मुख्य सुर्खियां
हाईकोर्ट ने कश्मीर में रक्षा मंत्रालय के बादामी बाग छावनी बोर्ड द्वारा जबरन बेदखली के 24 साल बाद आवंटी को 10 लाख मुआवजा दिया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस व्यक्ति को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे 1998 में रक्षा मंत्रालय के बादामीबाग छावनी बोर्ड द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तह अपनी दुकान-सह-आवासीय परिसर से बेदखल कर दिया गया था।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका का निपटारा करते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता घोषणा की मांग कर रहा था कि सदर बाजार, बादामी बाग छावनी, श्रीनगर में दुकान-सह-आवासीय परिसर से उसकी बेदखली...
शरजील इमाम और अन्य को डिस्चार्ज करने के कुछ दिन बाद जज ने जामिया हिंसा मामले की सुनवाई से खुद को 'व्यक्तिगत कारणों' से अलग किया
ट्रायल कोर्ट के जज ने 2019 जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम, सफूरा ज़रगर, आसिफ इकबाल तन्हा और आठ अन्य को आरोप मुक्त करने के कुछ दिनों बाद "व्यक्तिगत कारणों" का हवाला देते हुए हिंसा से संबंधित ऐसे ही मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरुल वर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पास 2019 में हुई हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया और अनुरोध किया कि मामले को दूसरे न्यायाधीश को...
पटना हाईकोर्ट ने सरकारी क्वार्टर में नाबालिग नौकरानी से रेप के आरोपी डीएसपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में उस निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर 2017 में नाबालिग लड़की के साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाने का आरोप है, जिसे उसकी पत्नी के लिए नौकरानी के रूप में रखा गया था।जस्टिस राजीव रॉय ने याचिकाकर्ता कमला कांत प्रसाद को राहत देने से इंकार करते हुए कहा:"याचिकाकर्ता पुलिस अधिकारी होने के नाते पीड़ित लड़की की रक्षा करने के लिए बाध्य था लेकिन वह खुद शिकारी बन गया। इस प्रक्रिया में उसके साथ बलात्कार किया और याचिकाकर्ता के कथित कृत्य से उसे...
[हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24] ‘संपत्ति और देनदारियों की डिटेल्स का हलफनामा दोनों पक्षों ने दायर नहीं किया’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला अदालत को गुजारा भत्ता के दावे पर नए सिरे से फैसला करने का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश, कूचबिहार को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत पत्नी द्वारा दायर गुजारा भत्ता के लिए आवेदन पर फिर से फैसला करने का निर्देश दिया, जो रजनेश बनाम नेहा में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रस्ताव के अनुपालन में था।रजनेश बनाम नेहा में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि पूरे देश में संबंधित फैमिली कोर्ट / जिला न्यायालय / मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष लंबित कार्यवाही सहित सभी मेंटेनेंस की कार्यवाही में संपत्ति और देनदारियों की डिटेल्स का हलफनामा दोनों पक्षों...
पत्नी को अलग रहने वाले पति के घर की बिक्री में बाधा डालने का कोई अधिकार नहीं है जब वह उसे समान वैकल्पिक आवास देने को तैयार है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि महिला को अपने अलग रह रहे पति के घर की बिक्री में बाधा डालने का अधिकार नहीं है, अगर वह उसे समान सुविधाओं के साथ किराए का आवास देने को तैयार है।कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें बकाया कर्ज चुकाने के लिए पति को फ्लैट बेचने की इजाजत दी गई। फैमिली कोर्ट ने पत्नी को आवास से बाहर जाने और उपयुक्त दो बेडरूम वाला किराये के फ्लैट चुनने का निर्देश दिया। यदि ऐसा नहीं होता है तो पत्नी को प्रति माह 50,000 रुपए देने के निर्देश...
एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के अनुपालन के लिए सहमति/गैर-सहमति मेमो तैयार करने के समय के संबंध में अनिश्चितता को दूर करने की आवश्यकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य को एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के अनुपालन / गैर-सहमति मेमो तैयार करने की जगह, तारीख और समय के बारे में अनिश्चितता को दूर करने के लिए एक मैकेनिज्म तैयार करने के लिए कहा।जस्टिस पंकज जैन की पीठ ने कहा कि अनिश्चितता को दूर करने के लिए जांच एजेंसियों को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है और जांच को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।जस्टिस जैन ने राज्य सरकारों को कुछ वेब पोर्टल के साथ आने का सुझाव दिया, जिस पर धारा 50 के अनुपालन के लिए सहमति ज्ञापन / गैर-सहमति मेमो...
'दुर्व्यवहार नशे की हालत में किया गया था': मद्रास हाईकोर्ट ने SC/ST मामले में आरोपी को जमानत दी
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हाल ही में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय की एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति को जमानत दी।जस्टिस जी इलंगोवन इस बात से सहमत हुए कि व्यक्ति का आचरण अच्छा नहीं था।अदालत ने कहा कि क़ैद की अवधि और इस तथ्य पर विचार करते हुए कि कथित कृत्य नशे की हालत में किया गया था, वह व्यक्ति जमानत का हकदार है।बेंच ने कहा,"सरकारी वकील ने मुकदमों की सूची भी प्रस्तुत की है। सूची के अवलोकन से पता चलता है कि कुछ मामलों का निस्तारण हो चुका है और...
