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राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एलएलबी डिग्री पर चार अंक के लाभ से गलत तरीके से इनकार करने पर महिला के लिए एक कांस्टेबल पद को खाली रखने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर की एकल पीठ ने राज्य सरकार को अगले आदेश तक एमबीसी महिला श्रेणी के तहत कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, 2019 में एलएलबी डिग्री के लिए गलत तरीके से चार नंबर का लाभ देने से इनकार करने पर कांस्टेबल पद खाली रखने का निर्देश दिया।जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने कहा,"याचिकाकर्ता के वकील और रिकॉर्ड पर सामग्री को ध्यान में रखते हुए यह अदालत प्रतिवादियों को अगले आदेश तक एमबीसी महिला श्रेणी के तहत कांस्टेबल का एक पद खाली रखने का निर्देश देती है।"कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत पर सुनवाई के...

[आवारा मवेशियों से खतरा] कोर्ट में प्रवेश करते समय मवेशियों ने मेरा रास्ता अवरुद्ध किया; एलएसए को शामिल करने की आवश्यकता: गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कहा
[आवारा मवेशियों से खतरा] कोर्ट में प्रवेश करते समय मवेशियों ने मेरा रास्ता अवरुद्ध किया; एलएसए को शामिल करने की आवश्यकता: गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कहा

गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की,"जब वे कोर्ट (परिसर) में प्रवेश कर रहे थे, तो लगभग 10-12 मवेशी वह खड़े थे, जिन्होंने उनका रास्ता अवरुद्ध किया। पुलिस की सीटी भी उन्हें हिला नहीं सकी, वे चट्टान की तरह खड़े थे।" हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने राज्य से पूछताछ करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पशु उपद्रव के खतरे के लिए क्या किया है। मुख्य न्यायाधीश ने गुजरात उच्च न्यायालय के एक पूर्व आदेश के संबंध में दायर एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए इस प्रकार टिप्पणी की,...

जीवन का अर्थ कोर्ट केस से कहीं अधिक है: दिल्ली हाईकोर्ट ने विवाहित जोड़े को आपसी विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने को कहा
"जीवन का अर्थ कोर्ट केस से कहीं अधिक है": दिल्ली हाईकोर्ट ने विवाहित जोड़े को आपसी विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने को कहा

दिल्ली हाइकोर्ट ने सोमवार को एक वैवाहिक मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि जीवन का अर्थ कोर्ट केस से कहीं अधिक है। कोर्ट ने विवाहित जोड़े को आपसी बातचीत से सौहार्दपूर्ण तरीके से मामला निपटाने को कहा। कोर्ट ने कहा कि जीवन छोटा है और इसका अर्थ अदालत में मामलों में उलझने से कहीं अधिक है।दिल्ली हाईकोर्ट ने पक्षों को वैवाहिक विवाद के लिए मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रोत्साहित किया।जस्टिस नजमी वजीरी याचिकाकर्ता पर्ल अरोड़ा द्वारा अपने पति रोहित अरोड़ा के खिलाफ दायर अवमानना ​​मामले...

बुल्ली बाई ऐप केस: बचाव पक्ष ने कहा- छेड़छाड़ करके आरोपी की प्रतिभा का दुरुपयोग किया गया; मुंबई पुलिस ने जमानत का विरोध किया
बुल्ली बाई ऐप केस: बचाव पक्ष ने कहा- छेड़छाड़ करके आरोपी की प्रतिभा का दुरुपयोग किया गया; मुंबई पुलिस ने जमानत का विरोध किया

बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai App) मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के जमानत का विरोध करते हुए मुंबई पुलिस ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि आरोपी दिल्ली पुलिस में दर्ज सुली डील ऐप मामले में भी शामिल थे।सुली डील ऐप (Suli Deal App) जुलाई 2021 तक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म गिटहब ( GitHub) पर चालू था। बुल्ली बाई ऐप की तरह, मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें और उनके नाम वर्चुअल नीलामी के लिए रखी गई थीं।साइबर क्राइम पुलिस (मुंबई) द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों श्वेता सिंह (18), मयंक रावत (21) और विशाल झा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हीलचेयर की आवाजाही को सुरक्षित करने के लिए फुटपाथों को साफ और समतल करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हीलचेयर की आवाजाही को सुरक्षित करने के लिए फुटपाथों को साफ और समतल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वसंत विहार क्षेत्र में फुटपाथ विकलांग व्यक्तियों के लिए सुलभ हो। फुटपाथ को साफ और समतल किया जाए ताकि विकलांग व्यक्ति व्हीलचेयर पर आसानी से आ-जा सके।जस्टिस नजमी वज़ीरी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सुविधाएं ऐसी हों कि व्हीलचेयर पर चलने वालों को आवाजाही के लिए किसी अन्य व्यक्ति की सहायता की आवश्यकता न हो।पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"यह आइडिया नागरिक...

