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बैंकों को छात्र के माता-पिता की खराब वित्तीय स्थिति के आधार पर एजुकेशन लोन देने से इनकार नहीं करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
बैंकों को छात्र के माता-पिता की खराब वित्तीय स्थिति के आधार पर एजुकेशन लोन देने से इनकार नहीं करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में बैंक ऑफ इंडिया को याचिकाकर्ता को इस आधार पर लोन प्रदान करने का निर्देश दिया कि वह एक मेधावी छात्रा है और माता-पिता की वित्तीय स्थिति के आधार पर शैक्षिक ऋण (Educational Loan) के पुनर्भुगतान की संभावनाओं का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।कोर्ट ने फैसले में कहा कि,"शैक्षिक ऋण देने के लिए आवेदक के माता-पिता की ऋण चुकाने की क्षमता पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। मेरे अनुसार माता-पिता की वित्तीय स्थिति बैंक के लिए शैक्षिक ऋण के लिए किए गए आवेदन पर विचार करने में बाधा नहीं होनी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजीलैंड के YouTuber कार्ल रॉक की पत्नी की याचिका पर उन्हें भारत में प्रवेश करने से ब्लैकलिस्ट करने के खिलाफ नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजीलैंड के YouTuber कार्ल रॉक की पत्नी की याचिका पर उन्हें भारत में प्रवेश करने से ब्लैकलिस्ट करने के खिलाफ नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को YouTube व्लॉगर मनीषा मलिक, न्यूजीलैंड के YouTuber कार्ल एडवर्ड राइस (जिसे कार्ल रॉक के नाम से जाना जाता है) की पत्नी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। इसमें उनके खिलाफ जारी एक ब्लैकलिस्टिंग आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसने उन्हें भारत वापस लौटने से रोका था।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल न्यायाधीश की पीठ ने केंद्र, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स और फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस, दिल्ली से जवाब मांगा है।अब इस मामले की सुनवाई 23...

एनडीपीएस- जांच के लिए समय बढ़ाने का आदेश आरोपी को उचित रूप से सतर्क करने के बाद पारित करना चाहिएः केरल हाईकोर्ट
एनडीपीएस- जांच के लिए समय बढ़ाने का आदेश आरोपी को उचित रूप से सतर्क करने के बाद पारित करना चाहिएः केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत किसी मामले में जांच के लिए समय बढ़ाने का आदेश केवल आरोपी को उचित रूप से सतर्क करने के बाद ही पारित किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति के हरिपाल ने यह भी कहा कि एक स्वतंत्र वैधानिक प्राधिकरण होने के नाते लोक अभियोजक से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अदालत को रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले जांच एजेंसी के अनुरोध पर स्वतंत्र रूप से अपना दिमाग लगाए। याचिकाकर्ताओं ने विशेष अदालत के उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी जिसमें लोक अभियोजक को एनडीपीएस एक्ट...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इस महीने के अंत तक सभी एचसी बेंचों की लाइव स्ट्रीम कोर्ट कार्यवाही करेगा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इस महीने के अंत तक सभी एचसी बेंचों की लाइव स्ट्रीम कोर्ट कार्यवाही करेगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से घोषणा की कि वह इस महीने के अंत तक जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में अपनी पीठों के लिए अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा।हाईकोर्ट ने अपने मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक के नेतृत्व वाली पीठ के लिए 25 जून से अदालती कार्यवाही के लिए मीडिया की पहुंच की मांग करने वाले पत्रकारों के एक समूह द्वारा दायर याचिका के अनुसार अदालती कार्यवाही को लाइव स्ट्रीम करना शुरू कर दिया था।अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग हाईकोर्ट के यूट्यूब...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर 11.6 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर 11.6 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 10 जुलाई, 2021 को सफलतापूर्वक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया है। एसीजे मुनीश्वर नाथ भंडारी के मार्गदर्शन में यूपी राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-इन-चीफ / कार्यकारी अध्यक्ष और हाईकोर्ट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रींतिकर दिवाकर भी शामिल हैं।कानूनी सेवा समिति, राष्ट्रीय लोक अदालत ने बड़ी संख्या में मामलों के समाधान में मदद की, जिनका विवरण निम्नानुसार है:राष्ट्रीय लोक अदालत राज्य के जिला न्यायालयों के साथ-साथ हाईकोर्ट की दोनों पीठों में आयोजित की गई थी। इसने 11.6 लाख से...

