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'प्रक्रिया चल रही है': दिल्ली हाईकोर्ट ने और न्यायाधीशों की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका का निपटारा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कोर्ट में अधिक संख्या में न्यायाधीशों की नियुक्ति की मांग वाली याचिका का निपटारा किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोर्ट की सभी पीठें पूरी क्षमता के साथ काम करें।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि सीधी नियुक्ति और पदोन्नति दोनों की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।खंडपीठ ने कहा:"दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्तियां दिल्ली उच्च न्यायिक सेवाओं के साथ-साथ सीधे बार से भी होती हैं। चूंकि सीधी नियुक्तियों के लिए नामों की सिफारिश करने की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'फराज' की रिलीज को लेकर फिल्म निर्माता हंसल मेहता और अन्य को समन जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड फिल्म निर्माता हंसल मेहता और अन्य के खिलाफ उनकी फिल्म 'फराज' की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दायर एक मुकदमा में समन जारी किया।यह फिल्म एक जुलाई, 2016 को बांग्लादेश के ढाका के होली आर्टिसन में हुए आतंकवादी हमले पर आधारित है।यह मुकदमा उस परिवार ने दायर किया है जिसने हमले में अपनी बेटियों को खो दिया था। उन्हें डर है कि फिल्म में उनकी बेटियों को गलत तरीके से दिखाया जा सकता है, इसलिए उनके पक्ष में एक स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने के लिए प्रार्थना की है। इसके साथ ही...
SC/ST Act- "कोई अपराध तब तक नहीं माना जाएगा जब तक यह नहीं दिखाया जाता कि मृतक शरीर को केवल जाति के कारण कस्टडी में रखा गया": बॉम्बे हाईकोर्ट ने अस्पताल के कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अस्पताल के कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दी, जिन पर कथित तौर पर शिकायतकर्ता, अन्य लोगों (जो अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य हैं) के रिश्तेदार का शव कस्टडी में रखने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।यह देखते हुए कि अस्पताल के बिल को पूरा नहीं भरने के कारण शव को कस्टडी में रखा गया था, न्यायमूर्ति संदीप के शिंदे की खंडपीठ ने कहा कि मृत शरीर को कस्टडी में रखना एससी / एसटी अधिनियम 1989 के...
गुजरात 'एंटी-लव जिहाद' कानून: हाईकोर्ट ने आरोपी-पति और उसके रिश्तेदारों को उसकी और शिकायतकर्ता-पत्नी की संयुक्त समझौता याचिका पर अंतरिम जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को एक आरोपी/पति, उसके रिश्तेदारों को उसकी और उसकी शिकायतकर्ता-पत्नी द्वारा दायर एक संयुक्त समझौता याचिका पर अंतरिम जमानत दी, जिसमें गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 [एंटी लव जिहाद कानून] के तहत प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति इलेश जे. वोरा की खंडपीठ अंतरधार्मिक जोड़े की संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि मुद्दों को सुलझा लिया गया है और वे अपने वैवाहिक संबंधों को जारी रखना चाहते हैं।पहले तीन आरोपियों को जमानत मिल...
एनडीपीएस अधिनियम के तहत फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की नींव रखती है; इसकी अनुपस्थिति में अभियोजन के मामले का आधार खत्म हो जाता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा कि एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले की नींव रखती है और इसकी अनुपस्थिति में अभियोजन के मामले का आधार खत्म हो जाता है।न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल की खंडपीठ ने यह बात विनय कुमार को जमानत देते हुए कही। दरअसल, आरोपी के पास से 'क्लोविडोल -10 एसआर' (ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड) की 7000 गोलियां कथित तौर पर बरामद की गई थीं।महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान मामले में प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट...
