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गुजरात हाईकोर्ट
आरोपी सक्षम गवाह हो सकता है बशर्ते कि उसने सीआरपीसी की धारा 315 के तहत लिखित अनुरोध किया होः गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि एक आरोपी व्यक्ति सक्षम गवाह हो सकता है, बशर्ते कि उसे लिखित अनुमति हो या संबंधित अदालत में सीआरपीसी की धारा 315 के तहत आरोपी के कहने पर लिखित अनुरोध किया गया हो।इस प्रकार कोर्ट ने सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसने एक लिखित अनुरोध के अभाव में, गवाह के रूप में व्यवहार करने के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज कर दिया था।जस्टिस निराल मेहता संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता-आरोपियों के खिलाफ...

फ्लैट खरीदारों को कब्जे के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं कराया जा सकताः एनसीडीआरसी
फ्लैट खरीदारों को कब्जे के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं कराया जा सकताः एनसीडीआरसी

एनसीडीआरसी की एक पीठ ने कहा है कि विरोधी पक्ष ने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत नहीं दिया है कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 2 (1) (d) के दायरे में 'उपभोक्ता' नहीं हैं। उन्होंने केवल इस तथ्य पर भरोसा किया हे कि उन्होंने छूट के बदले एक ही किश्त में 50% राशि का भुगतान किया। पीठ में पीठासीन सदस्य के रूप में जस्टिस दीपा शर्मा और सदस्‍य के रूप में सुभाष चंद्रा शामिल थे।आयोग ने कहा कि केवल यह तर्क कि शिकायतकर्ताओं ने छूट के लिए 50% राशि का भुगतान किया है, शिकायतकर्ताओं...

[राज्य सभा चुनाव 2022] शिवसेना विधायक सुहास कांडे ने चुनाव आयोग द्वारा उनके वोट को अमान्य करने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
[राज्य सभा चुनाव 2022] शिवसेना विधायक सुहास कांडे ने चुनाव आयोग द्वारा उनके वोट को अमान्य करने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया

शिवसेना विधायक सुहास कांडे (Suhas Kande) ने 10 जून को भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) में उनके वोट को अमान्य करने को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का दरवाजा खटखटाया है।कांडे का कहना है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत चुनाव अधिकारी के आदेश पर चुनाव आयोग के पास अपीलीय शक्तियां हों। इसके अलावा, चुनाव आयोग के आदेश को बिना किसी नोटिस के एकतरफा पारित कर दिया गया था।जस्टिस एस गंगापुरवाला और जस्टिस डीएस ठाकुर की पीठ के समक्ष मामले का...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन हिंदू संतों को हेट मांगर कहने पर ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन हिंदू संतों को 'हेट मांगर' कहने पर ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने इस महीने की शुरुआत में एक ट्वीट के लिए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी थी, जिसमें उन्होंने 3 हिंदू संतों यति नरसिंहानंद सरस्वती, बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप को 'हेट मांगर' यानी घृणा फैलाने वाला कहा था।गौरतलब है कि जुबैर के खिलाफ इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए और सूचना प्रौद्योगिकी...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
परिस्थितियों में विशेष बदलाव के बिना एक के बाद अग्रिम जमानत आवेदन दाखिल करना प्रक्रिया का दुरुपयोग : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया है कि गिरफ्तारी की आशंका वाले व्यक्ति द्वारा मामले की परिस्थितियों में पर्याप्त बदलाव के बिना अग्रिम जमानत के लिए लगातार आवेदन दाखिल करना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। जस्टिस विकास बहल ने ऐसे ही एक आवेदन को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया और उसे एक महीने के भीतर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को में 50,000/- रुपये जमा करवाने के निर्देश जारी किये।इस मामले में याचिकाकर्ता पर संशोधित वेतनमान का लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप...