यूपी विधानसभा चुनाव 2022: स्टेट बार काउंसिल ने राजनीतिक दलों से यूपी के अधिवक्ताओं की सात सूत्रीय मांग पर विचार करने का आग्रह किया
यूपी विधानसभा चुनाव 2022: स्टेट बार काउंसिल ने राजनीतिक दलों से यूपी के अधिवक्ताओं की सात सूत्रीय मांग पर विचार करने का आग्रह किया

बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में लड़ने वाले राजनीतिक दलों से वकीलों से संबंधित सात सूत्रीय मांगों पर विचार करने का आग्रह किया।इस संबंध में काउंसिल द्वारा एक प्रेस नोट जारी किया गया।प्रेस नोट पर काउंसिल के अध्यक्ष शिरीश कुमार मेहरोत्रा ​​द्वारा हस्ताक्षरित निम्नलिखित सात मांगों का उल्लेख किया:1. दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में अधिवक्ताओं को 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। साथ ही COVID-19 से पीड़ित अधिवक्ता के परिजनों को 10 लाख की...

कोर्ट को गुमराह करने का मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित तौर पर महाधिवक्ता के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेने से इनकार किया
कोर्ट को गुमराह करने का मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित तौर पर महाधिवक्ता के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेने से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में हावड़ा नगर निगम को हावड़ा नगर निगम और बल्ली नगर पालिका में विभाजन से संबंधित मामले में गलत तरीके से 'अदालत को गुमराह' करने के लिए महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी के खिलाफ स्वत: संज्ञान कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली याचिका खारिज की।महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने कहा था कि हावड़ा नगर निगम को हावड़ा नगर निगम और बल्ली नगर पालिका में विभाजित करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में पारित एक विधेयक को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की स्वीकृति मिली है। इसी के खिलाफ याचिका दायर की गई...

पुलिस से किसी भी समाज का सबसे सुलभ, संवादात्मक और गतिशील संगठन होने की उम्मीद: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पुलिस से किसी भी समाज का सबसे सुलभ, संवादात्मक और गतिशील संगठन होने की उम्मीद: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस को समाज के सबसे सर्वव्यापी संगठनों में से एक बताते हुए हाल ही में कहा कि पुलिस से किसी भी समाज का सबसे सुलभ, संवादात्मक और गतिशील संगठन होने की उम्मीद की जाती है।जस्टिस रजनी दुबे की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि जरूरत, खतरे, संकट और कठिनाई की घड़ी में, जब एक नागरिक को यह नहीं पता होता है कि क्या करना है और किससे संपर्क करना है, तो पुलिस स्टेशन और एक पुलिसकर्मी उसके ल‌िए सबसे उपयुक्त स्वीकार्य इकाई और व्यक्ति होते हैं।मामलान्यायालय स्वर्गीय विश्वनाथ नायर की हत्या के संबंध...

लुक आउट सर्कुलर यात्रा के अधिकार पर प्रतिबंध लगाता है, केवल असाधारण परिस्थितियों में और ठोस कारणों पर इसे जारी किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
लुक आउट सर्कुलर यात्रा के अधिकार पर प्रतिबंध लगाता है, केवल असाधारण परिस्थितियों में और ठोस कारणों पर इसे जारी किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि राज्य द्वारा एक लुकआउट सर्कुलर जारी करके किसी व्यक्ति के विदेश यात्रा के अधिकार को प्रतिबंधित करना अनुचित था, जब वह कोई सबूत स्थापित नहीं कर सका कि यह अधिकार 'भारत के आर्थिक हितों के लिए हानिकारक' होगा।ज‌स्टिस रेखा पल्ली दिल्ली स्थित परिधान निर्माण के एक व्यवसायी द्वारा प्रतिवादी, गृह मंत्रालय और आयकर विभाग द्वारा उसके खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने के लिए दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थीं।कोर्ट ने कहा कि एलओसी लगभग तीन वर्षों से लागू था, इस अवधि...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने कई नौकरी सर्च वेबसाइटों द्वारा हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया के 'शाइन' ट्रेडमार्क के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा के आदेश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में कई वेबसाइटों / संस्थाओं द्वारा हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया के ब्रांड और ट्रेडमार्क 'शाइन', 'शाइन लर्निंग' और वेबसाइट के कॉपीराइट का अनधिकृत रूप से उपयोग के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश पारित किया है।न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने कंपनी द्वारा दायर एक याचिका पर आठ वेबसाइटों / संस्थाओं के खिलाफ कंपनी के पंजीकृत ट्रेडमार्क और / या कॉपीराइट का उल्लंघन करने से अंतरिम निषेधाज्ञा पारित किया।याचिका में आरोप लगाया गया था कि कई संस्थाएं हिदुस्तान टाइम्स मीडिया...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत स्पेशल कोर्ट की स्थापना की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत स्पेशल कोर्ट की स्थापना की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर जवाब मांगा। इस याचिका में विशेष रूप से नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत अपराधों से निपटने वाले स्पेशल कोर्ट की स्थापना की मांग की गई है।इन कोर्ट की स्थापना की मांग करते हुए थाना सिंह बनाम सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया है।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ को हाईकोर्ट...

