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एसएचओ गैर-संज्ञेय अपराध की जांच के लिए सीआरपीसी की धारा 155(2) के तहत मजिस्ट्रेट की अनुमति ले सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
एसएचओ गैर-संज्ञेय अपराध की जांच के लिए सीआरपीसी की धारा 155(2) के तहत मजिस्ट्रेट की अनुमति ले सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि सीआरपीसी की धारा 155 (2) के तहत मजिस्ट्रेट अदालत से असंज्ञेय अपराध की जांच करने की अनुमति मांगना केवल शिकायतकर्ता के लिए आवश्यक नहीं है, और यह वह पुलिस अधिकारी भी कर सकता है, जिसके समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने कहा,“अनुमति या तो शिकायतकर्ता या स्टेशन हाउस अधिकारी द्वारा मांगी जा सकती है। इसलिए, केवल सूचना देने वाले के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए विद्वान मजिस्ट्रेट के दरवाजे पर दस्तक...

लाउडस्पीकरों के उपयोग को विनियमित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं: मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की जनहित याचिका पर गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
'लाउडस्पीकरों के उपयोग को विनियमित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं': मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की जनहित याचिका पर गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट को बताया

मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका के जवाब में गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट को बताया है कि लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं और यह कि ध्वनि स्तर की निगरानी के लिए गठित संयुक्त प्रवर्तन दलों को औद्योगिक, आवासीय और अन्य क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए निर्देशित किया गया है। डॉ धर्मेंद्र प्रजापति द्वारा दायर जनहित याचिका पर राज्य के गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव निखिल भट्ट...

ट्रांसफर अधिकार का मामला नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा सहायक शिक्षकों के लिए यूपी सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी की वैधता को बरकरार रखा
'ट्रांसफर अधिकार का मामला नहीं है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा सहायक शिक्षकों के लिए यूपी सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी की वैधता को बरकरार रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह मानते हुए कि स्थानांतरण अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता है, पिछले सप्ताह बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा संचालित बेसिक शिक्षा में पढ़ाने वाले सहायक शिक्षकों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति की वैधता को बरकरार रखा। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सामान्य परिस्थितियों में स्थानांतरण के लिए आवेदन को स्वीकार करने से प्रतिबंधित करने के लिए राज्य की नीति में कोई अवैधता नहीं पाई, जब तक कि किसी विशेष शिक्षक ने सेवा की निर्दिष्ट...

गैर-संज्ञेय अपराधों में मजिस्ट्रेट द्वारा लापरवाही से पुलिस जांच की अनुमति देने से बड़ी संख्या में मुकदमे पैदा हो रहे हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए
गैर-संज्ञेय अपराधों में मजिस्ट्रेट द्वारा लापरवाही से पुलिस जांच की अनुमति देने से बड़ी संख्या में मुकदमे पैदा हो रहे हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस या शिकायतकर्ता द्वारा किए गए अनुरोध पर पुलिस को असंज्ञेय मामलों की जांच करने की अनुमति देने के आदेश जारी करते समय न्यायिक मजिस्ट्रेटों के लिए सख्ती से पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मजिस्ट्रेट अदालतों को चेतावनी जारी की है कि निर्देश से किसी भी विचलन को यह माना जाएगा कि मजिस्ट्रेट अनुचित आदेश पारित करने की अपनी कठोर कार्रवाई से मामलों की विशाल लंबितता में योगदान दे रहे हैं और इसे गंभीरता से देखा जाएगा।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश की पीठ...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठी उपदेशक के खिलाफ मामला बहाल किया, उसने लड़के के इच्छा रखने वाले जोड़ों को सम तारीखों पर सेक्स करने की सलाह दी थी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठी उपदेशक के खिलाफ मामला बहाल किया, उसने लड़के के इच्छा रखने वाले जोड़ों को सम तारीखों पर सेक्स करने की सलाह दी थी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठी उपदेशक (कीर्तनकार) निवृत्ति काशीनाथ देशमुख (इंदोरीकर) के खिलाफ एक मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए कहा है कि गर्भ धारण करने और नर भ्रूण की पहचान करने की तकनीकों पर धार्मिक प्रवचन प्रथम दृष्टया लिंग-निर्धारण पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एक अपराध है। देशमुख ने कथित तौर पर लड़के की इच्छा रखने वालें जोड़ों को लिए सम दिनों में संभोग करने के लिए कहा था। जस्टिस किशोर संत ने कहा कि प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (सेक्स सेलेक्शन प्रोहिबिशन ऑफ सेक्स सेलेक्शन)...

