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IAS अधिकारियों की अनौपचारिक हड़ताल के खिलाफ याचिका : दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई के लिए तैयार [याचिका पढ़ें]
IAS अधिकारियों की 'अनौपचारिक' हड़ताल के खिलाफ याचिका : दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई के लिए तैयार [याचिका पढ़ें]

चूंकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगियों की एलजी कार्यालय में हड़ताल को सात दिन बीत चुके हैं,  दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर लेफ्टिनेंट गवर्नर (एलजी) को निर्देश देने की मांग की गई है कि IAS अधिकारियों की अनौपचारिक हड़ताल को खत्म कर दिल्ली के मंत्रियों के साथ बैठक में भाग लेने के लिए कहा जाए ताकि सार्वजनिक कार्य प्रभावित न हों। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता उमेश गुप्ता ने उच्च न्यायालय में जोर देकर कहा है कि दिल्ली सरकार में तैनात आईएएस अधिकारियों की अनौपचारिक हड़ताल ने...

क्या बार एसोसिएशन एक व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने से वकील को रोक सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार, BCI को नोटिस  जारी किया [आर्डर पढ़े]
क्या बार एसोसिएशन एक व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने से वकील को रोक सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार, BCI को नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर जिला बार एसोसिएशन के उसके लिए पेश होने पर वकीलों पर रोक लगाने के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर  मध्य प्रदेश राज्य और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किया है। उस व्यक्ति ने बार एसोसिएशन द्वारा पारित किए गए प्रस्ताव को रद्द करने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल कर  इस तरह के एक प्रस्ताव को पारित करने लिए वकीलों की संस्था की “ फाउंडेशन शक्तियों" को जानने की मांग की है।याचिकाकर्ता के लिए उपस्थित वकील एलिज़ा बार ने वकील बॉडी को अपने मुव्वकिल के...

NEET 2018: कम दिखाई पड़ने के कारण छात्र दिव्यांग कोटे के तहत प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा; कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]
NEET 2018: कम दिखाई पड़ने के कारण छात्र दिव्यांग कोटे के तहत प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा; कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेडिकल में प्रवेश लेने वाले एक ऐसे छात्र की याचिका पर नोटिस जारी किया जिसको कम दिखाई देता है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर इस छात्र को विकलांगता प्रमाणपत्र  जारी करने और NEET 2018 के तहत आरक्षित श्रेणी में उसे प्रवेश देने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुपता की पीठ ने इस छात्र की याचिका पर नोटिस जारी किया और छात्र आशुतोष पुरस्वानी को बीजे मेडिकल कॉलेज, अहमदाबाद के मेडिकल बोर्ड के समक्ष तीन दिनों के भीतर उपस्थित होने का आदेश दिया। इस कॉलेज को...

संसद में पीएम की कम उपस्थिति के खिलाफ याचिका कुछ और नहीं बल्कि निर्देशित फटकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा और आप नेता की याचिका खारिज की  [आर्डर पढ़े]
संसद में पीएम की कम उपस्थिति के खिलाफ याचिका कुछ और नहीं बल्कि निर्देशित फटकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा और आप नेता की याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]

इसे "प्रधान मंत्री के खिलाफ निर्देशित फटकार " बताते हुए  दिल्ली उच्च न्यायालय ने आप नेता नेता संजय सिंह की वो याचिका खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को नियमित रूप से संसद में भाग लेने और सदन में उठाए गए सवालों के जवाब देने के निर्देश जारी करने की मांग की थी।न्यायमूर्ति संगिता ढींगरा सहगल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका खारिज कर दी और इसे "कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग" बताया।यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सिंह ने उच्च न्यायालय में सदन में प्रधान मंत्री की कम...

वाटसएप के जरिए PDF फार्मेट में भेजा गया नोटिस वैध : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
वाटसएप के जरिए PDF फार्मेट में भेजा गया नोटिस वैध : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में व्हाट्सएप मैसेंजर के माध्यम से एक निष्पादन आवेदन में नोटिस को  की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह पता लगाने के बाद कि पीडीएफ  फाइल के रूप में भेजा गया नोटिस  न केवल पहुंचा था  बल्कि अटैचमेंट को खोला भी गया था, ये अनुमति दी है।दरअसल न्यायमूर्ति जीएस पटेल एक निष्पादन आवेदन सुन रहे थे जिसमें उत्तरदाता रोहित जाधवम सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के आदेश XXI नियम 22 के तहत नोटिस की सेवा से बच रहे थे। उन्हें दावेदार, एसबीआई कार्ड और भुगतान सेवा प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकृत अधिकारी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदी में DU एलएलबी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदी में DU एलएलबी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में एलएलबी कोर्स के लिए हिंदी में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को निर्देश देने की याचिका खारिज कर दी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की बेंच आयुष तिवारी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी। न्यायालय ने 2014 में अदालत के सिंगल जज  द्वारा हिंदी हितरक्षक समिति और अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य के मामले में फैसले पर भरोसा करते हुए निर्णय पर ध्यान दिया जिसमें सर्वोच्च...

