मुख्य सुर्खियां
मद्रास हाईकोर्ट ने प्रिंसिपल सीट के समक्ष सीमित फिजिकल सुनवाई जारी रखने की अनुमति दी
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अधिसूचित किया कि वह एक सितंबर से सभी अंतिम सुनवाई के मामलों में वादियों को फिजिकल रूप से प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देगा। यह सुनवाई COVID-19 सुरक्षा मानदंडों के सख्त से पालन के साथ होगी।कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पक्षकारों के लिए वर्चुअल मोड में प्रतिनिधित्व करने का विकल्प भी खुला होगा।अधिसूचना में यह भी कहा गया कि सभी बार एसोसिएशन परिसर और बार एसोसिएशन के पुस्तकालय शनिवार 28 अगस्त, 2021 को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक COVID-19 की सफाई और स्वच्छता के...
"वह अन्य सहयोगियों के साथ भड़काऊ भाषणों में सक्रिय रूप से शामिल था": दिल्ली कोर्ट ने जंतर मंतर भड़काऊ भाषण मामले में प्रीत सिंह को ज़मानत देने से इनकार किया
दिल्ली की एक अदालत ने जंतर मंतर पर कथित रूप से भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी नारेबाजी के आरोपी प्रीत सिंह को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि वह स्पष्ट रूप से अन्य सहयोगियों के साथ भड़काऊ भाषणों में सक्रिय रूप से शामिल था।सिंह सेव इंडिया फाउंडेशन का अध्यक्ष है और उस पर उक्त कार्यक्रम का सह-आयोजक होने का आरोप है, जहां भड़काऊ नारे लगाए गए थे। 12 अगस्त को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।नियमित जमानत से इनकार करते हुए...
"कोई भी कानून से ऊपर नहीं": दिल्ली कोर्ट ने गायक हनी सिंह को उनकी पत्नी द्वारा घरेलू हिंसा मामले में तीन सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया
दिल्ली की एक अदालत ने बॉलीवुड गायक और अभिनेता हनी सिंह को उनकी पत्नी शालिनी तलवार द्वारा उनके खिलाफ दायर घरेलू हिंसा के मामले में तीन सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया। इस सुनवाई में हनी सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। उसके बाद अदालत ने उक्त निर्देश जारी किया।जबकि सिंह के वकील ने शनिवार को हनी सिंह की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी।अदालत ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और सिंह को सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।कोर्ट ने सिंह की मेडिकल रिपोर्ट और आयकर रिटर्न...
कॉज़ लिस्ट में सीनियर एडवोकेट्स के नाम का उल्लेख नहीं होना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह कॉज़ लिस्ट में सीनियर एडवोकेट्स के नाम का उल्लेख न करे।न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की पीठ एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस दौरान संशोधनवादी के वकील जीएस चौहान ने प्रस्तुत किया कि मामले में बहस करने वाले वकील अनिल श्रीवास्तव को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था।इस पर कोर्ट ने रजिस्ट्री को अनिल श्रीवास्तव का नाम कॉज़ लिस्ट से हटाने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आगे कहा,"यह आगे निर्देश दिया जाता है कि किसी भी...
लखनऊ कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को एक महिला और उसके मित्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद लखनऊ की एक अदालत ने उन्हें 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।24 वर्षीय महिला, जिसका 2019 में बहुजन समाज पार्टी के सांसद अतुल राय द्वारा कथित रूप से बलात्कार किया गया था, उसने 24 अगस्त को दम तोड़ दिया। उसके 27 वर्षीय मित्र की पिछले सप्ताह इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।महिला ने आरोप लगाया था कि ठाकुर ने सांसद राय के खिलाफ मामला वापस लेने के लिए या इसे कमजोर...
आरोपी द्वारा पहली बार यौन उत्पीड़न करने के समय विरोध न करना पीड़िता की पूर्व सहमति के समानः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि आरोपी द्वारा पहली बार यौन उत्पीड़न करने के समय पीड़िता द्वारा उसका विरोध न करना,पीड़िता की पूर्व-सहमति के समान माना जाएगा और इसलिए, इस प्रकार दी गई सहमति को तथ्य की गलत धारणा के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। जस्टिस आर. पोंगियप्पन की बेंच ने यह टिप्पणी आईपीसी की धारा 376 के तहत एक व्यक्ति/आरोपी की सजा को खारिज करने के लिए दायर एक अपील पर विचार करने के बाद की, जिसने कथित तौर पर पीड़िता से शादी करने का वादा किया था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। संक्षेप में तथ्य ...
एक जज को यह देखना चाहिए कि किसी भी कीमत पर न्याय सुनिश्चित हो : जस्टिस अभय ओका ने अपने विदाई भाषण में कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय ओका ने शुक्रवार को अपने विदाई भाषण में कहा, "एक न्यायाधीश को कठोर हुए बिना सख्त और अडिग हुए बिना बहुत दृढ़ होना चाहिए। न्यायाधीश को किसी को खुश करने के लिए कुछ नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे देखना चाहिए कि किसी भी कीमत पर न्याय हो।"न्यायमूर्ति ओका को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया है। वे हाईकोर्ट और कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि,"एक न्यायाधीश के रूप में 18 साल से अधिक काम करने के बाद मैंने महसूस किया...
