मुख्य सुर्खियां
पूर्व मुख्यमंत्रियों को विशेष वर्ग का नागरिक मानना मनमाना और भेदभावपूर्ण है : पढ़िए लोक प्रहरी की याचिका पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा [निर्णय पढ़ें]
‘मुख्यमंत्री जब पद छोड़ता है, तो वह एक आम नागरिक जैसा हो जाता है, हालांकि जिस पद पर वह रहा होता है, वह सुरक्षा और अन्य प्रोटोकॉल का अधिकारी होता है। पर सरकारी बंगले की आजीवन सुविधाएं संविधान के समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।’पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले में रहने का अधिकार नहीं है। यह निर्णय सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार जब कोई मुख्यमंत्री पद से हट जाता है, वह एक आम नागरिक बन जाता/जाती है और वह सरकारी बंगले में जीवन भर रहने का अधिकारी नहीं होता/होती। हालांकि, उसको...
झारखंड हाईकोर्ट जुलाई से शीघ्र विचारण के लिए 1,000 मामलों की सुनवाई करेगा
झारखंड उच्च न्यायालय अब जुलाई से 1,000 संवेदनशील मामलों की सुनवाई करेगा। राज्य सरकार को ऐसे मामलों का चयन करने के लिए कहा गया है जिनका निपटारा राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में हुई एक बैठक में उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द सूची देने का निर्देश दिया है।"पिछले साल 501 मामलों के निपटारे के लिए कदम उठाने के बाद न्यायपालिका ने अब शीघ्र निपटान के लिए 1,000 मामले लेने का फैसला किया है।इन मामलों की सुनवाई मध्य जुलाई से...
अगर जायज शिकायतकर्ता को अपील करने का अधिकार है तो वह आगे की जांच की मांग क्यों नहीं कर सकता? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ करेगी इसकी जांच [आर्डर पढ़े]
जायज शिकायतकर्ता की मांग पर आपराधिक मामले की सुनवाई कर रही अदालत इसमें आगे की जांच का आदेश दे सकती है या नहीं, इस बात के निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक वृहत्तर पीठ का गठन कर दिया। ऐसा 2009 में आपराधिक प्रक्रिया संहिता को संशोधित किये जाने के संदर्भ में किया गया है जिसके द्वारा पीड़ित को अपील का अधिकार दिया गया है।सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ दायर एक याचिका की सनुवाई कर रहा था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने रीता नाग बनाम पश्चिम बंगाल सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले...
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के दोषी ‘ अंकल’ की सजा को कम किया जिसने पीड़िता से शादी की थी [आर्डर पढ़े]
मामले में दिए गए असाधारण तथ्यों और परिस्थितियों में और अभियोजन पक्ष की किसी भी और पीड़ा को कम करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए हम पहले से ही जेल में बिताई अवधि तक अपीलकर्ता की सजा को संशोधित करने के इच्छुक हैं, पीठ ने कहा। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अभियोजन पक्ष की किसी और पीड़ा को कम करने के लिए बलात्कार के आरोपी की सजा को पहले से ही काट चुके जेल की अवधि तक...
वाणिज्यिक अदालतों के आर्थिक अधिकारक्षेत्र को बढ़ाने के लिए अधिसूचना जारी [अधिसूचना पढ़ें]
केंद्र सरकार ने 3 मई 2018 को एक अधिसूचना जारी किया ताकि हाई कोर्ट्स अधिनियम, 2015 के वाणिज्यिक अदालतों, वाणिज्यिक प्रभागों और वाणिज्यिक अपीली डिवीजन का संशोधन किया जा सके।तेजी से हो रहे आर्थिक विकास को देखते हुए, वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी आई है और इस वजह से वाणिज्यिक विवादों की संख्या में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारी वृद्धि हुई है।प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशों में वाणिज्यिक कारोबार में आई कई गुनी वृद्धि ने इस स्थिति को और बढ़ाया है।इन विवादों को शीघ्रता से निपटाने और विदेशी...
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग से कहा, सिर्फ कोर्ट में याचिका डालने वाले का ही नहीं, सभी उम्मीदवारों के परीक्षा परिणामों को संशोधित करें [निर्णय पढ़ें]
जब परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के उत्तर सही हैं, तो उनको यह हक़ है कि वे अपने परीक्षा परिणामों की समीक्षा की मांग करें। दोष परीक्षार्थियों में नहीं है बल्कि परीक्षा का आयोजन करने वाली निकाय में है, पीठ ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को स्कूल लेक्चरर एग्जाम, 2015 में बैठने वाले सभी उम्मीदवारों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करने को कहा है। कोर्ट के आदेश के बाद गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ याचिका दायर करने वाले उम्मीदवार की ही नहीं, बल्कि सभी...
