मुख्य सुर्खियां

नाबालिग से बलात्कार मामले में दो अलग चार्जशीट दायर करने पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई
नाबालिग से बलात्कार मामले में दो अलग चार्जशीट दायर करने पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई

दिल्ली की एक अदालत ने नाबालिग से रेप के एक मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर पुलिस अधिकारियों की खिंचाई की। कोर्ट ने कहा कि यह पुलिस द्वारा सत्ता के दुरुपयोग का एक उत्कृष्ट मामला था, जहां अदालत को धोखा दिया गया। आरोप पत्र का एक सेट अदालत और आरोपी के वकील के पास दायर किया गया, जबकि दूसरा सरकारी वकील और शिकायतकर्ता के वकील के पास दायर किया गया। इसमें कथित रूप से वास्तविक तथ्यों को छोड़ दिया गया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव राव ने यह देखते हुए कि पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के निष्पक्ष...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे में नौकरी प्राप्त करने वाले कोर्ट क्लर्क का इस्तीफा अस्वीकार करने वाले ज़िला जज पर 21 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे में नौकरी प्राप्त करने वाले कोर्ट क्लर्क का इस्तीफा अस्वीकार करने वाले ज़िला जज पर 21 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक जिला न्यायाधीश पर 21,000/- रुपये का जुर्माना लगाया, जिन्होंने अदालत के एक क्लर्क का इस्तीफा मंज़ूर करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि क्लर्क ने इस्तीफा देने के बाद तीन महीने का नोटिस नहीं पीयरेड पूरा नहीं किया।साथ ही क्लर्क पर सरकारी सेवा नियम, 2000 के नियम 4 के तहत तीन महीने का नोटिस देने में विफल रहने के कारण अनुशासनात्मक जांच करने के आदेश भी दिए गए।न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि क्लर्क के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच करना मानसिक उत्पीड़न के...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'हमारी पुलिस फोर्स इतनी असंवेदनशील क्यों?': अंतर-जाति ‌विवाह करने वाले जोड़े की सुरक्षा के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतर-जाति विवाह के एक मामले की सुनवाई में एक युवती को कथित रूप से परेशान करने वालों और मुंबई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने दिसंबर 2020 में अंतर-जाति विवाह के बाद महिला की मिली मौत की धमकी और यौन हिंसा की शिकायत पर पुलिस की निष्क्रियता के बारे में वीडियो कॉल पर मौजूद मुंबई पुलिस आयुक्त से पूछताछ की।कोर्ट ने पूछा, "हमारी पुलिस फोर्स इतनी असंवेदनशील क्यों है? अगर शहर में ऐसा होता है, तो हमारे राज्य के अंदरूनी हिस्सों में क्या हो रहा होगा? ... यह एक नागरिक की शिकायत है, जिसे...

पत्नी द्वारा पति के खिलाफ आपराधिक आचरण के गंभीर अप्रमाणित आरोप लगाना क्रूरता हैः दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री बरकरार रखी
पत्नी द्वारा पति के खिलाफ आपराधिक आचरण के गंभीर अप्रमाणित आरोप लगाना 'क्रूरता' हैः दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है किपत्नी द्वारा अपने पति और उसके माता-पिता के खिलाफ आपराधिक आचरण के ऐसे गंभीर आरोप लगाना, जिसे वह ट्रायल कोर्ट में साबित करने में असमर्थ रही, ''क्रूरता'' का कृत्य है।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट द्वारा पति के पक्ष में दी गई तलाक की डिक्री बरकरार रखते हुए पत्नी की तरफ से फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 19 के तहत दायर अपील को खारिज कर दिया। फैमिली कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला था कि पति को मानसिक क्रूरता झेलनी पड़ी है क्योंकि उसकी...

