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COVID-19 संक्रमित शवों का कुप्रबंधनः NHRC ने केंद्र और राज्यों से कहा, मृत शरीर के अधिकारों का संरक्षण सरकारों का कर्तव्य
COVID-19 संक्रमित शवों का कुप्रबंधनः NHRC ने केंद्र और राज्यों से कहा, "मृत शरीर के अधिकारों का संरक्षण सरकारों का कर्तव्य"

COVID-19 संक्रमित शवों के कुप्रबंधन संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केंद्र और राज्य सरकारों को मृतकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी किया।आयोग ने केंद्र, बिहार और उत्तर प्रदेश सरकारों को गुरुवार को गंगा नदी में तैरते शवों के मामले पर गुरुवार को एक नोटिस जारी किया था। मौजूदा एडवाइजरी को उक्त नोटिस के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।आयोग ने कहा है, "यह बखूबी स्वीकृत कानूनी स्थिति है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत...

COVID-19 से प्रभावित अधिवक्ताओं की सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए? राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य बार काउंसिल से पूछा
COVID-19 से प्रभावित अधिवक्ताओं की सहायता के लिए क्या कदम उठाए गए? राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य बार काउंसिल से पूछा

राजस्थान हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान से COVID-19 से प्रभावित अधिवक्ताओं की सहायता के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा है।न्यायमूर्ति अशोक कुमार गौर की एकल पीठ ने महामारी से प्रभावित अधिवक्ताओं की राहत के लिए अधिवक्ता कल्याण कोष के उपयोग की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह सवाल किया।कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, द बार एसोसिएशन जयपुर, राज्य स्वास्थ्य विभाग को 20 मई तक नोटिस पर जवाब देने के लिए कहा है।अधिवक्ता जगमीत सिंह और अधिवक्ता...

सरकारी और निजी अस्पतालों में COVID रोगियों के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का इस्‍तेमाल करेंः गुजरात हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में हस्तक्षेप आवेदन दायर
सरकारी और निजी अस्पतालों में COVID रोगियों के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का इस्‍तेमाल करेंः गुजरात हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में हस्तक्षेप आवेदन दायर

गुजरात में COVID-19 के हालात का जायजा लेने के लिए गुजरात हाईकोर्ट की ओर से शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है।याचिकाकर्ता अधिवक्ता निमिश महेंद्र कपाड़िया ने ने हस्तक्षेप आवेदन व्यक्तिगत रूप से पेश किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आयुर्वेदिक दवाएं संक्रमण को रोकने और रोगियों को COVID-19 संक्रमण से ठीक करने में भी सहायक हैं।साथ ही, इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसी दवाएं राज्य के अधिकारियों के साथ-साथ नागरिकों के वित्तीय बोझ को भी कम करती हैं।आवेदन में कहा...

किसी को भी ऐप का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा, उपयोगकर्ता छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं; आरोग्य सेतु, आईआरसीटीसी के पास समान प्राइवेसी पॉलिसी है: व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
'किसी को भी ऐप का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा, उपयोगकर्ता छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं; आरोग्य सेतु, आईआरसीटीसी के पास समान प्राइवेसी पॉलिसी है': व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दायर हलफनामे में व्हाट्सएप ने प्रस्तुत किया कि नई अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी (वर्ष 2021 की) किसी भी तरह से मित्रों और परिवार के बीच किए गए व्यक्तिगत मैसेज (अपने उपयोगकर्ताओं के) की निजता को प्रभावित नहीं करती है।फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने हलफनामे में कहा कि अपडेट अनिवार्य नहीं है और व्हाट्सएप किसी को भी अपडेट को स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है।नई व्हाट्सएप नीति के मुताबिक उपयोगकर्ता को 2021 अपडेट को स्वीकार करने की स्वतंत्रता देता है या वे ऐसा नहीं करने का...