प्रथम दृष्टया अवैध भूमि हड़पने का मास्टरमाइंड: विशेष पीएमएलए कोर्ट ने नागपुर के वकील सतीश उके के खिलाफ ईडी की शिकायत का संज्ञान लिया
"प्रथम दृष्टया अवैध भूमि हड़पने का मास्टरमाइंड": विशेष पीएमएलए कोर्ट ने नागपुर के वकील सतीश उके के खिलाफ ईडी की शिकायत का संज्ञान लिया

मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में नागपुर के वकील सतीश उके और उनके बड़े भाई प्रदीप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर शिकायत का संज्ञान लेते हुए, स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया वे "अवैध भूमि हथियाने" में शामिल थे।स्पेशल जज एमजी देशपांडे ने कहा कि सतीश उके फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी की तरह फर्जी दस्तावेज बनाकर नागपुर में विभिन्न जमीनों को हड़पने की कथित साजिश का "मास्टरमाइंड" था; और उसने प्रथम दृष्टया कम से कम 36 करोड़ रुपये का धन शोधन किया, जो धन शोधन निवारण एक्ट, 2002 की धारा 2(1)(u)...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र को अमान्य करने के खिलाफ शिवसेना विधायक लताबाई सोनवणे की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शिवसेना विधायक लताबाई सोनवणे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाणपत्र समिति के एक फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने एसटी समुदाय तोकरे कोली से संबंधित होने के उनके दावे को खारिज कर दिया था।जस्टिस रमेश डी धानुका और जस्टिस संजय जी महरे की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के पिता की जाति को उनके जन्म रजिस्टर में "कोली" के रूप में दिखाया गया है। यह स्वतंत्रता पूर्व प्रविष्टि थी। उनके दादा के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड उनकी जाति को "हिंदू" के रूप में...

गुजरात हाईकोर्ट
अनिवार्य सेवानिवृत्ति के एक साल बाद ग्रेच्युटी जब्त करना बाद का विचार: गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व कर्मचारी को ग्रेच्युटी भुगतान का आदेश दिया, बैंक ने मौद्रिक नुकसान का आरोप लगाया था

गुजरात हाईकोर्ट हाल ही में एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के पक्ष में फैसला सुनाया। उस पर नियोक्ता बैंक ने बेतरतीब ढंग से लोन स्वीकृत करने का आरोप लगाया था, जिससे उसे मौद्रिक नुकसान हुआ था। कोर्ट ने अपने फैसले में बैंक को रिटायर्ड बैंक मैनेजर के सेवानिवृत्त के बकायों को चुकाने का आदेश दिया।जस्टिस बीरेन वैष्णव ने पाया कि प्रतिवादी-कर्मचारी की ग्रेच्युटी को जब्त करने का आदेश "बाद का विचार" था। वह आदेश बर्खास्तगी के दंड को अनिवार्य सेवानिवृत्ति में संशोधित करने के बाद और जब प्रतिवादी ने ग्रेच्युटी के...

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
मनी लॉन्ड्रिंग मामला: दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच के सिलसिले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जैन की 5 दिनों की ईडी हिरासत आज समाप्त होने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया। जैन को पहले 9 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया था। एजेंसी ने जैन को पिछले महीने गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने तब मामले में जैन की 14 दिन की हिरासत मांगी थी।जैन ने मामले में विशेष सीबीआई न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के समक्ष जमानत...

अवैध या मनमाना नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के मेट्रो डेयरी विनिवेश में सीबीआई जांच से इनकार किया
'अवैध या मनमाना नहीं': कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के मेट्रो डेयरी विनिवेश में सीबीआई जांच से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को कथित मेट्रो डेयरी घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जांच सौंपने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह कहा कि हस्तक्षेप के लिए कोई मामला नहीं बनाया गया है क्योंकि राज्य ने शेयरों की बिक्री के लिए किसी भी गैर-पारदर्शी या अपारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई है। न्यायालय पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर चौधरी द्वारा 2017 में मेट्रो डेयरी में 47 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी डेयरी संगठन केवेंटर एग्रो लिमिटेड को बेचने में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए एक जनहित याचिका...

