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यदि भवन में पुनर्निर्माण के बाद उच्च राजस्व प्राप्त करने की क्षमता है तो किरायेदार को बेदखल करने के लिए जर्जर स्थिति साबित करना आवश्यक नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
यदि भवन में पुनर्निर्माण के बाद उच्च राजस्व प्राप्त करने की क्षमता है तो किरायेदार को बेदखल करने के लिए 'जर्जर स्थिति' साबित करना आवश्यक नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि जब इमारत वाणिज्यिक स्थान पर स्थित है, जिसमें पुनर्निर्माण के बाद उच्च आय प्राप्त करने की संभावित क्षमता है तो किरायेदारों को मकान मालिक की ऐसी वास्तविक आवश्यकता के लिए बेदखल किया जा सकता है। इसके लिए मकान मालिक को मकान की जीर्ण-शीर्ण स्थिति का प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने ये टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम, 1987 की धारा 24(5) के तहत अपीलीय प्राधिकारी, चंबा संभाग, चंबा, हिमाचल प्रदेश द्वारा...

पत्नी, पति और उसके परिवार का सम्मान नहीं करती, यह क्रूरता के समान : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा
पत्नी, पति और उसके परिवार का सम्मान नहीं करती, यह क्रूरता के समान : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर एक जोड़े के विवाह के विघटन को सही ठहराते हुए पाया कि पत्नी का पति या उसके परिवार के सदस्य के प्रति सम्मान नहीं होना पति के प्रति क्रूरता माना जाएगा। कोर्ट ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि पत्नी ने अपना ससुराल छोड़ दिया और 2013 से बिना किसी उचित और उचित कारण के पति से अलग रह रही है और वह पति के साथ रहने की इच्छुक नहीं है, जिससे क्रूरता के आधार पर यह विवाह विच्छेद का एक वैध मामला बनता है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने परिवार अदालत...

ट्रेनिंग की अवधि के दौरान जेएजी में विवाहित व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक उचित, जनहित में : केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
ट्रेनिंग की अवधि के दौरान जेएजी में विवाहित व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक उचित, जनहित में : केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

भारत संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान भारतीय सेना के जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) विभाग में भर्ती में विवाहित पुरुषों और महिला अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की उसकी नीति जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा में एक उचित प्रतिबंध है । नीति का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने प्रस्तुत किया कि सफल कमीशन से पहले ट्रेनिंग अवधि के दौरान विवाह पर प्रतिबंध को उम्मीदवारों के साथ-साथ संगठन के हित में उचित प्रतिबंध माना जाता है।भारतीय सेना की कानूनी शाखा में विवाहित व्यक्तियों पर...

अगर छात्र पढ़ना नहीं चाहता तो शैक्षणिक संस्थान एनओसी, माइग्रेशन सर्टिफिकेट से इनकार नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट
अगर छात्र पढ़ना नहीं चाहता तो शैक्षणिक संस्थान एनओसी, माइग्रेशन सर्टिफिकेट से इनकार नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एसएएल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर, अहमदाबाद को निर्देश दिया कि वह बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स के अपने एक छात्र को एनओसी जारी करे, जिसने एसएएल में एक शैक्षणिक वर्ष पूरा करने के बाद निरमा विश्वविद्यालय में अस्थायी प्रवेश लिया है।जस्टिस भार्गव डी करिया की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"प्रतिवादी नंबर 1 (एसएएल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर) एनओसी से इनकार नहीं कर सकता है, जब याचिकाकर्ता प्रतिवादी नंबर 1-संस्थान के साथ अध्ययन नहीं करना चाहता है और विशेष रूप से, जब याचिकाकर्ता ने निरमा...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
पत्नी का पति और उसके परिवार के प्रति सम्मान नहीं रखना क्रूरता के बराबर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर एक जोड़े के विवाह के विघटन को सही ठहराते हुए कहा कि पत्नी का पति या उसके परिवार के सदस्य के प्रति सम्मान नहीं होना पति के प्रति क्रूरता माना जाएगा।कोर्ट ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि पत्नी ने अपना ससुराल छोड़ दिया और 2013 से बिना किसी उचित कारण के पति से अलग रह रही है। वह पति के साथ रहने की इच्छुक भी नहीं है, जिससे यह क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद का एक वैध मामला बनता है।इसके साथ, जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट...

गुजरात हाईकोर्ट ने तापी कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील स्वीकार की, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि गोहत्या बंद हो तो पृथ्वी पर सभी समस्याएं हल हो जाएंगी
गुजरात हाईकोर्ट ने तापी कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील स्वीकार की, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि गोहत्या बंद हो तो पृथ्वी पर सभी समस्याएं हल हो जाएंगी

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को तापी कोर्ट के फैसले और आदेश के खिलाफ एक अपील स्वीकार कर ली।तापी कोर्ट ने हत्या के कथित इरादे से गायों को अवैध रूप से परिवहन करने के दोषी एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा दी ‌थी। कोर्ट ने आदेश में कहा था कि अगर गौहत्या बंद कर दी जाती है तो पृथ्वी की सभी समस्याएं हल हो जाएंगी।अपील को स्वीकार करते हुए जस्टिस एसएच वोरा और जस्टिस एसवी पिंटो की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों और सत्र न्यायाधीश की अदालत द्वारा साक्ष्य की सराहना और जांच के तरीके के बारे में सवाल...

