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लिमिटेशन एक्ट, 1963 का अनुच्छेद 1 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के तहत कार्यवाही पर लागू नहीं होगा: एनसीएलएटी
लिमिटेशन एक्ट, 1963 का अनुच्छेद 1 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के तहत कार्यवाही पर लागू नहीं होगा: एनसीएलएटी

जस्टिस अशोक भूषण और डॉ आलोक श्रीवास्तव की मौजूदगी वाले नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) के प्रिंसिपल बेंच ने 'एसएम घोगभाई बनाम शेड्यूलर्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के मामले में माना कि लिमिटेशन एक्ट (परिसीमन अधिनियम), 1963 का अनुच्छेद 1 दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी कोड) की धारा 9 के तहत परिचालन लेनदार द्वारा दायर याचिका पर लागू नहीं है। संक्षिप्त पृष्ठभूमिपार्टियां परिवहन सेवाओं के कारोबार में शामिल हैं। अपीलकर्ताओं द्वारा प्रतिवादी पर कुल 174 चालान तैयार किये गए...

आसाराम बापू मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष को सजा के निलंबन के तीसरे आवेदन का जवाब देने का आखिरी मौका दिया
आसाराम बापू मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष को सजा के निलंबन के तीसरे आवेदन का जवाब देने का 'आखिरी मौका' दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने लोक अभियोजक को स्वयंभू बाबा और आजीवन कारावास के दोषी आसाराम बापू की तीसरी याचिका पर जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। इस आवेदन में नाबालिग बलात्कार के मामले में आसाराम की सजा को मेडिकल ग्राउंड (इलाज करवाने के लिए) पर निलंबित करने का आग्रह किया गया है। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने कहा, "विद्वान लोक अभियोजक ने जवाब दाखिल नहीं किया है। उन्हें जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया जाता है।"1 अप्रैल, 2022 को राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की खंडपीठ ने लोक...

मथुरा के शाही ईदगाह में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग, सनातनी हिंदू के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: स्थानीय अदालत में मुकदमा दायर
"मथुरा के शाही ईदगाह में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग, सनातनी हिंदू के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन": स्थानीय अदालत में मुकदमा दायर

मथुरा कोर्ट (Mathura Court) में शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Idgah Masjid) में अजान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक नया मुकदमा दायर किया गया है।सूट में कहा गया है कि ईदगाह में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल वादी के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है, जो एक सनातनी हिंदू है।यह ध्यान दिया जा सकता है कि मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद कृष्ण जन्मभूमि के बगल में स्थित है, जिसे हिंदू देवता कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है।सूट में यह भी कहा गया है कि शाही ईदगाह वास्तव में केशव देव...

यासीन मलिक ने 1994 में बंदूक भले ही छोड़ दी हो, लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा; गांधीवादी होने का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली कोर्ट
यासीन मलिक ने '1994 में बंदूक भले ही छोड़ दी हो, लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा; गांधीवादी होने का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली कोर्ट

जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि विचाराधीन अपराध शीर्ष अदालत के रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल एनआईए जज प्रवीण सिंह ने भी मलिक की इस दलील को खारिज कर दिया कि उन्होंने अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांत का पालन किया था और शांतिपूर्ण अहिंसक संघर्ष का नेतृत्व कर रहे थे।जज ने कहा, "हालांकि, सबूत जिसके आधार पर आरोप तय किए गए थे, वह दोषी ठहराता है। पूरे...

[दिल्ली दंगे] यूएपीए के तहत जमानत के चरण में गवाहों के बयानों की सत्यता का परीक्षण नहीं कर सकता: हाईकोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका पर कहा
[दिल्ली दंगे] यूएपीए के तहत जमानत के चरण में गवाहों के बयानों की सत्यता का परीक्षण नहीं कर सकता: हाईकोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि वह गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत जमानत के स्तर पर गवाहों के बयानों की सत्यता का परीक्षण नहीं कर सकता है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की खंडपीठ इस मामले में जमानत देने से इनकार करने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली उमर खालिद की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।पीठ सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस...

किसी भी कोर्ट को वकीलों के हड़ताल / संभावित हड़ताल का नोटिस नहीं लेना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के जज से स्पष्टीकरण मांगा
"किसी भी कोर्ट को वकीलों के हड़ताल / संभावित हड़ताल का नोटिस नहीं लेना चाहिए": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के जज से स्पष्टीकरण मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा है कि किसी भी कोट को वकीलों द्वारा हड़ताल या संभावित हड़ताल का नोटिस नहीं लेना चाहिए।जस्टिस जे जे मुनीर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की क्योंकि उसने प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, हाथरस से स्पष्टीकरण मांगा है, जिन्होंने वकीलों द्वारा संभावित हड़ताल को स्वीकार करते हुए तलाक के मामले में सुनवाई स्थगित कर दी थी।पीठ ने यह भी देखा कि प्रधान न्यायाधीश द्वारा स्थगन प्रथम दृष्टया कदाचार के बराबर है।अनिवार्य रूप से, पीठ प्रेमराज प्रताप...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी मुठभेड़ में 10 सिखों को आतंकवादी मानकर उनकी हत्या करने के आरोपी 34 पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'फर्जी' मुठभेड़ में 10 सिखों को 'आतंकवादी' मानकर उनकी हत्या करने के आरोपी 34 पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने पिछले हफ्ते प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) में 34 पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिन पर वर्ष 1991 में एक कथित फर्जी मुठभेड़ में आतंकवादी मानकर 10 सिखों की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी निर्दोष व्यक्तियों को आतंकवादी कहकर उनकी बर्बर और अमानवीय हत्या में शामिल रहे।अदालत ने अंतिम सुनवाई के लिए पुलिसकर्मियों की दोषसिद्धि को चुनौती देने वाले अभियुक्तों की आपराधिक...

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में उम्र कैद की सज़ा
कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में उम्र कैद की सज़ा

दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने बुधवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई। मलिक ने मामले में अपना दोष स्वीकार किया था और अपने खिलाफ लगे आरोपों का विरोध नहीं किया था।विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने इस साल मार्च में मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मलिक और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे। हालांकि मलिक ने इन आरोपों में अपना गुनाह कबूल कर लिया था।जिन अन्य लोगों पर आरोप लगाया गया और...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
अनुच्छेद 226 को लागू करने वाले व्यक्ति को साफ हाथों से आना चाहिए, पूर्ण और सही तथ्यों का खुलासा करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले व्यक्ति को साफ हाथों से आना चाहिए, और पूर्ण और सही तथ्यों का खुलासा करना चाहिए।चीफ एक्टिंग जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने यह भी कहा कि एक याचिकाकर्ता को किसी भी भौतिक तथ्यों को नहीं दबाना चाहिए और कानूनी कार्यवाही के लिए बार-बार या समानांतर सहारा नहीं लेना चाहिए।कोर्ट ने एसोसिएशन ऑफ एमडी फिजिशियन द्वारा 25,000 रुपये जुर्माने के साथ दायर याचिका को खारिज करने वाले एकल न्यायाधीश के...

धारा 437 सीआरपीसी | गैर-जमानती अपराध के लिए महिला को जमानत दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
धारा 437 सीआरपीसी | गैर-जमानती अपराध के लिए महिला को जमानत दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि यह कानून नहीं है कि ऐसे मामले में जमानत से इनकार किया जाना चाहिए, जहां अपराध की सजा मौत या आजीवन कारावास हो, हाल ही में पति की हत्या के आरोपी एक महिला को जमानत दी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने नेत्रा नामक एक व्यक्ति की याचिका को स्वीकार कर लिया और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 437 के आधार पर उसे जमानत दे दी।सीआरपीसी की धारा 437 के अनुसार, गैर-जमानती अपराध में तीन परिस्थितियों में जमानत दी जा सकती है, (i) आरोपी की उम्र 16 साल से कम हो,...

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मथुरा कोर्ट में जमा की गई
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मथुरा कोर्ट में जमा की गई

इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 मई के आदेश की प्रति मंगलवार को मथुरा कोर्ट में जमा की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश में मथुरा की स्थानीय अदालत को उसके समक्ष लंबित दो आवेदनों पर फैसला करने का निर्देश दिया गया है, जो कि श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के संबंध में चार महीने के भीतर दायर किये गए हैं। आदेश की कॉपी वादी मनीष यादव द्वारा कोर्ट में जमा करवाई गई है, जिन्होंने शाही ईदगाह मस्जिद को स्थानांतरित करने के लिए मथुरा कोर्ट के समक्ष एक मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में दावा किया गया है कि यह केशव देव...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
'बेहद अविश्वसनीय है कि कोई व्यक्ति पहचान पत्र प्रतिबंधित पदार्थ के साथ बैग में रखेगा': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी को जमानत दी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 के तहत एक आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि यह अत्यधिक अविश्वसनीय है कि वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ रखने वाले व्यक्ति अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेजों को एक ही बैग में रखेंगे।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा कि इससे अभियोजन की कहानी की सत्यता पर संदेह पैदा होता है। आमतौर पर पहचान पत्र को पर्स या जेब में रखा जाता है, बैग में नहीं, वह भी प्रतिबंधित सामग्री के साथ।आगे कहा,"एक बार जमानत याचिकाकर्ता को बटुआ...

ज्ञानवापी विवाद: हिंदुओं को मस्जिद के अंदर पूजा करने का अधिकार मांगने वाला नया सूट वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्राफंसफर
ज्ञानवापी विवाद: हिंदुओं को मस्जिद के अंदर पूजा करने का अधिकार मांगने वाला नया सूट वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्राफंसफर

कथित तौर पर ज्ञानवापी मस्जिद में पाए गए देवताओं (शिव लिंग) की पूजा करने की अनुमति मांगने वाला एक नया मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।अब इस मामले की सुनवाई 30 मई को होगी।आज मामला सिविल जज-सीनियर डिवीजन से सिविल जज सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र पांडेय को ट्रांसफर कर दिया गया है।वादी किरण सिंह ने प्रतिवादियों (अंजुमन इस्लामिया मस्जिद समिति सहित) के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की है कि वे हिंदू याचिकाकर्ताओं / भक्तों के प्रवेश और शिव लिंग की धार्मिक गतिविधियों में...

कलकत्ता हाईकोर्ट
आरोपी की फरारी को अपने आप में अपराध का निर्णायक सबूत नहीं माना जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 साल के बच्चे की हत्या के दोषी व्यक्ति को बरी किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि किसी आरोपी की फरारी अपने आप में उसके अपराध को स्थापित नहीं करती है और आईपीसी की धारा 302 के तहत हुई दोषसिद्धि के आदेश को रद्द कर दिया।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अनन्या बंद्योपाध्याय की खंडपीठ 10 साल के लड़के की हत्या के लिए अपीलकर्ता के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर फैसला सुना रही थी। यह आरोप लगाया गया था कि अपीलकर्ता के लड़के की मां रसीदा के साथ अवैध संबंध थे। आगे यह तर्क दिया गया था कि बच्चे ने अपने पिता को अवैध संबंधों का खुलासा किया था...

बार एसोसिएशन किसी व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने के खिलाफ प्रस्ताव नहीं पारित कर सकते, इसे संविधान का उल्लंघन माना जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट
बार एसोसिएशन किसी व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने के खिलाफ प्रस्ताव नहीं पारित कर सकते, इसे संविधान का उल्लंघन माना जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कराइकुडी बार एसोसिएशन के उस प्रस्ताव को पारित करने के कृत्य की निंदा की जिसमें कहा गया है कि कि कोई भी इस मामले में कुछ अभियुक्तों का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा।कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रस्ताव अवैध है और इसे शून्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में भी जहां अधिवक्ताओं पर हमला हुआ है, उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए और हमलावरों से निपटा जाना चाहिए। लेकिन फिर भी, बार एसोसिएशन से इस तरह के प्रस्तावों को पारित करने की उम्मीद नहीं की जाती है। इसे भारतीय संविधान का उल्लंघन माना जाएगा।मदुरै खंडपीठ...

मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी द्वारा दी गयी राशि मोटर दुर्घटना दावे के मुआवजे से कटौती योग्य: मद्रास हाईकोर्ट
मेडिक्लेम पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी द्वारा दी गयी राशि मोटर दुर्घटना दावे के मुआवजे से कटौती योग्य: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने माना है कि मेडिकल खर्च के लिए मुआवजा प्रतिपूर्ति का मामला है और इसलिए एक बार बीमा कंपनी द्वारा सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को मेडिकल खर्च के लिए क्षतिपूर्ति करने का निर्णय लेने के बाद, मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक बार फिर से इसका दावा नहीं किया जा सकता है।जस्टिस टीका रमन की पीठ ने इस प्रकार व्यवस्था दी कि चिकित्सा पॉलिसी कवरेज के तहत बीमा कंपनी द्वारा सीधे अस्पताल को भुगतान की गई राशि को मोटर दुर्घटना न्यायाधिकरण द्वारा घायलों को मुआवजे की गणना करते समय कम किया जाएगा।यह आदेश...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
निजी गवाहों का दोनों परीक्षण, मुख्य और क्रॉस, एक ही दिन में हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य के सभी सेशन कोर्ट्स को निर्देश दिया है कि जहां तक ​​संभव हो, निजी गवाहों के दोनों परीक्षण, मुख्य परीक्षण (examination in chief) और प्रति परीक्षण (cross examination), एक ही द‌िन में पूरा करने का प्रयास करें।जस्टिस विकास कुंवर श्रीवास्तव और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य के ट्रायल जजों को आधिकारिक गवाहों के परीक्षण से पहले निजी गवाहों की परीक्षण का निर्देश दिया।अदालत ने कहा, "निष्पक्ष और उचित ट्रायल सुनिश्चित करने के लिए ऐसे दृष्टिकोण की...

गुजरात हाईकोर्ट
'बीमा कंपनी ने एक छोटी मुआवजे की राशि के लिए अनावश्यक रूप से अपील दायर की': गुजरात हाईकोर्ट ने 65,200 रुपए के मुआवजे के अवार्ड को बरकरार रखा

गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप भट्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित 65,200 रुपए के मुजावजे के अवार्ड को बरकरार रखते हुए कहा कि बीमा कंपनी ने मोटर वाहन दुर्घटना के दावे में एक छोटी मुआवजे की राशि को चुनौती देने के लिए अनावश्यक रूप से अपील दायर की है।कोर्ट ने इसके साथ ही बीमा कंपनी की अपील को खारिज कर दिया। मामले के संक्षिप्त तथ्य यह थे कि दावेदार (प्रतिवादी संख्या 1) एक मोटरसाइकिल पर तेज और लापरवाही से सवारी कर रहा था, जिसमें प्रतिद्वंद्वी नंबर 2 एक पिलर सवार के रूप में था, जब...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने की मांग वाली याचिका में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस सचिन दत्ता ने याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की मांग पर विचार करते हुए आदेश दिया,"केंद्र सरकार 6 सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करे।" कोर्ट ने याचिका की फाइलिंग को मीडिया में सार्वजनिक करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक पब्लिक स्टंट प्रतीत होता है। आपके पास प्रेस में जाने और...