बार काउंसिल में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करें : महिला वकीलों ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा
'बार काउंसिल में महिलाओं को आरक्षण प्रदान करें' : महिला वकीलों ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा

मुंबई की 300 महिला वकीलों के एक समूह ने नव नियुक्त केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया और स्टेट बार काउंसिल में महिला वकीलों के लिए आरक्षण की मांग की है।महिला अधिवक्ताओं के इंटरएक्टिव सत्र ने कहा है कि वर्तमान में बार काउंसिल ऑफ इंडिया में एक भी महिला सदस्य नहीं है। यहां तक कि स्टेट बार काउंसिल में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व नगण्य है।विभिन्न राज्य बार काउंसिल की वेबसाइटों के आंकड़ों के अनुसार प्रतिनिधित्व बताता है कि कम से कम 10 राज्य बार काउंसिल में कोई...

पत्नी पर दूसरों के साथ सेक्स चैट व न्यूड वीडियो कॉल करने का दबाव बनाने का मामला-उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया
पत्नी पर दूसरों के साथ सेक्स चैट व न्यूड वीडियो कॉल करने का दबाव बनाने का मामला-उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को उस व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके खिलाफ अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। इस व्यक्ति पर आरोप है कि वह कथित तौर पर अपनी पत्नी पर विभिन्न व्यक्तियों के साथ न्यूड वीडियो कॉल करने और सेक्स चैट करने के लिए दबाव डालता था। न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी की खंडपीठ ने कथित तौर पर मृतक/पत्नी और आवेदक/पति के बीच रिकॉर्ड की गई उस बातचीत का अवलोकन किया,जो एक ''भयानक कहानी'' का खुलासा कर रही है। जिसके बाद पीठ ने कहा कि, ''क्या यह एक...

तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल ने एनडीपीएस अधिनियम, आईपीसी और गुंडा अधिनियम के तहत आरोप लगने के कारण तीन अधिवक्ताओं को निलंबित किया
तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल ने एनडीपीएस अधिनियम, आईपीसी और गुंडा अधिनियम के तहत आरोप लगने के कारण तीन अधिवक्ताओं को निलंबित किया

तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल ने मंगलवार को12 जुलाई के प्रस्ताव के तहत तीन अधिवक्ताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए। इन अधिवक्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860, गुंडा अधिनियम 1982 और Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट, 1985) (एनडीपीएस अधिनियम) के तहत आपराधिक मामले दर्ज करने के कारण बार काउंसिल ने यह कार्रवाई की। इस संबंध में संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।संबंधित अधिवक्ताओं को देश के...

आईपीसी की धारा 420 : शुरुआत से ही धोखाधड़ी के आरोप के अभाव में कोई अपराध स्थापित नहीं होता : झारखंड हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 420 : शुरुआत से ही धोखाधड़ी के आरोप के अभाव में कोई अपराध स्थापित नहीं होता : झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने माना है कि लेन-देन के समय धोखे, झूठे वादे या प्रलोभन के किसी भी आरोप के अभाव में, केवल दावा किए गए तरीके से ऋण चुकाने के लिए दी गई अंडरटेकिंग का उल्लंघन करना भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दोषसिद्धि का आधार नहीं हो सकता है। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की पीठ ने आरोपी की सजा को रद्द करते हुए कहा,''इस न्यायालय ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता के बीच विवाद अनिवार्य रूप से दीवानी विवाद के दायरे में आता था और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता का...

दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश का मामला: दिल्ली कोर्ट उमर खालिद की जमानत याचिका पर 27 जुलाई को सुनवाई करेगी
दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश का मामला: दिल्ली कोर्ट उमर खालिद की जमानत याचिका पर 27 जुलाई को सुनवाई करेगी