कर्नाटक नगर पालिका अधिनियम के तहत प्रॉपर्टी टैक्स छूट का दावा करने के लिए शैक्षिक संस्थानों को वार्षिक सर्टिफिकेट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं: हाईकोर्ट
कर्नाटक नगर पालिका अधिनियम के तहत प्रॉपर्टी टैक्स छूट का दावा करने के लिए शैक्षिक संस्थानों को वार्षिक सर्टिफिकेट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं: हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि कर्नाटक नगर पालिका अधिनियम की धारा 94(1-ए)(i) के तहत शैक्षिक संस्थान को प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान से छूट दी गई और संस्थान को हर साल छूट सर्टिफिकेट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। इसमें कहा गया कि छूट उन सभी इमारतों पर लागू होती है, जिनका उपयोग शैक्षणिक संस्थानों और/या आकस्मिक गतिविधि के उद्देश्य से किया जाता है।जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल न्यायाधीश पीठ ने तत्कालीन नगर पालिका परिषद, बीजापुर द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अपीलीय अदालत के आदेश को चुनौती...

सामाजिक अर्थों में मां नैतिक रूप से खराब हो सकती है लेकिन वह बच्चों के कल्याण के लिए अच्छी हो सकती है: केरल हाईकोर्ट
सामाजिक अर्थों में मां नैतिक रूप से खराब हो सकती है लेकिन वह बच्चों के कल्याण के लिए अच्छी हो सकती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बाल अभिरक्षा के मामलों में अकेले बच्चे के कल्याण पर विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि मां 'सामाजिक अर्थों में नैतिक रूप से खराब' हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मां बच्चे के कल्याण के लिए खराब है।जस्टिस मोहम्मद मुस्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने कहा,"बच्चे की अभिरक्षा से संबंधित मामले में अकेले कल्याण पहलू पर पहले विचार किया जाना चाहिए। पुरुष या महिला किसी प्रासंगिक संबंध में किसी के लिए बुरा हो सकता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह व्यक्ति अपने...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विवाहित महिला को दोस्त के साथ रहने की अनुमति दी, पति द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विवाहित महिला को 'दोस्त' के साथ रहने की अनुमति दी, पति द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पति के पक्ष में बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट जारी करने से इनकार करते हुए पत्नी को अपने उस दोस्त के साथ रहने की इजाजत दे दी, जिसके साथ वह अपनी मर्जी से रह रही है।याचिकाकर्ता और महिला के बीच वर्ष 2012 में विवाह हुआ था। विवाह से उनके दो बच्चे (10 वर्षीय बेटा और 6 वर्षीय बेटी) पैदा हुए। अगस्त 2022 में पत्नी फरीदाबाद चली गई, जहां उसके माता-पिता रहते हैं। हालांकि, वह उसके बाद वह कभी भी अपने ससुराल वापस नहीं लौटी।याचिकाकर्ता को आशंका हुई कि उसकी पत्नी को प्रतिवादी नंबर 9 द्वारा अवैध रूप...

एनआईए द्वारा वकील की गिरफ्तारी: मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप सुनेंगे
एनआईए द्वारा वकील की गिरफ्तारी: मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, 'आपत्तिजनक' ऑडियो क्लिप सुनेंगे

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह उस ऑडियो क्लिप को सुनेंगे जिसके आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मदुरै के वकील मोहम्मद अब्बास को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने कहा कि वह उक्त ऑडियो क्लिप के साथ साथ उन अन्य सामग्री को भी देखेगा, जिनके आधार पर एनआईए ने एडवोकेट अब्बास के खिलाफ कार्रवाई की है।अब्बास एनआईए द्वारा इस साल मई में प्रतिबंधित संगठन- पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से संबंधित एक आपराधिक साजिश के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से एक हैं। एनआईए के अनुसार, व्यापक तलाशी...

गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के 31 सप्ताह के गर्भ को टर्मिनेट करने की अनुमति देने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के 31 सप्ताह के गर्भ को टर्मिनेट करने की अनुमति देने से इनकार किया

गुजरात हाईकोर्ट ने एमटीपी बोर्ड की राय के मद्देनजर नाबालिग बलात्कार पीड़िता (लगभग 17 वर्ष की आयु) के 31 सप्ताह से अधिक के गर्भ को टर्मिनेट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था को टर्मिनेट करना उचित नहीं है।जस्टिस समीर जे दवे की पीठ ने राज्य सरकार को गुजरात राज्य की नीतियों के अनुसार लड़की को बच्चे के जन्म तक उपलब्ध सभी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।पीठ ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि यदि पीड़िता जल्द से जल्द उसकी हकदार पाई...

