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वाटसएप के जरिए PDF फार्मेट में भेजा गया नोटिस वैध : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
15 Jun 2018 4:34 PM GMT
वाटसएप के जरिए PDF फार्मेट में भेजा गया नोटिस वैध : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में व्हाट्सएप मैसेंजर के माध्यम से एक निष्पादन आवेदन में नोटिस को  की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह पता लगाने के बाद कि पीडीएफ  फाइल के रूप में भेजा गया नोटिस  न केवल पहुंचा था  बल्कि अटैचमेंट को खोला भी गया था, ये अनुमति दी है।

दरअसल न्यायमूर्ति जीएस पटेल एक निष्पादन आवेदन सुन रहे थे जिसमें उत्तरदाता रोहित जाधवम सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के आदेश XXI नियम 22 के तहत नोटिस की सेवा से बच रहे थे। उन्हें दावेदार, एसबीआई कार्ड और भुगतान सेवा प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकृत अधिकारी द्वारा व्हाट्सएप पर उनके मोबाइल नंबर पर एक पीडीएफ और संदेश भेजकर नोटिस दिया गया था।

 "ऑर्डर XXI नियम 22 के तहत नोटिस की सेवा के प्रयोजनों के लिए मैं इसे स्वीकार करूंगा। मैं ऐसा इसलिए करता हूं क्योंकि आइकन संकेतक स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि न केवल संदेश और उसका अनुलग्नक उत्तरदाता को दिया गया था, बल्कि दोनों खोले भी गए थे, "न्यायमूर्ति पटेल ने कहा।

दावेदारों ने मुंबई निवासी रोहित जाधव के खिलाफ निष्पादन आवेदन दायर किया था, जो कानूनी प्रतिनिधियों के सभी कॉल और प्रयासों को बेकार कर रहा था। जाधव के नंबर का पता लगाने के बाद सुनवाई की अगली तारीख के बारे में सूचित करते हुए उन्हें एक नोटिस भेजा गया था।

न्यायमूर्ति पटेल ने पहले क्रॉस टेलीविजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाम विख्यात चित्रा प्रोडक्शन (2017) के मामले में अप्रैल 2017 में एक उदाहरण स्थापित किया जिसमें उन्होंने कहा - "भारतीय न्यायपालिका प्रणाली लचीली है कि कानून की अदालत में 'व्हाट्सएप' के माध्यम से या ईमेल के माध्यम से जारी किए गए नोटिस स्वीकार हैं और विचार करने के पर्याप्त हैं। इसके लिए उचित रूप से सेवा के रूप में मानाे जाने वाले नोटिस के लिए एक बेलीफ या 'ढोल पीटने' के माध्यम से चरम उपायों से गुजरना आवश्यक नहीं है।अदालत की नजरों में प्रतिवादी को  विधिवत अधिसूचित किया गया था। "


 
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