मुख्य सुर्खियां
अदालत को अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने/अनुमति देने की कानूनी रूप से अनुमति है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अग्रिम जमानत के लिए एक आवेदन को खारिज करते समय, अदालत के लिए यह कानूनी रूप से अनुमत है कि आरोपी को एक विशिष्ट अवधि के भीतर जांच अधिकारी या क्षेत्राधिकारी अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया जाए।न्यायमूर्ति आर. नारायण पिशारदी की खंडपीठ ने नाथू सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एलएल 2021 एससी 261 का उल्लेख किया, जिसमें यह देखा गया है कि जब अग्रिम जमानत देने के लिए एक सख्त मामला नहीं बनता है, बल्कि जांच प्राधिकरण ने हिरासत में जांच के लिए एक मामला, यह नहीं...
'व्यापार स्वास्थ्य से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं': केरल हाईकोर्ट ने राज्य में वीकएंड लॉकडाउन को वापस लेने की याचिका खारिज कर दी
केरल हाईकोर्ट ने यह निर्णय देते हुए कि व्यापार स्वास्थ्य से ज्यादा अधिक महत्वपूर्ण नहीं है, हाल ही में COVID-19 महामारी के बीच राज्य में लगाए गए वीकएंड के लॉकडाउन को वापस लेने की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी चैली ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगी गई प्रार्थना सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के विपरीत होगी।याचिकाकर्ता ने शनिवार और रविवार को लगाए गए लॉकडाउन और राज्य में सभी दुकानों, प्रतिष्ठानों, बैंकों, अन्य संस्थानों पर लगाए गए...
"सुरक्षित घर में स्थानांतरित": परिजनों से धमकी का सामना कर रहे LGBTQ युगल की संरक्षण याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने निस्तारित की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक LGBTQ दंपति की सुरक्षा याचिका का निस्तारण किया। कोर्ट ने यह नोट किया कि दंपति को अपने परिवारों से धमकी का सामना करना पड़ रहा था, इसलिए उन्हें सुरक्षित घर में स्थानांतरित कर दिया गया है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता की सिंगल जज बेंच ने कहा, "एक बार जब खतरे की कोई धारणा नहीं रह जाती है तो याचिकाकर्ताओं को अपने खुद के आवास में स्थानांतरित कर दिया जाए।"इससे पहले अदालत ने पुलिस को दंपति को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने और उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित सुरक्षित घर में...
वकीलों को लोकल ट्रेनों में यात्रा की अनुमति के संबंध में गुरुवार तक अंतिम निर्णय होने की संभावना: महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
मुंबई महानगर क्षेत्र के वकीलों को लोकल ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति दी जाए या नहीं, इस पर अंतिम फैसला लेने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार तक का समय मांगा।राज्य सरकार ने मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ को सूचित किया कि रेलवे अधिकारियों ने बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र और गोवा के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठक की और शनिवार को एक अस्थायी प्रक्रिया का फैसला किया गया।महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी ने बैठक के दौरान, रेलवे अधिकारियों ने स्थानीय ट्रेनों में वकीलों को...
NEET PG 2021 की आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र, राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को शिकायत पर विचार करने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट पीजी 2021 की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन की तारीख बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को यह विचार करने का निर्देश दिया है कि क्या उम्मीदवारों द्वारा इंटर्नशिप पूरा करने के लिए तारीख बढ़ाई जा सकती है।न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की एकल न्यायाधीश की पीठ ने केंद्र को संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करने और सुनवाई की अगली तारीख यानी 12 अगस्त से पहले उक्त पहलू पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।2015 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए...
CLAT 2021: NLU कंसोर्टियम ने उम्मीदवारों को बिना शुल्क के अस्थायी रूप से काउंसिलिंग में भाग लेने की अनुमति दी: केरल हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित की
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज ने सोमवार को केरल हाईकोर्ट को सूचित किया कि अदालत के निर्देशों के अनुसार, उसकी शिकायत निवारण समिति ने कई उम्मीदवारों को 50,000 रुपये का भुगतान किए बिना एनएलयू में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में अस्थायी रूप से भाग लेने की अनुमति दी थी।जस्टिस अनु शिवरामन ने यह कहते हुए मामले का निस्तारण किया कि कंसोर्टियम ने याचिकाकर्ताओं और इसी तरह के अन्य उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई शिकायतों का तेजी से जवाब दिया।कोर्ट ने कहा कि "ऐसी प्रक्रिया में जहां उम्मीदवारों को इतनी...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 23 अगस्त तक बढ़ाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने (धारवाड़ और कलबुर्गी में प्रमुख सीट और बेंच), सभी जिला न्यायालयों, सिविल न्यायालयों, परिवार न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, औद्योगिक न्यायाधिकरणों और राज्य के अन्य सभी न्यायाधिकरणों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 23 अगस्त तक बढ़ा दिया है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने कहा:"यह सच है कि राज्य में COVID-19 के पॉजीटिव मामलों की संख्या में भारी कमी आई है। अंतरिम आदेशों के विस्तार के लिए अदालतों में किसी भी हड़बड़ी से बचने के लिए हम...