दिल्ली की एक अदालत यूएपीए और भारतीय दंड संहिता के तहत आरोपों से जुड़े दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में उमर खालिद द्वारा दायर जमानत याचिका पर 27 जुलाई को सुनवाई करेगी। (एफआईआर 59/2020)अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने यह भी निर्देश दिया कि जमानत अर्जी पर सुनवाई की अगली तारीख से एक दिन पहले खालिद के वकील को जवाब दिया जाना है।उमर खालिद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस पेश हुए, जबकि राज्य के लिए विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद पेश हुए।एफआईआर में यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18, आर्म्स...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
UAPA– 'सत्र न्यायालय द्वारा जमानत देने से इनकार करने के आदेश को केवल एनआईए अधिनियम की धारा 21 के तहत डिवीजन बेंच के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है': मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने परस्पर विरोधी विचारों का निपटारा करते हुए कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 (यूएपीए) के तहत एक आरोपी को जमानत देने से इनकार करने वाले सत्र न्यायालय द्वारा पारित आदेश को केवल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम की धारा 21 के तहत अपील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह की अपील पर केवल उच्च न्यायालय की खंडपीठ ही सुनवाई कर सकती है। आगे कहा कि यूएपीए मामले में सत्र न्यायालय द्वारा जमानत खारिज किए जाने के खिलाफ आवेदन दंड प्रक्रिया...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कॉज लिस्ट, सर्कुलर, नोटिस आदि की जानकारी के लिए टेलीग्राम चैनल लॉन्च करने की घोषणा की
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कॉज लिस्ट, सर्कुलर, नोटिस आदि की जानकारी के लिए टेलीग्राम चैनल लॉन्च करने की घोषणा की

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बुधवार को अधिवक्ताओं और वादियों की सुविधा पर तत्काल सूचना साझा करने की सुविधा प्रदान करने के लिए एक आधिकारिक टेलीग्राम चैनल शुरू करने की घोषणा की। यह टेलीग्राम चैनल 19 जुलाई से प्रभावी होने वाला है।टेलीग्राम चैनल को https://t.me/Orissa HighCourt पर एक्सेस किया जा सकता है। इस एप्लिकेशन को किसी भी Google Play Store या Apple Store से डाउनलोड किया जा सकता है।चैनल सभी हितधारकों को न्यायालय की घटनाओं, परिपत्रों, नोटिसों, प्रेस विज्ञप्तियों, कॉज लिस्ट आदि के बारे में वास्तविक समय में...

गुजरात हाईकोर्ट औपचारिक रूप से अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा; सीजेआई एनवी रमाना 17 जुलाई को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे
गुजरात हाईकोर्ट औपचारिक रूप से अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा; सीजेआई एनवी रमाना 17 जुलाई को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे

गुजरात हाईकोर्ट 17 जुलाई को औपचारिक रूप से अपनी कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करेगा। इस अवसर पर हाईकोर्ट के लाइव स्ट्रीमिंग नियम भी जारी किए जाएंगे।इसके साथ ही गुजरात हाईकोर्ट अपनी कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट बन जाएगा।भारत के मुख्य न्यायाधीश, एनवी रमाना मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाएंगे। वह हाईकोर्ट की अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का उद्घाटन करेंगे। डॉ. न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और अध्यक्ष, ई-समिति भारत का...

यदि बालिग कपल ने स्वेच्छा से विवाह किया है तो उन्हें किसी के द्वारा केवल इसलिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि परिवार वालों को इस तरह की शादी पर आपत्ति है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कपल को सुरक्षा प्रदान की
"यदि बालिग कपल ने स्वेच्छा से विवाह किया है तो उन्हें किसी के द्वारा केवल इसलिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि परिवार वालों को इस तरह की शादी पर आपत्ति है": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कपल को सुरक्षा प्रदान की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने माता-पिता से धमकी प्राप्त करने वाले एक जोड़े को यह देखते हुए सुरक्षा प्रदान की है कि बालिग होने के कारण स्वेच्छा से एक-दूसरे से विवाह करने वाले व्यक्तियों को केवल इसलिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि परिवार वालों को इस तरह की शादी पर आपत्ति है।न्यायमूर्ति विवेक रूस की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि,"अगर याचिकाकर्ता बालिग हैं और स्वेच्छा से शादी किया है तो उन्हें किसी के द्वारा प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए, सिर्फ इसलिए कि उन्हें इस तरह की शादी से आपत्ति...

टीकाकरण कराने से रोजगार को जोड़कर जीवनयापन से इनकार करना अवैध : मणिपुर हाईकोर्ट
टीकाकरण कराने से रोजगार को जोड़कर जीवनयापन से इनकार करना अवैध : मणिपुर हाईकोर्ट

मणिपुर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि लोगों के रोजगार को उनके टीकाकरण से जोड़कर आजीविका से वंचित करना राज्य का एक अवैध कार्य है और इस तरह के उपाय से व्यक्ति की टीकाकरण करने या ऐसा न करने का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता कुचल दी जाएगी।मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार और न्यायमूर्ति ख नोबिन सिंह ने इस प्रकार कहा :"जिन लोगों को अभी तक टीका नहीं लगाने के कारण संस्थानों, संगठनों, कारखानों, दुकानों आदि को खोलने से रोका गया है, या टीकाकरण कराने के लिए उन्हें रोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका से वंचित किया गया...

