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हिरासत में टॉर्चर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कानून मंत्री की याचिका पर सुनवाई बंद की, कहा ये संसद का काम
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो हिरासत में टॉर्चर को लेकर अंतर्राष्ट्रीय संधि को अपनाते हुए कानून बनाने के निर्देश जारी नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि ये संसद का काम है।इसी के साथ चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने पूर्व कानून मंत्री डॉ अश्विनी कुमार की याचिका का निस्तारण करते हुए सुनवाई बंद कर दी।सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस मिश्रा ने कहा कि कोर्ट संसद को कानून बनाने के लिए कैसे आदेश दे सकता है ? कानून बनाना संसद का अधिकार है।केंद्र सरकार की ओर से AG के के...
नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने पक्षकारों से “चिल” करने को नहीं कहा
हर ओर इस खबर की चर्चा थी कि दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले के पक्षकारों से “चिल करो” कहा। मेरा सोशल मीडिया टाइमलाइन फैसले की स्क्रीन शॉट से भरा हुआ था और लोग इस खुशी का इजहार कर रहे थे कि चलो, दिल्ली हाई कोर्ट ने अंततः यह बात कह तो दी।पर बाद में मालूम हुआ कि जिस बात के लिए दिल्ली हाई कोर्ट की प्रशंसा की जा रही है उसे अमरीका की कोर्ट ऑफ़ अपील्स की ओर से कहा गया है।चलिए, मैं बताता हूँ आपको इसके बारे में।हुआ यूं कि खिलौना बनाने वाली एक कंपनी मैटेल इंक ने एक डेनिश बैंड एक्वा के खिलाफ अमरीकी अदालत का...
सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिपण्णी को रिकॉर्ड से हटाया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने वीएन सिंह बनाम नीलम मिश्रा एवं अन्य [सिविल अपील नंबर 19556 of 2017 मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका (सिविल) No. 24725 OF 2013] की सुनवाई में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सिटिंग जिला जज के खिलाफ जो टिपण्णी की थी उसे हटा दिया है।ये जिला जज अब रिटायर हो चुके हैं। एक अंतरिम आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई को लेकर उनके खिलाफ हुए इस टिपण्णी से वे आहत थे। इस मामले में सुनवाई की पहली तारीख पर यथास्थिति की अनुमति दे दी गई थी। इसके बाद उन्होंने इस मामले की कुछ दिन सुनवाई की थी और बहस आंशिक रूप...
न्याय में देरी और लंबित मामलों से निपटने में “बार और बेंच” दोनों को साथ काम करना होगा : न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने कहा कि पूरे देश का हाई कोर्ट शनिवार को भी काम कर रहा है ताकि आपराधिक जेल अपीलों की सुनवाई कर उसका निपटारा कर सके। ये ऐसे मामले होते हैं जिनमें अभियुक्त 10 साल से जेलों में पड़े होते हैं।उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीने में उच्च न्यायालयों ने 1100 आपराधिक मामलों को निपटाया है। यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इतने ही समय में 3200 लंबित मामलों को निपटाया है। मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि यह जरूरी है कि एडवोकेट कोर्ट में तैयार होकर आएं और वे न...
सत्य की खोज है आध्यात्मिकता की बुनियाद : न्यायमूर्ति चेल्मेश्वर
संविधान दिवस समारोह के अवसर पर न्यायमूर्ति जे चेल्मेश्वर ने कहा कि हमें अपने आपको संविधान की मौलिक अहमियत की याद दिलाती रहनी चाहिए।उन्होंने कहा, “यह कहा जाता है कि आध्यात्मिक दिवालियेपन के कारण एक के बाद एक साम्राज्य का पतन हो गया। सत्य की खोज एक ऐसी बुनियाद है जिस पर सभी तरह की आध्यात्मिकता खड़ी है। संविधान दिवस का समारोह एक ऐसा अवसर होता है जो हमें उच्च संवैधानिक मूल्य और इसमें निहित दर्शन की याद दिलाता है।”जज चेल्मेश्वर ने संविधान को स्वीकार करने को एक “सुखद अवसर और एक निर्णायक क्षण” बताया और...