बार के सदस्यों को यह जानने का अधिकार है कि एक सक्षम और निडर जज का स्थानांतरण क्यों किया जाता है: मद्रास हाईकोर्ट ने वकीलों ने चीफ ज‌स्टिस संजीब बनर्जी के स्थानांतरण पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को पत्र लिखा
'बार के सदस्यों को यह जानने का अधिकार है कि एक सक्षम और निडर जज का स्थानांतरण क्यों किया जाता है': मद्रास हाईकोर्ट ने वकीलों ने चीफ ज‌स्टिस संजीब बनर्जी के स्थानांतरण पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को पत्र लिखा

मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी को मेघालय हाईकोर्ट में स्‍थानान्त‌रित किए जाने के प्रस्ताव के बाद मद्रास हाईकोर्ट के 200 से अधिक अधिवक्ताओं ने चीफ ज‌स्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के अन्य चार सदस्यों को पत्र लिखा है और अचानक लिए गए फैसले पर अपना रोष प्रकट किया है। उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 16 सितंबर को जस्टिस बनर्जी के स्‍थानंतरण की सिफारिश की थी, हालांकि कोलेजियम की 16 सितंबर की सिफारिश को मंगलवार को जनता के लिए उपलब्ध कराया गया। जिससे इस प्रकार...

COVID-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में गलत विवरण: केरल हाईकोर्ट ने CoWin पोर्टल पर भी सुधार करने के निर्देश दिए
COVID-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में गलत विवरण: केरल हाईकोर्ट ने CoWin पोर्टल पर भी सुधार करने के निर्देश दिए

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को कोविन पोर्टल (CoWin) पर याचिकाकर्ता के COVID-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में विवरण की तारीख और स्थान में विसंगति को दो सप्ताह के भीतर सुधार करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति पी वी कुन्हीकृष्णन ने 73 वर्षीय व्यक्ति द्वारा दायर रिट याचिका को निपटाया, जो अपने बच्चों से मिलने के लिए विदेश यात्रा करने की योजना बना रहा था, लेकिन टीकाकरण प्रमाण पत्र पर गलत विवरण के कारण यात्रा नहीं कर पा रहा है।जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता की याचिका पर 60 साल पुराने पीपल के पेड़ की जांच का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता की याचिका पर 60 साल पुराने पीपल के पेड़ की जांच का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उप वन संरक्षक को शहर के इंद्रपुरी इलाके में एक 60 साल पुराने पीपल के पेड़ की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह आदेश यह देखते हुए दिया कि तस्वीरों से पेड़ के गिरने का कोई खतरा नहीं दिखता और न ही कोई झुकाव या शिथिलता देखी जा सकती है।न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में उनके आवास के पास स्थित पेड़ को काटे जाने का विरोध किया गया। उनका मामला यह है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित रूप से शुरू की...

कूचबिहार जिले के सीतालकुची में सेंट्रल फोर्स द्वारा फायरिंग: कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल-सीआईडी ने अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की
कूचबिहार जिले के सीतालकुची में सेंट्रल फोर्स द्वारा फायरिंग: कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल-सीआईडी ने अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कूचबिहार जिले के सीतलकुची में 10 अप्रैल, 2021 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों द्वारा कथित गोलीबारी की जांच पर पश्चिम बंगाल के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा दाखिल अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान सीआईएसएफ की फायरिंग से चार लोगों की मौत हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष गुरुवार को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 12...

कौशल के खेल पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता राज्य: सीनियर एडवोकेट सिंघवी ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध के खिलाफ कर्नाटक ‌हाईकोर्ट में दलील पेश की
'कौशल के खेल पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता राज्य': सीनियर एडवोकेट सिंघवी ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध के खिलाफ कर्नाटक ‌हाईकोर्ट में दलील पेश की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को कर्नाटक पुलिस (संशोधन) अधिनियम 2021 की संवैधानिक वैधता के‌ खिलाफ दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई शुरू की। संशोधन के जरिए राज्य सरकार ने सभी प्रकार के ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है और प्रावधानों के उल्लंघन के लिए अधिकतम तीन साल की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया है।दीवाली की छुट्टी से पहले जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की एकल पीठ ने याचिकाओं पर आंशिक रूप से सुनवाई की थी। हालांकि, दिवाली की छुट्टी के बाद रोस्टर ने उन सभी मामलों को बदल दिया,...

