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जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम, अन्य को आरोपमुक्त करने के आदेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा
जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम, अन्य को आरोपमुक्त करने के आदेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2019 जामिया हिंसा मामले में शारजील इमाम, सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तन्हा और आठ अन्य को आरोप मुक्त करने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका पर गुरवार को आदेश सुरक्षित रख लिया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन और आरोपमुक्त हुए उत्तरदाताओं की ओर से पेश वकीलों की सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।एएसजी जैन ने प्रस्तुत किया कि ट्रायल कोर्ट ने "अधिकार क्षेत्र से परे जाकर" जांच एजेंसी और जांच के खिलाफ"अपमानजनक और गंभीर...

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिमी घाटों की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिमी घाटों की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने पश्चिमी घाटों की सुरक्षा से संबंधित मामले में केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश देते हुए एक आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई, 2023 को की जाएगी।बैकग्राउंड2019 में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई व्यक्तियों और संगठनों द्वारा एक रिट याचिका दायर की गई थी, जिसमें पश्चिमी घाटों में वनों की कटाई और विनाश के बारे में...

जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा, लंबे समय तक बैठकर मामलों की सुनवाई करना मुश्किल, खड़े होकर सुनवाई की
जस्टिस प्रतिभा सिंह ने कहा, लंबे समय तक बैठकर मामलों की सुनवाई करना मुश्किल, खड़े होकर सुनवाई की

दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने गुरुवार को कोर्ट रूम में खड़े होकर मामलों की सुनवाई की। जस्टिस सिंह ने हमेशा की तरह कुर्सी पर बैठकर कुछ मामलों की सुनवाई की, उन्होंने लंच ब्रेक तक लगभग 12:30 बजे खड़े होकर मामलों की सुनवाई शुरू की।जैसे ही कोर्ट रूम में मौजूद वकील जज के सम्मान में खड़े हुए जस्टिस सिंह ने वकीलों को बैठने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बैठे रहने से मामलों को सुनना मुश्किल होता है और खड़े होकर ऐसा करना "अधिक आरामदायक" होता है।दोपहर के भोजन के बाद के सत्र के...

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में दिए भाषण को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भाजपा नेता की याचिका वाराणसी कोर्ट ने खारिज की
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में दिए भाषण को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भाजपा नेता की याचिका वाराणसी कोर्ट ने खारिज की

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले की एक अदालत ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ फरवरी 2023 में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में उनके भाषण को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाली भाजपा नेता की अर्जी खारिज कर दी। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांधी ने भारत की एकता और संप्रभुता के खिलाफ बयान दिया था, जिसे एसीजेएम उज्जवल उपाध्याय की अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कथित बयान भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की निर्धारित सीमा से अधिक नहीं है।सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत आवेदन...

डॉक्टरों को पोस्टमॉर्टम, चोट की रिपोर्ट टाइप्ड और सुपाठ्य प्रारूप में तैयार करनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सीएमओ को निर्देश जारी करने का आदेश दिया
डॉक्टरों को पोस्टमॉर्टम, चोट की रिपोर्ट टाइप्ड और सुपाठ्य प्रारूप में तैयार करनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सीएमओ को निर्देश जारी करने का आदेश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी करें की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट या चोट की रिपोर्ट टाइप प्रारूप में तैयार की जाए, जो सुपाठ्य हो।जस्टिस बृजराज सिंह की पीठ ने विश्वनाथ नामक व्यक्ति को जमानत देते हुए यह निर्देश जारी किया जिस पर एक पीड़ित के साथ मारपीट करने का आरोप है, जिससे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उस पर आईपीसी की धारा 323,504,506,304 के तहत मामला दर्ज किया गया था।उसने इस आधार पर जमानत की मांग की थी कि मारपीट का आरोप चार अभियुक्तों के...

