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[भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम] स्वीकृति जारी करते समय आरोपी व्यक्ति के पदनाम में मात्र टाइपिंग त्रुटि इसे अमान्य नहीं करती: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में यह माना कि केवल इसलिए कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी अधिनियम) की धारा 19(1)(बी) के तहत ऐसे व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए स्वीकृति आदेश में आरोपी व्यक्ति के पदनाम को दिखाने में टाइपोग्राफ़िकल त्रुटि है, इससे यह नहीं कहा जा सकता कि स्वीकृति आदेश गलत है।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने उपरोक्त आदेश पारित किया और कहा,"इस सामान्य कारण से कि याचिकाकर्ता के पदनाम को दिखाने में टाइपिंग त्रुटि है, यह नहीं कहा जा सकता कि जारी की गई मंजूरी गलत है। मंजूरी देने वाले प्राधिकारी ने अपने...
वंदे भारत पत्थरबाजी केस - 'क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कथित बयान आईपीसी की धारा 153ए के दायरे में आता है?': कलकत्ता हाईकोर्ट ने एजी से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य के एडवोकेट जनरल से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या जनवरी 2023 की वंदे भारत ट्रेन पत्थरबाजी की घटना की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक कथित बयान ( कथित रूप से बंगाल और बिहार के निवासियों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाला बयान) आईपीसी की धारा 153A के दायरे में आता है या नहीं।उल्लेखनीय है कि आईपीसी की धारा 153ए धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के अपराध से संबंधित है।यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि...
मॉल के पास पार्किंग फीस लेने का अधिकार नहीं: आंध्र प्रदेश जिला उपभोक्ता आयोग (वीडियो)
छुट्टी वाले दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बहुत सारे लोग मॉल और शॉपिंग कंपलेक्स में फिल्म देखने या शॉपिंग के लिए जाते हैं। मॉल की पार्किंग का इस्तेमाल करने पर उन्हें फीस के रूप में कुछ पैसे देने पड़ते हैं. आपने भी कभी-न-कभी मॉल की पार्किंग इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग फीस दिए ही होंगे। पार्किंग फीस को लेकर आए दिन कई लोगों ने कोर्ट का रूख किया है। हाल ही में पार्किंग फीस को लेकर एक और मामला सामने आया। मामले में आंध्र प्रेदश डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमिशन ने सिनेमा मालिक को एक वकील को 5 हजार...
याचिकाकर्ता को 'विदेशी नहीं' बताने का पिछला आदेश अनुचित होने पर विदेशी ट्रिब्यूनल की कार्यवाही में रेस जुडिकाटा का सिद्धांत आकर्षित नहीं होता : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यदि ट्रिब्यूनल के पिछले आदेश में यह निर्धारित करने के लिए कि वह व्यक्ति विदेशी नहीं है, कोई कारण नहीं बताया गया है तो यह निर्धारित करने के लिए कि कोई व्यक्ति विदेशी है या नहीं, विदेशी ट्रिब्यूनल के समक्ष बाद की कार्यवाही पर रेस जुडिकाटा (Res judicata) का सिद्धांत लागू नहीं होगा। जस्टिस अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ और जस्टिस रॉबिन फुकन की खंडपीठ ने कहा:" कानून के तहत रेस जुडिकाटा के सिद्धांतों को संतुष्ट होने के लिए दो शर्तों की आवश्यकता होती है, यानी पहले का...
वर्चुअल मोड में गवाह का एग्जामिनेशन आरोपी के अधिकारों को प्रभावित नहीं करती: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अदालतों (केरल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीडियो लिंकेज नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुसार वर्चुअल मोड में गवाह का एग्जामिनेशन आरोपी के अधिकारों को प्रभावित नहीं करती है।जस्टिस ए बदरुद्दीन की एकल पीठ ने कहा कि नियम 8(25) के तहत अदालतों (केरल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीडियो लिंकेज नियम, 2021 के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाह का एग्जामिनेशन को दंड प्रक्रिया संहिता 1973, सिविल प्रक्रिया, 1908, क्रिमिनल रूल्स ऑफ प्रैक्टिस, केरल एंड सिविल रूल्स ऑफ प्रैक्टिस, केरल ...
चार्जशीट को रद्द करने की प्रार्थना पर विचार करते समय अभियुक्त की ओर से पेश बचाव की जांच नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक कहा कि कोर्ट किसी आरोपपत्र को रद्द करने की प्रार्थना पर विचार करते समय उन बचावों की जांच नहीं कर सकती, जिन्हें अब तक अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया है।जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने कालिका प्रताप सिंह नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। उस व्यक्ति ने अपनी याचिका में एक महिला को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उसके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।पीठ ने कहा...
दिल्ली दंगे: अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर गवाहों को धमकाने का आरोप लगाया, हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है।एफआईआर में आरोप है कि आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के सहयोगियों ने खजूरी खास स्थित एक गोदाम से बेशकीमती संपत्ति की चोरी की थी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने शोएब आलम को जमानत देने से इनकार कर दिया। बेंच ने देखा कि दो चश्मदीद गवाहों को धमकियां दी जा रही हैं।अदालत ने कहा,"इस अदालत को इस स्तर पर जमानत देने के लिए एक उपयुक्त मामला नहीं लगता है, जब...
सात दिनों की सीबीआई हिरासत के बाद, दिल्ली कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति से संबंधित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दायर मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने सीबीआई के वकील के यह कहने के बाद आदेश पारित किया कि वे फिलहाल उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन अगले 15 दिनों में फिर से उनकी हिरासत की मांग कर सकते हैं।अदालत ने कहा,"न्यायिक हिरासत के लिए...
'अतीक का रिट थाना क्षेत्र में चलता है, सरकार का नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधायक राजू पाल हत्याकांड के आरोपी की जमानत रद्द की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की 2005 में हुई हत्या के एक आरोपी (फरहान) की जमानत रद्द करते हुए पाया कि थाना धोमनगंज/धूमनगंज, प्रयागराज के क्षेत्र में राज्य सरकार का रिट नहीं चलता, बल्कि खूंखार अपराधी अतीक अहमद का हुक्म चलता है। अदालत ने इस प्रकार देखा क्योंकि यह नोट किया गया कि राजू पाल और हत्या के मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल (पिछले महीने जिनकी हत्या कर दी गई) दोनों को हमलावरों ने कथित रूप से पूर्व सांसद अतीक अहमद के इशारे पर मार डाला था।जस्टिस दिनेश कुमार...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के फैसले के खिलाफ एकल न्यायाधीश के केवल मुस्लिम मुजावर को दत्त पीठ में अनुष्ठान करने की अनुमति देने का आदेश बरकरार रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली उस अपील को खारिज कर दिया, जिसने चिकमगुलुरु में पवित्र गुफा मंदिर, दत्ता पीठ में अनुष्ठान करने के लिए केवल मुजावर (मुस्लिम मुजावर) को अनुमति देने के राज्य के फैसले को रद्द कर दिया, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा पूजनीय है।राज्य ने आदेश दिया कि केवल शाह खादरी द्वारा नियुक्त मुजावर को "श्री गुरु दत्तात्रेय स्वामी पीठ" के गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी, जिसे अन्यथा "श्री गुरु दत्तात्रेय बाबाबुदनस्वामी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी की पहली शादी से हुए बच्चे का भरण-पोषण देने का आदेश बरकरार रखा, कहा- पति अब जिम्मेदारी से नहीं बच सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शादीशुदा महिला से शादी करने वाले किसी व्यक्ति को बाद में यह तर्क देने की अनुमति नहीं दी जा सकती है कि पत्नी के पहले पति से पैदा हुए बच्चे की उसकी जिम्मेदारी नहीं है।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की,"जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विवाह करता है, जिसके पहले से ही बच्चा है तो यह माना जाएगा कि उस व्यक्ति ने बच्चे की जिम्मेदारी ली है और बाद में यह तर्क देने की अनुमति नहीं दी जा सकती है कि बच्चा उसकी जिम्मेदारी नहीं है।"अदालत ने उस...
जेलों में कैदियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है, पैरोल या फरलो बिना किसी भेदभाव के दिया जाता है: हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा
दिल्ली हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी की जेलों में कैदियों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है और बिना किसी भेदभाव के उन्हें पैरोल या फरलो पर विचार किया जाता है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने जेलों में कुछ कैदियों को विशेष सुविधाएं दिए जाने के मुद्दे पर 2015 में शुरू किए गए स्वत: संज्ञान मामले में कार्यवाही बंद कर दी।अदालत ने हिंदुस्तान टाइम्स में "लोनर्स, 'गांधी', फुसपॉट्स: वीआईपी स्पाइस अप जेल्स" और "इनसाइड द वर्ल्ड ऑफ सेलिब्रिटी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार मामले में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन, उनके भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने का आदेश रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार मामले में भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन और उनके भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया। महिला ने आरोप लगाया था कि हुसैन के भाई शाहबाज हुसैन ने 2017 में शादी का झांसा देकर उसके साथ बलात्कार किया, जबकि भाजपा नेता ने उसे इस मामले को उजागर नहीं करने और इस बारे में आवाज़ नहीं उठाने के लिए कहा।जबकि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था। पिछले साल 31 मई को आपराधिक पुनरीक्षण में पटियाला हाउस...
"कानूनी पेशेवर को संविदा कर्मचारी के समान नहीं समझ सकते": मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी वकीलों की फीस की सीमा तय करने के लिए राज्य की आलोचना की
मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से पेश होने वाले वकीलों को देय फीस की अधिकतम सीमा निर्धारित करने के अपने आदेशों के लिए तमिलनाडु राज्य की जमकर खिंचाई की।सरकार ने यह निर्धारित किया कि लंबित आर्बिट्रेशन मामलों, सिविल सूट, मूल याचिकाओं, मूल पक्ष अपीलों, सिविल विविध अपीलों और नियमित मामलों के लिए जो फीस देय होगी, वह अवार्ड/डिक्री का 1% होगी, जिसकी अधिकतम सीमा रु. 10,00,000 होगी।जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने इस तरह की फीस निर्धारण को मनमाना और तर्कहीन बताते हुए कहा कि सरकारी आदेशों ने यह आभास दिया कि...
