मुख्य सुर्खियां
जब परिवार का कोई अन्य सदस्य सरकारी सेवा में हो तो अदालत अनुकंपा नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति की वित्तीय निर्भरता की जांच नहीं कर सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने बुधवार को कहा कि यदि 'अनुकंपा नियुक्ति' के नियम किसी मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्यों की नियुक्ति पर इस आधार पर रोक लगाते हैं कि परिवार का कोई सदस्य पहले से ही सरकारी सेवा में है, तो हाईकोर्ट यह निर्धारित करने कि के लिए जांच का आदेश नहीं दे सकता है, कि परिवार के अन्य सदस्यों की उस सदस्य पर क्या निर्भरता है, जो पहले से ही सरकारी कर्मचारी है। डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए संदर्भ का जवाब देते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस पार्थ...
निर्णय में केवल 'संदेह का लाभ' की अभिव्यक्ति का मतलब यह नहीं कि बरी करना सम्मानजनक नहीं था; संपूर्ण तर्क की व्याख्या की जानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति को बरी करने के फैसले में 'संदेह का लाभ' अभिव्यक्ति का इस्तेमाल किया गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि बरी करना सम्मानजनक नहीं था और व्यक्ति अपने निलंबन की अवधि को पेंशन निर्धारण के लिए ड्यूटी पर अवधि के रूप में मानने का हकदार नहीं है। जस्टिस एनजे जमादार ने कहा कि बरी किए जाने की प्रकृति का निर्धारण करने के लिए फैसले में दिए गए तर्क को उसकी संपूर्णता में देखा जाना चाहिए। पीठ ने रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित किए गए कर्मचारी की...
गुजरात हाईकोर्ट ने दरगाह को गिराने के खिलाफ याचिकाओं पर राज्य सरकार, जूनागढ़ नगर निगम को नोटिस जारी किया
गुजरात में कथित अनधिकृत दरगाहों को गिराने के लिए गुजरात राज्य सरकार ने नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं थीं। अब हाईकोर्ट ने विध्वंस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकार, जूनागढ़ नगर निगम, राज्य वक्फ बोर्ड और दूसरे अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।जस्टिस वैभवी नानावती मामले की सुनवाई कर रही थी। उन्होंने मामले को 27 जून के लिए पोस्ट कर दिया है। सरदुम्शा, रेशमशा पीर दरगाह ट्रस्ट और समस्त सुन्नी मुस्लिम ने जूनागढ़ में मुस्लिम समुदाय से संबंधित धार्मिक संरचनाओं...
सरकार में बदलाव के बाद सामाजिक नीति में बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा, मनमाना नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सरकार बदलने के बाद सामाजिक नीति में बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे मनमाना या दुर्भावनापूर्ण नहीं माना जा सकता।जस्टिस जीएस पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने 2021 में उद्धव ठाकरे सरकार द्वारा नियुक्त दो सदस्यों और महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति रद्द करने के एकनाथ शिंदे सरकार के आदेश को बरकरार रखा।अदालत ने कहा,"सरकार में बदलाव के बाद सामाजिक नीति में बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया के गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती में एससी और एसटी आरक्षण की बहाली की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए भर्ती अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका में एससी और एसटी श्रेणियों को आरक्षण नहीं देने पर जामिया मिलिया इस्लामिया और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।जस्टिस विकास महाजन ने यह देखते हुए कि "मामले पर विचार की आवश्यकता है", उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,“इस बीच प्रतिवादी यूनिवर्सिटी को प्रत्येक श्रेणी में...
