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"कोर्ट कमसिन उम्र की लड़कियों का संरक्षक है जो परिणामों को जाने बिना संरक्षण याचिका दायर करती हैं": हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को यह पता करने का निर्देश दिया कि लड़की निर्णय लेने में सक्षम है या नहीं
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यायालय नाबालिग लड़कियों या कमसिन उम्र की लड़कियों का अभिभावक भी है, जिन्हें कम उम्र के कारण प्रेमासक्ति के वश में तथा लिव-इन-रिलेशनशिप के आधार पर याचिका दायर करने के परिणामों के न जानने के कारण एक पुरुष द्वारा बहकाया भी जा सकता है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने आगे कहा कि जहां लड़की या तो नाबालिग है या उसकी उम्र 18 साल के आसपास है, लिव-इन-रिलेशनशिप के आधार पर किसी भी याचिका का निपटारा करने से पहले, कोर्ट को लड़की के माता-पिता को नोटिस देना...
समन जारी करने से पहले या कैविएट दायर किये बिना उपस्थित बचाव पक्ष को वाद के निरस्त होने पर सुना जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर-VII नियम 11 के तहत वाद को निरस्त करने के लिए समन से पहले के चरण में उस प्रतिवादी को सुनने में कोई रोक नहीं है, जिसे न तो समन जारी किया गया है और न ही वह कैविएट पर पेश हुआ है।चूंकि न्यायालय को समन पूर्व चरण में ऑर्डर VII नियम 11 के तहत वादपत्र की अस्वीकृति के आधारों की जांच करने का अधिकार है, इसलिए वह एक प्रतिवादी को सुन सकता है जो अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित है, भले ही उसे कोई समन जारी नहीं किया गया हो या उसने सीपीसी की...
छोड़ी गई भैंसों के बचाव में आया केरल हाईकोर्ट: तहसीलदार को उन्हें पीएफए को सौंपने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पलक्कड़ तहसीलदार को नगर पालिका की हिरासत में रखी भैंसों को पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) के अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति टीआर रवि ने निजी संपत्ति में छोड़ी गई भैंसों और अहिंसा फार्म पशु अभयारण्य के कल्याण में रुचि रखने वाली संस्था पीएफए द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश जारी किया।याचिकाकर्ता संगठन ने अदालत से इन भैंसों की कस्टडी सौंपने का निर्देश मांगा था। अपनी याचिका में उन्होंने शिकायत की थी कि जानवर संकट में हैं। उन्हें उचित देखभाल नहीं दी जा रही...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : हाईकोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह, चुनिंदा ऑर्डर/जजमेंट
आइए नज़र डालते हैं देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछला सप्ताह कैसा रहा। 26 जुलाई 2021 से 30 जुलाई 2021 तक हाईकोर्ट के चुनिंदा ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र....।पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी बूढ़ी मां को गैर-कानूनी तरीके से घर से बेदखल करने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगायापंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसने अपनी बूढ़ी मां को अवैध रूप से बेदखल करने का प्रयास किया था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी बूढ़ी मां को गैर-कानूनी तरीके से घर से बेदखल करने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसने अपनी बूढ़ी मां को अवैध रूप से बेदखल करने का प्रयास किया था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान ने दायर याचिका को 'दुर्भाग्यपूर्ण याचिका' बताते हुए कहा कि,"प्रतिवेदन के अवलोकन से यह भी पता चलता है कि यह अपनी ही मां को परेशान करने के परोक्ष उद्देश्य से दायर किया गया है ताकि उसके द्वारा दिए गए जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर, याचिकाकर्ता घर को हड़प सके और...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्टेट बोर्ड से कक्षा 10 और 12 की परीक्षा फीस वापस करने पर विचार करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन के अध्यक्ष को COVID19 महामारी के कारण इस साल की कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के मद्देनजर परीक्षा फीस वापस करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने के लिए कहा है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने सांगली के एक 80 वर्षीय सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल प्रतापसिंह चोपदार की जनहित याचिका का निपटारा किया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि असंख्य परिवारों ने कक्षा...
मद्रास हाईकोर्ट ने मद्रास बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाई
मद्रास हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को होने वाले मद्रास बार एसोसिएशन (एमबीए) के चुनाव पर शुक्रवार को रोक लगा दी।न्यायमूर्ति एन किरुबाकरण और न्यायमूर्ति आर पोंगियप्पन की पीठ ने इस आधार पर अंतरिम आदेश जारी किया कि बार एसोसिएशन मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु एंड पुडुचेरी (बीसीटीएनपी) के साथ अपने व्यक्तिगत सदस्यों के प्रमाण पत्र को सत्यापित करने में विफल रहा है। .अदालत 14 जुलाई की चुनाव अधिसूचना पर रोक लगाने के लिए अदालत के समक्ष प्रार्थना करने वाले एक वकील द्वारा दायर एक रिट...
