई
हाल ही के एक फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक पुराने कानून (ट्राइट लॉ) ( कॉन्ट्रैक्ट सिक्योरिटी पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगाई जा सकती ) की अनदेखी करने के लिए राज्य के अधिकारियों को फटकार लगाई है।न्यायमूर्ति जयेंद्र ठाकर की खंडपीठ ने कहा किः ''यह मुद्दा डेढ़ दशक से भी पहले इस न्यायालय के समक्ष आया था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों ने यह नहीं माना कि उक्त निर्णय उन पर लागू होता है, क्योंकि इसी तरह का मुद्दा तीन साल पहले भी इस अदालत में आया था और निर्णय में कहा गया था कि ...
ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों पर हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तारी पूर्व जमानत दिये जाने से समाज में गलत संदेश जाता है, लोकसेवक हतोत्साहित होते हैं : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि "यदि ड्यूटी पर तैनात लोक सेवकों पर हमले के आरोपियों को गिरफ्तारी - पूर्व जमानत की राहत दी जाती है तो इससे आगे भी लोगों को कानून अपने हाथ में लेने और ऐसी गतिविधियों में आगे भी भाग लेने का हौसला बढ़ेगा, जिसके परिणमस्वरूप लोक सेवकों, खासकर कानून पालन कराने वाली एजेंसियों से जुड़े अधिकारी हतोत्साहित होंगे।"न्यायमूर्ति एच एस मदान दो पुलिस अधिकारियों के साथ कथित मारपीट के लिए भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) की धारा 353, 186, 188, 342, 323, 149 तथा आपदा प्रबंधन कानून...
पति को तब छोड़ देना जब उसने अपनी आँखों की रौशनी खो दी और पति के साथ अपमानजनक व्यवहार करना 'मानसिक क्रूरता' : त्रिपुरा हाईकोर्ट
फैमिली कोर्ट अगरतला द्वारा दिनांक 25.09.2018 को सुनाये गए फैसले [केस नंबर T. S. (Divorce) 163 ऑफ़ 2014] के खिलाफ पत्नी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए बुधवार (09 सितंबर) को त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने उक्त निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि "उनकी (पति-पत्नी) संवेदनाएं और भावनाएं सूख गई हैं और उनके संयुग्मित जीवन की बहाली का शायद ही कोई मौका बचा है।"पीड़ित पत्नी ने इस अपील को हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 28 और फैमिली कोर्ट्स एक्ट, 1984 की धारा 19 के तहत दायर किया था, जो कि फैमिली जज, अगरतला के...










![[COVID-19] अब समय आ गया है जब अदालत द्वारा सरकार से पूछताछ की जाए: त्रिपुरा HC ने कई मुद्दों पर राज्य से जवाब मांंगा [COVID-19] अब समय आ गया है जब अदालत द्वारा सरकार से पूछताछ की जाए: त्रिपुरा HC ने कई मुद्दों पर राज्य से जवाब मांंगा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/09/28/500x300_365024-tripura.jpg)

![[NEET-UG परीक्षा] उम्मीदवारों को उर्दू माध्यम में परीक्षा देने की अनुमति है; उर्दू में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे बॉम्बे हाईकोर्ट मेंं प्राधिकरण ने बताया [NEET-UG परीक्षा] उम्मीदवारों को उर्दू माध्यम में परीक्षा देने की अनुमति है; उर्दू में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे बॉम्बे हाईकोर्ट मेंं प्राधिकरण ने बताया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/01/24/500x300_369491-bombay-hc.jpg)