धर्म भक्ति का एक साधान है जिसे किसी विशेष पूजा पद्धति से नहीं बांधा जा सकता; 'अकबर-जोधा' सबसे अच्छा उदाहरण: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि धर्म भक्ति का एक साधान है और इसे किसी विशेष पूजा पद्धति से नहीं बांधा जा सकता है और इसका सबसे अच्छा उदाहरण सम्राट अकबर और उनकी पत्नी जोधा बाई हैं।न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने जावेद को जमानत देने से इनकार किया, जिस पर आरोप लगाया गया है कि उसने एक हिंदू लड़की को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में धर्मांतरित करवा दिया,ताकि आरोपी उसके साथ शादी कर सके।कोर्ट ने कहा कि,''हमारे भारतीय संविधान के तहत सभी को स्वतंत्रता का अधिकार है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि लोग...
मानवाधिकार आयोग एक सिफारिशी निकाय, मुआवजे के भुगतान का निर्देश नहीं दे सकताः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा कि मानवाधिकार आयोग एक सिफारिशी निकाय है और मुआवजे के भुगतान के निर्देश का आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने कहा कि 1993 के मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम की धारा 18 आयोग को केवल सिफारिश करने का अधिकार देती है न कि निर्णय लेने का।कोर्ट ने कहा, "आयोग का कोई न्यायिक क्षेत्राधिकार नहीं है, और सरकार/उसके प्राधिकरणों पर कानून के अनुसार आयोग की सिफारिश पर विचार करने का दायित्व है।"मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 3 और...
"घटना के बाद पुरुष और महिला के बीच विवाह हो जाने पर बलात्कार का अपराध समाप्त नहीं होता": दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार की एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पुरुष के खिलाफ बलात्कार के आरोपों से संबंधित एक एफआईर को यह कहते हुए रद्द करने से इनकार कर दिया कि पुरुष और महिला के बीच घटना के बाद विवाह होने पर बलात्कार का अपराध समाप्त नहीं हो जाता है।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने आईपीसी की धारा 376 और 506 धारा के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करने वाले एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता और प्रतिवादी नंबर दो के बीच विवाह होने के बाद उस अपराध माफ नहीं हो सकता है, जैसा कि...
दिल्ली दंगा मामले में 'आप' के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की नई जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगा मामले (एफआईआर 120/2020) के सिलसिले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन द्वारा दायर एक नई जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की एकल पीठ ने ताहिर हुसैन द्वारा दायर अन्य लंबित जमानत याचिकाओं के साथ जमानत याचिका को टैग करते हुए नोटिस जारी किया, जो छह अगस्त को न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।ताहिर हुसैन की ओर से अधिवक्ता रिजवान के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर पेश हुए, जबकि राज्य के लिए विशेष लोक अभियोजक डीके...
सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय का प्रशासन जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलता है, तुष्टिकरण से नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय का प्रशासन जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलता है, तुष्टिकरण से नहीं। कोर्ट ने देखा कि न्यायालय द्वारा पारित आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है,न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ एक ऐसे मामले से निपट रही थी, जिसमें अदालत के निर्देशानुसार राज्य सरकार हलफनामा पेश करने में विफलता रही और अदालत ने कहा कि राज्य के वकीलों द्वारा लापरवाही दिखाई गई है।न्यायालय को यह सूचित किया गया कि राज्य के संबंधित वकीलों ने स्पष्ट रूप से पुलिस अधिकारियों को...
उन्नाव रेप सर्वाइवर ने निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया; दिल्ली की कोर्ट ने याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट की मांग की
दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव रेप सर्वाइवर की याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता ने उसे पर्याप्त सुरक्षा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिनियुक्त निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है और इस संबंध में दिल्ली की एक अदालत में गुहार लगाई है।याचिका में बिना किसी कारण याचिकाकर्ता की गतिविधियों या स्वतंत्रता को कथित रूप से कम करके उसे परेशान या अपमानित नहीं करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई। जिला एवं सत्र...