पूर्व नौसेना प्रमुख रामदास ने जज लोया के मौत की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा
देश के अवकाशप्राप्त नौसेना प्रमुख एडमिरल रामदास ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जज लोया की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सीबीआई के विशेष जज विजय गोपाल हरिकिशन लोया भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं अन्य अभियुक्तों के खिलाफ सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे ।एडमिरल रामदास ने कहा कि पूरा मामला संदेहास्पद लग रहा है और यह पूरे देश के हित में होगा कि संविधान और कानून के प्रति लोगों का नजरिया बेहतर बना रहे। इसलिए मामले की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।इस पत्र...
कानून दिवस : न्यायिक दखल के मुद्दे पर चीफ जस्टिस और कानून मंत्री आमने सामने
भारतीय कानून आयोग द्वारा आयोजित कानून दिवस के मौके पर रविवार को न्यायिक दखल और ‘बार बार कोर्ट द्वारा संवैधानिक दायरे को लांघने ‘ के मुद्दे पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के बीच जमकर कहासुनी हुई।जब प्रसाद ने जनहित याचिका की आड में अनचाहे न्यायिक दखल की बात कही तो चीफ जस्टिस मिश्रा ने कहा कि न्यायपालिका संवैधानिकता और संप्रभूता के दायरे में रहते हुए संवैधानिक उत्प्रेरक की भूमिका निभाती है।नई दिल्ली के विज्ञान भवन में बोलते हुए कानून मंत्री प्रसाद ने...
ओडिशा के दो लोगों को कथित रूप से फंसाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संयुक्त विशेष जांच दल गठित की [आर्डर पढ़े]
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने ओडिशा के दो लोगों पर छत्तीसगढ़ में माओवादियों को विस्फोटक की आपूर्ति करने के आरोप के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है।निरंजन दास और दुर्जोति मोहनकुदो पर विस्फोटक अधिनियम और छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अधिनियम, 2005 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मुकदमा दायर किया गया है। इन दोनों के परिवार के लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने इन दोनों को 28 जुलाई को पिछले साल ओडिशा के बोरिगुम्मा से “उठा” लिया था और बाद में दावा किया...
मुस्लिम पिता अपने बेटे की विधवा का खर्च वहन करने के लिए बाध्य नहीं : कलकत्ता हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक श्वसुर को अपने पुत्र की विधवा के गुजारे का खर्च वहन करने से मुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसका खर्च भरने के लिए वह बाध्य नहीं है।याचिकाकर्ता शबनम परवीन ने अपने श्वसुर से गुजारा खर्च की मांग करते हुए कोर्ट में अपील की थी। शबनम ने कोर्ट से कहा था कि उसके पति के मर जाने के बाद उसके श्वसुर ही परिवार के मामले को देख रहे थे।उसकी याचिका पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति मो. मुमताज खान ने कहा कि चूंकि दोनों ही पक्ष मुसलमान हैं, इसलिए मुस्लिम निजी क़ानून ही इस मामले में...
सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा दंगे और रेप मामले में दोषी पुलिसकर्मियों व डॉक्टरों पर हुई विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने गुजरात सरकार को जनवरी के पहले हफ्ते तक बताने को कहा है कि गोधरा कांड के बाद हुए दंगे के मामले में छह पुलिस अधिकारियों और दो डॉक्टरों की संलिप्तता के मामले में उसने विभागीय कार्रवाई शुरू की या नहीं। जनवरी 2018 के पहले हफ्ते तक गुजरात को इस मामले में जानकारी देने को कहा गया है ।अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से इस मामले में जवाबब देने और सरकार से निर्देश लेने के लिए वक्त मांगा। इस मामले में पीड़ित की वकील शोभा ने केंद्र द्वारा वक्त लिए...
पैतृक पक्ष में एक को जाति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है तो खून के अन्य रिश्तों में भी उसे जारी किया जा सकता है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि एक बार अगर पूरी जांच के बाद जाति प्रमाणपत्र खून के रिश्ते में जारी कर दिया जाता है तो पैतृक पक्ष में ऐसे ही दूसरे खून के रिश्ते को भी प्रमाणपत्र जारी हो सकता है।बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप मेहता और जस्टिस मनीष पिटाले की बेंच ने दो भाइयों की अर्जी पर ये फैसला दिया। मुकेश वास्तव और विलास वास्तव की ओर से जाति जांच समिति के फैसले को चुनौती दी गई थी। इन दोनों को जारी सर्टिफिकेट को समिति ने अवैध करार दे दिया था।याचिकाकर्ताओं को कार्यपालक मैजिस्ट्रेट ने 20 जून 1994 को...
