मुख्य सुर्खियां
केवल लोक सेवक द्वारा पारित गलत आदेश के आरोप पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं: केरल हाईकोर्ट ने डिप्टी कलेक्टर, अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला खारिज किया
केरल हाईकोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया कि किसी लोक सेवक के खिलाफ केवल इस आधार पर आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है कि उसने गलत आदेश पारित किया था।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तालुक लैंड बोर्ड चेयरमैन, डिप्टी कलेक्टर (एलआर), त्रिशूर के तहसीलदार, बोर्ड के अन्य सदस्यों के खिलाफ शुरू की गई एफआईआर और कार्यवाही को रद्द कर दिया।कोर्ट ने कहा, कहा कि मामले में रिश्वतखोरी का आरोप नहीं लगाया गया है। इस प्रकार यह मामला टिकाऊ नहीं है।मामलामैसर्स थॉमसन ग्रेनाइट्स...
"हिंदू कानून के तहत विवाह संस्कार है, अनुबंध नहीं", पत्नी को मातृत्व से वंचित करने के लिए शादी की पूर्व शर्त लागू नहीं की जा सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि पत्नी को खुद के बच्चे पैदा करने से वंचित करने के लिए शादी के लिए पूर्व शर्त निर्धारित करना कानून में लागू नहीं किया जा सकता। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस एनके चंद्रवंशी की खंडपीठ ने कहा,“शादी की पूर्व शर्त के रूप में एक महिला को मातृत्व से वंचित करने को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। पति द्वारा निर्धारित की गई स्थिति केवल एक बच्चे द्वारा खुश करने के बजाय विवाहित जीवन में एक उदास माहौल जोड़ती है। इसलिए, पत्नी द्वारा पति से बच्चा पैदा करने की मांग...
पीड़िता वेश्यावृत्ति में लिप्त हो सकती है, लेकिन इससे उसके साथ छेड़छाड़ करने का अधिकार नहीं मिलता : मेघालय हाईकोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी की सजा बरकरार रखी
मेघालय हाईकोर्ट ने बुधवार को मार्च 2013 में गारो हिल्स में दो नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप में मेघालय के एक पूर्व पुलिस अधिकारी की सजा बरकरार रखी। मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की पीठ ने पॉक्सो अदालत के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए कहा,"दो विशेषताएं जो सामने आती हैं और अपीलकर्ता की मानसिक स्थिति और संभावित दोष को स्थापित करने में कुछ दूरी तय करती हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद अपीलकर्ता कई महीनों तक फरार रहा और, राज्य के अनुसार, उसके बाद एक साल के...
'क्या बार काउंसिल अपने वकीलों के खिलाफ विच हंट पर जा रही है?': बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील गीता शास्त्री के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट सोमवार को बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र और गोवा द्वारा हाल ही में की जा रही शिकायतों से नाराजगी जताई और पूर्व अतिरिक्त सरकारी वकील गीता शास्त्री के खिलाफ एक शिकायत पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी। जस्टिस पटेल ने शिकायतकर्ता का जिक्र करते हुए कहा, “क्या बार काउंसिल अपने वकीलों के खिलाफ विच हंट पर है? ...अगर कोई है जिसके खिलाफ हमें कार्रवाई करनी चाहिए, तो वह वह (शिकायतकर्ता) है।”जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने बीसीएमजी के 20 सितंबर, 2022 के उस आदेश पर रोक लगा दी,...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 'स्टेटलेस' नाबालिग को बालिग होने तक भारतीय पासपोर्ट जारी करने के केंद्र को निर्देश दिया, कहा-'ऐसे बच्चे के दुख' को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 वर्षीय किशोर को भारतीय पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया है। पासपोर्ट अधिकारी, बेंगलुरु को दिए निर्देश में हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक वह 18 वर्ष का नहीं हो जाता, तब तक यात्रा दस्तावेज को प्रयोग किया जा सकेगा, अन्यथा किशोर स्टेटलेस हो जाएगा।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि केवल इसलिए कि नाबालिग के पिता का पता नहीं लग पा रहा है और मां नागरिकता छोड़ने के परिणामों को समझ पाने में "लापरवाही" बरत रही है, बच्चे के भाग्य को अधर में नहीं छोड़ा जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"यह एक...
हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को सोमवार को दिल्ली विधानसभा में उपस्थित होने की अनुमति दी, उन्हें सदन की गरिमा बनाए रखने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता को बजट सत्र के अंतिम दिन सोमवार को दिल्ली विधानसभा में उपस्थित होने की अनुमति दी और उन्हें सदन की गरिमा बनाए रखने का निर्देश दिया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को चुनौती देने वाली गुप्ता की याचिका का निस्तारण किया जिसमें उन्हें अगले बजट सत्र तक एक साल के लिए सदन की बैठकों में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया था।उनका निलंबन 21 मार्च से प्रभावी हो गया था।सदन की कार्यवाही का अवलोकन करते हुए, अदालत ने कहा कि...