"मुझे संबोधित करते समय 'यौर लॉर्डशिप', 'माय लॉर्ड' का इस्तेमाल न करें": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार त्यागी ने वकीलों से आग्रह किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी ने बार एसोसिएशन के सदस्यों से संबोधन को लेकर अनुरोध करते हुए नोट जारी किया है, जिसमें बार के सदस्यों से न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी को 'यौर लॉर्डशिप' या 'माय लॉर्ड' के रूप में संबोधित करने से बचने का अनुरोध किया गया है। ।नोट में कहा गया है कि,"यह बार के सम्मानित सदस्यों की जानकारी के लिए है कि न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी ने अनुरोध किया है कि बार के सम्मानित सदस्य उन्हें 'यौर लॉर्डशिप' या 'माय लॉर्ड' के रूप में संबोधित करने से...
बैंक गारंटी के लिए एक साल की अनिवार्य अवधि पर जोर नहीं दे सकते बैंक : दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुबंध अधिनियम की धारा 28 के अपवाद तीन की व्याख्या की
एक महत्वपूर्ण फैसले में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 की धारा 28 के अपवाद 3 की व्याख्या करते हुए कहा है कि यह बैंक गारंटी के तहत 'दावा अवधि' से संबंधित नहीं है। कोर्ट ने माना कि यह प्रावधान बैंक गारंटी के तहत अधिकारों को लागू करने के लिए लेनदार के लिए अदालत या न्यायाधिकरण से संपर्क करने की अवधि को कम करने से संबंधित है।न्यायमूर्ति जयंत नाथ द्वारा लिखे गए निर्णय में कहा गया है,"यह स्पष्ट है कि अनुबंध अधिनियम की धारा 28 के अपवाद 3 में लेनदार के लिए अपने अधिकारों को लागू करने...
मुस्लिम विवाह को विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए मजबूर करने का आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस्लामिक कानून के तहत शादी करने वाले व्यक्तियों को विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत अपनी शादी का पंजीकरण कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है।याचिकाकर्ता एनजीओ- धनक फॉर ह्यूमैनिटी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह ने कहा कि इस्लामिक कानून के तहत होने वाली शादियों को 2014 के अनिवार्य पंजीकरण विवाह आदेश के तहत पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, पक्षकारों को अपनी शादी को...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उचित पहचान दस्तावेज नहीं रखने वाले व्यक्तियों के वैक्सीनेशन पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन व्यक्तियों के वैक्सीनेशन की स्थिति के संबंध में असम राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग से जवाब मांगा है, जिनके पास उचित पहचान दस्तावेज नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति मनश रंजन पाठक की खंडपीठ ने असम सरकार को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने यह भी जवाब मांगा कि राज्य द्वारा ऐसे व्यक्तियों को COVID-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक किस तरीके से दी जाएगी।कोर्ट ने आदेश दिया,"स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सरकारी वकील दो...
अस्पतालों में लगे सीसीटीवी कैमरों को नजदीकी पुलिस थानों से जोड़ने की आवश्यकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने वर्तमान महामारी में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (PIL) याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कहा कि अस्पतालों में केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है। इसके सथा ही सीसीटीवी कैमरों को निकटतम पुलिस स्टेशन से कनेक्ट करना आवश्यक है।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति मनश रंजन पाठक की खंडपीठ ने इस संबंध राज्य सरकार को इस बारे में दस दिनों के भीतर अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया।पिछली सुनवाई के दौरान, पीठ को महाधिवक्ता, असम द्वारा सूचित...
पहला मामला, जिसका यूट्यूब पर किया गया सजीव प्रसारण; कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिया फैसला
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना है कि कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) द्वारा 1 जुलाई, 2020 की उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार तालुक के बैथकोल गांव में मौजूदा कारवार बंदरगाह के विस्तार के लिए दी गई सहमति अवैध है। उच्च न्यायालय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्थापना के लिए नए सिरे से सहमति दिए जाने तक विस्तार कार्य पर रोक लगा दी है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने बैथकोल बंधारु निराश्रितरा यांत्रिक्रुत धोनी मीनुगरारा सहकारा संघा नियमिता और उत्तर...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बंदरों के भीषण नरसंहार पर स्वत: संज्ञान लिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बोनट मकाक (बंदरों) के एक समूह को जहर देने और उनमें से 38 से अधिक की हत्या करने की घटना के संबंध में मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लिया।बंदरों के शव बुधवार को कर्नाटक के हासन जिले के बेलूर तालुक के अरेहली होबली के चौडेनहल्ली में एक सड़क जंक्शन पर पाए गए।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एनएस संजय गौड़ा की खंडपीठ ने कहा,"हम महापंजीयक (न्यायिक) को बंदरों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका...