उमेश पाल मर्डर केस : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को जेल ट्रांसफर के दौरान अतीक अहमद के भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
उमेश पाल मर्डर केस : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को जेल ट्रांसफर के दौरान अतीक अहमद के भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को पूर्व लोकसभा सांसद अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ ​​अशरफ की जेल ट्रांसफर के दौरान उमेश पाल हत्याकांड मामले में पूछताछ/रिमांड कार्यवाही के लिए उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जस्टिस कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस सैयद कमर हसन रिजवी की पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक के अधिकार और स्वतंत्रता की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।पीठ ने कहा," ...पूछताछ उत्तर प्रदेश राज्य में लागू जेल मैनुअल के अनुसार होगी। हम इस याचिका के...

घरेलू हिंसा पीड़ितों की तुरंत सुनवाई की जानी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालतों को समय पर निस्तारण के लिए निर्देश जारी किए
घरेलू हिंसा पीड़ितों की तुरंत सुनवाई की जानी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालतों को समय पर निस्तारण के लिए निर्देश जारी किए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत एक पीड़िताओं की ओर से किए गए आवेदनों को दाखिले की तारीख से 60 दिनों के भीतर निस्तारण करने के लिए मजिस्ट्रेट अदालतों को निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा, "अदालतें, जिन्हें संज्ञान में आने पर गलतियों को ठीक करने के लिए बनाया गया है, उन्हें तेजी से कार्य करना होगा....न्यायालय के किसी कार्य से किसी व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए; न्यायालय को खुद के समक्ष कार्यवाहियों में किसी भी तरह की शिथिलता की...

कस्टोडियल मर्डर, धर्म के आधार पर टारगेट किया : दिल्ली दंगों के दौरान वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर व्यक्ति की मां ने हाईकोर्ट से कहा
'कस्टोडियल मर्डर, धर्म के आधार पर टारगेट किया' : दिल्ली दंगों के दौरान 'वंदे मातरम' गाने के लिए मजबूर व्यक्ति की मां ने हाईकोर्ट से कहा

2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर हुए 23 वर्षीय फैजान की मां ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उनके बेटे की मौत एक "घृणित अपराध और हिरासत में हत्या" है। उनके वकील ने कहा, "उसे उसके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया।" यह घटना एक वीडियो से संबंधित है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था जिसमें फैजान को चार अन्य लोगों के साथ वंदे मातरम गाने के लिए मजबूर करते हुए पुलिस द्वारा कथित रूप से पीटते हुए देखा गया था।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के समक्ष एडवोकेट वृंदा...

क्या दहेज देने से बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार खत्म हो जाता है? हाईकोर्ट ने दिया जवाब
क्या दहेज देने से बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार खत्म हो जाता है? हाईकोर्ट ने दिया जवाब

"बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जाता, क्योंकि उसकी शादी के समय दहेज दिया गया था। इसका मतलब ये हुआ कि अगर बेटी को शादी के समय दहेज दिया गया है, तो भी वो परिवार की संपत्ति पर अधिकार मांग सकती है।" हाल ही में एक मामले में सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ये बात कही।जस्टिस एम एस सोनक की बेंच ने कहा कि अगर ये मान भी लिया जाए कि बेटियों को शादी के समय कुछ दहेज दिया गया था, इसका मतलब ये नहीं है कि बेटियों का परिवार की संपत्ति में कोई अधिकार नहीं रह...

न तो जांच अधिकारी और न ही लोक अभियोजक कार्यालय ने अग्रिम जमानत आदेश के खिलाफ याचिका को गंभीरता से फॉलो किया: गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य से कार्रवाई करने को कहा
न तो जांच अधिकारी और न ही लोक अभियोजक कार्यालय ने अग्रिम जमानत आदेश के खिलाफ याचिका को गंभीरता से फॉलो किया: गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य से कार्रवाई करने को कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि न तो जांच अधिकारी और न ही लोक अभियोजक के कार्यालय ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने को चुनौती देने वाली राज्य की याचिका को गंभीरता से फॉलो किया, हाल ही में सचिव, गृह विभाग और सचिव, कानूनी विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।जस्टिस उमेश ए त्रिवेदी की एकल पीठ ने कहा,“कागजों से खेदजनक स्थिति का अनुमान लगाया गया है। प्रतिवादी-आरोपी की अग्रिम जमानत का आदेश एक अगस्त 2019 को पारित होने के बाद से, इसे राज्य की ओर से चुनौती दी गई, वह भी आईओ के कहने पर।वर्तमान आवेदन...