उन्हें जीवन की गोधूलि में छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए निर्देश जारी किए [आर्डर पढ़े]
उन्हें जीवन की गोधूलि में छोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए निर्देश जारी किए [आर्डर पढ़े]

पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को गैर सरकारी संगठनों या सोसाइटी पर भरोसा करने के बजाय वृद्धाश्रमों को अपने स्तर पर स्थापित करना चाहिए। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा के अधिकार के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए हैं।न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोक पाल सिंह की एक पीठ ने सीनियर सिटीजन वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन द्वारा दायर पीआईएल का निपटारा करते हुए माता-पिता के रखरखाव और कल्याण और वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों...

बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील ने याचिका दाखिल कर ‘ सरकारी काम के दौरान मौत होने पर’ जज लोया के परिवार को मुआवजे की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील ने याचिका दाखिल कर ‘ सरकारी काम के दौरान मौत होने पर’ जज लोया के परिवार को मुआवजे की मांग की

वकील सतीश उके ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष एक याचिका दायर की है जिसमें न्यायाधीश बीएच लोया के परिवार के सदस्यों को मुआवजा और अन्य लाभ मुहैया कराने के लिए महाराष्ट्र राज्य को निर्देशों की मांग की गई है जो 1 दिसंबर, 2014 को असामयिक मौत से पहले सोहराबुद्दीन ट्रायल देख रहे थे।याचिका में कहा गया है कि कानून और न्याय विभाग के संयुक्त सचिव के 27 नवंबर, 2014 को जारी एक पत्र में यह कहा गया था कि न्यायाधीश लोया और न्यायाधीश विनय जोशी 30 नवंबर, 2014 से  1 दिसंबर, 2014 की सुबह सात बजे तक...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPPSC को उत्तर-पत्रों के पुनर्मूल्यांकन करने का आदेश अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर दिया : SC [निर्णय पढ़ें]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPPSC को उत्तर-पत्रों के पुनर्मूल्यांकन करने का आदेश अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर दिया : SC [निर्णय पढ़ें]

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को अकादमिक प्रकृति के मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए संवैधानिक अदालतों की सीमा और शक्ति पर एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की वेकेशन बेंच ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा दाखिल अपील को अनुमति देते हुए  इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया जिसमें आयोग को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के उत्तर-पत्रों का दोबारा मूल्यांकन करने की आवश्यकता जताई गई थी। ये परीक्षा पिछले साल सितंबर में आयोजित की गई थी।पीठ ने...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बच्चे उठाने वाला समझकर दो युवाओं को पीट-पीटकर मार डालने पर स्वत: संज्ञान लिया [आर्डर पढ़े]
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बच्चे उठाने वाला समझकर दो युवाओं को पीट-पीटकर मार डालने पर स्वत: संज्ञान लिया [आर्डर पढ़े]

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने करबी एंग्लोंग जिले के ग्रामीणों द्वारा दो युवाओं - नीलोत्पल दास और अभिजीत नाथ को पीट-पीटकर मार डालने  के बारे में स्वत: संज्ञान लिया है और सरकार व पुलिस से पूछा है कि अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए क्या प्रभावी उपाय किए गए हैं।मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह और न्यायमूर्ति अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ की एक पीठ ने पुलिस और सरकार को निर्देश दिया कि वे दोषी अधिकारियों और अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में सूचित करें। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक डिजिटल इंजीनियर दास...

दिल्ली HC ने एम्स को MBBS प्रवेश परीक्षा ना देने वाले छात्र की क्षतिपूर्ति करने के निर्देश दिए,आधार क्यूआर कोड स्कैन ना होने पर परीक्षा केंद्र से लौटाया [आर्डर पढ़े]
दिल्ली HC ने एम्स को MBBS प्रवेश परीक्षा ना देने वाले छात्र की क्षतिपूर्ति करने के निर्देश दिए,आधार क्यूआर कोड स्कैन ना होने पर परीक्षा केंद्र से लौटाया [आर्डर पढ़े]

 दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान एम्स को निर्देश दिया है कि वह उस महत्वाकांक्षी मेडिकल छात्र की क्षतिपूर्ति करे, जिसे  इस साल की एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में बैठने की इजाजत इसलिए नहीं दी गई क्योंकि उसके आधार कार्ड का क्यूआर कोड कर्नाटक के परीक्षा केंद्र में स्कैन नहीं किया जा सका।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एम्स से अभिमन्यू बिश्नोई को 50,000 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है जिसे 25 मई को कर्नाटक के गुलबर्गा में परीक्षा केंद्र से अनिवार्य प्रवेश पत्र, फोटो और उसके मूल...