धर्मनिरपेक्षता का सार धार्मिक रस्मों के आधार पर राज्य द्वारा लोगों से गैर-भेदभाव है: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अदालत ने कहा कि राज्य पर सभी धर्मों की धार्मिक प्रथाओं को संरक्षित करने का संवैधानिक दायित्व है महाकालेश्वर मंदिर के ज्योतिर्लिंग को होने वाले नुकसान के कारणों से निपटने वाले अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने धर्म और धर्मनिरपेक्षता के बारे में कुछ महत्वपूर्ण अवलोकन किए हैं। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, जिन्होंने इस फैसले को लिखा, ने पाया कि धर्मनिरपेक्षता का सार धार्मिक अंतर के आधार पर राज्य द्वारा लोगों से भेदभाव नहीं है और सभी धर्मों की धार्मिक प्रथाओं को संरक्षित करना उसका एक संवैधानिक दायित्व...
SARFAESI अधिनियम के तहत प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद दीवानी मामले पर गौर नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने श्री आनंदकुमार मिल्स बनाम इंडियन ओवरसीज बैंक के मामले में कहा कि सिक्यूरिटाईजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ़ फाइनेंसियल एसेट्स एंड एन्फोर्समेंट ऑफ़ सिक्यूरिटी इंटरेस्ट (SARFAESI) अधिनियम, 2002 के तहत कार्यवाही शुरू हो जाती है तो उसके बाद दीवानी मामले पर गौर नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर बनुमथी की पीठ ने मद्रास हाई कोर्ट के 2010 के एक आदेश के खिलाफ एक याचिका की सुनवाई करते हुए यह बात कही। पीठ ने कहा कि SARFAESI अधिनियम की धारा 34 के तहत दीवानी अदालत का...
छुट्टी शुरू होने से एक दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस काथावाला तड़के 3:30 बजे तक कोर्ट में बैठे
न्यायमूर्ति शाहरुख जिमी काथावाला तड़के 3:30 बजे तक कोर्ट में बैठे थे, ताकि ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से पहले अदालत के आखिरी दिन अपने बोर्ड में सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई पूरी हो सके। यह अभूतपूर्व है लेकिन जस्टिस काथावाला बॉम्बे बार में ऐसे व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं जो दिन के अंत से पहले बोर्ड पर सूचीबद्ध सभी मामलों को पूरा करते हैं। आम तौर पर सौ या सो से अधिक मामले उनके बोर्ड पर सूचीबद्ध होते हैं और न्यायमूर्ति काथावाला सुनिश्चित करते हैं कि सभी मामले सुनें।इससे पहले जस्टिस...
NEET की परीक्षा देने के लिए तमिलनाडु के उम्मीदवारों को जाना पड़ रहा है काफी दूर; सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा, भविष्य में ज्यादा असुविधा न हो यह सुनिश्चित करें [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें सीबीएसई को इस वर्ष की नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के लिए तमिलनाडु में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र बनाने को कहा गया था। इस टेस्ट में शामिल होने वाले तमिलनाडु के कुछ छात्रों को राजस्थान और केरल स्थित केंद्रों पर परीक्षा देने जाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई बोर्ड से कहा है कि भविष्य में वह यह सुनिश्चित करे कि छात्रों को ज्यादा परेशानी न हो।न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने मद्रास हाई कोर्ट...
व्हाट्सएप्प पर ‘डबल टिक’ प्रथम दृष्टया यह बताता है कि सम्मन मिल चुका है [आर्डर पढ़े]
कोर्ट ने मार्च में एक महिला को अपने अलग हुए पति को वहाट्सएप्प द्वारा सम्मन भेजने की अनुमति दी थी दिल्ली की एक अदालत ने घरेलू हिंसा के एक मामले में एक महिला को अपने अलग हुए पति को ऑस्ट्रेलिया में व्हाट्सएप्प से सम्मन भेजने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप्प पर ‘डबल टिक’ प्रथम दृष्टया यह बताता है कि सम्मन मिल गया है।“रिकॉर्ड के लिए रखे गए दस्तावेज से पता चलता है कि व्हाट्सएप्प संदेश पर डबल टिक है जो प्रथम दृष्टया यह बताता है कि प्रतिवादी नंबर 1 (अलग हुआ पति) के मोबाइल नंबर पर यह संदेश...