हिंदू महिला विभाजित संपत्ति की पूर्ण स्वामी बन जाती है, ऐसी संपत्ति भाई-बहनों को हस्तांतरित नहीं होती, बल्‍कि उत्तराधिकार के अधीन होती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
हिंदू महिला विभाजित संपत्ति की 'पूर्ण स्वामी' बन जाती है, ऐसी संपत्ति भाई-बहनों को हस्तांतरित नहीं होती, बल्‍कि उत्तराधिकार के अधीन होती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक फैसले में माना कि एक हिंदू महिला विभाजन विलेख (Partition Deed) के जर‌िए , जिस पर परिवार में सहमति बन चुकी थी, संपत्ति के अधिग्रहण पर संपत्ति की पूर्ण स्वामी बन जाती है और संपत्ति को विरासत के जर‌िए अधिग्रहण नहीं कहा जा सकता है। इस प्रकार उसकी मृत्यु पर संप‌त्ति भाई-बहनों की वापस नहीं की जाएगी।कलबुरगी में बैठी जस्टिस सी एम जोशी सिंगल जज बेंच ने बसनगौड़ा नामक व्यक्ति की ओर से दायर अपील की अनुमति दी। साथ ही ट्रायल कोर्ट और प्रथम अपीलीय अदालत के आदेशों को खारिज कर दिया,...

शराब पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार को निर्देश नहीं दे सकते: जम्मू- कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
शराब पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार को निर्देश नहीं दे सकते: जम्मू- कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू- कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में शराब कारोबार में लगे लोगों के पुनर्वास की मांग के अलावा यूटी में शराब की दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद करने की याचिका को बंद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अदालतें राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को लागू करने के लिए परमादेश जारी नहीं कर सकती हैं।जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस पुनीत गुप्ता की पीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) में अदालत की खंडपीठ द्वारा 27 अक्टूबर, 2015 को पारित आदेश को वापस लेने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे सोसायटी पंजीकरण...

दिल्ली विधानसभा से एक साल के निलंबन के खिलाफ बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया
दिल्ली विधानसभा से एक साल के निलंबन के खिलाफ बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया

भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उन्हें अगले बजट सत्र तक एक वर्ष के लिए सदन की बैठकों में भाग लेने से निलंबित कर दिया गया है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सचिन दत्ता की खंडपीठ ने याचिका को कल के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने की अनुमति दी।मामले का उल्लेख सीनियर एडवोकेट जयंत मेहता ने किया।मेहता ने कहा,“ये मौजूदा विधायक के बारे में है जिसे एक साल के लिए सदन में उपस्थित...

एयर इंडिया पेशाब मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजीसीए को अनियमित यात्री टैग के खिलाफ अपील सुनने के लिए अपीलीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया
एयर इंडिया पेशाब मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजीसीए को 'अनियमित यात्री' टैग के खिलाफ अपील सुनने के लिए अपीलीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) को एयरलाइन की जांच समिति के आदेश के खिलाफ एयर इंडिया पेशाब मामले में आरोपी शंकर मिश्रा की अपील पर सुनवाई के लिए एक अपीलीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। एयरलाइन की जांच समिति ने मिश्रा को ‘अनियमित यात्री’ घोषित किया और चार महीने के लिए उसके उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगा दिया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने मिश्रा को दो सप्ताह के भीतर अपीलीय समिति के समक्ष अपील दायर करने की अनुमति दी।अदालत ने निर्देश दिया,“समिति का गठन...

महिला जज को आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले वकील की जमानत रद्द, हाईकोर्ट ने की बड़ी टिप्पणी (वीडियो)
महिला जज को आपत्तिजनक मैसेज भेजने वाले वकील की जमानत रद्द, हाईकोर्ट ने की बड़ी टिप्पणी (वीडियो)

एक वकील ने करीब चार महीने पहले कानपुर की एक महिला जज को फेसबुक पर लगातार आपत्तिजनक मैसेज भेजकर परेशान किया। जज की शिकायत पर आरोपी वकील को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में एक लोकल कोर्ट में उसे जमानत मिल गई। महिला जज ने जमानत रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील की जमानत रद्द कर दी है। इतना ही नहीं कोर्ट ने वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही करने का भी आदेश दिया है। साथ ही आरोपी वकील को कोर्ट में सरेंडर करने को कहा है।पूरी वीडियो यहां...

