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हर गर्भवती महिला सम्मान की हकदार, कस्टडी में जन्म देना मां और बच्चे दोनों के लिए आघात होगा : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक गर्भवती विचाराधीन कैदी को तीन महीने की अंतरिम जमानत देते हुए कहा है कि हर गर्भवती महिला मातृत्व के दौरान गरिमा की हकदार है और जल्द ही यह महिला अपने बच्चे को जन्म देने वाली है। जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने यह भी कहा कि एक महिला की गर्भावस्था एक विशेष परिस्थिति है जिसकी हिरासत में बच्चे को जन्म देने के रूप में सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि यह न केवल मां के लिए एक आघात होगा बल्कि बच्चे पर भी हमेशा के लिए प्रतिकूल प्रभाव पैदा करेगा,जब भी उससे उसके जन्म के बारे...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (15 अगस्त, 2022 से 19 अगस्त, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।पक्षकारों को जब मध्यस्थता के लिए भेजा जाता है तो सिविल कोर्ट आदेश पारित करने से पहले मध्यस्थता रिपोर्ट का इंतजार करने के लिए बाध्य: केरल हाईकोर्टकेरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि जब दीवानी अदालत ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के तहत मध्यस्थता (Mediation) के लिए दीवानी मुकदमे के पक्षकारों को...
बिलकिस बानो मामला| सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को छूट का फैसला करने का अधिकार देने में गलती की: सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन
क्रिमिनल लॉ एक्सपर्ट सीनियर एडवोकेट रेबेका एम जॉन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह मानते हुए गलती की कि गुजरात राज्य के पास बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा की छूट का फैसला करने का अधिकार क्षेत्र है।लाइव लॉ के साथ एक साक्षात्कार में जॉन ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 432 (7) के अनुसार, यह वह राज्य होगा, जहां मुकदमा चलाया गया हो और जहां सजा पारित की गई हो, जिसके पास छूट के लिए आवेदनों पर विचार करने का अधिकार क्षेत्र हो।उन्होंने समझाया कि इस स्थिति को यूनियन ऑफ इंडिया बनाम वी श्रीहरन @...
सड़क के गड्ढों से हुई हादसों के लिए जिला कलेक्टर होंगे जवाबदेह, संवैधाननिक अपकृत्य के सिद्धांत लागू होंगे: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि भविष्य में गड्ढों के कारण होने वाली हर सड़क दुर्घटना के बारे में जिला कलेक्टरों को बताना होगा।कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधक प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में विभिन्न जिला कलेक्टरों के अधीन अधिकारियों को हर सड़क का दौरा करने और देखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि उन सभी को आपदा से मुक्त रखा जाए, ऐसा न हो कि कोई अन्य दुर्घटना घटित हुई।ऐसा कहते हुए जस्टिस देवन रामचंद्रन ने पहले जारी किए गए आदेश के बारे में याद दिलाया, जिसमें...
अदालतों में सिविल और आपराधिक पोस्टिंग की 'ए' डायरी की प्रतियां आरटीआई अधिनियम के तहत प्राप्त नहीं की जा सकती: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अदालतों में सिविल और आपराधिक पोस्टिंग की 'ए' डायरी की प्रतियां प्राप्त नहीं की जा सकतीं।जस्टिस मुरली पुरुषोत्तमन ने कहा कि चूंकि हाईकोर्ट द्वारा बनाए गए नियमों के तहत आवेदन दाखिल करके मामलों की सिविल और आपराधिक पोस्टिंग की 'ए' डायरी की प्रतियां प्राप्त की जा सकती हैं, आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों को बहाल नहीं किया जाएगा।"चूंकि याचिकाकर्ता द्वारा मामलों की सिविल और आपराधिक पोस्टिंग की 'ए' डायरी की...
मोहम्मडन कानून की धारा 65| मां की ओर से पहले चचेरे भाई मृतक चाचा की संपत्ति में हिस्सा लेने के हकदार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि मुस्लिम कानून की धारा 65 के अनुसार माता की ओर से पहला चचेरा भाई मृतक चाचा की संपत्ति में अवशेष की श्रेणी के तहत हिस्सेदारी का हकदार नहीं है।जस्टिस एचपी संदेश ने दो भाइयों द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसमें सिविल जज के आदेश को उनके मृतक चाचा की संपत्ति का लाभ उठाने से रोकने और मृतक की बेटी मोदिनबाई उर्फ फकरूबी, मूल-वादी के पक्ष में एक डिक्री देने के आदेश पर सवाल उठाया गया था।मामलामहिला का मामला था कि उसके पिता अलीसाब दुबलेसब कदमपुर मालिक थे और सूट शेड्यूल...
मद्रास हाईकोर्ट ने जमीन हथियाने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए डॉक्टर के निलंबन को बरकरार रखा
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दो साल की अवधि के लिए मेडिकल रजिस्टर से अपना नाम हटाने के आदेश को चुनौती देने वाले एक डॉक्टर द्वारा दायर एक अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने देखा कि उसने गलत तरीके से संपत्ति हासिल करने के लिए एक नकली चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किया था और इस तरह पेशेवर कदाचार किया था।चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और जस्टिस भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने कहा कि अपीलकर्ता ने केवल जमीन प्राप्त करने के लिए उसे दी जाने वाली शिक्षाओं को छोड़ दिया था। यह उसके कदाचार की गंभीरता को दोगुना कर देता...