फैमिली कोर्ट के हाई कोर्ट के अधीन होने के अपने ही फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी चुनौती; सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा अपने ही एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर नोटिस जारी किया। अपने इस फैसले में हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट की देखरेख का जिम्मा हाई कोर्ट के पास होने की बात कही थी।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और आर बनुमथी की पीठ ने गत वर्ष जुलाई में दिए गए एक फैसले को चुनौती संबंधी याचिका पर यह नोटिस जारी किया।यूपी न्यायिक सेवा संघ ने दो परस्पर विरोधी प्रावधानों – उत्तर प्रदेश फैमिली कोर्ट नियम, 1995 के नियम 36 और उत्तर प्रदेश फैमिली कोर्ट्स (कोर्ट) नियम, 2006 के नियम 58...
जांच पूरी करने में अनियमित देरी पूर्वाग्रह के अनुमानित सबूत के रूप में ली जा सकती है, खासतौर पर जब आरोपी हिरासत में हो : SC [आर्डर पढ़े]
बेंच ने कहा कि जांच सुनिश्चित करने के लिए कि जांच में कोई अनुचित देरी ना हो, निश्चित रूप से इन-हाउस तंत्र की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि जांच पूरी करने में अनियमित देरी को पूर्वाग्रह के अनुमानित सबूत के रूप में लिया जा सकता है, खासकर उस वक्त जब आरोपी हिरासत में हो ताकि अभियोजन पक्ष का उत्पीड़न न हो।न्यायमूर्ति एके गोयल और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पीठ ने पाया कि निश्चित रूप से इन-हाउस तंत्र की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच पूरी करने में कोई अनुचित...
NEET-2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिख उम्मीदवारों को कड़ा और कृपाण पहनने की अनुमति दी, कहा जांच के लिए एक घंटा पहले पहुंचे [आर्डर पढ़े]
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हिस्सा लेने वाले सिख उम्मीदवारों को कड़ा पहनने और कृपाण ले जाने की इजाजत दे दी। ये परीक्षा 6 मई को होगी। हाईकोर्ट ने माना है कि सीबीएसई की "सिख उम्मीदवारों के लिए सुविधा की कमी अन्यायपूर्ण है।”हालांकि न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट और न्यायमूर्ति एके चावला की बेंच ने इस तरह के छात्रों को उचित स्क्रीनिंग के लिए प्रवेश परीक्षा से एक घंटे पहले रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, “ अगर स्क्रीनिंग पर यह पता चला कि कोई उम्मीदवार...
जनसंख्या नगरपालिका के वर्गीकरण का एकमात्र आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
नगरपालिकाओं को सिर्फ जनसंख्या के आधार पर वर्गीकृत करने के आधार पर जारी राजस्थान सरकार की अधिसूचना को अनुच्छेद 243 (Q)(2) के अधीन अधिसूचना नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नगरपालिकाओं के गठन के क्रम में राज्यपाल अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए किसी भी ‘क्षेत्र’ को नगरपालिका घोषित नहीं कर सकता, उसे इस तरह के मानदंड निर्धारित करने होंगे जिसके द्वारा वह यह निर्धारित कर सकता है कि यह विशेष क्षेत्र ट्रांजिशनल क्षेत्र या छोटा शहरी क्षेत्र या बड़ा शहरी क्षेत्र है।न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की...
यह धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं, लेकिन सुनिश्चित करें कि उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के ज्योतिर्लिंग को कोई नुकसान न पहुंचे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
लिंगम को “मृत्युंजय महादेव” कहा जाता है जो विनाश से बचाता है, ऐसे में उसी के विनाश की इजाजत नहीं दी जा सकती। लिंगम के ऐसे प्रयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह नष्ट हो जाए। अगर कोई वास्तविक पूजा में विश्वास करता है, तो यह पूजा शुद्ध विचारों की तरह ही शुद्ध वस्तुओं से की जानी चाहिए, पीठ ने कहा।उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा पर प्रतिबंध लगाने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज्योतिर्लिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना है।न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू...