कोर्ट रिपोर्टिंग- साक्ष्य के मूल्य के संबंध में पत्रकार का क्षणिक प्रभाव भी उसके वैध दायरे से पूरी तरह बाहर हैः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक महत्वपूर्ण अवलोकन में इस बात पर जोर दिया है कि एक ओपन कोर्ट सिस्टम (खुली अदालत प्रणाली) में निष्पक्ष रिपोर्टिंग को रोका नहीं जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना है कि साक्ष्य के मूल्य के संबंध में पत्रकार का क्षणभंगुर/क्षणिक प्रभाव भी पूरी तरह से उसके वैध दायरे से बाहर है। न्यायमूर्ति जीएस पटेल की खंडपीठ ने विशेष रूप से कहा कि अदालती कार्यवाही की निष्पक्ष रिपोर्टिंग (निर्णय देने से पहले) अदालत के समक्ष पेश साक्ष्य या तर्कों की गुणवत्ता पर टिप्पणियां करने...
COVID-19: यूजीसी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए नर्सिंग छात्रों ने ऑफलाइन एग्जाम रद्द करने की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट का रुख किया
COVID-19 महामारी के बीच ऑफ़लाइन एग्जाम कराने के केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के फैसले को चुनौती देने वाले B.Sc नर्सिंग छात्रों द्वारा केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।न्यायमूर्ति अनु शिवरामन आज (सोमवार) मामले की सुनवाई करेंगे।इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अरुण सैमुअल और एडवोकेट जितिन बाबू पेश होंगे।उपरोक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध दो अलग-अलग कॉलेजों में नामांकित दो छात्रों ने राज्य में मौजूदा स्थिति के बावजूद ऑफ़लाइन एग्जाम आयोजित करने में उत्तरदाताओं द्वारा कथित...
असंवैधानिक घोषित प्रावधान कानून की किताब से मिटाया नहीं जाता है; केवल अप्रवर्तनीय हो जाता है; एक बार दोष ठीक हो जाने पर, फिर से प्रवर्तनीय हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि जब किसी प्रावधान को असंवैधानिक घोषित किया जाता है, तो वह निरस्त या समाप्त नहीं हो जाता; यदि संशोधन के माध्यम से दोषों को ठीक कर दिया जाता है, तो यह प्रवर्तनीय हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि यदि दोषों को ठीक कर दिया जाता है तो पूरी धारा को फिर से अधिनियमित या प्रवर्तन करने की जरूरत नहीं है।कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के संबंध में ये टिप्पणियां कीं, जो जमानत देने पर दोहरी शर्तें लगाती हैं। निकेश ताराचंद शाह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में 2018 में...
पेशेवर कदाचार के आरोपों पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ जांच का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने गुरुवार को एक वकील के खिलाफ कथित पेशेवर कदाचार के आरोपों में प्रारंभिक जांच का आदेश दिया।न्यायमूर्ति रोहित देव ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नागपुर को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या आरोपी स्वप्निल रामटेके के वकील ने यह बताए बिना कि पहली जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है, निचली अदालत के समक्ष अपने मुवक्किल के लिए दूसरी जमानत याचिका दायर की थी।अदालत ने न्यायाधीश से पूछा कि क्या रामटेके ने अपने मुवक्किल के निर्देश पर ऐसा किया है या नहीं।अदालत ने...
बार संघों के बिना शर्त माफीनामे के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने हड़ताल के आह्वान पर शुरू अवमानना कार्यवाही रद्द की
मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने पदाधिकारियों की बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया।कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में पांच अलग-अलग जिला बार संघों के पदाधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही को स्वत: समाप्त कर दिया। स्वत: संज्ञान की कार्यवाही कोर्ट के काम से दूर रहने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों के खुले आह्वान पर आधारित थी।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने मद्दुर, मांड्या, पांडवपुरा, मालवल्ली और कृष्णराजपेटे में बार...
देश में धार्मिक कट्टरता, लालच और भय के लिए कोई जगह नहींः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि हमारे देश में धार्मिक कट्टरता, लालच और भय के लिए कोई जगह नहीं है, कहा कि यदि बहुसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति अपमानित होने के बाद अपने धर्म को परिवर्तित करता है, तो इससे देश कमजोर बन जाता है और विनाशकारी शक्तियों का स्रोत इससे लाभान्वित होता है। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ एक जावेद की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर आरोप लगाया गया है कि उसने एक हिंदू लड़की को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में धर्मांतरित करवा दिया,ताकि आरोपी उसके...



