अल्कोहल टेस्टिंग पूरी तरह से समाप्त नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट पर ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट के लिए निर्देश जारी किए
'अल्कोहल टेस्टिंग पूरी तरह से समाप्त नहीं की जा सकती': दिल्ली हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट पर 'ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट' के लिए निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कि अल्कोहल टेस्टिंग पूरी तरह से समाप्त नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने एयरपोर्ट पर सभी एटीसी, पायलट, केबिन क्रू और अन्य कर्मी के लिए ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट के लिए कई निर्देश जारी किए।ब्रीथ-एनालाइजर टेस्ट यानी सांसों में अल्कोहल की मात्रा जांचने का टेस्ट, जो यह पता लगाता है कि व्यक्ति नशे में है या नहीं।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ ने निम्नलिखित निर्देश जारी...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
[ चश्मदीद ने देखा, मृतका का गला उसके भाई ने ही घोंटा ] – बॉम्बे हाईकोर्ट ने मां को जमानत दी, जिसने प्रेम प्रसंग के कारण बेटी की हत्या की बात 'कबूल' की थी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 40 वर्षीया उस महिला की जमानत मंजूर कर ली, जिसने कथित तौर पर अपनी 23 वर्षीया बेटी के अपनी पसंद के लड़के के साथ घर से भागने के प्रयास के बाद उसकी हत्या करने का दावा किया था। न्यायमूर्ति प्रकाश नायक ने पापू वाघेला (मृतका की मां) को चश्मदीद गवाह की उस गवाही के आधार पर जमानत दे दी जिसमें कहा गया कि मृतका के भाई (सह - अभियुक्त) ने अपनी बहन की हत्या उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर कर दी थी।कोर्ट ने कहा, "चश्मदीद गवाह के बयान में कहा गया है कि उसने सह – अभियुक्त को मृतका का गला घोंटते...

समाज का पूरा सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट  ने एक लिव-इन कपल को संरक्षण देने  से इनकार किया
''समाज का पूरा सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा'': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लिव-इन कपल को संरक्षण देने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार (12 मई) को एक लिव-इन कपल को संरक्षण देने से इनकार करते हुए कहा कि ''अगर जिस तरह के संरक्षण का दावा किया गया है,उसकी अनुमति दे दी जाती है, तो इससे समाज का पूरा सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा।'' इस कपल ने अपनी याचिका में बताया था कि उनको कथित रूप से लड़की के परिवार से खतरा है। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, ''याचिकाकर्ता नंबर 1 (लड़की) मुश्किल से 18 साल की है जबकि याचिकाकर्ता नंबर 2 (लड़का) 21 साल का है। वे लिव-इन रिलेशनशिप में एक साथ...

ऑक्सीजन की कमी से जान गंवाने वाले COVID रोगियों को राज्य सरकार को मुआवजा देना चाहिएः कर्नाटक हाईकोर्ट
ऑक्सीजन की कमी से जान गंवाने वाले COVID रोगियों को राज्य सरकार को मुआवजा देना चाहिएः कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को नोटिस दिया कि अगली तारीख को वह ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण चामराजनगर के COVID अस्पताल में मारे गए 24 लोगों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने के मुद्दे पर विचार करेगा।चीफ जस्टिस अभय ओका और ज‌स्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ ने कहा, "राज्य सरकार को पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा देने के मुद्दे पर स्टैंड लेना होगा....। रिट कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए मुआवजा दे सकती है। हमने राज्य को नोट‌िस...

COVID 19 के दौरान फेस मास्क न पहनने पर एफआईआर दर्ज होने के कारण एक व्यक्ति को नहीं मिला पासपोर्ट : मद्रास हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर इसे जारी करने का निर्देश दिया
COVID 19 के दौरान फेस मास्क न पहनने पर एफआईआर दर्ज होने के कारण एक व्यक्ति को नहीं मिला पासपोर्ट : मद्रास हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर इसे जारी करने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में उस व्यक्ति को बड़ी राहत प्रदान की, जिसे एफआईआर के कारण पासपोर्ट नहीं मिल सका था। उसके खिलाफ यह एफआईआर कोरोना महामारी के दौरान दोपहिया चलाते वक्त कथित तौर पर फेस मास्क नहीं लगाने के आरोप में दर्ज किया गया था। न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की एकल बेंच ने पासपोर्ट अधिकारियों को सभी अन्य शर्तों से संतुष्ट होने के बाद उसके आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया।बेंच ने महत्वपूर्ण तौर पर यह टिप्प्णी की,"केवल एफआईआर दर्ज करने को आपराधिक मुकदमे के तौर पर तब तक नहीं देखा जा सकता...