उचित प्राधिकार के बिना प्रतिनिधि क्षमता में दायर रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
उचित प्राधिकार के बिना प्रतिनिधि क्षमता में दायर रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना है कि उचित प्राधिकार या प्रस्ताव के बिना प्रतिनिधि क्षमता में दायर एक रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विनोद कुमार भरवानी की खंडपीठ ने कहा, "हमारा दृढ़ मत है कि रिट याचिका उचित प्राधिकार/प्रस्ताव के बिना दायर की गई है और इसलिए, यह सुनवाई योग्य नहीं है।"इसके अलावा, अदालत ने उचित प्राधिकार के अभाव में, आयकर आकस्मिक कर्मचारी यूनियन की ओर से कथित रूप से दायर रिट याचिका को सुनवाई योग्य नहीं होने के कारण खारिज कर दिया।अदालत ने आयकर आकस्मिक...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सहकर्मी की 5 साल की बेटी के साथ बलात्कार के आरोपी-सीआईएसएफ कांस्टेबल की बर्खास्ती के आदेश को रद्द किया

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) नियम 39 (ii) के तहत जघन्य अपराध का आरोप एक कांस्टेबल को सेवा से बर्खास्त करने से पहले विभागीय जांच नहीं करने का एक उचित पर्याप्त कारण नहीं है।अदालत ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें एक कॉन्स्टेबल को एक सहकर्मी की पांच साल की बेटी के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में बर्खास्त किया गया था। इसके बजाय, इसने एक सवार के साथ कांस्टेबल की बहाली का आदेश दिया कि सीआईएसएफ को...

चिकित्सा लापरवाही: वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बिना माहिला का ऑपरेशन करने पर हुई मौत, कर्नाटक की कोर्ट ने तीन डॉक्टरों को दोषी ठहराया
चिकित्सा लापरवाही: वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बिना माहिला का ऑपरेशन करने पर हुई मौत, कर्नाटक की कोर्ट ने तीन डॉक्टरों को दोषी ठहराया

कर्नाटक के बीदर जिले की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने हाल ही में तीन डॉक्टरों को एक महिला की मौत के लिए दोषी ठहराया। उन्होंने उस महिला का अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बिना ही ऑपरेशन किया था।द्वितीय अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज एवं जेएमएफसी अब्दुल खादर ने सुश्रुत नर्सिंग होम की डॉ. राजश्री (32), डॉ. वैजीनाथ (65) और डॉ. साईबन्ना (52) को आईपीसी की धारा 304-ए सहपठित धारा 34 के तहत दोषी ठहराया।इसने उन्हें दो साल के साधारण कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास में भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास में भाजपा विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को सिंधुदुर्ग में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे भाजपा विधायक नितेश राणे को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस सीवी भडांग ने शुक्रवार को राणे की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने राणे के साथ उनके सह-आरोपी संदेश उर्फ ​​गोत्या स्वंत को भी गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया।वहीं आरोपी मनीष दलवी को अग्रिम जमानत दे दी गई।कंकावली पुलिस ने राणे और अन्य के खिलाफ दिसंबर 2022 में भारतीय दंड संहिता...

पॉक्सो केस को रिपोर्ट न करने का मामला: कभी-कभी लड़कियों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए ऐसे मामलों को रिपोर्ट नहीं किया जाता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने फैकल्टी, हॉस्टल वार्डन की सजा निलंबित की
पॉक्सो केस' को रिपोर्ट न करने का मामला: "कभी-कभी लड़कियों की प्रतिष्ठा बचाने के लिए ऐसे मामलों को रिपोर्ट नहीं किया जाता है": राजस्थान हाईकोर्ट ने फैकल्टी, हॉस्टल वार्डन की सजा निलंबित की

राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को एक फैकल्टी मेंटर और हॉस्टल वार्डन को पॉक्सो एक्ट (अन्य अपराधों के साथ) की धारा 21 के तहत दी गई सजा को निलंबित कर दिया। अनुसूचित जाति की एक नाबालिग लड़की के साथ 'पोक्सो मामले' की रिपोर्ट करने में उनकी कथित विफलता के कारण उन पर मामला दर्ज किया गया था।जैसा कि कोर्ट ने नोट किया,"ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं, जहां सोच-समझकर इस तरह के मामलों को पुलिस को रिपोर्ट न करने का वास्तविक तरीके से निर्णय लिया जाता है, ताकि लड़की की प्रतिष्ठा को नुकसान न हो। इस पहलू को और अधिक...

उम्मीद है कि प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा: राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर पोर्टल पर गड़बड़ियों को दूर करने की मांग वाली याचिका का निपटारा किया
'उम्मीद' है कि प्रशासन आवश्यक कदम उठाएगा: राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर पोर्टल पर गड़बड़ियों को दूर करने की मांग वाली याचिका का निपटारा किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने आयकर विभाग को अपने आधिकारिक पोर्टल पर सभी दोषों और गड़बड़ियों को दूर करने का निर्देश देने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से अनिच्छा व्यक्त की।हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए प्रशासन पर अपने स्तर पर मुद्दों से निपटने का जिम्मा छोड़ दिया।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस रेखा बोराना की खंडपीठ ने कहा,"इस स्तर पर हम इन मुद्दों से निपटने के लिए प्रशासन पर छोड़ देते हैं। हमें उम्मीद है कि अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता के बिना प्रशासन के स्तर पर ही...

मद्रास हाईकोर्ट
'बड़े पैमाने पर राजस्व से जुड़े मामलों के लंबित होने से देश को नुकसान': मद्रास हाईकोर्ट ने इनकम टैक्स, खनन, उत्पाद शुल्क से जुड़े मामलों को जल्द-से-जल्द निपटाने के निर्देश दिए

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हाल ही में बड़े पैमाने पर राजस्व से जुड़े मामलों के लंबे समय से लंबित होने पर चिंता व्यक्त की।न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि देश की संपत्ति के दुरुपयोग को रोकने के लिए आयकर, सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क, खान और खनिज आदि के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाना चाहिए।रिट याचिकाओं को लंबित रखने में हितधारकों द्वारा नियोजित तिरछी रणनीति के बारे में बात करते हुए, ताकि अंतरिम आदेशों का अनुचित लाभ प्राप्त किया जा सके, अदालत ने कहा,"रिट पक्ष पर बढ़ती...

दिल्ली कोर्ट ने गिटहब पर सुली डील ऐप बनाने के आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली कोर्ट ने गिटहब पर 'सुली डील' ऐप बनाने के आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली की एक अदालत ने ओंकारेश्वर ठाकुर को जमानत देने से इनकार कर दिया। ठाकुर पर गिटहब (Github) पर 'सुली डील्स' ऐप बनाने का आरोप है।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट वसुंधरा छौंकर ने कहा,"जब अन्य अपराधों की तुलना कठोर के अपराध के साथ की जाती है तो तकनीक का दुरुपयोग और समाज के बड़े वर्ग पर कथित कृत्यों के प्रभाव को कम नहीं किया जा सकता।"ठाकुर को कथित तौर पर दिल्ली पुलिस ने नीरज बिश्नोई के बाद गिरफ्तार किया था। बिश्नोई पर बुली बाई ऐप बनाने का आरोप है और उससे पुलिस ने पूछताछ की है।अभियोजन पक्ष का मामला यह है...

मोटर दुर्घटना का दावा- गैर-कमाई वाले सदस्य के लिए प्रति वर्ष अनुमानित आय के रूप में 15 हजार तय करना अतार्किक: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना का दावा- गैर-कमाई वाले सदस्य के लिए प्रति वर्ष अनुमानित आय के रूप में 15 हजार तय करना अतार्किक: इलाहाबाद हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के 2021 में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक परिवार के गैर-कमाई वाले सदस्यों के लिए प्रति वर्ष 15,000/- रुपये की काल्पनिक आय तय करना गैर-न्यायोचित और अतार्किक है।न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ सात-वर्षीय मृत लड़के के माता-पिता द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुआवजे के रूप में 1,80,000 रुपये और 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देने के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती दी गयी...