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COVID के कारण भर्ती में देरी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्धारित आयु सीमा से अधिक आयु होने के बावजूद लॉ ग्रेजुएट को जज भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने मुंबई के एक लॉ ग्रेजुएट को अंतरिम राहत देते हुए निर्धारित आयु सीमा से अधिक आयु (Age Barred) होने के बावजूद सिविल जज (जूनियर डिवीजन) / न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) के पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने पिछले साल COVID-19 महामारी के कारण आवेदनों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए उसे उम्र वर्जित कर दिया गया था।पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में, मुख्य...
बलात्कार का प्रयास-महिला कर्मचारियों को इस तरह के आरोप लगाने के लिए साहस की जरूरत : यूपी कोर्ट ने जज को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
यूपी की एक कोर्ट ने एक महिला कर्मचारी के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपी वाणिज्यिक न्यायालय, झांसी के पीठासीन अधिकारी को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा, ''एक महिला कर्मचारी को उस पीओ के खिलाफ इतनी गंभीर प्रकृति के आरोप लगाने के लिए बहुत साहस चाहिए होता है, जिसके अंतर्गत वह काम कर रही हो।'' सत्र न्यायाधीश, झांसी ज्योत्सना शर्मा इस मामले में न्यायिक अधिकारी कौटिल्य गौड़ की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। न्यायिक अधिकारी गौड़ के खिलाफ वर्ष 2020 में एक कर्मचारी ने भारतीय दंड...
क्या संवैधानिक, निचली अदालतों में नाम से पहले 'राजा/नवाब/महाराजा/राजकुमार' टाइटल इस्तेमाल किया जा सकता है? राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य से पूछा
राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या कोई भी व्यक्ति हाईकोर्ट या ट्रायल कोर्ट में केस दाखिल करते समय अपने नाम के साथ महाराजा, राजा, नवाब, राजकुमार का टाइटल उपसर्ग के रूप में लगा सकता है? जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने एक याचिका में टाइटल पर गौर करने के बाद केंद्र और राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें अदालत ने कहा कि मामले में प्रतिवादी नंबर 1 का टाइटल "राजा लक्ष्मण सिंह" था।न्यायालय ने भारत के संविधान में 26वें संशोधन, अनुच्छेद 363-ए, और अनुच्छेद 14...
'पर्सनल लिबर्टी' : सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा करने के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से केवल एक व्यक्ति को इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसे उसके भाई की पत्नी द्वारा उसके भाई और परिवार के खिलाफ दायर 498A शिकायत में एक आरोपी बनाया गया है, खासकर जब आरोप उसके खिलाफ आपराधिक अपराध का खुलासा न करते हों।इस मामले में, शिकायतकर्ता ने उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 323, 34, 406, 420, 498A और धारा 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के देवर (जो...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (10 दिसंबर, 2022 से 14 दिसंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।फ्रांसिसी कोर्ट से तलाक की डिक्री ; भारतीय अदालत में भंग सामुदायिक संपत्ति का विभाजन का वाद सुनवाई योग्य : मद्रास हाईकोर्टमद्रास हाईकोर्ट ने कानूनों के संघर्ष पर प्रश्नों की विशेषता वाली तलाक की कार्यवाही में माना है कि भारतीय कानूनों के अनुसार भारत में संपत्ति के विभाजन और अलग कब्जे के लिए दायर एक...
ट्रस्टियों को हटाना और ट्रस्ट को चुनाव कराने का निर्देश देना पब्लिक ट्रस्ट रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र से बाहर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना है कि रजिस्ट्रार ऑफ पब्लिक ट्रस्ट के पास मध्य प्रदेश पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, 1951 के तहत मौजूदा ट्रस्टियों को हटाने और ट्रस्ट को उसी के लिए चुनाव कराने का निर्देश देने का कोई विवेकाधीन अधिकार नहीं है।जस्टिस सुबोध अभयंकर एक रिट याचिका का निस्तारण कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने रजिस्ट्रार ऑफ पब्लिक ट्रस्ट, जिला बड़वानी द्वारा 17.11.2021 को पारित आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें दो ट्रस्टियों को उनके पद से हटा दिया गया था, और ट्रस्ट श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र...