सिनेमा हॉल की ओर से पार्किंग फीस लेने का मामला: आंध्र प्रदेश जिला उपभोक्ता आयोग ने सिनेमा मालिक को फिल्म देखने वालों को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक वकील को 5000रुपये के मुआवजे का आदेश दिया है जिससे 2019 में सिनेमा परिसर में पार्किंग फीस लिया गया था, जब हम वहां सिनेमा देखने गया था।शिकायतकर्ता को राहत देते हुए, आयोग ने पाया कि थिएटर कॉम्प्लेक्स "आईनॉक्स-उर्वसी कॉम्प्लेक्स" में 3 स्क्रीन थे और इसलिए राज्य सरकार द्वारा जारी जीओ एमएस 486 दिनांक 07.07.2007 के रूप में "मल्टीप्लेक्स कॉम्प्लेक्स" की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं।आयोग ने कहा,"मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के संबंध...
धार्मिक उत्सवों के क्षेत्रों के आसपास शराब पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो हिंसा की घटनाओं में कमी आएगी: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब शांति बनाए रखने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक भलाई के उद्देश्य से कुछ दिनों के लिए शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है तो व्यावसायिक हित पीछे बेमानी हो जाते हैं, भले ही इसका मतलब बिक्री में व्यवधान का अनुभव करना हो।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी. जयचंद्रन की खंडपीठ निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों और रिट याचिकाओं के बैच की सुनवाई कर रही थी, जिसमें दो जिला कलेक्टरों के आदेशों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था। इस...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता के साथ संबंध के दौरान दूसरी महिला से शादी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का मामला बहाल किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति के खिलाफ दायर बलात्कार के मामले को बहाल कर दिया, जिसने लगभग छह साल तक शिकायतकर्ता के साथ रिश्ते में रहने के दौरान दूसरी महिला से शादी की और इस तथ्य को शिकायतकर्ता से छुपाया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय ने कहा,"सबसे प्रासंगिक आरोपी व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से उक्त तथ्यों को छुपाया। ये सामग्री प्रथम दृष्टया यह पता लगाने के लिए पर्याप्त हैं कि आरोपी का इरादा गलत हो सकता है या गलत बयानी द्वारा यौन कृत्यों के लिए शिकायतकर्ता की सहमति प्राप्त करने का दोषी इरादा हो सकता है। उसे...
जस्टिस अमित शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
जस्टिस अमित शर्मा ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा ने अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में उन्हें शपथ दिलाई। केंद्र सरकार ने 31 मई 2022 को जस्टिस अमित शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले वे बतौर वकील प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्होंने 01 जून, 2022 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उनके नाम की सिफारिश नवंबर 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश...
गुजरात हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 97 के तहत समानांतर सर्च कार्यवाही को छुपाते हुए पत्नी का पता लगाने के लिए दायर हैबियस कार्पस याचिका जुर्माने के साथ खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति द्वारा अपनी पत्नी की पेशी के लिए दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हैबियस कार्पस) को जुर्माना लगाते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पति ने इस तथ्य को छुपाया था कि उसने सीआरपीसी की धारा 97 (गलत तरीके से बंधक बनाए गए व्यक्तियों की तलाश) के तहत एक आवेदन पहले ही दायर कर रखा है। आरोप है कि उसकी पत्नी का उसके रिश्तेदारों द्वारा कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था।जस्टिस एन.वी.अंजारिया और जस्टिस निराल आर.मेहता की खंडपीठ ने कहाः “सीआरपीसी की धारा 97 के तहत आपराधिक मिश्रित...
घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत आवेदन 'शिकायत' नहीं, सीआरपीसी की धारा 200-204 के तहत प्रक्रिया को आकर्षित नहीं करती है: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत एक अर्जी शिकायत नहीं है और सीआरपीसी की धारा 200 (शिकायतकर्ता की जांच), 202 (प्रक्रिया जारी करने को स्थगित करना) और 204 (प्रक्रिया जारी करना) के तहत प्रक्रिया और कार्यवाही को पक्षकार या मजिस्ट्रेट आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की पीठ ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने डीवी अधिनियम की धारा 12 डीवी अधिनियम के तहत आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की...

![[भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम] स्वीकृति जारी करते समय आरोपी व्यक्ति के पदनाम में मात्र टाइपिंग त्रुटि इसे अमान्य नहीं करती: केरल हाईकोर्ट [भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम] स्वीकृति जारी करते समय आरोपी व्यक्ति के पदनाम में मात्र टाइपिंग त्रुटि इसे अमान्य नहीं करती: केरल हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/02/04/500x300_457230-justicekauseredappagathkeralahc.jpg)


