पीएचडी के लिए एमिफिल की अनिवार्यता वाले जेएनयू के सर्कुलर पर दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा जारी उन दो सर्कुलरों पर रोक लगा दिया है जिसमें कहा गया था कि पीएचडी के लिए एमफिल करना अनिवार्य है।दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस इंद्रमीत कौर ने 26 फरवरी तक सर्कुलर के लागू होने पर रोक लगा दिया है।इस मामले में पीएचडी छात्र प्रीति उमराव और अन्य की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण ने अर्जी दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि 21 और 25 सितंबर को जेएनयू की ओर से सर्कुलर जारी किया गया। सर्कुलर में कहा गया कि पीएचडी के लिए एमफिल करना आवश्यक है।...
सुप्रीम कोर्ट ने राकेश अस्थाना की सीबीआई में नियुक्ति को चुनौती पर अपना फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति एएम सप्रे की पीठ ने शुक्रवार को राकेश अस्थाना की सीबीआई में विशेष निदेशक के पद पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस याचिका में गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना की सीबीआई में नियुक्ति को चुनौती दी गई है।याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट प्रशांत भूषण ने विनीत नारायण [(1998) 1 SCC 226] के मामले का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि सीबीआई में संयुक्त निदेशक तक के पद पर नियुक्ति केंद्रीय निगरानी...
गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी की जनहित याचिका खारिज
गुस्से में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को कम से कम चार अगंभीर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इसमें एक याचिका भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की भी थी जो उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के खिलाफ दायर की थी।मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, “सुरक्षा का प्रबंधन कैसे हो इसका सुप्रीम कोर्ट कैसे निर्णय कर सकता है? ये तो विभागीय मामले हैं...एक जनहित याचिका में हम कैसे इन सभी बातों का निर्णय कर सकते हैं...?”जब स्वामी ने कहा कि गृह मंत्रालय नहीं, सिर्फ राष्ट्रपति...
सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे जज की संदिग्ध मौत की जांच हो : न्यायमूर्ति एपी शाह
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाह ने कहा है कि सीबीआई के विशेष जज ब्रिजगोपाल हरकिशन लोया की मौत जिस संदिग्ध हालातों में हुई है उसकी जांच होनी चाहिए। लोया सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गुजरात पुलिस के कई अधिकारी पर मुकदमा चल रहा है।न्यूज़ चैनल एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में न्यायमूर्ति शाह ने कहा, “लोया के परिवार के लोग बहुत शिद्दत से यह महसूस कर रहे हैं कि उनकी मौत संदिग्ध हालात में हुई है। उनके कपड़ों पर खून के...
पुलिस एनकाउंटर को सही ठहराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को मानवाधिकार आयोग का नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में छपी खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से छह सप्ताह के भीतर जवाब माँगा है। मीडिया की खबरों में कहा गया था कि उत्तर प्रदेश की सरकार राज्य में क़ानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर एनकाउंटर को सही मानती है।आयोग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में पांच अक्टूबर को जारी सरकारी आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, वर्तमान सरकार के मार्च में सत्ता में आने के बाद से राज्य में ऐसे 433 एनकाउंटर हुए हैं। 19 कथित अपराधियों को इन एनकाउंटर में...
सीआईसी की पूर्ण पीठ ने इंडियन बैंक एसोसिएशन को आरटीआई के तहत पब्लिक अथॉरिटी घोषित किया [आर्डर पढ़े]
एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में केंद्रीय सूचना आयोग की पूर्ण पीठ ने आरके जैन एवं अन्य बनाम आईबीए मामले की सुनवाई के दौरान इंडियन बैंक एसोसिएशन को सूचना का अधिकार के तहत सार्वजनिक अधिकरण घोषित कर दिया है। आईबीए बैंकिंग उद्योग की निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। आईबीए इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना की निगरानी भी कर रहा था। वह इसके लिए मीडिया और प्रचार का कार्य भी देख रहा था। आधिकारिक दस्तावेज में उसे प्रधानमंत्री जनधन योजना में साझीदार दिखाया गया है। नोटबंदी के दौरान...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बेटी के साथ रेप करने वाले पिता की जमानत अर्जी खारिज की [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में 16 साल की बेटी के साथ रेप करने वाले पिता की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जस्टिस एएम बदर ने आरोपी देवेंद्र सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी।पुलिस ने सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए, 376 (2)(एफ) और 506 व 509 के तहत केस दर्ज किया था साथ ही पोक्सो की धारा 6, 10 और 12 के तहत केस दर्ज किया था।मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील एसजी कुडले ने दलील दी कि पीड़िता ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि ये बात साबित हो सके कि पिता ने रेप किया है। एनजीओ की दखल पर यह केस दर्ज किया...