विभिन्न क्षेत्रीय न्यायक्षेत्रों में किए गए मोटर दुर्घटना दावों को ट्रांसफर करने के लिए दावेदारों को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की आवश्यकता नहीं: उड़ीसा एचसी रजिस्ट्री
उड़ीसा हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने बुधवार को अधिसूचित किया कि मोटर दुर्घटना दावा मामलों में यदि दावेदारों ने विभिन्न हाईकोर्ट के क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार में अलग-अलग दावा याचिकाएं दायर की हैं तो उनके द्वारा दायर की गई पहली दावा याचिका को बनाए रखा जाएगा। उक्त दावा ट्रिब्यूनल और उसके बाद की दावा याचिकाएं उस ट्रिब्यूनल को हस्तांतरित कर दी जाएंगी जहां पहला दावा याचिका दायर की गई और लंबित है।यह भी स्पष्ट किया गया कि गोहर मोहम्मद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम एवं अन्य में सुप्रीम कोर्ट के...
केरल हाईकोर्ट ने कहा- उसके पास लक्षद्वीप में जिला और अधीनस्थ न्यायालय के जजों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की शक्ति है
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को माना कि संविधान के अनुच्छेद 235 के आधार पर केरल हाईकोर्ट के पास केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की जिला अदालत और अधीनस्थ अदालतों पर नियंत्रण, जिसमें ऐसी अदालतों के पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की शक्ति भी निहित है।जस्टिस पी वी कुन्हिकृष्णन की एकल पीठ ने कहा,“भारत के संविधान के अनुच्छेद 235 के आलोक में, यह घोषित किया जाता है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 235 में उल्लिखित जिला न्यायालय और उसके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण में जिला न्यायालय के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) विधायक रवींद्र वायकर को होटल की अनुमति रद्द करने के बीएमसी के आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के विधायक रवींद्र वाईकर को अस्थायी राहत देते हुए मुंबई में लक्जरी होटल बनाने के लिए उन्हें और चार अन्य को दी गई अनुमति रद्द करने के संबंध में दो सप्ताह के लिए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।जस्टिस सुनील शुकरे और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने हालांकि वायकर द्वारा अपनी याचिका में दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताई और पूछा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण क्यों किया जा रहा है।हालांकि, पीठ ने बीएमसी को वाइकर और चार अन्य द्वारा दायर...
खून खराबा जारी रहा तो मतदान रोक देना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों के लिए नामांकन के दौरान हिंसा की सीबीआई जांच के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के लिए आठ जुलाई को होने वाले चुनावों के लिए नामांकन के दौरान हुई हिंसा और भ्रष्टाचार के कथित मामलों की जांच करने का निर्देश दिया। जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने संभावित उम्मीदवारों के कुछ समूहों के खिलाफ नामांकन दाखिल करने के चरण में होने वाली घृणित हिंसा के दावों पर आपत्ति जताई और मौखिक रूप से टिप्पणी की, “हिंसा के इतने सारे उदाहरण? अगर खूनखराबा जारी रहा तो चुनाव रोक...
अगर अधिकारी इतने व्यस्त हैं तो बेहतर है कि वे अपना काम बंद कर दें ": कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों के बीच अपर्याप्त केंद्रीय बलों की मांग के लिए एसईसी की आलोचना की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ("एसईसी") को 24 घंटे के भीतर पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव 2023 के लिए अतिरिक्त केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग करने के नए निर्देश जारी किए।मुख्य न्यायाधीश शिवगणमन और जस्टिस उदय कुमार की खंडपीठ ने 2013 में तैनात 825 कंपनियों की तुलना में एसईसी द्वारा अर्धसैनिक बलों की केवल 22 कंपनियों की मांग पर आपत्ति जताई। इसने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"बहुत खेदजनक स्थिति है...आप एक तटस्थ निकाय हैं...आपको किसी निर्धारित रेखा पर चलने की...
सरकारी वाहन का दुरुपयोग: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोरिंडा नगर निगम से कांग्रेस पार्षद को हटाने पर रोक लगाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पार्षद राज प्रीत सिंह को नगर निगम मोरिंडा से हटाने के पंजाब स्थानीय निकाय विभाग के ससरकारी वाहन का दुरुपयोग: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मोरिंडा नगर निगम से कांग्रेस पार्षद को हटाने पर रोक लगा दी हैकांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि सिंह को अपने पद का कथित रूप से दुरुपयोग करने और व्यक्तिगत उपयोग के लिए आधिकारिक वाहन का उपयोग करके परिषद को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप में पद से हटा दिया गया था।हटाने को चुनौती देने वाली याचिका में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते...