केंद्र सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचित की
केंद्र सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचित की है। नियुक्ति पाने वाले अधिवक्ता इस प्रकार हैं।1. श्रीमती मौना मनीष भट्ट2. समीर ज्योतिंद्रप्रसाद दवे3. हेमंत महेशचंद्र प्राचचक4. संदीप नवरतलाल भट्ट5. अनिरुद्ध प्रद्युम्न माई6. निरल रश्मीकांत मेहता7. सुश्री निशा महेंद्रभाई ठाकोरइनके नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 29 सितंबर को की थी। गुजरात उच्च न्यायालय में वर्तमान में 52 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या में से 27 पद रिक्ति हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसजेएमसी डॉक्टरों को अनिवार्य ग्रामीण सेवा से छूट देने का अंतरिम आदेश पारित किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के माध्यम से निर्देश देते हुए कहा कि अनिवार्य एक वर्षीय ग्रामीण सेवा के संबंध में राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 04.10.2021 सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज के 38 एमबीबीएस स्नातकों पर लागू नहीं होगी।न्यायमूर्ति आर देवदास की एकल पीठ ने डॉ गली सम्राट और अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"चूंकि याचिकाकर्ताओं ने ग्रामीण सेवाओं से छूट के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनाया है, इसलिए याचिकाकर्ता अंतरिम राहत के हकदार हैं। नतीजतन यह निर्देश दिया जाता है कि राज्य सरकार...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी को NSA के तहत निरोध के रखने का आदेश बरकरार रखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत पारित निरोध (Detention) का आदेश बरकरार रखा।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने कहा कि भले ही डिटेंशन की अवधि पहले ही खत्म हो चुकी हो फिर भी हिरासत में लिए गए व्यक्ति/याचिकाकर्ता मोहसीन सलीम शेख के खिलाफ पारित निरोध आदेश में औचित्य पाया गया।आदेश बरकरार रखते हुए खंडपीठ ने कहा:"इस मामले के तथ्यों पर यह नहीं...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (11 अक्टूबर, 2021 से 14 अक्टूबर, 2021 तक) क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप।पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूजा पंडाल में कथित रूप से जूते दिखाकर देवी दुर्गा के अपमान का आरोप लगाने वाली याचिका पर राहत देने से इनकार कियाकलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कोलकाता के दमदम इलाके में एक दुर्गा पूजा पंडाल में जूतों (तलवों) के कथित प्रदर्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहत देने से इनकार कर...
समाचार रिपोर्ट से पता चलता है कि पुलिस ने दो लड़कियों को रिहा करने के लिए उनके माता-पिता से पैसे की मांग की: केरल हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को एक समाचार रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया। इस समाचार में सहायक पुलिस उप निरीक्षक (एएसआई) पर घर से दो लड़कियों को उनके माता-पिता के पास छोड़ने के लिए पैसे की मांग करने का आरोप लगाया गया है।न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए टिप्पणी की:"अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक गंभीर मामला है। यह एक खतरनाक खेल है।"कोर्ट ने कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त को इस संबंध में एक सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव को इस...
"वेश्यावृत्ति पीड़ित" एचआईवी पॉजिटिव समाज के लिए एक संभावित खतरा, "ब्रेनवॉश" आवश्यक: सत्र न्यायालय ने दो साल की कस्टडी बरकरार रखी
मुंबई की एक सत्र अदालत ने एक एचआईवी पॉजिटिव वेश्यावृत्ति पीड़िता की दो साल की कस्टडी को बरकरार रखा। कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि अगर उसकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उसे रिहा किया जाता है तो उससे 'समाज के लिए खतरा' होने की संभावना है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसयू बघेले ने कहा कि पीड़िता को सुधार गृह में देखभाल और सुरक्षा मिलेगी। इससे उसे आवश्यक "ब्रेनवॉश" के बाद सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी।कोर्ट ने कहा,"चूंकि पीड़ित निर्विवाद रूप से एचआईवी से पीड़ित है, जिसे आसानी से संभोग के माध्यम से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीएमसी के डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वैधानिक बकाया और वेतन का भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी संस्थान को निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलटीटी) को 20 अक्टूबर 2021 को या उससे पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वैधानिक बकाया और वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त निर्देश के लागू न होने के मामले में कॉन्ट्रेक्टर यानी एनआईईएलटीटी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।यह घटनाक्रम राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूजा पंडाल में कथित रूप से जूते दिखाकर देवी दुर्गा के अपमान का आरोप लगाने वाली याचिका पर राहत देने से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कोलकाता के दमदम इलाके में एक दुर्गा पूजा पंडाल में जूतों (तलवों) के कथित प्रदर्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति कौसिक चंदा की खंडपीठ याचिकाकर्ता शांतनु सिंघा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पूजा पंडाल (दमदम पार्क, भारत चक्र क्लब में) में जूते प्रदर्शित करके देवी दुर्गा का पूर्ण अनादर किया गया।सोशल मीडिया से जूतों के इस तरह के प्रदर्शन के बारे में जानने वाले याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि...