मातृत्व अवकाश एक मौलिक मानव अधिकार है, इससे इनकार करना संविधान के अनुच्छेद 29, 39 का उल्लंघन : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
मातृत्व अवकाश एक मौलिक मानव अधिकार है, इससे इनकार करना संविधान के अनुच्छेद 29, 39 का उल्लंघन : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि प्रत्येक महिला, चाहे उसकी रोजगार स्थिति कुछ भी हो, मातृत्व अवकाश की हकदार है। कोर्ट ने कहा कि मातृत्व अवकाश का उद्देश्य मातृत्व की गरिमा की रक्षा करना और महिला और उसके बच्चे दोनों की भलाई सुनिश्चित करना है। जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की पीठ ने टिप्पणी की," वर्तमान मामले में प्रतिवादी अग्रिम गर्भावस्था के समय एक दैनिक वेतन भोगी महिला कर्मचारी है, उसे कठिन श्रम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह न केवल उसके स्वास्थ्य और...

केरल हाईकोर्ट ने माता-पिता की कस्टडी से समलैंगिक साथी की रिहाई की मांग करने वाली महिला की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को बंद किया
केरल हाईकोर्ट ने माता-पिता की कस्टडी से समलैंगिक साथी की रिहाई की मांग करने वाली महिला की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को बंद किया

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक 21 वर्षीय महिला द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) याचिका को बंद कर दिया, जिसमें उसकी समलैंगिक साथी को उसके परिवार की कस्टडी से रिहा करने की मांग की गई थी। जस्टिस पीबी सुरेशकुमार और जस्टिस शोबा अन्नम्मा एपेन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की साथी/कथित कस्टडी में रखी गई महिला के इस बयान पर ध्यान देने के बाद कि याचिका को बंद कर दिया कि वह अपने माता-पिता के साथ जाना चाहती है।याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में कहा था कि वह और उसकी साथी, जो मुस्लिम परिवारों से हैं,...

गुजरात हाईकोर्ट ने एनआईडी अहमदाबाद के प्रमाणपत्र प्रारूप पर उम्मीदवार के प्रवेश को रद्द करने के फैसले को मनमाना बताया
गुजरात हाईकोर्ट ने एनआईडी अहमदाबाद के प्रमाणपत्र प्रारूप पर उम्मीदवार के प्रवेश को रद्द करने के फैसले को 'मनमाना' बताया

गुजरात हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान (एनआईडी), अहमदाबाद की कड़ी आलोचना की है, जिसने एक मेधावी उम्मीदवार के प्रवेश को केवल उसके पिछले संस्थान द्वारा एक विशिष्ट प्रारूप में प्रमाण पत्र जारी न करने के आधार पर रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि प्रमाण पत्र के प्रारूप के संबंध में आवेदक की वर्तमान संस्था को शर्तें निर्धारित करना एनआईडी के अधिकार क्षेत्र या अधिकार में नहीं है। इसने इस बात पर जोर दिया कि आवेदक परिणामों की अपेक्षित घोषणा तिथि बताते हुए एक प्रमाण पत्र प्रदान कर सकता था, एनआईडी...

कर्नाटक हाइकोर्ट ने वैवाहिक मामले में पत्नी से जिरह के लिए पति की अमेरिका से यात्रा प्रायोजित करने की शर्त को रद्द कर दिया
कर्नाटक हाइकोर्ट ने वैवाहिक मामले में पत्नी से जिरह के लिए पति की अमेरिका से यात्रा प्रायोजित करने की शर्त को रद्द कर दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित एक आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें पत्नी को अपने पति से जिरह करने की अनुमति इस शर्त पर दी गई है कि वह अमेरिका से बैंगलोर तक का 1.65 लाख रुपये का यात्रा खर्च वहन करेगी। जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की ‌सिंगल जज बेंच ने सिंधु बोरेगौड़ा द्वारा दायर याचिका की अनुमति दी और कहा, "इस तरह की शर्त लगाने से याचिकाकर्ता के प्रतिवादी से जिरह/आगे की जिरह करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा, वह भी एक गंभीर मामले में जिसमें उसकी शादी दांव पर है। न्याय की अदालतें किसी पक्ष...