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा एक किशोर को दोषी ठहराया जाना रोजगार के लिए अयोग्यता नहीं है, इसके प्रकटीकरण की आवश्यकता उसकी निजता, अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
'जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा एक किशोर को दोषी ठहराया जाना रोजगार के लिए अयोग्यता नहीं है, इसके प्रकटीकरण की आवश्यकता उसकी निजता, अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करती है': इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि आपराधिक अभियोजन का सामना किए एक किशोर की नियुक्ति को लेकर यह राय बनाना कि वह इस नियुक्ति के लिए एक उम्मीदवार के रूप में आयोग्य है, यह मनमाना, अवैध और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।कोर्ट ने इसके अलावा कहा कि नियुक्त करने वाला व्यक्ति किसी भी उम्मीदवार को एक किशोर के रूप में सामना किए गए आपराधिक अभियोजन के विवरण का प्रकटीकरण करने के लिए नहीं कह सकता है।कोर्ट ने यह भी कहा है कि एक किशोर के रूप में सामना किए गए आपराधिक मुकदमों के विवरण का...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 साल की यौन उत्पीड़न पीड़िता को 23 सप्ताह का गर्भ समाप्त करवाने की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 साल की यौन उत्पीड़न पीड़िता को 23 सप्ताह का गर्भ समाप्त करवाने की अनुमति दी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को यौन उत्पीड़न की शिकार एक 16 साल की किशोरी को 23 हफ्ते का गर्भ समाप्त करवाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति केके टटेड और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की अवकाश पीठ ने नाबालिग के पिता की तरफ से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया है। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि, ''...इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस गर्भावस्था को जारी रखने से याचिकाकर्ता के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर चोट पहुंच रही है। इसके अलावा, निश्चित रूप से, उसकी 16 वर्ष की उम्र को देखते हुए, उसके जीवन के लिए एक अंतर्निहित...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू में ऑक्सीजन युक्त बेड के साथ एक समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू में ऑक्सीजन युक्त बेड के साथ एक समर्पित 'कोविड हेल्थ सेंटर' स्थापित करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 मई) को COVID-19 पॉजिटिव व्यक्तियों को तत्काल आइसोलेट करने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के अंदर एक 'कोविड केयर सेंटर' स्थापित करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की खंडपीठ ने कहा कि एक समर्पित 'कोविड केयर सेंटर' स्थापित करने से आसानी से कोविड पॉजिटिव व्यक्तियों को तुरंत आइसोलेट किया जा सकता है और उनके बुनियादी मानकों की निगरानी की जा सकेगी।कोर्ट के समक्ष मामलाकोर्ट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ और शिक्षक संघ और...

जिला अदालतों को ऐसे आदेश पारित नहीं करने चाहिए, जिससे न्यायपालिका की बदनामी हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID टीकाकरण सेवा चलाने वाले सीएमओ के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई
'जिला अदालतों को ऐसे आदेश पारित नहीं करने चाहिए, जिससे न्यायपालिका की बदनामी हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID टीकाकरण सेवा चलाने वाले सीएमओ के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जो टीकाकरण सेवाएं चला रहा था, के खिलाफ एक न्याय‌िक अधिकारी के आदेश पर दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है। मुख्य‌‌ चिकित्सा अधिकारी पर कथित रूप से झूठा चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप था।जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजीत सिंह की खंडपीठ ने पूरे राज्य के जिला न्यायालयों के सभी न्यायाधीशों से "अधिक सावधान" रहने और ऐसे आदेश पारित करने से, विशेष रूप से महामारी के दौर में, खुद को रोकने का आग्रह किया है, ‌जिससे राज्य की न्यायिक प्रणाली की बदनामी...

COVID-19- यह एक युद्ध जैसी स्थिति है, उन सभी के लिए अतिरिक्त स्ट्रेचर खरीदे जाएं जिन्हें उपचार की आवश्यकता है: मद्रास हाईकोर्ट
COVID-19- 'यह एक युद्ध जैसी स्थिति है, उन सभी के लिए अतिरिक्त स्ट्रेचर खरीदे जाएं जिन्हें उपचार की आवश्यकता है': मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार (13 मई) को कहा कि यह एक युद्ध जैसी स्थिति है, जहां इलाज की आवश्यकता लगभग सभी को है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों द्वारा अतिरिक्त स्ट्रेचर उन सभी के लिए खरीदे जाएं जिन्हें उपचार की आवश्यकता है।मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ ने मंगलवार फिर से तमिलनाडु और पुडुचेरी राज्य में COVID-19 प्रतिक्रिया की निगरानी से संबंधित खुद से लिए गए स्वत: संज्ञान याचिका पर विचार किया।वैक्सीनकोर्ट ने कहा कि राज्य में टीकाकरण की कमी है और...

RT-PCR रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही COVID से कर्नाटक हाईकोर्ट  कर्मचारी की मौत, हाईकोर्ट ने लैब के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए
RT-PCR रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही COVID से कर्नाटक हाईकोर्ट कर्मचारी की मौत, हाईकोर्ट ने लैब के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए

कर्नाटक हाईकोर्ट के एक कर्मचारी की मृत्यु RT-PCR रिपोर्ट की प्रतीक्षा करते हुए हो गई है, जिसके बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिर से दोहराया कि राज्य सरकार को निर्देश देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी प्रयोगशालाएं 24 घंटे के भीतर टेस्ट परिणाम उपलब्ध कराएं।कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आरटीपीसीआर का परिणाम 24 घंटे के भीतर उपलब्ध न कराने वाली संबंधित लैब के खिलाफ कार्रवाई शुरू करे। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के एक मृतक...

परमबीर सिंह को 20 मई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा: महाराष्ट्र पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
'परमबीर सिंह को 20 मई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा': महाराष्ट्र पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया

महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को सूचित किया कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को और 32 अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर मामले में 20 मई, 2021 गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। ठाणे पुलिस एक अधीनस्थ अधिकारी द्वारा एससी / एसटी अधिनियम, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और आईपीसी के तहत विभिन्न अपराधों के लिए दर्ज मामले की जांच कर रही है।राज्य ने सिंह के खिलाफ एफआईआर को रद्द करने और कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने के लिए अंतरिम राहत के लिए जवाब देने के लिए समय की मांग करते...

COVID-19: एनसीडीआरसी ने 17 मई से 21 मई, 2021 तक सामान्य कामकाज को निलंबित किया; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी जरूरी मामलों की सुनवाई
COVID-19: एनसीडीआरसी ने 17 मई से 21 मई, 2021 तक सामान्य कामकाज को निलंबित किया; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी जरूरी मामलों की सुनवाई

दिल्ली एनसीटी में COVID-19 मामलों में खतरनाक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने 17 मई से 21 मई, 2021 तक के अपने सामान्य कामकाज को निलंबित कर दिया है।इस अवधि के दौरान दिन-प्रतिदिन NCDRC अध्यक्ष द्वारा नामित बेंचें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अत्यंत आवश्यक मामलों की सुनवाई करेंगी।काउंसिल /पक्षकार अपने जरूरी मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए jr.ncdrc@gov.in पर ई-मेल के माध्यम से संयुक्त रजिस्ट्रार, एनसीडीआरसी से संपर्क कर सकती हैं। उन्हें उक्त ई-मेल...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस निर्देश को रद्द किया, जिसमें आरोपी के जेल में क्वारंटाइन होने तक जमानत पर पाबंदी लगाई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस निर्देश को रद्द किया, जिसमें आरोपी के जेल में क्वारंटाइन होने तक जमानत पर पाबंदी लगाई

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार (11 मई) को निचली अदालत के उस निर्देश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी के जेल में क्वारंटीन की अवधि पूरी होने तक उसकी जमानत पर पाबंदी लगा दी थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्देश को रद्द करते हुए कहा कि जमानत बॉन्ड की स्वीकृति से इनकार करने के लिए उक्त कोर्ट के पास कोई अधिकार नहीं है।न्यायमूर्ति कल्याण राय सुराणा की खंडपीठ ने कहा,"यह सवाल कि क्या आरोपी को क्वारंटीन में रहना है। यह एक निर्णय जिला प्रशासन द्वारा लिया जाना है। इस मुद्दे को अदालत द्वारा जमानत देने का आधार...

निजी अस्पतालों का समय पर उपचार ना दे पाना भी अनुच्छेद 21 का उल्लंघनः पटना हाईकोर्ट
निजी अस्पतालों का समय पर उपचार ना दे पाना भी अनुच्छेद 21 का उल्लंघनः पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि सरकारी अस्पताल, चिकित्सा अधिकारी चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए कर्तव्यबद्ध हैं, और किसी जरूरतमंद व्य‌क्ति को चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने में विफलता, अगर वह निजी अस्पतालों की ओर से भी की गई है तो यह अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।चीफ ज‌स्ट‌िस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने राज्य में COVID-19 स्थिति के संबंध में याचिकाओं के एक समूह पर, जिनमें चिकित्सा अवसंरचना, COVID की दवाओं की उपलब्धता और ऑक्सीजन आपूर्ति के मुद्दों...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील से कहा कि बेड की उपलब्धता की जांच के लिए पुणे COVID-19 कंट्रोल रूम को कॉल करें
बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील से कहा कि बेड की उपलब्धता की जांच के लिए पुणे COVID-19 कंट्रोल रूम को कॉल करें

बॉम्बे हाईकोर्ट को पुणे के COVID-19 कंट्रोल रूप को एक टेस्ट कॉल किए जाने के बाद बताया गया कि पुणे में वेंटिलेटर बेड उपलब्ध नहीं है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ पुणे में COVID-19 की स्थिति से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी, क्योंकि पुणे में सक्रिय मामले मुंबई में सक्रिय मामलों के दोगुने से अधिक हैं।पुणे नगर निगम के वकील अभिजीत कुलकर्णी ने प्रस्तुत किया कि शहर में सब कुछ नियंत्रण में है और बाहर से आने वाले कम से कम 30% रोगियों के लिए खानपान की व्यवस्था है।...