मुख्य सुर्खियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने पब्लिक प्रोसीक्यूटर्स के लिए आईसीयू, वेंटिलेटर के साथ कोविड केयर की स्थापना की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली अभियोजन विभाग (Delhi Prosecution Department) के सरकारी वकीलों और कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए आईसीयू बेड और वेंटिलेटर सुविधा के साथ कम से कम 100 बेड वाले कोविड केयर की स्थापना की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दिशांक धवन द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अभियोजन विभाग के सरकारी वकील और अन्य कर्मचारी हर रोज COVID-19 वायरस के संपर्क में आने का जोखिम उठा रहे हैं,...
'चुनाव ड्यूटी के दौरान COVID19 से संक्रमित होने वाले मतदान अधिकारियों को कोरोना योद्धाओं के समान माना जाए': तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य में हाल के नगरपालिका चुनावों के दौरान COVID19 से संक्रमित होने वाले मतदान अधिकारियों को कोरोना-योद्धाओं के समान माना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने कहा कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे मतदान अधिकारियों को पर्याप्त चिकित्सा उपचार और ऐसे सभी लाभ दिए जाएं जो एक कोरोना-योद्धा को दिए जाते हैं।बेंच एक स्वतःसंज्ञान मामले की सुनवाई कर रही है,जिसमें कोरोना से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार किया जा रहा है।...
COVID-19- 'जांच करें कि क्या 'फेलुदा टेस्ट' का उन जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है जहां लोग इकट्ठा होते हैं': दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते दिल्ली सरकार को यह जांचने का निर्देश दिया कि क्या फेलुदा टेस्ट का उन जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है जहां लोग इकट्ठा होते हैं, क्योंकि इसकी प्रयोगशाला मोबाइल है और परिणाम लगभग 1.5 घंटे में आ जाता है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।[नोट: इस टेस्ट का नाम फेलुदा रखा गया है. इसका पूरा नाम FELUDA यानी FNCAS9 Editor Linked Uniform Detection Assay है. यह...
"बार एसोसिएशनों को इस तरह के लापरवाह और गैरजिम्मेदाराना फैसले लेने से बचना चाहिए": बीसीआई ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार काउंसिल के मुख्य न्यायाधीश के स्थानांतरण की मांग पर कहा
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा के स्थानांतरण की मांग वाले प्रस्तावों के खिलाफ अपनी उप-समिति द्वारा लिए गए निर्णय की पुष्टि की है।उप-समिति ने महाधिवक्ता अतुल नंदा की सदस्यता भी बहाल कर दी है, जिनकी सदस्यता इस साल फरवरी में बार एसोसिएशन ने रद्द कर दी थी।बीसीआई ने यह टिप्पणी की,"मतभेद और असंतोष हर संस्थान में होते हैं। लेकिन बातचीत और चर्चा के माध्यम से मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया जा सकता है; और यदि किसी बार...
"आईसीयू, आईसीसीयू में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं:" गुजरात हाईकोर्ट में COVID 19 स्वतः संज्ञान मामले में हस्तक्षेप आवेदन दाखिल
गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर राज्य और अस्पताल के अधिकारियों को अस्पतालों के आईसीयू और आईसीसीयू में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है ताकि अस्पताल अधिकारियों और मरीजों के बीच पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।शालिन बिपिनभाई दोशी द्वारा दायर और अधिवक्ता डॉ अविनाश पोद्दार द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन में COVID-19 से मरने वाले रोगियों के सही आंकड़ों का खुलासा करने के दिशा-निर्देश दिए जाने की मांग की गई।याचिका में कुछ सुझावों का उल्लेख करते हुए कहा गया...
COVID19- 'क्या गैर-सरकारी संगठनों को विदेशी सहायता प्राप्त करने के लिए FCRA खाता खोलने की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है?': दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह गृह मंत्रालय से कहा कि वह विदेशी फंड प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGO's) के लिए विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) खाता खोलने की समय सीमा 1 अप्रैल, 2021 को बढ़ाने पर विचार करें।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की पीठ दो याचिकाकर्ताओं की याचिका पर (जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से संचालित होने वाले गैर-सरकारी संगठन हैं) सुनवाई कर रही थी, जिसमें एसबीआई, नई दिल्ली में एफसीआरए खाता खोलने से संबंधित मुद्दा उठाया गया था।गैर-सरकारी संगठनों की...