चुनाव में उम्मीदवारों को अस्वीकार करने के अधिकार को मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई 24 नवंबर को [याचिका पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर “अस्वीकार करने का अधिकार” को मान्यता देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि अगर अधिकाँश लोग “नोटा” को चुनते हैं तो यह माना जाए कि उस राजनीतिक पार्टी को जनता ने अस्वीकार किया है।इस याचिका पर 24 नवंबर को सुनवाई होगी और इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खान्विलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे।याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह का अधिकार देश में निष्पक्ष चुनाव के लिए...
पेंशन पाने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने का दावा करने वाले शख्स की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज किया [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें एक शख्स ने दावा किया था कि उसने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था। याचिकाकर्ता ने 1942 आंदोलन में भाग लेने का दावा किया था ताकि महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वतंत्रता सेनानी पेंशन उसे मिल सके।हाई कोर्ट के जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस भारती डांगरे की बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार के उस आदेश में दखल की जरूरत नहीं है जिसके तहत याचिकाकर्ता की अर्जी खारिज की गई है।याचिकाकर्ता परचाराम एलानी ने 2010 में अर्जी दाखिल की थी और सुनवाई के दौरान...



![सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिपण्णी को रिकॉर्ड से हटाया [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिपण्णी को रिकॉर्ड से हटाया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Supreme-Court-of-india-1.jpg)




![ओडिशा के दो लोगों को कथित रूप से फंसाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संयुक्त विशेष जांच दल गठित की [आर्डर पढ़े] ओडिशा के दो लोगों को कथित रूप से फंसाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की संयुक्त विशेष जांच दल गठित की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Chhattisgarh-HC-2.jpg)
![मुस्लिम पिता अपने बेटे की विधवा का खर्च वहन करने के लिए बाध्य नहीं : कलकत्ता हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] मुस्लिम पिता अपने बेटे की विधवा का खर्च वहन करने के लिए बाध्य नहीं : कलकत्ता हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Calcutta-High-Court.jpg)

![पैतृक पक्ष में एक को जाति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है तो खून के अन्य रिश्तों में भी उसे जारी किया जा सकता है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] पैतृक पक्ष में एक को जाति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है तो खून के अन्य रिश्तों में भी उसे जारी किया जा सकता है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![पीएचडी के लिए एमिफिल की अनिवार्यता वाले जेएनयू के सर्कुलर पर दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक [आर्डर पढ़े] पीएचडी के लिए एमिफिल की अनिवार्यता वाले जेएनयू के सर्कुलर पर दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/JNU.jpg)




![सीआईसी की पूर्ण पीठ ने इंडियन बैंक एसोसिएशन को आरटीआई के तहत पब्लिक अथॉरिटी घोषित किया [आर्डर पढ़े] सीआईसी की पूर्ण पीठ ने इंडियन बैंक एसोसिएशन को आरटीआई के तहत पब्लिक अथॉरिटी घोषित किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/07/RTI-min.jpg)
![चुनाव में उम्मीदवारों को अस्वीकार करने के अधिकार को मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई 24 नवंबर को [याचिका पढ़े] चुनाव में उम्मीदवारों को अस्वीकार करने के अधिकार को मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई 24 नवंबर को [याचिका पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Voting-machine-NOTA.jpg)
![पेंशन पाने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने का दावा करने वाले शख्स की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज किया [आर्डर पढ़े] पेंशन पाने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने का दावा करने वाले शख्स की याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Bombay-Hc-8.jpg)