अपीलीय अदालत मुख्य अपील का निस्तारण करने के बाद निषेधाज्ञा आवेदन पर फैसला नहीं कर सकती: गुवाहाटी हाईकोर्ट
अपीलीय अदालत मुख्य अपील का निस्तारण करने के बाद निषेधाज्ञा आवेदन पर फैसला नहीं कर सकती: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में मुख्य टाइटल अपील के निपटारे के 5 दिन बाद एक जिला न्यायाधीश द्वारा निषेधाज्ञा आवेदन खारिज कर दिया गया, जो कानून की दृष्टि से खराब है।जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल न्यायाधीश पीठ ने देखा,“टाइटल अपील का निस्तारण 23.02.2022 को किया गया और संबंधित निषेधाज्ञा याचिका का निस्तारण 5 दिन बाद यानी 28.02.2022 को किया गया। 23.02.2022 को फैसले के वितरण के साथ जिला न्यायाधीश की पहली अपीलीय अदालत फंकटस ऑफ़िसियो बन गई। इसलिए पांच दिन की निषेधाज्ञा याचिका का निपटान कानून की...

सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को मोदी उपनाम टिप्पणी पर मानहानि मामले में दोषी ठहराया, 2 साल की जेल की सजा सुनाई
सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को 'मोदी उपनाम' टिप्पणी पर मानहानि मामले में दोषी ठहराया, 2 साल की जेल की सजा सुनाई

गुजरात के सूरत जिले की एक अदालत ने अप्रैल 2019 में करोल में राजनीतिक अभियान के दौरान की गई अपनी टिप्पणी "सभी चोर मोदी उपनाम वाले क्यों होते हैं" के लिए मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी को दोषी ठहराया।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की अदालत ने उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई। इस मामले में उन्हें जमानत भी मिल गई है।मामला संक्षेप मेंभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और...

MSMED एक्ट के तहत फैसिलिटेशन काउंसिल के पास कार्य अनुबंध के तहत उत्पन्न होने वाले आर्बिट्रेशन विवाद का संचालन करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट
MSMED एक्ट के तहत फैसिलिटेशन काउंसिल के पास कार्य अनुबंध के तहत उत्पन्न होने वाले आर्बिट्रेशन विवाद का संचालन करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसिलिटेशन काउंसिल द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 (MSMED एक्ट) की धारा 18(3) के तहत वैधानिक आर्बिट्रेशन लागू करके पारित मध्यस्थ निर्णय रद्द कर दिया है, जबकि यह मानते हुए कि काउंसिल कार्य अनुबंध के तहत उत्पन्न होने वाले विवाद में आर्बिट्रेशन करने के लिए अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकती।जस्टिस मनीष पिटाले की पीठ ने टिप्पणी की कि कार्य अनुबंध MSMED एक्ट के प्रावधानों के अधीन नहीं है, इसलिए MSMED एक्ट को दावेदार/अवार्ड धारक द्वारा लागू नहीं किया जा...

यदि भवन में पुनर्निर्माण के बाद उच्च राजस्व प्राप्त करने की क्षमता है तो किरायेदार को बेदखल करने के लिए जर्जर स्थिति साबित करना आवश्यक नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
यदि भवन में पुनर्निर्माण के बाद उच्च राजस्व प्राप्त करने की क्षमता है तो किरायेदार को बेदखल करने के लिए 'जर्जर स्थिति' साबित करना आवश्यक नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि जब इमारत वाणिज्यिक स्थान पर स्थित है, जिसमें पुनर्निर्माण के बाद उच्च आय प्राप्त करने की संभावित क्षमता है तो किरायेदारों को मकान मालिक की ऐसी वास्तविक आवश्यकता के लिए बेदखल किया जा सकता है। इसके लिए मकान मालिक को मकान की जीर्ण-शीर्ण स्थिति का प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने ये टिप्पणियां हिमाचल प्रदेश शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम, 1987 की धारा 24(5) के तहत अपीलीय प्राधिकारी, चंबा संभाग, चंबा, हिमाचल प्रदेश द्वारा...