बोर्ड परीक्षा: केरल हाईकोर्ट में ग्रेस मार्क्स नहीं देने के सरकार के फैसले के खिलाफ एक और याचिका दायर
बोर्ड परीक्षा: केरल हाईकोर्ट में ग्रेस मार्क्स नहीं देने के सरकार के फैसले के खिलाफ एक और याचिका दायर

केरल हाईकोर्ट में शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 में राज्य बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को ग्रेस मार्क्स नहीं देने के सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए एक छात्र ने एक और रिट याचिका दायर की गई है।न्यायमूर्ति अनु शिवरामन ने आज मामले को स्वीकार कर लिया और इसे 22 जुलाई को आदेश के लिए सूचीबद्ध किया है।याचिकाकर्ता पीएमएसएएमए हायर सेकेंडरी स्कूल का प्लस टू छात्र है और पिछले शैक्षणिक वर्ष में एनएसएस लीडर था। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए राज्य स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित...

मध्य प्रदेश ऑनलाइन विवाद समाधान प्लेटफॉर्म शुरू करने वाला पहला राज्य बना
मध्य प्रदेश ऑनलाइन विवाद समाधान प्लेटफॉर्म शुरू करने वाला पहला राज्य बना

मध्य प्रदेश में 10 जुलाई, 2021 को मध्य प्रदेश राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण [एमपीएसएलएसए] ने तीन जिलों ग्वालियर, जबलपुर और भोपाल में एक पायलट परियोजना के रूप में एक ऑनलाइन विवाद समाधान प्लेटफॉर्म का ई-उद्घाटन किया।न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक, मुख्य न्यायाधीश और मुख्य संरक्षक, एमपीएसएलएसए और न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष, एमपीएसएलएसए ने प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया। इससे मध्य प्रदेश मध्यस्थता के माध्यम से विवादों को निपटाने के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाला भारत...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के साथ संवेदनशील बनाने के लिए जेजे बोर्ड में प्रधान मजिस्ट्रेटों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार के बाल अधिकार विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में तैनात प्रधान मजिस्ट्रेटों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए ताकि उन्हें जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 के जनादेश के साथ संवेदनशील बनाया जा सके।न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने बाल अधिकार कार्यकर्ता गोविंद बेनीवाल को बाल अधिकार विभाग के सचिव से मिलने का भी निर्देश दिया ताकि बाल कल्याण समितियों के कामकाज की प्रभावी...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
बहुत कम अधिवक्ताओं ने ई-फाइलिंग सुविधा का लाभ लिया, रजिस्ट्री ने कर्नाटक हाईकोर्ट को सूचित किया

कर्नाटक हाईकोर्ट को अदालत के रजिस्ट्रार कंप्यूटर द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि पोर्टल के माध्यम से मामलों की ई-फाइलिंग सुविधा लंबे समय पहले सक्षम की गई थी, लेकिन बार के बहुत कम सदस्यों ने इसका लाभ उठाया है।हाईकोर्ट के साथ-साथ जिला और विचारण न्यायालयों में मामलों की ई-फाइलिंग के लिए प्रदान की गई सुविधाओं और दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान अब तक ई-फाइल किए गए मामलों की संख्या के आंकड़ों को दर्शाते हुए अदालत द्वारा एक निर्देश के बाद एडवोकेट दिलराज रोहित सिकेरा द्वारा...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
महामारी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है; अंडर ट्रायल कैदी जेलों में बंद हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पांच साल पहले गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ संबंधों के आरोपी महाराष्ट्र के परभणी निवासी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कई मामलों में विचाराधीन कैदी जेलों में बंद हैं और हाल ही में COVID-19 महामारी के कारण व्यवस्था चरमरा गई है।न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि उनके सामने ऐसे मामले आए हैं जहां विचाराधीन लोगों ने अपनी संभावित सजा पूरी कर ली है और सुनवाई अभी भी शुरू नहीं हुई है। अदालत ने भीमा...