कोर्ट की अंतरात्मा को झटका: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पानी की आपूर्ति के लिए अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के लिए स्थानीय नगर पालिका को फटकार लगाई
'कोर्ट की अंतरात्मा को झटका': कलकत्ता हाईकोर्ट ने पानी की आपूर्ति के लिए अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के लिए स्थानीय नगर पालिका को फटकार लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को चकदाहा नगर पालिका, पश्चिम बंगाल की इस दलील पर गंभीर आपत्ति जताई की कि नगरपालिका के पास नगरपालिका के मुख्य जल कनेक्शन से 60 फीट से अधिक के निजी घरों में घरेलू उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है।न्यायमूर्ति शंपा सरकार ने कहा,"नगरपालिका के अधिवक्ता के इस तरह के निवेदन ने न्यायालय की अंतरात्मा को इस हद तक झकझोर दिया कि न्यायालय को लगता है कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक होगा, क्योंकि पानी का अधिकार जीवन के अधिकार के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 40 साल पुरानी शादी के रजिस्ट्रेशन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 40 साल पुरानी शादी के रजिस्ट्रेशन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को 40 साल से अधिक समय से शादीशुदा जोड़े की शादी के रजिस्ट्रेशन की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।दंपति सॉफ्टवेयर पर उनके आवेदन को स्वीकार न करने के कारण अपनी शादी को रजिस्ट्रेशन कराने में असमर्थ था, क्योंकि वे वर्ष 1981 में हुई अपनी शादी के समय कम उम्र के थे।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मामले को 23 दिसंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट सहित अधिकारियों से जवाब मांगा।याचिकाकर्ताओं ने प्रतिवादियों को विशेष विवाह अधिनियम...

मद्रास हाईकोर्ट
'वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम नियम सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के विपरीत': मद्रास हाईकोर्ट ने नियमों के खिलाफ चुनौती पर नोटिस जारी किया

मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी औदिकेसवालु की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम नियम (Senior Advocates Rules), 2020 के नियम 4(1) (ए) और 4(1) (बी) की वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को स्वीकार किया है और कोर्ट के प्रशासनिक अनुभाग को नोटिस जारी किया।पांच अधिवक्ताओं द्वारा दायर एक याचिका के अनुसार अधिसूचित नियम इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पदनाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"जब कोई पेश नहीं होता तो सरकारी वकीलों का क्या मतलब" : सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (9 नवंबर) को विभिन्न मामलों में लगातार स्थगन लेने आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की सहायता नहीं करने पर मध्य प्रदेश राज्य के खिलाफ कड़ी मौखिक टिप्पणी की।सीजेआई रमना ने मध्य प्रदेश राज्य की ओर से पेश वकील से कहा, "आपका राज्य इतना खराब है, सहायता नहीं कर रहा है, आप कभी अदालत की सहायता नहीं करते हैं या अदालत के सामने पेश नहीं होते हैं, जब आप पेश होते हैं तो आप केवल स्थगन मांगते हैं।"सीजेआई एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च...

दिल्ली कोर्ट ने डॉक्टर आत्महत्या मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली कोर्ट ने डॉक्टर आत्महत्या मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल अप्रैल में दक्षिणी दिल्ली में एक डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर के खिलाफ आरोप तय किए।डॉ. राजेंद्र सिंह ने 18 अप्रैल, 2020 को दक्षिणी दिल्ली के दुर्गा विहार में आत्महत्या कर ली थी।सिंह ने अपने सुसाइड नोट में जारवाल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। जारवाल को आत्महत्या के लिए उकसाने और उसके खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गीतांजलि गोयल...

फिलहाल COVID-19 की तीसरी लहर का संकेत नहीं: मद्रास हाईकोर्ट ने 100% क्षमता के साथ थिएटर चलाने की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
'फिलहाल COVID-19 की तीसरी लहर का संकेत नहीं': मद्रास हाईकोर्ट ने 100% क्षमता के साथ थिएटर चलाने की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया

मद्रास हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के दौरान सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स को 100% क्षमता के साथ चलाने की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश को रद्द करने के लिए दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी ऑडिकेसवालु की खंडपीठ ने कहा कि महामारी भले ही दूर नहीं हुई हो, लेकिन मामलों की संख्या निश्चित रूप से कम हो गई है। इसके अलावा, 'COVID-19 की तीसरी लहर का कोई संकेत' भी नहीं है।बेंच ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन अभियान वर्तमान में पूरी ताकत से चलाया जा रहा है, खासकर...