केंद्र ने गुजरात हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सोनिया गिरिधर गोकानी की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट की सबसे सीनियर जज जस्टिस सोनिया गोकानी की नियुक्ति की अधिसूचना जारी, जो कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय के कर्तव्यों का पालन करने के लिए उस तारीख से प्रभावी होंगी जब जस्टिस अरविंद कुमार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार छोड़ देंगे। जस्टिस कुमार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है। इस संबंध में जारी केंद्र की अधिसूचना इस प्रकार है," भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त शक्ति...
[एंटी-सीएए प्रोटेस्ट] संपत्ति के नुकसान की जांच के लिए एफआईआर दर्ज, क्लेम कमिश्नर नियुक्त : दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से नुकसान की वसूली की मांग वाली एक जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि क्लेम कमिश्नर को मुआवजा देने पर विचार करने के लिए नियुक्त किया जा चुका है और दिल्ली पुलिस द्वारा पहले ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है तो इस मामले में आगे कोई आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं...
न्यायिक कार्यवाही के दरमियान वकीलों की ओर से दिए गए बयान को 'पूर्ण विशेषाधिकार', उन पर मानहानि के मुकदमे नहीं किए जा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही के दरमियान एक वकील को ओर से दिए गए बयानों को "पूर्ण विशेषाधिकार" प्रदान किया गया है और प्रस्तुतियां के लिए उसके खिलाफ मानहानि, बदनामी या परिवाद की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।यह देखते हुए कि इस तरह के बयान को "मानहानि के किसी भी आरोप के खिलाफ पूर्ण सुरक्षा" है, जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि सुनवाई के दरमियान उसकी ओर से दिए गए किसी भी बयान के लिए "अगर वकीलों को खुद कानून का डर हो" तो न्याय प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।अदालत ने कहा, "इस प्रकार,...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में वकील को जेल से रिहा करने का आदेश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक वकील की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली, जिसे पिछले सप्ताह अदालत की अवमानना के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस अशोक एस किनाग आई की खंडपीठ ने कहा, "माफी स्वीकार करने से अवमानना कार्यवाही बंद हो जाती है। प्रतिवादी आरोपी को तत्काल रिहा किया जाए।"अदालत ने 02 फरवरी को कहा था कि उसके पास अदालत की अवमानना करने के लिए एडवोकेट केएस अनिल को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश पारित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा...
कर्मचारी के खिलाफ नोशनल ब्रेक के उपयोग को अनुचित अभ्यास के रूप में बार-बार बहिष्कृत किया गया: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पीआरटीसी कर्मचारी को राहत दी
यह देखते हुए कि किसी कर्मचारी के खिलाफ कल्पित विराम के उपयोग को नियोक्ता द्वारा अनुचित व्यवहार के रूप में बार-बार बहिष्कृत किया गया है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के कर्मचारी को राहत दी।जस्टिस पंकज जैन ने कहा कि भजन सिंह नामक याचिकाकर्ता पीआरटीसी के साथ दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहा था और इस प्रकार के ब्रेक से बचने की स्थिति में नहीं था। अदालत ने कहा कि ऐसा कोई आरोप नहीं है कि उक्त कल्पित विराम इस तथ्य के कारण था कि याचिकाकर्ता काम करने को तैयार नहीं...
केरल कोर्ट ने जेंडर बदलने से पहले किए गए यौन शोषण के मामले में ट्रांसजेंडर को दोषी ठहराया, 7 साल की जेल की सजा सुनाई
केरल की एक अदालत ने 2016 में एक 16 वर्षीय लड़के का यौन शोषण करने के मामले में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को दोषी ठहराया है।फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO), तिरुवनंतपुरम के स्पेशल जज आज सुदर्शन ने दोषी को आईपीसी की धारा 377 के तहत दंडनीय अपराध के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।इस मामले में कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 का अवलोकन किया।कोर्ट उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ने नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) के फैसले के माध्यम से प्रावधान की कठोरता को कम कर दिया है, लेकिन एक वयस्क के...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 16 साल की रेप पीड़िता को 23 हफ्ते के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दी