अगर दुर्घटना के समय ट्रक खतरनाक सामान नहीं ले जा रहा था, ड्राइविंग लाइसेंस पर एंडोर्समेंट की कमी बीमा पॉलिसी का उल्लंघन नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि सिर्फ इसलिए कि ट्रक पर एक गैस कंपनी का नाम लिखा था और इसका इस्तेमाल गैस सिलेंडरों के परिवहन के लिए किया गया था, इसका मतलब यह नहीं है कि दुर्घटना के समय ट्रक वास्तव में गैस सिलेंडर ले जा रहा था। अदालत ने पाया कि नीति शर्तों का उल्लंघन साबित नहीं किया जा सका और इस तरह बीमा कंपनी को मोटर दुर्घटना में मृतक के परिवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया।जस्टिस शिवकुमार डिगे ने कहा कि चूंकि यह दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था कि आपत्तिजनक ट्रक खतरनाक सामान ले जा रहा था,...
जम्मू के वकीलों ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को रायका में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव का विरोध किया
जम्मू के वकील जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को रायका में ट्रांसफर करने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जम्मू (JKHCBAJ) के वकीलों ने अपनी चिंताओं को दूर नहीं किए जाने पर राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन करने का संकल्प लिया है।वकीलों का कहना कि हाईकोर्ट परिसर को स्थानांतरित करने से कानूनी पेशेवरों और आम जनता दोनों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।इस संबंध में, यंग लॉयर्स एसोसिएशन (YLA), जम्मू द्वारा सोमवार को एक प्रेस नोट जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त लेखापरीक्षा निरीक्षक, जिसकी पेंशन के लिए लड़ते हुए मृत्यु हो गई, के सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने का निर्देश दिया, जुर्माना भी लगाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने सहकारिता विभाग के एक सेवानिवृत्त लेखापरीक्षा निरीक्षक के कानूनी प्रतिनिधियों को सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने का आदेश दिया है। उक्त निरीक्षक राज्य द्वारा रोकी गई पेंशन को लेकर अपनी वर्षों की लंबी लड़ाई के बीच मर गए। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि मृतक का सेवा रिकॉर्ड स्वच्छ था और फिर भी उसकी पेंशन एक विभाग से उसके रिकॉर्ड प्राप्त करने में देरी का हवाला देते हुए रोक दी गई थी, जहां उसने एक बार सेवा की थी।पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता जैसे कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की बकाया...
विवाहित महिला यह दावा नहीं कर सकती कि किसी आदमी ने शादी का वादा तोड़कर उसे धोखा दिया गया: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक विवाहित महिला द्वारा एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया, जिसमें शिकायत की गई थी कि उस व्यक्ति ने उसे धोखा दिया क्योंकि वह उससे शादी करने का अपना वादा पूरा करने में विफल रहा। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने व्यक्ति की याचिका को खारिज करने की अनुमति दी और कहा,"धोखाधड़ी का आरोप इस आधार पर लगाया जाता है कि याचिकाकर्ता ने शादी का वादा तोड़ा है। शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया कि वह पहले से ही शादीशुदा है और इस शादी से उसका एक बच्चा भी है। अगर वह...
डीसीआरबी योजना से पहले सेवानिवृत्त हो गए या मर चुके कर्मचारी की अविवाहित/ विधवा बेटी पारिवारिक पेंशन की हकदार: कलकत्ता हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने मंगलवार को कहा कि गैर-सरकारी शैक्षिक संस्थान कर्मचारी (मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ) योजना, 1981, जो 1 अप्रैल, 1981 को और से प्रभावी हुई, के लागू होने से पहले सेवानिवृत्त या मृत कर्मचारी की अविवाहित/विधवा बेटी को पारिवारिक पेंशन दी जा सकती है। जस्टिस रवींद्रनाथ सामंत, जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस हरीश टंडन की पीठ ने (i) मृत सहायक अध्यापक की विधवा पुत्री, (ii) एक सेवानिवृत्त (अब मृतक) हाई स्कूल क्लर्क की विधवा बेटी और (iii) एक सेवानिवृत्त (अब मृतक) सहायक...
[हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम की धारा 6] जब तक अक्षम घोषित नहीं किया जाता, पिता की मृत्यु के बाद माता नाबालिग बच्चों की कस्टडी की हकदार: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम 1956 के तहत, पिता की मृत्यु के बाद माता नाबालिग बच्चों के प्राकृतिक अभिभावक की भूमिका ग्रहण करती है। कोर्ट ने कहा कि हालांकि, मां का कस्टडी का अधिकार पूर्ण नहीं है, लेकिन बच्चों के कल्याण पर निर्भर है और यदि उचित कार्यवाही के दौरान, वह बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने में अक्षम या अक्षम पाई जाती है, तो वह कस्टडी बनाए रखने का अधिकार खो सकती है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर की पीठ ने कहा,"जब तक मां अक्षम नहीं हो जाती...
‘विधानसभा अध्यक्ष को ये निर्णय लेने का अधिकार है कि विधानसभा की कार्यवाही के किस हिस्से का प्रसारण किया जा सकता है और अदालत उस पर सवाल नहीं उठा सकती’: तमिलनाडु सरकार मद्रास हाईकोर्ट में कहा
तमिलनाडु सरकार ने अदालत से कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 122 के तहत विधानसभा अध्यक्ष को यह निर्णय लेने का अधिकार है कि विधानसभा की कार्यवाही के किस हिस्से का प्रसारण किया जा सकता है और अदालत उस पर सवाल नहीं उठा सकती।महाधिवक्ता आर शुनमुगसुंदरम ने चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस पीडी ऑडिकेसावुलु की पीठ के समक्ष लोक सत्ता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डी. जगदीश्वरन और देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम के नेता AIADMK पार्टी के मुख्य सचेतक एस पी वेलुमणि ने भी चयनात्मक प्रसारण को चुनौती देते हुए याचिका...
"कोलकाता की विरासत का हिस्सा": ट्राम सेवाओं को कैसे संरक्षित किया जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने इसकी जांच करने के लिए सरकार को कमेटी गठित का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल राज्य और उसके परिवहन विभाग को कोलकाता शहर में ट्राम सेवाओं को "बहाल, रखरखाव और संरक्षित" कैसे किया जा सकता है, इसकी जांच करने के लिए एक समिति बनाने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस शिवगणमन और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने शहर में ट्राम रेलवे के शेष हिस्सों को बेचने या ध्वस्त होने से बचाने के लिए एक जनहित याचिका में आदेश पारित किया।पीठ ने राज्य से इस तरह के मुकदमे को विरोधात्मक नहीं मानने के लिए कहा और आदेश दिया कि संबंधित सरकारी...
निर्णय देनदार के पते के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कोर्ट की प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि न्यायालय की प्रक्रिया का उपयोग निर्णय देनदार (Judgment debtor) के संबंध में उसके ठिकाने या अन्य जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता।अदालत ने कहा कि यह डिक्री धारक का स्वयं का प्राथमिक दायित्व है कि वह जहां से भी संभव हो ऐसी जानकारी प्राप्त करे।जस्टिस तुषार राव गेदेला की पीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उस याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें डिक्री धारक, एसपीपी फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर आवेदन को खारिज...

















![[हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम की धारा 6] जब तक अक्षम घोषित नहीं किया जाता, पिता की मृत्यु के बाद माता नाबालिग बच्चों की कस्टडी की हकदार: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट [हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम की धारा 6] जब तक अक्षम घोषित नहीं किया जाता, पिता की मृत्यु के बाद माता नाबालिग बच्चों की कस्टडी की हकदार: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/11/14/500x300_444111-himachalpradeshhighcourt.jpg)