जगधात्री पूजा- कलकत्ता हाईकोर्ट ने COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रतिबंधित विसर्जन जुलूस की अनुमति दी
जगधात्री पूजा- कलकत्ता हाईकोर्ट ने COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रतिबंधित विसर्जन जुलूस की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को सभी COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जगधात्री पूजा के लिए प्रतिबंधित विसर्जन जुलूस की अनुमति दी। कोर्ट ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) में यह फैसला सुनाया। याचिका में 14 नवंबर को राजबाड़ी से कदमतला घाट तक 'गीत' के जरिए भगवान जगधात्री के विसर्जन जुलूस का आयोजन करने के लिए कोर्ट की अनुमति मांगी गई थी। याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष प्रार्थना की कि वह 'गीत' द्वारा विसर्जन जुलूस की अनुमति दें, जैसा कि...

टाइम्स नाउ के शिखर सम्मेलन में कंगना रनौत की राजद्रोह टिप्पणी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता ने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई
टाइम्स नाउ के शिखर सम्मेलन में कंगना रनौत की राजद्रोह टिप्पणी के खिलाफ आम आदमी पार्टी के नेता ने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई

आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति मेनन ने गुरुवार को टाइम्स नाउ चैनल पर प्रसारित कथित राजद्रोही टिप्पणी के लिए अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।मेनन ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 504, 505 और 124ए के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।आप सदस्य ने आरोप लगाया कि रनौत ने स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान को 1947 में भारत को भिक्षा में स्वतंत्रता देने जैसे बयानों से वंचित कर दिया। उन्होंने...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 16 नवंबर से स्कूलों को फिर से खोलने के पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 16 नवंबर से स्कूलों को फिर से खोलने के पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका खारिज कर दिया। इस जनहित याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार के नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए 16 नवंबर से स्कूलों को फिर से खोलने के आदेश को चुनौती दी गई थी।अधिवक्ता सुदीप घोष चौधरी द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार ने नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए 'बिना किसी उचित योजना के' कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया। इस फैसले से छात्रों को COVID-19 संक्रमण का खतरा होगा। तदनुसार, राज्य में COVID-19 स्थिति की...

मैंने खुद ग्रेटर मुंबई नगर निगम वार्ड से समीर वानखेड़े के जन्म रिकॉर्ड की जांच की: नवाब मलिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
मैंने खुद ग्रेटर मुंबई नगर निगम वार्ड से समीर वानखेड़े के जन्म रिकॉर्ड की जांच की: नवाब मलिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक अतिरिक्त हलफनामे में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि उन्होंने ग्रेटर मुंबई नगर निगम द्वारा बनाए गए बर्थ रजिस्टर से एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के जन्म रिकॉर्ड की जांच की है।मलिक ने मानहानि के मुकदमे में हलफनामा दायर कर अपनी इस दलील की पुष्टि की कि समीर वानखेड़े ने मुस्लिम पैदा होने के बावजूद अनुसूचित जाति से होने का दावा करते हुए केंद्र सरकार की नौकरी हासिल की।समीर वानखेड़े के पिता ने राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ...

हर व्यक्ति को जानने का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सामग्री के आधार पर अनिवार्य प्रोडक्ट लेबलिंग के लिए दिशा-निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
'हर व्यक्ति को जानने का अधिकार': दिल्ली हाईकोर्ट ने सामग्री के आधार पर अनिवार्य प्रोडक्ट लेबलिंग के लिए दिशा-निर्देश की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि प्रत्येक व्यक्ति को 'जानने का अधिकार' है, गुरुवार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया। उक्त याचिका में खाद्य निर्माताओं को अपने प्रोडक्ट को उसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की प्रकृति के अनुसार लेबल करने के लिए अनिवार्य किया किए जाने को लेकर मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह राम गौरक्षा दल नामक एक संगठन द्वारा दायर याचिका पर अधिवक्ता रजत अनेजा के माध्यम से सुनवाई कर रहे...