मैनेजर ने कर्मचारी से लेखा बहियों की अनियमितता को स्पष्ट करने के लिए कहा था, यह आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट के हाल ही में एक फैसले में स्पष्ट किया कि एक प्रबंधक का अपने कर्मचारी से लेखा बहियों में कथित अनियमितताओं के बारे में बताने के लिए कहना आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता।जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक की पीठ ने कहा,"अगर व्यक्ति भावुक है और चरम फैसला करता है तो यह प्रश्नगत अपराध के लिए उकसाने के समान नहीं होगा, इसलिए आईपीसी की धारा 114 सहपठित धारा 306 के तहत अपराध की सामग्री नहीं बनेगी।"मामले में याचिकाकर्ता एक पेट्रोल पंप का प्रबंधक है। उसने मृतक...
मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद राहुल गांधी को लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया
कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी को उनकी 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने की तारीख से शुक्रवार को लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस संबंध में आज लोकसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई। गांधी केरल के वायनाड जिले से सांसद हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 110 (1) (ई) के संदर्भ में सहपठित जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत अयोग्यता का प्रावधान किया गया है। 1951 के अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति दोषी ठहराया...
दिल्ली कोर्ट ने आबकारी नीति में भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई एफआईआर मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को नई आबकारी नीति में भ्रष्टाचार मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।सिसोदिया फिलहाल सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं।सीबीआई मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका पर विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल 31 मार्च को शाम चार बजे फैसला सुनाएंगे।सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन और एडवोकेट मोहित माथुर को सिसोदिया की ओर से पेश किया। विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह ने मामले...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राम जन्मभूमि जजमेंट की कथित रूप से आलोचना करने के मामले में सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 2019 के राम जन्मभूमि के फैसले पर अपने विवादास्पद बयानों पर एक आपराधिक मामले में एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ 24 अप्रैल तक कड़ी कार्रवाई पर रोक लगा दी है।आईपीसी की धारा 153-ए, 295-ए, 298 के तहत उनके खिलाफ दर्ज मुकादमा सिद्धार्थनगर कोर्ट के समक्ष लंबित है। ओवैसी पर साल 2019 के सुप्रीम कोर्ट के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जजमेंट की एक न्यूज चैनल पर आलोचना करने का आरोप है।नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने कहा था कि अयोध्या...
पत्नी करती थी पति और उसके परिवार का अपमान, हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक को ठहराया सही (वीडियो)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में क्रूरता के आधार पर तलाक से जुड़ा एक केस आया। हाईकोर्ट ने पति के तलाक लेने के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी,पति और उसके परिवार के सदस्यों का सम्मान नहीं करती तो ये क्रूरता मानी जाएगी।जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच ने कहा किपत्नी काफी समय से बिना किसी कारण पति से अलग रह रही है। साल 2013 में ही ससुराल छोड़ दिया था। इसलिए क्रूरता के आधार पर शादी को खत्म किया जा सकता है।“ पूरी वीडियो यहां देखें:
3.5 साल की बच्ची को अपने अंगों का ज्ञान नहीं, उससे निजी अंगों का सटीक विवरण देने की उम्मीद नहीं की जा सकती, आरोपी की पहचान फोटो से करें: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि तीन साल के बच्चे से अपने गुप्तांगों का सटीक विवरण देने या तस्वीर के आधार पर आरोपी की पहचान करने की उम्मीद नहीं की जा सकती, बच्चों के संरक्षण यौन अपराध अधिनियम (POCSO Act) के तहत बच्चे के पड़ोसी की 10 साल की सजा को बरकरार रखा।जस्टिस भारती डांगरे ने पॉक्सो एक्ट की धारा 376 (2) और धारा 6 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए विशेष अदालत द्वारा पड़ोसी की सजा को बरकरार रखा। उक्त धारा में पीड़ित लड़की की योनि में उंगली डालकर बलात्कार करने का प्रावधान है।न्यायाधीश ने...
मद्रास हाईकोर्ट ने टैक्स चुकाने में निर्धारिती की विफलता के लिए निर्धारिती के गारंटर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की; यह केवल संविदात्मक दायित्व है, आपराधिक नहीं
मद्रास हाईकोर्ट ने वाणिज्यिक कर विभाग को बाद के टैक्स बकाया का भुगतान करने में विफल रहने के लिए निर्धारिती के गारंटर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की।कॉमर्शियल टैक्स अधिकारी (सीटीओ) ने निर्धारिती के साथ-साथ याचिकाकर्ता के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष निजी शिकायत दर्ज की, जो निर्धारिती द्वारा किए गए व्यवसाय के बकाया टैक्स के संबंध में गारंटर के रूप में खड़ा है।न्यायालय ने टिप्पणी की कि यद्यपि याचिकाकर्ता ने कॉमर्शियल टैक्स विभाग को निर्धारिती के पक्ष में वचन या गारंटी निष्पादित की, वही...