आरोपी को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल रही, उसके वकील को धमकी दी जा रही है कि वह सीआरपीसी की धारा 395 के तहत हाईकोर्ट का संदर्भ न दें: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
आरोपी को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल रही, उसके वकील को धमकी दी जा रही है कि वह सीआरपीसी की धारा 395 के तहत हाईकोर्ट का संदर्भ न दें: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा है कि हाईकोर्ट को संदर्भ देने के लिए सीआरपीसी की धारा 395 का प्रावधान केवल इसलिए लागू नहीं किया जा सकता है क्योंकि आरोपी को कोई उचित कानूनी सहायता नहीं मिल रही है या उसके वकील को धमकी दी गई है।जस्टिस पंकज मिथल ने कहा,"संदर्भ केवल निम्नलिखित दो आकस्मिकताओं में सत्र न्यायाधीश द्वारा हाईकोर्ट में किया जा सकता है: (ए) जहां सत्र न्यायालय के समक्ष लंबित मामले में किसी अधिनियम, अध्यादेश या विनियम के किसी प्रावधान की वैधता के बारे में एक प्रश्न शामिल...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
विवाह सहायता योजना के तहत करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में मप्र हाईकोर्ट ने जनपद पंचायत के सीईओ को जमानत देने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच ने हाल ही में एक जनपद पंचायत के सीईओ को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर विवाह सहायता योजना के लाभार्थियों के लिए निर्धारित धन का कथित रूप से गबन करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि" यह प्रथम दृष्टया सफेद पोश अपराध (white colour crime) का मामला है और यह एक बड़ा घोटाला प्रतीत होता है, जिसमें करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। अन्य दोषियों की भूमिका के संबंध में आगे की जांच जारी है।अन्य दो आरोपी योगेंद्र शर्मा और हेमंत साहू न तो सरकारी कर्मचारी थे और न ही किसी भी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
पति की सहमति के बिना पत्नी का बार-बार अपने माता-पिता के घर जाना परित्याग/क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी का अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों की सहमति के बिना बार-बार अपने माता-पिता के घर जाने का कार्य न तो परित्याग का अपराध बन सकता है और न ही यह क्रूरता की श्रेणी में आता है। जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते अपीलकर्ता/पत्नी की तरफ से दायर एक अपील को स्वीकार कर लिया है। इस अपील में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, बरेली द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत पति के पक्ष में तलाक की डिक्री देने के फैसले और...

यूपी में हर सफाई कर्मचारी को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया
'यूपी में हर सफाई कर्मचारी को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाना चाहिए': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रत्येक सफाई कर्मचारी को उनके अधिकारों को सूचीबद्ध करने वाला एक प्रिंटेड पैम्फलेट सौंपे।इस संबंध में जस्टिस चंद्र कुमार राय और जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार से सफाई कर्मियों के अधिकारों को निर्दिष्ट करते हुए एक पृष्ठ का संक्षिप्त पैम्फलेट तैयार करने और उसे समाचार पत्रों में प्रकाशित करने को कहा है।यह आदेश एक स्वत: जनहित याचिका में जारी किया गया है, जिसमें कोर्ट ने पिछले महीने 24 मई, 2022...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
"तुच्छ मामला": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 18 साल के बाद 'दूसरी पत्नी' के कहने पर दर्ज रेप केस खारिज किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ अपनी 'दूसरी पत्नी' के कहने पर दर्ज रेप केस खारिज किया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यह एक तुच्छ मामला है और उसके बयान ने उस व्यक्ति के खिलाफ झूठे आरोपों का संकेत दिया है।जस्टिस आनंद पाठक की खंडपीठ ने कहा कि यह तंग करने वाला और तुच्छ मुकदमा है, केवल उस व्यक्ति पर पैसे निकालने के लिए दबाव डालना या घरेलू विवाद को आपराधिक आरोपों में बदलने के लिए अभियोक्ता ('दूसरी पत्नी') द्वारा किया गया प्रयास है।पूरा मामला41 वर्षीय प्रतिवादी संख्या...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
साक्ष्य अधिनियम की धारा 106- पति को उसके घर में हुई पत्नी की मौत का विवरण देने के लिए तब तक नहीं कहा जा सकता, जब तक कि अभियोजन प्रथम दृष्टया मामला स्थापित न करे : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पत्नी की हत्या के मामले में एक व्यक्ति की दोषसिद्धि को रद्द कर दिया। मृतका का शरीर उसके घर में मिला था और वह मृतका के पास पाया गया था।जस्टिस साधना एस. जाधव और जस्टिस मिलिंद एन. जाधव की खंडपीठ ने तर्क दिया कि आरोपी को चुप्पी बनाए रखने का अधिकार है और यह अभियोजन पक्ष के लिए है कि वह पहले अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करे, इससे पहले कि आरोपी को अपने बचाव में परिस्थितियों की व्याख्या करने के लिए कहा जाए। यह नोट किया गया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 के...

संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम द्वारा शासित मकान मालिक-किरायेदार विवाद प्रकृति में मध्यस्थता योग्य हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया
संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम द्वारा शासित 'मकान मालिक-किरायेदार' विवाद प्रकृति में मध्यस्थता योग्य हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया है कि संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882 द्वारा शासित मकान मालिक-किरायेदार विवाद प्रकृति में मध्यस्थता योग्य हैं। जस्टिस ई.एस. इंदिरेश ने कहा कि 'विद्या ड्रोलिया बनाम दुर्गा ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (2020)' के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 'हिमांगी एंटरप्राइजेज बनाम अमलजीत सिंह अहुलवालिया (2017)' के अपने ही फैसले को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने इस प्रकार माना कि लीज डीड के तहत पार्टियों के बीच मकान मालिक-किरायेदार विवाद, जो संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम द्वारा शासित था, को मध्यस्थता...

दिल्ली हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 127- वैवाहिक विवाद में भरण-पोषण का निर्धारण करते समय पति की वित्तीय स्थिति और बदली हुई परिस्थितियों पर विचार करना चाहिएः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि वैवाहिक विवादों में भरण-पोषण का निर्धारण पति की वित्तीय स्थिति और उस जीवन स्तर पर निर्भर करता है जिसकी पत्नी अपने वैवाहिक घर में अभ्यस्त थी। जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने कहा कि भुगतान किए जाने वाले भरण-पोषण की उचित मात्रा पर पहुंचने के लिए पति की वित्तीय क्षमता, उसके अपने भरण-पोषण के लिए उचित खर्च के साथ उसकी वास्तविक आय, और परिवार के आश्रित सदस्यों, जिन्हें वह अपनी जिम्मेदारियों सहित कानून के तहत बनाए रखने के लिए बाध्य है, को ध्यान में रखा जाना चाहिए। न्यायालय ने...

समरी जनरल कोर्ट मार्शल पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई कर सकता है, पीड़ित बच्चे की पहचान, सम्मान और मनोविज्ञान की रक्षा करनी चाहिए: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
समरी जनरल कोर्ट मार्शल पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई कर सकता है, पीड़ित बच्चे की पहचान, सम्मान और मनोविज्ञान की रक्षा करनी चाहिए: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि पॉक्सो अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो समरी जनरल कोर्ट मार्शल (एसजीसीएम) के अधिकार क्षेत्र को उल्लिखित अपराधों के मामले में सुनवाई करने से रोकता है। जस्टिस रजनीश ओसवाल ने कहा कि"वर्ष 2012 के अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो इस अधिनियम के तहत अपराधों की सुनवाई करने के लिए एसजीसीएम के अधिकार क्षेत्र को प्रतिबंधित करता है, बल्कि 2012 के अधिनियम की धारा 42-ए में प्रावधान है कि इस अधिनियम के प्रावधान अतिरिक्त होंगे, न कि किसी...