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतंत्रता दिवस पर बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को कथित रूप से अपवित्र करने वाले चार लोगों को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को कथित रूप से अपवित्र करने, जाति आधारित गालियां देने और आठ लोगों को घायल करने वाले तीन पुरुषों और एक महिला सहित चार लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323, 341, 354, 509, 147, 148 और 34 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(I)(II)(III) और 3(1)(x) के तहत दर्ज एफआईआर के संबंध में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे।अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि पीड़ित स्वतंत्रता...
कनॉट प्लेस इलाके में अवैध हॉकिंग को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी को 'कड़ी चेतावनी' दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में नगरपालिका प्राधिकरण, एनडीएमसी की विफलता अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में गंभीर रूप से जीवन के अधिकार सहित नागरिकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, जिसमें स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार भी शामिल है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने यह बात कनॉट प्लेस के नो हॉकिंग और नो वेंडिंग जोन में अवैध हॉकिंग, स्क्वैटिंग या वेंडिंग गतिविधियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कही।न्यायालय ने एनडीएमसी और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और अन्य को मारपीट मामले में अग्रिम जमानत दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कैलाश विजयवर्गीय, आरएसएस सदस्य जिस्नू बसु और प्रदीप जोशी को मारपीट के एक मामले में अग्रिम जमानत दे दी।हाईकोर्ट ने उक्त नेताओं अग्रिम जमानत इस आधार पर दी कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं/जमानत आवेदकों को 25 अक्टूबर तक जमानत दी जानी चाहिए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामले की सुनवाई 20 अक्टूबर को होनी है।न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की खंडपीठ विजयवर्गीय सहित जमानत याचिकाओं पर...
लोक अदालत से बंद हुआ मामला डिक्री/निर्णय के समान, उक्त आदेश को अदालतें वापस नहीं ले सकतीं, सीआरपीसी की धारा 362 के तहत प्रतिबंध लागू होगा : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक बार लोक अदालत में मामला बंद हो जाने के बाद यह एक डिक्री या निर्णय के समान होता है, इसलिए अदालत या मजिस्ट्रेट के पास उक्त आदेश को वापस लेने की शक्ति नहीं होती।न्यायमूर्ति के. नटराजन की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"एक बार जब मामला बंद हो जाता है, तो यह लोक अदालत में डिक्री या निर्णय के समान होता है। इसलिए, एक बार समझौता के मामले में आरोपी द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया है तो याचिकाकर्ता कानून के अनुसार राशि की वसूली के लिए उसी अदालत से संपर्क कर सकता है।...
"आरोपी केवल बयान दर्ज करने में देरी के आधार पर डिस्चार्ज का दावा नहीं कर सकता": दिल्ली कोर्ट ने दंगों के मामले में 9 के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने कहा कि आरोपी केवल बयान दर्ज करने में देरी के आधार पर डिस्चार्ज करने का दावा नहीं कर सकता है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने कहा कि अभियोजन मामले को केवल इस आधार पर नकारना न्याय के खिलाफ होगा क्योंकि गवाहों के बयान एक महीने की देरी के बाद दर्ज किए गए।कोर्ट ने मोहम्मद शाहनवाज, मो. शोएब, शाहरुख, राशिद, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैजल और राशिद के खिलाफ आरोप तय किए।भारतीय दंड संहिता की धारा...
"राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास विचाराधीन मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में यह निर्देश देने करने की मांग की गई है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को आयोग के प्रक्रिया नियमों के नियम 7.4.1 (ई) के तहत विचाराधीन मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए आयोग को चार सप्ताह का समय दिया।याचिका में यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि आयोग के पास ऐसी शिकायत पर कार्रवाई करने की शक्ति नहीं है जो आरक्षण नीति, भारत...




