AIDMK विधायक अयोग्यता मामला: मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अलग-अलग फैसले दिए [आर्डर पढ़े]
AIDMK विधायक अयोग्यता मामला: मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अलग-अलग फैसले दिए [आर्डर पढ़े]

मद्रास उच्च न्यायालय की एक डिवीजन बेंच ने गुरुवार को AMMK नेता टीटीवी दिनाकरन के प्रति निष्ठा के कारण 18 असंतुष्ट AIDMK विधायकों की अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अलग- अलग फैसले दिए।मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने स्पीकर के  फैसले को बरकरार रखा जबकि न्यायमूर्ति एम सुंदर इससे असहमत रहे। ये मामला अब तीन न्यायाधीशों  की बेंच द्वारा सुना जाएगा।जिन विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया, वे थे: थंगातमिलसेल्वन (अंदिपट्टी निर्वाचन क्षेत्र), आर मुरुगन (हरूर), एस मारिपप्पन केनेडी (मानमदुराई), के...

केरल हाईकोर्ट ने 5 साल के लड़के को नाम दिया; पिता की उपनाम देने की अर्जी खारिज की [निर्णय पढ़ें]
केरल हाईकोर्ट ने 5 साल के लड़के को नाम दिया; पिता की उपनाम देने की अर्जी खारिज की [निर्णय पढ़ें]

मेरा मानना ​​है कि परिवार के नाम के बिना एक साधारण नाम वर्तमान में बच्चे को सौंपा जाना चाहिए, जिससे बच्चे की बालिग होने के बाद अगर इच्छा हो तो भविष्य में उसके नाम में संशोधन में मदद मिल सके, न्यायाधीश ने कहा। केरल उच्च न्यायालय अब एक और 'नामहीन' बच्चे के बचाव के लिए आगे आया है। हाल ही में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय की अध्यक्षता वाली पीठ ने उस पीठ के फैसले को बरकरार रखा जिसने रजिस्ट्रार को जन्म प्रमाण पत्र में 5 वर्षीय लड़के को 'स्टीव' नाम दिया था। दूसरे मामले की तरह ही पंचायत ने जन्म...

सौतेली माँ के साथ दुर्व्यवहार महँगा पड़ा, पिता के मकान में हिस्सेदारी छिनी; बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसके नाम उपहार के करार को निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]
सौतेली माँ के साथ दुर्व्यवहार महँगा पड़ा, पिता के मकान में हिस्सेदारी छिनी; बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसके नाम उपहार के करार को निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]

अपनी सौतेली माँ के साथ दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को अपने पिता के मकान में हिस्सेदारी से हाथ धोना पड़ा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यह समझा गया था कि मकान में 50 % की साझेदारी देने के बाद याचिकाकर्ता अपने पिता और सौतेली माँ का बुढ़ापे में ख़याल रखेगा।न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की पीठ ने बेटे को 50 % साझेदारी देने संबंधी  बाप के करार को समाप्त करने के उप अनुमंडलीय राजस्व अधिकारी के फैसले को सही ठहराया।बेटे ने 6  मार्च 2017 को एसडीओ के फैसले को मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ़...

केरल हाईकोर्ट ने मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर गौर करने से इंकार किया; कहा, किसी ट्रांसजेंडर को अपनी मनपसंद के लोगों के साथ जुड़ने का अधिकार है [निर्णय पढ़ें]
केरल हाईकोर्ट ने मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर गौर करने से इंकार किया; कहा, किसी ट्रांसजेंडर को अपनी मनपसंद के लोगों के साथ जुड़ने का अधिकार है [निर्णय पढ़ें]

एलजीबीटीक्यू समुदायों को प्रभावित करने वाले एक महत्त्वपूर्ण फैसले में केरल हाईकोर्ट ने  गत सप्ताह एक ट्रांसजेंडर की मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी ट्रांसजेंडर को अपने पसंद के लोगों के साथ जुड़ने का अधिकार है और उसको अपने मां-बाप के पास रहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जैसा कि उसकी मां  ने मांग की है।यह फैसला न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और न्यायमूर्ति केपी ज्योतिन्द्रनाथ  की पीठ ने सुनाया।ट्रांसजेंडर व्यक्ति की मां ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी कि उसके...