नेशनल हाइवे एक्ट के तहत आर्बिट्रेटर को 1 वर्ष के भीतर अवार्ड देना होता है, विफलता के परिणामस्वरूप शासनादेश की समाप्ति हो सकती है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि नेशनल हाइवे एक्ट, 1956 के तहत आर्बिट्रेशन की कार्यवाही मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 द्वारा शासित होती है। इस प्रकार, केंद्र सरकार द्वारा नेशनल हाइवे की धारा 3 जी (ए) के तहत आर्बिट्रेटर नियुक्त किया जाता है। अधिनियम ए एंड सी एक्ट के प्रावधानों का पालन करने के लिए बाध्य है।जस्टिस सुशील कुकरेजा की पीठ ने कहा कि ए एंड सी एक्ट की धारा 29 (ए) के संदर्भ में आर्बिट्रेटर को संदर्भ दर्ज करने की तारीख से 1 वर्ष के भीतर निर्णय देना अनिवार्य है और इस प्रावधान का पालन न...
जल संपत्ति राज्य की, इसका इस्तेमाल करने वाले ग्रामीणों का निजी हक नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का बांध के निर्माण में दखल देने से इनकार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यह गलत धारणा है कि पानी ग्रामीणों का है, जो इसका उपयोग करते हैं। पानी राज्य की संपत्ति है और किसी भी व्यक्ति को इसे अपनी संपत्ति के रूप में दावा करने का कोई अधिकार नहीं है, भले ही वह उसकी निजी संपत्ति के भीतर स्थित हो।जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी, जिसके माध्यम से याचिकाकर्ताओं ने शिमला के पास बालोग और बवाना गांवों के बीच बगना नाले पर प्रस्तावित बांध (बांध) के निर्माण को चुनौती दी...
मद्रास हाईकोर्ट ने कॉलेज से तटीय सफाई अभियान के दौरान समुद्र में डूबे इंजीनियरिंग स्टूडेंट के परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कॉलेज द्वारा आयोजित तटीय सफाई अभियान के दौरान समुद्र में डूबे थर्ड ईयर के इंजीनियरिंग स्टूडेंट के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि छात्र के डूबने के लिए कॉलेज जिम्मेदार नहीं था, जिसने इसके खिलाफ निर्देश के बावजूद स्वेच्छा से समुद्र में स्नान किया था। हालांकि, अदालत ने कहा कि कॉलेज अधिकारियों को इच्छित सफाई गतिविधि के बारे में सूचित करने और पूर्व अनुमति प्राप्त करने में विफल रहा।इसे कॉलेज द्वारा "लापरवाही का हल्का रूप" बताते...
पक्षकार लिमिटेशन एक्ट के विपरीत आर्बिट्रेशन लागू करने के लिए परिसीमा अवधि को प्रतिबंधित नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 की धारा 28 के मद्देनजर, किसी पक्ष को कानून द्वारा प्रदान की गई परिसीमा अवधि के उल्लंघन में आर्बिट्रेशन लागू करने के लिए परिसीमा अवधि को प्रतिबंधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने पाया कि पक्षकारों के बीच कॉन्ट्रैक्ट के तहत प्रदान की गई परिसीमा की कम अवधि एक्ट की धारा 28 से प्रभावित होगी।मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए एंड सी एक्ट) की धारा 37 के तहत दायर अपील पर कार्रवाई करते हुए अदालत ने अपीलकर्ता/अवार्ड देनदार के इस...
सीआरपीसी की धारा 311 | उड़ीसा हाईकोर्ट ने क्रॉस एक्जामिनेशन और आरोपमुक्त होने के बाद गवाह को 26 साल बाद वापस बुलाने की अनुमति दी
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 के तहत '26 साल' की देरी के बाद गवाह को वापस बुलाने के लिए दायर याचिका की अनुमति दी, जिसकी 1997 में क्रॉस एक्जामिनेशन किया गया था और आरोपमुक्त कर दिया गया था।जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश पीठ ने निष्पक्ष सुनवाई के आरोपी के अधिकार पर जोर देते हुए कहा,"यह क्लासिक मामला है, जहां देर से न्याय का सवाल आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के खिलाफ खड़ा किया गया है। भारत के संविधान में निहित मूलभूत सिद्धांतों के संबंध में...
तीस्ता सीतलवाड़ मामला : मामले में कुछ ठोस बचा है? एएसजी सुप्रीम कोर्ट को सूचित करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों के लिए जुटाए गए धन के कथित गबन को लेकर दंपति के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के संबंध में तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच में सुनवाई स्थगित कर दी। जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, एसवी राजू ने अवगत कराया कि तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा है कि उन्होंने जांच में सहयोग किया है। इसे देखते हुए उन्होंने इसे वैरिफाइ करने के लिए समय मांगा और यदि मामले में कुछ भी ठोस बचता...
दिल्ली कोर्ट ने आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के लिए ताहिर हुसैन अन्य के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आरोप तय किए, जो 2020 के पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने हुसैन और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 147, 148, 153ए, 302, 365, 120बी, 149, 188 और 153ए के तहत आरोप तय किए। जिन अन्य पर आरोप लगाए गए हैं उनमें हसीन, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम,...



