UAPA – 'मानवीय आधार पर जमानत मांगने पर वटाली जजमेंट लागू नहीं होगा': बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग को अस्थायी जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव - एल्गार परिषद के आरोपी अधिवक्ता सुरेंद्र गाडलिंग को अस्थायी जमानत देते हुए कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत नियमित जमानत की कठोरता मानवीय आधार पर अस्थायी जमानत देने के लिए लागू नहीं होगी।अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी बनाम जहूर अहमद शाह वटाली मामले में दिए गए निर्णय को ध्यान में रखते हुए कहा कि इसे पूरी तरह से मानवीय आधार पर माता-पिता की मौत पर जमानत मांगने का विरोध करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति...
दिल्ली हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव से एलोपैथी पर उनकी टिप्पणी के खिलाफ डॉक्टरों की याचिका पर जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव से एलोपैथी पर अपने बयानों के माध्यम से COVID-19 इलाज के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए कई उनके खिलाफ दायर डॉक्टरों की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा।वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने तर्क दिया कि मूलभूत शिकायतें हैं: (ए) प्रतिवादी रामदेव एक डॉक्टर नहीं होने के कारण वैकल्पिक रूप से दवाओं की सलाह देने के लिए अधिकृत नहीं हैं; (बी) वह बिना लाइसेंस वाली एक दवा कोरोनिल को एक COVID-19 के इलाज के रूप में पेश करते हैं, जो सार्वजनिक...
'किसी भी छात्र को भुगतान न करने पर निष्कासित नहीं किया जा सकता': मद्रास हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को किश्तों में 85 प्रतिशत शुल्क लेने की अनुमति दी
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को निजी गैर-सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को चालू शैक्षणिक वर्ष यानी 2021-22 के लिए देय वार्षिक स्कूल शुल्क का 85 प्रतिशत उन माता-पिता से छह किस्तों में लेने की अनुमति दी है, जिन्हें महामारी के दौरान किसी भी प्रकार का वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने या परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा या फीस का भुगतान न करने के कारण संस्थान से निष्कासित नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति डी कृष्णकुमार की...
वैक्सीनेशन नहीं कराने वाले सरकारी कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका जाए, COVID-19 टेस्ट के लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक अंतरिम निर्देश पारित कर कहा कि वैक्सीनेशन (टीकाकरण) नहीं होने के कारण सरकारी कर्मचारियों का वेतन नहीं रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही COVID-19 टेस्ट के उद्देश्य से उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति सोंगखुपचुंग सर्टो और न्यायमूर्ति एस हुकातो स्वू की खंडपीठ नागालैंड सिविल सचिवालय और निदेशालयों में कर्मचारियों के लिए वैक्सीनेशन की आवश्यकता और कार्यालय में उपस्थिति के संबंध में 17 जुलाई, 2021 को राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर...
"वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुनवाई के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के औद्योगिक न्यायाधिकरण के सुचारू कामकाज के लिए निर्देश जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि केंद्र सरकार के औद्योगिक न्यायाधिकरण में वर्चुअल सुनवाई करने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कामगारों के दावों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रिब्यूनल में वर्चुअल सुनवाई प्रणाली को और अधिक कुशल बनाने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"सीजीआईटी एक महत्वपूर्ण न्यायाधिकरण है, जो कामगारों से संबंधित दावों से निपटता है। यह न्यायाधिकरण COVID-19 महामारी के दौरान गहराई से...
न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत का मामला- 'कोर्ट तुरंत, निष्पक्ष और पेशेवर जांच चाहता है': झारखंड हाईकोर्ट ने एसआईटी को तीन अगस्त को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए
झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड के न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत पर स्वत: संज्ञान लेते हुए घटना की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को तीन अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि,"हम यह स्पष्ट करते हैं कि यह न्यायालय मामले में तुरंत, निष्पक्ष और पेशेवर जांच चाहता है, इसलिए यह न्यायालय मामले की प्रगति की निगरानी करेगा और साथ ही विशेष जांच दल द्वारा जांच जारी रखने या इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने के लिए...



