पैरोल पूरा होने पर आत्मसमर्पण करने में कैदी की विफलता राज्य की वैध हिरासत से भागने के बराबर: राजस्थान उच्च न्यायालय
राजस्थान उच्च न्यायालय ने यह पाते हुए कि 2020 में उच्च न्यायालय की एक डिवीजन बेंच द्वारा दिया गया निर्णय कानून में सही नहीं है, गुरुवार को कहा कि एक कैदी पैरोल अवधि पूरी होने पर जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करना, राज्य की विधिपूर्ण अभिरक्षा से भाग निकलने जैसा माना जाएगा और सामान्यतया ऐसा बंदी राजस्थान बंदी ओपन एयर कैम्प नियमों के अनुसार ओपन एयर कैम्प में स्थानान्तरित होने का हकदार नहीं होगा ।जस्टिस विनीत कुमार माथुर, जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस विजय बिश्नोई की...
सरकार के खिलाफ शिकायत करने पर नागरिकों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई जा सकती: गुजरात हाईकोर्ट ने NRC/CAA प्रदर्शनकारी के खिलाफ आदेश को रद्द किया
गुजरात हाईकोर्ट ने NRC/ CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रही अज्ञात व्यक्तियों की एक भीड़ में शामिल होने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ कुछ क्षेत्रों में आवाजाही को सीमित (externment) करने के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने उक्त आदेश यह देखते हुए दिया कि सरकार के खिलाफ अपनी शिकायत ऊपर उठाने के लिए है कि नागरिकों आवाजाही सीमित करने के आदेश के अधीन नहीं किया जा सकता।जस्टिस परेश उपाध्याय की पीठ एक सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद कलीम सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे सहायक पुलिस आयुक्त, अहमदाबाद...
दिल्ली हाईकोर्ट ने वैक्सीन के दोनों डोज लेने बावजूद 'पूरी तरह से वैक्सीनेटिड' प्रमाण पत्र जारी न करने का दावा करने वाले वकील की याचिका पर जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरी तरह से वैक्सीनेटिड होने के बावजूद उसे इस संबंध में उचित प्रमाण पत्र जारी नहीं करने का दावा करने वाले एक वकील की याचिका पर स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार से जवाब मांगा।वकील ने अपनी याचिका में दावा कि आधिकारिक COWIN पोर्टल उन्हें 'आंशिक रूप से टीका (वैक्सीनेट) लगाया हुआ' व्यक्ति के रूप में दिखा रहा है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई 27 सितंबर, 2021 को तय की है।दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ता विश्वेश्वर श्रीवास्तव ने...
राष्ट्रपति ने तेलंगाना, गुजरात, सिक्किम और कर्नाटक के उच्च न्यायालयों के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की
भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने तेलंगाना, गुजरात, सिक्किम और कर्नाटक के उच्च न्यायालयों के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की है।ये नियुक्तियां इस बात को ध्यान में रखते हुए की गई हैं कि इन चार उच्च न्यायालयों के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में उनकी नियुक्ति के परिणामस्वरूप अपने अपने संबधित हाईकोर्ट से अपना कार्यभार छोड़ देंगे।कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश...
मजिस्ट्रेट को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच में आईओ की सहायता के लिए इंस्पेक्टर रैंक से नीचे के अधिकारी को अनुमति देने का अधिकार : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक विशेष न्यायाधीश को अन्वेषण (investigation) में जांच अधिकारी (आईओ) की सहायता करने के लिए इंस्पेक्टर रैंक से नीचे के अधिकारी को अनुमति देने का अधिकार है।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने कहा कि ऐसे अधिकारी द्वारा उठाए गए कदम जांच अधिकारी की सीधी निगरानी में होने चाहिए, जो जांच को नियंत्रित कर रहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अधीनस्थ अधिकारी द्वारा उठाए गए सभी कदमों के लिए आईओ जिम्मेदार होगा।न्यायालय विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित 7...
झारखंड हाईकोर्ट में एचसी न्यायाधीश को हटाने की मांग करने पर एजी और एएजी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने को लेकर याचिका दाखिल
झारखंड हाईकोर्ट में महाधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा और अतिरिक्त महाधिवक्ता सचिन कुमार के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया गया है। महाधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा और अतिरिक्त महाधिवक्ता सचिन कुमार के खिलाफ यह आवेदन उस घटना के बाद दायर किया गया है, जब उन्होंने न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी को यह कहते हुए एक मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की कि उन्होंने याचिकाकर्ता राज्य के वकील को सुना कि '200% मामला मंजूर होने जा रहा है।'न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी ने...