कर्मचारी के खिलाफ केवल आपराधिक कार्यवाही लंबित होने से पदोन्नति से इनकार नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने बुधवार को दोहराया कि पदोन्नति को केवल इसलिए नहीं रोका जा सकता है, क्योंकि कर्मचारी के खिलाफ कुछ अनुशासनात्मक / आपराधिक कार्यवाही लंबित है। इस तरह के लाभ से इनकार करने के लिए उसे उस चरण में लंबित प्रासंगिक समय पर होना चाहिए जब चार्ज मेमो/चार्ज कर्मचारी को शीट पहले ही जारी की जा चुकी है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने उन आदेशों को चुनौती दी जिसके तहत उसे पदोन्नति से वंचित कर दिया गया। साथ ही भविष्य...
पार्टियों का आचरण मध्यस्थता समझौते को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि न्यायालय ए एंड सी एक्ट की धारा 11 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यस्थता समझौते के अस्तित्व की जांच करने के लिए बाध्य है, समझौते के अभाव में यह पार्टियों को केवल इसलिए मध्यस्थता के लिए संदर्भित नहीं कर सकता क्योंकि प्रतिवादी ने आपत्तियां नहीं उठाई हैं।जस्टिस बेबांग्शु बसाक की बेंच ने माना कि पार्टियों का आचरण मध्यस्थता समझौते का विकल्प नहीं है।तथ्यपुनर्विचार आवेदक ने प्रतिवादी के पक्ष में 18.04.2018 का कार्य आदेश जारी किया। कार्य आदेश का खंड 13 पक्षों के बीच...
शीना बोरा मर्डर केस: गिरफ्तारी के 7 साल बाद इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय को बॉम्बे हाईकोर्ट से ज़मानत मिली
शीना बोरा हत्याकांड में सीबीआई के मुख्य गवाह श्यामवर राय को गिरफ्तारी के करीब सात साल बाद शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी।इस मामले में मुख्य आरोपी और सोशलाइट इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर राय को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे 2016 में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सरकारी गवाह घोषित किया गया। फिर अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में पेश किया गया। उसने 2015 में अदालत को लिखा कि वह "शीना बोरा हत्याकांड के बारे में सच बताना चाहता है।"जस्टिस भारती डांगरे ने शनिवार को राय को सह-आरोपी संजीव...
पक्षकारों को जब मध्यस्थता के लिए भेजा जाता है तो सिविल कोर्ट आदेश पारित करने से पहले मध्यस्थता रिपोर्ट का इंतजार करने के लिए बाध्य: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि जब दीवानी अदालत ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के तहत मध्यस्थता (Mediation) के लिए दीवानी मुकदमे के पक्षकारों को भेजा जाता है तो मुकदमे में आगे के आदेश पारित करने से पहले मध्यस्थता रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने का दायित्व है।जस्टिस सी.एस. डायस ने मामले की सुनवाई करते हुए पूछा कि क्या निचली अदालत ने मुकदमे को 'दबाया नहीं' कहकर खारिज करने में गलती की है।उन्होंने कहा,"यह वैधानिक है कि जब कोई मुकदमा संहिता की धारा 89 के तहत बिना किसी औपचारिक निर्णय के निपटाया...
भीमा कोरेगांव मामले पर मीडिया बयान नहीं देंगे वरवर राव: एनआईए कोर्ट ने जमानत की शर्तें तय की
मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी तेलुगु कवि डॉ पी वरवर राव के लिए जमानत की 14 शर्तें तय कीं, जिसमें किसी भी मीडिया फोरम पर मामले के बारे में बात करने पर प्रतिबंध भी शामिल है।राव को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर जमानत दी थी।विशेष न्यायाधीश राजेश कटारिया ने कहा, "वह इस मामले में किसी भी तरह के मीडिया यानी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया आदि के संबंध में कोई बयान नहीं देंगे। वह समान या किसी अन्य प्रकृति का कोई अन्य अपराध नहीं करेंगे। "अदालत...
प्रयागराज हिंसा: स्थानीय अदालत ने वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के नेता जावेद मोहम्मद की जमानत याचिका खारिज की
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की स्थानीय अदालत ने गुरुवार को जून, 2022 प्रयागराज हिंसा मामले के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद को जमानत देने से इनकार कर दिया।कथित तौर पर वह उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रमुख साजिशकर्ता है। पुलिस ने आरोप लगाया कि जावेद ने पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता के विवादास्पद बयानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (जो हिंसक हो गया) का आह्वान किया था।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने जावेद को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा:"... प्रथम दृष्टया यह...