COVID-19: हिमाचल प्रदेश हाई पॉवर्ड कमेटी ने जेलों में भीड़ कम करने, स्वच्छता बनाए रखने, चिकित्सा सुविधाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
COVID-19 मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण हिमाचल प्रदेश की हाई पावर्ड कमेटी ने कैदियों को अंतरिम जमानत / पैरोल पर रिहा करके जेलों की भीड़ कम करने का आदेश दिया है।जेलों की भीड़ कम करने के लिए 7 मई को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्देशों के अनुसार एचपीसी ने अपनी बैठक की थी।हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति रवि मलीमथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में यह उल्लेख किया गया कि इस वर्ष 30 अप्रैल तक:1. 245 पात्र दोषियों को पैरोल दी गई है;2. 71 दोषी पैरोल...
राजस्थान हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में 24 मई की सुबह तक लॉकडाउन के विस्तार को देखते हुए एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य के सभी न्यायालय पूरी तरह से वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करना जारी रखेंगे।इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा 19 अप्रैल को जारी निर्देश इस अवधि के दौरान लागू रहेंगे। वही यहाँ पढ़ा जा सकता है।इसमें लिखा गया है:18 मई, 2021 से 24 मई, 2021 के बीच समाप्त होने वाले सभी अंतरिम आदेश अगली तारीख तक बढ़ा जा रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, सभी न्यायिक और अर्ध-न्यायिक...
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जमाखोरी मामले में व्यापारी नवनीत कालरा को गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने 'खान चाचा' कैफे से हाल ही में ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स की बरामदगी और जब्ती के मामले में आरोपी व्यवसायी नवनीत कालरा को गिरफ्तार किया है।दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420,188, 120B, 34 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के 3 और 7 धारा के तहत मामला दर्ज किया था। राष्ट्रीय राजधानी में कुछ रेस्तरां से 500 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स की वसूली के लिए मामला क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है।दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कालरा को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से इनकार...
न्यायिक अधिकारियों, वकीलों के लिए सभी कोर्ट परिसरों में COVID क्वारंटीन सुविधा स्थापित करने की मांग : तमिलनाडु एवं पुडुचेरी बार काउंसिल ने मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र
बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु एंड पुडुचेरी' ने मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी को एक पत्र लिखकर COVID-19 से प्रभावित न्यायिक अधिकारियों, वकीलों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कोर्ट परिसर में ही क्वारंटीन बेड लगाने का सरकार को निर्देश देने का उनसे अनुरोध किया है।पत्र में COVID-19 हेल्पलाइन के लिए तालुक और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की भी मांग की गयी है। इसमें कहा गया है :"सम्पूर्ण तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रत्येक तालुक एवं जिला मुख्यालयों में कमेटी / नोडल...
क्या COVID-19 से संक्रमित व्यक्तियों का अंतिम संस्कार बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के कर दिया गया? कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के दफनाए गए COVID-19 संक्रमित व्यक्तियों के मुद्दे पर जवाब दे।अधिवक्ता श्रीधर प्रभु ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 21 अप्रैल, 2020 को COVID-19 से संक्रमित व्यक्तियों के शवों को दफनाने या दाह संस्कार के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। यह उल्लेख किया गया कि COVID-19 से संक्रमित व्यक्तियों के शवों को अंतरराज्यीय या अंतर-जिला ले जाया जाना है तो मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।वकील ने कहा,"अब...
''प्रदर्शन स्थल पर केवल मौजूदगी आपराधिक कार्रवाई को आमंत्रित नहीं करेगी'': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर रद्द की
यह कहते हुए कि सभी सड़कें और एक्सप्रेसवे ''जीवन रेखा'' हैं, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को दो व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। इन दोनों पर आरोप था कि यह उस गैरकानूनी रूप से एकत्रित भीड़ के सदस्य थे,जिसने कथित तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग, शिमला को अवरुद्ध कर दिया था और आवाजाही को रोक दिया था। यह मानते हुए कि यह ''असाधारण मामलों में से एक है जहां न्यायालय को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपने अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करना चाहिए'', न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
10 मई 2021 से 15 मई 2021 तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रपैदल मार्ग या सार्वजनिक सड़कों पर अवैध पार्किंग अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के बराबर : कर्नाटक उच्च न्यायालयकर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि यह सुनिश्चित करना अधिकारियों का कर्तव्य है कि पैदल मार्ग और सार्वजनिक सड़कों को अवैध पार्किंग सहित अन्य रुकावटों से मुक्त रखा जाए। यह सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है कि कानून के इन प्रावधानों के उल्लंघन को लापरवाही से ना लिया जाए और आपराधिक कानून के तहत तुरंत कार्रवाई...