मुख्य न्यायाधीश एएस ओका ने बेंगलुरु सिटी सिविल कोर्ट कॉम्प्लेक्स में नए चाइल्ड केयर सेंटर का उद्घाटन किया
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय एस ओका ने शुक्रवार को अधिवक्ताओं और अदालत के कर्मचारियों के बच्चों के लाभ के लिए बेंगलुरु में सिटी सिविल कोर्ट कॉम्प्लेक्स के अंदर क्रेच (चाइल्ड केयर सेंटर) सुविधा का उद्घाटन किया।उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना भी मौजूद थीं।न्यायमूर्ति नागरत्ना ने ही सिटी सिविल कोर्ट बैंगलोर के प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में अदालत परिसर में एक शिशुगृह की स्थापना को मंजूरी दी थी। यह सुविधा राज्य के किसी न्यायालय परिसर में अपनी तरह की पहली सुविधा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने आईटी नियम, 2021 के तहत व्हाट्सएप के ट्रैसेबिलिटी क्लॉज को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 4 (2) के तहत उल्लिखित "ट्रेसेबिलिटी" क्लॉज को चुनौती देने वाली व्हाट्सएप की याचिका पर नोटिस जारी किया।"ट्रेसेबिलिटी" क्लॉज केएस पुट्टुस्वामी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में निहित निजता के अधिकार का उल्लंघन है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने व्हाट्सएप के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया।केंद्र सरकार ने मामले में स्थगन की मांग की थी।इस...
किसान विरोध प्रदर्शन और दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों पर अभियोजक नियुक्ति के एलजी के फैसले के खिलाफ दिल्ली राज्य सरकार की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने उपराज्यपाल (एलजी) के एक आदेश के खिलाफ दिल्ली राज्य सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें किसान विरोध प्रदर्शन मामले और दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों पर बहस करने के लिए अपनी पसंद के अभियोजकों का एक पैनल नियुक्त करने के कैबिनेट के फैसले को एलजी ने पलट दिया था।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एएम सिंघवी को सुना और मामले को अगली सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर के लिए पोस्ट कर दिया।दिल्ली...
नए वाहनों के लिए एक सितंबर से बंपर से बंपर बीमा अनिवार्य: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्देश दिया कि एक सितंबर के बाद जब भी कोई नया वाहन बेचा जाता है, तो वाहन के चालक, यात्रियों और मालिक को कवर करने के अलावा, हर पांच साल की अवधि के लिए बम्पर से बम्पर बीमा के लिए अनिवार्य है।न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा दिए गए फैसले को रद्द करते हुए निर्देश पारित किया। इसमें बीमा कंपनी द्वारा मृतक के रिश्तेदारों को मुआवजे के रूप में 14,65,800 रुपये की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।कोर्ट ने...
COVID-19 वैक्सीन की तीसरी खुराक की प्रभावशीलता पर क्लिनिकल ट्रायल जारी: केरल हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया
केंद्र सरकार ने गुरुवार को केरल हाईकोर्ट में बताया कि COVID-19 वैक्सीन की तीसरी डोज की देने प्रभावकारिता का पता लगाने के लिए नैदानिक ट्रायल चल रहे हैं।इसके साथ ही सरकार ने कहा कि इसे पूरा होने में कुछ और महीने लगेंगे।न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार को बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे आने तक इंतजार करना ही एकमात्र उपाय बचा है।उपरोक्त अनुरोध एनआरआई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वैक्सीन की तीसरी डोज दिए जाने की मांग करने वाली याचिका का विरोध करते हुए किया गया...
महात्मा गांधी का सपना था कि महिलाएं आधी रात को चलने में सुरक्षित महसूस करें: उड़ीसा हाईकोर्ट ने पॉक्सो के तहत आरोपी की सजा को बरकरार रखा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में 13 साल की नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के लिए POCSO के तहत एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि मोहनदास करमचंद गांधी का सपना था कि महिलाएं आधी रात को भारत की सड़कों पर चलने में सुरक्षित महसूस करती करें। मगर "यह बात वास्तविकता में कहीं दिखाई नहीं पड़ रही" है।न्यायमूर्ति एस के साहू की खंडपीठ ने विशेष रूप से कहा:"जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस और कई अन्य जैसे महान सपूतों के साथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व...
दुखद है कि स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद भी लोगों को अंतिम संस्कार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हैः आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा, "यह दुखद है कि स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद भी समाज के कुछ हिस्सों को कुछ गांवों और शहरों में शवदाहगृह और कब्रगाहों की कमी के कारण अंतिम संस्कार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।" उक्त टिप्पणियों के साथ न्यायालय ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन का अधिकार न केवल एक जीवित व्यक्ति को बल्कि उसके मृत शरीर को भी उपलब्ध है।जस्टिस बट्टू देवानंद की खंडपीठ ने एक रिट याचिका का निपटारा किया, जिसमें हिंदू अंत्येष्टि स्थल के एक हिस्से को...



