फर्जी वकील का मामला: मद्रास हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को वैधानिक समेतियों में पदों पर रहने की अनुमति देने से पहले वकीलों के अतीत को सत्यापित करने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु एंड पुडुचेरी को वैधानिक समितियों में महत्वपूर्ण पदों पर रहने की अनुमति देने से पहले वकीलों के अतीत को सत्यापित करने का निर्देश दिया।हाईकोर्ट ने यह निर्देश 17 वर्षीय दत्तक पुत्र को पेश करने की मांग वाली मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए दिया। इस मामले में अदालत को 'फर्जी वकील' का पता चला है।बच्चे को तीसरे और चौथे प्रतिवादी द्वारा अवैध रूप से कस्टडी में लिया गया है। बाद में चौथे प्रतिवादी ने खुद के वकील होने का दावा किया। हालांकि, पूछताछ...
कलकत्ता हाईकोर्ट में जज और वकील के बीच तीखी बहस, जज ने कहा आप जैसे बदमाश से निपटना जानता हूं
कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय और वकीलों के बीच गुरुवार को अभूतपूर्व घटनाक्रम में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब जस्टिस गंगोपाध्याय ने अदालत में मौजूद पत्रकारों को पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की अवैध नियुक्ति से संबंधित सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की अनुमति दी।जस्टिस गंगोपाध्याय ने कथित रूप से गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सहित अवैध रूप से नियुक्त छह शिक्षकों को गुरुवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का...
"रेप का आरोप लगाने के बाद शिकायतकर्ता आरोपी के साथ घूमती रही और उसकी खातिरदारी का आनंद लेती रही" : गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को ज़मानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में पीड़िता का सामूहिक बलात्कार करने में शामिल आरोपी व्यक्ति को जमानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए आरोपी को जमानत दी कि बाद में पीड़िता के आरोपी के साथ बहुत दोस्ताना संबंध थे। इस तरह के गंभीर आरोप लगाने के बाद भी वह उसके साथ यात्रा कर रही थी। उसकी खातिरदारी का आनंद ले रहे थी।जस्टिस राजेंद्र सरीन ने कहा,"ऊपर बताए गए तथ्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि शिकायतकर्ता का आवेदक के साथ बहुत दोस्ताना संबंध है। इससे बलात्कार का आरोप भी अनुचित प्रतीत होता है, क्योंकि पहले...
केवल गलत प्रावधान का उल्लेख करने से प्राधिकरण की वैधानिक शक्ति कमजोर नहीं होती: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया कि प्राधिकरण द्वारा अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए गलत प्रावधान उद्धृत करने मात्र से आदेश अमान्य नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि उक्त आदेश तब तक अमान्य नहीं होगा जब तक यह दिखाया गया है कि ऐसा आदेश अन्यथा क़ानून के अन्य प्रावधानों के तहत पारित किया जा सकता है।तदनुसार, जस्टिस एएस सुपेहिया ने रिट याचिकाकर्ता के खिलाफ बेदखली के आदेश को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा:"याचिकाकर्ता को अपने पिता की मृत्यु के बाद भी प्रतिवादी नगरपालिका की संपत्ति पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं...
डीवी एक्ट । मजिस्ट्रेट के पास मामले को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने, समझौता दर्ज करने और निपटारा दर्ज करने की शक्ति : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 (डीवी एक्ट ) से महिलाओं के संरक्षण के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले मजिस्ट्रेट के पास सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 89 के अनुसार मामले को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने, समझौता दर्ज करने और सीपीसी के आदेश XXIII नियम 3 के सिद्धांतों को लागू करने वाले समझौते के संदर्भ में एक आदेश पारित करने की शक्ति है।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने आगे कहा,डीवी एक्ट, सामान्य तौर पर, सिविल प्रकार का होता है और इसके तहत राहतें सिविल प्रकृति...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अभियुक्त की मृत्यु पर अपील समाप्त करने के लिए सीआरपीसी की धारा 394 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 394(1) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। उक्त धारा में अभियुक्त की मृत्यु पर आपराधिक अपीलों को समाप्त करने का प्रावधान है।जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की एकल पीठ ने जी वरदराजू द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा,"अपराधियों के आपराधिक अभियोजन की कार्यवाही में मेन्स री जैसे व्यक्तिगत तत्व शामिल होते हैं, जो विवेक से संबंधित होते हैं; यदि अपराध साबित हो जाता है तो अपराधी के व्यक्ति को अपराध को शुद्ध करने के लिए सजा...
भीमा कोरेगांव के आरोपी अरुण फरेरा ने डिफॉल्ट जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
भीमा कोरेगांव - एल्गार परिषद मामले के एक आरोपी कार्यकर्ता अरुण फरेरा ने डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। फरेरा की याचिका को शुक्रवार को जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस शर्मिला देशमुख की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। हालांकि जस्टिस डेरे पहले ही इस मामले में सुनवाई से खुद को अलग कर चुकी हैं।एनआईए अधिनियम की धारा 21(4) के तहत आपराधिक अपील में फरेरा का दावा है कि उनकी स्थिति सह-आरोपी सुधा भारद्वाज के समान है, जिन्हें पिछले साल दिसंबर में हाईकोर्ट द्वारा डिफ़ॉल्ट...


