मध्य प्रदेश बार काउंसिल की चेयरमैनशिप को लेकर विवाद: हाईकोर्ट ने बीसीआई के आदेश में दखल देने से परहेज किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से मध्य प्रदेश बार काउंसिल की चेयरमैनशिप के विवाद के मामले में शुरू की गई कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से परहेज किया है।चीफ जस्टिस रवि मलीमठ और जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ एक रिट याचिका से निपट रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी नंबर एक के अधिकार और उनके द्वारा 12.12.2021 से चेयरमैन की क्षमता से की गई कार्यवाही के संबंध में को वारंटो (quo warranto) और परमादेश की रिट (writ of mandamus) की मांग की थी।याचिकाकर्ताओं का मामला यह है कि...
आवारा कुत्ते को मारने वाले की गोली से महिला की हुई थी मौत, मद्रास हाईकोर्ट ने 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों को गोली मारने की कवायद में दुर्घटनावश करी एक महिला के बेटे को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कुत्तों को मारने की कवायद इराइयुर पंचायत के आदेश से दी गई थी। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम की बेंच ने पेरम्बलुर जिला कलेक्टर और एरैयूर पंचायत प्रेसिडेंट सहित पदाधिकारियों को याचिकाकर्ता के बेटे को मुआवजे के रूप में पांच-पांच लाख रुपये देने का आदेश दिया है।अदालत ने आवारा कुत्तों को गोली मारने पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यह अपने आप में एक अवैध कार्य है।कोर्ट...
अंसल बंधुओं ने सबूतों से छेड़छाड़ कर मुकदमे में देरी की, वृद्धावस्था का लाभ नहीं ले सकते: दिल्ली हाईकोर्ट में अभियोजन पक्ष ने सजा निलंबन का विरोध किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रियल एस्टेट व्यवसायी सुशील अंसल और गोपाल अंसल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई जारी रखी। इस याचिका में वर्ष 1997 में हुई उपहार अग्निकांड के संबंध में सबूतों से छेड़छाड़ मामले में उनकी सात साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग की गई है।अभियोजन पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने मुख्य रूप से दलील दी कि अंसल बंधु खुद सबूतों से छेड़छाड़ करके मुकदमे में देरी के लिए जिम्मेदार हैं, इसलिए वे अब अपनी जेल की अवधि को निलंबित करने की मांग नहीं कर सकते।उन्होंने...
जब तक जन्म दस्तावेज/स्कूल रिकॉर्ड को चुनौती न दी जाए, तब तक डीएनए जांच संबंधी याचिका की सुनवाई नहीं हो सकती : त्रिपुरा हाईकोर्ट
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि जब तक किसी व्यक्ति के जन्म दस्तावेजों और स्कूल के रिकॉर्ड को स्पष्ट चुनौती नहीं दी जाती है, तब तक उसके डीएनए परीक्षण को लेकर दायर याचिका पर अदालत द्वारा विचार नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति टी. अमरनाथ गौड़ उस याचिका पर निर्णय दे रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता का मामला यह था कि प्रतिवादी (पार्थ घोष) मृतक क्षितिज घोष का पुत्र नहीं था और मृतक द्वारा कथित तौर पर की गयी कुछ वसीयत की आड़ में, प्रतिवादी उन संपत्तियों को बेचता जा रहा था, जो ट्रायल कोर्ट के समक्ष...