हाई स्पीड में गाड़ी चलाना रैश ड्राइविंग या लापरवाही नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
हाई स्पीड में गाड़ी चलाना रैश ड्राइविंग या लापरवाही नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

“हाई स्पीड में गाड़ी चलाना रैश ड्राइविंग या लापरवाही से गाड़ी चलाने की श्रेणी में नहीं आता।“एक कार ड्राइवर को लापरवाही से गाड़ी चलाने और रैश ड्राइविंग के आरोपों से बरी करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी की। जस्टिस एसएम मोदक की सिंगल बेंच ने कहा कि लापरवाही से गाड़ी चलाने और रैश ड्राइविंग के अपराध के लिए ड्राइवर की लापरवाही और रैश को संतुष्ट करने की जरूरत है. हाई स्पीड शब्द का मतलब लापरवाही या रैश ड्राइविंग नहीं है। जज ने आगे कहा कि रैश ड्राइविंग का मतलब है, तेज स्पीड में गाड़ी चलाते समय...

वक्फ एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली करीब 120 याचिकाएं विभिन्न अदालतों में लंबित: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
'वक्फ एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली करीब 120 याचिकाएं विभिन्न अदालतों में लंबित': केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली लगभग 120 याचिकाएं देश भर की विभिन्न अदालतों के समक्ष लंबित हैं।अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से दायर आवेदन में ये प्रस्तुत किया गया।केंद्र ने ये भी प्रस्तुत किया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 139 (ए) के तहत...

शराब पॉलिसी मामला: दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेजा
शराब पॉलिसी मामला: दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी की आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े धनशोधन के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष पेश किया गया था। सीबीआई द्वारा जांच की जा रही भ्रष्टाचार के मामले में वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।न्यायाधीश नागपाल ने कहा, "हम उन्हें पांच अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में...

‌‌दिल्‍ली बार काउंसिल ने वकीलों के खिलाफ लंबित शिकायतों का विवरण मांगने के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
‌‌दिल्‍ली बार काउंसिल ने वकीलों के खिलाफ लंबित शिकायतों का विवरण मांगने के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

दिल्‍ली बार काउंसिल (बीसीडी) ने ‌दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल जज बेंच के एक आदेश को चुनौती देते हुए कहा है कि स्टेट बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित अपने दैनिक मामलों के लिए रिट क्षेत्राधिकार के अधीन नहीं हैं।‌उल्लेखनीय है कि जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने पिछले महीने बीसीडी को वकीलों के खिलाफ लंबित संभी शिकायतों का विवरण रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया था। मांगी गई जानकारी में शिकायत दर्ज करने की तारीख और पहली नोटिस जारी करने की तारीख भी शामिल है।इस आदेश के...

क्या दहेज देने से बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार खत्म हो जाता है? हाईकोर्ट ने दिया जवाब
क्या दहेज देने से बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार खत्म हो जाता है? हाईकोर्ट ने दिया जवाब

"बेटी का परिवार की संपत्ति पर अधिकार केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जाता, क्योंकि उसकी शादी के समय दहेज दिया गया था। इसका मतलब ये हुआ कि अगर बेटी को शादी के समय दहेज दिया गया है, तो भी वो परिवार की संपत्ति पर अधिकार मांग सकती है।" हाल ही में एक मामले में सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ये बात कही।जस्टिस एम एस सोनक की बेंच ने कहा कि अगर ये मान भी लिया जाए कि बेटियों को शादी के समय कुछ दहेज दिया गया था, इसका मतलब ये नहीं है कि बेटियों का परिवार की संपत्ति में कोई अधिकार नहीं रह...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के बैंक खातों को डी-फ्रीज़ करने का मार्ग प्रशस्त किया, ईडी का 2018 का नोटिस केवल 60 दिनों के लिए वैध था
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के बैंक खातों को डी-फ्रीज़ करने का मार्ग प्रशस्त किया, ईडी का 2018 का नोटिस केवल 60 दिनों के लिए वैध था

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 2018 में बैंकों को जारी संचार को रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें गैर सरकारी संगठन एम/एस एमनेस्टी इंटरनेशनल (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट फ्रीज करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।जस्टिस के एस हेमलेखा की एकल पीठ ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 132 के मद्देनजर ईडी का नोटिस केवल 60 दिनों के लिए वैध था।यह कहा गया,"एनेक्सचर-एफ1 और एफ2 पर दिनांक...

बकाया राशि वसूलने के लिए आपराधिक अभियोजन का उपयोग करना अस्वीकार्य है, जबकि उसके लिए सिविल उपाय उपलब्ध हो : झारखंड हाईकोर्ट
बकाया राशि वसूलने के लिए आपराधिक अभियोजन का उपयोग करना अस्वीकार्य है, जबकि उसके लिए सिविल उपाय उपलब्ध हो : झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट के जज, जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की पीठ ने आपराधिक विविध याचिका की अनुमति देते हुए हाल ही में फैसला सुनाया कि किसी भी मामले में आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, जिसके लिए बकाया राशि का निपटान करने और निकालने के लिए एक प्रभावी सिविल उपाय उपलब्ध है।इस मामले में पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए आपराधिक विविध याचिका को प्राथमिकता दी गई और जे.एम. प्रथम श्रेणी, जमशेदपुर द्वारा पारित आदेश, जिसके द्वारा याचिकाकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420,...