सोहराबुद्दीन मामला : भाई शाहनवाज़ुद्दीन के आवेदन पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, रुबाबुद्दीन शेख ने उसकी मंशा पर शक जताया
सोहराबुद्दीन मामला : भाई शाहनवाज़ुद्दीन के आवेदन पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, रुबाबुद्दीन शेख ने उसकी मंशा पर शक जताया

सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति फर्जी  मुठभेड़ मामले में दोषी पुलिस वालों के खिलाफ चल रहे मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाज़ुद्दीन के आवेदन पर फैसला सुरक्षित रखा।शाहनवाज़ुद्दीन ने 10 मई 2018 को एक अर्जी दी थी कि उसे इस मामले में प्राथमिक गवाह बनाया जाए। अभियोजन पक्ष ने इस आवेदन की जांच के लिए और समय की मांग की और 6 जून को सीबीआई अभियोजक डीपी राजू ने कोर्ट को बताया कि  उन्हें इस मामले में पहले ही गवाह बनाया जा चुका है।अजीब बात यह थी कि इस बात की जानकारी न तो...

एनसीडीआरसी ने कहा, हज यात्री हज कमिटी के उपभोक्ता नहीं हैं, मुआवजे का दावा नहीं कर सकते [आर्डर पढ़े]
एनसीडीआरसी ने कहा, हज यात्री हज कमिटी के उपभोक्ता नहीं हैं, मुआवजे का दावा नहीं कर सकते [आर्डर पढ़े]

हज कमिटी ने कहा है कि वह हज पर सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों के लिए इंतजामात करता है और ऐसा वह बिना किसी लाभ के करता है। इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि  हज यात्री उसके उपभोक्ता हैं और वे उससे किसी भी तरह के मुआवजे का दावा नहीं कर सकते। यह कहना है राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) का।“…हज कमिटी बिना कोई मुनाफा कमाने की मंशा के अपनी सेवाएं दे रही है और सिर्फ वास्तविक खर्चे की राशि ही हज यात्रियों से वसूलती है।  हज यात्रियों से हज कमिटी किसी भी तरह का सेवा शुल्क नहीं लेती है। इसलिए...

भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 33 (b) की वैधता को चुनौती देनेवाली एक विधवा की याचिका को केरल हाईकोर्ट ने खारिज किया; अपनी संपत्ति का 50 फीसदी हिस्सा अपने संबंधी को देने के मृत पति के निर्णय को दी थी चुनौती [निर्णय पढ़ें]
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 33 (b) की वैधता को चुनौती देनेवाली एक विधवा की याचिका को केरल हाईकोर्ट ने खारिज किया; अपनी संपत्ति का 50 फीसदी हिस्सा अपने संबंधी को देने के मृत पति के निर्णय को दी थी चुनौती [निर्णय पढ़ें]

भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के प्रावधान समय की चुनौतियों को झेलने में सक्षम  रहे हैं और इसमें ज्यादा संशोधन की जरूरत नहीं हुई है, कोर्ट ने कहा। केरल हाईकोर्ट ने एक विधवा की अपील को नकारते हुए भारतीय  उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 33(b) को चुनौती देने वाली उसकी याचिका को खारिज कर दिया। विधवा ने अपनी संपत्ति का 50 फीसदी अपने संबंधी  को देने के अपने मृत पति के निर्णय को चुनौती दी थी।फिलोमिना नामक  इस महिला ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए अर्जी दी थी कि बुढ़ापे में उसका देखभाल करने वाला कोई नहीं है और...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने MAT के आदेश को सही कहा, रिटायर हुए पिता के पद पर सीधी नियुक्ति चाहनेवाले याचिकाकर्ता के भेदभाव के आरोपों को भी रद्द किया [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने MAT के आदेश को सही कहा, रिटायर हुए पिता के पद पर सीधी नियुक्ति चाहनेवाले याचिकाकर्ता के भेदभाव के आरोपों को भी रद्द किया [निर्णय पढ़ें]

गवर्नमेंट  सेन्ट्रल प्रेस  में कार्य करनेवाले चतुर्थ वर्गीय अधिकारी के बेटे विकास सावंत की याचिका  को खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नियुक्ति की सामान्य प्रक्रिया को नजरअंदाज कर किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए सीधे नियुक्त करना क्योंकि उसके पिता एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी  थे, संविधान के अनुच्छेद 16(2) उल्लंघन है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके ताहिलरमानी और न्यायमूर्ति एमएस सोनक की पीठ ने 17  अप्रैल 2014 के मैट (एमएटी) के आदेश को सही ठहराया और अपने पिता के पद पर सीधी नियुक्ति की...