पनवेल जमीन सौदे के सिलसिले में सलमान खान ने सिटी सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया
अभिनेता सलमान खान ने पनवेल में एक लैंड पार्सल को लेकर सोशल मीडिया पर कक्कड़ की टिप्पणी और वीडियो के संबंध में मुंबई निवासी केतन कक्कड़, ट्विटर इंक, गूगल और अन्य के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में मुंबई सिटी सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।विवाद की जड़ पनवेल में खान के आलीशान फार्महाउस 'अर्पिता फार्म' के बगल में स्थित 2.5 एकड़ का प्लॉट है। कक्कड़ का दावा है कि उन्होंने 1995 में खान से जमीन का पार्सल खरीदा था।खान ने कहा कि जब वन विभाग ने कक्कड़ का आवंटन रद्द कर दिया तो कक्कड़ ने उन्हें और उनके परिवार को...
पीजी मेडिकल कोर्स: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने COVID प्रभावित जिलों में काम कर चुके इन-सर्विस डॉक्टरों को प्रोत्साहन अंक देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना है कि विशिष्ट वर्गीकरण के अभाव में सिविल और जिला अस्पतालों में कार्यरत सरकारी डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी भी पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में सेवारत डॉक्टरों के लिए तय आरक्षण के लाभ के हकदार हैं। हालांकि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे डॉक्टरों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त/प्रोत्साहन अंक देने से इनकार कर दिया है, जिन्होंने COVID-19 प्रभावित जिलों में सेवा की हो। जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस अरुण शर्मा की पीठ एमबीबीएस-क्वालिफाइड डॉक्टरों की एक याचिका पर विचार कर रही थी, जो राज्य के...
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इंट्रोगेशन रूम सहित पूरे पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी लगे होने चाहिए: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य डीजीपी से कहा
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, सीसीटीवी निगरानी से पुलिस स्टेशनों का कोई भी हिस्सा नहीं बचना चाहिए। इंट्रोगेशन रूम में भी सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।जस्टिस अमोल रतन सिंह की खंडपीठ ने इस संबंध में परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह और अन्य (2021) 1 एससीसी 184 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन के संबंध में डीजीपी, हरियाणा, डीजीपी, पंजाब, साथ ही डीजीपी, यूटी, चंडीगढ़ से जवाब मांगा था।यहां यह ध्यान दिया जा सकता है कि परमवीर सिंह सेन के मामले में...
भारतीय नागरिक होने के नाते हर लड़की को शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार: मप्र हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर पॉक्सो केस रद्द करने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यौन हमले की पीड़ित 17 साल की लड़की और आरोपी व्यक्ति के बीच समझौते के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012, (POCSO ) अधिनियम के तहत दर्ज मामला रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक होने के नाते प्रत्येक लड़की को शांति से गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है।आरोपी व्यक्ति पर आरोप था कि वह पीड़ित का पिछले दो साल से पीछा कर रहा था और उसे परेशान कर रहा था।कोर्ट ने कहा," भारतीय नागरिक होने के नाते हर लड़की को शांति, गरिमा और अपने जीवन को खतरे में डाले...
बुली बाई ऐप बनाना "विशेष समुदाय की महिलाओं की गरिमा का अपमान": दिल्ली कोर्ट ने नीरज बिश्नोई को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को बुली बाई ऐप मामले में असम से गिरफ्तार 21 वर्षीय नीरज बिश्नोई को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस ऐप का बनाया जाना "विशेष समुदाय की महिलाओं की गरिमा और समाज के सांप्रदायिक सद्भाव का अपमान" है।पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने बिश्नोई को जमानत देने से इनकार कर दिया। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने दावा किया था कि वह गिटहब पर बुली बाई ऐप का साजिशकर्ता और निर्माता था।कोर्ट ने कहा,"तथ्यों से पता चलता है कि आरोपी ने "बुलीबाई"...
आधार-बैंक अनिवार्य लिंकिंग: इलाहाबाद हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए केंद्र के तर्क से 'सहमत'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज के बैंक खाते से धोखाधड़ी से पैसे निकालने के आरोपी 4 व्यक्तियों को जमानत देने से इनकार करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के 2018 आधार फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर करने के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा किए गए एक सबमिशन के साथ सहमति व्यक्त की।2018 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार को बैंक खाते से अनिवार्य रूप से जोड़ने का कदम आनुपातिकता के परीक्षण को पूरा नहीं करता है।जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ आरबीआई, राज्य सरकार,...