"ईद खुशियों का त्यौहार": दिल्ली कोर्ट ने दंगा मामले में आरोपी को परिवार के साथ ईद मनाने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी गुलफाम को अपनी बीवी और बच्चों के साथ ईद का त्योहार मनाने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत दे दी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने अंतरिम जमानत देते हुए कहा:"यहां यह ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है कि ईद का मतलब पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए खुशी और दुआओं का समय है। ईद का त्योहार इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण समय है और परिवार, प्रियजनों और समुदायों को एक साथ आने और जश्न मनाने / हर रोज़ का आनंद लेने की अनुमति देता है। तदनुसार, आवेदक गुलफाम...
'चिकित्सा सहायता में देरी संविधान के अनुच्छेद 21, 19(1)(d) का उल्लंघन है': तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अंतर-राज्यीय परिवहन पर प्रतिबंध लगाने वाले दिशानिर्देश पर रोक लगाई
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की ऐसी किसी भी कार्रवाई को मान्य नहीं किया जा सकता है जिसके परिणामस्वरूप उपचार की सख्त जरूरत वाले रोगियों के लिए चिकित्सा सहायता पहुंचने में देरी होती हो। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा जारी उस दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी, जिसमें एम्बुलेंस और रोगियों की अंतर-राज्यीय परिवहन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था।राज्य सरकार द्वारा जारी दिनांक 11 मई 2021 के दिशा-निर्देशों में निर्देश दिया गया कि अन्य राज्यों से संबंधित रोगियों को सरकार द्वारा...
पैदल मार्ग या सार्वजनिक सड़कों पर अवैध पार्किंग अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के बराबर : कर्नाटक उच्च न्यायालय
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि यह सुनिश्चित करना अधिकारियों का कर्तव्य है कि पैदल मार्ग और सार्वजनिक सड़कों को अवैध पार्किंग सहित अन्य रुकावटों से मुक्त रखा जाए। यह सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है कि कानून के इन प्रावधानों के उल्लंघन को लापरवाही से ना लिया जाए और आपराधिक कानून के तहत तुरंत कार्रवाई हो।चीफ जस्टिस अभय ओका और जस्टिस सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने WPNo.42927/2015 में 31 जुलाई 2019 को अदालत द्वारा पारित आदेश पर भरोसा करते हुए कहा, "इस न्यायालय ने माना है कि एक अच्छे और उचित...
COVID-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए दिल्ली जिला न्यायालयों ने निर्धारित समय से पहले गर्मी की छुट्टियां 17 मई से 30 जून तक घोषित की
राष्ट्रीय राजधानी में COVID-19 के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली जिला अदालतों के लिए गर्मियों की छुट्टियां समय से पूर्व 17 मई, 2021 से 30 जून, 2021 तक के लिए घोषित कर दी गई है।दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय द्वारा प्रकाशित आदेश में कहा गया,"माननीय न्यायालय ने वर्ष 2021 के लिए दिल्ली में जिला न्यायालयों के लिए गर्मियों की छुट्टियां समय से पूर्व घोषित कर दी है। आदेश दिया है कि दिल्ली में जिला न्यायालय (मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के न्यायालयों को छोड़कर) सोमवार से गर्मियों की...
'सिस्टम न तो घड़ी को पीछे कर सकता है और न ही अपराध को शून्य कर सकता है': दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग यौन उत्पीड़न के शिकार को 6 लाख रूपये का अंतरिम मुआवजा दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 मई) को एक महत्वपूर्ण अवलोकन में नाबालिग यौन उत्पीड़न के शिकार को 6 लाख रूपये का अंतरिम मुआवजा देते हुए कहा कि,"चूंकि सिस्टम न तो घड़ी को पीछे कर सकता है और न ही अपराध को शून्य कर सकता है, इसलिए अदालत अपराधी पर मुकदमा चलाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती है। इसके साथ ही पीठ पीड़ित को मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और सशक्तिकरण की भावना प्रदान कर सकती है और मुआवजे का निर्देश दे सकती है।"न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की खंडपीठ ने मुआवजे के रूप में 50,000 रूपये देने के निजली अदालत...
COVID19- वकीलों के लिए वित्तीय सहायता, चिकित्सा और बीमा की मांग करने वाली याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते COVID-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के कारण गंभीर वित्तीय कठिनाई का सामना कर रहे वकीलों के लिए वित्तीय सहायता, चिकित्सा और जीवन बीमा की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से जवाब मांगा।न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने एम. अबूबकर पंडित द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। अपनी याचिका में उन्होंने प्रार्थना की थी कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के भीतर हाईकोर्ट और जिला न्यायालय में...




