आईपीसी की धारा 376(3) के तहत अपराध के मामले में गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका पर रोक है, लेकिन अगर सामग्री प्रथम दृष्टया अपराध को आकर्षित नहीं करती है तो इस पर विचार किया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 376(3) के तहत अपराध के मामले में गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका पर रोक है, लेकिन अगर सामग्री प्रथम दृष्टया अपराध को आकर्षित नहीं करती है तो इस पर विचार किया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोपी एक पिता द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस जियाद रहमान की एकल पीठ ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 438 (4) के अनुसार, जहां आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) या धारा 376एबी या धारा 376डीए या धारा 376डीबी के तहत है, वहां अग्रिम जमानत के लिए एक आवेदन पर विचार करने के खिलाफ एक विशिष्ट रोक है।हालांकि, न्यायालय अग्रिम ज़मानत के लिए एक आवेदन पर विचार कर सकता है यदि न्यायालय के समक्ष रखी गई सामग्री...

केरल हाईकोर्ट में याचिका, आरएसएस के सदस्यों पर मंदिर परिसर का अवैध रूप से हथियार प्रशिक्षण के ‌लिए उपयोग करने का आरोप
केरल हाईकोर्ट में याचिका, आरएसएस के सदस्यों पर मंदिर परिसर का अवैध रूप से हथियार प्रशिक्षण के ‌लिए उपयोग करने का आरोप

केरल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कथित सदस्यों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर अभ्यास और हथियार प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए तिरुवनंतपुरम मे श्री सरकारा देवी मंदिर मे अवैध अतिक्रमण किया है ।दो भक्तों और मंदिर के आस-पास के निवासियों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कथित आरएसएस सदस्यों की इस तरह की कार्रवाई से मंदिर में आने वाले भक्तों और तीर्थयात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को बहुत पीड़ा और कठिनाई हो रही है।याचिकाकर्ताओं...

दावेदार को 163A मोटर वाहन अधिनियम के तहत दुर्घटना करने वाले वाहन की लापरवाही स्थापित करने की आवश्यकता नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
दावेदार को 163A मोटर वाहन अधिनियम के तहत दुर्घटना करने वाले वाहन की लापरवाही स्थापित करने की आवश्यकता नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल राज्य परिवहन निगम (WBSTC) को 2007 में WBSTC बस से सड़क दुर्घटना में मारी गई एक नाबालिग लड़की के परिवार को 2 लाख का मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया। पीड़ितों के माता-पिता ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के एक आदेश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्हें केवल 15,000 रुपये का मुआवजा दिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि धारा 163ए की एक सख्त व्याख्या की आवश्यकता थी और ऐसे मामलों में आपत्तिजनक वाहन की लापरवाही महत्वहीन होगी, हालांकि,...

अभियुक्त के पास अभियोजन पक्ष द्वारा माफी देने के लिए दायर आवेदन को अनुमति न मिलने के आदेश को चुनौती देने का अधिकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
अभियुक्त के पास अभियोजन पक्ष द्वारा माफी देने के लिए दायर आवेदन को अनुमति न मिलने के आदेश को चुनौती देने का अधिकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि अभियुक्त के पास अभियोजन पक्ष द्वारा सीआरपीसी की धारा 306 के तहत माफी देने के लिए दायर आवेदन की अस्वीकृति को चुनौती देने का अधिकार है।जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल ने कहा,"आरोपी को सीआरपीसी की धारा 306 के तहत स्वतंत्र रूप से ट्रायल कोर्ट में आवेदन करने का अधिकार है। क्षमा मांगने पर इसका अनिवार्य रूप से यह अर्थ होगा कि सीआरपीसी की धारा 306 के तहत ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित कोई भी आदेश। इससे अभियुक्त व्यथित है, ऐसे अभियुक्त द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष उचित...

शादी के बाद शारीरिक संबंध न बनाना आईपीसी की धारा 498ए के तहत क्रूरता नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
शादी के बाद शारीरिक संबंध न बनाना आईपीसी की धारा 498ए के तहत क्रूरता नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा अपने पति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए के तहत दायर वह आपराधिक शिकायत खारिज कर दी है, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने आध्यात्मिक वीडियो देखने के कारण शादी के बाद शारीरिक संबंध नहीं बनाए और इस तरह यह क्रूरता की श्रेणी में आता है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने पति और उसके माता-पिता द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली और शादी के 28 दिन बाद पत्नी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई कार्यवाही रद्द कर दी।उन्होंने कहा,"न तो शिकायत और न ही समरी चार्जशीट किसी...