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने एक 16 वर्षीय रेप पीड़िता को 23 सप्ताह से अधिक के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दी।याचिकाकर्ता एक 16 वर्षीय लड़की है। एक बलात्कार पीड़िता है। पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के तहत संबंधित पुलिस स्टेशन में मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।पीड़िता को 27 दिसंबर, 2022 को कार्डियक अरेस्ट आया था। उसे 2 फरवरी, 2023 तक वेंटिलेटर पर रखा गया था और वर्तमान में वो कार्डिएक लाइफ सपोर्ट प्रोटोकॉल पर है।सुनवाई के दौरान, जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को अखिल गोगोई, अन्य के खिलाफ यूएपीए मामले में आरोप तय करने पर नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को एनआईए कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसने 2019 में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दरमियान हुई हिंसा की कथित घटनाओं से जुड़े यूएपीए मामले में असम के विधायक अखिल गोगोई और तीन अन्य को आरोप मुक्त कर दिया था।01.07.2021 को विशेष जज, एनआईए, असम, गुवाहाटी द्वारा पारित निर्णय और आदेश के खिलाफ एनआईए की ओर से अपील की गई थी। कोर्ट ने सभी चार अभियुक्तों को इस आधार पर आरोपमुक्त कर दिया था कि उन पर आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सामग्री...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने लिखित बयान में शिकायतकर्ता के खिलाफ मानहानि के आरोप लगाने के आरोपी वकील के खिलाफ कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस वकील के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज करने से इनकार कर दिया, जिस पर अपने मुवक्किलों की ओर से उपलोकायुक्त के समक्ष "शिकायतकर्ता के खिलाफ आपत्तिजनक बयान" के साथ लिखित बयान दर्ज करने का आरोप है। वह शिकायतकर्ता का भी वकील है।जस्टिस के नटराजन ने अभियुक्त वकील संतोष कुमार एम के इस तर्क को खारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता को बदनाम करने का कोई आपराधिक इरादा नहीं है या उसने केवल अपने मुवक्किल की रक्षा करने के लिए नेक नीयत से काम किया है।पीठ ने कहा,"आरोपी द्वारा दिए गए कथन या अभियुक्त...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत भरण-पोषण के लिए दायर आवेदनों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए
कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालतों को निर्देश जारी किया है कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत अपने-अपने पतियों से भरण-पोषण की मांग करने वाली महिलाओं द्वारा दायर आवेदनों पर निर्णय लेने के लिए एक समय-सीमा का पालन किया जाए। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश की पीठ ने निर्देश जारी करने की आवश्यकता महसूस करते हुए कहा कि ‘‘धारा 24 के प्रावधान निर्देश देते हैं कि भरण-पोषण की मांग करने वाले धारा 24 के तहत दायर एक आवेदन को 60 दिनों के भीतर यथासंभव निपटाया जाना चाहिए। शब्द ‘‘जहां तक संभव हो’’...
लोक सेवक द्वारा जारी की गई सामान्य अधिसूचना आईपीसी की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध के लिए अभियुक्तों की ओर से 'ज्ञान' की शर्त को पूरा नहीं करेगी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि लोक सेवक द्वारा जारी की गई सामान्य अधिसूचना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध के लिए अभियुक्तों की ओर से 'ज्ञान' की शर्त को पूरा नहीं करेगी।जस्टिस राजेंद्र कुमार वर्मा की पीठ ने कहा,जैसा कि पहले देखा गया कि आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को लोक सेवक के आदेश का वास्तविक ज्ञान होना चाहिए, जिसमें उसे कुछ कार्य करने या न करने की आवश्यकता होती है। ऐसा ज्ञान प्राप्त करना या प्राप्त करना पूर्व-आवश्यकता है। लोक सेवक...
फ्लैट ओनर्स अपार्टमेंट के कब्जे के बाद भी बिल्डर की ओर से वादा की गई सुविधाओं का दावा करने का अधिकार नहीं खोते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्लैट ओनर्स, जिन्हें अक्सर परिस्थितियों के कारण अपार्टमेंट का कब्जा लेना पड़ता है, भले ही उन्हें बिल्डर ने वादा की गई सुविधाएं प्रदान ना की हों, वे बिल्डर से ऐसी सेवाओं का दावा करने के अपने अधिकार को नहीं खोते।जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने पीड़ित फ्लैट मालिकों की ओर से पेश मुआवजे के दावे को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा इस आधार पर खारिज करने के लिए कि उन्होंने कब्जा ले लिया है, की आलोचना की।पीठ ने अपने फैसले (देबाशीष सिन्हा बनाम...
कट-ऑफ तारीख के बाद पैदा हुए बच्चे के नहीं रहने पर उम्मीदवार को महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कट-ऑफ तारीख के बाद पैदा हुआ बच्चा, जिसका नामांकन से पहले निधन हो गया, उसे माता-पिता को महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 के तहत पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित नहीं किया जाएगा।जस्टिस अरुण आर. पेडनेकर की औरंगाबाद खंडपीठ ने महिला को इस आधार पर अयोग्य ठहराने वाले अधिकारियों का आदेश खारिज कर दिया कि कट-ऑफ तारीख के बाद उसके दो से अधिक बच्चे थे।अदालत ने कहा,"इस प्रकार बच्चा कट-ऑफ तारीख के बाद पैदा हुआ और नामांकन से पहले निधन हो गया, उसे अयोग्यता के उद्देश्य...




![[हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24] ‘संपत्ति और देनदारियों की डिटेल्स का हलफनामा दोनों पक्षों ने दायर नहीं किया’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला अदालत को गुजारा भत्ता के दावे पर नए सिरे से फैसला करने का आदेश दिया [हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24] ‘संपत्ति और देनदारियों की डिटेल्स का हलफनामा दोनों पक्षों ने दायर नहीं किया’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जिला अदालत को गुजारा भत्ता के दावे पर नए सिरे से फैसला करने का आदेश दिया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/12/19/500x300_449903-calcuttahighcourt.jpg)