'मॉल कार पार्किंग फीस नहीं ले सकते': केरल हाईकोर्ट ने लुलु मॉल मामले में प्रथम दृष्टया राय दी
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल द्वारा अपने ग्राहकों से पार्किंग फीस लेने का आरोप लगाने वाली दो याचिकाओं पर आदेश दिया कि माल द्वारा प्रथम दृष्टया पार्किंग फीस लेना उचित नहीं है।न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने इस सवाल पर कलामास्सेरी नगर पालिका से स्पष्ट जवाब मांगा और मामले को दो सप्ताह के बाद उठाए जाने के लिए पोस्ट किया।कोर्ट ने कहा,"भवन नियमों के अनुसार पार्किंग की जगह इमारत का एक हिस्सा है और एक इमारत परमिट इस शर्त पर जारी किया जाता है कि पार्किंग की जगह होगी। इस...
सजा समाज के साथ 'पुन: एकीकरण की प्रक्रिया' का हिस्सा: झारखंड हाईकोर्ट ने किशोर अपराधी की सजा को कम करने से इनकार किया
भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी सहपठित धारा 34बी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को कम करने से इनकार करते हुए, झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि किशोर न्याय प्रणाली की प्रमुख चिंताओं में से एक यह सुनिश्चित करना है कि अपराधी किशोर को भी फिर से अपराध करने से रोका जाए, इस प्रकार सजा की अवधि पुन: एकीकरण का एक हिस्सा है और इस प्रकार इसे पूरा किया जाना चाहिए।मामले में किशोर-याचिकाकर्ता को तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके तहत उसने दो साल पूरे कर लिए हैं और अब शेष एक साल के लिए कटौती की मांग कर...
फ्रांसिसी कोर्ट से तलाक की डिक्री ; भारतीय अदालत में भंग सामुदायिक संपत्ति का विभाजन का वाद सुनवाई योग्य : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कानूनों के संघर्ष पर प्रश्नों की विशेषता वाली तलाक की कार्यवाही में माना है कि भारतीय कानूनों के अनुसार भारत में संपत्ति के विभाजन और अलग कब्जे के लिए दायर एक वाद सुनवाई योग्य है और फ्रांसीसी नागरिक संहिता के अनुच्छेद 1444 के तहत परिसमापन के लिए फ्रांसीसी नोटरी से संपर्क नहीं करने के आधार पर इसे प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा।न्यायमूर्ति टी राजा और न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती की पीठ फैमिली कोर्ट, पुदुकोट्टई के फैसले और डिक्री के खिलाफ सीपीसी के आदेश 41 आर 1 के तहत पठित सीपीसी की...
देरी की माफी के लिए आवेदन दायर करने की कोई आवश्यकता नहीं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने परिसीमा अवधि बढ़ा दी है: एनसीएलएटी दिल्ली
एनसीएलएटी (NCLAT) की प्रधान खंडपीठ एस्जे एरिक्सन प्राइवेट लिमिटेड बनाम फ्रंटलाइन (एनसीआर) बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड मामले में कहा कि 2020 के स्वत: संज्ञान रिट याचिका संख्या 3 में पारित सुप्रीम कोर्ट के फैसले में COVID 19 के कारण परिसीमा की अवधि बढ़ाई जाने के कारण लिमिटेशन एक्ट, 1963 की धारा 5 के तहत देरी की माफी के लिए आवेदन दायर करने की आवश्यकता नहीं है और कोर्ट/ट्रिब्यूनल को संतुष्ट करें कि देरी को माफ करने के लिए पर्याप्त कारण बनाया गया है।एनसीएलएटी की प्रधान खंडपीठ में न्यायमूर्ति...




