पुलिस मैनुअल एक सार्वजनिक दस्तावेज है: बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला देते हुए कि पुलिस मैनुअल एक सार्वजनिक दस्तावेज है, इसे पुलिस वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। प्रजा फाउंडेशन के कौस्तुभ घरात ने महाराष्ट्र राज्य के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत अंग्रेजी और मराठी में पुलिस मैनुअल की प्रतियां मांगी थीं। हालांकि उनके आवेदन को अधिनियम की धारा 8 (1) (जी) का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया था। धारा 8 (1) (जी) प्रकटीकरण जानकारी से छूट जो "किसी भी व्यक्ति की शारीरिक सुरक्षा के जीवन को खतरे में डाल सकती है...
हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं का नाम उजागर करने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की क्षमा याचना स्वीकार की [आर्डर पढ़े]
उन्हें यह बताया गया है कि उन्होंने बहुत ही गंभीर चूक की है और भविष्य में उनको ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, पीठ ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड की क्षमा याचना स्वीकार कर ली है। इन राज्यों ने कोर्ट के समक्ष दायर हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं के नाम जाहिर कर दिए थे। पीठ ने कहा कि इन राज्यों ने ऐसा करके बहुत गंभीर चूक की है और उन्हें भविष्य में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने इस बात पर गौर किया कि मेघालय द्वारा दायर...
मां का प्यार और स्नेह सिर्फ इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
माता-पिता के बीच लड़ाई के बीच एक नाबालिग बच्चे के हित और कल्याण को सुरक्षित करने की कोशिश करते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की है कि एक बच्चे के लिए मां का प्यार और स्नेह केवल इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है और अन्यथा आदेश से प्रेम और बंधन के महान गुणों का अवमूल्यन होगा जिसे मनुष्यों के साथ साथ पशु प्रजातियों द्वारा अनुभव किया जाएगा।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति पीएस तेजी की एक पीठ ने एक महिला, एक सोशलाइट और त्वचा विशेषज्ञ की याचिका का फैसला करते हुए...
मुवक्किल को मिले गुजारा भत्ते पर कमीशन वसूलना गैरकानूनी; उड़ीसा हाई कोर्ट ने वकील की अग्रिम जनामत याचिका रद्द की [आर्डर पढ़े]
कानूनी पेशे से जुड़े लोगों का इस तरह का बर्ताव जो कि नैतिकता के आदर्श को नहीं मानते, न्याय के प्रशासन को अवरुद्ध करते हैं, कोर्ट ने कहाअपने मुवक्किल को ठगने का आरोप झेल रहे एक वकील की अग्रिम जमानत याचिका को उड़ीसा हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया। इस वकील पर अपने मुवक्किल को मिले स्थाई गुजारा भत्ता पर कमीशन वसूलने का आरोप है। कोर्ट ने उसकी इस गतिविधि को गैरकानूनी बताया।वकील के खिलाफ आरोप यह है कि तलाक के एक मामले में वह अपने मुवक्किल के पति के साथ मिला हुआ था और महिला को धोखा देने के लिए फर्जी दस्तावेज...

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![जनसंख्या नगरपालिका के वर्गीकरण का एकमात्र आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े] जनसंख्या नगरपालिका के वर्गीकरण का एकमात्र आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/population-of-india.jpg)
![पुलिस मैनुअल एक सार्वजनिक दस्तावेज है: बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] पुलिस मैनुअल एक सार्वजनिक दस्तावेज है: बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/bombay-hc.png)
![हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं का नाम उजागर करने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की क्षमा याचना स्वीकार की [आर्डर पढ़े] हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं का नाम उजागर करने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की क्षमा याचना स्वीकार की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Justices-Madan-B.Lokur-and-Deepak-Gupta.jpg)
![मां का प्यार और स्नेह सिर्फ इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] मां का प्यार और स्नेह सिर्फ इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/mother.jpg)
![मुवक्किल को मिले गुजारा भत्ते पर कमीशन वसूलना गैरकानूनी; उड़ीसा हाई कोर्ट ने वकील की अग्रिम जनामत याचिका रद्द की [आर्डर पढ़े] मुवक्किल को मिले गुजारा भत्ते पर कमीशन वसूलना गैरकानूनी; उड़ीसा हाई कोर्ट ने वकील की अग्रिम जनामत याचिका रद्द की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/04/Orissa-High-Court-1.jpg)