पत्नी, पति और उसके परिवार का सम्मान नहीं करती, यह क्रूरता के समान : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा
पत्नी, पति और उसके परिवार का सम्मान नहीं करती, यह क्रूरता के समान : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर एक जोड़े के विवाह के विघटन को सही ठहराते हुए पाया कि पत्नी का पति या उसके परिवार के सदस्य के प्रति सम्मान नहीं होना पति के प्रति क्रूरता माना जाएगा। कोर्ट ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि पत्नी ने अपना ससुराल छोड़ दिया और 2013 से बिना किसी उचित और उचित कारण के पति से अलग रह रही है और वह पति के साथ रहने की इच्छुक नहीं है, जिससे क्रूरता के आधार पर यह विवाह विच्छेद का एक वैध मामला बनता है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने परिवार अदालत...

ट्रेनिंग की अवधि के दौरान जेएजी में विवाहित व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक उचित, जनहित में : केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
ट्रेनिंग की अवधि के दौरान जेएजी में विवाहित व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक उचित, जनहित में : केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

भारत संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान भारतीय सेना के जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) विभाग में भर्ती में विवाहित पुरुषों और महिला अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की उसकी नीति जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा में एक उचित प्रतिबंध है । नीति का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने प्रस्तुत किया कि सफल कमीशन से पहले ट्रेनिंग अवधि के दौरान विवाह पर प्रतिबंध को उम्मीदवारों के साथ-साथ संगठन के हित में उचित प्रतिबंध माना जाता है।भारतीय सेना की कानूनी शाखा में विवाहित व्यक्तियों पर...

अगर छात्र पढ़ना नहीं चाहता तो शैक्षणिक संस्थान एनओसी, माइग्रेशन सर्टिफिकेट से इनकार नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट
अगर छात्र पढ़ना नहीं चाहता तो शैक्षणिक संस्थान एनओसी, माइग्रेशन सर्टिफिकेट से इनकार नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एसएएल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर, अहमदाबाद को निर्देश दिया कि वह बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स के अपने एक छात्र को एनओसी जारी करे, जिसने एसएएल में एक शैक्षणिक वर्ष पूरा करने के बाद निरमा विश्वविद्यालय में अस्थायी प्रवेश लिया है।जस्टिस भार्गव डी करिया की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा:"प्रतिवादी नंबर 1 (एसएएल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर) एनओसी से इनकार नहीं कर सकता है, जब याचिकाकर्ता प्रतिवादी नंबर 1-संस्थान के साथ अध्ययन नहीं करना चाहता है और विशेष रूप से, जब याचिकाकर्ता ने निरमा...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
पत्नी का पति और उसके परिवार के प्रति सम्मान नहीं रखना क्रूरता के बराबर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विवाह विच्छेद को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर एक जोड़े के विवाह के विघटन को सही ठहराते हुए कहा कि पत्नी का पति या उसके परिवार के सदस्य के प्रति सम्मान नहीं होना पति के प्रति क्रूरता माना जाएगा।कोर्ट ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि पत्नी ने अपना ससुराल छोड़ दिया और 2013 से बिना किसी उचित कारण के पति से अलग रह रही है। वह पति के साथ रहने की इच्छुक भी नहीं है, जिससे यह क्रूरता के आधार पर विवाह विच्छेद का एक वैध मामला बनता है।इसके साथ, जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट...