मुख्य सुर्खियां
'18-45 आयु वर्ग के लिए COVID-19 वैक्सीन उपलब्ध नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के वकील को यूपी सरकार से निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सरकारी वकील को राज्य में COVID-19 की वैक्सीन की उपलब्धता के संबंध में विशेषकर 18-45 आयु वर्ग के व्यक्तियों के संबंध में निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस सौरभ लावानिया की खंडपीठ ने एडवोकेट हरि प्रसाद गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया है।खंडपीठ ने कहा कि याचिका बड़े पैमाने पर जनता और वकीलों और उनके वार्डों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को...
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की मेडिकल रिपोर्ट तलब की
राजस्थान हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आसाराम बापू की चिकित्सा स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।आसाराम बापू का वर्तमान में एम्स, जोधपुर में इलाज चल रहा है।न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति देवेंद्र कच्छवाहा की खंडपीठ ने चिकित्सा आधार पर आसाराम की सजा को स्थगित करने की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 मई को नवीनतम चिकित्सा रिपोर्ट अपने अवलोकन के लिए तलब की है।न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर की एक अन्य पीठ आसाराम के बेटे द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही...
राजस्थान हाईकोर्ट ने COVID-19 के शिकार प्राइवेट डॉक्टरों के लिए 50 लाख की अनुग्रह राशि की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने COVID-19 संक्रमण के शिकार हुए प्राइवेट डॉक्टरों के परिवारों/आश्रितों को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया है।न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई 7 जुलाई को तय की है।याचिका एक होम्योपैथिक डॉक्टर की पत्नी ने दायर की है। होम्योपैथिक डॉक्टर की पिछले साल COVID-19 संक्रमण के कारण मौत हो गई थी।याचिका में स्वर्गीय डॉक्टर की पत्नी ने कहा कि उसके पति को केंद्र और राजस्थान सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों...
"विचाराधीन कैदियों की तुलना दोषियों से नहीं की जा सकती": उत्तराखंड के कैदी ने राज्य एचपीसी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
उत्तराखंड के एक विचाराधीन कैदी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए कहा है कि विचाराधीन कैदियों की दोषियों के साथ तुलना करना पैरोल पर कैदियों के मामलों पर विचार करने का एक गलत तरीका है, क्योंकि एक विचाराधीन कैदी को तब तक निर्दोष माना जाता है, जब तक कि वह किसी निचली अदालत द्वारा दोषी साबित नहीं हो जाता।वकील ऋषि मल्होत्रा के माध्यम से अनिल सैनी द्वारा याचिका दायर में यह राज्य हाई पावर्ड कमेटी (एचपीसी) के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि यह उन विचाराधीन कैदियों को पैरोल का लाभ...
'बेहद दमनकारी, प्रतिशोधी': राजस्थान हाईकोर्ट ने ICAI के CA छात्र द्वारा COVID-19 के समय परीक्षा पर सवाल उठाने पर उसके परीक्षा परिणाम को रद्द करने के फैसले को रद्द किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के एक प्रतिशोधी और बेहद दमनकारी फैसले को रद्द किया, जिसमें एक 21 वर्षीय महिला पर ई-मेल के माध्यम से कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए संस्थान ने उसके सीए इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम को रद्द कर दिया था।याचिकाकर्ता ऋष लोढ़ा ने नवंबर 2020 में आईसीएआई अध्यक्ष को एक ईमेल लिखा था जिसमें COVID-19 के प्रसार की स्थिति पर प्रकाश डाला गया था और कहा थ कि यदि परीक्षाएं 21 नवंबर से 14 दिसंबर, 2020 के बीच आयोजित की जाती हैं तो इससे...
चित्रकूट जेल फायरिंग मामला: NHRC ने पुलिस और जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया; एटीआर मांगा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और चित्रकूट के स्थानीय और जेल अधिकारियों से जिले की एक जेल में हालिया गोलीबारी की घटना पर जवाब मांगा है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी।14 मई, 2021 को एक कैदी ने कथित तौर पर जेल कर्मियों से पिस्तौल छीन ली थी और दो अन्य कैदियों की हत्या कर दी। इसके बाद जेल स्टाफ की फायरिंग में वह भी मारा गया।राज्य सरकार पहले ही जेल अधीक्षक और जेलर को सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित कर चुकी है।एनएचआरसी ने अब पुलिस महानिदेशक, यूपी...
घरेलू हिंसा कानून की धारा 12 के तहत अर्जी सीआरपीसी की धारा 468 के अंतर्गत लिमिटेशन के दायरे में प्रतिबंधित नहीं होती : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि घरेलू हिंसा कानून की धारा 12 के तहत दायर की गयी अर्जी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 468 के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा (लिमिटेशन पीरियड) के दायरे से प्रतिबंधित नहीं होती है।न्यायमूर्ति के एस मुद्गल की एकल पीठ ने कहा, "जब घरेलू हिंसा कानून की धारा 12 के तहत दायर अर्जी 'अपराध' शब्द के तहत नहीं आती, तो सीआरपीसी की धारा 468 लागू नहीं होती। इसलिए घरेलू हिंसा कानून की धारा 12 के अंतर्गत दायर अर्जी पर सीआरपीसी की धारा 468 का लागू होना स्पष्ट तौर से गलत...
'आइए साथ मिलकर इसे आजमाएं': केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं से प्रायोगिक आधार पर ई-फाइलिंग नियमों को अपनाने का आग्रह किया
केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एके जयशंकरन नांबियार ने मंगलवार को उनके सामने सूचीबद्ध मामलों पर सुनवाई करने से पहले बार से नए ई-फाइलिंग नियमों के बारे में अपनी आशंकाओं को दूर करने और इसे प्रयोगात्मक आधार पर अपनाने की अपील की।उन्होंने कहा,"हम सब कुछ आजमा रहे है ... हम इसे एक निकाय के रूप में आजमाएं और अगर यह काम कर रहा है, तो यह अंततः हम सभी को लाभान्वित करने वाला है। ठीक है? यही दर्शन है, जो हमारे निर्णय को सूचित करेगा।"न्यायाधीश ने बार से आग्रह किया,"आइए साथ मिलकर इसे आजमाएं।"न्यायाधीश ने यह भी...
'एक वकील सलाखों के पीछे है; गंभीर मामला है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील की गिरफ्तारी पर ठीक से जवाब न देने पर पुलिस को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक वकील की कथित अवैध गिरफ्तारी और पिछले महीने उसके मुवक्किल की शिकायत पर दर्ज अपहरण और जबरन वसूली के मामले में झूठा फंसाने के संबंध में पुलिस के बदलते बयानों को गंभीरता से लिया है। खंडपीठ का नेतृत्व कर रहे न्यायमूर्ति एसजे कथावाला ने मुख्य लोक अभियोजक दीपक ठाकरे से कहा, ''उन्हें बताएं कि अगर वे अदालत के साथ कोई शरारत करते हैं तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।'' इसी के साथ पीठ ने नवी मुंबई की खारघर पुलिस को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। खारघर पुलिस ने...
"अपने घर को व्यवस्थित करें": तेलंगाना हाईकोर्ट ने COVID 19 की तीसरी लहर के लड़ाई के इंतजाम पूछे, लॉकडाउन लागू करने पर पुलिस की सराहना की
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार से कहा कि वह अपने घर को व्यवस्थित करे और यह सुनिश्चित करे कि राज्य में कोविड -19 मुद्दों के संबंध में न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का ईमानदारी से पालन किया जाए।मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की एक पीठ ने विस्तृत रणनीति देते हुए एक हलफनामा भी मांगा है कि राज्य ने कोविड -19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या चाक-चौबंद प्रबंध किया है जिसकी भविष्यवाणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है ताकि सरकार इस दौरान झपकी लेती...
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने केरल हाईकोर्ट को पत्र लिखकर ई-फाइलिंग नियमों पर पुनर्विचार / समीक्षा करने को कहा, बार से चर्चा करने का आग्रह किया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने केरल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखकर केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को अधिसूचित ई-फाइलिंग नियमों पर पुनर्विचार / समीक्षा करने और नियमों को अंतिम रूप देने से पहले राज्य बार काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करने के लिए कहा है।बीसीआई की प्रतिक्रिया बार काउंसिल ऑफ केरल के अध्यक्ष एडवोकेट जोसेफ जॉन द्वारा केरल हाईकोर्ट के ई-फाइलिंग नियमों को लागू करने के तरीके और इसमें शामिल प्रक्रियाओं के बारे में आपत्ति जताए जाने के बाद आई है। बार काउंसिल ने 3-6 महीने के...
COVID19- गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार जेल से रिहा किए जाने वाले कैदियों का विवरण मांगा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार को असम की सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, जेलों में भीड़भाड़ कम करने के लिए रिहा होने वाले राज्य की जेलों में बंद कैदियों की संख्या के बारे में विवरण मांगा।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ की खंडपीठ ने आदेश दिया:"आर धर ने मामले का अध्ययन करने के लिए और राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के बारे में और जानकारी इक्ट्ठा करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। इन कैदियों को सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 07.05.2021 के निर्देशों के...
यूपी में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर लचर, कमजोर और ध्वस्त है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुधार के उपाय सुझाए
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार (17 मई) को इस बात पर जोर देते हुए कि कहा कि जब मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर जो सामान्य समय में हमारे लोगों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता था, तो निश्चित रूप से वह वर्तमान महामारी का सामना कैसे कर सकता है?राज्य में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कई सुझाव दिए।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा,"जहां तक चिकित्सा के बुनियादी ढांचे का सवाल है, इन कुछ महीनों में हमने महसूस किया है कि आज जिस तरह...
दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया केस में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई की उस याचिका पर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी जिसमें निचली अदालत द्वारा सीबीआई को जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों या दर्ज किए गए बयानों की प्रतियां आरोपी व्यक्तियों को देने के पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगा दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश एमके नागपाल द्वारा 5 मार्च को पारित आदेश को चुनौती देते हुए, सीबीआई ने...
संरक्षण याचिका की आड़ लेकर लिव-इन कपल सामाजिक और नैतिक रूप से अस्वीकार्य संबंधों पर स्वीकृति की मुहर चाहता है : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
लिव-इन कपल को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए एक और आदेश में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उस लिव-इन कपल की याचिका खारिज कर दी है,जिन्होंने सुरक्षा दिए जाने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना था कि उनके रिश्ते का विरोध किया जा रहा है। न्यायमूर्ति एचएस मदान ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा कि इस कपल ने सिर्फ इसलिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है ताकि उनके उस संबंध पर स्वीकृति की मुहर लग सके जो''नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं'' है। ''वास्तव में, याचिकाकर्ता वर्तमान याचिका...
समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार खुद COVID-19 वैक्सीन बनाने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत में वैक्सीन निर्माण के मुद्दे पर सोमवार को नाराजगी जताई।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की खंडपीठ ने देश भर में वैक्सीन की खुराक की भारी कमी के बीच कहा,"कोई यह नहीं समझ सकता कि एक कल्याणकारी राज्य होने के बावजूद हमारी सरकार बड़े पैमाने पर वैक्सीन का निर्माण करने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है।"इसने सुझाव दिया कि देश में काम रही बड़ी मेडिकल कंपनियां हैं, जिनके पास अपने स्वयं के टीके नहीं हो सकते हैं - वे दुनिया के किसी भी वैक्सीन निर्माता से फॉर्मूला ले सकती...
'उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों की संपूर्ण चिकित्सा प्रणाली राम भरोसे है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 स्वत: संज्ञान मामले में कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की स्थिति राम भरोसे (भगवान की दया पर) है।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि,"छोटे शहरों और गांवों से संबंधित राज्य की पूरी चिकित्सा प्रणाली प्रसिद्ध हिंदी कहावत 'राम भरोसे' है।"कोर्ट ने यह टिप्पणी मेरठ जिले के एक जिला अस्पताल से COVID रोगी के लापता होने के मामले में की। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी।बेंच ने मामले के...
लोग महसूस कर सकते हैं कि मुख्यमंत्री और कानून मंत्री के नेतृत्व में भीड़ कानून के शासन पर हावी हो गई है: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 4 टीएमसी नेताओं की जमानत पर रोक लगाते हुए कहा
नारदा घोटाले में चार टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ सीबीआई दफ्तर के सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में धरने और ट्रायल कोर्ट परिसर में दो से तीन हजार समर्थकों के साथ राज्य के कानून मंत्री की उपस्थिति पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि जबकि गिरफ्तार किए गए राजनीतिक नेताओं को न्यायालय में पेश किया जा रहा हो और ऐसी ऐसी घटनाएं होती हैं तो न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास कम हो जाएगा।सोमवार रात...
'वकीलों और क्लर्कों को COVID-19 के दौरान घरों से निकलने के लिए मजबूर किया जा रहा है': वकीलों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को पत्र लिखकर ई-फाइलिंग, ऑनलाइन उल्लेख, आदि मुद्दों को उठाया
50 से अधिक अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष एक अभ्यावेदन दिया है, जिसमें ई-फाइलिंग, ऑनलाइन उल्लेख, लिस्टिंग आदि की वर्तमान प्रणाली में बदलाव की मांग की गई है।पत्र में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था अनावश्यक रूप से अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों को COVID-19 महामारी के कारण राज्य सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के दौरान अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को असहनीय आघात और पीड़ा हो रही है।पत्र में प्रशासनिक पक्ष को कई सुझाव और उपचारात्मक सुझाव दिए...
ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की जमाखोरी केस : नवनीत कालरा को 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को व्यवसायी नवनीत कालरा को 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। नवनीत कालरा हाल ही में अपने स्वामित्व वाले 'खान चाचा' कैफे से हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की जमाखोरी और जब्ती के मामले में आरोपी है।यह आदेश ड्यूटी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अर्चना बेनीवाल ने दिल्ली पुलिस की 5 दिन की पुलिस हिरासत की अर्जी पर सुनाया।दिल्ली पुलिस ने 'खान चाचा' कैफे से हाल ही में ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स की बरामदगी और जब्ती के मामले में आरोपी व्यवसायी नवनीत कालरा को...




















