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उन्नाव रेप सर्वाइवर ने निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया; दिल्ली की कोर्ट ने याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट की मांग की

LiveLaw News Network
2 Aug 2021 6:46 AM GMT
उन्नाव रेप सर्वाइवर ने निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया; दिल्ली की कोर्ट ने याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट की मांग की
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दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव रेप सर्वाइवर की याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता ने उसे पर्याप्त सुरक्षा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिनियुक्त न‌िजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है और इस संबंध में दिल्ली की एक अदालत में गुहार लगाई है।

याचिका में बिना किसी कारण याचिकाकर्ता की गतिविधियों या स्वतंत्रता को कथित रूप से कम करके उसे परेशान या अपमानित नहीं करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी को मामले में स्थानीय पुलिस की मदद से रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता और उसके पर‌िजनों को निजी सुरक्षा अधिकारियों ने कथित तौर पर उसे अपनी स्वतंत्रता का आनंद लेने की अनुमति नहीं देने के लिए परेशान किया था। कोर्ट ने कहा, "यह निर्देश दिया जाता है कि इस आवेदन पर विचार किया जाए।"

आवेदन में यह कहा गया है कि पीड़िता अपने मामले को संविधान के तहत आरोप‌ियों के खिलाफ उसे प्राप्त मौलिक अधिकारों के अनुसार लोकतांत्रिक तरीके से अपने मामले को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं है। आरोपी कथित तौर पर उसके और उसके परिवार के सदस्‍यों के जीवन को बर्बाद करने पर आमादा हैं।

याचिका में प्रार्थना की गई है, "जो हो रहा है उसे ध्यान में रखते हुए, सम्मानपूर्वक यह प्रार्थना की जाती है कि, संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को उचित निर्देश जारी किए जा जा सकते हैं कि वे पीड़ित / अभियोजक की आवाजाही/ स्वतंत्रता को मामूली कारणों से कम न करें और, परिणामस्वरूप, उसे उसके वकील या किसी अन्य स्रोत से तथ्य के टेलीफोनिक सत्यापन पर आनेजाने की अनुमति दी जाए।"

एक अन्य व‌िकास में, मौजूदा जज ने उन्नाव रेप सर्वाइवर कार दुर्घटना मामले में धोखाधड़ी और साजिश की संभावना से इनकार कर दिया था, और मामले में भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ संज्ञान लेने से मना कर दिया था।

अदालत ने सीबीआई जांच को बरकरार रखा, जिसने उन्नाव बलात्कार पीड़िता कार दुर्घटना मामले में किसी धोखाधड़ी से इनकार किया था। जज ने प्रथम दृष्टया उल्लेख किया कि घटना के सभी प्रासंगिक पहलुओं की पूरी तरह से जांच की गई, स्कैन किया गया और सीबीआई द्वारा अन्वेषण किया गया।

मामला सेंगर और उसके सहयोगियों के बीच एक कथित साजिश से पैदा हुआ था। उन्नाव रेप पीड़िता, उसके वकील और दो मौसियों को लेकर जा रही कार की एक ट्रक से टक्कर हो गई थी।

उसकी दो मौसियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सेंगर और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।सीबीआई जांच ने पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या या हत्या के प्रयास के लिए किसी मौजूदा आपराधिक साजिश की संभावना को खारिज कर दिया था।

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